चंडीगढ़ मेयर का पहला जनता दरबार : 35 मिनट की देरी से पहुंचे सौरभ जोशी, समस्याओं से अधिक मिले बधाई संदेश

चंडीगढ़ मेयर का पहला जनता दरबार : 35 मिनट की देरी से पहुंचे सौरभ जोशी, समस्याओं से अधिक मिले बधाई संदेश

चंडीगढ़ मेयर का पहला जनता दरबार : 35 मिनट की देरी से पहुंचे सौरभ जोशी, समस्याओं से अधिक मिले बधाई संदेश
चंडीगढ़ मेयर का पहला जनता दरबार : 35 मिनट की देरी से पहुंचे सौरभ जोशी, समस्याओं से अधिक मिले बधाई संदेश

चंडीगढ़। नगर निगम चंडीगढ़ में जनसमस्याओं के समाधान के लिए सोमवार को आयोजित पहला ‘जनता दरबार’ चर्चा का विषय रहा। मेयर सौरभ जोशी के इस पहले दरबार में जहाँ एक ओर लोगों की उम्मीदें दिखीं, वहीं अव्यवस्था और देरी को लेकर कुछ नाराजगी भी सामने आई। निर्धारित समय से देरी पर पहुंचे मेयर सेक्टर-17 स्थित नगर निगम भवन की पांचवीं मंजिल पर मेयर कार्यालय में जनता दरबार का समय सुबह 11:00 बजे तय किया गया था। लेकिन मेयर सौरभ जोशी निर्धारित समय से 35 मिनट की देरी (11:35 बजे) से पहुंचे। इससे पहले से अपनी बारी का इंतजार कर रहे कई नागरिकों में मायूसी और गुस्सा देखा गया।
समस्याओं से ज्यादा ‘बुके’ का दिखा बोलबाला
हैरानी की बात यह रही कि जनता दरबार में वास्तविक समस्याओं को लेकर आने वाले फरियादियों की संख्या कम रही, जबकि मेयर को बधाई देने और बुके (गुलदस्ते) भेंट करने वाले समर्थकों की भीड़ ज्यादा नजर आई। मेयर पूरे समय लोगों से हाथ जोड़कर मिलते रहे और कार्यालय में ही घूम-घूम कर लोगों से संवाद करते दिखे।

चंडीगढ़ मेयर का पहला जनता दरबार : 35 मिनट की देरी से पहुंचे सौरभ जोशी, समस्याओं से अधिक मिले बधाई संदेश
चंडीगढ़ मेयर का पहला जनता दरबार : 35 मिनट की देरी से पहुंचे सौरभ जोशी, समस्याओं से अधिक मिले बधाई संदेश

फरियादियों ने उठाई गंभीर समस्याएं
दिखावे और बधाइयों के बीच कुछ गंभीर मुद्दे भी सामने आए:
ई-रिक्शा चालक की व्यथा: एक चालक ने पुलिस द्वारा बार-बार परेशान किए जाने और काम में बाधा डालने की शिकायत की।
पानी की किल्लत: मेयर के अपने वार्ड से आए एक व्यक्ति ने पानी की समस्या का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत के बाद भी विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
प्रशासनिक लापरवाही: एक अन्य नागरिक ने आरोप लगाया कि अदालती आदेश होने के बावजूद संबंधित अधिकारी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विकास के लिए 1500 करोड़ की ग्रांट की उम्मीद
जनता दरबार के दौरान मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि वे शहर के अलग-अलग इलाकों का दौरा कर जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि सभी वार्डों में विकास कार्यों को सही गति मिली, तो शहर को 1500 करोड़ रुपये तक की ग्रांट मिलने की प्रबल संभावना है।
सौरभ जोशी चंडीगढ़ के पहले ऐसे मेयर हैं जिन्होंने आधिकारिक तौर पर जनता दरबार की परंपरा शुरू की है। इससे पहले केवल चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ही नियमित रूप से जनता दरबार लगाते रहे हैं।

राजस्थान में कोहरे का कहर : भीलवाड़ा में एक के बाद एक टकराईं 6 गाड़ियां, 3 की मौत; मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी

राजस्थान में कोहरे का कहर : भीलवाड़ा में एक के बाद एक टकराईं 6 गाड़ियां, 3 की मौत; मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी

राजस्थान में कोहरे का कहर : भीलवाड़ा में एक के बाद एक टकराईं 6 गाड़ियां, 3 की मौत; मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी
राजस्थान में कोहरे का कहर : भीलवाड़ा में एक के बाद एक टकराईं 6 गाड़ियां, 3 की मौत; मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी

भीलवाड़ा/जयपुर | राजस्थान में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा जानलेवा साबित हो रहा है। शुक्रवार सुबह भीलवाड़ा जिले में नेशनल हाईवे-58 (भीलवाड़ा-उदयपुर हाईवे) पर कम विजिबिलिटी के कारण एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ कोहरे के कारण एक के बाद एक 6 गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद लगा 4 KM लंबा जाम सुबह करीब 8 बजे हुए इस एक्सीडेंट के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियां पूरी तरह चकनाचूर हो गईं और कई लोग मलबे में फंस गए। हादसे के कारण हाईवे पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें घायलों को लेने पहुंची एम्बुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ियों में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
प्रदेश में कोहरे की स्थिति
27 जनवरी को हुई मावठ (बेमौसम बारिश) के बाद से ही राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में नमी और कोहरा छाया हुआ है।

राजस्थान में कोहरे का कहर : भीलवाड़ा में एक के बाद एक टकराईं 6 गाड़ियां, 3 की मौत; मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी
राजस्थान में कोहरे का कहर : भीलवाड़ा में एक के बाद एक टकराईं 6 गाड़ियां, 3 की मौत; मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी

आज सुबह की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
जयपुर-दिल्ली हाईवे: यहाँ दृश्यता (Visibility) मात्र 10 मीटर तक रह गई।
प्रमुख जिले: सीकर, चूरू, अलवर और कोटा में भी घना कोहरा दर्ज किया गया।
मौसम विभाग की चेतावनी: बारिश और ओले गिरने के आसार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान के लोगों को अभी सर्दी से राहत मिलने वाली नहीं है।
नया सिस्टम : 31 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है।
प्रभावित क्षेत्र : जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा संभाग में बादल छाए रहेंगे।
चेतावनी : 2 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश के साथ ओले (Hailstorm) गिरने की भी संभावना है।
सावधानी : कोहरे के दौरान हाईवे पर वाहन चलाते समय ‘फॉग लाइट्स’ का प्रयोग करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।

गुरुग्राम : रैपिडो से बुक की टैक्सी और कर दी ड्राइवर की हत्या, सुल्तानपुर झील के पास मिला शव

गुरुग्राम : रैपिडो से बुक की टैक्सी और कर दी ड्राइवर की हत्या, सुल्तानपुर झील के पास मिला शव

गुरुग्राम : रैपिडो से बुक की टैक्सी और कर दी ड्राइवर की हत्या, सुल्तानपुर झील के पास मिला शव
गुरुग्राम : रैपिडो से बुक की टैक्सी और कर दी ड्राइवर की हत्या, सुल्तानपुर झील के पास मिला शव

गुरुग्राम | हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक 25 वर्षीय कैब ड्राइवर का बदमाशों ने अपहरण करने के बाद गला घोंटकर बेरहमी से मर्डर कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने युवक का शव सुल्तानपुर झील के पास फेंक दिया और फरार हो गए। रैपिडो के जरिए बिछाया मौत का जाल प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने वारदात के लिए रैपिडो (Rapido) ऐप के जरिए टैक्सी बुक की थी। जब ड्राइवर टैक्सी लेकर पहुँचा, तो उसे रास्ते में बंधक बना लिया गया। पुलिस का अंदेशा है कि अपहरण के बाद किसी पुरानी रंजिश या लूटपाट के इरादे से गला घोंटकर उसकी जान ली गई। मृतक के गले पर मिले निशानों से गला घोंटने की पुष्टि हुई है।
देर रात झील के पास मिला शव
पुलिस को देर रात सूचना मिली थी कि सुल्तानपुर झील के पास एक अज्ञात युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुँची सेक्टर-9 थाना पुलिस ने जब जांच की, तो उसकी पहचान कैब ड्राइवर के रूप में हुई। पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

गुरुग्राम : रैपिडो से बुक की टैक्सी और कर दी ड्राइवर की हत्या, सुल्तानपुर झील के पास मिला शव
गुरुग्राम : रैपिडो से बुक की टैक्सी और कर दी ड्राइवर की हत्या, सुल्तानपुर झील के पास मिला शव


जांच में जुटी पुलिस और साइबर सेल
पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने के लिए तकनीकी सबूतों का सहारा ले रही है:
कॉल रिकॉर्ड्स: जिस नंबर से रैपिडो बुक की गई थी, उसकी जांच की जा रही है।
CCTV फुटेज: टैक्सी जिस रास्ते से गुजरी, वहां के कैमरों को खंगाला जा रहा है।
मोबाइल लोकेशन: आरोपियों के भागने के रूट को ट्रैक किया जा रहा है।
थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या (IPC/BNS की संबंधित धाराओं) और अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और पति पर 11.5 करोड़ रुपए ठगी का आरोप, मामला दर्ज

भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और पति पर 11.5 करोड़ रुपए ठगी का आरोप, मामला दर्ज

भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और पति पर 11.5 करोड़ रुपए ठगी का आरोप, मामला दर्ज
भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और पति पर 11.5 करोड़ रुपए ठगी का आरोप, मामला दर्ज

मुंबई । भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और उनके पति पर 11.5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। मुंबई के पंतनगर पुलिस स्टेशन में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित हितेश कांतिलाल अजमेरा सीमा शुल्क निकासी के व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि आकांक्षा अवस्थी, उनके पति विवेक कुमार उर्फ अभिषेक कुमार सिंह चौहान और साथियों ने फिल्म इंडस्ट्री में मजबूत कनेक्शन और भारी मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से पैसे ऐंठे। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने खुद को फिल्म इंडस्ट्री में प्रभावशाली बताया। अभिनेत्री आकांक्षा ने अंधेरी (पश्चिम) में स्थित अपने फिल्म स्टूडियो ‘एकेएस पाठशाला एंटरटेनमेंट’ का दावा किया, जहां भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग और नए कलाकारों की ट्रेनिंग होती है। उन्होंने स्टूडियो के मालिकाना हक, शोहरत और 200 करोड़ रुपए के ब्याज-मुक्त लोन का वादा किया।
यही नहीं, अभिनेत्री के पति विवेक कुमार ने बिहार के बेतिया (पश्चिम चंपारण) में एक गोदाम में 300 करोड़ रुपए नकद फंसे होने की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि कानूनी कारणों से पैसा नहीं निकाला जा सकता और उसे छुड़ाने के लिए निवेश चाहिए। बदले में चार दिन में 200 करोड़ रुपए बिना ब्याज लौटाने का भरोसा दिया गया। इसके लिए अभिनेत्री ने खुद पीड़ित को आश्वासन दिया।

भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और पति पर 11.5 करोड़ रुपए ठगी का आरोप, मामला दर्ज
भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और पति पर 11.5 करोड़ रुपए ठगी का आरोप, मामला दर्ज


जानकारी के अनुसार, मार्च से जुलाई 2024 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 11.5 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। भरोसा मजबूत करने के लिए उन्हें पटना ले जाया गया और कथित गोदाम से जुड़े दस्तावेज दिखाए गए। बेतिया जाने की योजना भी बनाई गई। 5 जुलाई साल 2024 को बेतिया जाते समय विवेक कुमार मिठाई लेने के बहाने कार से उतरे और फिर गायब हो गए। उनका मोबाइल बंद हो गया। कुछ दिनों तक आरोपी बहाने बनाते रहे, लेकिन बाद में सभी संपर्क से गायब हो गए।
पीड़ित ने बताया कि भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव से उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिस कारण शिकायत में देरी हुई। आखिरकार 28 जनवरी को एफआईआर हुई। वहीं, पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, कथित स्टूडियो, दिखाए गए दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई है।

ग्रेटर नोएडा: घरेलू विवाद में दंपति की जहरीला पदार्थ खाने से मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती

ग्रेटर नोएडा: घरेलू विवाद में दंपति की जहरीला पदार्थ खाने से मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती

ग्रेटर नोएडा: घरेलू विवाद में दंपति की जहरीला पदार्थ खाने से मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती
ग्रेटर नोएडा: घरेलू विवाद में दंपति की जहरीला पदार्थ खाने से मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती

ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक तृतीय क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। 28-29 जनवरी की मध्य रात्रि में पारिवारिक कारणों के चलते एक दंपति द्वारा कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लेने की घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। इस दर्दनाक घटना में पति-पत्नी की मौत हो गई, जबकि उनके तीन मासूम बच्चे उपचार के बाद खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान श्रवण पुत्र अमरनाथ पाल एवं उनकी पत्नी नीलम के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से ग्राम असरवाल कला, थाना एयरपोर्ट, जनपद प्रयागराज के निवासी थे और वर्तमान में ग्राम सादुल्लापुर, थाना ईकोटेक तृतीय क्षेत्र में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि किसी पारिवारिक विवाद अथवा तनाव के चलते दोनों ने जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा सभी को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।

ग्रेटर नोएडा: घरेलू विवाद में दंपति की जहरीला पदार्थ खाने से मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती
ग्रेटर नोएडा: घरेलू विवाद में दंपति की जहरीला पदार्थ खाने से मौत, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती

हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया। इस घटना में दंपति के तीन बच्चे- वैष्णवी (उम्र लगभग 10 वर्ष), वैभव (उम्र लगभग 8 वर्ष) और लाडो (उम्र लगभग 4 वर्ष) भी प्रभावित हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकों के अनुसार, तीनों बच्चों की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। सूचना मिलने पर थाना ईकोटेक तृतीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रारंभ की। पुलिस द्वारा मृतक दंपति के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि दंपति ने यह आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में उठाया।

महाराष्ट्र : मुंबई कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में 35 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स, सोना, हीरे जब्त

महाराष्ट्र : मुंबई कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में 35 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स, सोना, हीरे जब्त

महाराष्ट्र : मुंबई कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में 35 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स, सोना, हीरे जब्त
महाराष्ट्र : मुंबई कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में 35 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स, सोना, हीरे जब्त

मुंबई। मुंबई कस्टम्स जोन-III ने पिछले एक सप्ताह (21 जनवरी से 29 जनवरी 2026) में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीएसएमआई) पर तस्करी के कई बड़े मामले पकड़े हैं। एयरपोर्ट कमिश्नरेट की टीम ने स्पॉट चेकिंग, एपीआईएस प्रोफाइलिंग और खुफिया जानकारी के आधार पर कुल कई मामलों में ड्रग्स, सोना, हीरे और विदेशी मुद्रा बरामद की। इन मामलों में कुल अवैध सामान की अनुमानित बाजार कीमत 35 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। सबसे बड़ी सफलता नशीले पदार्थों के क्षेत्र में रही। हाइड्रोपोनिक वीड (एक उच्च गुणवत्ता वाला कैनबिस उत्पाद) के चार अलग-अलग मामलों में कुल 26.522 किलोग्राम संदिग्ध एनडीपीएस बरामद किया गया। इनकी अवैध बाजार कीमत लगभग 26.522 करोड़ रुपए आंकी गई है। सभी मामले बैंकॉक से आने वाले यात्रियों से जुड़े थे। तस्करों ने ट्रॉली बैग के अंदर विशेष तरीके से छिपाकर यह सामान लाने की कोशिश की। चारों यात्रियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। सोने की तस्करी में भी मुंबई कस्टम्स ने कड़ी कार्रवाई की। 27 जनवरी को एक विशेष मामले में 1470 ग्राम 24 कैरेट सोना (मूल्य 2.1 करोड़ रुपए) बरामद हुआ। इस मामले में एक बांग्लादेशी ट्रांजिट यात्री और सीएसएमआई एयरपोर्ट पर एचआरपीएल (हार्डकैसल रेस्टोरेंट्स प्राइवेट लिमिटेड) के एक स्टाफ सदस्य शामिल थे। सोना ट्रांजिट यात्री ने एयरपोर्ट स्टाफ को सौंपा था। दोनों को गिरफ्तार किया गया। तरीका बॉडी पैकिंग था, यानी सोना शरीर के अंदर छिपाकर लाया गया।

महाराष्ट्र : मुंबई कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में 35 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स, सोना, हीरे जब्त
महाराष्ट्र : मुंबई कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में 35 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स, सोना, हीरे जब्त


इसके अलावा चार अन्य सोने के मामलों में 2162 ग्राम 24 कैरेट सोना (मूल्य 2.89 करोड़ रुपए) चार यात्रियों से बरामद हुआ। इनमें तस्करों ने कपड़ों के अंदर सोने की पन्नियां या बिस्किट छिपाए थे। एक अलग मामले में 10660 कैरेट (2132 ग्राम) हीरे बरामद किए गए, जिनकी कीमत 1.81 करोड़ रुपए थी। यह यात्री चेक-इन बैगेज में हीरे छिपाकर ला रहा था।
विदेशी मुद्रा के तीन मामलों में चार यात्रियों से कुल 1.18 करोड़ रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा जब्त की गई। तस्करों ने चेक-इन और हैंड बैगेज में नकदी छिपाई थी। मुंबई कस्टम्स के कमिश्नर ने बताया कि एयरपोर्ट पर तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई गई है। स्पॉट प्रोफाइलिंग, इंटेलिजेंस और एडवांस पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (एपीआईएस) का इस्तेमाल कर ऐसे प्रयास नाकाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
ये सफलताएं अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को झटका देने वाली हैं, खासकर ड्रग्स और सोने की तस्करी में। मुंबई एयरपोर्ट देश का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के कारण यहां सतर्कता और अधिक जरूरी है। कस्टम्स टीम ने यात्रियों से अपील की है कि वे कानूनी सीमाओं का पालन करें और तस्करी में शामिल न हों।

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

मुंबई/बारामती। महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे, पार्थ और जय ने बारामती में अपने पिता की अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन,महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ,केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी,गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि दी। कल सुबह एक विमान दुर्घटना में उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। आज अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और राजकीय परंपराओं के अनुसार अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद घटना को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राज्यभर की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।पुलिस ने प्लेन क्रैश के सिलसिले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है। इसके अलावा, एयरक्राफ्ट दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। वीटी-एसएसके रजिस्ट्रेशन नंबर वाला यह विमान वीएसआर वेंचर्स द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था।वीएसआर द्वारा ऑपरेट किए जा रहे लीयरजेट 45 विमान (रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके) में उप मुख्यमंत्री पवार के अलावा, एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ), एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर, एक पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) और एक सेकंड-इन-कमांड (एसआईसी) भी सवार थे।

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार


मृतकों की पहचान विदित जाधव (पुरुष) और पिंकी माली (महिला) के रूप में हुई है। पैसेंजर लिस्ट के अनुसार, क्रू मेंबर पीआईसी सुमित कपूर और एसआईसी शाम्भवी पाठक थे।नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा दी गई पूरी जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान लीयरजेट 45 था जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके था और इसे ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स मैनेज कर रहा था।
फ्लाइट क्रू द्वारा पहले लैंडिंग के शुरुआती सीक्वेंस को रद्द करने का फैसला करने के बाद फ्लाइट को ठीक 8:43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई थी।मंत्रालय ने एक चिंताजनक मिसाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि 14 सितंबर, 2023 को इसी कंपनी का एक और लीयरजेट 45, जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-डीबीएल था, मुंबई एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान एक अलग दुर्घटना का शिकार हो गया था। वह पिछली घटना अभी अधिकारियों की जांच के दायरे में है।

दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान

दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान

दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान
दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई स्कूलों को गुरुवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी दी गई। अज्ञात कॉल्स और ईमेल के जरिए मिली इन सूचनाओं के बाद दिल्ली के कई स्कूलों में तलाशी अभियान चलाया गया। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि एमिटी और बिरला विद्या निकेतन समेत दिल्ली के कई स्कूलों में बम की धमकी मिली है, जिसके बाद स्कूलों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संयम बनाने की अपील की है। इन स्कूलों को बम की धमकी मिलने के बाद परिसर को खाली करवाया गया है और जांच की जा रही है। स्कूलों में एंटी-सबोटेज टीम, बम निरोधक दस्ता, स्थानीय पुलिस बल, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवाएं और पीसीआर टीमें संबंधित स्कूलों में पहुंच गई हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों, शिक्षकों, स्कूल स्टाफ और आम जनता की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए जा चुके हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या कोई जानकारी मिले तो तुरंत 112 इमरजेंसी हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान
दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान


द्वारका कोर्ट में भी बुधवार को ईमेल से बम की धमकी मिली थी। इस धमकी के बाद आनन-फानन में अदालत परिसर को खाली कराया गया और मौके पर पुलिस टीम और बम स्क्वॉड टीम पहुंची। हालांकि बाद में यह धमकी फर्जी निकली, जिसके बाद पुलिस टीम ने राहत की सांस ली। पुलिस के मुताबिक, बुधवार सुबह द्वारका कोर्ट कॉम्प्लेक्स में बम की धमकी के बाद हड़कंप मच गया था। एहतियात के तौर पर बाद में इलाके को खाली कराया गया। बाद में धमकी अफवाह निकली। बम की धमकी वाला ईमेल सुबह करीब 9.30 बजे मिला था, लेकिन जांच कराने पर कुछ नहीं मिला था।
बीते कुछ महीनों से दिल्ली के स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों को पहले भी इस तरह के फर्जी मेल और कॉल मिलते रहे हैं। पिछले साल ऐसी कई फर्जी कॉल मिली थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बुधवार को आई इन सूचनाओं का स्रोत क्या था। साइबर यूनिट की टीमें तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें।

अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट

अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट

अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट
अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट

पुणे । पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में उस विमान दुर्घटना के संबंध में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच अभी चल रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की टीमें घटना की जांच करने और इस दुखद दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए दुर्घटनास्थल पर मौजूद हैं। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एडीआर को महाराष्ट्र आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपा जाएगा, जो एएआईबी टीम की जांच के नतीजों के आधार पर जांच करेगा।
इस बीच डिप्टी सीएम पवार की अंतिम यात्रा बारामती के उनके पैतृक गांव काठेवाड़ी में शुरू हो गई है। अजित पवार को सुबह 11 बजे बारामती में मुखाग्नि दी जाएगी।
अंतिम संस्कार से पहले श्रद्धांजलि देने के लिए परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में समर्थक काठेवाड़ी में पवार परिवार के फार्म पर पहुंचने लगे हैं।
इसी समय, बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में अजीत पवार के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं, जिसमें उम्मीद है कि राजनीतिक क्षेत्र के कई बड़े नेता शामिल होंगे।

अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट
अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कई अन्य वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए अंतिम संस्कार में शामिल होने का कार्यक्रम है।
इस दुखद घटना को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। शोक की अवधि के दौरान सम्मान के तौर पर राज्यभर की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
वीएसआर द्वारा ऑपरेट किए जा रहे लीयरजेट 45 विमान (रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके) में हादसे के वक्त उप मुख्यमंत्री पवार के अलावा एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ), एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर, एक पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) और एक सेकंड-इन-कमांड (एसआईसी) भी सवार थे।
मृतकों की पहचान विदित जाधव (पुरुष) और पिंकी माली (महिला) के रूप में हुई है। पैसेंजर लिस्ट के अनुसार, क्रू मेंबर पीआईसी सुमित कपूर और एसआईसी शाम्भवी पाठक थे।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा दी गई पूरी जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान लीयरजेट 45 था जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके था और इसे ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स मैनेज कर रहा था।

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त
कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

गाजीपुर । उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस ने एक बड़ी और अहम कार्रवाई की है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शुभम सिंह की करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त (फ्रीज) कर लिया गया है। आरोपी शुभम सिंह गाजीपुर की नित्यांश मेडिकल एजेंसी का मालिक बताया जा रहा है और वह काफी समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है। गाजीपुर सदर कोतवाली पुलिस के अनुसार, यह मामला कोतवाली थाने में केस नंबर 896/25 के तहत दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस और संबंधित विभाग लगातार इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हुए थे। पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में सिर्फ कफ सिरप की बरामदगी ही नहीं, बल्कि मनी ट्रेल, फर्जी दस्तावेज और अलग-अलग फर्मों की मिलीभगत की भी गहराई से जांच की गई। जांच में सामने आया कि कोडीन कफ सिरप का यह पूरा खेल कागजों पर तो गाजीपुर की कुछ फर्मों तक दिखाया गया, लेकिन हकीकत में वह सिरप कभी गाजीपुर पहुंचा ही नहीं। पुलिस के मुताबिक, झारखंड की शैली ट्रेडर्स नाम की फर्म से बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खरीद दिखाई गई और फिर फर्जी बिल, फर्जी बिल्टियों और कूट रचना के जरिए उसे अलग-अलग जगहों पर भेज दिया गया।

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त
कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त


पुलिस ने बताया कि औषधि विभाग की ओर से जब इस पूरे प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया गया, तब यह साफ हुआ कि कई स्थानीय फर्में सिर्फ नाम के लिए थीं। उनका इस्तेमाल सिर्फ कागजों में कफ सिरप के मूवमेंट को दिखाने के लिए किया गया था। असल में कफ सिरप को इन फर्मों की मिलीभगत से दूसरे राज्यों और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचाया गया, जहां इसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।
इस पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं। इसके साथ-साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई कफ सिरप के कंसाइनमेंट बांग्लादेश बॉर्डर पर पकड़े गए, जिनका मिलान इस केस से जुड़े बैच नंबर और दस्तावेजों से हो रहा है।
पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत कार्रवाई करते हुए शुभम सिंह से जुड़ी 1.85 करोड़ रुपए की संपत्ति को फ्रीज किया गया है। जब आरोपी से यह पूछा गया कि इतनी बड़ी संपत्ति उसने किन वैध स्रोतों से अर्जित की है, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट होता दिख रहा है कि यह संपत्ति पिछले कई वर्षों से किए जा रहे अवैध कफ सिरप कारोबार से ही अर्जित की गई है।
पुलिस ने बताया कि यह संपत्ति शुभम सिंह की मां के नाम पर दर्ज पाई गई है, जिसे जांच अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी द्वारा फ्रीज कर दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए यह पूरा मामला साफेमा एक्ट के तहत सक्षम अधिकारी को भेज दिया गया है ताकि इस पर अंतिम आदेश पारित किया जा सके। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे भी कई संपत्तियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और फर्मों की पहचान कर ली गई है। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, जबकि कई लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच में कई नए नाम सामने आए हैं और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है कि आखिर कफ सिरप कहां-कहां से होकर बॉर्डर तक पहुंचा।
इस मामले में बीएसएफ और त्रिपुरा पुलिस द्वारा पकड़े गए कई कंसाइनमेंट से भी गाजीपुर पुलिस का मिलान हो रहा है। सभी कड़ियां आपस में जुड़ती दिखाई दे रही हैं, जिससे यह साफ है कि यह एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नशे का नेटवर्क हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोडीन कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए किया जाना एक बेहद गंभीर और जघन्य अपराध है। इसे ऊंचे दामों पर नशे के आदी लोगों को बेचा जाता है, जिससे समाज और युवाओं पर बुरा असर पड़ता है। इसी वजह से पुलिस इस मामले में किसी भी स्तर पर ढील नहीं बरत रही है।
गाजीपुर पुलिस के अनुसार, धारा 68-एफ के तहत यह जिले की पहली और अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। आने वाले समय में इस केस से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। मुख्य आरोपी शुभम सिंह का नेटवर्क किन-किन राज्यों और किन लोगों से जुड़ा है, इस पर लगातार काम चल रहा है।