सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग, विधायक ने निरीक्षण कर दिए जांच के आदेश
रूपवास। भरतपुर कस्बे से जटमासी के लिए बनाई जा रही निमार्णाधीन सड़क में घटिया सामग्री का उपयोग किए जानकारी मिलने पर विधायक डॉ ॠतु बनावत ने निरीक्षण कर सड़क की जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। रूपवास कस्बे से जटमासी गांव के लिए सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस सड़क में घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने को लेकर ग्रामीणों ने विधायक डॉ ॠतु बनावत को अवगत करवाया। जिस पर विधायक ने मौके पर पहुंच निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण किया। साथ ही देखा कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री डाली जा रही थी। जिसमें मिट्टी और मोर्रम डालकर सड़क को बनाया जा रहा था।
सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग, विधायक ने निरीक्षण कर दिए जांच के आदेश
निम्न स्तर की घटिया सामग्री डालने पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के खिलाफ विरोध जताते हुए कहा कि मेरी विधानसभा के सड़क निर्माण में उच्च क्वालिटी के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वाले अधिकारी और ठेकेदार सावचेत रहें। साथ ठेकेदार के खिलाफ तुरंत ही एक्शन लेने की बात कही। वही विधायक ने निम्न गुणवत्ता की सामग्री लगाई जाने के संदर्भ में जयपुर जाकर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी व अतिरिक्त मुख्य सचिव से मिलकर अवगत कराने की बात कही। साथ ही कहा कि क्षेत्र में सड़कों की जांच कराई जाएगी।
बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने की खुदकुशी, 10 पेज के सुसाइड नोट में परिवार और अफसरों पर गंभीर आरोप
बेंगलुरु । कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 45 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर मुरली गोविंद राजू ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी जान लेने से पहले 10 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें कुछ लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। इस नोट में उन्होंने एक परिवार और बेंगलुरु नगरपालिका के पूर्व बीबीएमपी, जो अब ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) है, के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस जांच के मुताबिक, वर्ष 2018 में गोविंद राजू ने बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड इलाके में एक प्लॉट खरीदा था। यह जमीन उन्हें शशि नाम्बियार और उषा नाम्बियार नामक दंपत्ति ने अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से दिलवाई थी। कई साल तक सब सामान्य रहा, लेकिन जब गोविंद राजू ने इस जमीन पर मकान का निर्माण शुरू किया तभी स्थिति बिगड़नी शुरू हुई। सुसाइड नोट में गोविंद राजू ने लिखा कि जैसे ही उन्होंने निर्माण कार्य शुरू किया, शशि और उसकी पत्नी उषा उन पर नगर निगम के नियम तोड़ने का आरोप लगाकर परेशान करने लगे।
बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने की खुदकुशी, 10 पेज के सुसाइड नोट में परिवार और अफसरों पर गंभीर आरोप
उनका दावा है कि शशि ने कुछ जीबीए/बीबीएमपी अधिकारियों को भी अपने साथ मिला लिया और लगातार उन्हें परेशान किया जाता रहा। नोट में यह भी लिखा है कि शशि ने विवाद खत्म करने की एवज में 20 लाख रुपए की मांग की थी। इस रकम की डेडलाइन सोमवार तक थी। सुसाइड नोट के अनुसार, सोमवार की सुबह गोविंद राजू लगभग 6 बजे घर से निकले, सीधे अपने निर्माणाधीन घर पहुंचे और वहीं फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद गोविंद राजू की मां ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने शशि नाम्बियार और उनकी पत्नी उषा के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में दंपत्ति का बेटा वरुण नाम्बियार अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। जांच टीम सुसाइड नोट, प्लॉट के दस्तावेज़, निर्माण की अनुमति और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने 13 न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए, 3 अधिकारी प्रतिक्षा में
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए 13 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं, वहीं 3 अधिकारियों को प्रतिक्षा सूची में रखा गया है। हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार नियुक्तियों का यह क्रम न्यायिक व्यवस्था को सुचारु संचालन और विभिन्न कोर्टों में लंबित मामलों के कुशल निस्तारण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तबादले और नई नियुक्तियां हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार निम्न न्यायिक अधिकारियों को उनके नए पदस्थापन स्थानों पर भेजा गया है— डीजे दिनेश कुमार गुप्ता – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जालौर डीजे अश्विनी विज – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बीकानेर डीजे हारून – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ब्यावर डीजे अजीत कुमार हिंगड़ – स्पेशल जज, स्पेशल कोर्ट फॉर ट्रायल ऑफ बम ब्लास्ट केस, जयपुर मेट्रो-II डीजे रविन्द्र कुमार – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्रीगंगानगर डीजे भंवर लाल बुगालिया – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जयपुर जिला डीजे संजीव मोंगा – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, धौलपुर डीजे केशव कौशिक – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दौसा डीजे बलजीत सिंह – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भरतपुर डीजे अल्का शर्मा – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजसमंद डीजे सोनिका पुरोहित – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चूरू डीजे मानसिंह चुंडावत – जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चित्तौड़गढ़ डीजे दीक्षा – जज, स्पेशल कोर्ट पॉक्सो एक्ट केस नं. 2, जयपुर महानगर-I
राजस्थान हाईकोर्ट ने 13 न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए, 3 अधिकारी प्रतिक्षा में
एडीजे पुरुषोत्तम लाल सैनी – अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नाथद्वारा आदेशों की प्रतीक्षा में रखे गए अधिकारी हाईकोर्ट ने तीन अधिकारियों को Waiting List/Waiting Order में रखा है— डीजे विशाल भार्गव – मुख्यालय: जिला एवं सत्र न्यायालय जयपुर मेट्रो-II डीजे अभय जैन – मुख्यालय: राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ एडीजे भावना भार्गव – मुख्यालय: जिला एवं सत्र न्यायालय जयपुर मेट्रो-II न्यायिक ढांचे में किए जा रहे ऐसे तबादले सामान्यत : कार्यक्षमता बढ़ाने और न्यायालयों में लंबित मामलों का दबाव कम करने की दृष्टि से किए जाते हैं। जयपुर और जोधपुर जैसे प्रमुख न्यायिक केंद्रों में जिम्मेदारियों का नया वितरण, तेज रफ्तार से चल रहे महत्वपूर्ण मामलों—खासकर बम ब्लास्ट केस और पॉक्सो कोर्ट—की सुनवाई को गति देने में मदद करेगा। धौलपुर, चूरू, भरतपुर और राजसमंद जैसे जिलों में नए जिला जजों की नियुक्ति स्थानीय स्तर पर न्यायिक सेवाओं को मजबूत करेगी। वहीं प्रतीक्षा सूची में रखे गए अधिकारियों के लिए यह निर्णय आगामी प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है, जो आगे चलकर विशेष जिम्मेदारियों के रूप में सामने आ सकता है।
दर्दनाक हादसा अनियंत्रित कार ने राहगीरों को मारी टक्कर, हादसे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत, कई घायल
मौत के डम्पर का आतंक जारी- पांच दिन बाद फिर हादसा- सिस्टम की नींद कब टूटेगी? बजरी से भरे डम्पर ड्राइवर की मौत… सहारनपुर: देहरादून-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर वही पुल, वही गांव सैयद माजरा, और वही खनन से लदा डम्पर… बस इस बार मौत ने किसी मासूम परिवार को नहीं निगला, बल्कि ड्राइवर खुद इस लापरवाही का शिकार बन गया- पाँच दिन पहले इसी पुल को सात बिखरी लाशों ने “ब्लैक फ्राइडे” बना दिया था-
चीखों, खून और टूटे सपनों की वह सुबह सहारनपुर की आत्मा में गहरे जख्म छोड़ गई थी- लेकिन अफसोस, हादसा खत्म नहीं हुआ, बस अध्याय दो खुल गया- आज फिर तेज रफ्तार, वजन और कच्ची सड़कों का यह यमराज पुल से टकराया और ड्राइवर की जान लेकर शांत हो गया- सवाल सीधा है- यह दुर्घटना है या लापरवाही? ग्रामीणों की तर्ज पर कहें तो ये एक्सीडेंट नहीं, फिर लापरवाही है- आखिर जब रोड़ खुल चुका है फिर नीचे से खनन से भरा डम्पर कैसे गया-धन, मुनाफा और खनन का खेल किसी भी यात्री को अगले नंबर पर खड़ा कर सकता है-
ओवरस्पीड, ड्रग्स या नींद कारण जो भी हो, परिणाम हर बार मौत ही है? सिस्टम के लिए यह आखिरी चेतावनी होनी चाहिए- इस मार्ग पर निगरानी, प्रतिबंध और कड़ाई नहीं बढ़ी तो अगली बार ड्राइवर नहीं, फिर कोई परिवार रोता दिखाई देगा- प्रशासन को अब फैसले लेने होंगे, संवेदना नहीं? तेज़ रफ़्तार का कहर वीडियो में देख सकते है घटना कितनी भयानक है- खनन से भरे डम्पर ने पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया है इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है अगर डम्पर के सामने फिर कोई कार या अन्य गाड़ी होती तो वही मंजर होता जो जनता के जहन में बस चुका है!!
दर्दनाक हादसा अनियंत्रित कार ने राहगीरों को मारी टक्कर, हादसे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत, कई घायल
आगरा से इस वक्त एक भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आ रही है जहां एक तेज रफ्तार कार ने 7 राहगीरों को रौंद दिया। जिससे की 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि अन्य लोग बुरी तरह घायल हो गए। वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरु की।
दरअसल, यह हादसा आगरा के बुधी इलाके का है। यहां एक तेज रफ्तार टाटा नेक्सन कार ने सड़क किनारे खड़े लोगों को रौंदते हुए दीवार से जा टकराई। टक्ककर इतनी भीषण थी की देखते ही लोग मौके पर दौड़ पड़े और कार सवार को पकड़ कर उसकी जमकर धुनाई कर दी। वहीं कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। शीशे टूट गए थे और हेडलाइट्स पूरी तरह चकनाचूर थीं।
वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जबकि सभी पांच शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतकों की पहचना ‘बबली ,भानु प्रताप ,कमल, कृष्णा और बंतेश के रूप में हुई है। इन सभी के परिवारों में कोहराम मच गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है की कार सवार शराब के नशे में धुत था। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
एक गोलगप्पा खाने की कोशिश में उतर गया जबड़ा! खुला ही रह गया महिला का मुंह औरैया से हैरान करने वाला मामला
यूपी के औरैया में एक महिला का सिर्फ
एक बड़ा सा गोलगप्पा मुंह में डालने की कोशिश करना इतना भारी पड़ गया कि उनका जबड़ा ही डिस्लोकेट हो गया. अब मुंह बंद ही नहीं हो रहा. औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र के गौरीकिशनपुर ककोर की रहने वाली इंककला देवी (उम्र करीब 50) अपनी भतीज-बहू की डिलीवरी के लिए परिवार सहित औरैया जिला अस्पताल के पास रुकी थीं. सुबह बच्चों ने गोलगप्पे की जिद की तो पूरा परिवार ठेले पर पहुंच गया. इंककला देवी ने एक बड़ा सा बतासा उठाया, मुंह पूरा खोला और… बस खुला का खुला रह गया. बतासा आधा अंदर, आधा बाहर. मुंह बंद करने की लाख कोशिश की, लेकिन जबड़ा लॉक!
महिला की रिश्तेदार सावित्री देवी ने बताया, ‘बस एक झटके में हुआ. पहले तो लगा हंसी-मजाक है, फिर देखा कि दीदी दर्द से रो रही हैं और मुंह बंद नहीं हो रहा. हम लोग दौड़कर अस्पताल भागे.
जिला अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉ. मनोज कुमार ने बताया, मरीज का जबड़ा पूरी तरह डिस्लोकेट हो चुका था. हमने कई बार मैनुअल रिडक्शन की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. आखिरकार सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी रेफर कर दिया. ऐसे केस मैंने पहले कभी नहीं देखे.
एक गोलगप्पा खाने की कोशिश में उतर गया जबड़ा! खुला ही रह गया महिला का मुंह औरैया से हैरान करने वाला मामला
इन बातों का रखें ख्याल
वहीं ऐसे लोगों को डॉक्टरों ने सलाह भी दी है. जिन लोगों को लगता है कि हमारे जबड़े में दर्द रहता है. मुंह पूरा नहीं खुलता है तो ऐसे लोगों को जबरदस्ती मुंह नहीं खोलना चाहिए. आराम से करना चाहिए जैसे कि खाना खाना है या कोई चीज खानी है तो आराम से खानी चाहिए.
इस अचानक हुई समस्या के बाद परिजन दहशत में हैं. इंककला देवी अब भी सही ढंग से मुंह बंद नहीं कर पा रही हैं और लगातार दर्द की शिकायत कर रही हैं. डॉक्टरों का मानना है कि इस तरह की स्थिति में तेजी से मुंह खोलने या बड़े आकार का खाद्य पदार्थ एक ही बार में खाने पर जबड़ा डिसलोकेट होने की संभावना रहती है.
गोलगप्पा वाला भी डरा हुआ
फिलहाल महिला को उच्च चिकित्सा सुविधा वाले अस्पताल में भेज दिया गया है, जहां इलाज जारी है. घटना के बाद गोलगप्पा ठेला संचालक भी घबराया हुआ है, जबकि स्थानीय लोग इसे अब तक की सबसे अनोखी घटना बता रहे हैं.
वायरल 19-मिनट इंस्टाग्राम MMS अफवाह है; मौत वाली क्लिप से इसका कोई संबंध नहीं है
सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘वायरल वीडियो इंस्टाग्राम कपल 19 मिनट्स MMS लीक’ ट्रेंडिंग कीवर्ड बन गया है। इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर कन्फ्यूजन, डर और अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। दावा किया जा रहा है कि 19 मिनट के प्राइवेट MMS में दिख रही लड़की ही उस वायरल मौत वाली क्लिप की महिला है। लेकिन फैक्ट-चेक कहता है- ये पूरी तरह झूठ है।
क्या है फैलाया गया दावा?
एक वीडियो वायरल है जिसमें एक महिला ज़मीन पर मृत पड़ी दिखती है। इसके साथ वॉयसओवर में कहा जा रहा है-“19 मिनट का MMS लीक हुआ… शर्म के कारण लड़की ने खुदकुशी कर ली।” इंस्टाग्राम पर इस दावे को हज़ारों लोग शेयर कर रहे हैं, जैसे दोनों वीडियो एक ही घटना से जुड़े हों। लेकिन यह सिर्फ इमोशनली मैनिपुलेट करने वाला दावा है।
वायरल 19-मिनट इंस्टाग्राम MMS अफवाह है; मौत वाली क्लिप से इसका कोई संबंध नहीं है
फैक्ट-चेक: दोनों वीडियो का कोई संबंध नहीं
जांच में पता चला है- मौत वाले वीडियो की महिला MMS वाली महिला नहीं है।
दोनों घटनाएं पूरी तरह अलग और असंबंधित हैं।
सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने इन्हें जोड़कर एक झूठी कहानी बनाई ताकि व्यूज़ और एंगेजमेंट बढ़ सकें।
यह दावा 100% गलत साबित हुआ है।
MMS किसका था?
लीक हुआ MMS असल में 19 मिनट 34 सेकंड का प्राइवेट वीडियो है जिसमें एक कपल शामिल है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर:
लोग कपल की पहचान तलाश रहे हैं
बिना वेरिफाइड जानकारी फैलाई जा रही है
कई इंस्टाग्राम पेज सनसनी फैलाने में जुटे हैं
इसमें कहीं भी मौत वाली महिला का कोई लिंक नहीं है।
कैसे बनाई गई झूठी कहानी?
मौत वाले वीडियो में एक वॉयसओवर दावा करता है- “आपने इन दोनों की वीडियो देखी होगी… लड़की अब इस दुनिया में नहीं रही।” इसके बाद वह MMS वाले लड़के, लड़की और वीडियो लीक करने वाले को दोषी ठहराता है। हालांकि:
मौत वाली घटना वास्तविक लगती है
पर उसका MMS से शून्य संबंध है
यह कनेक्शन किसी ने व्यूज़ के लिए गढ़ा है
क्यों खतरनाक है यह ट्रेंड?
इंस्टाग्राम रील्स, शॉर्ट्स और फॉरवर्डेड कंटेंट के दौर में गलत जानकारी:
रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार 90 मार्क के पार
नई दिल्ली। भारतीय करेंसी रुपया में बुधवार के कारोबारी दिन तेज गिरावट दर्ज की गई और पहली बार घरेलू करेंसी डॉलर के मुकाबले 90 के पार अपने निचले स्तर पर आ गई। डॉलर के मुकाबले रुपया 90.13 स्तर पर एक नए रिकॉर्ड लो पर आ गया। इससे पहले कारोबारी दिन रुपया ने डॉलर के मुकाबले 89.94 स्तर को छू कर अपना ऑल-टाइम लो बनाया था, जो आज के सत्र में ब्रेक हो चुका है। भारतीय करेंसी में यह गिरावट कमजोर ट्रेड और पोर्टफोलियो फ्लो के बीच देखी जा रही है। वहीं, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील के लेकर बढ़ती अनिश्चितता भी इसका एक प्रमुख कारण है। इन कारकों ने करेंसी को कारोबारी सत्र में लगातार दबाव में बनाए रखा। रुपए में गिरावट का प्रभाव भारतीय बेंचमार्क सूचकांको पर भी नजर आ रहा है। निफ्टी इंडेक्स बुधवार के कारोबारी सत्र में अपने महत्वपूर्ण 26,000 स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है।
रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर, पहली बार 90 मार्क के पार
इसके अलावा, सेसेंक्स में भी शुरुआती कारोबार में 200 से अधिक अंक की गिरावट दर्ज की गई क्योंकि कमजोर होता रुपया मुद्रास्फीति और एफआईआई एक्टिविटी को लेकर चिंताओं को बढ़ा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि ट्रेडर्स की निगाहें रुपए में स्थिरता के संकेतों और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को लेकर स्पष्टता बनी हुई हैं, जिससे मार्केट का मूड तनावपूर्ण बना हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार, “भारत-अमेरिका व्यापार समझौता होने पर रुपए का अवमूल्यन रुक जाएगा और स्थिति उलट भी सकती है, जो कि इसी महीने होने की संभावना है। हालांकि, यह दोनों देशों के बीच डील होने के बाद टैरिफ से जुड़ी डिटेल्स पर भी बहुत हद निर्भर करेगा।” उन्होंने कहा कि आरबीआई के म्यूट इंटरवेंशन ने भी रुपए में गिरावट को बढ़ाया है। हालांकि, शुक्रवार को आरबीआई एमपीसी बैठक की पॉलिसी घोषणा के साथ मार्केट को उम्मीद है कि यह भी साफ हो जाएगा कि केंद्रीय बैंक करेंसी को स्थिर करने के लिए कदम उठाएगा या नहीं।
सुबह-सुबह आदर्श नगर जोन में नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने सफ़ाई व्यवस्था का किया निरीक्षण
जयपुर। नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने शुक्रवार सुबह आदर्श नगर जोन की सफ़ाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान जोन उपायुक्त, XEN और CSI भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। पिंक स्क्वायर मॉल के सामने रह रहे बेघर लोगों को नगर निगम के आश्रय स्थलों में भेजने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
सुबह-सुबह आदर्श नगर जोन में नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने सफ़ाई व्यवस्था का किया निरीक्षण
आयुक्त ने क्षेत्र में टूटे हुए डस्टबिन और गमलों को बदलकर नए डस्टबिन एवं नए गमले लगाने के आदेश दिए। साथ ही डिवाइडर पर लिटर पिकिंग, ग्रीन बेल्ट की सफाई और क्षेत्र में बेहतर हाउसकीपिंग सुनिश्चित करने के लिए टीम को दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद आयुक्त आदर्श नगर जोन की गलियों में भी पहुँचे और साफ-सफाई की स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने आमजन से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को लेकर फीडबैक भी लिया।
CID इंटेलिजेंस को मिला पाकिस्तानी जासूस का 10 दिन का रिमांड
सोशल मीडिया के जरिए ISI से था संपर्क, तीन राज्यों से भेजता था आर्मी की सीक्रेट जानकारी जयपुर। CID इंटेलिजेंस ने श्रीगंगानगर से पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस को मंगलवार दोपहर कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी को 10 दिन की रिमांड पर सौंप दिया गया। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी ISI से जुड़ा हुआ था और राजस्थान, पंजाब और गुजरात में सैन्य प्रतिष्ठानों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेजता था। फिरोजपुर का रहने वाला प्रकाश सिंह उर्फ बादल गिरफ्तार डीजी (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि जासूसी के आरोप में पकड़े गए युवक की पहचान प्रकाश सिंह उर्फ बादल (34) निवासी फिरोजपुर, पंजाब के रूप में हुई है। CID ने कोर्ट से 15 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन आदेशानुसार आरोपी को 10 दिन की रिमांड पर दिया गया है। विदेशी नंबरों से लगातार कॉन्टैक्ट में था 27 नवंबर को संदिग्ध को श्रीगंगानगर के साधूवाली सैन्य क्षेत्र के पास देखा गया। बॉर्डर इंटेलिजेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे तुरंत पकड़ा।प्रारंभिक जांच में उसके मोबाइल में विदेशी और पाकिस्तानी व्हाट्सऐप नंबरों के साथ लगातार बातचीत के साक्ष्य मिले। ऑपरेशन सिंदूर से ISI के संपर्क में
CID इंटेलिजेंस को मिला पाकिस्तानी जासूस का 10 दिन का रिमांड
श्रीगंगानगर के ज्वाइंट इंटरोगेशन सेंटर में की गई पूछताछ में सामने आया कि संदिग्ध ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के समय से ही पाकिस्तान की ISI से जुड़ा हुआ था।वह कई अहम जानकारियां साझा कर रहा था—आर्मी वाहनों की मूवमेंट, सैन्य संस्थानों की लोकेशन, सीमावर्ती इलाके की भौगोलिक स्थिति, पुल, सड़कें, रेलवे लाइनें, नए निर्माण कार्यों की जानकारी, यह सभी सूचनाएं वह अपने पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजता था। OTP सप्लाई रैकेट का भी हिस्सा जांच में एक और गंभीर गतिविधि सामने आई—ISI की मांग पर प्रकाश सिंह भारतीय नंबरों के OTP पाकिस्तान भेजता था। इन OTP के जरिए पाकिस्तानी एजेंट भारतीय मोबाइल नंबरों पर व्हाट्सऐप एक्टिवेट कर जासूसी और राष्ट्रविरोधी काम करते थे।इसके बदले में आरोपी को फंडिंग भी मिलती थी। गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज हुई FIR पूछताछ और मोबाइल डेटा एनालिसिस में मिले ठोस सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम-1923 के तहत जयपुर के स्पेशल पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई और उसे सोमवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। CID इंटेलिजेंस उम्मीद कर रही है कि रिमांड अवधि के दौरान ISI नेटवर्क और स्थानीय सहयोगियों से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
चंडीगढ़ में पैरी का मर्डर—गैंगवार की नई पटकथा : दोस्त बना कातिल, गोलियों की गूंज में दो गैंग आमने-सामने…घटना का वीडियो व दुश्मनी का ऑडियो वायरल
चंडीगढ़। चंडीगढ़ के सेक्टर-26 टिंबर मार्केट की शाम अचानक गोलियों की आवाज़ से दहशत में बदल गई। कार में सवार इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी पर करीब पाँच गोलियां दागी गईं। हमलावर उतारकर दूसरी कार में बैठे, और जाते-जाते भी गोलियां बरसाईं। चंद मिनटों में पैरी की सांसें थम चुकी थीं। यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी—यह लॉरेंस और गोल्डी बराड़ गैंग के बीच खुली जंग का ऐलान था। क्रेटा कार से आया कातिल, पंचकूला में छोड़ा सुराग पुलिस जांच में सामने आया कि मर्डर में इस्तेमाल की गई सफेद क्रेटा हमलावर पंचकूला में छोड़कर फरार हो गए। CIA और क्राइम ब्रांच ने कार बरामद कर ली है। CCTV फुटेज में दो कारें, कई युवक और हमलावरों का मूवमेंट स्पष्ट दिख रहा है। लॉरेंस गैंग की फेसबुक पोस्ट—नया युद्ध शुरू हत्या के कुछ देर बाद ही फेसबुक पर लॉरेंस गैंग की ओर से एक पोस्ट डाली गई। उसमें साफ लिखा था—“आज से नई जंग शुरू हो चुकी है… पैरी की हत्या की जिम्मेदारी हमारी है। गोल्डी और रोहित ने हमारे ग्रुप के खिलाफ जाकर क्लबों से पैसे इकट्ठा करवाए। यह गद्दार था। जो भी इनके साथ दिखेगा, उसे भी नहीं छोड़ा जाएगा।” पोस्ट में कई पुराने हमलों और सिप्पा की हत्या का बदला लेने का इशारा भी है। पुलिस ने पोस्ट अपने रिकॉर्ड में शामिल कर जांच शुरू कर दी है। इधर गोल्डी बराड़ का ऑडियो—“लॉरेंस ने गद्दारी की, पैरी निर्दोष था”
चंडीगढ़ में पैरी का मर्डर—गैंगवार की नई पटकथा : दोस्त बना कातिल, गोलियों की गूंज में दो गैंग आमने-सामने…घटना का वीडियो व दुश्मनी का ऑडियो वायरल
उधर गोल्डी बराड़ का एक 8–9 पॉइंट वाला ऑडियो सामने आया, जिसमें वो लॉरेंस को गद्दार कह रहा है। उसके आरोप बेहद गंभीर : गोल्डी के आरोप—पैरी को लॉरेंस ने खुद फोन कर बुलाया, कहा—“परिवार वाली बात करनी है।” अपने ही आदमी के साथ भेजकर उसका कत्ल करवा दिया। पैरी के माता-पिता ने लॉरेंस को कठिन दिनों में अपने घर में पनाह दी थी। “जिस मां ने रोटी खिलाई, उसी का बेटा तूने मार दिया।” “तेरी दुश्मनी में निर्दोष को मारना कलंक है।” “दुनिया की कोई ताकत तुझे नहीं बचा सकती, उल्टी गिनती शुरू।” दुबई में सिप्पा की हत्या को भी सही ठहराया और कहा— “हम नाजायज को नहीं मारते, सिर्फ गद्दार को सजा देते हैं।” गोल्डी ने स्पष्ट कहा कि पैरी का किसी गैंगवार से कोई संबंध नहीं था, वह अभी-अभी शादी करके नॉर्मल जिंदगी में लौट रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच — गैंग टकराव की बड़ी स्क्रिप्ट पुलिस सूत्रों का दावा है—दुबई में जोरा सिद्धू उर्फ सिप्पा की हत्या का बदला इस मर्डर के रूप में लिया गया है। सिप्पा लॉरेंस ग्रुप का नज़दीकी था। उसकी हत्या की जिम्मेदारी गोल्डी गैंग ने ली थी। दोनों गैंगों के बीच पहले से तनाव था। अब यह तनाव खुली लड़ाई में बदल चुका है। मर्डर कैसे हुआ — पूरी क्राइम सीक्वेंस पैरी देर शाम सेक्टर-26 पहुंचा। हमलावर दो कारों में उसका पीछा कर रहे थे। टिंबर मार्केट में मोड़ पर कार रोकी गई। 3 बदमाश आगे आए और करीब पाँच गोलियां दागीं। एक गोली सीधे छाती में लगी। हमलावर वापस कार में बैठकर भागे और पंचकूला में छोड़ी क्रेटा से दूसरी बाइक/गाड़ी में फरार हो गए। राहगीरों ने पैरी को PGI ले जाया, पर वह बच न सका। CCTV फुटेज पुलिस की सबसे बड़ी उम्मीद फुटेज में— हमलावरों का चेहरे-हावभाव, दोनों कारों की मूवमेंट, भागने का एंगल, टाइमिंग सब कुछ रिकॉर्ड है। पुलिस पहचान करने के लिए इसे फ्रेम-दर-फ्रेम एनालाइज कर रही है। परिवार सदमे में, शहर सहम गया पैरी की हाल ही में शादी हुई थी। घर में खुशियां थीं। मर्डर के बाद माहौल मातम में बदल गया। चंडीगढ़ पुलिस ने इलाकों में नाकाबंदी बढ़ाई है और दोनों गैंगों की गतिविधियों पर करीबी नजर रखी जा रही है।