ढोलावास श्मशान घाट का रास्ता दुरुस्त, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

ढोलावास श्मशान घाट का रास्ता दुरुस्त, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

ढोलावास श्मशान घाट का रास्ता दुरुस्त, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
ढोलावास श्मशान घाट का रास्ता दुरुस्त, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

लालसोट। ग्राम पंचायत प्रशासन ने ढोलावास श्मशान घाट जाने वाले मार्ग को दुरुस्त कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। लगातार बारिश से यह रास्ता पूरी तरह से खराब हो गया था। जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ भर जाने से शवयात्राओं के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार तो अंतिम यात्रा के समय शव उठाकर ले जाने वालों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा, जिससे परिजनों को मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी।
मीडिया प्रभारी मोतीलाल शाहजहांनपुरा ने बताया कि समस्या को देखते हुए सरपंच प्रतिनिधि बाबूलाल मीणा को अवगत कराया गया। शिकायत मिलते ही पंचायत प्रशासन हरकत में आया और जेसीबी मशीन की मदद से रास्ते की मरम्मत कराई गई।

ढोलावास श्मशान घाट का रास्ता दुरुस्त, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
ढोलावास श्मशान घाट का रास्ता दुरुस्त, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

इससे अब शवयात्राओं के लिए श्मशान घाट तक सुगम मार्ग उपलब्ध हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से रास्ते की समस्या बनी हुई थी, जो बरसात में और विकराल हो गई थी। ऐसे में शवयात्राओं के दौरान अंतिम संस्कार के लिए जाना बेहद कठिन हो गया था। प्रशासन की पहल से अब लोगों को राहत मिली है।
ग्रामीणों ने भविष्य में इस रास्ते को पक्का करवाने की भी मांग रखी, ताकि बरसात या अन्य मौसम में दुबारा परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंचायत प्रशासन स्थायी समाधान की दिशा में भी कदम उठाएगा।
दुरुस्त हुए मार्ग के बाद अब ग्रामीणों को श्मशान घाट जाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सम्मानजनक ढंग से संपन्न हो सकेगी।

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया

मेरठ । उत्तर प्रदेश पुलिस त्योहारों के बीच आपत्तिजनक कमेंट और पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रख रही है। इसी क्रम में मेरठ में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में युवक को पकड़ा गया है। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय तुषार चौहान के रूप में हुई है, जो थाना गंगानगर क्षेत्र के गंगा ग्रीन सिटी फेस-2 का निवासी है। यह घटना 30 सितंबर को सामने आई, जब तुषार चौधरी के इंस्टाग्राम आईडी से एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में कथित तौर पर ‘पैगंबर’ और ‘अल्लाह’ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। वीडियो के वायरल होने के बाद फरदीन नाम के व्यक्ति ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और आरोपी तुषार चौहान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया, जिससे वीडियो पोस्ट किया गया था।

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया

मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो में युवक की तरफ से अभद्र टिप्पणियां की गई थीं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है।
यह मामला ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर को लेकर विवाद है। नवरात्रि के बीच पिछले कुछ हफ्तों में राज्य के कई अलग-अलग हिस्सों में यह पोस्टर देखे गए। विशेष रूप से बरेली में पोस्टर विवाद के बीच हंगामा हुआ था, जहां स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
बरेली के अलावा कानपुर, उन्नाव, औरेया और महराजगंज जैसे इलाकों में पोस्टर नजर आए। ‘आई लव मोहम्मद’ पर विवाद उस समय और बढ़ा, जब जगह-जगह हिंदू पक्ष की तरफ से ‘आई लव महादेव’ के पोस्टर जारी हुए। फिलहाल, पुलिस सोशल मीडिया पर किए जाने वाले आपत्तिजनक कमेंट और पोस्ट को लेकर सतर्क है।

16 चक्का ट्रक से 96 लाख रुपये कीमत के डोडा चूरा और अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार

16 चक्का ट्रक से 96 लाख रुपये कीमत के डोडा चूरा और अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार

16 चक्का ट्रक से 96 लाख रुपये कीमत के डोडा चूरा और अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार
16 चक्का ट्रक से 96 लाख रुपये कीमत के डोडा चूरा और अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार

जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। एजीटीएफ की विशेष टीम की सूचना पर नसीराबाद इलाके में पुलिस ने नाकाबंदी कर एक 16 चक्का ट्रक को जब्त किया, जिसमें 93.75 लाख रुपये कीमत का 625 किलो से अधिक डोडा चूरा और लगभग 3 लाख रुपये की 645 ग्राम अफीम बरामद की गई है। खुफिया इनपुट पर कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के निर्देशन, उपमहानिरीक्षक पुलिस दीपक भार्गव के सुपरविजन और एएसपी सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीम जिसमें हेड कांस्टेबल महावीर सिंह और महेश सोमरा शामिल थे, को लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाया गया था।
इसी दौरान महावीर सिंह को सूचना मिली कि नोखा निवासी ट्रक ड्राइवर आईदान राम लगातार मध्य प्रदेश से भारी मात्रा में डोडा चूरा की तस्करी कर रहा है। जिसकी तकनीकी सहायता और खुफिया जानकारी के आधार पर पुष्टि हुई कि आरोपी तस्कर भारी खेप लेकर अजमेर के नसीराबाद इलाके में आने वाला है।
24 घंटे में नाकाबंदी में दबोचा
सूचना की पुष्टि होते ही नसीराबाद थाना पुलिस को अलर्ट किया गया और तुरंत नाकाबंदी कराई गई। पुलिस ने ट्रक को रुकवाकर उसकी तलाशी ली। ट्रक के अंदर 36 कट्टों में छिपाकर रखा गया 625 किलो 600 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ। इसके अलावा ट्रक ड्राइवर के पास से 645 ग्राम अफीम भी जब्त की गई।

16 चक्का ट्रक से 96 लाख रुपये कीमत के डोडा चूरा और अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार
16 चक्का ट्रक से 96 लाख रुपये कीमत के डोडा चूरा और अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार


पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी तस्कर आईदान राम जाट (47) पुत्र गंगाराम निवासी नोखा बीकानेर को गिरफ्तार कर लिया है। जब्त किए गए मादक पदार्थों की कुल कीमत बाजार में करीब 96 लाख रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी से पुलिस द्वारा अब इस अवैध कारोबार की फंडिंग, खरीद-फरोख्त और तस्करी में शामिल अन्य व्यक्तियों के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।
एजीटीएफ का 7 महीनों का रिकॉर्ड: ₹15 करोड़ की तस्करी ध्वस्त
यह उल्लेखनीय है कि एएसपी शर्मा के नेतृत्व में कार्यरत एजीटीएफ की यह टीम पिछले 7 महीनों में ही लगभग 15 करोड़ रुपये कीमत का 100 क्विंटल से अधिक डोडा चूरा तस्करों से बरामद कर चुकी है। इससे पहले टीम ने दौसा, चाकसू और नागौर जैसे क्षेत्रों में भी मादक पदार्थों की बड़ी खेप को सफलतापूर्वक पकड़ा है।
एएसपी शर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में एजीटीएफ के हेड कांस्टेबल महेश सोमरा और महावीर सिंह की विशेष भूमिका रही, वहीं एएसआई शंकर दयाल शर्मा का तकनीकी सहयोग रहा। इस टीम में शामिल एसआई प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल हेमन्त शर्मा और कांस्टेबल देवेन्द्र, जितेंद्र, गंगाराम, गोपाल धाभाई, विजय और चालक दिनेश शर्मा का भी सराहनीय सहयोग रहा। थाना नसीराबाद पुलिस के अलावा बीकानेर के नोखा में तैनात कांस्टेबल तेजाराम कि इस कार्रवाई में तकनीकी और विशेष भूमिका रही।

दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार

दिल्ली में गोल्डी बराड़ गैंग के बदमाशों से मुठभेड़, घायल दो बदमाश गिरफ्तार

दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार
दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली के जैतपुर-कालिंदी कुंज रोड पर गुरुवार सुबह दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक मुठभेड़ के बाद रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़ और वीरेंद्र चारण के संगठित गैंग के दो खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल (पानीपत, हरियाणा) और साहिल (भिवानी, हरियाणा) के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान दोनों अपराधी घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, राहुल दिसंबर 2024 में हरियाणा के यमुनानगर में हुए तिहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। अपनी पहचान छिपाकर वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
दोनों अपराधी विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़ और वीरेंद्र चारण के इशारों पर काम कर रहे थे। ये एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की हत्या की साजिश रच रहे थे और इसके लिए मुंबई व बेंगलुरु में अपने टारगेट की रेकी कर चुके थे।

दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार
दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार


स्पेशल सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों अपराधी जैतपुर-कालिंदी कुंज रोड पर मौजूद हैं। पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की और अपराधियों को आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन दोनों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में स्पेशल सेल की टीम ने भी गोली चलाई।
इस मुठभेड़ में राहुल और साहिल घायल हो गए। पुलिस ने मौके से अपराधियों के हथियार और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास और संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में केस दर्ज किया है। फिलहाल घटनास्थल से जब्त हथियारों और मोटरसाइकिल की जांच की जा रही है।
दिल्ली पुलिस इस मामले में गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। यह गिरफ्तारी गोल्डी बराड़ गैंग के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।

मुंबई में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, तीन महिलाएं गिरफ्तार

मुंबई में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, तीन महिलाएं गिरफ्तार

मुंबई में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, तीन महिलाएं गिरफ्तार
मुंबई में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, तीन महिलाएं गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई के वीपी रोड पुलिस ने एक हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इन पर 46 वर्षीय व्यवसायी को फंसाकर उससे 35,000 रुपये की उगाही करने का आरोप है। इस मामले में एक अन्य महिला फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार महिलाओं को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, दक्षिण मुंबई में महिलाओं द्वारा संचालित यह हनीट्रैप गिरोह कई जबरन वसूली की घटनाओं में शामिल है। मामला जलगांव के एक व्यवसायी से जुड़ा है, जो काम के सिलसिले में मुंबई आया था। 30 सितंबर को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के बाहर एक महिला ने उससे संपर्क किया और 500 रुपये में यौन सेवाएं देने का झांसा दिया। व्यवसायी के सहमत होने पर वह उसे टैक्सी से गिरगांव के भारत भवन होटल के पास एक इमारत में ले गई। वहां पहले से मौजूद एक अन्य महिला ने व्यवसायी से कपड़े उतारने को कहा।

मुंबई में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, तीन महिलाएं गिरफ्तार
मुंबई में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, तीन महिलाएं गिरफ्तार

जैसे ही उसने अपना फोन निकाला, महिला ने चिल्लाकर उस पर वीडियो रिकॉर्डिंग का आरोप लगाया। तभी तीन अन्य महिलाएं कमरे में घुस आईं और उसका फोन जबरन अनलॉक करवाकर एक मोबाइल ऐप के जरिए 22,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद उन्होंने उसे सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की धमकी देकर उसके बटुए से 13,000 रुपये नकद भी छीन लिए और चुप रहने की चेतावनी दी।
डर के कारण व्यवसायी पहले चुप रहा, लेकिन बाद में उसने वीपी रोड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने ऑनलाइन ट्रांसफर की पुष्टि की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन महिलाओं, माजिदा नूर सरदार गाझी (35), रूपा विश्वनाथ दास (47) और नसिम्मा जमान शेख (38) को गिरफ्तार किया।
पुलिस उपायुक्त (जोन 2) मोहित गर्ग ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस को शक है कि यह गिरोह अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बना चुका है। कई पीड़ित सामाजिक डर के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराते। पुलिस अब जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह किसी बड़े उगाही रैकेट का हिस्सा है।

केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा डीए

केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा डीए

केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा डीए
केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा डीए

नई दिल्ली । नए महीने की शुरुआत के साथ ही फेस्टिव सीजन में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों को दिवाली का तोहफा दे दिया है। कैबिनेट की बैठक में लिए फैसले के तहत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ा दिया गया है। महंगाई भत्ते को लेकर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है, जिसके बाद महगांई भत्ता कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का 58 प्रतिशत हो गया है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए यह बढ़ा हुए डीए इस वर्ष के 1 जुलाई से प्रभावी होगा। केंद्र सरकार के इस फैसले से करीब 49.19 लाख कर्मचारियों और 68.72 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। यह बढ़ोतरी स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार की गई है, जो 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है। अमूमन सरकार की ओर से महंगाई भत्ते को लेकर बढ़ोतरी का एलान फेस्टिव सीजन के दौरान ही होता है। केंद्र की ओर से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दी जाती है।

केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा डीए
केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा डीए

केंद्रीय कैबिनेट की ओर से इससे पहले इस वर्ष की शुरुआत 1 जनवरी 2025 को महंगाई भत्ते और महंगाई राहत (डीआर) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। इस बढ़ोतरी का करीब 1.15 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगी को फायदा मिला था। सरकार द्वारा इस बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता बैसिक सैलरी के 55 प्रतिशत हो गया था। यह बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर तय फॉर्मूले के तहत की गई थी।
डीए 58 प्रतिशत होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों को भत्ते के तौर पर कितने रुपए मिलेंगे इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपए है तो उन्हें महंगाई भत्ते के रूप में अभी तक 27,500 रुपए मिलते होंगे। डीए में इस वर्तमान बढ़ोतरी के बाद यही राशि 29,000 रुपए हो जाएगी। यानी 50 हजार रुपए की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को इस बढ़ोतरी से कुल 1500 रुपए अधिक मिलेंगे। यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में देखी जाएगी।
कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर की बकाया राशि अक्टूबर की सैलरी के साथ ही दिया जाएगा।

केंद्र से ₹20,000 करोड़ की मांग पर अड़ी पंजाब सरकार, SDRF फंड के आंकड़ों को बताया भ्रामक

केंद्र से ₹20,000 करोड़ की मांग पर अड़ी पंजाब सरकार, SDRF फंड के आंकड़ों को बताया भ्रामक

केंद्र से ₹20,000 करोड़ की मांग पर अड़ी पंजाब सरकार, SDRF फंड के आंकड़ों को बताया भ्रामक
केंद्र से ₹20,000 करोड़ की मांग पर अड़ी पंजाब सरकार, SDRF फंड के आंकड़ों को बताया भ्रामक

पंजाब। पंजाब विधान सभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ राहत के मुद्दे पर केंद्र सरकार के रवैये को लेकर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य अपने हक की मांग कर रहा है, भीख नहीं। मान ने विधानसभा में पिछले 25 वर्षों के SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) के पूरे आंकड़े सदन के समक्ष रखते हुए केंद्र के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र द्वारा SDRF में ₹12,000 करोड़ पड़े होने का दावा पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है। मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल सहित पिछले 25 सालों में राज्य को SDRF के तहत कुल मिलाकर केवल ₹6,190 करोड़ ही प्राप्त हुए है। इसमें से अधिकांश राशि पहले ही विभिन्न आपदाओं – बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में खर्च हो चुकी है। वर्तमान में SDRF खाते में केवल लगभग ₹1,200 करोड़ ही शेष बचे है, जो इस विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए नाकाफी है। 2025 अगस्त में आई भयंकर बाढ़ ने पंजाब के लगभग 1,400 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया और चार लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए। राज्य के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में व्यापक तबाही हुई, जिसमें हजारों एकड़ खड़ी फसलें नष्ट हो गई। गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों का भारी नुकसान हुआ। किसान संगठनों के अनुसार, लगभग 75,000 किसान परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गए है और उन्हें तत्काल राहत की सख्त ज़रूरत है।
राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बाढ़ से हुए कुल नुकसान का अनुमान ₹13,800 करोड़ है। इसमें कृषि क्षति, बुनियादी ढांचे को नुकसान, सड़कों और पुलों की क्षति, बिजली और पानी की आपूर्ति व्यवस्था को हुए नुकसान को शामिल किया गया है। हालांकि, राज्य सरकार का मानना है कि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है क्योंकि कई दूरदराज के इलाकों में अभी भी सर्वेक्षण का काम चल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने केंद्र से ₹20,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की मांग की है।

केंद्र से ₹20,000 करोड़ की मांग पर अड़ी पंजाब सरकार, SDRF फंड के आंकड़ों को बताया भ्रामक
केंद्र से ₹20,000 करोड़ की मांग पर अड़ी पंजाब सरकार, SDRF फंड के आंकड़ों को बताया भ्रामक


केंद्र सरकार ने अब तक केवल ₹1,600 करोड़ की राशि स्वीकृत की है, जिसे राज्य सरकार और विपक्षी दलों ने “समुंद्र में बूंद” करार दिया है। केंद्र की ओर से यह भी सुझाव दिया गया कि राज्य SDRF में पड़े ₹12,000 करोड़ के फंड का उपयोग करे। इस पर मुख्यमंत्री मान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दावा “फ़िज़ूल कल्पना” और “अंकों की बाज़ीगरी” से ज़्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि SDRF का पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रख दिया गया है और कोई भी इसे जांच सकता है।
विधानसभा में अपने भाषण में मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “हम केंद्र से भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपने हक की मांग कर रहे हैं। GST के तहत राज्य का ₹50,000 करोड़ से अधिक रुका हुआ है, ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए ₹8,000 करोड़ से अधिक अटका पड़ा है। ऐसे में आपदा के समय राज्य को उचित मदद न देना और भ्रामक आंकड़े पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने केंद्र से अपील की कि आपदा प्रबंधन जैसे संवेदनशील मामले में राजनीति को बीच में न लाया जाए और संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया जाए।
राज्य सरकार ने अपने स्तर पर राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी है। प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता देने के लिए राज्य के संसाधनों से ही शुरुआती मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता राशि वितरित की जा रही है। हालांकि, राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि बिना केंद्र की पर्याप्त मदद के इस विशाल आपदा से निपटना संभव नहीं होगा। पंजाब सरकार ने केंद्र से एक बार फिर अपील की है कि वे तत्काल ₹20,000 करोड़ के राहत पैकेज को मंजूरी दें ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।

स्कॉर्पियो से टक्कर मार कर व्यापारी का अपहरण, मारपीट के बाद 36 हजार की वसूली फिरौती

स्कॉर्पियो से टक्कर मार कर व्यापारी का अपहरण, मारपीट के बाद 36 हजार की वसूली फिरौती

स्कॉर्पियो से टक्कर मार कर व्यापारी का अपहरण, मारपीट के बाद 36 हजार की वसूली फिरौती
स्कॉर्पियो से टक्कर मार कर व्यापारी का अपहरण, मारपीट के बाद 36 हजार की वसूली फिरौती

चूरू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर दो मुख्य अभियुक्तों को दबोचा; स्कॉर्पियो और बाइक जब्त, अन्य साथियों की तलाश जारी चूरू। चूरू पुलिस ने अपहरण और फिरौती के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों ने एक कार को टक्कर मारी, पीछा करने पर व्यवसायी का अपहरण किया, फिर आंखों पर पट्टी बांधकर अज्ञात जगह ले जाकर उसके साथ मारपीट की और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए 36 हजार रुपये की फिरौती वसूली। जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव आईपीएस ने बताया कि यह वारदात 24 सितंबर 2025 को हुई। पीड़ित अनिल कुमार जो अमरसर ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक हैं ने साण्डवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार कातर छोटी बस स्टैंड पर एक स्कॉर्पियो चालक ने जानबूझकर उनकी ऑल्टो कार को टक्कर मारी।
जब व्यापारी अनिल ने टक्कर मारने वाली स्कॉर्पियो का पीछा किया, तो उसमें सवार 6-7 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और जबरन गाड़ी से उतार कर अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद बदमाश उन्हें किसी सुनसान जगह ले गए, बुरी तरह से पीटा और जान से मारने की धमकी दे परिजनों से फिराती मांगी और ₹36,000 की राशि ऑनलाइन अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।

स्कॉर्पियो से टक्कर मार कर व्यापारी का अपहरण, मारपीट के बाद 36 हजार की वसूली फिरौती
स्कॉर्पियो से टक्कर मार कर व्यापारी का अपहरण, मारपीट के बाद 36 हजार की वसूली फिरौती

अगली सुबह मोटरसाइकिल पर बैठाकर साजनसर गांव की रोही में पटक कर फरार हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अति. पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार और वृताधिकारी प्रहलाद राय के निर्देशन में साण्डवा थानाधिकारी जयप्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। गहन छानबीन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम ने वारदात में शामिल दो मुख्य आरोपियों हंसराज जाट पुत्र मोहन लाल (24) और भैरू सिंह पुत्र करणी सिंह राजपूत (38) निवासी लिखमीसर थाना शेरुणा बीकानेर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने फिरौती में प्रयुक्त स्कॉर्पियो और मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों को मंगलवार 30 सितंबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह में शामिल अन्य फरार सदस्यों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी में हेड कांस्टेबल महावीर सिंह की अहम भूमिका रही।

दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार

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दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार
दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार

नई दिल्ली । दक्षिण-पश्चिम जिले के संजय वन किशनगढ़ के पास अरुणा आसफ अली रोड पर बुधवार सुबह 6:15 बजे दिल्ली पुलिस की ऑपरेशन सेल और दो अपराधियों के बीच गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हो गया, जबकि दूसरे को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। दक्षिण-पश्चिम जिले की विशेष स्टाफ टीम, प्रभारी निरीक्षक विजय बालियान के नेतृत्व में, गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई कर रही थी। पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों, अरमान (26 वर्ष) और बशीर (24 वर्ष), दोनों जेजे कॉलोनी, बवाना के निवासियों, को रोकने की कोशिश की। पुलिस को देखकर अपराधियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें अरमान के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहीं, बशीर को एक अवैध बंदूक और जिंदा कारतूस के साथ मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार
दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार


मुठभेड़ के दौरान अरमान द्वारा चलाई गई एक गोली एक पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, लेकिन किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। घटनास्थल पर अपराध शाखा और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीमों को बुलाया गया, जिन्होंने साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। अरमान पर लूट, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के तहत 50 से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि बशीर भी कई अपराधों में शामिल रहा है। इस घटना के बाद थाना किशनगढ़ में हत्या के प्रयास, अवैध हथियार और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की गहन जांच कर रही है। यह मुठभेड़ दिल्ली पुलिस की अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। स्थानीय लोग इस घटना से सकते में हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है।

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया

मेरठ । उत्तर प्रदेश पुलिस त्योहारों के बीच आपत्तिजनक कमेंट और पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रख रही है। इसी क्रम में मेरठ में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में युवक को पकड़ा गया है। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय तुषार चौहान के रूप में हुई है, जो थाना गंगानगर क्षेत्र के गंगा ग्रीन सिटी फेस-2 का निवासी है। यह घटना 30 सितंबर को सामने आई, जब तुषार चौधरी के इंस्टाग्राम आईडी से एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में कथित तौर पर ‘पैगंबर’ और ‘अल्लाह’ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। वीडियो के वायरल होने के बाद फरदीन नाम के व्यक्ति ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और आरोपी तुषार चौहान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया, जिससे वीडियो पोस्ट किया गया था।

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया


मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो में युवक की तरफ से अभद्र टिप्पणियां की गई थीं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है।
यह मामला ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर को लेकर विवाद है। नवरात्रि के बीच पिछले कुछ हफ्तों में राज्य के कई अलग-अलग हिस्सों में यह पोस्टर देखे गए। विशेष रूप से बरेली में पोस्टर विवाद के बीच हंगामा हुआ था, जहां स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
बरेली के अलावा कानपुर, उन्नाव, औरेया और महराजगंज जैसे इलाकों में पोस्टर नजर आए। ‘आई लव मोहम्मद’ पर विवाद उस समय और बढ़ा, जब जगह-जगह हिंदू पक्ष की तरफ से ‘आई लव महादेव’ के पोस्टर जारी हुए। फिलहाल, पुलिस सोशल मीडिया पर किए जाने वाले आपत्तिजनक कमेंट और पोस्ट को लेकर सतर्क है।