तमिलनाडु: उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने स्वतंत्रता सेनानी इम्मानुएल शेखरन को दी श्रद्धांजलि
चेन्नई ।
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी व समाज सुधारक इम्मानुएल शेखरन की 68वीं गुरु पूजा में शामिल होने के बाद गुरुवार सुबह चेन्नई रवाना हो गए। इस दौरान मदुरै हवाई अड्डे पर उनके साथ आए कुछ पार्टी पदाधिकारियों को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ ) ने प्रवेश करने से रोक दिया, जिससे वहां थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। इम्मानुएल शेखरन का निधन 11 सितंबर 1957 को हुआ था। उनकी पुण्यतिथि को तमिलनाडु में गुरु पूजा के रूप में मनाया जाता है। बुधवार को उप मुख्यमंत्री स्टालिन इम्मानुएल शेखरन को श्रद्धांजलि देने के लिए मदुरै पहुंचे थे। मदुरै के एक निजी रिसॉर्ट में रात बिताने के बाद वह गुरुवार सुबह रामनाथपुरम में स्थित परमकुडी में इम्मानुएल शेखरन के स्मारक गए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उदयनिधि स्टालिन अपने बहनोई सबरीसन के पिता की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के लिए कार से मदुरै हवाई अड्डे तक गए और इंडिगो की फ्लाइट से चेन्नई रवाना हुए। उनके साथ मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन, थंगम थेन्नारसु, मूर्ति और राजकन्नप्पन भी मौजूद थे।
तमिलनाडु: उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने स्वतंत्रता सेनानी इम्मानुएल शेखरन को दी श्रद्धांजलि
जब उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्री हवाई अड्डे में प्रवेश कर रहे थे तो उनके साथ आए कुछ पार्टी पदाधिकारियों और विधायकों ने भी अंदर जाने की कोशिश की। इस पर सीआईएसएफ ने सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए बिना पास वाले सभी लोगों को रोक दिया। सीआईएसएफ ने केवल उन्हीं लोगों को अंदर जाने दिया, जिनके पास प्रवेश पास था। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और सीआईएसएफ में बहस भी हुई। बाद में, उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन इंडिगो की उड़ान से चेन्नई रवाना हो गए। तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने गुरुवार को मदुरै हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में अपने इस्तीफे की खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा, “मुझे इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष का मुझे पूरा समर्थन है। मीडिया को पत्रकारिता की नैतिकता का पालन करना चाहिए।” जानकारी के मुताबिक, नागेंद्रन परमकुडी में इम्मानुएल शेखरन स्मारक पर गुरु पूजा में शामिल होने के लिए चेन्नई से मदुरै पहुंचे थे। नागेंद्रन ने कहा कि भाजपा हमेशा शहीदों और महापुरुषों का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम ऐसे महान लोगों को याद करें और उनका सम्मान करें।
दिल्ली पुलिस ने ब्लाइंड लूट का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली ।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वसंत कुंज साउथ थाना क्षेत्र में हुई एक ब्लाइंड लूट की गुत्थी को महज 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद कर लिया है। दरअसल, 7 सितंबर को वसंत कुंज साउथ थाना में एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई, जिसमें लूट की सूचना दी गई। यह मामला उप-निरीक्षक (एसआई) श्रीकांत को सौंपा गया, जिन्होंने तुरंत बीट स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता राजेश कुमार का बयान दर्ज किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि 6 सितंबर की रात करीब 11 बजे वह अपने ऑफिस डीटीडीसी एक्सप्रेस लिमिटेड, समालखा जा रहे थे। इसी दौरान निशा नर्सरी, राजोकेरी फ्लाईओवर के पास दो अज्ञात लोगों ने उन्हें रोककर उनका मोबाइल फोन लूट लिया और ऑटो में सवार होकर फरार हो गए। इस मामले में वसंत कुंज साउथ थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दिल्ली पुलिस ने ब्लाइंड लूट का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
एसीपी वसंत कुंज और थाना प्रभारी वसंत कुंज साउथ की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात के लिए एक ऑटो का इस्तेमाल किया था। ऑटो की पहचान कर उसके मालिक मनीष निवासी संजय कॉलोनी, भाटी माइंस को पकड़ा गया। पूछताछ में मनीष ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और अपने दोनों साथियों के नाम भी बताए। इसके बाद पुलिस ने तत्परता से दबिश दी और दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में से अनिल उर्फ गाठिया के कब्जे से शिकायतकर्ता का लूटा हुआ मोबाइल बरामद किया गया। आरोपियों की पहचान मनीष, अनिल उर्फ टिंडे और अनिल उर्फ गाठिया के रूप में हुई। आरोपी अनिल पर पहले से भी एक मामला दर्ज है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी, हत्या मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली ।
क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक खतरनाक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी लंबे समय से हत्या के मामले में वांछित था। 52 वर्षीय मोहम्मद समसाद आलम को तुगलकाबाद इलाके से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सालों से अदालत की कार्यवाही से बचता आ रहा था और उसे घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया जा चुका था। पुलिस के अनुसार, समसाद आलम एफआईआर संख्या 738/2016 में वांछित था, जो थाना गोविंदपुरी, दिल्ली में धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य नष्ट करना) आईपीसी के तहत दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पिछले कई वर्षों से जगह-जगह छिपता रहा और उसने अदालत की कई समन और नोटिस को नजरअंदाज कर दिया। 9 सितंबर की रात इंस्पेक्टर वीर सिंह के नेतृत्व में सेंट्रल रेंज क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी का पता लगाया। ऑपरेशन में एसआई अबोध शर्मा, एएसआई दीपचंद, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल विनोद, हेड कांस्टेबल मनोज और कांस्टेबल सुमित शामिल थे। ऑपरेशन में हेड कांस्टेबल संदीप की अहम भूमिका रही।
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी, हत्या मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार
उनकी जांच कौशल और तकनीकी जानकारी के चलते टीम आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखने और उसके ठिकाने की सही जानकारी जुटाने में सफल रही। रात करीब 11 बजे जैसे ही आरोपी तुगलकाबाद स्थित अपने घर में दाखिल हुआ, पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में मोहम्मद समसाद आलम ने हत्या की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। साथ ही उसने माना कि वह जानबूझकर अदालत से बचता रहा और नोटिसों को नजरअंदाज करता रहा। एक अन्य कार्रवाई में 9 और 10 सितंबर की रात क्राइम ब्रांच ने भलस्वा डेयरी हत्याकांड के वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी बल्लभगढ़ मेट्रो स्टेशन के पास से हुई। आरोपी वकील मलिक पिछले करीब एक साल से पुलिस को चकमा देकर गिरफ्तारी से बच रहा था।
दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
नई दिल्ली ।
सेंट्रल जिले के आनंद पर्वत थाना पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। दिसंबर 2024 से फरार चल रहे आरोपी हिमांशु नायक (20) को अजमेर के जादूगर कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया। दरअसल, 17 दिसंबर 2024 को आनंद पर्वत थाना क्षेत्र के प्रेम नगर गली नंबर 17–18 में एक छात्र पर जानलेवा हमला किया गया था। पीड़ित अपने दोस्तों के साथ मौजूद था। उसी समय आरोपी हिमांशु उर्फ रावण, जो नशे की हालत में था, वहां पहुंचा और झगड़ा करने लगा। थोड़ी देर बाद उसके साथी रोशन और हिमांशु नायक भी आ गए। गाली-गलौज और धमकी देने के बाद आरोपी वहां से चले गए, लेकिन थोड़ी देर में वे दीपक के साथ दोबारा लौटे।
इस दौरान हिमांशु उर्फ रावण के उकसाने पर आरोपी दीपक ने चाकू से पीड़ित की पीठ पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। पीड़ित को पहले आचार्य भिक्षु अस्पताल और बाद में सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। पीड़ित के बयान पर थाना आनंद पर्वत में एफआईआर संख्या 561/2024 दर्ज की गई।
दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी/सेंट्रल जिले के निर्देश पर आनंद पर्वत थाने की एक विशेष टीम बनाई गई। एसीपी पटेल नगर सुनील कुमार के पर्यवेक्षण में एसएचओ आनंद पर्वत इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र के नेतृत्व में एसआई विनोद, एचसी सुरेश, कांस्टेबल शखबीर और कांस्टेबल सचिन की टीम गठित की गई।
टीम ने लगातार आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई। सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी, अपराधियों के रिकॉर्ड का विश्लेषण और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस को सफलता मिली। 9 सितंबर 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर टीम अजमेर पहुंची और रणनीतिक तरीके से जाल बिछाकर हिमांशु नायक को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी हिमांशु नायक 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ चुका है और ऑनलाइन फूड डिलीवरी रेस्टोरेंट में काम करता था। पूछताछ में उसने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदलता रहा। इस मामले में प्रयुक्त हथियार (चाकू) पहले ही बरामद किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार मामले में शामिल शेष आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
बयाना पुलिस ने सर्राफा व्यापारी से लूट की वारदात का किया पर्दाफाश, पांच आरोपी दबोचे
बयाना। भरतपुर जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद (IPS) के निर्देशन में बयाना पुलिस ने सराहनीय कार्य करते हुए बयाना में सर्राफा व्यापारी से हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा किया है। घटना 27 अगस्त को उस समय हुई थी जब व्यापारी दुकान बंद कर घर लौट रहा था। सालावाद फाटक के पास बाइक सवार बदमाशों ने व्यापारी को गोली मारकर ज्वेलरी व नकदी से भरा बैग लूट लिया था।
बयाना पुलिस ने सर्राफा व्यापारी से लूट की वारदात का किया पर्दाफाश, पांच आरोपी दबोचे
पुलिस को इनपुट मिलने पर ASP बयाना हरिराम कुमावत व वृताधिकारी कृष्णराज जांगिड के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं। गढीबाजना थानाधिकारी पृथ्वीसिंह की टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए। आरोपियों से 2 अवैध देशी कट्टे, 8 जिंदा कारतूस, 7 खाली खोखे, 7 मोबाइल व घटना में प्रयुक्त 2 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। गिरफ्तार आरोपी आगरा, भरतपुर व धौलपुर क्षेत्र के निवासी हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है। भरतपुर पुलिस की यह त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सराहनीय है।
अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश: 216 एटीएम कार्ड के साथ सहारनपुर की गैंग के 3 बदमाश पकड़े
जैसलमेर।
पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पोकरण पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों को ठगने वाली एक शातिर अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से विभिन्न बैंकों के 216 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूरे भारत में हजारों ठगी की वारदातें करना स्वीकार किया है। एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि यह मामला 17 अगस्त 2024 को तब सामने आया, जब मगसिंह नामक व्यक्ति ने पोकरण थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मग सिंह के अनुसार 10 अगस्त को वह पोकरण रेलवे स्टेशन के पास स्थित एसबीआई एटीएम से पैसे निकालने गए थे। वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने उनके पिन नंबर देख लिए। जब मगसिंह पैसे नहीं निकाल पाए तो उन लोगों ने मदद के बहाने उनका एटीएम कार्ड ले लिया और चालाकी से उसे बदलकर दूसरा कार्ड पकड़ा दिया। इसके बाद मगसिंह के खाते से लगभग 1,00,000 रुपये निकाल लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार और सीओ भवानीसिंह के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। थानाधिकारी छतरसिंह और डीसीआरबी प्रभारी भीमराव सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी और आसूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश: 216 एटीएम कार्ड के साथ सहारनपुर की गैंग के 3 बदमाश पकड़े
हजारों किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों अजय सैनी पुत्र जगपाल (28) निवासी बादशाहपुर, सहारनपुर, मोंटी पुत्र पहल सिंह (32) निवासी खुरलकी थाना देवबन्द सहारनपुर और परवेश पुत्र चतरू (43) निवासी मतोली थाना देवबन्द सहारनपुर को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। ठगी का तरीकाः पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दो-दो के ग्रुप में मोटरसाइकिलों पर निकलते थे और सहारनपुर से चलकर कई राज्यों में घूमते थे। वे अक्सर भीड़-भाड़ वाले एटीएम में जाते थे और पहले से मशीन को खराब कर देते थे। जब कोई ग्राहक पैसे नहीं निकाल पाता था तो वे मदद का बहाना बनाकर उसका एटीएम कार्ड ले लेते थे और बदलकर एक नया कार्ड दे देते थे। इसके बाद वे ग्राहक के असली एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करके पैसे निकाल लेते थे। यह गैंग उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों में सक्रिय थी। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने रिमांड पर लिया है। उम्मीद है कि विस्तृत पूछताछ में और भी कई वारदातों का खुलासा हो सकता है।
दिल्ली: तांत्रिक के चक्कर में फंसी एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी ने गंवाए 1.14 लाख, एफआईआर दर्ज
नई दिल्ली।
दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके में एक एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी इंस्टाग्राम पर फर्जी तांत्रिक के चक्कर में फंसकर 1.14 लाख की ठगी का शिकार हो गई। महिला ने खुद इस घटना की शिकायत पुलिस को दी है। ठगी का शिकार हुई महिला ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से परिवारिक समस्याओं से परेशान थीं। उनके पति और बच्चों की तबीयत भी ठीक नहीं थी। इसी दौरान उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक अकाउंट देखा, जिसमें तांत्रिक उपायों से समस्याओं के समाधान का दावा किया जा रहा था।
इस अकाउंट पर एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था, जिस पर कॉल करके ‘समस्या का समाधान’ कराने की बात कही गई थी। महिला ने जब उस नंबर पर संपर्क किया तो दूसरी ओर से खुद को ‘तांत्रिक’ बताने वाले शख्स ने दावा किया कि उनके घर में एक बुरी आत्मा का साया है, जिससे सारी परेशानियां हो रही हैं।
दिल्ली: तांत्रिक के चक्कर में फंसी एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी ने गंवाए 1.14 लाख, एफआईआर दर्ज
आरोपी ने महिला को कहा कि आत्मा को हटाने के लिए विशेष पूजा करनी होगी और इसके लिए महंगे तांत्रिक उपाय किए जाएंगे। महिला को यकीन हो गया और उसने बताए गए क्यूआर कोड के जरिए कई बार में कुल 1.14 लाख रुपए की रकम भेज दी। ये पैसे उन्होंने अपने केनरा बैंक अकाउंट से ट्रांसफर किए।
महिला को तब शक हुआ, जब पैसे देने के बावजूद तांत्रिक ने कोई पूजा नहीं की और न ही कोई फॉलोअप दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और अब जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि उसका मोबाइल नंबर किसके नाम पर है और पैसे किसके अकाउंट में लिए गए।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अंजान व्यक्ति या ऑनलाइन अकाउंट के बहकावे में न आएं और कोई भी लेन-देन करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।
दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार
नई दिल्ली ।
दिल्ली के मौरिस नगर इलाके से एक शर्मनाक घटना सामने आई है। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। एक 22 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया है कि कैब चालक ने गाड़ी में उसके सामने अश्लील हरकतें कीं। पुलिस ने शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक ओम शंकर को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, कैब को भी जब्त कर लिया गया है। पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करने की तैयारी चल रही है। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता बेंगलुरु की रहने वाली है और कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती है। उसने दिल्ली के कश्मीरी गेट स्थित अंबेडकर विश्वविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लिया है। दो महीने पहले वह मॉडल टाउन में किराए के फ्लैट में रहने आई थी। सोमवार को विश्वविद्यालय जाने के लिए उसने ऐप के जरिए कैब बुक की। कैब चालक ने फोन कर उसे बुकिंग रद्द न करने को कहा, क्योंकि वह कुछ देर में पहुंचने वाला था।
दिल्ली पुलिस ने संगठित अवैध जुए के अड्डों पर की कार्रवाई, 17 गिरफ्तार
पीड़िता ने बताया कि कैब में बैठने तक चालक का व्यवहार सामान्य था। उसने पीड़िता को आगे की सीट पर बैठने को कहा। उसने मना कर दिया और पीछे बैठ गई। इसके बाद चालक ने अश्लील टिप्पणियां शुरू कीं। पीड़िता के दक्षिण भारतीय होने का पता चलने पर आरोपी ने अश्लील हरकतें शुरू कीं। पीड़िता ने शोर मचाया। लेकिन, चालक ने कैब नहीं रोकी। डीयू नॉर्थ कैंपस के पास कैब रुकने पर पीड़िता घबराई हालत में उतरकर भागी और अपने दोस्तों को सूचना दी। इसके बाद पीड़िता दोस्तों के साथ मौरिस नगर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 48 वर्षीय आरोपी को मलका गंज से गिरफ्तार किया। फॉरेंसिक और क्राइम टीम ने कैब की जांच कर सबूत जमा किए। पीड़िता की काउंसलिंग की जा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।
बयानाः सर्ऱाफा व्यापारी से लूट का पर्दाफाश : 200 CCTV कैमरों और मुठभेड़ के बाद पकड़े गए लुटेरे
भरतपुर।
बयाना में सर्राफा व्यापारी से हुई लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पांच को पकड़ा गया है। पुलिस ने यह कामयाबी सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, साइबर सेल की मदद और अपराधियों से हुई मुठभेड़ के बाद हासिल की है। आरोपियों के पास से दो अवैध देशी कट्टे, 8 जिंदा कारतूस, 7 मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। यह घटना 27 अगस्त 2025 की है। जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद ने यहां मीडिया कर्मियों को बताया कि बयाना निवासी एक सर्राफा व्यापारी शाम को अपनी दुकान बंद कर वापस लौट रहे थे। सालावाद फाटक के पास, अपाचे और पल्सर बाइक पर आए बदमाशों ने उन्हें रोककर गोली मार दी। इसके बाद वे व्यापारी से गहनों और नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच में जुटी टीम ने सबसे पहले मौके और आसपास लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
बयानाः सर्ऱाफा व्यापारी से लूट का पर्दाफाश : 200 CCTV कैमरों और मुठभेड़ के बाद पकड़े गए लुटेरे
लगातार फुटेज का पीछा करते हुए, पुलिस ने अपराधियों को उत्तर प्रदेश के आगरा तक ट्रेस किया। साइबर सेल की तकनीकी सहायता से मोबाइल लोकेशन और डंप डेटा का विश्लेषण किया गया, जिससे बदमाशों की पहचान सुनिश्चित हुई। पुलिस ने धौलपुर, आगरा, जैतपुर, इटावा, भिंड और मुरैना तक अलग-अलग टीमों को भेजकर अपराधियों की तलाश की। 9 सितंबर को पुलिस को इनपुट मिला कि बदमाश धौलपुर और भरतपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में एक और डकैती की योजना बना रहे हैं। थानाधिकारी पृथ्वी सिंह खटाना की टीम का बदमाशों से आमना-सामना हुआ। मुठभेड़ के बाद, पांचों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने 27 अगस्त की लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया है। यह भी खुलासा हुआ है कि ये अपराधी पहले भी कई गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं और उन्होंने जेल के अंदर ही इस लूट की योजना बनाई थी । पुलिस को उम्मीद है कि इनसे और भी कई वारदातों का खुलासा हो सकता है।
टोंक जिले के युसुफपुरा स्थित राजकीय देवनारायण आवासीय विद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बाल विवाह के खिलाफ समाज में चेतना फैलाना और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना था। यह कार्यक्रम “बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान” के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं को बाल विवाह अधिनियम 2006 के मुख्य प्रावधानों से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक नवल खान ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए बाल विवाह के कारणों और इसके गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि यह बालिकाओं के भविष्य, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के मार्ग में एक बड़ी बाधा है। बाल विवाह के चलते बालिकाओं को शिक्षा अधूरी छोड़नी पड़ती है, जिससे वे आत्मनिर्भर नहीं बन पातीं। इसके अलावा किशोरावस्था में विवाह और गर्भधारण जैसी स्थितियाँ उनके मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास को भी बुरी तरह प्रभावित करती हैं।
नवल खान ने बालिकाओं को यह भी बताया कि बाल विवाह केवल पारंपरिक प्रथा नहीं है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है। भारत सरकार द्वारा पारित “बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006” के तहत विवाह की न्यूनतम आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है। यदि कोई बाल विवाह करता है या उसमें सहभागिता निभाता है, जैसे पंडित, मौलवी, परिवारजन, समाज के अन्य सदस्य या यहां तक कि आयोजक—सभी को कानून के तहत सजा दी जा सकती है। इसमें छह महीने से लेकर दो साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह की शिकायत किस प्रकार और किन माध्यमों से की जा सकती है, जैसे कि चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, स्थानीय थाना, बाल कल्याण समिति या बाल संरक्षण इकाई।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि इसमें संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बालिकाओं ने बाल विवाह से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को खुलकर साझा किया। बालिकाओं ने यह जानने की कोशिश की कि यदि परिवार बाल विवाह करने पर अड़ा हो, तो वे क्या कर सकती हैं; क्या विद्यालय के शिक्षक या प्रधानाचार्य को इसकी सूचना देना पर्याप्त होगा; और क्या सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए ऐसी योजनाएँ हैं जो उन्हें आत्मनिर्भर बना सकें। सहायक निदेशक ने इन सभी सवालों के उत्तर विस्तार से दिए और बालिकाओं को आश्वस्त किया कि वे यदि बाल विवाह के खिलाफ खड़ी होती हैं, तो सरकार और समाज उनके साथ खड़ा होगा।
नवल खान ने यह भी बताया कि सरकार ने कई योजनाएँ चलाई हैं, जैसे कि मुख्यमंत्री राजश्री योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, जिनका उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह रास्ता है, जिससे कोई भी बालिका न केवल बाल विवाह के खिलाफ खड़ी हो सकती है, बल्कि अपने पूरे जीवन को सशक्त रूप से जी सकती है। उन्होंने उपस्थित छात्राओं से अपील की कि वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि अपने गांव, समाज और परिवार में भी इस बुराई के खिलाफ आवाज उठाएँ और अन्य बालिकाओं को भी जागरूक करें।
कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह के विरुद्ध एक शपथ दिलवाई गई, जिसमें सभी बालिकाओं और उपस्थित शिक्षकों ने यह संकल्प लिया कि वे न तो बाल विवाह करेंगी और न ही किसी बाल विवाह को होने देंगी। यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह होता दिखाई देता है, तो वे उसकी सूचना अवश्य संबंधित अधिकारियों को देंगी। यह शपथ एक प्रतीकात्मक कदम था, लेकिन इसका प्रभाव दूरगामी माना जा सकता है, क्योंकि जब बालिकाएं खुद जागरूक होंगी, तभी समाज में वास्तविक बदलाव संभव होगा।
बाल विवाह को लेकर बालिकाओं को किया जागरूक
इस कार्यक्रम में कार्यवाहक प्रिंसिपल दिवाकर शर्मा, संरक्षण अधिकारी रामसहाय पारीक, विद्यालय के शिक्षक सुरेश कुमार, शिवम चौधरी समेत समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित थे। इन सभी ने बालिकाओं को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी शिक्षा पर पूरा ध्यान दें, आत्मनिर्भर बनें और किसी भी सामाजिक बुराई के आगे झुकने के बजाय, उसके खिलाफ खड़े हों।
दिवाकर शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय प्रशासन हमेशा छात्राओं के हितों की रक्षा के लिए तत्पर रहेगा। यदि किसी छात्रा को कभी भी ऐसी किसी स्थिति का सामना करना पड़े, तो वह निःसंकोच अपने शिक्षकों या प्रशासन से बात कर सकती है। विद्यालय न केवल उन्हें शैक्षणिक रूप से, बल्कि सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह शक्ति है, जिससे हम किसी भी रूढ़िवादिता को तोड़ सकते हैं, और बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त कर सकते हैं।
रामसहाय पारीक ने कहा कि जब तक समाज के हर हिस्से से, खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों से, बाल विवाह की शिकायतें पूरी तरह से बंद नहीं होतीं, तब तक हमारा प्रयास अधूरा है। इसलिए इस अभियान का सबसे मजबूत स्तंभ वही बालिकाएं बन सकती हैं, जो स्वयं इस प्रथा से प्रभावित हो सकती थीं। उन्होंने यह भी कहा कि आज की बालिका यदि शिक्षित और जागरूक है, तो वह कल की सशक्त महिला बनेगी और समाज को सही दिशा देने में सक्षम होगी।
कार्यक्रम की समाप्ति पर विद्यालय में उत्साह और आत्मबल की एक नई ऊर्जा देखी गई। बालिकाएं जागरूकता से ओत-प्रोत दिखाई दीं और उन्होंने आपसी चर्चाओं में स्पष्ट रूप से यह स्वीकार किया कि अब वे इस विषय पर अधिक समझ रखती हैं और यदि कभी उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, तो वे चुप नहीं रहेंगी। छात्राओं ने कहा कि पहले वे सोचती थीं कि यह एक पारिवारिक निर्णय होता है, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक अन्याय है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है।
इस प्रकार यह जागरूकता कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि बालिकाओं के जीवन में ठोस परिवर्तन लाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुआ। इसने यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया कि बाल विवाह जैसी प्रथाओं के विरुद्ध केवल कानून ही नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी और बालिकाओं की जागरूकता भी अनिवार्य है।
यदि इस प्रकार के कार्यक्रमों को निरंतर रूप से सभी जिलों, गांवों और स्कूलों में आयोजित किया जाए, तो राजस्थान को सच में बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने की दिशा में बड़ी सफलता मिल सकती है। इसके लिए प्रशासन, समाज और विशेष रूप से शिक्षा संस्थानों की सामूहिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
इस आयोजन ने न केवल बालिकाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी, बल्कि उन्हें यह आत्मविश्वास भी प्रदान किया कि वे किसी भी परिस्थिति का सामना करने में सक्षम हैं, बशर्ते उन्हें सही जानकारी, समर्थन और मार्गदर्शन मिले। इस तरह के प्रयासों से ही समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव संभव है।