बिहार विधानसभा चुनाव : भाकपा-माले ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, दो चरणों में 20 सीटों पर उतारे उम्मीदवार

बिहार विधानसभा चुनाव : भाकपा-माले ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, दो चरणों में 20 सीटों पर उतारे उम्मीदवार

बिहार विधानसभा चुनाव : भाकपा-माले ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, दो चरणों में 20 सीटों पर उतारे उम्मीदवार
बिहार विधानसभा चुनाव : भाकपा-माले ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, दो चरणों में 20 सीटों पर उतारे उम्मीदवार

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन के घटक दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने आगामी चुनाव के दोनों चरणों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा एक साथ की है। कुल 20 सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए हैं, जिनमें अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग दोनों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
पहले चरण के तहत भाकपा-माले ने 14 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं। इनमें भोरे, जीरादेई, दरौली, दरौंडा, कल्याणपुर, वारिसनगर, राजगीर, दीघा और फुलवारी जैसी प्रमुख सीटें शामिल हैं। घोषित उम्मीदवारों में भोरे विधानसभा सीट से धनंजय, जीरादेई से अमरजीत कुशवाहा, दरौली से सत्यदेव राम, दरौंडा से अमरनाथ यादव, कल्याणपुर से रंजीत कुमार राम, वारिसनगर से फूलबाबू सिंह, राजगीर से विश्वनाथ चौधरी, दीघा से दिव्या गौतम, फुलवारी से गोपाल रविदास, पालीगंज से संदीप सौरभ, आरा से क्यामुदीन अंसारी, अगिआंव से शिव प्रकाश रंजन, तरारी से मदन सिंह और डुमरांव से अजीत कुमार सिंह शामिल हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव : भाकपा-माले ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, दो चरणों में 20 सीटों पर उतारे उम्मीदवार
बिहार विधानसभा चुनाव : भाकपा-माले ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, दो चरणों में 20 सीटों पर उतारे उम्मीदवार


पहली सूची में घोषित उम्मीदवारों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। हालांकि, भोरे सीट से भाकपा-माले टिकट पर जितेंद्र पासवान ने भी नामांकन किया है, लेकिन पार्टी ने धनंजय को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है।
बता दें कि पहले चरण के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर थी।
भाकपा-माले ने फेज-2 में पार्टी ने कुल 6 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय किए हैं। सिकटा विधानसभा सीट से वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि पिपरा (सुपौल) से अनिल कुमार, बलरामपुर से महबूब आलम, करकट से अरुण सिंह, अरवल से महानंद सिंह और घोसी में राम बली सिंह यादव को टिकट दिया गया है।
गौरतलब है कि भाकपा-माले बिहार में महागठबंधन में शामिल कांग्रेस-राजद के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। हालांकि, इन दलों में अभी तक सीट बंटवारे के लिए आखिरी फैसला नहीं हुआ है। यही कारण है कि पहले चरण की कई सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों के उम्मीदवारों की दोस्ताना लड़ाई है।

अमृतसर-सहरसा गरीब रथ में आग : सरहिंद स्टेशन के पास 19 नंबर AC बोगी में शॉर्ट सर्किट, यात्री बाल-बाल बचे

अमृतसर-सहरसा गरीब रथ में आग : सरहिंद स्टेशन के पास 19 नंबर AC बोगी में शॉर्ट सर्किट, यात्री बाल-बाल बचे

अमृतसर-सहरसा गरीब रथ में आग : सरहिंद स्टेशन के पास 19 नंबर AC बोगी में शॉर्ट सर्किट, यात्री बाल-बाल बचे
अमृतसर-सहरसा गरीब रथ में आग : सरहिंद स्टेशन के पास 19 नंबर AC बोगी में शॉर्ट सर्किट, यात्री बाल-बाल बचे

लुधियाना/अमृतसर | पंजाब के सरहिंद स्टेशन के पास शनिवार सुबह अमृतसर से सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12204) में अचानक आग लग गई। यह आग AC बोगी नंबर 19 में शॉर्ट सर्किट के चलते भड़की, जिससे ट्रेन में अफरातफरी मच गई।
बोगी में सफर कर रहे एक यात्री ने धुआं उठते ही ट्रेन की चेन खींच दी, जिससे ट्रेन रुक गई। इसके बाद यात्रियों ने जैसे-तैसे बाहर निकलकर जान बचाई। कई यात्री अपना सामान पीछे छोड़कर प्लेटफॉर्म और ट्रैक की ओर भागे। भगदड़ के दौरान कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं, जबकि एक व्यक्ति को गंभीर चोटें बताई जा रही हैं। रेलवे और फायर ब्रिगेड की टीमें सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। बोगी नंबर 19 पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जबकि बोगी नंबर 18 को भी नुकसान हुआ है।

अमृतसर-सहरसा गरीब रथ में आग : सरहिंद स्टेशन के पास 19 नंबर AC बोगी में शॉर्ट सर्किट, यात्री बाल-बाल बचे
अमृतसर-सहरसा गरीब रथ में आग : सरहिंद स्टेशन के पास 19 नंबर AC बोगी में शॉर्ट सर्किट, यात्री बाल-बाल बचे


रेलवे ने बयान जारी कर कहा है कि इस घटना में किसी यात्री की मौत या गंभीर जनहानि नहीं हुई है। अंबाला डिवीजन के डीआरएम मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जली हुई बोगी को ट्रेन से अलग कर दिया गया और ट्रेन को अंबाला स्टेशन भेजा गया, जहां नए कोच जोड़े जाएंगे।
इस ट्रेन में लुधियाना, जालंधर और अमृतसर के कई व्यापारी और परिवार सवार थे जो बिहार जा रहे थे। यात्रियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। “हमने बच्चों को पहले बाहर निकाला, फिर किसी तरह उतर पाए,” एक यात्री ने बताया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, शॉर्ट सर्किट की जांच के लिए एक तकनीकी टीम गठित की गई है। प्रारंभिक जांच में अनुमान है कि एसी यूनिट के वायरिंग सिस्टम में गड़बड़ी से यह हादसा हुआ।

युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा एयरस्ट्राइक, तीन अफगानी क्रिकेटर समेत 8 की मौत

युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा एयरस्ट्राइक, तीन अफगानी क्रिकेटर समेत 8 की मौत

युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा एयरस्ट्राइक, तीन अफगानी क्रिकेटर समेत 8 की मौत
युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा एयरस्ट्राइक, तीन अफगानी क्रिकेटर समेत 8 की मौत

नई दिल्ली। पाकिस्तान ने युद्धविराम खत्म होते ही अफगानिस्तान के ऊपर भीषण एयरस्ट्राइक किया है। इस हमले में अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के तीन खिलाड़ियों समेत आठ लोगों की मौत हो गई है।
बता दें कि दोनों पक्षों के बीच 48 घंटे तक युद्धविराम समझौते पर सहमति बनी थी। इस बीच स्थानीय मीडिया की तरफ से कहा जा रहा था कि दोहा में दोनों पक्षों के बीच बात हो सकती है, लेकिन इसकी आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई थी। इसी बीच, शुक्रवार की देर रात को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक कर दिया। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की धरती पर टीटीपी अपने नापाक इरादों को अंजाम दे रहा है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान तहरीक-ए- तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों को पनाह दे रहा है। हालांकि, अफगानिस्तान की तरफ से इस पर जवाब देते हुए इसे आंतरिक मामला बताया गया। इतना ही नहीं, अफगानिस्तान ने तो यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान आईएसआई के आतंकियों को पनाह दे रहा है।

युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा एयरस्ट्राइक, तीन अफगानी क्रिकेटर समेत 8 की मौत
युद्धविराम खत्म होते ही पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर बड़ा एयरस्ट्राइक, तीन अफगानी क्रिकेटर समेत 8 की मौत

साल 2021 में जब तालिबान ने अफगानिस्तान के ऊपर कब्जा किया था, उस वक्त पाकिस्तान को बहुत खुशी हो रही थी। उसे लग रहा था तालिबान पाकिस्तान और आईएसआई के इशारे पर चलेगा। यही कारण था कि उस वक्त तालिबान के 100 से ज्यादा कैदियों को पाकिस्तान ने रिहा कर दिया था।
हालांकि, तालिबान ने पाकिस्तान और आईएसआई के इस विश्वास को बुरी तरह तोड़ दिया और यह संदेश दिया कि वह उनके इशारों पर नहीं चलेगा। पाकिस्तान और तालिबान के बीच कभी जो भाईचारा थी, वह अब नहीं रही।
आईएसआई ने अफगानिस्तान पर कब्जा करने में तालिबानियों की खूब मदद की थी। दरअसल, अफगानिस्तान और भारत के बीच काफी अच्छे संबंध रहे। अफगानिस्तान जब भी मुसीबत में था, भारत ने उसकी मदद की। ऐसे में पाकिस्तान साफ तौर पर अफगानिस्तान से भारत का प्रभाव कम करना चाहता था, लेकिन पाक और आईएसआई को पूरी बाजी उल्टी पड़ गई।
तालिबान के कब्जे के बाद भी अफगानिस्तान के साथ भारत के संबंध अच्छे हैं। हाल ही में तालिबानी विदेश मंत्री ने भारत का दौरा किया था, जिसने पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ा दी है।

जम्मू-कश्मीर: ऑपरेशन सिंदूर की प्रेरणा से महिलाओं ने बनाए विशेष दीपावली दीपक

जम्मू-कश्मीर: ऑपरेशन सिंदूर की प्रेरणा से महिलाओं ने बनाए विशेष दीपावली दीपक

जम्मू-कश्मीर: ऑपरेशन सिंदूर की प्रेरणा से महिलाओं ने बनाए विशेष दीपावली दीपक
जम्मू-कश्मीर: ऑपरेशन सिंदूर की प्रेरणा से महिलाओं ने बनाए विशेष दीपावली दीपक

जम्मू कश्मीर । हाल ही में भारतीय सेना की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ किए गए सफल सैन्य हवाई अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का रंग अब दीपावली के पर्व पर भी देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन की ‘उम्मीद स्कीम’ से जुड़ी महिलाएं इस ऑपरेशन से प्रेरित होकर विशेष प्रकार के दीपक बना रही हैं, जो न केवल पर्व की रौनक बढ़ाएंगे, बल्कि देशभक्ति का संदेश भी देंगे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शानदार सफलता ने पूरे देश में एक नया उत्साह और गर्व पैदा किया था, जिसका प्रभाव अब इन स्थानीय कारीगरों के हस्तशिल्प में झलक रहा है। ‘उम्मीद स्कीम’ के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं इन दीपकों को विशेष रूप से डिजाइन कर रही हैं।

जम्मू-कश्मीर: ऑपरेशन सिंदूर की प्रेरणा से महिलाओं ने बनाए विशेष दीपावली दीपक
जम्मू-कश्मीर: ऑपरेशन सिंदूर की प्रेरणा से महिलाओं ने बनाए विशेष दीपावली दीपक

इन विशेष दीपकों में ऑपरेशन सिंदूर की भावना को दर्शाने वाले डिजाइन और सिंदूरी रंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये दीपक ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
इस पहल से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि वे देश के गौरवशाली क्षणों से प्रेरणा लेकर अपने उत्पादों को नया रूप दे रही हैं। इन दीपकों की बिक्री से होने वाली आय से उन्हें आर्थिक संबल भी मिलेगा।
दीपक बनाने वाली रीमा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि हम लोग हर साल दीये बनाकर बिक्री करते हैं। इस बार वीर सैनिकों के सम्मान में हम लोग इस तरह के दीपक बना रहे हैं। ये दीपक हम उन सैनिकों को भी समर्पित करते हैं जिन्होंने हर परिस्थिति में देश और जम्मू-कश्मीर की रक्षा की है। हमारी सेनाएं हर समय हमारे रक्षक के रूप में तैयार रहती हैं।”
लवली ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि हम जो विशेष दीपक तैयार कर रहे हैं, उनका उद्देश्य हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सैनिकों के साहस को सम्मान देना है। पाकिस्तान ने हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को निशाना बनाया था। उनकी याद में हम यह दीपक तैयार कर रहे हैं ताकि हर घर में इन्हें जलाकर उनके प्रति श्रद्धा और आभार व्यक्त किया जा सके।

डॉ. के. के. खंडेलवाल बने WOSM एशिया-प्रशांत क्षेत्र की “स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी” के अध्यक्ष

डॉ. के. के. खंडेलवाल बने WOSM एशिया-प्रशांत क्षेत्र की “स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी” के अध्यक्ष

डॉ. के. के. खंडेलवाल बने WOSM एशिया-प्रशांत क्षेत्र की “स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी” के अध्यक्ष
डॉ. के. के. खंडेलवाल बने WOSM एशिया-प्रशांत क्षेत्र की “स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी” के अध्यक्ष

डॉ. के. के. खंडेलवाल की एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति: भारत के लिए गौरव का क्षण

गुरुग्राम से आई एक गर्व भरी खबर ने समूचे भारत में स्काउटिंग से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को उत्साहित कर दिया है। विश्व स्काउट मूवमेंट संगठन (World Organization of the Scout Movement – WOSM) के एशिया-प्रशांत क्षेत्र की “स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी” के अध्यक्ष के रूप में डॉ. के. के. खंडेलवाल (आईएएस, सेवानिवृत्त) की नियुक्ति भारत के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। डॉ. खंडेलवाल वर्तमान में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं और स्काउटिंग में उनका योगदान पाँच दशक से भी अधिक समय तक फैला हुआ है। इस लंबे और समर्पित सेवा कार्य के लिए उन्हें यह महत्त्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है, जो न केवल उनके लिए बल्कि भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता और विश्व पटल पर स्काउटिंग नेतृत्व में एक मजबूत उपस्थिति का प्रतीक है।

डॉ. के. के. खंडेलवाल की यह नियुक्ति इस मायने में भी विशेष है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र विश्व स्काउटिंग का सबसे बड़ा क्षेत्र है, जिसमें 33 देश और 3.7 करोड़ से अधिक स्काउट्स एवं स्वयंसेवक सक्रिय रूप से शामिल हैं। इस क्षेत्र की रणनीतिक दिशा, नवाचार, सुशासन और युवाओं के सशक्तिकरण की जिम्मेदारी अब भारत के एक अनुभवी और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता के हाथों में है। यह नियुक्ति भारत की उस उभरती भूमिका को भी दर्शाती है, जिसमें वह वैश्विक युवाओं के नेतृत्व और समाज सेवा की दिशा में एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरा है।

भारत में स्काउट्स एंड गाइड्स संगठन की वर्तमान सदस्यता 68 लाख से अधिक है, जो कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में इस संगठन को एक अग्रणी स्थान दिलाती है। इस संगठन की जड़ें गहरी हैं और यह देश भर में युवाओं को नैतिक शिक्षा, सेवा-भावना और नेतृत्व कौशल सिखाने का कार्य दशकों से करता आ रहा है। डॉ. खंडेलवाल, जो वर्ष 2017 से इस संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख हैं, ने इसे आधुनिक समय की आवश्यकताओं के अनुसार सशक्त और प्रासंगिक बनाने की दिशा में अनेक नवाचार किए हैं। उनकी अगुवाई में भारत स्काउट्स एंड गाइड्स ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपनाया, आपदा प्रबंधन में युवाओं को प्रशिक्षित किया और कोविड-19 जैसे संकट काल में सेवा कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई।

डॉ. खंडेलवाल ने इस नई ज़िम्मेदारी को स्वीकार करते हुए इसे “भारतीय स्काउटिंग के प्रत्येक सदस्य का सम्मान” बताया। उन्होंने कहा, “यह भारत की युवाशक्ति, उसके सेवा-भाव और समाज के प्रति उत्तरदायित्व के प्रति विश्व समुदाय के विश्वास का प्रतीक है। मैं यह दायित्व उन लाखों स्काउट्स और गाइड्स को समर्पित करता हूँ जो आज भी निस्वार्थ भाव से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु समर्पित हैं।” उनका यह भाव दर्शाता है कि वे इस कार्य को व्यक्तिगत उपलब्धि की तरह नहीं, बल्कि सामूहिक उत्तरदायित्व के रूप में देख रहे हैं, जो नेतृत्व की परिपक्वता और सेवा भावना की गहराई को दर्शाता है।

डॉ. के. के. खंडेलवाल बने WOSM एशिया-प्रशांत क्षेत्र की “स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी” के अध्यक्ष
डॉ. के. के. खंडेलवाल बने WOSM एशिया-प्रशांत क्षेत्र की “स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी” के अध्यक्ष

स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी की भूमिका एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह समिति संगठन के डिजिटल परिवर्तन, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की पूर्ति, युवा सशक्तिकरण, सुशासन, संस्थागत मजबूती, और सदस्य देशों के मध्य सहयोग को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियाँ तैयार करती है। इस कमेटी की अगुवाई भारत के एक अनुभवी प्रशासक के हाथों में होना न केवल हमारे लिए गर्व की बात है, बल्कि यह वैश्विक समुदाय के लिए भी संकेत है कि भारत अब केवल सहभागिता नहीं कर रहा, बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है।

डॉ. खंडेलवाल का प्रशासनिक अनुभव, स्काउटिंग में दशकों का योगदान और वैश्विक परिप्रेक्ष्य को समझने की क्षमता इस भूमिका में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने न केवल भारत में स्काउटिंग के विकास में उल्लेखनीय कार्य किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की उपस्थिति को मजबूत किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने WOSM की कई वैश्विक बैठकों में नीतिगत भूमिका निभाई है और कई अहम प्रस्तावों पर दिशा दी है।

इस नियुक्ति को लेकर भारत स्काउट्स एंड गाइड्स संगठन के विभिन्न प्रादेशिक कार्यालयों, राज्य इकाइयों, स्काउट मास्टर्स, गाइड कैप्टेंस और लाखों सदस्यों में अत्यंत उत्साह है। सोशल मीडिया और संगठन के आंतरिक नेटवर्क्स पर उन्हें बधाई संदेशों की बाढ़ आ गई है। यह नियुक्ति उन सभी कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई है, जो निःस्वार्थ भाव से स्काउटिंग की मूल भावना – “सेवा ही धर्म है” – को जीवंत रखते हैं।

साथ ही, यह नियुक्ति भारत के लिए एक अवसर भी है। अब जबकि डॉ. खंडेलवाल इस महत्त्वपूर्ण भूमिका में हैं, भारत अपनी श्रेष्ठ कार्यशैलियों, स्काउटिंग गतिविधियों और नवाचारों को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अन्य देशों के साथ साझा कर सकता है और उनसे सीख भी सकता है। यह द्विपक्षीय सहयोग स्काउटिंग को न केवल अधिक प्रभावशाली बनाएगा, बल्कि युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद, सहयोग और नेतृत्व का अवसर भी प्रदान करेगा।

निष्कर्षतः, डॉ. के. के. खंडेलवाल की स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति एक ऐतिहासिक कदम है, जो भारत की स्काउटिंग क्षमताओं, नेतृत्व योग्यता और वैश्विक सोच को प्रमाणित करता है। यह जिम्मेदारी न केवल उनके पांच दशकों के समर्पण का सम्मान है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण भी है कि यदि सेवा भाव, निष्ठा और दूरदृष्टि हो, तो कोई भी मंच छोटा नहीं होता। उनके नेतृत्व में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्काउटिंग नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी और भारत की भूमिका विश्व सेवा में और अधिक सशक्त होकर सामने आएगी। यह क्षण न केवल भारतीय स्काउटिंग के लिए, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गर्व का प्रतीक है।

सीएम रेखा गुप्ता ने कालिंदी कुंज घाट का किया दौरा, कई साल बाद यहां मनेगा छठ

सीएम रेखा गुप्ता ने कालिंदी कुंज घाट का किया दौरा, कई साल बाद यहां मनेगा छठ

सीएम रेखा गुप्ता ने कालिंदी कुंज घाट का किया दौरा, कई साल बाद यहां मनेगा छठ
सीएम रेखा गुप्ता ने कालिंदी कुंज घाट का किया दौरा, कई साल बाद यहां मनेगा छठ

नई दिल्ली । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली के प्रमुख कालिंदी कुंज यमुना घाट का दौरा किया और आगामी छठ पूजा की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उनके दौरे से पहले ही तमाम सरकारी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी घाट पर मौजूद रहे। दिल्ली सरकार ने इस बार यमुना किनारे के सभी घाटों पर छठ पूजा मनाने की घोषणा की है, जिसके तहत कालिंदी कुंज घाट पर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा इसी घोषणा को जमीन पर उतारने की कवायद का हिस्सा है। कालिंदी कुंज यमुना घाट दिल्ली के उन प्रमुख घाटों में से एक है, जहां बीते कई सालों से कुछ कारणों से छठ पूजा नहीं मनाई जा रही थी। लेकिन, इस बार भाजपा सरकार ने यह एलान किया है कि पूर्वांचल समाज के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए कालिंदी कुंज यमुना घाट पर भी छठ पूजा का भव्य आयोजन किया जाएगा,

सीएम रेखा गुप्ता ने कालिंदी कुंज घाट का किया दौरा, कई साल बाद यहां मनेगा छठ
सीएम रेखा गुप्ता ने कालिंदी कुंज घाट का किया दौरा, कई साल बाद यहां मनेगा छठ

जिसके लिए सरकार व्यापक व्यवस्थाएं कर रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को सफाई, सुरक्षा, लाइट्स की व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजामों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और वे सुरक्षित तथा स्वच्छ माहौल में श्रद्धा के साथ छठ महापर्व मना सकें।
कालिंदी कुंज घाट पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और भक्तों को उम्मीद है कि इस बार उन्हें यमुना किनारे ही आस्था के इस महापर्व को मनाने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “वर्तमान सरकार के तहत, जिस तरह से सफाई और रखरखाव किया जा रहा है वह उल्लेखनीय है। आप देख सकते हैं कि कोई कचरा नहीं है, कोई दुर्गंध नहीं है। पानी साफ और सुंदर है, और उत्सव की तैयारियां जीवंत, व्यवस्थित और भव्य हैं। सरकार पूरी तरह से सतर्क और दृढ़ है कि तट पर यह उत्सव एक नई शुरुआत लेकर आएगा।”

बिजली निगम ने 235 स्थानों पर पकड़ी बिजली चोरी

बिजली निगम ने 235 स्थानों पर पकड़ी बिजली चोरी

बिजली निगम ने 235 स्थानों पर पकड़ी बिजली चोरी
बिजली निगम ने 235 स्थानों पर पकड़ी बिजली चोरी

करोड़ों रुपए का भरा जुर्माना, टोंक समेत जयपुर की दो दर्जन से ज्यादा टीमों ने की कार्रवाई टोंक। बिजली निगम ने एक बार फिर बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई की है। टोंक समेत जयपुर की दो दर्जन बिजली निगम की टीमों ने पुलिस जाप्ते के साथ बीती रात से गुरुवार अल सुबह तक 235 घरों में अवैध रूप से ले रखी बिजली चोरी पकड़ी है। निगम की टीमों ने इन पर लाखों रुपए की वी सी आर भरी है। निगम की टीमों ने इनके मीटर भी जब्त किए है। उधर इस छापामार कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया। लोगों की बिजली कटी तो वे समझ ही नहीं पाए कि उनकी बिजली काट दी गई है। फिर लोगों अल सुबह घरों से बाहर निकले तो पता लगा कि यह बिजली निगम की कार्रवाई हो रही है।
ज्ञात रहे कि शहर में गत दिनों से 20 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक बिजली चोरी हो रही है। इसको लेकर बिजली निगम ने जयपुर की टीमों की मदद से अल सुबह एक दर्जन से ज्यादा कॉलोनियों में अवैध बिजली चोरी कनेक्शनों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की। उनका बिजली पोल से कनेक्शन काटकर मीटर जब्त कर लिए गए।

बिजली निगम ने 235 स्थानों पर पकड़ी बिजली चोरी
बिजली निगम ने 235 स्थानों पर पकड़ी बिजली चोरी


इन स्थानों पर की कार्रवाई:
शहर में कायमखनियो की गली से लेकर मेहँदीबाग, तालकटोरा,पुरानी टोंक , मुख्य बाजार, कालीपलटन, गड्डा पहाड़िया, धन्नतलाई, पांचबत्ती, काफिला बाजार, नजर बाग रोड, गुलजार बाज, बहीर अम्बिका, जाल का कुंवा, रजबन मोहल्ला, सोलंगपुरा, चिड़ियों की बाड़ी, आंबेडकर नगर आदि कॉलोनियों में बिजली चोरी पर कार्रवाई की है। इससे पहले भी कुछ माह पहले इसी तरह मध्य रात से अल सुबह तक बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी।
बिजली चोरी रोकने के लिए कार्रवाई:
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता कन्हैया लाल पटेल ने बताया कि शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए जयपुर की निगम की टीमों के साथ यह कार्रवाई की है।अभी कितने रुपए की वी सी आर भरी है। इसके आंकड़े एकत्रित किए जा रहे है।

बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता
बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

बयाना के आनंद पटेल ने RAS परीक्षा में 49वीं रैंक हासिल कर रच दिया सफलता का नया कीर्तिमान

बयाना, राजस्थान की शान बन चुके आनंद पटेल ने अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन से राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा 2025 में 49वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। लाल बाग कॉलोनी, बयाना निवासी आनंद की इस उल्लेखनीय सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे कस्बे में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ा दी है। यह सफलता उन्होंने दूसरे प्रयास में अर्जित की है, जबकि पहले प्रयास में वे प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) भी पार नहीं कर पाए थे। लेकिन असफलता से हताश होने के बजाय उन्होंने उसे सीख के रूप में लिया और दुगने जोश व समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहे।

आनंद पटेल की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा हिंडौन सिटी के एक निजी स्कूल से हुई, जहां उन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रहे आनंद ने आगे की पढ़ाई में बीएससी (मैथ्स साइंस) को चुना और इसे राजस्थान स्वायत्त शासन कॉलेज, जयपुर से पूर्ण किया। विज्ञान विषय में गहरी रुचि रखने वाले आनंद का झुकाव शुरू से ही प्रशासनिक सेवाओं की ओर रहा, लेकिन आर्थिक सीमाओं और संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। यह उनकी संघर्षशीलता और आत्मविश्वास का ही परिणाम है कि वे राजस्थान की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर सके।

आनंद का पारिवारिक परिवेश शिक्षा के प्रति समर्पित रहा है। उनके पिता श्री वृंदावन सिंह एक सरकारी शिक्षक हैं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से सेवा दी है। वहीं मां लीला देवी एक गृहिणी हैं, जिन्होंने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। आनंद ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि यह उनके संस्कार, आशीर्वाद और निरंतर सहयोग का ही नतीजा है कि वे अपने सपनों को साकार कर पाए। उन्होंने बताया कि जब वे पहले प्रयास में असफल हुए थे, तब भी उनके माता-पिता ने उनका मनोबल गिरने नहीं दिया और हमेशा सकारात्मक बने रहने की प्रेरणा दी।

आनंद की सफलता की कहानी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और कभी-कभी असफलताओं से निराश होकर अपने रास्ते से भटक जाते हैं। आनंद ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने कहा कि यदि कोई विद्यार्थी सिलेबस के अनुसार अध्ययन करे, मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट रखे और निरंतरता बनाए रखे, तो वह किसी भी कठिन परीक्षा को पार कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने सीमित लेकिन विश्वसनीय स्रोतों से अध्ययन किया और रिवीजन को प्रमुखता दी।

आनंद पटेल का मानना है कि आज के दौर में संसाधनों की कमी बाधा नहीं है, बल्कि डिजिटल माध्यमों से भी बेहतर मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब चैनलों से उन्हें काफी मदद मिली, लेकिन उन्होंने इन माध्यमों का उपयोग बहुत सोच-समझकर और सीमित समय में किया, जिससे उनका ध्यान मुख्य पाठ्यक्रम पर केंद्रित रहा।

बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता
बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

बयाना जैसे छोटे शहर से निकलकर राज्यस्तरीय सेवा में पहुंचना कोई आसान उपलब्धि नहीं है। आनंद ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ समय प्रबंधन और मानसिक संतुलन बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया। परिवार का सहयोग, खुद पर विश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनके अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल जानकारी नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और निरंतरता का परिणाम होती है।

आनंद की इस उपलब्धि ने पूरे बयाना क्षेत्र में खुशी और गर्व का वातावरण बना दिया है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्रीय समाजसेवियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और नगरवासियों ने आनंद की इस सफलता को ऐतिहासिक बताया है। बयाना की गलियों में आनंद की उपलब्धि की चर्चा हर जगह हो रही है। स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में भी यह उदाहरण बन गया है कि किस प्रकार साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला विद्यार्थी भी दृढ़ निश्चय और परिश्रम से असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है।

उनके शिक्षक भी आनंद के बचपन के दिनों को याद करते हुए गर्वित महसूस कर रहे हैं। एक शिक्षक ने बताया कि आनंद पढ़ाई में जितना कुशल था, उतना ही विनम्र और अनुशासित भी था। उन्होंने कहा कि आनंद हमेशा से ही अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने की कोशिश करता था, जो किसी भी सफल व्यक्ति की पहचान होती है।

RAS में 49वीं रैंक प्राप्त करना आनंद के लिए सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक उदाहरण है कि किस तरह सीमित संसाधनों और साधनों के बावजूद यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और मार्गदर्शन हो, तो कोई भी सपना साकार हो सकता है। आज आनंद की सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो निरंतर प्रयास और संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

निष्कर्षतः, आनंद पटेल की सफलता यह दर्शाती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासित जीवनशैली, परिवार का सहयोग और सही दिशा में किया गया अध्ययन किसी भी कठिन परीक्षा को पार करने में सक्षम बनाता है। बयाना जैसे कस्बे से निकलकर राज्य प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाना न केवल आनंद की व्यक्तिगत विजय है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में आत्मविश्वास हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं। आनंद की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में कई युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा देगी।

भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड

भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड

भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड
भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड

जर्काता । संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि गुरुवार को इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। यूएसजीएस ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से 70 किलोमीटर (43.5 मील) की गहराई में था। पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की है। यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का केंद्र अबेपुरा शहर से लगभग 200 किलोमीटर दूर था, जिसकी आबादी 62,000 से ज्यादा है। इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान विभाग, इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी यानी बीएमकेजी के अनुसार, भूकंप 6.6 तीव्रता का था, जो सारमी-पापुआ से 61 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था।
इससे पहले, 10 अक्टूबर को, दक्षिणी फिलीपींस के तट पर दो शक्तिशाली भूकंप आए थे, जिसके बाद फिलीपींस और इंडोनेशिया के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी।

भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड
भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड


भूकंप में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी और भूकंप केंद्र के पास के शहरों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था।
विशाल द्वीप समूह वाला देश प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित है। जिस वजह से यहां अक्‍सर भूकंप आते रहते हैं, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स टकराती हैं और यह जापान से दक्षिण पूर्व एशिया से होते हुए प्रशांत बेसिन तक फैला रहता है।
जनवरी 2021 में सुलावेसी में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप में 100 से अधिक लोग मारे गए थे जबकि हजारों बेघर हो गए थे। इससे पहले 2018 में पालु में 7.5 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी में 2 हजार से ज्‍यादा लोग मारे गए थे। 2004 में आचे प्रांत में 9.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे सुनामी आई और इंडोनेशिया में 1,70,000 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई थी।
प्राकृतिक आपदा से लगातार इंडोनेशिया दो-चार होता रहा है। पिछले सप्ताह ही शुक्रवार को, पूर्वी नुसा तेंगारा में माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी से 10 किलोमीटर (6.2 मील) ऊंचा राख का गुबार दिखा था।

चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी

चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी

चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी
चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी

चंडीगढ़। चंडीगढ़ की अदालत ने सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका से जुड़े 2018 के एक मामले में जसदीप सिंह बैंस को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। राहुल गर्ग, एसीजेएम की अदालत ने आज यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। बैंस पर 30 सितंबर 2018 की घटना के संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 323, 332, 353 और 427 के तहत मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर के अनुसार, यह घटना 29/30 सितंबर 2018 की रात को सेक्टर 7 के सरकारी स्कूल के पास हुई थी, जब पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की जांच कर रही थी। आरोप था कि टोयोटा इनोवा की पिछली सीट पर बैठे जसदीप सिंह बैंस ने अल्कोमीटर टेस्ट से इनकार किया, ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों से दुर्व्यवहार किया, हेड कांस्टेबल सतपाल की रिफ्लेक्टर जैकेट फाड़ दी, उनका बॉडी कैमरा फेंक दिया और उन्हें धक्का दिया, जिससे उनके घुटने में चोट आई। बैंस को थाना सेक्टर 26, चंडीगढ़ में गिरफ्तार किया गया था। बचाव पक्ष के वकील, राजेश शर्मा, ने अभियोजन पक्ष के मामले में सबूतों की कमी और विरोधाभासों को उजागर किया। शर्मा ने तर्क दिया कि पुलिस अधिकारियों की गवाहियाँ इतनी मिलती-जुलती थीं कि वे सिखाई गई प्रतीत हुईं, और जिरह में टिक नहीं पाईं।

चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी
चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी

मुख्य गवाहों को शत्रुतापूर्ण घोषित किया गया या उन्होंने अपने बयानों का खंडन किया। पुलिस द्वारा जब्त की गई कथित रूप से क्षतिग्रस्त रिफ्लेक्टर जैकेट और बॉडी कैमरा को कोर्ट में पेश नहीं किया गया।
मौके पर कई बॉडी कैमरे होने के बावजूद, कोई भी फुटेज कोर्ट में प्रस्तुत नहीं की गई, जिसे बचाव पक्ष ने सर्वोत्तम साक्ष्य का दमन बताया। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि हेड कांस्टेबल सतपाल घटना के समय और स्थान पर ड्यूटी पर थे, जो IPC की धारा 186, 332 और 353 के तहत आरोप साबित करने के लिए अनिवार्य है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने का मूल आरोप भी साबित नहीं हो सका, क्योंकि वाहन चालक का अल्कोमीटर टेस्ट नहीं किया गया था। अदालत ने बचाव पक्ष के तर्कों, सबूतों की कमी और न्यायिक मिसालों पर विचार किया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे (beyond reasonable doubt) साबित करने में असफल रहा। इन आधारों पर, अदालत ने जसदीप सिंह बैंस को सभी आरोपों से बरी करने का फैसला सुनाया।