ग्रेटर नोएडा : ईकोटेक-3 में मुठभेड़ के बाद शातिर बदमाश गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा । गौतमबुद्धनगर जिले में नववर्ष के मौके पर कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान थाना ईकोटेक-3 पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से अवैध हथियार, चोरी की मोटरसाइकिल और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार 1 जनवरी 2026 को थाना ईकोटेक-3 पुलिस टीम कुलेसरा से लखनावली की ओर जाने वाले पुस्ता रोड के आसपास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से एक मोटरसाइकिल पर सवार व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस द्वारा उसे रुकने का इशारा किया गया, लेकिन वह नहीं रुका और तेज गति से सैनिक विहार सुत्याना की दिशा में भागने लगा। भागने के दौरान उसकी मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई।
ग्रेटर नोएडा : ईकोटेक-3 में मुठभेड़ के बाद शातिर बदमाश गिरफ्तार
खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें मोटरसाइकिल सवार बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू में ले लिया। घायल बदमाश की पहचान इमरान पुत्र मतलूब निवासी ग्राम जपनापुर, थाना रोजा, जनपद शाहजहांपुर के रूप में हुई है। वर्तमान में वह थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र के ग्राम हबीबपुर में राहुल के मकान में रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, एक मोबाइल फोन, लोहे की छेनीनुमा रॉड और चोरी की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभियुक्त इमरान शातिर किस्म का अपराधी है और उसके खिलाफ थाना ईकोटेक-3 में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में कुल छह मुकदमे शामिल हैं। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह हाल के दिनों में किन वारदातों में शामिल रहा है।
बीजापुर में महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम, बालिकाओं को मिला सेनेटरी किट और करियर मार्गदर्शन
बीजापुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में महिलाओं, युवतियों एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास को लेकर एक सराहनीय पहल देखने को मिली। सीआरपीएफ की कमांडेंट कमल सिसोदिया के नेतृत्व में बीजापुर स्थित बालिका बाल गृह में स्वच्छता, स्वास्थ्य, स्वावलंबन तथा भविष्य निर्माण एवं प्रगति से संबंधित जागरूकता एवं अवचेतना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के पिछड़े एवं जनजातीय वर्ग की महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान कमल सिसोदिया ने महिलाओं एवं युवतियों के लिए सेनेटरी पैड का वितरण किया। उन्होंने बताया कि महिला स्वास्थ्य की अनदेखी समाज के समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा है। मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सेनेटरी पैड का नियमित उपयोग न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक है, बल्कि इससे आत्मविश्वास और स्वाभिमान भी बढ़ता है। कई महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अपने जीवन के लिए उपयोगी बताया। इसके साथ ही कार्यक्रम में छोटी बालिकाओं एवं बालकों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई सफाई किट का भी वितरण किया गया। इन किट्स में साबुन, टूथब्रश, टूथपेस्ट, तौलिया एवं अन्य स्वच्छता से संबंधित सामग्री शामिल थी। बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता का महत्व समझाते हुए सिसोदिया ने कहा कि बचपन से ही स्वच्छता की आदतें डालने से बीमारियों से बचाव होता है और स्वस्थ समाज की नींव मजबूत होती है। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू बाल गृह की बालिकाओं के लिए आयोजित कैरियर मार्गदर्शन सत्र रहा। इस दौरान कमल सिसोदिया ने बालिकाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं करियर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि आज की बालिकाएं यदि सही मार्गदर्शन और अवसर प्राप्त करें तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। उन्होंने पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों सहित विभिन्न सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देते हुए बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बीजापुर में महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम, बालिकाओं को मिला सेनेटरी किट और करियर मार्गदर्शन
महिला स्वास्थ्य एवं विकास पर विशेष जोर देते हुए कमांडेंट सिसोदिया ने कहा कि महिलाओं को केवल परिवार तक सीमित न रखकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन ही महिला सशक्तीकरण की असली कुंजी है। उन्होंने महिलाओं को स्वयं के निर्णय लेने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि कमल सिसोदिया लंबे समय से महिला स्वावलंबन, बाल विकास और महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। वे देश के विभिन्न पिछड़े और दूरस्थ इलाकों में जाकर इस प्रकार के जागरूकता एवं सहायता कार्यक्रम आयोजित करती रही हैं। उत्तर-पूर्व भारत, मध्य भारत तथा जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील और दूरदराज क्षेत्रों में उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं के लिए अनेक मार्गदर्शन एवं सहायता कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिससे हजारों महिलाओं को लाभ मिला है। इसी क्रम में बीजापुर, छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उन्होंने यहां के जनजातीय एवं पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं, युवतियों एवं बालिकाओं के विकास हेतु इस विशेष कार्यक्रम में भागीदारी की। उनके इस स्वप्रेरित प्रयास ने न केवल बाल गृह की बालिकाओं को प्रेरित किया, बल्कि स्थानीय महिलाओं के बीच भी सकारात्मक संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने इसे अपने जीवन में बदलाव लाने वाला कदम बताया। कार्यक्रम के अंत में बाल गृह प्रबंधन एवं स्थानीय प्रतिनिधियों ने कमल सिसोदिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज के कमजोर वर्गों के लिए आशा की किरण हैं। बीजापुर जैसे पिछड़े एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्र में इस तरह की पहल महिलाओं और बालिकाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह कार्यक्रम महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और स्वावलंबन की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुआ।
नए साल के जश्न से पहले जयपुर ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी जारी
जयपुर । जयपुर में बुधवार को होटलों, रेस्टोरेंट, क्लबों और फार्महाउस में बड़े पैमाने पर नए साल की पूर्व संध्या के जश्न को देखते हुए, जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने शहर में सड़क सुरक्षा और सुचारू ट्रैफिक आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने बताया कि नए साल की शाम को, खासकर युवा ड्राइवरों में, शराब पीकर गाड़ी चलाने, तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने और बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के लापरवाही से गाड़ी चलाने की घटनाएं काफी बढ़ जाती हैं, जिससे अक्सर गंभीर दुर्घटनाएं और ट्रैफिक जाम होता है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए, शहर भर में खास जगहों पर ब्रेथ एनालाइजर से लैस स्पेशल टीमें तैनात की जाएंगी। शराब के नशे में गाड़ी चलाते पाए जाने वाले ड्राइवरों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की सिफारिश करेगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे शराब पीकर गाड़ी न चलाएं और टैक्सी का इस्तेमाल करें या किसी ऐसे ड्राइवर को साथ रखें, जिसने शराब न पी हो।
नए साल के जश्न से पहले जयपुर ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी जारी
ट्रैफिक पुलिस ने चेतावनी दी है कि नशे की हालत में गाड़ी चलाते पकड़े गए ड्राइवरों को राजस्थान पुलिस एक्ट के तहत गिरफ्तार भी किया जा सकता है। ड्राइवरों को निर्देश दिया गया है कि वे गाड़ी का बूट खुला न रखें, किसी को भी बूट के अंदर न बैठने दें और गाड़ी चलाते समय तेज म्यूजिक न बजाएं। नए साल की शाम के कार्यक्रम के आयोजकों और आने वालों को यह पक्का करने का निर्देश दिया गया है कि गाड़ियां सिर्फ तय पार्किंग में ही पार्क की जाएं। ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए, न्यू गेट सर्कल और रामनिवास बाग सर्कल सहित मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल सुबह 2.00 बजे तक चालू रहेंगे। भारी ट्रैफिक के दबाव की आशंका के कारण, शहर में भारी वाहनों की एंट्री को जरूरत पड़ने पर सुबह 2.00 बजे तक प्रतिबंधित किया जा सकता है। अगर ट्रैफिक जाम बढ़ता है, तो गौरव टावर इलाके के आसपास वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया जा सकता है। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने 27 दिसंबर से चारदीवारी और आमेर इलाकों में खास ट्रैफिक इंतजाम लागू किए हैं, जो 4 जनवरी तक जारी रहेंगे। 27 दिसंबर से 4 जनवरी तक चारदीवारी और आमेर इलाकों में ई-रिक्शा और गैर-कानूनी वाहनों पर रोक लगा दी गई है। हालांकि, इमरजेंसी वाहनों को इससे छूट दी गई है।
हिमाचल प्रदेश : नए साल पर पर्यटकों का जमावड़ा, मंडी पुलिस सुरक्षा में तैनात
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मंडी । कुछ ही घंटों में नया साल 2026 शुरू हो जाएगा। ऐसे में बड़ी संख्या में पर्यटक नए साल का जश्न मनाने के लिए शिमला, कुल्लू-मनाली, किन्नौर, कसोल और मलाणा जैसी जगहों पर पहुंच रहे हैं, जिस वजह से अचानक से भीड़ बढ़ गई है। ऐसे में हिमाचल पुलिस अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इसी कड़ी में मंडी पुलिस ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हाईवे पर गाड़ियों की चेकिंग भी की जा रही है, जिससे बाहर से आ रहे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ज्यादात टूरिस्ट चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे से कुल्लू और मनाली की तरफ जा रहे हैं। इसलिए लोकल लोगों और टूरिस्ट दोनों की सुविधा के लिए पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स तैनात की है। इसका मकसद सिर्फ सुरक्षा नहीं है, बल्कि ट्रैफिक को सही तरीके से चलाना और सभी की यात्रा आरामदायक बनाना भी है।
हिमाचल प्रदेश : नए साल पर पर्यटकों का जमावड़ा, मंडी पुलिस सुरक्षा में तैनात
नेशनल हाईवे पर एक्स्ट्रा तैनाती इसलिए की गई है ताकि ट्रैफिक फ्लो बेहतर रहे। नए साल के मौके पर पर्यटकों का आगमन बहुत ज्यादा होता है और ट्रैफिक जाम का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पुलिस ने नाके और चेकिंग के जरिए सुरक्षा और ट्रैफिक कंट्रोल दोनों सुनिश्चित किए हैं। जिले के अलग-अलग एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर भी सख्त निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ये सभी इंतजाम लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हैं। साथ ही पर्यटकों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे नियमों का पालन करें। चाहे ट्रैफिक नियम हों या पब्लिक जगह पर व्यवहार के नियम, सभी का ध्यान रखें। इससे ना सिर्फ आपकी यात्रा आसान होगी, बल्कि लोकल लोग भी परेशान नहीं होंगे। अधिकारियों ने कहा कि मंडी में आने वाले पर्यटकों का स्वागत है और आगे कुल्लू-मनाली की यात्रा भी सुरक्षित तरीके से होगी। पुलिस की तैनाती केवल सुरक्षा के लिए नहीं है, बल्कि ट्रैफिक को स्मूथ चलाने और लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने के लिए भी है। ऐसे में लोगों का सहयोग और नियमों का पालन करना सबसे जरूरी है।
द्वारका में घरेलू नौकरानी ने की चोरी, 3.80 लाख रुपए और गहनों के साथ गिरफ्तार
नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के द्वारका में एंटी-बर्गलरी सेल ने एक महिला नौकरानी को गिरफ्तार किया है, पुलिस को उसके घर से चोरी के रुपए और गहने भी बरामद हुए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 13 दिसंबर को शिकायतकर्ता प्रीति ने अपने घर से गहनों की चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ शहर से बाहर गई थी और 7 से 13 दिसंबर के बीच उनके घर से सोने और चांदी के गहने चोरी हो गए थे। पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी महिला की पहचान की। फुटेज में एक नकाबपोश महिला को शिकायतकर्ता के घर में घुसते हुए और 15 मिनट में बाहर निकलते हुए देखा गया। महिला की पहचान घर की नौकरानी किरण के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस ने किरण की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया और उसकी पहचान करने में सफल रही। पुलिस ने आरोपी को जानकीपुरी में उसके किराए के फ्लैट से गिरफ्तार किया, जहां वह अपनी चोरी की रकम का इस्तेमाल करके फ्लैट खरीदने की योजना बना रही थी।’
द्वारका में घरेलू नौकरानी ने की चोरी, 3.80 लाख रुपए और गहनों के साथ गिरफ्तार
आरोपी के पास से पुलिस ने सोने का लॉकेट, सोने की चेन, सोने की अंगूठी, दो जोड़ी सोने के झुमके, चांदी की पायल और दो जोड़ी चांदी की बिछिया बरामद की। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चोरी की रकम को अपने एसबीआई अकाउंट में जमा किया था, जो कि लगभग 3.80 लाख रुपए थे। उसने यह पैसा अपने और अपने बच्चे के लिए एक छोटा फ्लैट खरीदने के लिए इकट्ठा किया था। आरोपी की पहचान किरण (27) के रूप में हुई, जो कि अंकित नामक व्यक्ति की पत्नी है। इंस्पेक्टर विवेक मैंडोला के नेतृत्व में पुलिस ने इस मामले को सुलझाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ धारा 305 बीएनस के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि अगर कोई घर में नौकरानी रख रहा है तो वह पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करा ले।
दिल्ली में नकली ब्रांडेड सामान बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, क्राइम ब्रांच ने चार आरोपी पकड़े
नई दिल्ली । दिल्ली में रोजमर्रा के काम आने वाले सामान को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो घरों में इस्तेमाल होने वाले नामी और भरोसेमंद ब्रांड्स के नकली सामान तैयार कर बाजार में बेच रहा था। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी घी, ईनो, वीट, टाटा साल्ट जैसे बड़े और मशहूर ब्रांड्स के नकली प्रोडक्ट बना रहे थे। ये वही सामान हैं जिन पर लोग आंख बंद करके भरोसा करते हैं और रोजाना इस्तेमाल करते हैं। आरोपी पहले इन सामानों की मैन्युफैक्चरिंग खुद करते थे। इसके बाद असली ब्रांड जैसी दिखने वाली पैकिंग में इन्हें भरकर बाजार में सप्लाई कर देते थे, ताकि किसी को शक न हो। क्राइम ब्रांच को लंबे समय से इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि बाजार में कुछ सामान असली नहीं लग रहे हैं, लेकिन पैकिंग बिल्कुल ब्रांडेड जैसी है।
दिल्ली में नकली ब्रांडेड सामान बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, क्राइम ब्रांच ने चार आरोपी पकड़े
इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने छानबीन शुरू की और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली सामान, पैकिंग मटेरियल, मशीनें और लेबल बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ धोखाधड़ी का मामला नहीं है, बल्कि लोगों की सेहत से सीधा खिलवाड़ है। खासतौर पर घी और खाने-पीने से जुड़े प्रोडक्ट अगर नकली या घटिया क्वालिटी के हों, तो इससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। वहीं, वीट जैसे पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह कोई पहली बार नहीं है जब क्राइम ब्रांच ने ऐसा मामला पकड़ा हो। कुछ समय पहले भी दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया था, जो एक्सपायर्ड हो चुकी खाद्य सामग्रियों को दोबारा पैक करके बाजार में बेच रहा था। उस समय भी बड़ी संख्या में नकली और खराब सामान बरामद किया गया था। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली सामान किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जोधपुर में पेट्रोल पंप पर देर रात बदमाशों का हमला, तोड़फोड़ से मची दहशत
जोधपुर। जोधपुर मंडल, नाथ चौराहा स्थित एक पेट्रोल पंप पर देर रात हुई हिंसक घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्थानीय निवासियों और पेट्रोल पंप कर्मियों के अनुसार, अचानक कुछ बदमाश पंप परिसर में प्रवेश किए और जमकर तोड़फोड़ की। इस हमले में पंप परिसर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया और कर्मचारियों व ग्राहकों में भय का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद पंप संचालक ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले बदमाश पंप संचालक को धमकियां दे चुके थे। इसी कारण यह हमला किसी व्यक्तिगत दुश्मनी या वसूली के इरादे से किया गया हो सकता है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने केवल संपत्ति को नुकसान पहुँचाया और किसी के साथ शारीरिक हिंसा नहीं की, लेकिन उनके व्यवहार से इलाके में डर और तनाव पैदा हो गया।
सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों की पहचान: पुलिस ने बताया कि पंप परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज की जांच के दौरान यह प्रयास किया जा रहा है कि बदमाशों की पहचान की जा सके और उनके पीछे छिपे नेटवर्क या किसी संगठित गिरोह की जानकारी हासिल की जा सके। अधिकारियों ने यह भी कहा कि फुटेज से प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने की पूरी कोशिश की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलाके में अतिरिक्त गश्त और पेट्रोल पंपों के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की तुरंत सूचना पुलिस को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
अफरा-तफरी और दहशत का माहौल: घटना के बाद इलाके में लोगों में डर का माहौल बन गया। पेट्रोल पंप के आसपास के दुकानदारों और निवासियों ने बताया कि देर रात अचानक हुई इस घटना से वे भयभीत हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि पंप संचालक को पहले भी धमकियां मिली थीं और यह हमला उसी सिलसिले का हिस्सा हो सकता है। लोग चाहते हैं कि पुलिस इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करे ताकि सुरक्षा का भरोसा फिर से कायम हो सके।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाना: इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। नाथ चौराहा और आसपास के इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है और पेट्रोल पंपों के आसपास पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से न केवल पेट्रोल पंप संचालकों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि आम जनता में भी भय कम होगा।
पुलिस ने यह भी कहा कि पूरे इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि घटना की जांच में सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाए, तो आरोपियों को जल्दी पकड़ना संभव होगा। इसमें पंप संचालक से प्राप्त जानकारी, स्थानीय गवाहों के बयान और सीसीटीवी फुटेज का अहम योगदान होगा।
पूर्व धमकियों का मामला: पुलिस सूत्रों के अनुसार, पेट्रोल पंप संचालक को इससे पहले भी धमकियां मिली थीं। धमकियों का कारण पंप संचालक के व्यवसाय से जुड़ा वाद-विवाद या किसी आपराधिक तत्व की वसूली की मांग हो सकती है। इस संबंध में पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई है, जो आरोपियों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए लगातार काम कर रही है।
आम जनता के लिए संदेश: पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को अनदेखा न करें। यदि किसी को रात या दिन में असामान्य गतिविधि दिखती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने यह भी कहा कि जनता की जागरूकता और सहयोग से अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाएगा और इस तरह के हमलों से बचाव संभव होगा।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव: पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना का न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक प्रभाव भी पड़ा है। पंप के कर्मचारियों और ग्राहकों में भय उत्पन्न हुआ और आसपास के व्यापारी प्रभावित हुए। आर्थिक दृष्टि से पंप संचालक को संपत्ति के नुकसान के कारण वित्तीय हानि हुई। सामाजिक दृष्टि से, इस प्रकार की घटनाएं स्थानीय लोगों में असुरक्षा का भाव उत्पन्न करती हैं।
आगे की कार्रवाई: पुलिस ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसमें साइबर और तकनीकी सहायता, स्थानीय गवाहों के बयान, और इलाके में लगे अन्य कैमरों की फुटेज का विश्लेषण शामिल है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि आरोपियों के संगठित गिरोह से संबंध हैं, तो पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
निष्कर्ष: जोधपुर के नाथ चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर हुई यह हिंसक घटना यह साबित करती है कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस की तत्परता और नागरिकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। घटना के तुरंत बाद पुलिस की कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज की जांच और इलाके में सुरक्षा बढ़ाना, सभी कदम अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए हैं।
इस मामले में पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि वह अपराधियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई करेगी। नागरिकों को भी सतर्क रहना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देना आवश्यक है। पुलिस और जनता के सहयोग से ही ऐसे हमलों और हिंसक घटनाओं को रोका जा सकता है।
इस घटना ने यह भी याद दिलाया कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। पेट्रोल पंप जैसे व्यस्त स्थानों पर सुरक्षा कैमरे, पुलिस गश्त और तत्काल प्रतिक्रिया व्यवस्था अपराधियों को हतोत्साहित करने में मदद करती है।
जोधपुर पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव उपाय कर रही है। आने वाले दिनों में घटना से जुड़ी पूरी जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यह कार्रवाई नागरिकों के लिए सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक माने जा रही है।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि सुरक्षा उपाय, स्थानीय प्रशासन की तत्परता और पुलिस की पेशेवर दक्षता, किसी भी अप्रत्याशित हिंसक घटना को नियंत्रित करने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जोधपुर में पेट्रोल पंप पर देर रात बदमाशों का हमला, तोड़फोड़ से मची दहशत
दिल्ली : नए साल से पहले अलर्ट मोड में पुलिस, कृष्णा नगर के लाल क्वार्टर में मॉक ड्रिल
नई दिल्ली । नए साल के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को परखने और आपात हालात से निपटने की तैयारी के तहत शाहदरा जिले के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लाल क्वार्टर इलाके में मंगलवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य त्योहारों के दौरान किसी भी संदिग्ध स्थिति से निपटने में पुलिस और अन्य एजेंसियों की तत्परता को जांचना था। मॉक ड्रिल के अनुसार, दोपहर 12:18 बजे फायर विभाग को सूचना दी गई, जबकि 12:21 बजे कृष्णा नगर थाने को कॉल मिली कि लाल क्वार्टर इलाके में एक दुकान के पास काफी देर से एक लावारिस बैग पड़ा हुआ है। सूचना में यह भी बताया गया कि बैग से तार बाहर निकल रहे हैं, जिससे उसमें बम होने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देरी किए इलाके को सुरक्षित किया और तुरंत संबंधित एजेंसियों को अलर्ट किया गया। कुछ ही मिनटों में कृष्णा नगर थाने की टीम, गांधी नगर डिवीजन के एसीपी, फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर आम लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया।
दिल्ली : नए साल से पहले अलर्ट मोड में पुलिस, कृष्णा नगर के लाल क्वार्टर में मॉक ड्रिल
सभी एजेंसियों ने आपसी तालमेल के साथ जांच प्रक्रिया शुरू की। बम स्क्वायड ने संदिग्ध बैग की गहन जांच की, वहीं डॉग स्क्वायड ने आसपास के क्षेत्र को खंगाला। करीब आधे घंटे तक चली इस मॉक ड्रिल के बाद यह स्पष्ट हुआ कि बैग में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं थी। जांच में बैग के अंदर केवल कपड़े, कुछ तार और पानी की बोतल मिली। फायर अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया, “जब हम मौके पर पहुंचे तो दिल्ली पुलिस की टीम पहले से मौजूद थी। यहां मॉक ड्रिल चल रही थी। किसी भी तरह की चिंता की बात नहीं है। आगामी त्योहारों को देखते हुए यह अभ्यास किया गया ताकि सभी एजेंसियां पूरी तरह सतर्क और तैयार रहें।” अधिकारियों के अनुसार, यह मॉक ड्रिल पूरी तरह सफल रही और इससे यह संदेश गया कि त्योहारों के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
नोएडा: पत्नी पर चाकू से हमला करने वाला पति गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद
नोएडा । नोएडा के थाना फेस-1 क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया। पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी पति को थाना फेस-1 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्टेंसिल चाकू भी बरामद किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से अंजाम दिया गया। थाना फेस-1 पुलिस के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को पुलिस टीम ने सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त प्रवीन कुमार उर्फ पिन्टू को सेक्टर-10 स्थित बिजली घर पार्क के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान प्रवीन कुमार उर्फ पिन्टू (32), पुत्र इन्द्रदेव प्रसाद, निवासी जेजे कॉलोनी, सेक्टर-10, थाना फेस-1, गौतमबुद्ध नगर के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसकी पत्नी से घरेलू बातों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था।
नोएडा: पत्नी पर चाकू से हमला करने वाला पति गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद
आरोपी के मुताबिक, दिनांक 27 दिसंबर को भी उसकी पत्नी उससे झगड़ा कर रही थी। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर उसने अपने पास रखे चाकू से पत्नी पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से पेट्रोल से चाकू को धोया और मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में थाना फेस-1 में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल एक स्टेंसिल चाकू बरामद कर लिया है, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने 22.7 लाख के साइबर स्कैम का किया खुलासा, हरियाणा से दो गिरफ्तार
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए 22.70 लाख रुपए के फर्जी शेयर ट्रेडिंग घोटाले का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने हरियाणा के हिसार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी एक फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर ठग रहे थे। शाहदरा जिला पुलिस के अनुसार, 13 नवंबर को पीड़िता अमिता गर्ग ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप ‘स्टैन चार्ट डायलॉग फोरम एल7’ में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में पांच एडमिन थे, जो नियमित रूप से शेयर बाजार, डीमैट अकाउंट और निवेश से जुड़ी बातें करते थे। ग्रुप की एक एडमिन (जिसने खुद को यालिनी गुना बताया) ने एक खास निवेश योजना शेयर की। उसने दावा किया कि उनकी खुद की ऐप ‘एससीआईआईएचएनडब्ल्यू’ के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने पर निश्चित और ज्यादा मुनाफा मिलेगा। भरोसा दिलाने के लिए ग्रुप में लगातार शेयर टिप्स और मुनाफे के दावे किए जाते थे। पीड़िता ने ग्रुप में भेजे गए लिंक से ऐप डाउनलोड की और शुरुआत में अलग-अलग तारीखों में 11 ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 2.70 लाख रुपए निवेश किए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने नई-नई शर्तें लगा दीं और और ज्यादा पैसा लगाने का दबाव बनाने लगे। धीरे-धीरे झांसे में आकर पीड़िता ने कुल 22.70 लाख रुपए निवेश कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने ऐप पर उन्हें ब्लॉक कर दिया। फिर पीड़िता को एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है। इसके बाद साइबर थाना शाहदरा में ई-एफआईआर संख्या 29/2025, बीएनएस की धारा 318(4)/340 के तहत मामला दर्ज किया गया।
दिल्ली पुलिस ने 22.7 लाख के साइबर स्कैम का किया खुलासा, हरियाणा से दो गिरफ्तार
मामले की जांच इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा को सौंपी गई। एसएचओ साइबर थाना विजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें हेड कांस्टेबल जावेद, दीपक और नरेंद्र शामिल थे। टीम ने बैंक खातों और ट्रांजैक्शन का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम दो ट्रांजैक्शन के जरिए एक बैंक खाते में गई थी। खाताधारक की पहचान समीर, निवासी हिसार (हरियाणा), के रूप में हुई। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच से अन्य संदिग्ध नंबरों की भी जानकारी मिली। 10 दिसंबर को पुलिस टीम हिसार पहुंची और समीर और देव सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में समीर ने खुलासा किया कि उसने अलग-अलग बैंकों में 5 से 6 खाते खुलवाकर देव सिंह को दे दिए थे, जिसके बदले उसे 4,000 रुपए प्रति खाता मिलते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल और तीन सिम कार्ड बरामद किए, जिन्हें जब्त कर लिया गया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को एक्सपर्ट ट्रेडर या फाइनेंशियल एडवाइजर बताकर लोगों से संपर्क करते थे। पहले छोटी रकम लगवाकर फर्जी मुनाफा दिखाया जाता था ताकि भरोसा बन सके। भरोसा बनते ही बड़ी रकम निवेश करवाई जाती थी और फिर पैसा हड़पकर पीड़ित को ब्लॉक कर दिया जाता था।