बहन की ससुराल में मारपीट, घायल भाई की मौत:फिरोजाबाद में चार आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस फोर्स तैनात
फिरोजाबाद के बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के बाद हुई मारपीट में एक युवक की मौत हो गई। मंगलवार को हुई इस घटना में गंभीर रूप से घायल युवक ने आगरा में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, आगरा के पिनाहट चिटमा रोड नौवूरा निवासी सियाराम डॉ. ज्वाला प्रसाद अपने बेटे मुकेश (35) और बेटी पूरन देवी के साथ मंगलवार को बेटी के ससुराल (लालीपुरा, बसई मोहम्मदपुर) पहुंचे थे। पूरन देवी के पति का नाम ओमकार है।मायके पक्ष का आरोप है कि पूरन देवी को ससुराल पक्ष के लोग कई दिनों से खाना-पीना नहीं दे रहे थेइसकी सूचना मिलने पर परिजन ससुराल पहुंचे और इस बारे में बात की।
बहन की ससुराल में मारपीट, घायल भाई की मौत:फिरोजाबाद में चार आरोपी गिरफ्तार, गांव में पुलिस फोर्स तैनात
इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। विवाद बढ़ने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने मायके वालों पर हमला कर दिया। इसमें मुकेश, सियाराम और अन्य को चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल मुकेश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे आगरा रेफर कर दिया गया। बुधवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना बसई मोहम्मदपुर पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया। सीओ चंचल त्यागी ने बताया कि पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है। गांव में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। परिजन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
भरतपुर में बड़ा खुलासा : एक युवक ने तीन भर्ती परीक्षाओं में दिया डमी पेपर, लाखों की वसूली
भरतपुर।
राजस्थान सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसे सख़्त इंतज़ाम किए हैं, लेकिन फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा। ताज़ा मामला भरतपुर से सामने आया है, जहां पुलिस ने एक ऐसे युवक को पकड़ लिया, जिसने पिछले दो साल में कम से कम तीन बड़ी परीक्षाओं में डमी उम्मीदवार बनकर पेपर दिया और लाखों रुपये वसूले। भीलवाड़ा में आयोजित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2025 में यह गड़बड़ी सामने आई। शास्त्री नगर रोड स्थित एसएमएम गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बायोमेट्रिक जांच के दौरान सुनील कुमार गुर्जर निवासी बागथर, धौलपुर संदिग्ध पाया गया। सिस्टम में पहले से दर्ज फिंगरप्रिंट मैच होने पर अलर्ट मिल गया। जांच करने पर सामने आया कि सुनील ने पहले किसी और के नाम से परीक्षा दी थी। भरतपुर पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद ने बताया कि 1 जून 2025 को भरतपुर में हुई प्री-डीएलएड परीक्षा में सुनील ने दीपक गुर्जर निवासी बयाना, भरतपुर की जगह पेपर लिखा था। उस समय धोखाधड़ी पकड़ में नहीं आई और दीपक परीक्षा पास भी कर गया। लेकिन जब सुनील अपने ही नाम से कांस्टेबल परीक्षा देने आया तो उसका पुराना रिकॉर्ड उजागर हो गया और राज़ खुल गया। पुलिस ने ऐसे किया खुलासा जांच में पता चला कि यह कोई अकेली वारदात नहीं थी। पूछताछ में सुनील ने कबूल किया कि गांव के हंसराज गुर्जर के कहने पर वह डमी उम्मीदवार बना।भीलवाड़ा पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर आरोपी को भरतपुर लाकर मथुरा गेट थाने में मामला दर्ज किया। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
भरतपुर में बड़ा खुलासा : एक युवक ने तीन भर्ती परीक्षाओं में दिया डमी पेपर, लाखों की वसूली
तीन बार डमी बनकर दी परीक्षाएं प्री-डीएलएड परीक्षा 2024 – डमी उम्मीदवार बनकर दी डीएलएड परीक्षा 2025 – डमी उम्मीदवार बनकर दी पशु परिचर परीक्षा 2024 – डमी उम्मीदवार बनकर दी ऐसे होता था सौदा पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी का नेटवर्क मज़बूत था। वह अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर परीक्षा देता था। पशु परिचर परीक्षा 2024 – ₹6 लाख लिए प्री-डीएलएड परीक्षा – ₹25 हजार लिए कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2025 – ₹25 हजार तय आरोपी तकनीकी जानकारी रखता था और आधार कार्ड में फोटो बदलकर फर्जी पहचान पत्र तैयार करता था। फोटो मिलान होने के कारण अब तक वह पकड़ से बचता रहा। नया डेटाबेस बनेगा हथियार प्रदेश सरकार अब एक नया डिजिटल डेटाबेस तैयार कर रही है। इसमें प्रत्येक परीक्षार्थी की फोटो, फिंगरप्रिंट और परीक्षा हिस्ट्री दर्ज होगी। इससे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान तुरंत पता चल जाएगा कि उम्मीदवार किन-किन परीक्षाओं में शामिल हुआ है।अधिकारियों का दावा है कि इससे डमी उम्मीदवारों और नकल माफियाओं पर सख्त
संभल में नाबालिग से दुष्कर्म का दूसरा आरोपी गिरफ्तार दो युवकों ने किया था गंदा काम, पॉस्को एक्ट की धारा में दर्ज हुआ केस
संभल पुलिस ने नाबालिग से
सामूहिक दुष्कर्म के मामले में 24 घंटे में बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पॉस्को एक्ट में अभियुक्त को गिरफ्तार कर पुलिस ने न्यायालय में पेश किया है।
संभल की थाना धनारी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में वांछित अभियुक्त नशीम पुत्र अली मौहम्मद उर्फ अली हुसैन को गिरफ्तार किया है। थाना पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि उपनिरीक्षक बोबिंद्र शर्मा ने अभियुक्त को गांव बगढेर में बने यात्री शेड के पास से गिरफ्तार किया है।
संभल में नाबालिग से दुष्कर्म का दूसरा आरोपी गिरफ्तार दो युवकों ने किया था गंदा काम, पॉस्को एक्ट की धारा में दर्ज हुआ केस
अली हुसैन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया
कानूनी कार्रवाई करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया है। आपको बता दें कि नाबालिग बच्ची से घर में घुसकर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों पर एफआईआर दर्ज की थी। जिसमें एक अभियुक्त गुलहशन उर्फ गुलामहशन पुत्र निजामुद्दीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर बीते दिन जेल भेजा था।
थाना धनारी इंस्पेक्टर नरेश कुमार सिंह ने बताया कि नाबालिग से जो सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो अभियुक्तों पर पॉस्को एक्ट एवं गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि इस मामले में बातचीत चल रहे एक अभियुक्त नशीम पुत्र अली मौहम्मद उर्फ अली हुसैन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
एनकाउंटर में 4 पुलिसवालों को भी लगी गोली, दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले शूटर्स मरने से पहले कर गए कांड
नोएडा:
उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली में बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर और उनके पिता के ऊपर हुई अंधाधुंध फायरिंग के मामले में एनकाउंटर में ढेर होने से पहले शूटरों ने चार पुलिसकर्मियों को गोली मार दी। रोहित गोदारा एवं गोल्डी बरार गैंग के 2 सक्रिय सदस्यों (रविन्द्र और अरुण) की गोली से दिल्ली की स्पेशल सेल के 2 और नोएडा एसटीएफ के 2 पुलिसकर्मी घायल हुए है।
बदमाशों की गोली से घायल हुए चारों पुलिसकर्मियों की पहचान रोहित तोमर, कैलाश, अंकुर सिंह और जय कुमार के रूप में हुई है। बदमाशों और पुलिस के बीच करीब 15 मिनट तक ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। इनके पास से जिगाना पिस्टल बरामद हुई है। जिगाना चलाने के दौरान कभी जाम नहीं होती है। इसीलिए इसे गैंगस्टर्स की पहली पसंद माना जाता है। इस कार्रवाई को बुधवार की देर शाम यूपी एसटीएफ, स्पेशल सेल दिल्ली, एसटीएफ हरियाणा एवं यूपी पुलिस की टीम ने अंजाम दिया है।नोएडा एसटीएफ यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि बदमाशों की पहचान रविन्द्र उर्फ बिंदर निवासी ग्राम कहानी, रोहतक, हरियाणा और अरूण निवासी इंडियन कालोनी, गोहोना रोड सोनीपत हरियाणा के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई साहसिक मुठभेड़ में दोनों बदमाश घायल हो गये, जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।इनके पास से एक 9 एमएम पिस्टल जिगाना, एक 9 एमएम पिस्टल ग्लाक, बारह 9 एमएम जिन्दा कारतूस, ग्यारह खोखा कारतूस 9 एमएम और घटना में इस्तेमाल एक अपॉचे मोटरसाईकिल बरामद हुई है। पुलिस टीम की बदमाशों के साथ मुठभेड़ बुधवार शाम करीब सवा सात बजे, इलाइचीपुर थाना ट्रोनिका सिटी जिला गाजियाबाद में हुई थी।
एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि अन्तर्राज्यीय स्तर पर रोहित गोदारा एवं गोल्डी बरार गैंग, रंगदारी मांगने, हत्या करने एवं अन्य अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने की सूचनाएं समय-समय पर प्राप्त होती रही है। रोहित गोदारा एवं गोल्डी बरार विदेश में बैठकर भारत के विभिन्न राज्यों में अपने अपराधिक सदस्यों के माध्यम से अपराधिक घटनाएं कराते हैं और विदेश से ही फोन कॉल करके आम जनमानस में भय व्याप्त करने के अपराधिक कृत्यों में संलिप्त है।
इसी क्रम में 11 सितम्बर को फिल्म अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर प्रातःकाल अज्ञात बदमाशों द्वारा फायरिंग की गयी थी। इसके बाद अगले दिन दोबारा अभिनेत्री के पिता जगदीश सिंह पाटनी, सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक के ऊपर फायरिंग की गयी थी। पूरे मामले की जांच नोएडा एसटीएफ यूनिट को सौंपी गई थी। जांच के दौरान यह ज्ञात हुआ था कि अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन सेवानिवृत्त मेजर खुशबू पाटनी को सोशल मीडिया पर धमकी दी जा रही थी।
एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि बदमाशों तक पहुंचने के लिए नोएडा एसटीएफ ने टीम गठित कर मुखबिर को लगाया। बुधवार को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुयी कि बरेली की घटना में संलिप्त अपराधी आज दिल्ली से गाजियाबाद की ओर जाएंगे। इस सूचना को विकसित करने के उपरान्त, घटना के अनावरण में पूर्व से सक्रिय स्पेशल सेल दिल्ली के काउन्टर इन्टेलीजेन्स यूनिट, जनपद गाजियाबाद पुलिस, जनपद बरेली पुलिस एवं एसटीएफ हरियाणा से संपर्क स्थापित किया गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संयुक्त टीमें गठित की गयी और मुखबिर की सूचना के अनुसार थाना ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में घेराबंदी की गयी। सफेद रंग की अपॉचे मोटरसाईकिल पर आरोपियों की मौजूदगी की सूचना पर आरोपियों की घेराबंदी की गयी और गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान बदमाशों द्वारा पुलिस पार्टी को निशाना बनाते हुए जान से मारने की नियत से फायरिंग की गयी, जिसमें एसटीएफ टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ में की गयी फायरिंग में दोनों बदमाशों को गोली लगी।
एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि बदमाशों द्वारा की गयी फायरिंग में 4 पुलिसकर्मी भी घायल हुए है और पुलिस टीम की गाड़ियों पर भी गोलिया लगी हैं। घायल बदमाशों को उपचार के लिए तत्काल अस्पताल भेजा गया। जहां उपचार के दौरान दोनों बदमाशों की मृत्यु हो गयी। घायल पुलिसकर्मियों का उपचार चल रहा है।आरोपियों से बरामद अपॉचे मोटरसाईकिल की पहचान उसी मोटर साईकिल से हुई है, जो बरेली में घटना के दौरान बदमाशों द्वारा प्रयोग की गयी थी। उपलब्ध फोटो एवं आरोपियों से मिले पहचान पत्रों के आधार पर इन दोनों बदमाशों की शिनाख्त रोहतक निवासी रविन्द्र उर्फ विन्दर तथा सोनीपत निवासी अरूण के रूप में हुई। मौके पर फील्ड यूनिट द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आरोपियों से सम्बन्धित उपरोक्त बरामदगी हुई। बदमाशों के अन्य सहयोगियों के सम्बन्ध में छानबीन की जा रही है।
एसटीएफ अधिकारी राजकुमार मिश्रा आगे बताया कि मृतक उपरोक्त दोनों बदमाश हरियाणा के रोहित गोदारा एवं गोल्डी बरार गैंग के सक्रिय सदस्य थे। आरोपी रविन्द्र उर्फ बिन्दर वर्ष 2020 से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था। इस मृतक अपराधी के द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर कई सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम दिया गया। जिनमें मुख्य घटनाएं 2 सितम्बर 2022 को मृतक आरोपी रविन्द्र उर्फ बिन्दर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीवीआर बरसत रोड पानीपत क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी।
एनकाउंटर में 4 पुलिसवालों को भी लगी गोली, दिशा पाटनी के घर फायरिंग करने वाले शूटर्स मरने से पहले कर गए कांड
इस घटना के सम्बन्ध में थाना तहसील कैम्प पानीपत पर धारा 148, 149, 302, 341, 323 भादवि का केस दर्ज हुआ था। दूसरी घटना 20 दिसम्बर 2024 को जनपद फतेहबाद में कैदी रवि निवासी जागसी सोनीपत एवं अंकित निवासी रोहतक को नीम का जेल से फतेहबाद कोर्ट में ले जाते समय ढाबे के समीप 4 व्यक्तियों द्वारा आरोपियों को छुड़ाने के लिए पुलिस पार्टी पर फायर किया गया। जिसका पुलिस टीम द्वारा विरोध किया गया और दोनों तरफ से की गयी फायरिंग में अंकित की मृत्यु हो गयी।
जबकि आरोपी रवि एवं कांस्टेबल सरजीत घायल हुए थे। पुलिस पार्टी पर फायर करने एवं आरोपियों को अभिरक्षा से छुड़ाने में आरोपी रविन्द्र एवं अन्य का नाम प्रकाश में आया था। इस सम्बन्ध में थाना सदर, फतेहबाद पर धारा 109(2)/115/121(2)/132/190/191(2)/151(3)/221/262/263 बीएनएस एवं 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। और तीसरी घटना 11 सितम्बर 2025 को जनपद बरेली में दिशा पाटनी (फिल्म अभिनेत्री) के घर पर अंधाधुन्ध फायरिंग की गयी थी और उसके अगले दिन दिशा पाटनी के पिता सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक जगदीश सिंह पाटनी के ऊपर भी फायरिंग की गयी थी। जिसमें आरोपी रविन्द्र का नाम मुख्य शूटर के रूप में प्रकाश में आया था।
इस सम्बन्ध में थाना कोतवाली नगर बरेली पर धारा 109/351(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज हुआ था। आरोपी रविन्द्र उर्फ विन्दर के सम्बंध में अब तक की गई छानबीन में जनपद रोहतक के थाना सदर में दो केस, जनपद सोनीपत के थाना गोहाना में एक, जनपद झज्जर के थाना दुजाना, थाना चर्खीदादरी और थाना झज्जर में एक-एक केस, जनपद पानीपत के थाना तहसील कैंप में एक, जनपद फतेहाबाद के थाना सादर में एक और जनपद बरेली के थाना कोतवाली नगर में एक केस दर्ज है। ऐसे कुल मिलाकर अब तक की कार्रवाई में आरोपी के खिलाफ 9 केस दर्ज है। मामले में मृतक आयोपियों की अन्य आपराधिक गतिविधियों के सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है। इस मुठभेड़ के सम्बन्ध में थाना ट्रोनिका सिटी, गाजियाबाद द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली पुलिस व नोएडा एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि रोहित गोदारा और गोल्डी बरार गैंग के बदमाश रविंद्र ने कुछ समय पहले जेल में बंद बदमाश रवि को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने की कोशिश की थी। उस दौरान पुलिसकर्मी की मुस्तैदी की वजह से रविंद्र बदमाश रवि को छुड़ाने में असफल हो गया था। दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग में रवि को भी शामिल होना था। लेकिन वह जेल से छूट नहीं पाने की वजह से शामिल नहीं हो सका। पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए इन दोनों बदमाशों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनकाउंट के दौरान शूटरों के कब्जे से जिगाना पिस्टल बरामद हुई है। इस पिस्टल का अपना ही अलग इतिहास है।
एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एनबीटी ऑनलाइन को जिगाना पिस्टल के बारे में बताते हुए कहा कि आखिर कैसे ये भारत में पहुंचती है। उन्होने बताया कि जिगाना पिस्टल ड्रोन के माध्यम से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से भारत आती है। जिगाना पिस्टल मेड इन तुर्किये होती है। ऐसे में वहां से पहले इसको पाकिस्तान पहुंचाया जाता है। उसके बाद ड्रोन के माध्यम से पंजाब बार्डर होते हुए इसको भारत भेजा जाता है। इसके अलावा नेपाल से बाय रोड भी ये पिस्टल भारत में लाया जाता है। उसके बाद यह करीब 4 से 7 लाख रुपये में भारत के विभिन्न गैंगस्टर को सप्लाई की जाती है।
दिल्ली के नामी गैंगस्टर्स को भी यह पिस्टल बड़ी पसंद है। तुर्की में बनने वाली जिगाना पिस्टल खरीद पाना सबके बस की बात नहीं है। इसकी खासियत यह है कि ये जाम नही होती है। जिगाना पिस्टल से एक ही बार में 15-17 राउंड फायर कर सकते हैं। जिगाना पिस्टल एक विदेशी हथियार है। इसको इस तरह से बनाया जाता है कि इसको चलाना बेहद आसान होता है। कभी भी यह पिस्टल फायरिंग के दौरान फंसती नहीं है। भारत में यह पिस्टल पूरी तरह से बैन है। इसके बावजूद भारत में इस पिस्टल की लोकप्रियता सबसे ज्यादा है।
बता दे कि, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुई कुख्यात आरोपी अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या में जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा पंजाब में हुई मशहूर गायब सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी जिगाना पिस्टल इस्तेमाल किया गया था। इस पिस्टल का क्रेज लगातार भारत में बढ़ रहा है।
यूपी के कैराना में अधिकतर लोगों की रिश्तेदारी पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में है। ऐसे में इसका फायदा उठाकर जिगाना पिस्टल को पाकिस्तान से कैराना भी मंगाया जाता है। उसके बाद इसको गैंगस्टर को सप्लाई किया जाता है। पिस्टल सप्लाई करने में एक बड़ी चेन काम करती है जिसका अपना अलग कमीशन तय होता है।
बुधवार देर रात अलग-अलग थानों की पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई।
मुठभेड़ में दोनों तरफ से गोलियां चलीं और तीन बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हुए। जबकि पुलिस ने दो बदमाशों को दौड़ाकर पकड़ लिया। तीनों कार्रवाइयों में कुल 5 बदमाश पकड़े गए। जबकि दो बदमाश रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। घायल बदमाशों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कैब ड्राइवर को बंधक बनाकर लूटी कार
पहली पुलिस मुठभेड़ में कैब ड्राइवर को बंधक बनाकर कार लूट की घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त थाना चिनहट क्षेत्र का निवासी विजय कुमार रावत पुत्र राम प्रसाद रावत को गिरफ्तार किया गया। इस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था। जबकि विजय के दो साथी चिनहट थाना क्षेत्र निवासी मोहित शर्मा पुत्र होली शर्मा और थाना फतेहपुर क्षेत्र निवासी सुरेन्द्र उर्फ नन्हू पुत्र चन्द्रशेखर रावत फरार हो गए। पुलिस इनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। दरअसल जनपद अमेठी निवासी उमाशंकर यादव लखनऊ के गोल्फ सिटी इलाके में रहकर बुकिंग पर कार चलाता है। बुधवार को इन बदमाशों ने अहिमामऊ से उमाशंकर को बंधक बना लिया और बाराबंकी ले आये। बदमाशों ने उसे लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर मोहम्मदपुर चौकी क्षेत्र में फेंक दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने हाईवे पर नाकाबंदी शुरू कर दी। इस दौरान बदमाश को देवा रोड से जहांगीराबाद जाने वाले मार्ग पर सूत मिल के पास शहर कोतवाल आलोक मणि त्रिपाठी और जहांगीराबाद कोतवाल अभय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेर लिया। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली विजय के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार बदमाश शातिर अपराधी है। यह थाना चिनहट जनपद लखनऊ का हिस्ट्रीशीटर भी है।
बुजुर्ग दम्पत्ति से की थी लूटपाट
दूसरी मुठभेड़ बड्डूपुर थाना क्षेत्र में बाबा कुटी के पास हुई। पुलिस और बदमाश की मुठभेड़ में धधरा गांव निवासी फाहीम नाम के बदमाश के पैर में गोली लगी। फहीम पर लूट व मारपीट के आठ मुकदमे दर्ज हैं। तफहीम ने अन्य साथियों के साथ मिलकर 25 व 26 जनवरी की रात्रि में थाना बड्डूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नया पुरवा मजरे बड़ागांव में बुजुर्ग दम्पत्ति के घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात, नकदी व दो मोबाइल लूट की घटना की थी। जिसको लेकर थाना बड्डूपुर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। घायल बदमाश का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
तीन मुठभेड़ में तीन बदमाश घायल, कुल पांच गिरफ्तार
पकड़े गये अनाज चोरी करने वाले बदमाश
तीसरी मुठभेड़ जैदपुर थाना क्षेत्र में हुई। जिसमें सतरिख व जैदपुर थाने की पुलिस ने ग्राम नानमऊ में आनाज गोदाम से लगभग 40 बोरी धान चोरी की घटना करने वाले 3 अभियुक्तों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में अमित कुमार वर्मा पुत्र सहजराम शातिर बदमाश को मुठभेड़ में घायल कर दिया। अमित बदोसराय थाना क्षेत्र के बरौलिया गांव का निवासी है। उसपर गैंगस्टर समेत लूट के कई मामले पहले से दर्ज हैं। जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
जबकि उसके दो अन्य साथियों थाना सतरिख क्षेत्र के निवासी कृष्ण कुमार वर्मा पुत्र महेश प्रसाद और देवा थाना क्षेत्र के निवासी मो. अफजल पुत्र मो. इस्लाम को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दौड़ाकर गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने दो तमंचे व दो कारतूस, एक खोखा, लगभग साढ़े बारह हजार नकदी, 40 बोरी धान, छह बोरी सरसों और पिकप बरामद की। बरामद पिकअप जनपद अयोध्या से चोरी की गयी थी। जिसको लेकर थाना कोतवाली नगर जनपद अयोध्या में केस दर्ज है।
बुजुर्ग दम्पत्ति के घर पर लूटपाट के चार अभियुक्त गिरफ्तार
बुजुर्ग दंपति के घर हुई लूट का पुलिस ने खुलासा किया। स्वाट टीम और थाना टिकैतनगर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। लूट की वारदात में बुजुर्ग की पोती की भूमिका भी सामने आई। घटना 27 जनवरी की है, जब रामविलास शुक्ल अपनी पत्नी और पोती के साथ टिकैतनगर स्थित अपने घर में थे। रात में चोरों ने घर में घुसकर परिवार को बंधक बना लिया और नकदी व सामान लूट लिया। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी अमन सिंह की पोती से दिल्ली में पढ़ाई के दौरान इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। पोती जुलाई 2023 में टिकैतनगर आकर यहीं रहने लगी थी।
पुलिस ने महोबा के अमन सिंह, कानपुर के सुधीर यादव, बुलंदशहर के सादिक और बिहार के मधुबनी निवासी धीरज राय को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 1,470 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पूछताछ में सामने आया कि पोती घर की चाबी बाहर रख देती थी और इसकी जानकारी अमन को दे देती थी। घटना वाली रात अमन अपने साथियों के साथ घर में घुसा और किराए के पैसों की मांग की। पोती ने दादा के बक्से में पैसे होने की बात बताई। बक्सा तोड़ते समय रामविलास जाग गए, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें बांधकर पैसे, झुमका और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। घटना के एक दिन पहले और बाद में भी अमन पोती से मिलने आया था।
गैंगस्टर केस में पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की पेशी, महाराजगंज जेल से लाया गया कानपुर कोर्ट
कानपुर।
गैंगस्टर एक्ट के मामले में बुधवार को सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को पेशी के लिए कानपुर लाया गया। कानपुर की एडीजे-8 की कोर्ट में इरफान को पेश किया गया। इरफान को महाराजगंज जेल से सुबह कड़ी सुरक्षा में पुलिस लेकर आई। वहीं, कोर्ट परिसर में इरफान की सुरक्षा में 180 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। दरअसल, गैंगस्टर एक्ट में डिस्चार्ज याचिका खारिज होने के बाद एडीजे-8 कोर्ट ने इरफान सोलंकी समेत सभी 7 आरोपियों को बुधवार के लिए तलब किया था।
जाजमऊ में एक महिला के प्लॉट पर आगजनी केस में इरफान 2 दिसंबर 2022 से जेल में बंद हैं। इसी केस में उन्हें 7 साल की सजा 7 जून 2024 को हुई, फिर विधायकी चली गई।
जाजमऊ थाने में महिला के प्लॉट में आगजनी के मामले में 26 दिसंबर 2022 को इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी, इजरायल आटेवाला, मो. शरीफ, शौकत पहलवान, एजाज उर्फ अज्जन और मुरसलीन भोलू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें इरफान सोलंकी को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
गैंगस्टर केस में पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की पेशी, महाराजगंज जेल से लाया गया कानपुर कोर्ट
गैंगस्टर केस में इरफान, रिजवान, शौकत पहलवान और एजाज ने एडीजे-8 विनय कुमार गुप्ता की कोर्ट में डिस्चार्ज याचिका दाखिल की थी। 31 अगस्त 2025 को कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों की याचिका खारिज कर दी थी। इसके साथ ही आरोप तय करने के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की थी।
10 सितंबर को कानपुर की एडीजे-8 कोर्ट में आरोपियों को तलब किया गया था। हालांकि, इरफान सोलंकी बीमार होने के कारण कोर्ट में पेश नहीं हो सके। कोर्ट में इरफान की ओर से याचिका दी गई कि उनकी इलाज के लिए गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज जाने की डेट फिक्स थी, इस कारण वह कोर्ट पहुंचने में असमर्थ रहे। फिर कोर्ट ने अगली तारीख 17 सितंबर तय की।
गौरतलब है कि मुकदमे के आरोपी इरफान सोलंकी महाराजगंज जेल में है, जबकि रिजवान और इजराइल आटेवाला कानपुर जेल में बंद हैं। अन्य आरोपी जमानत पर हैं। कोर्ट ने इरफान समेत सभी आरोपियों को तलब किया है।
कानपुर कोर्ट पहुंचे पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि आप लोगों ने समर्थन दिया, इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आगे भी आप लोगों का प्यार मिलता रहेगा, इसकी उम्मीद है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र-DIG अभिषेक सिंह के सख्त एक्शन के चलते
एसएसपी आशीष तिवारी,एसपी सिटी व्योम बिंदल एवम एसपी देहात सागर जैन के दिशा निर्देश पर
थाना देहात कोतवाली प्रभारी कपिल देव के कुशल निर्देशन वाली पुलिस टीम को मिली जबरदस्त कामयाबी
इंस्पेक्टर कपिल देव की पुलिस टीम ने किया वाहन चोरी की घटना का सफल अनावरण,चोरी की बाईक के साथ वाहन चोर गिरफ्तार
थाना कुतुबशेर प्रभारी हदय नारायण सिंह की पुलिस टीमो को 3 मामलों में मिली जबरदस्त कामयाबी
इंस्पेक्टर एचएनसिंह की पुलिस टीम ने पकड़ा एक बड़ा स्मेक तस्कर,10, ग्राम स्मेक व 17,29 कट बरामद
इंस्पेक्टर कुतुबशेर एचएनसिह की पुलिस टीम ने पकड़ा मोबाइल चोर,चोरी का मोबाइल व अवैध चाकू हुआ बरामद,2 वारंटी भी चढ़े पुलिस के हत्थे
थाना गंगौह प्रभारी पीयूष दीक्षित के कुशल निर्देशन वाली साइबर हेल्प डेस्क टीम ने,साइबर ठग से पीड़ित के बैंक खाते में कराए 49000 रूपए वापस
साइबर ठगी का शिकार बोला मौहम्मद तौसिफ खान बोला आप सभी का दिल से बहुत बहुत शुक्रिया
थाना सरसावा प्रभारी विनोद कुमार की पुलिस टीमों की भी बड़ी कार्रवाई, विभिन्न पंजीकृत मामलो के 6 वारंटी हुए गिरफ्तार
थाना बेहट प्रभारी सतपाल सिंह भाटी के कुशल नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने माननीय न्यायालय के आदेशों निर्देशो के बाद पकड़े 2 शातिर वारंटी
थाना देहात कोतवाली प्रभारी सुबे सिंह के कुशल नेतृत्व वाली पुलिस टीम की भी बड़ी कार्रवाई,एक शातिर वारंटी चढ़ा पुलिस के हत्थे
इंस्पेक्टर सुबे सिंह की ही पुलिस टीम की दूसरी बडी कार्रवाई, चाकू धारी बदमाश अवैध चाकू के साथ गिरफ्तार
थाना मिर्जापुर प्रभारी सुनील नागर की पुलिस टीम ने भी घेराबंदी के दौरान पकड़ा एक बड़ा चरस कारोबारी,540 ग्राम अवैध चरस बरामद
थाना मण्डी इंस्पेक्टर रोजन्त त्यागी की पुलिस टीम उपनिरीक्षक नरेंद्र भडाना की बडी कार्रवाई,एक शातिर चोर नकदी सहित गिरफ्तार
थाना मण्डी प्रभारी रोजन्त त्यागी के कुशल नेतृत्व वाली पुलिस टीम की भी बड़ी कार्रवाई,कुकर्म मामले का एक शातिर वारंटी गिरफ्तार
सहारनपुर अपनी तेज तर्रार कार्रवाई
अपराधियों के हौसले पस्त करने वाले थाना सदर बाजार प्रभारी कपिल देव के कुशल निर्देशन वाली पुलिस टीम उपनिरीक्षक विनय कुमार ने अपने सहयोगी दल के सहयोग से बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए चैकिंग के दौरान डेरा इलाहीपुर के पास स्थित देवी जैन के खाली पड़े प्लाट से एक वाहन चोर अब्दुल पुत्र फरीद हाल निवासी कांशीराम कालोनी शेखपुरा को उस समय पकड़ा,जब यह वाहन चोर चेकिंग करती पुलिस टीम को देखते ही पीछे के पीछे अपनी बाईक मोड़कर भागने लगा, लेकिन साहसिक पुलिस टीम ने इस वाहन चोर का पीछा करते हुए घेराबंदी के दौरान उसे पकड़ लिया।जिसके पास से चोरी की बाईक बरामद की गई।आपको बता दें,कि इस वाहन चोरी का खुलासा पुलिस ने मात्र 5 दिन में ही कर दिया।इसके अलावा थाना कुतुबशेर प्रभारी हदय नारायण सिंह की पुलिस टीम उपनिरीक्षक संदीप कुमार ने अपने सहयोगी दल के सहयोग से एक बड़े अपराधिक इतिहास वाले शातिर नशा तस्कर जावेद पुत्र मीर हसन निवासी ग्राम कपूरी थाना नकुड को गंगौह रोड से ग्राम रूपडी की और जाने वाले कच्चे रास्ते से किया गिरफतार।जिसके कब्जे मौके से 10,2 ग्राम नाजायज स्मेक एवम 17,29 ग्राम कट बरामद किया।
इसके अलावा इंस्पेक्टर एचएनसिंह की ही पुलिस
टीम उपनिरीक्षक कुलवंत सिंह ने अपने सहयोगी दल के सहयोग से दूसरी बड़ी कामयाबी हासिल करते चेकिंग के दौरान मानकमऊ स्थित पानी की टंकी के गेट के पास से एक मोबाइल चोर कासिफ पुत्र जाहिद निवासी नूर बस्ती थाना कोतवाली नगर को एक चोरी के मोबाइल एवम नाजायज चाकू के साथ किया गिरफतार।जबकि इंस्पेक्टर एचएनसिंह सिंह की पुलिस टीम उपनिरीक्षक धीर सिंह एवम कुलवंत सिंह ने अपने सहयोगी दल के सहयोग से माननीय न्यायालय के आदेशों निर्देशो का सख्ती के साथ पालन करते हुए दो शातिर वारंटियों सुरेश पुत्र बुद्ध सिंह निवासी गांव उनाली एवम रईस पुत्र फुरकान निवासी शीराजान को किया गिरफतार।
सहारनपुर में थाना प्रभारियों ने अपराध नियंत्रण हेतु संयुक्त बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया
और यही नहीं जनपद सहारनपुर पुलिस बार बार लोगों को सचेत कर रही है,
कि किसी भी अन्जान व्यक्ति के साथ अपनी ओटीपी शेयर ना करें और ना ही जालसाजों के बहकावे में आए,बावजुद इसके लोग साइबर ठगों के झांसे में आकर साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। थाना गंगौह प्रभारी पीयूष दीक्षित के कुशल निर्देशन वाली साइबर हेल्प डेस्क टीम सब इंस्पेक्टर अमित कुमार एवम कम्प्यूटर आपरेटर नमन शर्मा ने आज साइबर ठगी का शिकार एक व्यक्ति के बैंक खाते में कराए 49000 रूपए वापस।आपको बता दें,कि किसी साइबर ठग द्वारा ग्राम बोडपुर निवासी मौहम्मद तौसिफ खान से हजारों की रकम को ठग लिया गया था।शिकायत दर्ज होने पर इंस्पेक्टर पीयूष दीक्षित की पुलिस टीम इस मिले पर त्वरित कार्रवाई करते पीड़ित की कोई धनराशि 49000 रूपए उसके बैंक खाते में कराए वापस।
अपने खोए पैसे अपने बैंक खाते में देख तौसिफ खान ने इंस्पेक्टर पीयूष दीक्षित सहित
उनकी पुरी पुलिस टीम का किया शुक्रिया अदा।इसके अतिरिक्त थाना सरसावा प्रभारी विनोद कुमार के कुशल नेतृत्व वाली पुलिस टीम सब इंस्पेक्टर महेश सिंह,चन्द्रपाल सिंह,नीरज कुमार एवम अनुज कुमार ने अपनी अपनी बडी पुलिस टीमो के साथ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 6 शातिर वारंटियों शहजाद पुत्र सलीम,मेहरबान पुत्र इस्लाम दोनों ही निवासी ग्राम तेलीपुरा,अशरफ पुत्र हनीफ निवासी ग्राम कुतुबपुर,योगेश पुत्र अनिल निवासी ग्राम बीदपुर,अजीत पुत्र रामपाल व अमरीश पुत्र ताराचंद दोनों ही निवासी ग्राम पिलखनी एवम विकास पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम कुंडी रायपुर को किया गिरफतार।
इसके अलावा थाना बेहट प्रभारी सतपाल सिंह भाटी के कुशल निर्देशन वाली पुलिस टीम उपनिरीक्षक अरूण कुमार एवम बच्चू सिंह ने अपने सहयोगी दल के सहयोग से माननीय न्यायालय के आदेशों निर्देशो का कड़ाई के साथ पालन करते हुए 2 शातिर वारंटियों राजीव प्रताप पुत्र जयपाल मानऊपुर व राकेश पुत्र बलजीत निवासी खडका जुनारदार को किया गिरफतार।इसके अलावा थाना देहात कोतवाली प्रभारी सुबे सिंह की ही पुलिस टीम उपनिरीक्षक सचिन त्यागी ने अपने सहयोगी दल के सहयोग से माननीय न्यायालय के आदेशों निर्देशो का सख्ती के साथ पालन करते हुए एक शातिर वारंटी शुभम पुत्र करेशन निवासी पेरागपुर को किया गिरफतार।इसके अलावा इंस्पेक्टर सुबे सिंह की ही पुलिस टीम उपनिरीक्षक अमनपाल सिंह ने अपने सहयोगी दल के सहयोग से चेकिंग के दौरान शकलापुरी से देवला रोड से एक चाकू धारी बदमाश मुजाहिद पुर असलम निवासी हलालपुर को एक नाजायज चाकू के साथ किया गिरफतार।
जबकि थाना मिर्जापुर प्रभारी सुनील नागर के कुशल निर्देशन वाली पुलिस टीम उपनिरीक्षक राहुल कुमार ने अपनी एक बडी पुलिस टीम के साथ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए चेकिंग के दौरान मिर्जापुर से जाटोवाला के बीच दवाई की फैक्ट्री के पास से एक चरस कारोबारी अलीनवाज पुत्र अल्ताफ उर्फ इल्ताफ निवासी कस्बा मिर्जापुर को उस समय पकड़ा,जब यह चरस तस्कर पुलिस टीम को देख तेजी के साथ उल्टे पांव दौड़ने लगा,लेकिन साहसिक पुलिस टीम ने इसका पीछा करते हुए घेराबंदी के दौरान इस चरस कारोबारी को धर दबोचा।जिसके कब्जे मौके से 540 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई।जबकि थाना मण्डी प्रभारी रोजन्त त्यागी की ही पुलिस टीम उपनिरीक्षक नरेंद्र भडाना ने अपने सहयोगी दल के सहयोग से जबरदस्त कामयाबी हासिल करते हुए
एक बड़े अपराधिक इतिहास वाले एक शातिर चोर साजिद उर्फ सद्दू पुत्र बहार अहमद निवासी चांद कालोनी शकूरी मस्जिद को चेकिंग के दौरान मण्डी समिति पशु चिकित्सालय के गेट के पास से उस समय पकड़ा,जब यह शातिर चोर चेकिंग करती पुलिस टीम को देखते ही इधर उधर भागने लगा,लेकिन साहसिक पुलिस टीम ने इस शातिर चोर को घेराबंदी करते हुए पकड़ लिया।जिसके कब्जे मौके से 4270 रूपए चोरी के बरामद किए गए।इसके अलावा इंस्पेक्टर रोजन्त त्यागी की ही पुलिस टीम सब इंस्पेक्टर जगपाल सिंह ने अपने सहयोगी दल के सहयोग से माननीय न्यायालय के आदेशों निर्देशो का सख्ती के साथ पालन करते हुए एक शातिर वारंटी मौहम्मद अजीम पुत्र मुस्तकीम निवासी सराय मर्दान अली को किया गिरफतार।
वीरता बहादुरी जोश और जज्बे के लिए पहचाने जाते अजय कुमार शर्मा
मेरठ। महानिदेशक आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा
ई०ओ०डब्लू में तैनात इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा को बेस्ट विवेचक का अवार्ड देकर किया सम्मानित पुलिस विभाग में रहकर अपनी लंबी सराहनीय एवं उत्कर्ष सेवा देने वाले इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा अपने आप में किसी परिचय के मोहताज नहीं है इन्होंने अपनी लंबी सर्विस में बहुत उतार-चढ़ाव और परिवर्तन देखे हैं लेकिन अपनी हिम्मत हौसले और ताकत के साथ-साथ बुद्धिमत्ता के आधार पर काम करते हुए अपनी अदम्य एवं बेहतरीन शैली का परिचय दिया है। इनके सीने पर लगे मेडल इस बात के प्रतीक हैं कि इन्होंने कर्तव्य एवं अपने फर्ज को निभाते हुए बाखुबी ड्यूटी को अंजाम दिया है इनका पूरा कैरियर उपलब्धियों एवं अच्छे कार्य से भरा पड़ा है यदि उन सब की चर्चा करने जाएं तो बहुत विस्तृत बात हो सकती है तथा वही और अब ई.ओ. डब्लू में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा को पुलिस महानिदेशक आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा बेस्ट विवेचक का अवार्ड देकर उन्हें सम्मानित किया है।
वीरता बहादुरी जोश और जज्बे के लिए पहचाने जाते अजय कुमार शर्मा
इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा को
आज आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ई०ओ० डब्लू०), उत्तर प्रदेश में अपनी नियुक्ति अवधि के दौरान बड़ी निष्ठा, लगन, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन करने पर,उनकी कुशल कार्यप्रणाली एवं अनुशासन को प्रदर्शित करता करने पर व आलोच्य अवधि में उनके द्वारा अपने दायित्वों का अत्यन्त सहजता तथा परिपक्वता के साथ निर्वहन किया एवं इसी क्रम में इनके द्वारा अपने पद के अनुरूप विभिन्न प्रकार के अति महत्वपूर्ण राजकीय कार्यों का निस्तारण भी अत्यन्त कठिन परिश्रम, कर्तव्यपरायणता एवं संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध रूप से किया करने पर तथा अजय कुमार शर्मा के कर्तव्यपरायणता, समयबद्धता एवं अनुशासित स्वभाव सराहनीय तथा अनुकरणीय रही है वे समस्त पदीय महत्वपूर्ण राजकीय कार्यों को समय से पूर्ण करने पर उनके योगदान उच्चकोटि का भी पाया गया,जिसके लिये इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा को माह अगस्त के लिये भी ‘Best Investigator of the Month’ का Reward प्रदान किया गया है तथा वही विभाग के उच्चाधिकारियों ने आशा की है
वे अपितु पूर्ण विश्वास है कि
भविष्य में भी आप इसी प्रकार से अपनी उच्च श्रेणी की कर्तव्यपरायणता, कुशल कार्यशैली एवं दक्षता प्रदर्शित करते हुये अपने कर्तव्यों/दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा व सेवाभावना के साथ करते रहेंगे तथा उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।लेकिन संक्षिप्त में इतना ही कहना चाहेंगे कि इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा पुलिस विभाग के लिए एक शान है जो कर्तव्य परायणता की एक जीती जागती मिसाल है जिला मेरठ के ई. ओ.डब्लू तैनात रहते हुए अपनी सेवाएं दे रहे हैं तथा अपनी कार्यप्रणाली से उसी जोश और जज्बे के साथ अपने लक्ष्यों को बखूबी अंजाम दे रहे हैं।
हापुड़ मुठभेड़ गोकशी के आरोपियों से पुलिस की आमने-सामने भिड़ंत, दो गिरफ्तार, एक फरार
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र स्थित बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में एक बड़ी पुलिस कार्रवाई सामने आई है, जहां पुलिस और गोकशी के आरोपियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस टीम पलवाड़ा-नानई मार्ग पर नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस को बाइक पर सवार कुछ संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का इशारा किया, तो वे रुकने के बजाय भागने लगे। इस पर पुलिस ने उनका पीछा किया।
संदिग्धों को अपने पीछे आता देख जब बदमाश खुद को घिरता हुआ महसूस करने लगे, तो उन्होंने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई इस फायरिंग में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। दूसरा आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे पुलिस टीम ने घेराबंदी करके पकड़ लिया। तीसरा आरोपी अंधेरे और आसपास के खेतों का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घायल बदमाश की गिरफ्तारी के दौरान का एक दृश्य काफी चर्चा में है, जिसमें वह पुलिस से हाथ जोड़कर माफी मांगता हुआ नजर आया और बोला, “साहब गलती हो गई।” यह दृश्य पुलिस द्वारा रिकॉर्ड किया गया और अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो दर्शाता है कि बदमाश किस हद तक घबरा गया था।
गढ़ सर्किल के क्षेत्राधिकारी (सीओ) वरुण मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम महताब और जैद बताया है। जांच में सामने आया है कि ये दोनों 30 अगस्त को नगंलाबढ़ में हुई गोकशी की एक बड़ी वारदात में शामिल थे। पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी। मौके से पुलिस ने एक तमंचा, एक बाइक, गोकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और एक जिंदा गोवंश बरामद किया है। यह गिरफ्तारी गोकशी के खिलाफ पुलिस की मुहिम के तहत एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
सीओ वरुण मिश्रा ने बताया कि फरार तीसरे आरोपी की पहचान की जा रही है और उसकी तलाश के लिए पुलिस द्वारा इलाके में कांबिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गांवों, जंगलों और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।पुलिस का यह ऑपरेशन जिले में बढ़ती गोकशी की घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस की टीम पूरी सतर्कता के साथ हाईवे व ग्रामीण मार्गों पर संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस का नेटवर्क पूरी तरह से एक्टिव है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
हापुड़ मुठभेड़ गोकशी के आरोपियों से पुलिस की आमने-सामने भिड़ंत, दो गिरफ्तार, एक फरार
इस घटना से यह भी साफ हो गया है कि गोकशी जैसे संगठित अपराध में शामिल गिरोह अब पुलिस कार्रवाई से घबराए हुए हैं और गिरफ्तारी के डर से पुलिस पर हमलावर हो रहे हैं। लेकिन पुलिस ने जिस मुस्तैदी और संयम के साथ इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया, वह प्रशंसा के योग्य है। गोली लगने के बावजूद किसी पुलिसकर्मी को चोट न लगना यह भी दर्शाता है कि पुलिस की रणनीति और फायरिंग की पोजिशनिंग सटीक रही।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में गोकशी की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बन रही थीं और इस तरह की सख्त कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा। ग्रामीणों ने पुलिस से अनुरोध किया है कि ऐसे अपराधों को पूरी तरह खत्म करने के लिए समय-समय पर गश्त और चेकिंग की व्यवस्था बनाए रखी जाए।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में गोकशी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। इस अभियान के तहत पुलिस लगातार गोकशी में संलिप्त गिरोहों की तलाश कर रही है और अब तक कई लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। इस मुठभेड़ को इसी श्रृंखला की एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस द्वारा समय पर की गई सटीक कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायक होती है, बल्कि आम जनता में विश्वास भी बढ़ाती है। आने वाले दिनों में पुलिस की टीम और भी सतर्कता के साथ ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाएगी, ताकि क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाया जा सके।
निष्कर्षतः, बहादुरगढ़ क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ ने न केवल दो कुख्यात गोकशों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया, बल्कि यह संदेश भी दे दिया कि कानून के लंबे हाथों से कोई नहीं बच सकता। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही संभव है और पुलिस का यह साहसिक कदम आने वाले अभियानों की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
कांवड़ यात्रा के लिए UP Police तैयार, DGP राजीव कृष्ण ने कहा- 45000 से ज्यादा फोर्स हर चप्पे पर तैनात
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सावन महीने की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यात्रा की सुरक्षा, ट्रैफिक और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर किए गए प्रबंधों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि पूरे मेरठ जोन में ट्रैफिक एडवाइजरी स्कीम लागू की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया है। 40,000 सीसीटीवी कैमरे और 400 ड्रोन तैनात किए गए हैं। इनमें से कई कैमरे AI सक्षम हैं, जो डेंसिटी मैपिंग और फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। ANPR कैमरों की मदद से वाहनों के नंबरों को पढ़कर संदिग्ध वाहनों की पहचान की जा रही है। डीजीपी ने बताया कि इन सभी उपकरणों की लाइव फीड जोनल हेडक्वार्टर में मॉनिटर की जा रही है।
जवानों की तैनाती और फील्ड व्यवस्था
डीजीपी राजीव कृष्ण सुरक्षा के लिए 50 कंपनियां (CRPF, CAPF, SDRF, PAC) और स्थानीय पुलिस बल मिलाकर कुल 45,000 जवान तैनात किए गए हैं। हर एक किलोमीटर पर दो पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल पर तैनात किया गया है। 60 अस्थायी पुलिस चौकियां संवेदनशील स्थानों पर बनाई गई हैं और हर शिवालय पर एक थाना स्थापित किया गया है। हर जिले में QRT (क्विक रिस्पॉन्स टीम) भी लगाई गई है।
कांवड़ यात्रा के लिए UP Police तैयार, DGP राजीव कृष्ण ने कहा- 45000 से ज्यादा फोर्स हर चप्पे पर तैनात
घाटों और शिविरों पर विशेष ध्यान
राजीव कृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया कि नदी और नहरों के घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं। सभी घाटों पर बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और होल्डिंग एरिया की व्यवस्था की गई है। कांवड़ शिविरों और शिवालयों पर बम निरोधक दस्ते (BDDS) द्वारा नियमित जांच की जा रही है।
यातायात और सोशल मीडिया मॉनिटरिंगयात्रा मार्गों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी स्कीम लागू की गई है। तीन स्तरों के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं ट्रैफिक, सोशल मीडिया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लिए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सात स्तरीय सुरक्षा प्लान लागू है जो बीट लेवल से लेकर जोन और अंतरराज्यीय समन्वय तक फैला हुआ है।
डीजीपी ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनके गृह जनपद से सत्यापन कराया जा रहा है। पूर्व आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल वाहनों की नंबर प्लेट्स को ध्यान में रखते हुए जांच तेज कर दी गई है। मांस और शराब की दुकानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, जबकि डीजे की ऊंचाई और ध्वनि स्तर पर नियंत्रण के आदेश दिए गए हैं।