‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान

‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान

‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान
‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान

चंडीगढ़ । फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ और दिल्ली के लाल किले के निकट हुए ब्लास्ट के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम चर्चाओं में है। वजह साफ है कि इस यूनिवर्सिटी से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि तीसरा शख्स लाल किले के पास हुए ब्लास्ट में मारा गया। इसी को देखते हुए अब यूनिवर्सिटी ने अपनी तरफ से आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हमारा इस ब्लास्ट से कोई लेना-देना नहीं है। जिन लोगों को भी इस ब्लास्ट में अपनी जान गंवानी पड़ी, उनके प्रति हम दुख व्यक्त करते हैं, लेकिन जिस तरह से इस ब्लास्ट के बाद हमारी यूनिवर्सिटी का नाम लिया जा रहा है, उससे इसकी गरिमा को ठेस पहुंच रही है। हमारे संज्ञान में यह भी आया है कि कई सोशल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हमारी यूनिवर्सिटी के संबंध में मनगढ़ंत और झूठे बयान जारी किए जा रहे हैं, जिनमें बिल्कुल भी सत्यता नहीं है। इसका मुख्य मकसद सिर्फ हमारी यूनिवर्सिटी की गरिमा पर कुठाराघात करना है। यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, “हमारे संज्ञान में आया है कि हमारे दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारे यूनिवर्सिटी परिसर का इस्तेमाल किसी भी शरारती गतिविधियों में प्रयुक्त होने वाले केमिकल के निर्माण के लिए नहीं किया गया था। जिस तरह की जानकारी इस संबंध में फैलाई जा रही है, वह पूरी तरह से भ्रामक और बेबुनियादी हैं। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित जितनी भी प्रयोगशालाएं हैं, उनका इस्तेमाल सिर्फ एमबीबीएस और अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के अध्ययन के ध्येय से ही किया जाता है। इसके अलावा, हमारे विश्वविद्यालय में स्थित जितनी भी प्रयोगशालाएं हैं, उनका संचालन निर्धारित दिशानिर्देश के अनुरूप ही किया जाता है।”

‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान
‘हमारा दिल्ली ब्लास्ट से कोई कनेक्शन नहीं’, सामने आया अल फलाह यूनिवर्सिटी का आधिकारिक बयान


यूनिवर्सिटी ने कहा कि हम सभी संगठन और अन्य लोगों से कहना चाहेंगे कि अगर हमारे विश्वविद्यालय के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी किसी भी मंच के माध्यम से मिले, तो उसे साझा करने से पहले ये सत्यापित करें कि उसमें सत्यता है या नहीं। बिना सत्यापित किए हमारी यूनिवर्सिटी के संबंध में किसी भी जानकारी को साझा करने से बचें।
साथ ही, आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हम इस मुश्किल घड़ी में राष्ट्र के साथ खड़े हैं। इस घटना के संबंध में जो भी जांच हो रही है, उसमें हमारी तरफ से पूरी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, हम यह भी स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि हमारे विश्वविद्यालय के सभी छात्र पूरी तरह से सिर्फ पढ़ाई में संलिप्त है।
यूनिवर्सिटी की तरफ से आधिकारिक बयान में जानकारी देते हुए कहा गया है कि अल फलाह ग्रुप 1997 से कई संस्थानों के संचालन में अहम भूमिका निभा रहा है। अल फलाह यूनिवर्सिटी 2014 में अस्तित्व में आई थी, जिसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की तरफ से मान्यता भी प्राप्त है। वहीं, अल फलाह यूनिवर्सिटी में साल 2019 से मेडिकल की पढ़ाई कराई जा रही है।
साथ ही, अल फलाह यूनिवर्सिटी ने अपने आधिकारिक बयान में यह भी स्पष्ट किया कि हमारे यहां से मेडिकल की पढ़ाई करके निकलने वाले सभी छात्र आज की तारीख में देश-विदेश के मेडिकल संस्थानों में उच्च और गरिमापूर्ण पदों पर काबिज हैं।

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद
ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा । गौतमबुद्धनगर की इकोटेक-3 थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 4 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया है। यह गिरफ्तारी दिनांक 9 नवंबर 2025 को स्थानीय खुफिया तंत्र और बीट पुलिसिंग की सहायता से की गई। पुलिस का कहना है कि यह अभियान नशा तस्करी व नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान चिराग चौधरी उर्फ तनु, आकाश शर्मा और हरिओम शर्मा के रूप में हुई है।
तीनों आरोपी नॉलेज पार्क-5 क्षेत्र में सक्रिय थे और उसी इलाके से इन्हें दबोचा गया। प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये लोग बुलंदशहर जिले के रहने वाले हैं और लंबे समय से मादक पदार्थों की सप्लाई में शामिल थे।

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद
ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद


अभियुक्तों में पहले का नाम चिराग चौधरी उर्फ तनु है, जो ग्राम जलालपुर करीरा थाना शिकारपुर, बुलंदशहर का निवासी बताया जा रहा है। दूसरा अभियुक्त आकाश शर्मा भी जलालपुर करीरा का ही रहने वाला है, जबकि तीसरा अभियुक्त हरिओम शर्मा ग्राम निमचाना थाना अगौता, बुलंदशहर का निवासी है।
पुलिस ने इनके खिलाफ थाना इकोटेक-3 में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद 4 किलो 500 ग्राम गांजे की कीमत बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि वे आसपास के क्षेत्रों में गांजे की सप्लाई करते थे और युवाओं को निशाना बनाकर मादक पदार्थों की बिक्री की जाती थी।
पुलिस अब इनके नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहरी जांच कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्यवाहियां आगे भी लगातार जारी रहेंगी, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद

ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद

ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद
ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद

नई दिल्ली । देश की राजधानी को नशा तस्करों से मुक्त कराने और अवैध प्रवासियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी रेंज के सभी थाना क्षेत्रों में यह सघन अभियान चलाया। पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस के इस व्यापक अभियान के लिए 30 टीमें बनाई गईं, जिनमें कुल 600 पुलिसकर्मी तैनात थे और इसका नेतृत्व डीसीपी द्वारका, पश्चिम और बाहरी जिलों के मार्गदर्शन में किया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि टीमों ने बिंदापुर, डाबरी, उत्तम नगर, मोहन गार्डन, तिलक नगर और निहाल विहार जैसे क्षेत्रों में सघन जांच की, जहां अनधिकृत रूप से कई विदेशी नागरिक रह रहे थे। गिरफ्तार किए गए 260 व्यक्तियों में 210 पुरुष शामिल हैं। पकड़े गए लोगों में नाइजीरिया के सबसे ज्यादा नागरिक थे
इसके अलावा आइवरी कोस्ट, लाइबेरिया, सेनेगल, सिएरा लियोन, घाना, कैमरून और युगांडा के नागरिकों को भी पकड़ा गया।
गिरफ्तारी के दौरान कई अफ्रीकी नागरिकों के पास नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए।

ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद
ऑपरेशन क्लीन स्वीप: दिल्ली पुलिस ने 260 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, नशीले पदार्थ बरामद

उनके पास निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने वाले या समाप्त हो चुके वीजा-पासपोर्ट पाए गए। इस संबंध में अपराधियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम और 14सी विदेशी अधिनियम के तहत 26 मामले दर्ज किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, अवैध रूप से विदेशी नागरिकों को किराए पर मकान देने वाले 25 से ज्यादा मकान मालिकों की पहचान की गई है और उनके खिलाफ भी उचित कानूनी धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि सत्यापन के बाद वैध दस्तावेज वाले कुछ अफ्रीकी नागरिकों को रिहा कर दिया गया।
नशे और अवैध प्रवासियों की इस दोहरी बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए दिल्ली पुलिस का यह सख्त रुख एक बड़ी सफलता है। दस्तावेजों का सत्यापन और आगे की मामला पंजीकरण प्रक्रिया जारी है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और आगे भी जारी रहेगी, जिनके पास भी सही दस्तावेज पाए जाएंगे, उन नागरिकों को छोड़ दिया जाएगा।

दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद

दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद

दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद
दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड (एएटीएस) टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने दो कुख्यात वाहन चोरों को गिरफ्तार किया, जिनकी निशानदेही पर छह चोरी की स्कूटी और दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस कार्रवाई से जिले में हुई 10 वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। गिरफ्तारी तकनीकी और मैन्युअल निगरानी के साथ 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच के बाद संभव हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित उर्फ बोना (36 वर्ष), निवासी कैलाशपुरी, पालम कॉलोनी, दिल्ली और पंकज उर्फ डाबरा (33 वर्ष), निवासी इसराइल कैंप, रंगपुरी पहाड़ी, दिल्ली, के रूप में हुई है। दोनों अपराधी जिले के अलग-अलग सब-डिवीजन में सक्रिय थे। रोहित दिल्ली कैंट क्षेत्र में और पंकज वसंत कुंज क्षेत्र में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।
हाल के दिनों में दक्षिण-पश्चिम जिले में दोपहिया वाहनों की चोरी की घटनाएं बढ़ने पर एएटीएस टीम को सक्रिय किया गया। टीम को चोरी स्थलों का दौरा करने, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करने और संदिग्धों की पहचान करने का निर्देश दिया गया। इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व में एएसआई प्रवीण, जयपाल, धर्मेंद्र, विनोद कुमार, हेड कांस्टेबल मोहित, नरेंद्र, रविंदर, देवेंद्र, प्रशांत, मनोज मोरल और कांस्टेबल प्रवीण की विशेष टीम गठित की गई। एसीपी ऑपरेशंस विजय पाल सिंह तोमर के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया।

दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद
दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम जिले में वाहन चोरी के दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, 8 चोरी के वाहन बरामद


300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान हुई। 10-11 नवंबर 2025 की मध्यरात्रि को छापेमारी की गई। रोहित उर्फ बोना को ब्रह्मपुरी सागरपुर से एक चोरी की स्कूटी के साथ पकड़ा गया, जो ई-एफआईआर नंबर 029891/25 (सेक्शन 305(बी) बीएनएस, थाना पश्चिम विहार) से संबंधित थी। इसी तरह, पंकज उर्फ डाबरा को बंगाली टोला पार्क, रंगपुरी पहाड़ी से टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी के साथ गिरफ्तार किया गया, जो ई-एफआईआर नंबर 024991/25 (थाना वसंत कुंज दक्षिण) की थी।
आरोपियों की निशानदेही पर आगे बरामदगी हुई। रोहित से शकुंतला अस्पताल के पास नाला रोड से दो स्कूटी और पंखा रोड जनकपुरी पेट्रोल पंप से एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। पंकज से अर्जुन कैंप महिपालपुर से दो स्कूटी और एक मोटरसाइकिल मिली। कुल 8 वाहन बरामद हुए, जिनसे 10 मामले सुलझे।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास काफी पुराना रहा है और वे कई मामलों में वांछित हैं। रोहित उर्फ बोना ने 2013 में आत्माराम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया, लेकिन नौकरी न मिलने पर शरारती तत्वों के संपर्क में आया। शराब और गांजा की लत लगी, फिर जनरल स्टोर से चोरी शुरू की और वाहन चुराने लगा। चोरी के बाद वाहनों में ईंधन भरवाकर लावारिस छोड़ देता था। वह पहले 15 मामलों (चोरी, एमवीटी, आर्म्स एक्ट) में शामिल रहा है।
वहीं, पंकज उर्फ डाबरा 7वीं तक पढ़ा, परिवार की गरीबी के कारण पढ़ाई छोड़ी। दिल्ली आकर मजदूरी की, लेकिन गांजा और स्मैक की लत लग गई। जरूरतों के लिए मोबाइल और वाहन चोरी शुरू की। वह 16 मामलों (चोरी, आर्म्स एक्ट, एमवीटी, हत्या का प्रयास) में वांछित था।

बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार
बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र में 27 अक्टूबर को हुए आईआरबी जवान अजय कुमार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने धनबाद से मुख्य आरोपी बलराम तिवारी और उसके सहयोगी सूरज कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बलराम तिवारी के पास से एक देसी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की गई है। चास के एसडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि घटना छठ महापर्व के संध्या अर्घ्य के दौरान हुई थी। चास थाना क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी स्थित गायघाट छठ घाट पर बलराम तिवारी और अंकित मंडल के बीच एक युवती को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद आईआरबी जवान अजय कुमार ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और बलराम तिवारी को थप्पड़ मार दिया।

बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार
बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

इससे नाराज बलराम तिवारी घर गया और पिस्तौल लाकर अजय कुमार को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, जिसे एसआईटी ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर धनबाद से गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी बलराम तिवारी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चास थाना और सेक्टर-12 थाना में केस दर्ज हैं। सह-आरोपी सूरज कुमार उर्फ पप्पू कुमार के खिलाफ भी चोरी और वाहन चोरी के आरोप में चास थाना कांड संख्या 337/23 दर्ज है।
आईआरबी जवान की हत्या के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया था। इसके विरोध में आक्रोशित लोगों ने बोकारो-चास मुख्य मार्ग को करीब छह घंटे तक जाम रखा था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है

दिल्ली : द्वारका में 'नो गन्स, नो गैंग्स' मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद

दिल्ली : द्वारका में ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद

दिल्ली : द्वारका में 'नो गन्स, नो गैंग्स' मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद
दिल्ली : द्वारका में ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली के द्वारका जिले में पुलिस ने ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ अभियान के तहत दो आदतन अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड (एएटीएस) की टीम ने दीपक उर्फ काला नटिया (30 वर्ष) और सुबिंदर कुमार उर्फ फगवा (28 वर्ष) को एक लोडेड देसी पिस्तौल और चोरी की स्कूटी के साथ पकड़ा। दोनों आरोपी पड़ोसी थे और निजी दुश्मनी के चलते हत्या की योजना बना रहे थे। डीसीपी द्वारका अंकित सिंह ने इसे अपराध रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। यह कार्रवाई 23 सितंबर 2025 को शुरू हुई जब एएसआई विजय सिंह को मुखबिर से खुफिया जानकारी मिली कि दो संदिग्ध द्वारका सेक्टर-17 के गोल्फ कोर्स रोड पर स्कूटी पर घूम रहे हैं। वे अवैध हथियार लेकर अपराध की फिराक में थे। एसीपी रामअवतार के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने तुरंत एक्शन लिया। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास संदिग्धों को देखा तो वे भागने लगे। लंबे पीछा के बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। तलाशी में दीपक के पास से एक देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुए। स्कूटी जनकपुरी से चुराई गई थी।

दिल्ली : द्वारका में 'नो गन्स, नो गैंग्स' मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद
दिल्ली : द्वारका में ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद


द्वारका उत्तर थाने में एफआईआर नंबर 397/25 धारा 25 आर्म्स एक्ट और 317(2) बीएनएस के तहत दर्ज की गई। पूछताछ में दीपक ने कबूल किया कि उसके पड़ोसी से पुराना झगड़ा था। बदला लेने के लिए उसने हथियार मंगवाया और सुबिंदर को साथ लिया। सुबिंदर ने बताया कि वह जबरन वसूली की योजना बना रहा था, लेकिन पकड़े जाने से पहले ही नाकाम हो गया। दोनों डाबड़ी इलाके के सीता पुरी के निवासी हैं।
दीपक पर पहले से 16 मामले दर्ज हैं, जिनमें डकैती, हत्या का प्रयास, झपटमारी और चोरी शामिल हैं। जनकपुरी थाने में डकैती के एक केस में उसे सजा भी हो चुकी है। सुबिंदर पर 5 मामले हैं, जिनमें हत्या, डकैती और चोरी शामिल हैं। वह सीसीएल (कोर्ट में आरोपित) है और डाबड़ी में हत्या के बाद से अपराध की दुनिया में सक्रिय था।

दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद

दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद

दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद
दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद

नई दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुए हत्या के प्रयास के एक मामले को पुलिस ने मात्र 24 घंटे में सुलझा लिया। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अपराध में इस्तेमाल पेपर कटर भी बरामद कर लिया गया। घायलों की हालत स्थिर है और इलाज जारी है। घटना गुरुवार रात करीब 11.30 बजे कबीर नगर की 33 फुटा रोड पर हुई। पीड़ित शाज़ेब (30 वर्ष) और उसका दोस्त शैद (27 वर्ष) घर लौट रहे थे जब दो युवकों ने उन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने शोर मचाया तो हमलावर भाग निकले। घायलों को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई। शुक्रवार सुबह 1.36 बजे पुलिस को मारपीट की सूचना मिली। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि घायलों को पहले ही अस्पताल भेजा जा चुका था। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के धब्बे, कपड़े के टुकड़े और अन्य साक्ष्य जुटाए। वेलकम थाने में धारा 109(1), 115(2) और 3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद
दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद

एसएचओ इंस्पेक्टर रूपेश कुमार खत्री के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल थे। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और तकनीकी निगरानी से सुराग मिले। शुक्रवार देर रात तक दोनों संदिग्धों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तोहीद (23 वर्ष), पुत्र अजमल, गली नंबर 1, हमजा मस्जिद के पास, कबीर नगर और अजहर अली उर्फ अज्जू (24 वर्ष), पुत्र अफजल, गली नंबर 8, कबीर नगर के रूप में हुई। दोनों पीड़ितों के पड़ोसी हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि शाजेब और शैद के साथ उनकी पुरानी दुश्मनी थी। छोटी-मोटी बातों पर झगड़ा हुआ करता था, जो अब बदले की आग बन गया। आरोपियों ने बताया कि उसने बाजार से पेपर कटर खरीदा और अजहर को साथ लिया। दोनों ने मौका देखकर हमला किया। उनकी निशानदेही पर हथियार बरामद कर लिया गया। जांच में पता चला कि अजहर पर पहले से दो आपराधिक मामले (मारपीट और चोरी) दर्ज हैं।

दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली के रंजीत नगर थाना क्षेत्र में थार चोरी होने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने उससे 1 लाख रुपए कैश, एक एप्पल आईपॉड, डिजाइनर गॉगल्स और महंगे जूते बरामद किए गए हैं। पूछताछ में पता चला कि वह अब तक कई लग्जरी एसयूवी चोरी की वारदात में शामिल रहा है। 28 अक्टूबर को उत्तराखंड निवासी एक व्यक्ति अपने दोस्त से मिलने के लिए दिल्ली आया था। उसने अपनी थार बाहर पार्क की थी। अगली सुबह उठने पर वाहन गायब मिला। इस संबंध में रंजीत नगर थाने में केस दर्ज हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ रंजीत नगर त्रिभुवन नेगी के नेतृत्व और एसीपी/पटेल नगर सुनील कुमार गुप्ता की देखरेख में टीम बनाई गई। टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों का गहराई से विश्लेषण किया। चोरी हुई थार में रखे एप्पल आईपॉड की लोकेशन को ट्रेस किया गया, जिससे गाड़ी की मूवमेंट सिकंदराबाद, बुलंदशहर (यूपी) तक ट्रैक हुई।
गुप्त ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक किराए के मकान की पहचान की। 31 अक्टूबर को जब संदिग्ध वहां पहुंचा तो टीम ने दबिश देकर अनिल ( 25 वर्ष) निवासी सिकंदराबाद को गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार


पूछताछ में अनिल ने खुलासा किया कि उसने चोरी की गई थार को अपने साथी राजू की मदद से सीवान में 2.5 लाख रुपए में बेच दी। उसे 1 लाख रुपए कैश एडवांस में मिला था, जबकि बाकी रकम बाद में देने की बात तय हुई थी।
इसके बाद टीम ने बिहार में भी ऑपरेशन चलाया। सीसीटीवी फुटेज से दो व्यक्तियों की पहचान हुई जो आरोपी से डील कर रहे थे। इनमें से एक चोरी की थार लेकर हाईवे की ओर गया और दूसरा अनिल को रेलवे स्टेशन छोड़ने गया। पुलिस ने वहां इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन ट्रेस किया, जो मोहम्मद कयूम नामक व्यक्ति तक पहुंचा। उसकी मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
गिरफ्तार अनिल के खिलाफ दिल्ली के जामा मस्जिद, राजौरी गार्डन, कृष्णा नगर, आनंद विहार, फर्श बाजार और मानसरोवर पार्क थाने और उत्तर प्रदेश में 9 आपराधिक केस पहले से दर्ज हैं, जिनमें चोरी और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं।
पुलिस अब चोरी की गई एसयूवी की बरामदगी और फरार आरोपी राजू व बिहार में मौजूद वाहन के खरीदारों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद
ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा । गौतमबुद्धनगर की इकोटेक-3 थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 4 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया है। यह गिरफ्तारी दिनांक 9 नवंबर 2025 को स्थानीय खुफिया तंत्र और बीट पुलिसिंग की सहायता से की गई। पुलिस का कहना है कि यह अभियान नशा तस्करी व नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान चिराग चौधरी उर्फ तनु, आकाश शर्मा और हरिओम शर्मा के रूप में हुई है।
तीनों आरोपी नॉलेज पार्क-5 क्षेत्र में सक्रिय थे और उसी इलाके से इन्हें दबोचा गया। प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये लोग बुलंदशहर जिले के रहने वाले हैं और लंबे समय से मादक पदार्थों की सप्लाई में शामिल थे।

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद
ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद


अभियुक्तों में पहले का नाम चिराग चौधरी उर्फ तनु है, जो ग्राम जलालपुर करीरा थाना शिकारपुर, बुलंदशहर का निवासी बताया जा रहा है। दूसरा अभियुक्त आकाश शर्मा भी जलालपुर करीरा का ही रहने वाला है, जबकि तीसरा अभियुक्त हरिओम शर्मा ग्राम निमचाना थाना अगौता, बुलंदशहर का निवासी है।
पुलिस ने इनके खिलाफ थाना इकोटेक-3 में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद 4 किलो 500 ग्राम गांजे की कीमत बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि वे आसपास के क्षेत्रों में गांजे की सप्लाई करते थे और युवाओं को निशाना बनाकर मादक पदार्थों की बिक्री की जाती थी।
पुलिस अब इनके नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहरी जांच कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्यवाहियां आगे भी लगातार जारी रहेंगी, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़
वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़

सीकर। राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के पूर्व-संध्या अवसर पर गुरुवार को शहीद स्मारक, सीकर में एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य के यूडीएच एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राष्ट्र रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर वीरों को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के साथ देशभक्ति का माहौल बनाया। मंत्री खर्रा ने इस अवसर पर कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत केवल एक कविता नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम्” ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में स्वदेश प्रेम, एकता और संघर्ष का नया उत्साह जगाया था,

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़
वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़

और आज भी यह गीत राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्य भावना को मजबूत करता है।
इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का राष्ट्रीय पर्व है।
सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम घोषणा के अनुसार, 7 नवंबर को वर्षभर चलने वाले “वंदे मातरम्–150 वर्ष” समारोह का औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। राज्य सहित देशभर में इस अवसर से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।
कार्यक्रम के अंत में मां भारती को नमन और राष्ट्र की अखंडता के लिए संकल्प व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि सभा संपन्न हुई।