कफ सिरप के अवैध कारोबार पर यूपी के चार जिलों में 19 दवा फर्मों पर एफआईआर, लाइसेंस रद्द करने के निर्देश

कफ सिरप के अवैध कारोबार पर यूपी के चार जिलों में 19 दवा फर्मों पर एफआईआर, लाइसेंस रद्द करने के निर्देश

कफ सिरप के अवैध कारोबार पर यूपी के चार जिलों में 19 दवा फर्मों पर एफआईआर, लाइसेंस रद्द करने के निर्देश
कफ सिरप के अवैध कारोबार पर यूपी के चार जिलों में 19 दवा फर्मों पर एफआईआर, लाइसेंस रद्द करने के निर्देश

लखनऊ । यूपी में कोडीन युक्त कफ सिरप और नारकोटिक्स (एनआरएक्स) श्रेणी की दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। गंभीर अनियमितताओं के चलते खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने वाराणसी, सुल्तानपुर, भदोही और प्रयागराज की 19 दवा फर्मों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में पाया गया कि इन संस्थानों के संचालकों के पास कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य नारकोटिक दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित जरूरी दस्तावेज नहीं थे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ये फर्में ऐसी दवाओं की बिक्री नशे के उपयोग के लिए कर रही थीं, जो कानून का स्पष्ट उल्लंघन है। वाराणसी में राधिका इंटरप्राइजेज के प्रशांत उपाध्याय, मेड रेमेडी के आकाश पाठक, श्री हरि फार्मा के अमित जायसवाल, विश्वनाथ मेडिकल एजेंसी के विशाल सोनकर, सौम्या मेडिकल के सचिन पांडे, श्री राम फार्मा के घनश्याम, खाटू फार्मा के अभिनव यादव, काल भैरव ट्रेडर्स के बादल आर्य, विंध्यवासिनी ट्रेडर्स के सचिन यादव, श्याम फार्मा के राहुल कुमार जायसवाल, वीएसएम फर्म के हिमांशु चतुर्वेदी और पूर्णा फार्मा के पूजा तिवारी पर एफआईआर दर्ज हुई है।

कफ सिरप के अवैध कारोबार पर यूपी के चार जिलों में 19 दवा फर्मों पर एफआईआर, लाइसेंस रद्द करने के निर्देश
कफ सिरप के अवैध कारोबार पर यूपी के चार जिलों में 19 दवा फर्मों पर एफआईआर, लाइसेंस रद्द करने के निर्देश


सुल्तानपुर में वैभव फार्मा के वैभव श्रीवास्तव, वैश्य मेडिकल स्टोर के राजेश कसौधन, अमर फार्मा के पुष्पेंद्र कुमार सिंह और अनीश मेडिकल एजेंसी के अनीज खान पर मामला दर्ज हुआ है।
भदोही में श्री गुरुदेव मेडिकल एजेंसी, ओपी फार्मा के ओमप्रकाश कसेरा और प्रयागराज में आशुतोष फार्मा के आशुतोष पटेल की शिकायत की गई है।
एफएसडीए आयुक्त रौशन जैकब ने इन सभी दवा फर्मों के लाइसेंस रद्द करने के निर्देश जारी किए हैं।
कोडीन युक्त सिरप और नारकोटिक दवाओं की अवैध बिक्री पर एफएसडीए द्वारा की गई अब तक की कार्रवाई में वाराणसी में 28, जौनपुर में 12, कानपुर नगर में 8, लखनऊ में 3 एफआईआर के अलावा चंदौली, बहराइच, सुल्तानपुर, गाजीपुर में 36 एफआईआर दर्ज हैं। इस तरह अब तक कुल 87 एफआईआर इस अवैध कारोबार के खिलाफ दर्ज कराई जा चुकी हैं।
एफएसडीए ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों और आपूर्तिकर्ताओं की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं के अवैध व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति या फर्म को बख्शा नहीं जाएगा।

सूरतगढ़ में ठगों का नया फॉर्मूला : बर्तनों की पॉलिश का झांसा देकर लाखों के जेवरात लेकर फरार, सीसीटीवी में दोनों चोर कैद

सूरतगढ़ में ठगों का नया फॉर्मूला : बर्तनों की पॉलिश का झांसा देकर लाखों के जेवरात लेकर फरार, सीसीटीवी में दोनों चोर कैद

सूरतगढ़ में ठगों का नया फॉर्मूला : बर्तनों की पॉलिश का झांसा देकर लाखों के जेवरात लेकर फरार, सीसीटीवी में दोनों चोर कैद
सूरतगढ़ में ठगों का नया फॉर्मूला : बर्तनों की पॉलिश का झांसा देकर लाखों के जेवरात लेकर फरार, सीसीटीवी में दोनों चोर कैद

श्रीगंगानगर। सूरतगढ़ थाना क्षेत्र में ठगों ने तांबे और चांदी के बर्तन पॉलिश करने का झांसा देकर लाखों के सोने के गहने उड़ाए। वारदात दिनदहाड़े हुई और दोनों आरोपी सीसीटीवी कैमरे में साफ़ कैद हुए हैं। आवाज लगाकर गली में घूमते ये ठग घर के अंदर पहुंचे, भरोसा जीता और पल भर में जेवरात लेकर ओझल हो गए।
“बर्तन पॉलिश करवाओ… चमका देंगे!” – इसी आवाज के सहारे घर में घुसे ठग गौरव कुमार (41) निवासी वार्ड 27, सूरतगढ़ ने पुलिस को बताया कि उसकी मां और पत्नी बालकनी में बैठी थीं। तभी दो युवक गली में चलते-चलते बर्तन पॉलिश करने की आवाज लगा रहे थे। कुछ देर बाद दोनों घर के पास आए और महिलाओं से बोले—“हम तांबा, चांदी, सोना… हर किस्म के बर्तन व जेवरात चमका देते हैं। चंद मिनट में जैसे नए हो जाएंगे।”
उनकी बात और चाल-ढाल में इतनी सफाई थी कि शक की कोई गुंजाइश ही नहीं बची।
पहले बर्तन चमकाए, फिर गहने मांगे… और पलक झपकते भाग निकले
गौरव की मां ने पहले तांबे के बर्तन आरोपियों को दिए। उन्होंने मौके पर ही उन्हें चमकाकर वापस कर दिया।यही देखकर परिवार का भरोसा बढ़ गया।

सूरतगढ़ में ठगों का नया फॉर्मूला : बर्तनों की पॉलिश का झांसा देकर लाखों के जेवरात लेकर फरार, सीसीटीवी में दोनों चोर कैद
सूरतगढ़ में ठगों का नया फॉर्मूला : बर्तनों की पॉलिश का झांसा देकर लाखों के जेवरात लेकर फरार, सीसीटीवी में दोनों चोर कैद


इसके बाद—
मां ने आधा तोला सोने की अंगूठी,
बहू ने 5 तोला सोने के दो कंगनपॉलिश कराने के लिए दे दिए।
जेवर हाथ में आते ही दोनों ठग अपनी बाइक स्टार्ट करके फुर्र… सूरतगढ़ की गलियों में कहीं गुम हो गए।
सीसीटीवी में दर्ज पूरी कहानी, पुलिस ने बनाई टीमें
पूरी घटना घर पर लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि कैसे दोनों आरोपी पहले गली में घूमते हैं, फिर आवाज लगाते हुए घर में प्रवेश करते हैं और कुछ देर बाद तेज़ी से बाइक भगाकर निकल जाते हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल महावीर सिंह कर रहे हैं।
लोगों से चेतावनी : “सड़क पर मिलने वाले पॉलिश करने वालों से सावधान रहें। पुलिस ने अपील की है कि— किसी भी अजनबी पॉलिश करने वाले पर भरोसा न करें। गहने कभी हाथ से न दें। संदिग्ध दिखें तो तुरंत थाने में सूचना दें।

मुंबई एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के साथ नेपाली युवती गिरफ्तार, ओमान भागने का था प्रयास

मुंबई एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के साथ नेपाली युवती गिरफ्तार, ओमान भागने का था प्रयास

मुंबई एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के साथ नेपाली युवती गिरफ्तार, ओमान भागने का था प्रयास
मुंबई एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के साथ नेपाली युवती गिरफ्तार, ओमान भागने का था प्रयास

मुंबई । मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर इमिग्रेशन विभाग ने एक बड़ी फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया, जब एक नेपाली युवती भारतीय पासपोर्ट के साथ ओमान भागने की कोशिश कर रही थी। इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह घटना उस समय सामने आई जब काजल नाम की युवती मस्कत (ओमान) जाने वाली उड़ान 6ई 1267 में सवार होने के लिए इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंची। काउंटर पर तैनात इमिग्रेशन ऑफिसर रुचि रुपेश धोमकर को युवती का व्यवहार और दस्तावेज संदिग्ध लगे। पासपोर्ट में उसका जन्मस्थान ‘नौहरा, हिमाचल प्रदेश’ दर्ज था, लेकिन बातचीत और हाव-भाव से वह नेपाली नागरिक प्रतीत हो रही थी। शक के आधार पर उसे आगे की जांच के लिए इमिग्रेशन विंग के इंचार्ज के पास भेजा गया। पूछताछ के दौरान युवती ने स्वीकार किया कि उसका असली नाम काजल लामा है और वह नेपाल की निवासी है।
उसने बताया कि उसके माता-पिता नेपाल से हिमाचल प्रदेश आकर बसे थे और यहीं जन्म लेने के बाद उसने भारतीय पहचान बनाने के लिए आधार, पैन और अन्य दस्तावेज तैयार किए थे। इसके बाद, उसने शिमला पासपोर्ट कार्यालय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया था।

मुंबई एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के साथ नेपाली युवती गिरफ्तार, ओमान भागने का था प्रयास
मुंबई एयरपोर्ट पर फर्जी पासपोर्ट के साथ नेपाली युवती गिरफ्तार, ओमान भागने का था प्रयास


युवती के मोबाइल फोन से प्राप्त दस्तावेजों ने उसकी सच्चाई का खुलासा किया। इसमें उसका नेपाली जन्म प्रमाणपत्र, उसके पिता का नेपाली नागरिकता कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड शामिल थे।
जांच में यह भी पता चला कि वह 16 जून 2025 को जारी किए गए भारतीय पासपोर्ट का उपयोग करके मुंबई से मस्कत भागने की योजना बना रही थी।
इमिग्रेशन विभाग ने इस फर्जीवाड़े को सुनियोजित धोखाधड़ी माना और युवती को सहार पुलिस के हवाले कर दिया। सहार पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पासपोर्ट अथॉरिटी और इमिग्रेशन सिस्टम को धोखा देने के लिए और कौन लोग शामिल थे। काजल लामा से पूछताछ की जा रही है, जिससे पता लगाया जा सके कि इसमें कितने लोग शामिल हैं और उसने इससे पहले क्या कहीं की यात्राएं की हैं।

हिन्दुस्तान जिंक ने नए BIS सर्टिफिकेशन के साथ नवाचार को दी नई रफ़्तार

हिन्दुस्तान जिंक ने नए BIS सर्टिफिकेशन के साथ नवाचार को दी नई रफ़्तार

हिन्दुस्तान जिंक ने नए BIS सर्टिफिकेशन के साथ नवाचार को दी नई रफ़्तार
हिन्दुस्तान जिंक ने नए BIS सर्टिफिकेशन के साथ नवाचार को दी नई रफ़्तार

उदयपुर। भारत की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड इन दिनों “थिंक डिफरेंटली” थीम के साथ वर्ल्ड क्वालिटी मंथ मना रही है। यह थीम कंपनी की इनोवेशन क्षमता, डेटा-ड्रिवन निर्णय लेने की प्रक्रिया और वैल्यू चेन में ऑपरेशनल एक्सीलेंस के प्रति उसकी लगातार प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इसी कड़ी में कंपनी को अपने प्रमुख प्रोडक्ट ‘डाई कास्टिंग के लिए जिंक बेस एलॉय इनगॉट्स – ग्रेड ZN AI 4’ के लिए Bureau of Indian Standards (BIS) से IS 713:1986 के अंतर्गत स्टैंडर्ड मार्क का उपयोग करने की अनुमति मिल गई है। यह सर्टिफिकेशन उत्पाद की बाज़ार विश्वसनीयता, नियामकीय अनुपालन और कस्टमर कॉन्फिडेंस को और मजबूत करता है। इसके साथ ही कंपनी का “हाई-एश्योरेंस, ग्लोबली बेंचमार्क्ड” प्रोडक्ट्स का विज़न भी और सुदृढ़ हो गया है।
कंपनी की क्वालिटी जर्नी में बड़ा कदम – एजाइल क्वालिटी सर्कल
हिन्दुस्तान जिंक ने पारंपरिक 12-स्टेप फ्रेमवर्क को आधुनिक रूप देते हुए एजाइल क्वालिटी सर्कल पेश किया है। यह नया मॉडल टीमों को चुनौतियों के हिसाब से सबसे बेहतर क्वालिटी टूल्स चुनने की शक्ति देता है। इससे—कर्मचारी सहभागिता बढ़ती है, निर्णय तेजी से लिए जा सकते हैं, रचनात्मक समस्या-समाधान को बढ़ावा मिलता है।
विविध कौशलों का प्रभावी उपयोग संभव होता है
यह क्वालिटी सर्कल कम्पनी के सात बुनियादी स्तम्भों पर आधारित मजबूत क्वालिटी इकोसिस्टम से सहज रूप से जुड़ जाता है—सप्लायर क्वालिटी मैनेजमेंट, कस्टमर मैनेजमेंट, इंटीग्रेटेड क्वालिटी मैनेजमेंट, निरंतर सुधार, नेतृत्व सहभागिता, स्किल डेवलपमेंट और रिजल्ट मैपिंग।
पूरी तरह डिजिटल LIMS – पारदर्शिता और डेटा एक्यूरेसी की नई मिसाल
हिन्दुस्तान जिंक ने अपना क्वालिटी एश्योरेंस वर्कफ्लो अधिक सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह डिजिटल लैबोरेटरी इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (LIMS) अपनाया है।
इससे—एंड-टू-एंड ट्रांसपेरेंसी, ट्रैसेबिलिटी, और डेटा की 100% सटीकता सुनिश्चित होती है।

हिन्दुस्तान जिंक ने नए BIS सर्टिफिकेशन के साथ नवाचार को दी नई रफ़्तार
हिन्दुस्तान जिंक ने नए BIS सर्टिफिकेशन के साथ नवाचार को दी नई रफ़्तार


सीईओ का बयान — इनोवेशन को लेकर आत्मविश्वास
हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा—“हिन्दुस्तान जिंक में क्वालिटी, जिज्ञासा और निरंतर सुधार की संस्कृति में निहित है। ‘थिंक डिफरेंटली’ थीम और एजाइल क्वालिटी सर्कल्स के साथ हम अपने लोगों को पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आत्मविश्वास के साथ नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। BIS सर्टिफिकेशन हमारे क्वालिटी सिस्टम की ताकत का प्रतीक है, जो हमें ऑपरेशनल एक्सीलेंस के नए मानक स्थापित करने में सक्षम बनाता है।”
ग्लोबल लेवल पर मजबूत उपस्थिति और सस्टेनेबल कमिटमेंट
दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक कंपनी के रूप में हिन्दुस्तान जिंक—प्रोडक्ट रिलायबिलिटी, जिम्मेदार सोर्सिंग, और सस्टेनेबिलिटी के अंतरराष्ट्रीय मानकों को लगातार और ऊंचा उठा रही है।
कंपनी के उत्पाद—London Metal Exchange (LME), London Bullion Market Association (LBMA) में रजिस्टर्ड हैं, जो वैश्विक खरीदारों को 99.99% प्योर सिल्वर सहित उच्च शुद्धता और स्थिरता का भरोसा देते हैं।
साथ ही कंपनी के पास—REACH सर्टिफिकेशन (जिससे उत्पाद 27 EU देशों में निर्यात योग्य हैं) और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त m³ck International Verification भी मौजूद है।
कंपनी का लो-कार्बन जिंक ब्रांड ECOZENTM उद्योग को अधिक सस्टेनेबल भविष्य की दिशा में ले जाने के उसके संकल्प को और मजबूत करता है।
ISO और अन्य वैश्विक सर्टिफिकेशन ― मजबूत कम्प्लायंस फ्रेमवर्क
हिन्दुस्तान जिंक अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में निम्न सर्टिफिकेशन्स बनाए रखती है—ISO 9001:2015, ISO 14001:2015, ISO 45001:2018, ISO/IEC 17015:2017 NABL Accreditation, BIS Certification साथ ही यह ICMM की एकमात्र भारतीय सदस्य है—जो वैश्विक खनन उद्योग में एथिक्स, सेफ्टी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के उच्चतम मानकों के लिए जाना जाता है।
क्वालिटी, नवाचार और सस्टेनेबल संचालन के लिए हिन्दुस्तान जिंक की प्रतिबद्धता उसे उद्योग में एक मजबूत और अग्रणी पहचान देती है। नए BIS सर्टिफिकेशन के साथ कंपनी ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि वह भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विश्वस्तरीय मानकों पर खरा उतरने को तैयार है।

252 करोड़ ड्रग्स केस मामले में श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर से पूछताछ, एंटी-नारकोटिक्स सेल की यूनिट में पहुंचे

252 करोड़ ड्रग्स केस मामले में श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर से पूछताछ, एंटी-नारकोटिक्स सेल की यूनिट में पहुंचे

252 करोड़ ड्रग्स केस मामले में श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर से पूछताछ, एंटी-नारकोटिक्स सेल की यूनिट में पहुंचे
252 करोड़ ड्रग्स केस मामले में श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर से पूछताछ, एंटी-नारकोटिक्स सेल की यूनिट में पहुंचे

मुंबई। मुंबई में 252 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले की जांच और तेज हो गई है। इसी कड़ी में बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर के भाई और अभिनेता सिद्धांत कपूर एंटी-नारकोटिक्स सेल (एएनसी) की घाटकोपर यूनिट पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ होगी। मुंबई पुलिस के मुताबिक, सिद्धांत कपूर को आरोपी के बयानों में सामने आई जानकारियों की पुष्टि के लिए तलब किया गया था। सिद्धांत कपूर ने पुलिस अधिकारियों के साथ सहयोग करते हुए पूछताछ के लिए घाटकोपर यूनिट पहुंचे। यहां अधिकारी उनसे कई पहलुओं पर सवाल करेंगे।
बता दें कि सिद्धांत कपूर की गिरफ्तारी या किसी प्रकार का आरोप इस समय नहीं है। पुलिस ने यह साफ किया कि पूछताछ का उद्देश्य मामले में सामने आई जानकारियों की पुष्टि करना है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कई अहम दावों और तथ्यों की जांच की जा रही है। इससे पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामणी उर्फ ओरी को भी एएनसी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। ओरी को पहले 20 नवंबर को तलब किया गया था, लेकिन उन्होंने अतिरिक्त समय मांगा था। अब उन्हें 26 नवंबर को घाटकोपर यूनिट में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों नाम इसी कारण समन में शामिल किए गए, क्योंकि उनसे संबंधित जानकारी मुख्य आरोपी के बयानों में सामने आई थी।

252 करोड़ ड्रग्स केस मामले में श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर से पूछताछ, एंटी-नारकोटिक्स सेल की यूनिट में पहुंचे
252 करोड़ ड्रग्स केस मामले में श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर से पूछताछ, एंटी-नारकोटिक्स सेल की यूनिट में पहुंचे


252 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले की शुरुआत पिछले साल मार्च से जुड़ी हुई है। महाराष्ट्र के सांगली जिले में एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक अवैध मेफेड्रोन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस फैक्ट्री में पेशेवर तरीके से मेफेड्रोन का उत्पादन किया जा रहा था और इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 252 करोड़ रुपए आंकी गई थी। इस मामले की जांच के दौरान पता चला कि यह फैक्ट्री और सप्लाई चेन ड्रग्स नेटवर्क के कुछ बड़े माफिया से जुड़ी हुई थी।
मुख्य आरोपी मोहम्मद सलीम उर्फ सुहैल शेख और ताहिर डोला ने कथित तौर पर भारत और विदेशों में हाई-प्रोफाइल रेव पार्टियों का आयोजन किया। इन पार्टियों में मेफेड्रोन जैसे ड्रग्स सप्लाई किए जाते थे।
ताहिर डोला को दुबई से प्रत्यर्पित किया गया, और उसके बयान के बाद यह मामला सेलिब्रिटी सर्कल तक पहुंचा। पूछताछ में दावा किया गया कि बॉलीवुड और फैशन जगत के कई बड़े नाम इन पार्टियों में शामिल हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रद्धा कपूर, उनके भाई सिद्धांत कपूर, नोरा फतेही और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी का नाम भी सामने आया। हालांकि, पुलिस कई बार स्पष्ट कर चुकी है कि अभी तक किसी पर दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
सिद्धांत कपूर पहले भी 2022 में बेंगलुरु में एक रेव पार्टी के दौरान ड्रग्स मामले में विवादों में रह चुके हैं। उस समय भी उनका नाम सुर्खियों में आया था।

ज्वालामुखी से निकली राख का बादल उत्तरी भारत से आगे बढ़ा, सतह पर कहीं भी कोई खतरा नहीं

ज्वालामुखी से निकली राख का बादल उत्तरी भारत से आगे बढ़ा, सतह पर कहीं भी कोई खतरा नहीं

ज्वालामुखी से निकली राख का बादल उत्तरी भारत से आगे बढ़ा, सतह पर कहीं भी कोई खतरा नहीं
ज्वालामुखी से निकली राख का बादल उत्तरी भारत से आगे बढ़ा, सतह पर कहीं भी कोई खतरा नहीं

नई दिल्ली । भारतीय मौसम विज्ञान एजेंसी इंडियामेटस्काई ने मंगलवार को राहत भरी खबर दी है। इंडोनेशिया के हेली गुब्बी ज्वालामुखी से निकली राख (एसओ2) का बादल अब पूरी तरह उत्तरी भारत से आगे बढ़ चुका है और खतरा टल गया है। इंडियामेटस्काई ने सुबह अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर फाइनल अपडेट जारी की। एजेंसी के अनुसार, “राख का बादल अब चीन की ओर चला गया है और ऊपरी वायुमंडल (स्ट्रैटोस्फीयर) में फैल रहा है। आने वाले कुछ दिनों में यह महीन धूल सबट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम के साथ प्रशांत महासागर की ओर बढ़ जाएगी।” सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि सतह पर कहीं भी कोई खतरा नहीं है। एक्यूआई पर कोई असर नहीं पड़ा और न पड़ेगा। हिमालयी तराई, नेपाल की पहाड़ियों या उत्तर भारत के मैदानों में एसओ2 का स्तर भी सामान्य हो चुका है। 40,000 फीट से ऊपर सिर्फ एसओ 2 का हल्का निशान बचा है, जो तेजी से फैलकर निष्क्रिय हो जाएगा।

ज्वालामुखी से निकली राख का बादल उत्तरी भारत से आगे बढ़ा, सतह पर कहीं भी कोई खतरा नहीं
ज्वालामुखी से निकली राख का बादल उत्तरी भारत से आगे बढ़ा, सतह पर कहीं भी कोई खतरा नहीं


इंडियामेटस्काई ने बताया कि जहां-जहां यह महीन धूल ऊपरी वायुमंडल में रहेगी, वहां सूर्योदय और सूर्यास्त बेहद रंगीन और शानदार दिखाई देंगे। लाल, बैंगनी और नारंगी रंगों की छटा आसमान में छा जाएगी, ठीक वैसे ही जैसे बड़े ज्वालामुखी विस्फोट के बाद पूरी दुनिया में देखने को मिलता है।
ज्वालामुखी की राख के गुबार ने उत्तरी और पश्चिमी भारत में एयर क्वालिटी और एविएशन सेफ्टी को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। इस कारण सोमवार और मंगलवार को देश भर में कई फ्लाइट्स बाधित हुई थीं।
राख का गुबार उत्तरी इथियोपिया में हेली गुब्बी ज्वालामुखी से निकला था, जो 12,000 साल तक शांत रहने के बाद फटा था, जिससे राख का एक बड़ा गुबार बना जो आसमान में लगभग 14 किलोमीटर तक ऊपर उठा। तेज हवाओं ने राख के बादल को लाल सागर के पार, यमन और ओमान के ऊपर, और आगे अरब सागर के पार भारतीय उपमहाद्वीप की ओर अग्रसर कर दिया था।

जम्मू-कश्मीर: 1.66 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

जम्मू-कश्मीर: 1.66 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

जम्मू-कश्मीर: 1.66 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
जम्मू-कश्मीर: 1.66 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने एक फर्जी प्रॉपर्टी डील से जुड़े 1.66 करोड़ रुपए के फ्रॉड में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को यह जानकारी दी। क्राइम ब्रांच की ओर से जारी बयान में कहा गया, “श्रीनगर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की है। जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें अब्दुल वाहिद खान, खान मोहल्ला, बघाट-ए-बरजुल्ला, श्रीनगर के रहने वाले; मोहम्मद यूसुफ मलिक, नई सड़क हब्बा कदल, श्रीनगर के रहने वाले, जो अभी नाटीपोरा श्रीनगर में रहते हैं; मोहम्मद अशरफ मीर, हखरीपोरा पुलवामा के रहने वाले और मोहम्मद मकबूल शाह, पीरबाग श्रीनगर के रहने वाले शामिल हैं।” शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वे एक घर खरीदना चाहते थे और इन आरोपियों ने प्रॉपर्टी डीलर बनकर उनसे संपर्क किया।
बयान में कहा गया, “आरोपियों ने कथित तौर पर चिनार कॉलोनी, बघाट-ए-बरज़ुल्ला में जवाहर लाल राफिज की विधवा, श्रीमती कोशालिया की मालिकी वाली एक कनाल और पांच मरला जमीन वाला दो मंजिला घर दिखाया और माइग्रेंट प्रॉपर्टी बेचने के लिए झूठा एग्रीमेंट बनाकर 1.16 करोड़ रुपए देने के लिए उकसाया।”

जम्मू-कश्मीर: 1.66 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
जम्मू-कश्मीर: 1.66 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में 4 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल


शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि आरोपी ने बाद में सेल प्राइस बढ़ा दिया और 50 लाख रुपए और निकाल लिए, जिससे कुल रकम 1.66 करोड़ रुपए हो गई।
इसके बाद शिकायतकर्ताओं को न तो प्रॉपर्टी का कब्जा दिया गया और न ही उनके पैसे वापस किए गए। जांच में पता चला कि आरोपियों ने क्रिमिनल साजिश रची और शिकायत करने वालों की मेहनत की कमाई हड़पने के लिए नकली डॉक्यूमेंट बनाए।
क्राइम ब्रांच ने बयान में आगे कहा कि एफआईआर नंबर 14/2018 में सेक्शन 420, 468 और 471 के साथ 120-बी आरपीसी के तहत कोर्ट में न्यायिक फैसले के लिए चार्जशीट फाइल की गई है।
कार्रवाई के दौरान, कोर्ट ने दो आरोपियों, मोहम्मद यूसुफ मलिक, जो अभी नई सड़क हब्बा कदल श्रीनगर के रहने वाले हैं, नाटीपोरा श्रीनगर और मोहम्मद मकबूल शाह, जो अभी पीरबाग श्रीनगर के रहने वाले हैं, को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

हैदराबाद: इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में लगी आग, 6 लोग घायल

हैदराबाद: इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में लगी आग, 6 लोग घायल

हैदराबाद: इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में लगी आग, 6 लोग घायल
हैदराबाद: इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में लगी आग, 6 लोग घायल

हैदराबाद । हैदराबाद के पुराने शहर में एक इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान में भीषण आग लग गई। इस हादसे में छह लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, शाहलीबंदा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में सोमवार रात आग लग गई, जिससे दुकान पूरी तरह जल गई। आग पर काबू पाने के लिए आठ फायर इंजन, एक स्काईलिफ्ट फायर ट्रक और एक फायरफाइटिंग रोबोट को लगाया गया। फायरफाइटिंग कर्मचारियों को आग बुझाने में दो घंटे से ज्यादा का समय लगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में लगी आग पास के गोदाम और दूसरी दुकानों तक फैल गई। आग में कपड़े की एक दुकान भी पूरी तरह जल गई।
दुकान में रखे कई रेफ्रिजरेटर, सिलेंडर, गीजर और इलेक्ट्रॉनिक सामान में धमाके की वजह से आग और तेज होने का भी शक है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ जोन) खरे किरण प्रभाकर ने कहा कि पहली नजर में आग एक इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी।
आग की लपटों ने दुकान के सामने खड़ी सीएनजी कार को भी अपनी चपेट में ले लिया और सिलेंडर ब्लास्ट की वजह से आग तेजी से फैल गई।

हैदराबाद: इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में लगी आग, 6 लोग घायल
हैदराबाद: इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान में लगी आग, 6 लोग घायल


दुकानों में कुछ लोग काम कर रहे थे और कुछ कार में भी बैठे थे। आग और धमाके की वजह से छह लोग घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डीसीपी ने बताया कि फायरफाइटर्स ने स्थिति को कंट्रोल में कर लिया, जिससे और नुकसान होने से बच गया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रही फर्जी खबरों पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि लोग सिर्फ पुलिस से मिली ऑफिशियल जानकारी पर ही भरोसा करें और बिना वेरिफाई की हुई खबरें शेयर करने से बचें, जिससे बेवजह पैनिक फैल सकता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके की आवाज एक किलोमीटर के दायरे में सुनी गई, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि धमाके के समय पास के राजाराय क्लॉक टावर की घड़ी भी रुक गई थी।

दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद

दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद

दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद
दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एक चोर को गिरफ्तार किया, जिसने अपने ही रिश्तेदार के घर से गहने चुरा लिए थे। द्वारका जिले के बिंदापुर पुलिस स्टेशन की टीम ने गिरफ्तारी के बाद चोरी के गहने बरामद कर लिए। द्वारका पुलिस के एक बयान के मुताबिक, टीम ने आरोपी की निशानदेही पर एक लॉकेट वाली सोने की चेन, एक और सोने की चेन, एक जोड़ी सोने की चेन, एक जोड़ी सोने की बालियां, दो सोने की अंगूठियां और 20 ग्राम का सोने का बिस्किट बरामद किया। बिंदापुर पुलिस स्टेशन को 9 नवंबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305 के तहत एक ऑनलाइन ई-एफआईआर मिली। इसके बाद, पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शिकायतकर्ता मनजिंदर कौर से मिली, जो असलम सलीम की पत्नी हैं और आर्य समाज रोड, उत्तम नगर, दिल्ली की रहने वाली हैं। उन्होंने बताया कि अनजान लोगों ने उनके घर से गहने चुरा लिए हैं। उनकी शिकायत के आधार पर, ऊपर बताई गई ई-एफआईआर दर्ज की गई।
द्वारका डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी के कहने पर जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए, केस को सुलझाने और दोषी को पकड़ने के लिए बिंदापुर पुलिस स्टेशन से एक टीम बनाई गई। इस टीम में हेड कांस्टेबल नीरज, हेड कांस्टेबल अशोक, कांस्टेबल राजेश डागर और कांस्टेबल आशीष शामिल थे, जिनका सुपरविजन इंस्पेक्टर नरेश सांगवान, स्टेशन हाउस ऑफिसर और ओवरऑल सुपरविजन राजकुमार, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, डाबरी का था।

दिल्ली: रिश्तेदार के घर से ज्वेलरी चुराने वाला चोर गिरफ्तार, आभूषण बरामद
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मामले की जांच के लिए टीम क्राइम स्पॉट पर गई और घर और आस-पास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज चेक की। खास बात यह थी कि जबरदस्ती घुसने का कोई निशान नहीं था, कोई ताला या दरवाजा नहीं तोड़ा गया था, जिससे पुलिस को शक हुआ कि इसमें घर से जान-पहचान वाले या उसी बिल्डिंग में रहने वाले किसी व्यक्ति का हाथ है।
पूछताछ के दौरान पता चला कि शिकायत करने वाले का एक कजन घर आया था और तीन दिन तक वहीं रुका था। पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिसकी पहचान परमजीत सिंह के तौर पर हुई। पूछताछ के दौरान परमजीत ने शुरू में अपना परिचय सब-इंस्पेक्टर परमवीर सिंह के तौर पर दिया, लेकिन वह कोई पहचान पत्र नहीं दिखा सका और अपनी कथित पोस्टिंग के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
शक होने पर पुलिस ने और गहराई से पूछताछ की। इस दौरान परमजीत ने माना कि वह पुरानी कारों का कमीशन एजेंट का काम करता है और आखिर में उसने शिकायत करने वाली के घर पर चोरी करना कबूल कर लिया, जो उसकी मौसी की बेटी है।
उसने आगे बताया कि उसने चोरी की ज्वेलरी हिमाचल प्रदेश के अंबोटा में अपने नाना के घर पर एक बिस्तर के अंदर छिपा दी थी।
पुलिस ने परमजीत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस की एक टीम उसके साथ हिमाचल प्रदेश गई, जहां से चोरी का सामान सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया। इस मामले में आगे की जांच चल रही है।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच साइबर सेल ने देशव्यापी स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने नकली प्री-आईपीओ स्कीम, फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और हाई-रिटर्न के लालच में लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा ठग लिए। पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नकली कंपनियों के संचालक शामिल हैं। पूरे मामले की शुरुआत एक पीड़िता की शिकायत के बाद हुई, जिसे सोशल मीडिया पर एक महिला ने यूके के कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘स्प्रेडेक्स ग्लोबल लिमिटेड’ में निवेश का लालच दिया। पीड़िता ने कुल 1.6 करोड़ रुपए गंवा दिए। जब उसने मुनाफा निकालने की कोशिश की तो अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। जांच में पता चला कि ठगी का पैसा दो फर्जी कंपनियों के खातों में जा रहा था। इन कंपनियों के नाम जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (पूर्वी दिल्ली के शकरपुर में फर्जी ऑफिस) और उद्यम विमेन एम्पावरमेंट फाउंडेशन (महाराष्ट्र से संचालित) हैं। इन दोनों कंपनियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर कुल 58 शिकायतें दर्ज थीं, जिनमें 1.10 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी का खुलासा हुआ। जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स से 88.40 लाख रुपए और विमेन एम्पावरमेंट फाउंडेशन से 22 लाख रुपए की रकम बरामदगी की दिशा में पहचान हुई है।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 1.6 करोड़ रुपए का स्टॉक मार्केट फ्रॉड उजागर, तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार


पुलिस ने ठाणे और दिल्ली में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान सुनील कुमार (आगरा, उत्तर प्रदेश), जीटीआर इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर, विशाल चौरे और उनकी पत्नी (डोंबिवली, ठाणे), उद्यम विमेन एम्पावरमेंट फाउंडेशन के संचालक की गिरफ्तारी हुई।
पूछताछ में सुनील कुमार ने कबूल किया कि उसने साथियों के साथ मिलकर कंपनी रजिस्टर की, शकरपुर में किराए का ऑफिस लिया, और सिर्फ फ्रॉड के पैसे को लॉन्ड्रिंग करने के लिए बैंक अकाउंट खोला था। विशाल चौरे दंपति फर्जी एनजीओ के नाम पर अकाउंट चलाकर पैसे लेते थे।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) आदित्य गौतम ने बताया, “यह एक मल्टी-लेयर फ्रॉड था। आरोपी असली लगने वाली वेबसाइट, फर्जी दस्तावेज और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाते थे। टीम ने डिजिटल और फाइनेंशियल ट्रेल्स का गहन विश्लेषण कर तीनों को पकड़ा।”
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों को जब्त कर लिया है। सिंडिकेट के बाकी सदस्यों की तलाश और ठगे गए पैसे की रिकवरी के लिए जांच जारी है।