नागल थाना पुलिस ने मुठभेड़ में 4 गोकश गिरफ्तार किए, हथियार और गोवंश बरामद

नागल थाना पुलिस ने मुठभेड़ में 4 गोकश गिरफ्तार किए, हथियार और गोवंश बरामद

नागल थाना पुलिस ने मुठभेड़ में 4 गोकश गिरफ्तार किए, हथियार और गोवंश बरामद
नागल थाना पुलिस ने मुठभेड़ में 4 गोकश गिरफ्तार किए, हथियार और गोवंश बरामद
सहारनपुर
  • सहारनपुर के थाना नागल की महिला उप निरीक्षक लेडी सिंघम एवं पुलिस टीम की साथ — ग्राम दंघेड़ा के जंगल में गोकशी का प्रयास कर रहे गोकशों के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ में 01 घायल गोकश सहित कुल 04 गोकशो को किया गिरफ्तार
    घायल बदमाश के कब्जे से 01 तमंचा .315 बोर व 01 खोखा/ 02 जिंदा कारतूस .315 बोर,02 अवैध छुरे ,गोकशी करने के उपकरण व 01 जिंदा गोवंश बरामद
बिती देर रात्रि को महिला उप निरीक्षक

पुलिस टीम साहित थाना नागल द्वारा पुलिस फोर्स सिड़की चौकी क्षेत्र में गस्त करते हुए संदिग्ध वाहनों की चैकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर की सूचना पर कुछ व्यक्ति ग्राम दंघेड़ा के जंगलो में गोकशी करने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम जैसे ही ग्राम दंघेड़ा के जंगल की तरफ जाने लगी तो कुछ दूरी पर कुछ व्यक्ति हाथ में छुरा लिये हुए गोकशी करने का प्रयास कर रहे थे।

नागल थाना पुलिस ने मुठभेड़ में 4 गोकश गिरफ्तार किए, हथियार और गोवंश बरामद
नागल थाना पुलिस ने मुठभेड़ में 4 गोकश गिरफ्तार किए, हथियार और गोवंश बरामद

पुलिस टीम को अपने नजदीक आता देख गोकशी का प्रयास कर रहे व्यक्तियों द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर खेतों की तरफ भागने का प्रयास करने लगे,पुलिस टीम द्वारा की गयी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगने से घायलवस्था में गिरफ्तार किया गया।

तीन अन्य बदमाशो को कॉम्बिंग के दौरान घेर पकड़ लिया गया।
  • एक अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। फरार बदमाश की तलाश हेतु लगातार कॉम्बिंग की जा रही है। घायल/गोकश की पहचान जाहिद पुत्र शाहिद निवासी ग्राम नौजली थाना नागल के रुप में हुई। घायल बदमाश को ईलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार घायल/ गोकश के विरुद्ध थाना नागल पर गोकशी,धोखाधड़ी व मारपीट,गाली गलौज करने आदि आपराधिक घटनाओं में कुल 04 मुकदमें पंजीकृत है
    गिरफ्तार/घायल बदमाश के कब्जे से 01 तमंचा .315 बोर व 01 खोखा/ 02 जिंदा कारतूस .315 बोर, 02 अवैध छुरे, गोकशी करने के उपकरण(01 कुल्हाड़ी,02 छुरे व 02 रस्सी आदि एंव 01 जिंदा गोवंबश बरामद हैं
MP : में होम गार्ड जवानों के लिए खुशखबरी, अब पूरे 12 माह मिलेगी नौकरी, कॉल ऑफ नियम खत्म

MP : में होम गार्ड जवानों के लिए खुशखबरी, अब पूरे 12 माह मिलेगी नौकरी, कॉल ऑफ नियम खत्म

MP : में होम गार्ड जवानों के लिए खुशखबरी, अब पूरे 12 माह मिलेगी नौकरी, कॉल ऑफ नियम खत्म
MP : में होम गार्ड जवानों के लिए खुशखबरी, अब पूरे 12 माह मिलेगी नौकरी, कॉल ऑफ नियम खत्म

जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मध्य प्रदेश के होमगार्ड का काल ऑफ समाप्त कर दिया है। इस बारे में 10 हजार होमगार्ड ने 490 याचिकाएं दायर की थीं। लंबी सुनवाई के बाद सुरक्षित किया गया आदेश शुक्रवार को सुनाया गया। इसके तहत अब प्रदेश के होमगार्ड को पूरे 12 माह रोजगार मिलेगा। साथ ही अन्य लाभ भी दिए जाएंगे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि काल आफ प्रक्रिया और उससे संबंधित प्रविधान असंवैधानिक घोषित किए जाने योग्य हैं।

ऐसे हुई थी होमगार्ड की शुरुआत-:
  • आपातकाल में पुलिस की सहायता हेतु एक स्वयंसेवी संगठन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड बनाया गया था। शुरुआत में होमगार्ड की सेवाएं केवल आपातकालीन समय में ली जाती थीं, परंतु वर्ष 1962 से होमगार्ड नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें हर वर्ष दो से तीन माह के लिए काल ऑफ कर दिया जाता था, जबकि संगठन के अन्य अधिकारियों व सैनिकों को नियमित कर पूरे वर्ष कार्य दिया जाता था।
मानवाधिकार आयोग से होता हुआ कोर्ट पहुंचा मामला-:
  • उक्त भेदभावपूर्ण रवैये व होमगार्ड की बदतर सेवा शर्त के विरुद्ध 2008 में मानव अधिकार आयोग में कई शिकायतें की गईं और मानव अधिकार आयोग ने विस्तृत जांच पश्चात राज्य शासन को होमगार्ड अधिनियम के स्थान पर नया विधान लाने व काल ऑफ प्रक्रिया को खत्म करने की अनुशंसा की। मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर कोई कार्यवाही शासन द्वारा नहीं की गई, जिस वजह से वर्ष 2011 में होमगार्ड संगठन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई।
MP : में होम गार्ड जवानों के लिए खुशखबरी, अब पूरे 12 माह मिलेगी नौकरी, कॉल ऑफ नियम खत्म
MP : में होम गार्ड जवानों के लिए खुशखबरी, अब पूरे 12 माह मिलेगी नौकरी, कॉल ऑफ नियम खत्म
  • उच्च न्यायालय ने याचिका स्वीकार कर शासन को नए विधान बनाने हेतु आदेशित कर स्पष्ट रूप से काल ऑफ समाप्त करने हेतु आदेश दिए। इसके विरुद्ध शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई, परंतु हाई कोर्ट का आदेश यथावत रहा। इसी दौरान न्यायालय के निर्देशानुसार कमेटी का गठन किया गया और आलोच्य नियम व आदेश पारित किए गए और वर्ष में दो माह का काल ऑफ का प्रावधान रखा गया, जबकि काल ऑफ प्रक्रिया उच्च न्यायालय ने समाप्त कर दी थी। इसके विरुद्ध ये याचिकाएं प्रस्तुत की गई थीं, जिनमें अंतरिम आदेश पारित किए गए। याचिका के लंबित रहते शासन ने नियम में बदलाव कर तीन वर्ष में दो माह का काल ऑफ का प्रविधान किया, जिसे भी न्यायालय में अमेंडमेंट कर चैलेंज किया गया।
याचिकाकर्ताओं की दलील-:
  • काल ऑफ प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 23 के विपरीत है। होमगार्ड संगठन पूर्व में एक स्वयंसेवी संगठन था, परंतु अब ये एक नियमित संगठन बन चुका है और होमगार्ड समस्त कार्य कर रहे हैं। ऐसी दशा में उनसे भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए एवं पूरे वर्ष कार्य पर रखा जाना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
सरकार ने रखा यह तर्क-:
  • राज्य शासन द्वारा याचिकाओं पर आपत्ति ली गई और कहा गया कि होमगार्ड संगठन एक स्वयंसेवी संगठन है एवं इन्हें पूरे वर्ष कार्य पर नहीं रखा जा सकता। विस्तृत सुनवाई पश्चात हाई कोर्ट ने अपने फैसले में काल ऑफ प्रक्रिया समाप्त करने के आदेश देते हुए सभी होमगार्ड जवानों को पूरे वर्ष कार्य पर रखने और समस्त लाभ प्रदान करने के आदेश दिए।
25 हजार रुपए के इनामिया वांछित लूट के अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में पिपरी पुलिस ने किया गिरफ्तार

25 हजार रुपए के इनामिया वांछित लूट के अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में पिपरी पुलिस ने किया गिरफ्तार

25 हजार रुपए के इनामिया वांछित लूट के अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में पिपरी पुलिस ने किया गिरफ्तार
25 हजार रुपए के इनामिया वांछित लूट के अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में पिपरी पुलिस ने किया गिरफ्तार
कौशाम्बी करारी थाना
  • क्षेत्र में महिला के साथ हुई लूट के आरोपी को शनिवार रात में पिपरी थाना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है आरोपी की गिरफ्तारी पर 25000 रुपए का इनाम घोषित था जिले में पूजा देवी पत्नी अर्जुन निवासी सिरियांवा थाना चरवा से 27.05.2025 को पिपरकुण्डी के पास 02 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनका बैग 2500 रुपए पायल व चाभियां सहित झपट्टा मारकर छीन लिया था इस संबंध में मु0अ0सं0 185/25 धारा 304(2) बीएनएस पंजीकृत कर पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी द्वारा टीमों का गठन किया गया था।
जांच में 02 संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हुई थी
  • अभियुक्त रवि भारतीय का नाम प्रकाश में आया,पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी द्वारा 25000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था दिनांक 29.05.2025 की रात्रि में अर्का तिराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस से हुई मुठभेड़ में अभियुक्त रवि भारतीय के पैर में गोली लगी और वह पकड़ा गया,जबकि उसका दूसरा साथी किशन पासी पुत्र संतोष पासी निवासी मंदरी थाना पुरामुफ्ती जनपद प्रयागराज अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया था
मौके से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP70 DK 8909),
  • तमंचा 315 बोर, कारतूस, तथा पीड़िता का बैग पायल, 2000 रुपए व श्रंगार का सामान बरामद हुआ था पिपरी थाना पुलिस द्वारा 27 सितम्बर की रात वाहन चेकिंग की जा रही थी तभी एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस बैरीयर को तोड़ते हुए काठ गाव तिराहा से बलहेपुर की तरफ भागने लगा, पुलिस टीम द्वारा उसका पीछा किया गया तो वह रोड से आगे दाहिने मुड़ कर कच्ची सड़क पर भागने लगा,आगे जाकर रोड गीला होने के कारण फिसलकर कर गिर गया पुलिस टीम द्वारा जब उसको घेरने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम के ऊपर जान से मारने की नियत से फायर किया,
25 हजार रुपए के इनामिया वांछित लूट के अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में पिपरी पुलिस ने किया गिरफ्तार
25 हजार रुपए के इनामिया वांछित लूट के अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ में पिपरी पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस द्वारा उसको आत्म समर्पण हेतु कहा गया तो
  • उसने पुनः पुलिस बल पर जान से मारने की नियत से फायर किया जिस पर पुलिस टीम द्वारा आत्म सुरक्षार्थ जवाबी फायर किया गया तो एक गोली अभियुक्त के पैर में लगी और वह जमीन पर गिर गया घायल अभियुक्त को पुलिस हिरासत मे लेकर उपचार हेतु जिला अस्पताल मंझनपुर भेज दिया गया है
अभियुक्त के पास से एक मोटर साइकिल,
  • 01 अदद तमंचा 315 बोर, 02 अदद जिन्दा कारतूस 315 बोर, 02 अदद खोखा कारतूस 315 बोर बरामद किया गया।घायल अभियुक्त किशन पासी ने पुलिस के पूछताछ करने पर बताया कि मैनें अपने साथी रवि भारतीय के साथ मिलकर थाना करारी क्षेत्र में लूट की घटना को अंजाम दिया था। पूर्व में हुई पुलिस मुठभेड़ में रवि गिरफ्तार हो गया था जबकि मैं अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया था रामबाबू केशरवानी पत्रकार अखंड भारत संदेश हिन्दी दैनिक समाचार पत्र जनपद कौशाम्बी 9473563534
आरक्षक भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले को तीन साल की सजा, दो हजार रुपये अर्थदंड भी

आरक्षक भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले को तीन साल की सजा, दो हजार रुपये अर्थदंड भी

आरक्षक भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले को तीन साल की सजा, दो हजार रुपये अर्थदंड भी
आरक्षक भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले को तीन साल की सजा, दो हजार रुपये अर्थदंड भी
सागर।
  • विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) में आरक्षक भर्ती के दौरान फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाने वाले आरोपित सुमित गड़रिया को शनिवार को अदालत ने तीन साल की सश्रम कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश प्रशांत सक्सेना की अदालत ने सुनाया।
2017 का मामला-:
  • मामला वर्ष 2017 का है। आरोपित सुमित ने एसएएफ में भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। 10 नवंबर 2017 को उज्जैन में आयोजित शारीरिक प्रवीणता परीक्षण में उत्तीर्ण होने के बाद उसका चयन हुआ और उसे 10वीं बटालियन सागर में पदस्थ किया गया। इसके बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल में जीएस बघेल ने शिकायत दर्ज कराई कि सुमित ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल की है। शिकायत की जांच सहायक सेनानी इंद्र सिंह परस्ते ने की।
आरक्षक भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले को तीन साल की सजा, दो हजार रुपये अर्थदंड भी
आरक्षक भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले को तीन साल की सजा, दो हजार रुपये अर्थदंड भी
  • जांच में सामने आया कि सुमित ने खुद को भिंड निवासी और जाटव (अनुसूचित जाति) बताया था, जबकि हकीकत में वह उत्तर प्रदेश के इटावा का रहने वाला है और गड़रिया जाति (ओबीसी वर्ग) से संबंध रखता है। सुमित ने भिंड जिले का फर्जी पता लगाकर वहां से फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाया था।
पिता ने भी माना फर्जी दस्तावेज क बारे में-:
  • सुनवाई के दौरान उसके पिता श्याम सिंह ने भी कोर्ट में माना कि सुमित गड़रिया (ओबीसी) वर्ग का है। सभी सबूतों के आधार पर कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए तीन साल का सश्रम कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
फर्जी पत्नी ने युवक को मृत बताकर कर दिया कांड, शक होने पर बीमा कंपनी पहुंची गांव; एक फोन से खुल गया पूरा राज ?

फर्जी पत्नी ने युवक को मृत बताकर कर दिया कांड, शक होने पर बीमा कंपनी पहुंची गांव; एक फोन से खुल गया पूरा राज ?

फर्जी पत्नी ने युवक को मृत बताकर कर दिया कांड, शक होने पर बीमा कंपनी पहुंची गांव; एक फोन से खुल गया पूरा राज ?
फर्जी पत्नी ने युवक को मृत बताकर कर दिया कांड, शक होने पर बीमा कंपनी पहुंची गांव; एक फोन से खुल गया पूरा राज ?
फिरोजपुर।
  • बैंक से एक लाख का लोन दिलाने का झांसा देकर युवक के दस्तावेज हथियाने के बाद एक गिरोह के सदस्यों ने युवक की एक करोड़ रुपये की बीमा पालिसियां करवा दीं।
  • एक महिला को युवक की पत्नी बता तथा युवक को मृत घोषित कर बीमा क्लेम के लिए आवेदन भी कर दिया। मामला उस समय उजागर हुआ जब बीमा क्लेम के लिए कंपनी ने संबंधित गांव के सरपंच से संपर्क किया।
  • सरपंच ने युवक के मामा से जब उसकी मौत के बारे में पूछा तो पता चला कि वह तो जीवित है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर पांच लोगों की तलाश शुरू कर दी है। आरोपितों में एक दंपती भी है। पीड़ित 20 वर्षीय विशाल ने बताया कि पांच साल पहले वह मोगा जिले के गांव कोट करोड़ कलां में परिवार के साथ रहता था। छह माह से वह फिरोजपुर के फरीदकोट रोड़ स्थित गांव नवां पूर्वा में रह रहा है।
  • उसकी पड़ोसी एक महिला ने उसे व उसकी मां को एक लाख रुपये का नान रिफंडेबल लोन करवाने का झांसा दिया। उसकी बातों में आकर उसने उसे अपने दस्तावेज दे दिए। उक्त महिला ने उसे फिरोजपुर स्थित एक निजी बैंक में लोन के लिए केवाइसी संबंधी बुलाया। वहां उसके फिंगर प्रिंट व आई स्कैन किया गया, लेकिन काफी दिन बाद भी उन्हें लोन का पैसा नहीं मिला।
विशाल ने बताया कि
  • आठ सितंबर को उसके मामा को गांव कोट करोड़ कलां के सरपंच ने फोन किया और उनसे उसकी मौत कैसे हुई के बारे में पूछा। उसके मामा ने जब बताया कि वह तो जीवित है। सरपंच ने बताया कि उनके पास तो एक बीमा कंपनी के लोग आए थे और विशाल की मौत के कारण जानने आए थे।
फर्जी पत्नी ने युवक को मृत बताकर कर दिया कांड, शक होने पर बीमा कंपनी पहुंची गांव; एक फोन से खुल गया पूरा राज ?
फर्जी पत्नी ने युवक को मृत बताकर कर दिया कांड, शक होने पर बीमा कंपनी पहुंची गांव; एक फोन से खुल गया पूरा राज ?
  • यह सुनकर उसके मामा ने बाद में उसे पूरी बात बताई।विशाल ने बताया कि उसने अपने स्तर पर जांच शुरू की तो उसने डरोली भाई के पीएचसी की ओर से तैयार उसका डेथ सर्टिफिकेट, अस्थि प्रवाह स्लिप व संजना नामक महिला की ओर से स्वास्थ्य विभाग को दिया गया स्व घोषणापत्र भी प्राप्त किया, जिसमें संजना ने खुद को विशाल की पत्नी बताया था।
  • यही नहीं उसके आधार कार्ड पर फोटो भी किसी अन्य का लगा हुआ था। स्व घोषणा पत्र में मौत का कारण सीने में दर्द बताया विशाल ने बताया कि संजना ने सेहत विभाग को जो स्वघोषणा पत्र दिया था उसमें बताया था कि 28 जुलाई 2025 को उसके पति विशाल के सीने में दर्द हुआ, जिसके चलते वह उसे मोगा के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर जा रही थी कि रास्ते में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। ऐसे में उसके पति की मौत का सर्टिफिकेट जारी किया जाए।
जांच के दिए गए हैं आदेश
  • सिविल सर्जन जिला मोगा के सिविल सर्जन डा. प्रदीप कुमार ने डरौली भाई स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कार्यकारी एसएमओ की ओर से उक्त मामला उनके संज्ञान में लाया गया है। एक युवक का फर्जी डेथ सर्टिफिकेट जारी करवाया गया है जिस पर कार्रवाई संबंधी उनकी ओर से संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दी गई है। जांच के बाद में जो भी तथ्य सामने आएंगे, जो भी आरोपित पाए जाएंगे उन पर बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरोपितों की तलाश के लिए टीमें की गठित
  • एसएसपी फिरोजपुर के एसएसपी भूपिंद्र सिंह सिद्धू ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों की धरपकड़ के लिए टीमें बनाई गई हैं, जोकि छापेमारी कर रही हैं। आरोपितों को जल्द काबू कर लिया जाएगा।
चांदी के गहनें और 20 लाख नकद जब्त: लखनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

चांदी के गहनें और 20 लाख नकद जब्त: लखनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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आगरा के दो युवक पुलिस हिरासत में; क्रेटा कार से 40 किलो चांदी और कैश बरामद भरतपुर। जिला पुलिस अधीक्षक भरतपुर दिगंत आनंद के निर्देशानुसार चलाए गए विशेष अभियान के तहत लखनपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नाकाबंदी के दौरान यूपी नम्बर की एक क्रेटा कार से भारी मात्रा में संदिग्ध चांदी के जेवरात और नकद राशि जब्त की गई है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस चौकी इंचार्ज एएसआई एदल सिंह के नेतृत्व में लगाए गए जाप्ते ने क्रेटा कार को रुकवाकर तलाशी ली। कार के भीतर से लगभग 40.296 किलोग्राम चांदी के जेवरात (बिछिया और चैन) तथा 20 लाख रुपये नकद से भरा एक कपड़े का बैग मिला।

चांदी के गहनें और 20 लाख नकद जब्त: लखनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
चांदी के गहनें और 20 लाख नकद जब्त: लखनपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

कार में सवार आगरा उत्तर प्रदेश निवासी दो व्यक्तियों रचित जैन (26) और नितिन शर्मा (18) से जब पुलिस ने इतनी बड़ी मात्रा में चांदी और नकद राशि के संबंध में वैध बिल या दस्तावेज मांगे तो वे कोई भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए। संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने तत्काल जेवरात और नकदी को जब्त कर लिया।
दोनों युवकों को पुलिस हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की जा रही है कि यह संदिग्ध खेप कहाँ से लाई जा रही थी और किसे देने जा रहे थे। थानाधिकारी महावीर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम इस मामले की तह तक जाने का

झारखंड: फर्जी ट्रेडिंग ऐप से करोड़ों के ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा, देवघर से पकड़ा गया आरोपी

झारखंड: फर्जी ट्रेडिंग ऐप से करोड़ों के ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा, देवघर से पकड़ा गया आरोपी

झारखंड: फर्जी ट्रेडिंग ऐप से करोड़ों के ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा, देवघर से पकड़ा गया आरोपी
झारखंड: फर्जी ट्रेडिंग ऐप से करोड़ों के ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा, देवघर से पकड़ा गया आरोपी

रांची । झारखंड के अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की साइबर क्राइम सेल ने एक सनसनीखेज ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा किया है।
आरोपी की पहचान यशवर्धन कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के गयाजी का रहने वाला है और इन दिनों देवघर में रह रहा था। उसके खिलाफ देश के कई राज्यों में एफआईआर दर्ज है।
पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन, दो सिम कार्ड, ठगी से जुड़ी चैट और बैंक खाता विवरण बरामद किया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित की शिकायत पर 23 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज करने के बाद सीआईडी ने तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू की।
आरोपी ने पीड़ित को व्हाट्सऐप चैट पर कैंटीलोन नामक ट्रेडिंग ऐप में निवेश करने का लालच दिया गया। ऐप पर नकली प्रॉफिट दिखाकर पीड़ित को यकीन दिलाया गया कि उसे मोटा रिटर्न मिलेगा।

झारखंड: फर्जी ट्रेडिंग ऐप से करोड़ों के ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा, देवघर से पकड़ा गया आरोपी
झारखंड: फर्जी ट्रेडिंग ऐप से करोड़ों के ऑनलाइन फ्रॉड का खुलासा, देवघर से पकड़ा गया आरोपी

इस झांसे में आकर उसने करीब 44 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज जानकारी के मुताबिक, आरोपी के बैंक खाते में झांसा देकर ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराने की 46 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
इनमें तेलंगाना (04), उत्तराखंड (01), झारखंड (01), छत्तीसगढ़ (02), पश्चिम बंगाल (01), तमिलनाडु (04), राजस्थान (01), मध्य प्रदेश (01), महाराष्ट्र (04), कर्नाटक (08), केरल (01), हिमाचल प्रदेश (01), गुजरात (06), दिल्ली (02), बिहार (02), आंध्र प्रदेश (02) और उत्तर प्रदेश (05) की शिकायतें शामिल हैं।
सीआईडी का कहना है कि गिरफ्तार युवक महज इस नेटवर्क की एक कड़ी है। पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसके पीछे कौन-सा गैंग सक्रिय है।

दिल्ली के मंगोलपुरी में छात्र की पीट-पीटकर हत्या, 7 नाबालिग आरोपी हिरासत में लिए गए

दिल्ली के मंगोलपुरी में छात्र की पीट-पीटकर हत्या, 7 नाबालिग आरोपी हिरासत में लिए गए

दिल्ली के मंगोलपुरी में छात्र की पीट-पीटकर हत्या, 7 नाबालिग आरोपी हिरासत में लिए गए
दिल्ली के मंगोलपुरी में छात्र की पीट-पीटकर हत्या, 7 नाबालिग आरोपी हिरासत में लिए गए

नई दिल्ली । दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में अन्य नाबालिगों के साथ हुई झड़प में एक नाबालिग की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में 7 छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है।
इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि छात्र का शुक्रवार सुबह आरोपी से झगड़ा हुआ था। बाद में आरोपी ने कुछ लड़कों के साथ मिलकर उसकी पिटाई की थी। बाहरी दिल्ली के डीसीपी ने पुष्टि की है कि मामले में 7 नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।
इस बीच, एक अन्य मामले में दिल्ली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी।

दिल्ली के मंगोलपुरी में छात्र की पीट-पीटकर हत्या, 7 नाबालिग आरोपी हिरासत में लिए गए
दिल्ली के मंगोलपुरी में छात्र की पीट-पीटकर हत्या, 7 नाबालिग आरोपी हिरासत में लिए गए


दिल्ली पुलिस के अनुसार, तिमारपुर थाना क्षेत्र में आरोपी स्कूटी पर जा रहे थे। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन किया। इस पर ट्रैफिक पुलिस के एसआई सूरज पाल रुकने का इशारा किया, लेकिन वे आरोपी सिग्नेचर ब्रिज की ओर भाग निकले।
इसके बाद, पीछा करके एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि अपराधियों ने मिलकर अकेले पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की।
मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने 4 आरोपियों की पहचान की। बाद में इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

दिल्ली में वाहनों का घटा घनत्व,बढ़ा मेट्रो पर भरोसा,सड़क हादसों में भी आई कमी

दिल्ली में वाहनों का घटा घनत्व,बढ़ा मेट्रो पर भरोसा,सड़क हादसों में भी आई कमी

दिल्ली में वाहनों का घटा घनत्व,बढ़ा मेट्रो पर भरोसा,सड़क हादसों में भी आई कमी
दिल्ली में वाहनों का घटा घनत्व,बढ़ा मेट्रो पर भरोसा,सड़क हादसों में भी आई कमी

नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वाहनों की संख्या का दबाव घटा है।प्रति हजार आबादी पर वाहनों की संख्या 2015-16 में 530 थी,जो 2023-24 में घटकर 373 रह गई। इस अवधि में सड़क हादसों में भी कमी आई है। 2015 में 8,085 सड़क हादसे हुए थे। वहीं 2022 में इनकी संख्या घटकर 5,560 रह गई।यह जानकारी हाल ही में निदेशालय आर्थिक एवं सांख्यिकी की ओर से जारी दिल्ली स्टेट फ्रेमवर्क इंडिकेटर रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) और क्लस्टर बसों की संख्या 2015-16 के 5,842 से बढ़कर 2023-24 में 7,485 हो गई है। हालांकि इन बसों में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की औसत संख्या 46 लाख से घटकर 42 लाख रह गई।रिपोर्ट बताती है

दिल्ली में वाहनों का घटा घनत्व,बढ़ा मेट्रो पर भरोसा,सड़क हादसों में भी आई कमी
दिल्ली में वाहनों का घटा घनत्व,बढ़ा मेट्रो पर भरोसा,सड़क हादसों में भी आई कमी

कि मेट्रो में यात्रियों का भरोसा लगातार बढ़ा है।2015-16 में जहां औसतन 26 लाख यात्री रोजाना मेट्रो से सफर करते थे। वहीं 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 58 लाख तक पहुंच गई। दिल्ली की आबादी में सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच भी उतार-चढ़ाव भरी रही।सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी तस्वीर पहले से बेहतर हुई है।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक 2015 में सड़क हादसों में मरने या घायल होने वालों की संख्या 9,880 थी,जो 2021 में घटकर 5,228 रह गई। हालांकि 2022 में इसमें हल्की बढ़ोतरी हुई और यह संख्या 6,174 तक पहुंच गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक सरकार का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति को सुरक्षित, किफायती, सुलभ और टिकाऊ परिवहन प्रणाली उपलब्ध कराई जाए।

मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग

मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग

मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग
मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग
भीलवाड़ा.
  • जिले के बिजोलिया क्षेत्र के सीताकुंड जंगल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक कलयुगी मां ने 15-20 दिन के मासूम शिशु को मौत के घाट उतारने की कोशिश की. जानकारी के अनुसार, महिला मासूम को जंगल में लेकर आई और उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर उसके मुंह को फेविक्विक से चिपकाकर मारने की कोशिश की. इसके बाद वह शिशु को सेंड स्टोन के पत्थरों के बीच फेंक कर फरार हो गई. घटना का खुलासा उस समय हुआ जब बकरियां चराने गए कुछ ग्वालों ने पत्थरों के ढेर के पास से मासूम की कराहने की आवाज सुनी.
ग्रामीणों ने तुरंत पत्थरों को हटाया और देखा कि
  • शिशु का मुंह पत्थर और फेविक्विक से भरा हुआ था. गर्म पत्थरों के कारण उसका शरीर झुलस चुका था, यह दृश्य देख ग्रामीण स्तब्ध रह गए. चरवाहों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी. बिजोलिया पुलिस मौके पर पहुंची और मासूम को तुरंत बिजोलिया अस्पताल ले जाया गया, चिकित्सकों के अनुसार मासूम का मुंह व शरीर बुरी तरह झुलसा हुआ है और उसका इलाज जारी है.
मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग
मासूम बेटे को मारने के लिए मुंह में ठूंस दिए पत्थर, ऊपर से डाल दिया फेविक्विक, देखकर सन्न रह गए लोग
  • ग्रामीणों ने बताया कि यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है, उन्होंने पुलिस से दोषी महिला को जल्द गिरफ्तार करने और कड़ी सजा दिलाने की मांग की. वहीं पुलिस ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मासूम की जान बचाने में ग्वालों ने किसी देवदूत की तरह काम किया. अगर समय पर आवाज सुनकर बच्चे को बाहर न निकाला जाता, तो उसकी जान जाना तय था.
  • फिलहाल बच्चा अस्पताल में भर्ती हैऔर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है. यह घटना न केवल एक मासूम के जीवन से खिलवाड़ है बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि मानवीय संवेदनाएं किस कदर खत्म हो रही हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि मासूमों की जान बचाई जा सके.