गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में हत्या का आरोपी घायल, तमंचा और चाकू बरामद

गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में हत्या का आरोपी घायल, तमंचा और चाकू बरामद

गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में हत्या का आरोपी घायल, तमंचा और चाकू बरामद
गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में हत्या का आरोपी घायल, तमंचा और चाकू बरामद

गाजियाबाद । पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले वांछित अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाना मुरादनगर पुलिस टीम मंगलवार को भोवापुर रोड क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त गुलहसन उर्फ गुल्ला भोवापुर रोड की ओर आ रहा है और उसके पास अवैध हथियार हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अतिरिक्त बल को मौके पर बुलाया और संभावित मार्गों पर घेराबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस टीम ने संदिग्ध को रुकने का इशारा किया, अभियुक्त ने भागने का प्रयास किया। खुद को पुलिस से घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद, पुलिस ने घायल अवस्था में अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में अपना नाम गुलहसन उर्फ गुल्ला पुत्र जमालुद्दीन, निवासी ग्राम सुल्तानपुर, थाना मुरादनगर बताया।

गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में हत्या का आरोपी घायल, तमंचा और चाकू बरामद
गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में हत्या का आरोपी घायल, तमंचा और चाकू बरामद


पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह स्वीकार किया कि उसने 27 दिसंबर 2025 को पुरानी रंजिश के चलते वकील पुत्र लीलू, निवासी ग्राम सुल्तानपुर, की चाकू से हत्या की थी। आरोपी का कहना है कि मृतक उसकी महिला मित्र को लगातार परेशान करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था, जो बाद में हत्या का कारण बन गया।
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से 1 अवैध तमंचा, 1 खोखा कारतूस, 1 जिंदा कारतूस और हत्या में इस्तेमाल 1 चाकू बरामद किया है। मुठभेड़ में घायल अभियुक्त को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
इस पूरे मामले में सहायक पुलिस आयुक्त मसूरी (कार्यवाहक) अमित सक्सेना ने बताया कि पुलिस टीम ने सतर्कता और सूझबूझ से कार्रवाई करते हुए एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है और आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग

रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग

रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग
रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग

पंचकूला। अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डर एवं छह बार के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता स्व. रोहित धनखड़ की नृशंस हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर आज सर्वखाप पंचायत, हरियाणा एवं पीड़ित परिवार के सदस्य हरियाणा पुलिस मुख्यालय पहुँचे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिनिधिमंडल को पुलिस महानिदेशक से मिलना था, किंतु डीजीपी के किसी अत्यावश्यक आधिकारिक कार्य में व्यस्त होने के कारण प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह से हुई। प्रतिनिधिमंडल ने एडीजीपी के समक्ष अपना विस्तृत ज्ञापन रखते हुए स्पष्ट किया कि 27 नवंबर 2025 को हुई रोहित धनखड़ की हत्या में लगभग 18–20 लोग शामिल थे, किंतु आज घटना को एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद केवल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है और केवल चार अन्य व्यक्तियों के नाम और सामने आए हैं। पंचायत व परिवार ने कहा कि यह प्रगति उस गंभीरता के अनुरूप नहीं है जिसकी अपेक्षा एक संगठित हत्या जैसे जघन्य अपराध में होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी याद दिलाया कि 9 दिसंबर 2025 को डीजीपी ने सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह के भीतर सभी मुख्य एवं अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे, उन्हें PO घोषित किया जाएगा और उनकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। किंतु उस आश्वासन को आज लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी न तो सभी आरोपी पकड़े गए हैं, न किसी को PO घोषित किया गया है और न ही संपत्ति कुर्क करने की कोई ठोस कार्रवाई सामने आई है। पंचायत ने इसे अत्यंत निराशाजनक बताया।

रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग
रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग


पंचायत व परिवार के सदस्यों ने एडीजीपी को स्पष्ट रूप से बताया कि वे भिवानी पुलिस द्वारा की जा रही जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उनका विश्वास है कि इस मामले में स्थानीय प्रभाव, राजनीतिक दबाव या सामाजिक संरक्षण के कारण जांच धीमी और कमजोर की जा रही है। इसी कारण उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच भिवानी से हटाकर रोहतक जिले की CIA या STF जैसी विशेष टीम को सौंपी जाए, ताकि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और प्रभावी हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि इससे पूर्व सर्वखाप पंचायत का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से भी मिला था और मुख्यमंत्री ने पंचायत के समक्ष डीजीपी से फोन पर बात कर इस मामले की जांच भिवानी से हटाकर रोहतक ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे, किंतु उस आश्वासन के बावजूद अब तक जांच ट्रांसफर के संबंध में कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे परिवार और समाज में निराशा बनी हुई है।
एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और यह आश्वासन दिया कि जांच ट्रांसफर के विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा तथा प्रतिनिधिमंडल को इसकी सूचना दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा की जाएगी।

उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए

उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए

उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए
उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी। साथ ही सीबीआई की याचिका पर कुलदीप सेंगर को नोटिस भी जारी किया। पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के स्टे ऑर्डर पर खुशी जताई है। पीड़िता ने कहा, “मैं कोर्ट के फैसले से बहुत खुश हूं। सुप्रीम कोर्ट से मुझे न्याय मिला और पूरा भरोसा है कि आगे भी मिलता रहेगा। मैं इस लड़ाई को लगातार लड़ती रहूंगी और यह सुनिश्चित करूंगी कि उसे फांसी की सजा मिले तभी हमारे परिवार को सच्चा न्याय मिलेगा। मैं उन सभी की आभारी हूं जो मेरे साथ खड़े रहे और मुझे न्याय दिलाने में मदद की। मेरे पिता की आत्मा को तभी शांति मिलेगी, जब कुलदीप सिंह सेंगर को फांसी होगी।” पीड़िता की मां ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करते हैं। जिन लोगों ने मेरे पति का मर्डर किया, उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए।”
पीड़ित की तरफ से वकील हेमंत कुमार मौर्य ने कहा, “मैं सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं।

उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए
उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए

आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी हालत में कुलदीप सिंह सेंगर को जेल से निकलने नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को अब भी धमकी मिल रही हैं, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है।”
सोशल एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में वे कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं और मौखिक रूप से उन्होंने इसका संकेत दिया था। अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर कुलदीप की जमानत पर रोक लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने पीड़िता से भी दखल देने और अपनी याचिका दायर करने के लिए कहा है।”
सोमवार को सीबीआई की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर की जमानत पर रोक लगाने का आदेश दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर कुलदीप सेंगर को नोटिस भी जारी किया है।

जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त

जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त

जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त
जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त

जम्मू। जम्मू पुलिस ने रविवार को अवैध और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण जोन के पूर्वी उपमंडल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कई स्पा सेंटरों पर एक साथ छापे मारे। पुलिस बल ने चन्नी हिम्मत थाने के एसएचओ के नेतृत्व में अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ महिला पुलिस अधिकारियों और एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस टीमों ने छापेमारी की। इस अभियान के दौरान स्पा सेंटरों की गहन जांच की गई। स्पा सेंटरों द्वारा रखे गए रजिस्टरों की छानबीन की गई और आगे की जांच के लिए संदिग्ध स्थलों से डीवीआर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। जांच के तहत कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है। यह पूरा अभियान एसडीपीओ ईस्ट और एसपी सिटी साउथ की निगरानी और एसएसपी जम्मू के समग्र पर्यवेक्षण में चलाया गया। इस संबंध में संबंधित पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर भी दर्ज की गई है। मामले में किसी व्यापक नेटवर्क की संलिप्तता का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। जम्मू पुलिस की तरफ से यह अभियान प्रशासन के सहयोग से की गई एक सुनियोजित और समन्वित कार्रवाई थी। पुलिस ने यह कार्रवाई क्षेत्र के कुछ स्पा सेंटरों में चल रहे अनैतिक कार्यों की शिकायत मिलने के बाद की। जम्मू पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने और सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित और कानूनी वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है।

जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त
जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त


जम्मू पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की आम जनता और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं दोनों ने व्यापक रूप से सराहना की है। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जम्मू में रविवार को 20 किलोमीटर की ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में 10,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आयोजित किए मैराथन का उद्देश्य फिटनेस, और ड्रग्स के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना और भाईचारे को बढ़ावा देना है।
जम्मू-कश्मीर के एडीजीपी आनंद जैन ने कहा, “जम्मू-कश्मीर मैराथन हमारा एक वार्षिक कार्यक्रम है। इस वर्ष मैराथन में पिछले साल की तुलना में दोगुने से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। सभी वर्गों में प्रतिस्पर्धा करने वालों की संख्या बढ़ी है और लोगों ने जोश के साथ हिस्सा लिया है। 8 वर्ष से लेकर 70 वर्ष तक के लोगों ने मैराथन में हिस्सा लिया है।”
उन्होंने कहा, “रन फॉर यूनिटी हमारा एक संदेश भी है। पुलिस और समाज के बीच जो संबंध है उसे लेकर हम सजग हैं। पुलिस और जनता के बीच समन्वय बनाने का यह एक मंच भी है। दूसरा यह है कि मैराथन स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण में स्वास्थ्य की भूमिका को देखते हुए बेहद अहम है।

झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल

झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल

झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल
झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल

चतरा । झारखंड के चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेंदरा गांव में रविवार देर रात दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। मृतकों की पहचान देवेंद्र गंझू और चूरामन गंझू के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, खूनी संघर्ष में शामिल दोनों पक्षों के लोग पूर्व में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) से जुड़े रहे हैं। जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 12 बजे देवेंद्र गंझू अपने कुछ साथियों के साथ गेंदरा गांव निवासी श्याम भोक्ता के घर पर पहुंचा। देवेंद्र गंझू और श्याम भोक्ता के बीच किसी पुराने आपसी विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक टकराव में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान देवेंद्र गंझू और उसके साथियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
गोलीबारी में श्याम भोक्ता और उनके साले गोपाल गंझू गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद जवाबी गोलीबारी में देवेंद्र गंझू और उसके एक साथी चूरामन गंझू की मौके पर ही मौत हो गई।

झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल
झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल


सूचना मिलने पर लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा, कुंदा थाना प्रभारी प्रिंस कुमार, सिमरिया के पुलिस निरीक्षक सनोज चौधरी और एसएसबी 35 बटालियन के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घायलों को पहले प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डाल्टनगंज (मेदिनीनगर) रेफर किया गया। बाद में, बेहतर इलाज के लिए दोनों को रिम्स, रांची भेज दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला टीपीसी के पूर्व सदस्यों के बीच आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मृतक देवेंद्र गंझू टीपीसी का पूर्व सदस्य था और उस पर 36 संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं, घायल श्याम भोक्ता भी पूर्व में टीपीसी से जुड़ा रहा है।
घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीण भय के कारण घरों में दुबके हुए हैं। पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आईएससी की यह कार्रवाई साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए करोड़ों रुपए की मनी ट्रेल को ठिकाने लगाने से जुड़े मामलों में की गई है। ऑपरेशन को इंस्पेक्टर कमल कुमार और सतेंद्र खारी ने एसीपी आईएससी रमेश लांबा की कड़ी निगरानी में अंजाम दिया। पहला मामला बैंक एन्क्लेव, नई दिल्ली निवासी एक व्यक्ति को फर्जी ऑनलाइन निवेश योजना के जरिए 31.45 लाख रुपए की ठगी का था, जिसमें इसने पीड़ित को एक फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर एक ऐप इंस्टॉल कराया और ज्यादा मुनाफे का लालच देकर छह अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई।
इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप डी-एक्टिव कर दिया गया और ऐप भी बंद हो गया, जिसके बाद पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि रकम को कई म्यूल खातों के जरिए लेयरिंग कर इधर-उधर भेजा गया।

दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार


इसके बाद पंजाब और गुजरात में छापेमारी के दौरान म्यूल अकाउंट धारक अर्जुन सिंह (39) निवासी सुरेंद्र नगर, गुजरात को गिरफ्तार किया गया, जिसने कमीशन लेकर पैसे निकाले थे। उसके पास से मोबाइल, सिम, एटीएम कार्ड और चेक बुक बरामद की गई।
दूसरा मामला अमेरिका की एक एनआरआई महिला के डिजिटल अरेस्ट स्कैम का शिकार होने का था। पीड़िता ने बताया कि दिल्ली आने के बाद उसे इंटरनेशनल नंबर से कॉल कर खुद को सैन फ्रांसिस्को दूतावास और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर धमकाया गया। इसके बाद नकली वीडियो कॉल के जरिए डराकर उससे 30 लाख रुपए एक म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए गए।
क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि रकम पंजाब स्थित एक पार्टनरशिप फर्म के खाते में गई, जहां से कुछ ही मिनटों में अलग-अलग खातों में भेज दी गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने मोहाली और चंडीगढ़ में छापेमारी कर आरोपी वरुण को गिरफ्तार किया। उसके पास से 38 एटीएम कार्ड, 51 चेक बुक, मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और एक कार बरामद हुई।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

संविदा निविदाकर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

संविदा निविदाकर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

संविदा निविदाकर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन
संविदा निविदाकर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

काली पट्टी बांधकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया दौसा। संविदा निविदाकर्मियों ने अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश महासंघ राजस्थान के बैनर तले शुक्रवार को कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्य सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सैनी ने बताया कि पूरे राजस्थान में संविदा निविदा नर्सेज ने एकजुट होकर काली पट्टी बांधकर आंदोलन को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि संविदा नर्सेज लंबे समय से नियमितीकरण की मांग को लेकर राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं, लेकिन अब तक भर्ती से संबंधित कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार संविदा नियम 1965 में बदलाव करने की तैयारी कर रही है, जो संविदा निविदा नर्सेज के भविष्य के साथ अन्याय है। यदि नियमों में बदलाव किया गया तो संविदा नर्सेज कभी भी नियमित नहीं हो पाएंगे और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।

संविदा निविदाकर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन
संविदा निविदाकर्मियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन


राकेश सैनी ने कहा कि जिस प्रकार वर्ष 2013, 2018 और 2023 में नर्सेज की भर्ती मेरिट प्लस बोनस के आधार पर हुई थी, उसी तर्ज पर इस बार भी भर्ती की जानी चाहिए। यह हजारों संविदा निविदा कर्मचारियों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई आर-पार की होगी और सभी नर्सेज को नियमित करवाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि संविदा नर्सेज चुनौतियों से डरने वाले नहीं हैं। जब तक संविदा प्रथा समाप्त नहीं होती, तब तक भर्तियां मेरिट प्लस बोनस के आधार पर ही होनी चाहिए। यदि सरकार ने अब भी निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया तो नर्सेज का अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मीडिया प्रभारी कपिल सैनी ने बताया कि काली पट्टी बांधकर किए गए प्रदर्शन में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर बने सिंह गुर्जर, रामवतार मीणा, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सैनी (बनियाना), प्रदेश संयोजक अरबाज खान, जिला अध्यक्ष विजय मीना, बाबू सरिया, जगमोहन मीना, ओमप्रकाश मीना, दीपांशु तिवारी, पवन शर्मा, अभिषेक गुर्जर, उमेश मीना, रोहित पंचोली सहित सैकड़ों नर्सिंगकर्मी उपस्थित रहे।

पंजाब: गुरदासपुर औसी हब इमिग्रेशन सेंटर के बाहर फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस

पंजाब: गुरदासपुर औसी हब इमिग्रेशन सेंटर के बाहर फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस

पंजाब: गुरदासपुर औसी हब इमिग्रेशन सेंटर के बाहर फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस
पंजाब: गुरदासपुर औसी हब इमिग्रेशन सेंटर के बाहर फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस

गुरदासपुर। यहां जेल रोड पर स्थित औसी हब इमिग्रेशन सेंटर के बाहर उस समय दहशत का माहौल बन गया, जब दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम देने वाले युवक फायरिंग करने के बाद मौके से फरार होते हुए सीसीटीवी कैमरे में नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार युवकों ने इमिग्रेशन सेंटर के बाहर दो राउंड फायर किए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को मौके से दो खोखे भी बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि इमिग्रेशन सेंटर के मालिक को कुछ दिन पहले फिरौती के लिए कॉल भी आई थी। फिलहाल इमिग्रेशन सेंटर का मालिक ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल की गई। इमीग्रेशन सेंटर के स्टॉफ का कहना है कि सेंटर के मालिक हरमन कंग विदेश गए हुए हैं। उन्हें फिरौती के लिए पहले भी कई फोन आ चुके हैं। गुरुवार शाम करीब छह बजे एक नौजवान वहां आया और इमीग्रेशन मालिक के बारे में पूछने लगा। जब स्टाफ ने बताया कि वे विदेश गए हुए हैं, तो वह वहां से चला गया और कुछ ही देर में वापस आकर उसने सीढ़ियों में खड़े होकर दो फायर कर दिए। फायर की आवाज सुनकर सारा स्टाफ डर गया और तुरंत पुलिस को सूचित किया।
वहीं, मौके पर पहुंचे एसपी डी डीके चौधरी ने बताया कि घटना का पता चलते ही वो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं। जांच में सामने आया है कि मौके पर जो दो खोल मिले हैं वो पुराने हैं, जबकि गोलियों का निशान कहीं भी नहीं मिला।

पंजाब: गुरदासपुर औसी हब इमिग्रेशन सेंटर के बाहर फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस
पंजाब: गुरदासपुर औसी हब इमिग्रेशन सेंटर के बाहर फायरिंग, जांच में जुटी पुलिस

इससे लगता है कि हमलावरों द्वारा सिर्फ स्टाफ को डराने के लिए किसी एयरगन से फायर किए गए हैं और जाते समय पुराने खोखे वहां फेंक गए हैं। सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। वहीं, जालंधर में पुलिस और गैंगस्टर के सदस्यों में मुठभेड़ हो गई, जहां नूरपुर के पास पुलिस ने मुठभेड़ में दोनों आरोपियों का एनकाउंटर करके घायल कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी गैंगस्टर दादेवाल और हैरी चट्ठा गैंग के सदस्य हैं। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने कहा कि पठानकोट चौक के पास डी-मार्ट के बाहर 22 तारीख को एक व्हीकल को गन प्वाइंट पर स्नेचिंग की कोशिश की गई, जिसके बाद 23 तारीख को शिकायत मिलने पर थाना 8 में मामला दर्ज किया गया।
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आसपास के जिलों में रेड की। इस दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी इस जगह में छिपे हुए हैं। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी की हुई थी। आरोपियों को रुकने का इशारा किया तो आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गए। आरोपियों की पहचान हरदीप सिंह और तेजवीर सिंह के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 10 तारीख को बटाला में फायरिंग की थी और उस घटना में 2 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले के बाद से आरोपी वहां से भाग गए और उन्होंने यहां पर लूट की घटना को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपियों की बटाला पुलिस भी तलाश कर रही थी। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 पिस्तौल बरामद किए हैं।

रांची के खलारी में खौफनाक वारदात: युवक ने युवती को मारी गोली, फिर खुद को किया शूट

रांची के खलारी में खौफनाक वारदात: युवक ने युवती को मारी गोली, फिर खुद को किया शूट

रांची के खलारी में खौफनाक वारदात: युवक ने युवती को मारी गोली, फिर खुद को किया शूट
रांची के खलारी में खौफनाक वारदात: युवक ने युवती को मारी गोली, फिर खुद को किया शूट

रांची । रांची जिले के खलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत केडीएच कॉलोनी में शुक्रवार सुबह एक सनकी युवक ने एक युवती को गोली मारी और इसके बाद अपने घर पहुंचकर खुद को भी गोली मार ली। युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल युवती को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर किया गया है। घटना सुबह करीब 8.30 बजे केडीएच कॉलोनी मैदान गेट के पास हुई। मृत युवक की पहचान 33 वर्षीय सुनील केवट उर्फ छोटू के रूप में हुई है। वहीं गोली लगने से घायल युवती पायल कुमारी (29) बताई जा रही है, जो केडीएच स्थित ‘राज चिल्ड्रेन स्कूल’ में शिक्षिका है। पायल शुक्रवार सुबह अपने घर से स्कूल जा रही थी, इसी दौरान युवक ने उस पर गोली चला दी। गोली युवती के गर्दन में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद युवक कॉलोनी स्थित अपने घर पहुंचा और अपने सिर में गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इधर, स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवती को तत्काल सीसीएल सेंट्रल अस्पताल, डकरा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रिम्स रेफर कर दिया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार युवती की हालत नाजुक बनी हुई है।

रांची के खलारी में खौफनाक वारदात: युवक ने युवती को मारी गोली, फिर खुद को किया शूट
रांची के खलारी में खौफनाक वारदात: युवक ने युवती को मारी गोली, फिर खुद को किया शूट


प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार मृतक सुनील केवट मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का रहने वाला था और खलारी में अपने एक रिश्तेदार भाई के घर रह रहा था। वहीं घायल युवती के पिता सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) के कर्मी हैं।
पुलिस ने बताया कि घटना से पहले युवक ने एक वीडियो रिकॉर्ड कर एक स्थानीय सोशल मीडिया ग्रुप में पोस्ट किया था, जिसमें उसने ऐसा कदम उठाने के कारणों का उल्लेख किया है। वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया गया है। सूचना मिलते ही खलारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इलाके में घटना के बाद से तनाव और दहशत का माहौल है।

मुंबई: फर्जी दस्तावेज के जरिए फ्लैट बेचने और बैंक धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार

मुंबई: फर्जी दस्तावेज के जरिए फ्लैट बेचने और बैंक धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार

मुंबई: फर्जी दस्तावेज के जरिए फ्लैट बेचने और बैंक धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार
मुंबई: फर्जी दस्तावेज के जरिए फ्लैट बेचने और बैंक धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने हाई-वैल्यू प्रॉपर्टी धोखाधड़ी के मामले में आरोपी अख्तर शेख (60) को गिरफ्तार किया है। मामला बांद्रा स्थित एक महंगे फ्लैट से जुड़ा हुआ है, जहां फ्लैट मालिक की फर्जी पहचान से संपत्ति की अवैध बिक्री की गई। इस धोखाधड़ी के आधार पर 11.35 करोड़ रुपए का बैंक लोन भी प्राप्त किया गया था। ईओडब्ल्यू ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को अंधेरी मेट्रो स्टेशन के नीचे से गिरफ्तार किया। जैन ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने मई 2023 में बांद्रा वेस्ट स्थित आइकोनिक टॉवर में 6.25 करोड़ रुपए में एक लग्जरी फ्लैट खरीदा था। जब हाउसिंग सोसायटी द्वारा दस्तावेज की जांच की गई तो पता चला कि फ्लैट की बिक्री फर्जी दस्तावेजों के जरिए की गई थी। इसके बाद मामले की सूचना ईओडब्ल्यू को दी गई। ईओडब्ल्यू ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया गया।

मुंबई: फर्जी दस्तावेज के जरिए फ्लैट बेचने और बैंक धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार
मुंबई: फर्जी दस्तावेज के जरिए फ्लैट बेचने और बैंक धोखाधड़ी में आरोपी गिरफ्तार


ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि जांच में कई खुलासे होने के बाद ही आरोपी अख्तर शेख को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। इस धोखाधड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, यह जांच की जा रही है। पुलिस को यह भी संदेह है कि यह एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जिसमें दस्तावेज तैयार करने से लेकर बैंक लोन तक की साजिश रची गई थी।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता जैन से भी पूछताछ की जा रही है, जिससे मामले का जल्द से जल्द खुलासा किया जा सके।
फिलहाल, मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच तेज कर दी है। आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से उसको रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। मुंबई पुलिस का कहना है कि धोखाधड़ी मामले में शामिल सभी लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।