
जयपुर।
हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी से दो प्रमुख सांसदों—कानपुर से सांसद रमेश अवस्थी और शिमला से सांसद सुरेश कश्यप—ने शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात न केवल एक औपचारिक भेंट थी, बल्कि इस दौरान प्रदेश और देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। तीनों नेताओं के बीच विकास, सुशासन और जनकल्याण से संबंधित विषयों पर खुले विचार-विमर्श ने यह संकेत दिया कि केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक के दौरान दोनों सांसदों ने राजस्थान में वर्तमान में चल रहे विकास कार्यों की सराहना की और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को बधाई दी कि उन्होंने अपने कार्यकाल में राज्य की जनता के हित में कई ठोस कदम उठाए हैं। विशेषकर महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, ग्रामीण विकास और पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान सरकार की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की गई। सांसदों ने कहा कि दिया कुमारी न केवल एक कुशल प्रशासक के रूप में, बल्कि एक संवेदनशील जनप्रतिनिधि के तौर पर भी जनता के विश्वास पर खरी उतरी हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दिए जा रहे सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की जो रफ्तार आई है, उसका सकारात्मक असर राज्यों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। राजस्थान भी इसी दिशा में केंद्र सरकार के सहयोग से कई अहम परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है, जिनका उद्देश्य आमजन को सीधे लाभ पहुंचाना है।
दिया कुमारी ने यह भी बताया कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रही है और राज्य के हर वर्ग, विशेषकर किसानों, महिलाओं और युवाओं के उत्थान के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में राजस्थान सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामों पर आधारित शासन प्रणाली को प्राथमिकता दे रही है।
सांसद सुरेश कश्यप ने शिमला और राजस्थान के बीच पर्यटन के साझा अवसरों की चर्चा करते हुए कहा कि दोनों ही राज्य पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध हैं और आपसी सहयोग से पर्यटन को एक नए स्तर तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और राजस्थान दोनों ही ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों से संपन्न हैं और इन क्षेत्रों को जोड़ते हुए एक संयुक्त पर्यटन सर्किट की परिकल्पना की जा सकती है, जिससे दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

कानपुर सांसद रमेश अवस्थी ने शिक्षा और तकनीकी नवाचारों के क्षेत्र में आपसी सहयोग की संभावनाओं पर बात करते हुए कहा कि यदि राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसी बड़ी जनसंख्या वाले राज्यों के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और तकनीकी प्रशिक्षण साझा किए जाएं, तो इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर युवाओं के लिए ऐसी योजनाएं लानी चाहिए जो उन्हें आत्मनिर्भर बना सकें और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दे सकें।
इस शिष्टाचार भेंट में राजनीतिक से अधिक सामाजिक और विकासात्मक सोच का परिचय मिला। तीनों नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीति से ऊपर उठकर देशहित और जनकल्याण की भावना से कार्य करना ही आज के समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी संवाद और समन्वय से देश के हर हिस्से में समान रूप से विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
इसके साथ ही, चर्चा के दौरान स्वास्थ्य, जल संरक्षण, हरित ऊर्जा, और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि राजस्थान सरकार हर गांव और हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य कर रही है और महिला सुरक्षा के लिए ‘राजस्थान महिला सुरक्षा गारंटी योजना’ जैसे कार्यक्रमों को गति दी जा रही है।
सांसदों ने यह भी कहा कि राजस्थान में चल रहे विकास कार्यों को देखने के बाद यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को सही रूप में लागू कर रही है और इसके परिणाम भी ज़मीन पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में राजस्थान, देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त भूमिका निभाएगा।
साथ ही, यह भी प्रस्तावित किया गया कि देश के अलग-अलग राज्यों के बीच आपसी संवाद और अनुभव साझा करने की एक सशक्त प्रणाली बनाई जाए, जिससे एक राज्य की सफल योजनाएं और मॉडल्स दूसरे राज्यों में भी लागू किए जा सकें। यह भारत को एक सशक्त और एकजुट राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
अंत में, यह मुलाकात केवल एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि एक ऐसी बैठक थी जिसमें जनकल्याण, विकास और राष्ट्रहित के कई बड़े और दूरगामी मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई। तीनों जनप्रतिनिधियों की साझा प्रतिबद्धता इस बात की परिचायक थी कि वे केवल अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के हर नागरिक की चिंता को साझा करते हैं। यह पहल न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन सकती है कि विकास और सहयोग की भावना से बड़े से बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।
इस मुलाकात के माध्यम से यह संदेश भी गया कि यदि राज्यों के नेता आपसी सहयोग, संवाद और सामूहिक प्रयास के जरिए काम करें, तो भारत को विकास के शिखर तक पहुँचने से कोई नहीं रोक सकता। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद रमेश अवस्थी और सुरेश कश्यप की यह संयुक्त बैठक निश्चित रूप से एक सकारात्मक संकेत है कि देश की राजनीति अब जनसेवा, विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।



















