महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई की मुलुंड पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। मुलुंड पश्चिम के एक आवासीय फ्लैट में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और नकदी बरामद की है। मुलुंड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि मुलुंड कॉलोनी क्षेत्र में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। वे खुद को अमेरिका स्थित बैंक या वित्तीय कंपनी का अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों को तुरंत ऋण देने का लालच देते हैं। पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते हैं, लेकिन ऋण कभी नहीं देते। मुलुंड पुलिस ने जब फ्लैट पर छापा मारा, तब वहां 27 वर्षीय सागर गुप्ता मुख्य संचालक निकला। सागर ने इस धंधे के लिए अभिषेक सिंह, तन्मय धाड़ सिंह, शैलेश शेट्टी और रोहन अंसारी को नियुक्त किया था। सभी आरोपी मौके से गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस को 2 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 2 राउटर और 76,000 रुपए नकद बरामद हुए हैं।

महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार


आरोपी कॉल सेंटर में खुद को ‘लेंडिंग पॉइंट’ नामक वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताते थे। वे ई-सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पीड़ितों से संपर्क करते थे। शिकार को असुरक्षित वेतन-दिवस ऋण (पे-डे लोन) देने का वादा किया जाता था। न्यूनतम प्रोसेसिंग शुल्क जमा करने के बाद भी पीड़ितों को कुछ नहीं मिलता। इस तरह से लाखों रुपए की ठगी की जा चुकी है।
पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2), 318(2), 338, 340(2), 319(2), 336 और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट के तहत दर्ज किया है। आरोपी बिना किसी वैध अनुमति के यह अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने कहा, “यह एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय ठगी का गिरोह था। हमने सभी सबूत जब्त कर लिए हैं। पीड़ितों की संख्या का पता लगाने के लिए डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है। विदेशी एजेंसियों से भी संपर्क किया जाएगा।”

फायरिंग घटना से व्यापारियों में रोष, बाजार बंद रख महादेव चौक पर दिया धरना, सीओ के आश्वासन पर धरना समाप्त

फायरिंग घटना से व्यापारियों में रोष, बाजार बंद रख महादेव चौक पर दिया धरना, सीओ के आश्वासन पर धरना समाप्त

फायरिंग घटना से व्यापारियों में रोष, बाजार बंद रख महादेव चौक पर दिया धरना, सीओ के आश्वासन पर धरना समाप्त
फायरिंग घटना से व्यापारियों में रोष, बाजार बंद रख महादेव चौक पर दिया धरना, सीओ के आश्वासन पर धरना समाप्त

रूपवास। कस्बे के महादेव चौक के निकट बांके बिहारी मार्केट में बुधवार सायं के समय सर्राफा व्यापारी पर फायरिंग कर लूट के प्रयास को लेकर व्यापारियों ने रोष व्यक्त कर गुरुवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रख महादेव चौक पर धरना देना शुरू कर दिया। जिस पर बयाना रूपवास विधायक डॉ ॠतु बनावत व पूर्व जिलाध्यक्ष ॠषि बंसल भी व्यापारियों के साथ धरने पर बैठ गए।
व्यापारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कस्बे के पुराने थाने पर अस्थाई चौकी खोली गई थी। लेकिन कुछ समय पश्चात ही उसे बंद कर दिया गया। वहीं नगरपालिका की ओर से कस्बे में लगाए गए ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे व रोड लाइटें बंद पड़ी हुई है। जिसका फायदा बदमाश किस्म के लोग उठाते हैं। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष ॠषि बंसल ने कहा कि उपखण्ड अधिकारी व नगरपालिका प्रशासक विष्णु बंसल लोगों से सही व्यवहार करते हैं, लेकिन काम नहीं करते, इसी कारण कस्बे के रामसेतु का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।

फायरिंग घटना से व्यापारियों में रोष, बाजार बंद रख महादेव चौक पर दिया धरना, सीओ के आश्वासन पर धरना समाप्त
फायरिंग घटना से व्यापारियों में रोष, बाजार बंद रख महादेव चौक पर दिया धरना, सीओ के आश्वासन पर धरना समाप्त

जिसके कारण बाजार में हर दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। कस्बे सहित क्षेत्र में अवैध शराब बिक रही है। वहीं विधायक डॉ ॠतु बनावत ने नगरपालिका अधिशासी अधिकारी योगेश पिप्पल को इसी महीने में सीसीटीवी कैमरे व रोड लाइटें ठीक करवाने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस को तीन दिन में अपराधियों को पकड उनका जुलूस निकालने के लिए भी कहा। जिससे अपराधियों में भय व आमजन में विस्वास पैदा हो। जिस पर वृताधिकारी नीरज भारद्वाज ने तीन दिन में ही अपराधियों को पकड़ने का आश्वासन दिया। साथ ही व्यापारियों से प्रतिष्ठान खोलने की अपील की। जिस पर व्यापारियों ने करीब 11 बजकर 30 मिनट पर अपने अपने प्रतिष्ठान खोल लिए। इस अवसर पर पूर्व विधायक अमरसिंह, सतीष मित्तल, धीरज शुक्ला, कौशू पहलवान, विनोद मंगल आदि मौजूद थे।

दिल्ली: अपराध शाखा ने कुख्यात हथियार तस्कर को किया गिरफ्तार, 14 पिस्तौलें और 56 कारतूस बरामद

दिल्ली: अपराध शाखा ने कुख्यात हथियार तस्कर को किया गिरफ्तार, 14 पिस्तौलें और 56 कारतूस बरामद

दिल्ली: अपराध शाखा ने कुख्यात हथियार तस्कर को किया गिरफ्तार, 14 पिस्तौलें और 56 कारतूस बरामद
दिल्ली: अपराध शाखा ने कुख्यात हथियार तस्कर को किया गिरफ्तार, 14 पिस्तौलें और 56 कारतूस बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की उत्तरी दिल्ली अपराध शाखा-II ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एक कुख्यात हथियार आपूर्तिकर्ता को गिरफ्तार किया। उसके पास से 14 अवैध आग्नेयास्त्र, 4 अतिरिक्त मैगजीन और 56 जिंदा कारतूस बरामद हुए। आरोपी गौरव कुमार (27 वर्ष) मध्य प्रदेश के खरगोन से दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई कर रहा था। यह गिरफ्तारी रोहिणी के सेक्टर-30 में महादेव चौक के पास हुई। अपराध शाखा को सूचना मिली थी कि दिल्ली-एनसीआर में गैंगस्टरों और अपराधियों को हथियार सप्लाई करने वाला एक शख्स सक्रिय है। हेड कांस्टेबल संदीप संगरोहा के इनपुट पर इंस्पेक्टर की अगुवाई में एसआई सतेंद्र कुमार, योगेश दहिया, प्रदीप गोदारा, परवीर सिंह, एचसी अश्विनी, प्रदीप तोमर, सिद्धार्थ ढाका, विनोद बजाड़, प्रदीप श्योकंद, अजयपाल, सत्यव्रत और महिला कांस्टेबल रजनी शर्मा की टीम गठित की गई। वहीं, सहायक पुलिस आयुक्त नरेंद्र बेनीवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई हुई।
टीम ने तकनीकी और मैन्युअल निगरानी शुरू की और गुप्त सूचना पर रोहिणी में जाल बिछाया।

दिल्ली: अपराध शाखा ने कुख्यात हथियार तस्कर को किया गिरफ्तार, 14 पिस्तौलें और 56 कारतूस बरामद
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आरोपी गौरव कुमार पैदल एक बैग लेकर आ रहा था, तभी उसे दबोच लिया गया। बैग की तलाशी में 6 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, 8 सिंगल शॉट पिस्टल, 56 जिंदा कारतूस और 4 अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुआ। शस्त्र अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला किया कि वह मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के एक व्यक्ति से हथियार खरीदता था। पिछले 4-5 महीनों से वह दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में अपराधियों को सप्लाई कर रहा था। हथियारों का मुख्य स्रोत खरगोन का वह शख्स है, जो पहले भी तीन मामलों में पकड़ा जा चुका है। इनमें 2025 में दिल्ली स्पेशल सेल का मामला (5 हथियार बरामद) और 2023 में पंजाब के दो मामले शामिल हैं। उसे पकड़ने के लिए छापेमारी चल रही है।
मध्यस्थ की भी पहचान हो गई है। वह अलीगढ़, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और 2021 में दिल्ली स्पेशल सेल ने उसे 15 अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। मामले की जांच जारी है।

पास्टर बजिंदर को जेल पहुंचाने वाली महिला के पति समेत तीन आरोपी सबूतों के अभाव में गैंगरेप केस में बरी

पास्टर बजिंदर को जेल पहुंचाने वाली महिला के पति समेत तीन आरोपी सबूतों के अभाव में गैंगरेप केस में बरी

पास्टर बजिंदर को जेल पहुंचाने वाली महिला के पति समेत तीन आरोपी सबूतों के अभाव में गैंगरेप केस में बरी
पास्टर बजिंदर को जेल पहुंचाने वाली महिला के पति समेत तीन आरोपी सबूतों के अभाव में गैंगरेप केस में बरी

चंडीगढ़। जिला अदालत ने तीन वर्ष पुराने मामले में पास्टर बजिंदर को जेल भेजने वाली महिला के पति समेत तीन लोगों को तीन साल पुराने सामूहिक दुष्कर्म और जबरन देह व्यापार के मामले में बरी कर दिया है। मामला वर्ष 2022 का है, जब सेक्टर-49 थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और जबरन देह व्यापार करवाने का केस दर्ज किया था। हालांकि, मुकदमे की सुनवाई के दौरान महिला अपने बयानों से मुकर गई। अदालत ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। अदालत का निर्णय : अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में असफल रहा, और गवाह के बयान विरोधाभासी थे।

पास्टर बजिंदर को जेल पहुंचाने वाली महिला के पति समेत तीन आरोपी सबूतों के अभाव में गैंगरेप केस में बरी
पास्टर बजिंदर को जेल पहुंचाने वाली महिला के पति समेत तीन आरोपी सबूतों के अभाव में गैंगरेप केस में बरी

इसलिए तीनों आरोपियों को बरी किया जाता है।
बरी हुए व्यक्ति का पक्ष : बरी हुए एक आरोपी ने कहा कि उसकी पत्नी ने पास्टर बजिंदर के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दी थी, जिसके चलते पास्टर को जेल जाना पड़ा। पास्टर और उसके साथियों ने बदला लेने के लिए उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया।
पृष्ठभूमि : गौरतलब है कि इसी वर्ष मोहाली की एक अदालत ने पास्टर बजिंदर को सात साल पहले दर्ज एक दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी। वह केस उसी महिला की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसके पति अब बरी हुए हैं।

छत्तीसगढ़ : नेशनल पार्क जंगलों में बड़ी मुठभेड़, 27 लाख इनामी 6 माओवादी ढेर

छत्तीसगढ़ : नेशनल पार्क जंगलों में बड़ी मुठभेड़, 27 लाख इनामी 6 माओवादी ढेर

छत्तीसगढ़ : नेशनल पार्क जंगलों में बड़ी मुठभेड़, 27 लाख इनामी 6 माओवादी ढेर
छत्तीसगढ़ : नेशनल पार्क जंगलों में बड़ी मुठभेड़, 27 लाख इनामी 6 माओवादी ढेर

बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने नेशनल पार्क क्षेत्र के घने जंगलों में बड़ी कार्रवाई की है। खुफिया सूचना के आधार पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। 11 नवंबर की सुबह से चली रुक-रुक कर गोलीबारी में 6 कुख्यात माओवादी मारे गए। मारे गए माओवादियों पर कुल 27 लाख रुपए का इनाम था। मुठभेड़ कांदुलनार-कचलारम जंगलों में हुई, जो पश्चिम और दक्षिण बस्तर डिवीजन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मारे गए माओवादियों में एक की पहचान डीवीसीएम कन्ना उर्फ बुचन्ना (8 लाख इनामी), मद्देड़ एरिया कमेटी इंचार्ज के रूप में हुई है। 35 साल का यह माओवादी 42 अपराधों में वांछित था। यह कैंप अटैक, ग्रामीण हत्याएं, आईईडी ब्लास्ट, बस जलाना, डकैती और शिक्षकों की हत्या में शामिल था दूसरे की पहचान डीवीसीएम उर्मिला (8 लाख इनामी), पापाराव की पत्नी, पामेड़ एरिया कमेटी सचिव के रूप में हुई है। पीएलजीए बटालियन की सप्लाई चेन संभालती थी, जो ग्रामीणों को डराकर भर्ती करती थी। तीसरा एसीएम जगत तामो उर्फ मोटू (5 लाख इनामी), मद्देड़ एरिया कमेटी सदस्य था।

छत्तीसगढ़ : नेशनल पार्क जंगलों में बड़ी मुठभेड़, 27 लाख इनामी 6 माओवादी ढेर
छत्तीसगढ़ : नेशनल पार्क जंगलों में बड़ी मुठभेड़, 27 लाख इनामी 6 माओवादी ढेर


इनके अलावा देवे (2 लाख इनामी), पामेड़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य; भगत (2 लाख इनामी), मद्देड़ एरिया कमेटी सदस्य; मंगली ओयाम (2 लाख इनामी), महिला पार्टी सदस्य के रूप में हुई है।
माओवादियों के पास से हथियार सामग्री बरामद हुए, जिनमें 2 इंसास राइफल (5 मैगजीन, 68 कारतूस),1 कार्बाइन (3 मैगजीन, 22 कारतूस), .303 राइफल (13 कारतूस), 1 सिंगल शॉट राइफल, 1 12 बोर बंदूक, ग्रेनेड, विस्फोटक शामिल हैं। इसके अलावा रेडियो, माओवादी साहित्य, वर्दी, दवाएं जैसी चीजें मिली हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि 2025 में जिले में 144 माओवादी मारे गए, 499 गिरफ्तार और 560 ने सरेंडर किया। जनवरी 2024 से अब तक 202 मारे गए, 1002 गिरफ्तार हुए और 749 ने सरेंडर किया।

महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई की मुलुंड पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। मुलुंड पश्चिम के एक आवासीय फ्लैट में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और नकदी बरामद की है। मुलुंड पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि मुलुंड कॉलोनी क्षेत्र में कुछ लोग फर्जी कॉल सेंटर चला रहे हैं। वे खुद को अमेरिका स्थित बैंक या वित्तीय कंपनी का अधिकारी बताकर विदेशी नागरिकों को तुरंत ऋण देने का लालच देते हैं। पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते हैं, लेकिन ऋण कभी नहीं देते। मुलुंड पुलिस ने जब फ्लैट पर छापा मारा, तब वहां 27 वर्षीय सागर गुप्ता मुख्य संचालक निकला। सागर ने इस धंधे के लिए अभिषेक सिंह, तन्मय धाड़ सिंह, शैलेश शेट्टी और रोहन अंसारी को नियुक्त किया था। सभी आरोपी मौके से गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस को 2 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 2 राउटर और 76,000 रुपए नकद बरामद हुए हैं।

महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र : मुलुंड में फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार


आरोपी कॉल सेंटर में खुद को ‘लेंडिंग पॉइंट’ नामक वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताते थे। वे ई-सिम कार्ड का इस्तेमाल कर पीड़ितों से संपर्क करते थे। शिकार को असुरक्षित वेतन-दिवस ऋण (पे-डे लोन) देने का वादा किया जाता था। न्यूनतम प्रोसेसिंग शुल्क जमा करने के बाद भी पीड़ितों को कुछ नहीं मिलता। इस तरह से लाखों रुपए की ठगी की जा चुकी है।
पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2), 318(2), 338, 340(2), 319(2), 336 और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट के तहत दर्ज किया है। आरोपी बिना किसी वैध अनुमति के यह अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने कहा, “यह एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय ठगी का गिरोह था। हमने सभी सबूत जब्त कर लिए हैं। पीड़ितों की संख्या का पता लगाने के लिए डिजिटल फोरेंसिक जांच की जा रही है। विदेशी एजेंसियों से भी संपर्क किया जाएगा।”

‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान

‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान

‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान
‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान

चंडीगढ़ । फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ और दिल्ली के लाल किले के निकट हुए ब्लास्ट के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम चर्चाओं में है। वजह साफ है कि इस यूनिवर्सिटी से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि तीसरा शख्स लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में मारा गया। इसी को देखते हुए अब यूनिवर्सिटी ने अपनी तरफ से आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हमारा इस ब्लास्ट से कोई लेना-देना नहीं है। जिन लोगों को भी इस ब्लास्ट में अपनी जान गंवानी पड़ी, उनके प्रति हम दुख व्यक्त करते हैं, लेकिन जिस तरह से इस ब्लास्ट के बाद हमारी यूनिवर्सिटी का नाम लिया जा रहा है, उससे इसकी गरिमा को ठेस पहुंच रही है। हमारे संज्ञान में यह भी आया है कि कई सोशल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हमारी यूनिवर्सिटी के संबंध में मनगढ़ंत और झूठे बयान जारी किए जा रहे हैं, जिनमें बिल्कुल भी सत्यता नहीं है। इसका मुख्य मकसद सिर्फ हमारी यूनिवर्सिटी की गरिमा पर कुठाराघात करना है। यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, “हमारे संज्ञान में आया है कि हमारे दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारे यूनिवर्सिटी परिसर का इस्तेमाल किसी भी शरारती गतिविधियों में प्रयुक्त होने वाले केमिकल के निर्माण के लिए नहीं किया गया था। जिस तरह की जानकारी इस संबंध में फैलाई जा रही है, वह पूरी तरह से भ्रामक और बेबुनियादी हैं। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित जितनी भी प्रयोगशालाएं हैं, उनका इस्तेमाल सिर्फ एमबीबीएस और अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के अध्ययन के ध्येय से ही किया जाता है। इसके अलावा, हमारे विश्वविद्यालय में स्थित जितनी भी प्रयोगशालाएं हैं, उनका संचालन निर्धारित दिशानिर्देश के अनुरूप ही किया जाता है।”

‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान
‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान


यूनिवर्सिटी ने कहा कि हम सभी संगठन और अन्य लोगों से कहना चाहेंगे कि अगर हमारे विश्वविद्यालय के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी किसी भी मंच के माध्यम से मिले, तो उसे साझा करने से पहले ये सत्यापित करें कि उसमें सत्यता है या नहीं। बिना सत्यापित किए हमारी यूनिवर्सिटी के संबंध में किसी भी जानकारी को साझा करने से बचें।
साथ ही, आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हम इस मुश्किल घड़ी में राष्ट्र के साथ खड़े हैं। इस घटना के संबंध में जो भी जांच हो रही है, उसमें हमारी तरफ से पूरी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, हम यह भी स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारे विश्वविद्यालय के सभी छात्र पूरी तरह से सिर्फ पढ़ाई में संलिप्त है।
यूनिवर्सिटी की तरफ से आधिकारिक बयान में जानकारी देते हुए कहा गया है कि अल फलाह ग्रुप 1997 से कई संस्थानों के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा है। अल फलाह यूनिवर्सिटी 2014 में अस्तित्व में आई थी, जिसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की तरफ से मान्यता भी प्राप्त है। वहीं, अल फलाह यूनिवर्सिटी में साल 2019 से मेडिकल की पढ़ाई कराई जा रही है।
साथ ही, अल फलाह यूनिवर्सिटी ने अपने आधिकारिक बयान में यह भी स्पष्ट किया कि हमारे यहां से मेडिकल की पढ़ाई करके निकलने वाले सभी छात्र आज की तारीख में देश-विदेश के मेडिकल संस्थानों में उच्च और गरिमापूर्ण पदों पर काबिज हैं।

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद
ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा । गौतमबुद्धनगर की इकोटेक-3 थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 4 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया है। यह गिरफ्तारी दिनांक 9 नवंबर 2025 को स्थानीय खुफिया तंत्र और बीट पुलिसिंग की सहायता से की गई। पुलिस का कहना है कि यह अभियान नशा तस्करी व नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान चिराग चौधरी उर्फ तनु, आकाश शर्मा और हरिओम शर्मा के रूप में हुई है।
तीनों आरोपी नॉलेज पार्क-5 क्षेत्र में सक्रिय थे और उसी इलाके से इन्हें दबोचा गया। प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये लोग बुलंदशहर जिले के रहने वाले हैं और लंबे समय से मादक पदार्थों की सप्लाई में शामिल थे।

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद
ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद


अभियुक्तों में पहले का नाम चिराग चौधरी उर्फ तनु है, जो ग्राम जलालपुर करीरा थाना शिकारपुर, बुलंदशहर का निवासी बताया जा रहा है। दूसरा अभियुक्त आकाश शर्मा भी जलालपुर करीरा का ही रहने वाला है, जबकि तीसरा अभियुक्त हरिओम शर्मा ग्राम निमचाना थाना अगौता, बुलंदशहर का निवासी है।
पुलिस ने इनके खिलाफ थाना इकोटेक-3 में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद 4 किलो 500 ग्राम गांजे की कीमत बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि वे आसपास के क्षेत्रों में गांजे की सप्लाई करते थे और युवाओं को निशाना बनाकर मादक पदार्थों की बिक्री की जाती थी।
पुलिस अब इनके नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहरी जांच कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्यवाहियां आगे भी लगातार जारी रहेंगी, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद

ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद

ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद
ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद

नई दिल्ली । देश की राजधानी को नशा तस्करों से मुक्त कराने और अवैध प्रवासियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी रेंज के सभी थाना क्षेत्रों में यह सघन अभियान चलाया। पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के इस व्यापक अभियान के लिए 30 टीमें बनाई गईं, जिनमें कुल 600 पुलिसकर्मी तैनात थे और इसका नेतृत्व डीसीपी द्वारका, पश्चिम और बाहरी जिलों के मार्गदर्शन में किया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि टीमों ने बिंदापुर, डाबरी, उत्तम नगर, मोहन गार्डन, तिलक नगर और निहाल विहार जैसे क्षेत्रों में सघन जांच की, जहां अनधिकृत रूप से कई विदेशी नागरिक रह रहे थे। गिरफ्तार किए गए 260 व्यक्तियों में 210 पुरुष शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में नाइजीरिया के सबसे ज्यादा नागरिक थे
इसके अलावा आइवरी कोस्ट, लाइबेरिया, सेनेगल, सिएरा लियोन, घाना, कैमरून और युगांडा के नागरिकों को भी पकड़ा गया।
गिरफ्तारी के दौरान कई अफ्रीकी नागरिकों के पास नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए।

ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद
ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद

उनके पास निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने वाले या समाप्त हो चुके वीजा-पासपोर्ट पाए गए। इस संबंध में अपराधियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम और 14सी विदेशी अधिनियम के तहत 26 मामले दर्ज किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, अवैध रूप से विदेशी नागरिकों को किराए पर मकान देने वाले 25 से ज्यादा मकान मालिकों की पहचान की गई है और उनके खिलाफ भी उचित कानूनी धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि सत्यापन के बाद वैध दस्तावेज वाले कुछ अफ्रीकी नागरिकों को रिहा कर दिया गया।
नशे और अवैध प्रवासियों की इस दोहरी बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस का यह सख्त रुख एक बड़ी सफलता है। दस्तावेजों का सत्यापन और आगे की मामला पंजीकरण प्रक्रिया जारी है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और आगे भी जारी रहेगी, जिनके पास भी सही दस्तावेज पाए जाएंगे, उन नागरिकों को छोड़ दिया जाएगा।

दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद

दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद

दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद
दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड (एएटीएस) टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने दो कुख्यात वाहन चोरों को गिरफ्तार किया, जिनकी निशानदेही पर छह चोरी की स्कूटी और दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस कार्रवाई से जिले में हुई 10 वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। गिरफ्तारी तकनीकी और मैन्युअल निगरानी के साथ 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच के बाद संभव हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित उर्फ बोना (36 वर्ष), निवासी कैलाशपुरी, पालम कॉलोनी, दिल्ली और पंकज उर्फ डाबरा (33 वर्ष), निवासी इसराइल कैंप, रंगपुरी पहाड़ी, दिल्ली, के रूप में हुई है। दोनों अपराधी जिले के अलग-अलग सब-डिवीजन में सक्रिय थे। रोहित दिल्ली कैंट क्षेत्र में और पंकज वसंत कुंज क्षेत्र में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
हाल के दिनों में दक्षिण-पश्चिम जिले में दोपहिया वाहनों की चोरी की घटनाएं बढ़ने पर एएटीएस टीम को सक्रिय किया गया। टीम को चोरी स्थलों का दौरा करने, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने और संदिग्धों की पहचान करने का निर्देश दिया गया। इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व में एएसआई प्रवीण, जयपाल, धर्मेंद्र, विनोद कुमार, हेड कांस्टेबल मोहित, नरेंद्र, रविंदर, देवेंद्र, प्रशांत, मनोज मोरल और कांस्टेबल प्रवीण की विशेष टीम गठित की गई। एसीपी ऑपरेशंस विजय पाल सिंह तोमर के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया।

दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद
दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद


300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान हुई। 10-11 नवंबर 2025 की मध्यरात्रि को छापेमारी की गई। रोहित उर्फ बोना को ब्रह्मपुरी सागरपुर से एक चोरी की स्कूटी के साथ पकड़ा गया, जो ई-एफआईआर नंबर 029891/25 (सेक्शन 305(बी) बीएनएस, थाना पश्चिम विहार) से संबंधित थी। इसी तरह, पंकज उर्फ डाबरा को बंगाली टोला पार्क, रंगपुरी पहाड़ी से टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी के साथ गिरफ्तार किया गया, जो ई-एफआईआर नंबर 024991/25 (थाना वसंत कुंज दक्षिण) की थी।
आरोपियों की निशानदेही पर आगे बरामदगी हुई। रोहित से शकुंतला अस्पताल के पास नाला रोड से दो स्कूटी और पंखा रोड जनकपुरी पेट्रोल पंप से एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। पंकज से अर्जुन कैंप महिपालपुर से दो स्कूटी और एक मोटरसाइकिल मिली। कुल 8 वाहन बरामद हुए, जिनसे 10 मामले सुलझे।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी पुराना रहा है और वे कई मामलों में वांछित हैं। रोहित उर्फ बोना ने 2013 में आत्माराम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया, लेकिन नौकरी न मिलने पर शरारती तत्वों के संपर्क में आया। शराब और गांजा की लत लगी, फिर जनरल स्टोर से चोरी शुरू की और वाहन चुराने लगा। चोरी के बाद वाहनों में ईंधन भरवाकर लावारिस छोड़ देता था। वह पहले 15 मामलों (चोरी, एमवीटी, आर्म्स एक्ट) में शामिल रहा है।
वहीं, पंकज उर्फ डाबरा 7वीं तक पढ़ा, परिवार की गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ी। दिल्ली आकर मजदूरी की, लेकिन गांजा और स्मैक की लत लग गई। जरूरतों के लिए मोबाइल और वाहन चोरी शुरू की। वह 16 मामलों (चोरी, आर्म्स एक्ट, एमवीटी, हत्या का प्रयास) में वांछित था।