किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

अलवर। जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशन में अलवर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। मालाखेड़ा पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय तस्कर को दबोचा है, जो किसान बनकर खेतों की रखवाली करने की आड़ में अवैध हथियार सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किया है।
एसपी चौधरी ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मालाखेड़ा के गांव नांगल टोडियार में एक व्यक्ति खेतों की रखवाली का काम करता है, लेकिन उसका असली काम हरियाणा से हथियार लाकर राजस्थान में सप्लाई करना है। आरोपी की पहचान जाहीद खान (35) पुत्र बशीर खान निवासी फिरोजपुर झिरका हरियाणा के रूप में हुई है। वह नांगल टोडियार में चरण सिंह उर्फ चरनी के बोरिंग पर बनी एक कोठरी में रह रहा था, जिसे उसने अपना ठिकाना बना रखा था। कांस्टेबल राजेश की सूचना पर बिछाया जाल
इस कार्रवाई में कांस्टेबल राजेश को सूचना मिली थी कि जाहीद के पास हथियारों की बड़ी खेप मौजूद है।

किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ और सहायक पुलिस अधीक्षक शिवानी के सुपरविजन में थानाधिकारी हरदयाल सिंह ने तुरंत एक टीम गठित की। पुलिस टीम ने सुनियोजित तरीके से खेत पर बनी कोठरी को चारों तरफ से घेर लिया और आरोपी को दबोच लिया।
मिनी फैक्ट्री जैसा सामान
पुलिस ने जब कोठरी की तलाशी ली, तो वहां का नजारा किसी छोटी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री जैसा था। पुलिस ने मौके से 03 बंदूकें (12 बोर) और 03 देशी कट्टे (315 बोर), 68 जिंदा कारतूस, 52 खाली कारतूस, 12 पैकेट छर्रे, 04 प्लास्टिक की थैली बारूद और खाली कारतूस भरने का सामान लोहे और लकड़ी की गुल्लियां, हथौड़ा, पेचकस और रेती बरामद की।
आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना मालाखेड़ा में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने ये हथियार किन-किन लोगों को बेचे हैं और उसका नेटवर्क कितना बड़ा है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व थानाधिकारी हरदयाल सिंह ने किया। विशेष रूप से कांस्टेबल राजेश की आसूचना संकलन की उच्च अधिकारियों ने सराहना की है।

दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद

दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद

दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद
दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने डिलीवरी बॉय से लूटपाट के मामले में दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल चाकू और बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। वेलकम पुलिस थाने को शुक्रवार को सूचना मिली थी कि जनता कॉलोनी के पास डिलीवरी बॉय के साथ कुछ लोग लूटकर फरार हो गए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पीड़ित आलोक कुमार ने बताया कि बुलेट बाइक पर सवार दो युवकों ने चाकू दिखाकर उनसे 1,200 रुपए लूट लिए। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे चाकू से मारने की धमकी दी। आलोक कुमार ने आगे बताया कि जब मैंने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्र हो गए और एक आरोपी को दौड़कर पकड़ लिया, जिसकी पहचान फैजान (20) निवासी जनता कॉलोनी, वेलकम के रूप में हुई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ में फैजान ने न सिर्फ लूट की वारदात कबूल की, बल्कि अपने साथी का नाम भी बताया।

दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद
दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर रूपेश खत्री के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने दूसरे आरोपी का पता लगाते हुए जनता कॉलोनी के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान फरजान उर्फ दानिश (22) के रूप में हुई। आरोपी से वारदात में इस्तेमाल चाकू और बुलेट मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि फरजान उर्फ दानिश पहले भी हत्या के प्रयास के एक मामले में शामिल रहा है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इससे पहले ये लोग कौन से क्षेत्र में लूट करते थे और इनके ग्रुप में कितने लोग शामिल हैं? साथ ही आसपास के थानों से इनके बारे में पता लगाया जा रहा है कि किस-किस थाने में इन पर मुकदमा दर्ज है।

मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित

मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित

मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित
मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित

भोपाल । मध्य प्रदेश के देवास जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को अवैध वसूली के आरोप लगने पर निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। दरअसल, देवास के आबकारी ठेकेदार दिनेश मकवाना ने आत्महत्या किए जाने से पूर्व एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने मंदाकिनी दीक्षित पर अवैध राशि मांगने के गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए, जिस पर वाणिज्यिक कर विभाग की उप सचिव वंदना शर्मा ने मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। वाणिज्यिक कर विभाग की उप सचिव द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि देवास के मदिरा ठेकेदार दिनेश मकवाना द्वारा आत्महत्या किए जाने के पूर्व एक वीडियो बनाया गया था।
कथित वीडियो में जिले की प्रभारी सहायक आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित के विरुद्ध अवैध राशि की मांग का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात कही गई थी। आदेश में आगे कहा गया है कि दीक्षित पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर श्रेणी के हैं और शासकीय सेवा के कर्तव्य एवं दायित्वों के विपरीत है,

मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित
मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित

जो मध्य प्रदेश सेवा सिविल नियम 1965 के नियम तीन का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है, लिहाजा मंदाकिनी दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर का कार्यालय रहेगा। दरअसल पिछले माह आबकारी ठेकेदार मकवाना ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पूर्व उन्होंने एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि सहायक आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित उनसे प्रति दुकान के हिसाब से डेढ़ लाख रुपए की मांग करती हैं। यह राशि दे पाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है और अधिकारी उन्हें परेशान कर रही हैं, लिहाजा वे आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं।

दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार
दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार विरोधी नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ के तहत बड़ी कार्रवाई हुई है। विजिलेंस यूनिट ने संगम विहार थाना में तैनात महिला उप-निरीक्षक नमिता को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह अभियान दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोल्चा द्वारा शुरू किए गए भ्रष्टाचार-रोधी अभियान का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 4 दिसंबर को संगम विहार की एक महिला ने विजिलेंस यूनिट से शिकायत की कि उप-निरीक्षक नमिता, जो उसके दर्ज मामले की जांच अधिकारी थीं, ने केस को कमजोर करने की धमकी देते हुए 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस यूनिट ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद, उसी दिन शाम को सतर्कता इकाई द्वारा संगम विहार थाने में एक ट्रैप ऑपरेशन आयोजित किया गया।

दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार
दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

तय समय पर शिकायतकर्ता एसआई नमिता के दफ्तर पहुंची, जहां नमिता ने कथित रूप से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपए की मांग की और उसे अपनी टेबल पर रखी एक फाइल में रखने को कहा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पैसे फाइल में रखे, विजिलेंस टीम ने दफ्तर में प्रवेश किया और एसआई नमिता को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मौके से 15 हजार रुपए की राशि भी बरामद कर ली गई।
घटना के बाद विजिलेंस पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 23/25, धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत दर्ज की गई है। आरोपी एसआई को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
विजिलेंस यूनिट ने कहा कि इस मामले की आगे की जांच जारी है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा रिश्वत मांगने की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। ऐसी शिकायतें विजिलेंस हेल्पलाइन नंबर 1064 पर भी की जा सकती हैं।

नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद

नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद

नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद
नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद

नोएडा । नोएडा थाना फेस-2 पुलिस ने गांव याकूबपुर में युवती की हत्या के मामले में वांछित आरोपी कृष्ण कुमार को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। भोजपुर पुलिस की मदद से आरोपी को पकड़ा गया, जिसके बाद न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे नोएडा लाया गया। आरोपी पर आरोप है कि उसने शादी से इंकार किए जाने पर युवती की गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी कृष्ण कुमार पुत्र राज किशोर पांडेय, निवासी भोजपुर, बिहार, उम्र 23 वर्ष को 5 दिसंबर को बिहार के भोजपुर जिले से गिरफ्तार किया गया। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुजरात भाग गया था और वहां से वापस बिहार पहुंचा, जहां पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की तलाश में यूपी, गुजरात और बिहार में तीन टीमें लगाई गई थीं। नोएडा लाए जाने के बाद पूछताछ में आरोपी ने वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उसकी निशादेही पर सेक्टर-85 की झाड़ियों से घटना में इस्तेमाल अवैध पिस्टल .32 बोर, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया।

नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद
नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद


इस मामले में पुलिस पहले ही मृतका के कमरे से एक जिंदा और एक खोखा कारतूस बरामद कर चुकी है। कुल मिलाकर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, दो जिंदा और दो खोखे कारतूस बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि मृतका और आरोपी करीब तीन साल पहले सेक्टर-137 स्थित एक फ्लैट में साथ काम करते थे। मृतका खाना बनाती थी, जबकि आरोपी ऑफिसियल काम देखता था। इसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई, बाद में आरोपी शादी के लिए दबाव डालने लगा। मृतका द्वारा मना करने पर आरोपी ने नाराजगी पाल ली।
इसके बाद, अगस्त 2025 में आरोपी चोरी के मामले में जेल गया। वहीं, बाहर आने के बाद उसने मृतका से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसे साफ इनकार कर दिया गया। इससे बौखलाए आरोपी ने बिहार से नोएडा आकर 28 नवंबर की रात ग्राम याकूबपुर में मृतका के किराए के मकान में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी।
इतना ही नहीं, उसने मृतका की बहनों पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन पिस्टल में गोली फंसने से वे बच गईं। आरोपी के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं, जिनमें सेक्टर-142 थाना क्षेत्र में चोरी का मामला शामिल है। हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों में अब उसे अदालत में पेश कर जेल भेजा जा रहा है।

झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा

झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा

झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा
झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा

रांची। रांची सिविल कोर्ट स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से लगातार कई बार दुष्कर्म के मामले में सोनाहातू थाना क्षेत्र निवासी नव किशोर सिंह मुंडा उर्फ मनीष किशोर उर्फ नाबो को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाया, क्योंकि अभियुक्त पहले से ही न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2) और धारा 6 के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने दोनों धाराओं में 20-20 वर्ष का कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि अभियुक्त जुर्माना नहीं भरता है तो उसे प्रत्येक धारा के लिए छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले की प्राथमिकी नवंबर 2023 में सोनाहातू थाना में दर्ज कराई गई थी।

झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा
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पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि अभियुक्त द्वारा लगभग 10 महीने तक उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। इसकी जानकारी किसी को देने पर उसे और उसके पूरे परिवार की हत्या की धमकी दी गई थी। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के बयान को पुष्ट करने के लिए कुल 10 गवाहों को अदालत में पेश किया।
गवाहों के बयानों और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को गंभीर अपराध का दोषी ठहराया। फैसले के बाद अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि नाबालिग के साथ लगातार किए गए यौन अपराध ने उसकी मानसिक और शारीरिक पीड़ा को बढ़ाया है, इसलिए अभियुक्त को कठोर दंड मिलना आवश्यक है।

यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत

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यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत
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फर्रुखाबाद । उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव उमराय नगला में शुक्रवार देर रात एक नामकरण संस्कार का कार्यक्रम अचानक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग के दौरान एक 20 साल के युवक की गोली लगने से मौत हो गई। गांव निवासी विजय यादव के नवजात पुत्र के नामकरण की दावत में सैकड़ों लोग जमा थे। घर के बाहर जोर-शोर से डीजे बज रहा था और लोग नाच-गाना कर रहे थे। इसी दौरान गांव के ही प्रधान अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक लेकर कार्यक्रम में पहुंचे। रात करीब 11 बजे गांव का ही विकास यादव ने खुशी में हवा में हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली चलते ही अचानक दूसरी गोली नीचे की ओर निकली और पास में डांस कर रहे 20 वर्षीय अंशु यादव पुत्र चंद्रपाल यादव को सीने में जा लगी। गोली लगते ही अंशु जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत
यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत


गोली की आवाज और खून से लथपथ अंशु को देखते ही डीजे पर नाच रहे लोग चीखते-चिल्लाते इधर-उधर भागने लगे। पूरी दावत में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं और बच्चे रोते-बिलखते घरों की ओर दौड़े। कुछ लोग अंशु को उठाकर नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही थाना कमालगंज प्रभारी राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया।
एएसपी ने बताया, “नामकरण समारोह में गांव के विकास यादव ने लाइसेंसी बंदूक से हर्ष फायरिंग की। इसमें अंशु यादव को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। आरोपी विकास यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उसकी लाइसेंसी बंदूक जब्त कर ली गई है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं

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वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं

नई दिल्ली । ‘उम्मीद’ पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को रजिस्टर करने की छह महीने की अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही है, लेकिन लाखों संपत्तियां अब भी रजिस्ट्रेशन से बाहर हैं। ऐसे में उन्हें राहत देते हुए केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के लिए 3 महीने की राहत देने का निर्णय लिया है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आज वक्फ संपत्ति रजिस्ट्रेशन का आखिरी दिन है। पूरे देश में अब भी लाखों संपत्तियां पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाई हैं। कई सांसद, सामाजिक नेता और वक्फ से जुड़े प्रतिनिधि मुझसे मिले और समय बढ़ाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण हम इस समय सीमा को सीधे बढ़ा नहीं सकते, लेकिन जिन लोगों ने कोशिश की और किसी कारण रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया, उनके खिलाफ तीन महीने तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं होगी। न कोई पेनल्टी लगेगी, न कोई जुर्माना।” उन्होंने बताया कि अब तक 151,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जिसमें कर्नाटक (50,800), पंजाब, जम्मू-कश्मीर और कई अन्य राज्यों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं कुछ बड़े राज्यों में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया धीमी रही।
रिजिजू ने स्वीकार किया कि कई क्षेत्रों से शिकायतें मिलीं कि ‘उम्मीद’ पोर्टल धीमा चल रहा था या लोगों के पास आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं थे।

वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं
वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं


उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति बिना परेशान हुए अपनी वक्फ संपत्ति रजिस्टर करा सके। इसलिए तीन महीने तक हम किसी पर कोई सख्ती नहीं करेंगे।”
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने की समयसीमा तय की थी और केंद्र सरकार इसे सीधे बढ़ा नहीं सकती। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि 6 महीने की समयसीमा के बाद सरकार तारीख नहीं बढ़ा सकती, लेकिन ट्रिब्युनल के पास अधिकार है कि वह आपकी स्थिति समझकर 6 महीने तक की अतिरिक्त राहत दे सकता है। इसलिए जिनको परेशानी हो, वे वक्फ ट्रिब्युनल से संपर्क करें।
किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा लोगों की मदद करने के लिए तैयार है, लेकिन वक्फ संशोधन कानून संसद ने पास किया है, इसलिए उसमें बदलाव केंद्र स्वयं नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, “मेरा वादा है, जो लोग आज की तारीख तक रजिस्ट्रेशन की कोशिश कर रहे थे, उन्हें अगले तीन महीने तक कोई भी दिक्कत नहीं होगी। हम हर संभव सहयोग करेंगे।”
रिजिजू ने कुछ राज्यों पर यह कहकर नाराजगी जताई कि उन्होंने समय पर मदद नहीं की और जनता में जागरूकता नहीं फैलाई। उन्होंने कहा कि मैं राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि वे आगे से पूरी जिम्मेदारी निभाएं ताकि वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन में पारदर्शिता आए और भविष्य में किसी को परेशानी न हो।

गुजरात ATS ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

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गुजरात ATS ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

गांधीनगर । गुजरात एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (एटीएस) ने बड़े जासूसी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान को गोपनीय सैन्य जानकारी पहुंचाने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तार आरोपी एके सिंह, भारतीय सेना में सूबेदार पद पर कार्यरत था और गोवा में रह रहा था। दूसरी आरोपी रश्मणी पाल दमन की रहने वाली है। एटीएस के मुताबिक दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और उन्हें संवेदनशील रक्षा जानकारियां भेज रहे थे। इससे पहले 21 नवंबर को उत्तर प्रदेश, गुजरात और तेलंगाना एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) मॉड्यूल के तीनों आतंकियों के कबूलनामे से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। इनके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई थी।
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में रहने वाले आतंकी मोहम्मद सुहैल के घर पर यूपी एटीएस की रेड में आईएसआईएस का काला झंडा बरामद हुआ था। वहीं हैदराबाद के डॉक्टर मोहम्मद इस्हाक उर्फ डॉ. अहमद के घर से डिजिटल सबूत मिले थे।

गुजरात ATS ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
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जांच में पता चला कि दो महीने पहले सुहैल और तीसरा आतंकी आजाद मिलकर डॉ. अहमद के पास एक पार्सल लेकर पहुंचे थे। उस पार्सल में डेढ़ लाख रुपए नकद थे। यह रकम एक पाकिस्तानी एजेंट के कहने पर भेजी गई थी। दूसरा पार्सल भी इन्हीं दोनों ने दिया था, जिसमें हथियार थे। गुजरात एटीएस ने इसी पार्सल के आधार पर डॉ. अहमद को पकड़ा और फिर सुहैल व आजाद तक पहुंची थी।
तीसरे आतंकी आजाद (उत्तर प्रदेश का रहने वाला) ने पूछताछ में कबूला कि वह किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के इरादे से कश्मीर के बारामूला गया था। वहां कुछ न मिलने पर निराश होकर लौटा। वापसी में ट्रेन में एक शख्स से मिला और उसके साथ हरिद्वार पहुंच गया। वहां उसने कई मंदिरों की रेकी की थी।
तीनों राज्यों की एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हर शख्स की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान से फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का यह सिलसिला अभी और गहरा हो सकता है।

उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत

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उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत
उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत

चंपावत । उत्तराखंड में चंपावत जिले से एक बुरी खबर सामने आई है। लोहाघाट-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बागधारा के पास एक बारात का वाहन 200 फीट गहरी खाई में गिर गया, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा गुरुवार देर रात हुआ। पिथौरागढ़ जिले के शेराघाट निवासी बबलू की बारात चंपावत जिले के बालातड़ी गांव आई हुई थी। शादी समारोह के बाद बारात दुल्हन को विदा कर देर रात लौट रही थी। इसी दौरान लगभग 2:30 बजे बोलेरो (नंबर यूके04 टीबी 2074) लोहाघाट-घाट हाईवे पर बागधारा के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष लोहाघाट अशोक कुमार, पुलिस टीम, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। अंधेरा और खाई की गहराई के बावजूद टीमों ने तुरंत रेस्क्यू कार्य शुरू किया और पांच घायलों को खाई से निकालकर उपजिला चिकित्सालय लोहाघाट भेजा।

उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत
उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत


थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों का रात में ही इलाज शुरू किया गया।
उपजिला चिकित्सालय लोहाघाट के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी और उपचार कर रहे डॉ. अजीम ने बताया कि पांच घायलों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे चंपावत जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
सुबह होते ही रेस्क्यू टीम ने सभी शव खाई से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए। मृतकों में भावना चौबे, प्रियांशु (6), प्रकाश चंद्र उनियाल (40), केवल चंद्र उनियाल और सुरेश नौटियाल (32) के नाम शामिल हैं। घायल लोगों में धीरज, राजेश (14), चेतन चौबे (5), भास्कर पांडा, और देवदत्त (38) के नाम शामिल हैं।
इस दुर्घटना में दिल्ली निवासी सुरेश चौबे की पत्नी भावना और बेटा प्रियांशु की मौत हो गई, जबकि उनका दूसरा बेटा चेतन गंभीर रूप से घायल है।
हादसे के वक्त वाहन चालक के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने कहा कि विस्तृत जांच जारी है।