बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार
बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र में 27 अक्टूबर को हुए आईआरबी जवान अजय कुमार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने धनबाद से मुख्य आरोपी बलराम तिवारी और उसके सहयोगी सूरज कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बलराम तिवारी के पास से एक देसी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की गई है। चास के एसडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि घटना छठ महापर्व के संध्या अर्घ्य के दौरान हुई थी। चास थाना क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी स्थित गायघाट छठ घाट पर बलराम तिवारी और अंकित मंडल के बीच एक युवती को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद आईआरबी जवान अजय कुमार ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और बलराम तिवारी को थप्पड़ मार दिया।

बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार
बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

इससे नाराज बलराम तिवारी घर गया और पिस्तौल लाकर अजय कुमार को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, जिसे एसआईटी ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर धनबाद से गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी बलराम तिवारी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चास थाना और सेक्टर-12 थाना में केस दर्ज हैं। सह-आरोपी सूरज कुमार उर्फ पप्पू कुमार के खिलाफ भी चोरी और वाहन चोरी के आरोप में चास थाना कांड संख्या 337/23 दर्ज है।
आईआरबी जवान की हत्या के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया था। इसके विरोध में आक्रोशित लोगों ने बोकारो-चास मुख्य मार्ग को करीब छह घंटे तक जाम रखा था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है

दिल्ली : द्वारका में 'नो गन्स, नो गैंग्स' मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद

दिल्ली : द्वारका में ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद

दिल्ली : द्वारका में 'नो गन्स, नो गैंग्स' मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद
दिल्ली : द्वारका में ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली के द्वारका जिले में पुलिस ने ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ अभियान के तहत दो आदतन अपराधियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की। एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड (एएटीएस) की टीम ने दीपक उर्फ काला नटिया (30 वर्ष) और सुबिंदर कुमार उर्फ फगवा (28 वर्ष) को एक लोडेड देसी पिस्तौल और चोरी की स्कूटी के साथ पकड़ा। दोनों आरोपी पड़ोसी थे और निजी दुश्मनी के चलते हत्या की योजना बना रहे थे। डीसीपी द्वारका अंकित सिंह ने इसे अपराध रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। यह कार्रवाई 23 सितंबर 2025 को शुरू हुई जब एएसआई विजय सिंह को मुखबिर से खुफिया जानकारी मिली कि दो संदिग्ध द्वारका सेक्टर-17 के गोल्फ कोर्स रोड पर स्कूटी पर घूम रहे हैं। वे अवैध हथियार लेकर अपराध की फिराक में थे। एसीपी रामअवतार के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने तुरंत एक्शन लिया। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास संदिग्धों को देखा तो वे भागने लगे। लंबे पीछा के बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। तलाशी में दीपक के पास से एक देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद हुए। स्कूटी जनकपुरी से चुराई गई थी।

दिल्ली : द्वारका में 'नो गन्स, नो गैंग्स' मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद
दिल्ली : द्वारका में ‘नो गन्स, नो गैंग्स’ मिशन की सफलता, दो कुख्यात अपराधी गिरफ्तार; पिस्तौल और चोरी की स्कूटी बरामद


द्वारका उत्तर थाने में एफआईआर नंबर 397/25 धारा 25 आर्म्स एक्ट और 317(2) बीएनएस के तहत दर्ज की गई। पूछताछ में दीपक ने कबूल किया कि उसके पड़ोसी से पुराना झगड़ा था। बदला लेने के लिए उसने हथियार मंगवाया और सुबिंदर को साथ लिया। सुबिंदर ने बताया कि वह जबरन वसूली की योजना बना रहा था, लेकिन पकड़े जाने से पहले ही नाकाम हो गया। दोनों डाबड़ी इलाके के सीता पुरी के निवासी हैं।
दीपक पर पहले से 16 मामले दर्ज हैं, जिनमें डकैती, हत्या का प्रयास, झपटमारी और चोरी शामिल हैं। जनकपुरी थाने में डकैती के एक केस में उसे सजा भी हो चुकी है। सुबिंदर पर 5 मामले हैं, जिनमें हत्या, डकैती और चोरी शामिल हैं। वह सीसीएल (कोर्ट में आरोपित) है और डाबड़ी में हत्या के बाद से अपराध की दुनिया में सक्रिय था।

दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद

दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद

दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद
दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद

नई दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुए हत्या के प्रयास के एक मामले को पुलिस ने मात्र 24 घंटे में सुलझा लिया। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अपराध में इस्तेमाल पेपर कटर भी बरामद कर लिया गया। घायलों की हालत स्थिर है और इलाज जारी है। घटना गुरुवार रात करीब 11.30 बजे कबीर नगर की 33 फुटा रोड पर हुई। पीड़ित शाज़ेब (30 वर्ष) और उसका दोस्त शैद (27 वर्ष) घर लौट रहे थे जब दो युवकों ने उन पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने शोर मचाया तो हमलावर भाग निकले। घायलों को तुरंत जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई। शुक्रवार सुबह 1.36 बजे पुलिस को मारपीट की सूचना मिली। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि घायलों को पहले ही अस्पताल भेजा जा चुका था। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के धब्बे, कपड़े के टुकड़े और अन्य साक्ष्य जुटाए। वेलकम थाने में धारा 109(1), 115(2) और 3(5) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद
दिल्ली : पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला सुलझाया, दो हमलावर गिरफ्तार; हथियार बरामद

एसएचओ इंस्पेक्टर रूपेश कुमार खत्री के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसमें एसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल थे। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और तकनीकी निगरानी से सुराग मिले। शुक्रवार देर रात तक दोनों संदिग्धों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तोहीद (23 वर्ष), पुत्र अजमल, गली नंबर 1, हमजा मस्जिद के पास, कबीर नगर और अजहर अली उर्फ अज्जू (24 वर्ष), पुत्र अफजल, गली नंबर 8, कबीर नगर के रूप में हुई। दोनों पीड़ितों के पड़ोसी हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि शाजेब और शैद के साथ उनकी पुरानी दुश्मनी थी। छोटी-मोटी बातों पर झगड़ा हुआ करता था, जो अब बदले की आग बन गया। आरोपियों ने बताया कि उसने बाजार से पेपर कटर खरीदा और अजहर को साथ लिया। दोनों ने मौका देखकर हमला किया। उनकी निशानदेही पर हथियार बरामद कर लिया गया। जांच में पता चला कि अजहर पर पहले से दो आपराधिक मामले (मारपीट और चोरी) दर्ज हैं।

दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली के रंजीत नगर थाना क्षेत्र में थार चोरी होने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को धर दबोचा। पुलिस ने उससे 1 लाख रुपए कैश, एक एप्पल आईपॉड, डिजाइनर गॉगल्स और महंगे जूते बरामद किए गए हैं। पूछताछ में पता चला कि वह अब तक कई लग्जरी एसयूवी चोरी की वारदात में शामिल रहा है। 28 अक्टूबर को उत्तराखंड निवासी एक व्यक्ति अपने दोस्त से मिलने के लिए दिल्ली आया था। उसने अपनी थार बाहर पार्क की थी। अगली सुबह उठने पर वाहन गायब मिला। इस संबंध में रंजीत नगर थाने में केस दर्ज हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ रंजीत नगर त्रिभुवन नेगी के नेतृत्व और एसीपी/पटेल नगर सुनील कुमार गुप्ता की देखरेख में टीम बनाई गई। टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूतों का गहराई से विश्लेषण किया। चोरी हुई थार में रखे एप्पल आईपॉड की लोकेशन को ट्रेस किया गया, जिससे गाड़ी की मूवमेंट सिकंदराबाद, बुलंदशहर (यूपी) तक ट्रैक हुई।
गुप्त ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक किराए के मकान की पहचान की। 31 अक्टूबर को जब संदिग्ध वहां पहुंचा तो टीम ने दबिश देकर अनिल ( 25 वर्ष) निवासी सिकंदराबाद को गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
दिल्ली से थार चोरी कर बिहार में बेचीं, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार


पूछताछ में अनिल ने खुलासा किया कि उसने चोरी की गई थार को अपने साथी राजू की मदद से सीवान में 2.5 लाख रुपए में बेच दी। उसे 1 लाख रुपए कैश एडवांस में मिला था, जबकि बाकी रकम बाद में देने की बात तय हुई थी।
इसके बाद टीम ने बिहार में भी ऑपरेशन चलाया। सीसीटीवी फुटेज से दो व्यक्तियों की पहचान हुई जो आरोपी से डील कर रहे थे। इनमें से एक चोरी की थार लेकर हाईवे की ओर गया और दूसरा अनिल को रेलवे स्टेशन छोड़ने गया। पुलिस ने वहां इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन ट्रेस किया, जो मोहम्मद कयूम नामक व्यक्ति तक पहुंचा। उसकी मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई।
गिरफ्तार अनिल के खिलाफ दिल्ली के जामा मस्जिद, राजौरी गार्डन, कृष्णा नगर, आनंद विहार, फर्श बाजार और मानसरोवर पार्क थाने और उत्तर प्रदेश में 9 आपराधिक केस पहले से दर्ज हैं, जिनमें चोरी और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं।
पुलिस अब चोरी की गई एसयूवी की बरामदगी और फरार आरोपी राजू व बिहार में मौजूद वाहन के खरीदारों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद
ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद

ग्रेटर नोएडा । गौतमबुद्धनगर की इकोटेक-3 थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 4 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद किया है। यह गिरफ्तारी दिनांक 9 नवंबर 2025 को स्थानीय खुफिया तंत्र और बीट पुलिसिंग की सहायता से की गई। पुलिस का कहना है कि यह अभियान नशा तस्करी व नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान चिराग चौधरी उर्फ तनु, आकाश शर्मा और हरिओम शर्मा के रूप में हुई है।
तीनों आरोपी नॉलेज पार्क-5 क्षेत्र में सक्रिय थे और उसी इलाके से इन्हें दबोचा गया। प्राथमिक जांच में पता चला है कि ये लोग बुलंदशहर जिले के रहने वाले हैं और लंबे समय से मादक पदार्थों की सप्लाई में शामिल थे।

ग्रेटर नोएडा : तीन नशे के सौदागरों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 4.5 किलो मादक पदार्थ बरामद
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अभियुक्तों में पहले का नाम चिराग चौधरी उर्फ तनु है, जो ग्राम जलालपुर करीरा थाना शिकारपुर, बुलंदशहर का निवासी बताया जा रहा है। दूसरा अभियुक्त आकाश शर्मा भी जलालपुर करीरा का ही रहने वाला है, जबकि तीसरा अभियुक्त हरिओम शर्मा ग्राम निमचाना थाना अगौता, बुलंदशहर का निवासी है।
पुलिस ने इनके खिलाफ थाना इकोटेक-3 में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से बरामद 4 किलो 500 ग्राम गांजे की कीमत बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि वे आसपास के क्षेत्रों में गांजे की सप्लाई करते थे और युवाओं को निशाना बनाकर मादक पदार्थों की बिक्री की जाती थी।
पुलिस अब इनके नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहरी जांच कर रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्यवाहियां आगे भी लगातार जारी रहेंगी, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सके और समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके।

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़
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सीकर। राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के पूर्व-संध्या अवसर पर गुरुवार को शहीद स्मारक, सीकर में एक विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य के यूडीएच एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राष्ट्र रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर वीरों को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के साथ देशभक्ति का माहौल बनाया। मंत्री खर्रा ने इस अवसर पर कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रगीत केवल एक कविता नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “वंदे मातरम्” ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में स्वदेश प्रेम, एकता और संघर्ष का नया उत्साह जगाया था,

वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़
वंदे मातरम् के 150 वर्ष : सीकर में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि, राष्ट्रगीत वर्ष समारोह का आगाज़

और आज भी यह गीत राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्य भावना को मजबूत करता है।
इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का राष्ट्रीय पर्व है।
सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम घोषणा के अनुसार, 7 नवंबर को वर्षभर चलने वाले “वंदे मातरम्–150 वर्ष” समारोह का औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। राज्य सहित देशभर में इस अवसर से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।
कार्यक्रम के अंत में मां भारती को नमन और राष्ट्र की अखंडता के लिए संकल्प व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि सभा संपन्न हुई।

20 लाख के मोबाइल की हेराफेरी, गढ़ी डकैती की फर्जी कहानी, दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे में खोली पोल

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नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने फर्जी डकैती के मामले को 24 घंटे में सुलझाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लगभग 20 लाख रुपए की कीमत के महंगे मोबाइल फोन की हेराफेरी करने के लिए बंदूक के बल पर फर्जी डकैती का नाटक रचा था। दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश करते हुए पूरा सामान बरामद किया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, थाना शकरपुर के अंतर्गत विकास मार्ग के पास लगभग 20 लाख रुपए मूल्य के महंगे मोबाइल फोन की लूट के संबंध में एक पीसीआर कॉल मिली थी। कूरियर बॉय के रूप में काम करने वाले शिकायतकर्ता आशीष कुमार ने बताया कि जब वह अपने स्कूटर से करोल बाग में मोबाइल फोन डिलीवर कर रहा था, तो विकास मार्ग फ्लाईओवर के पास एक अन्य स्कूटर पर सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोक लिया, उन्हें बंदूक से धमकाया और 25 मोबाइल फोन (14 आईफोन 17 और 10 वनप्लस भी शामिल) से भरा उनका बैकपैक छीन लिया। शिकायत के आधार पर शकरपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ को कथित लुटेरों का पता लगाने और मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का काम सौंपा गया। इस मामले में एक टीम भी गठित की गई।

20 लाख के मोबाइल की हेराफेरी, गढ़ी डकैती की फर्जी कहानी, दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे में खोली पोल
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टीम ने तकनीकी व मैनुअल जांच की, बताए गए रास्ते में लगे कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले और शिकायतकर्ता की ओर से बताई गई गतिविधियों के क्रम का विश्लेषण किया। हालांकि, जाँच के दौरान शिकायतकर्ता के बयान और घटनाक्रम में कई विसंगतियां और विरोधाभास मिले। तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी ने आगे बताया कि डकैती की कहानी संदिग्ध थी। पूछताछ में शिकायतकर्ता आशीष कुमार टूट गया और उसने मोबाइल फोन की खेप हड़पने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी डकैती की साजिश रचने की बात कबूल की।
टीम ने साजिश में शामिल सभी आरोपियों की तुरंत पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आशीष कुमार ने स्थानीय मोबाइल फोन विक्रेता शमीम और उसके साथियों अमन व तनवीर के साथ मिलकर डकैती की झूठी कहानी रची थी, मोबाइल फोन बेचकर और उससे मिलने वाले पैसे आपस में बांट लिए थे।
दिल्ली पुलिस ने इस खुलासे के बाद कार्रवाई करते हुए चोरी का सारा सामान 24 घंटे के भीतर बरामद कर लिया। फिलहाल, मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

लखनऊ की साइबर क्राइम सेल की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन ठगी के 3 आरोपी गिरफ्तार

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लखनऊ। लखनऊ की साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने बड़ा खुलासा किया है। टीम ने फर्जी कंपनियां बनाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें इंडसइंड बैंक का डिप्टी ब्रांच मैनेजर भी शामिल है। पकड़े गए आरोपियों के नाम उत्तम विश्वास, उमाकांत वर्मा और राजीव विश्वास हैं। ये लोग मिलकर देश के कई राज्यों में ऑनलाइन ठगी के पैसों को फर्जी फर्मों के खातों में ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति, उमाकांत एवं राजीव विश्वास, अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी कर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उमाकांत ने बताया कि वे अपनी फर्जी फर्म आकाश रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स प्रा. लि. के नाम से खाता खुलवाने की योजना बना रहे थे। आगे पूछताछ में उमाकांत ने स्वीकार किया कि वह वास्तविक रूप से रियल एस्टेट का कार्य नहीं करता, बल्कि विभिन्न नामों से फर्जी फर्म बनाकर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाता है, जिनके माध्यम से करोड़ों रुपए की साइबर ठगी की जाती है। उसने बताया कि इस पूरे नेटवर्क में उत्तम विश्वास, जो इंडसइंड बैंक चिनहट, लखनऊ में डिप्टी ब्रांच मैनेजर हैं, सक्रिय रूप से सहयोग करते हैं।

लखनऊ की साइबर क्राइम सेल की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन ठगी के 3 आरोपी गिरफ्तार
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उमाकांत ने बताया कि अब तक ठगी की रकम में से लगभग 20 करोड़ रुपए में से 10-20 प्रतिशत कमीशन के रूप में उत्तम विश्वास को दिए गए हैं, जिनमें से 1 लाख गूगल पे से तथा 7-8 लाख नकद दिए गए। उक्त सूचना पर टीम ने कुर्सी रोड स्थित किरन एन्क्लेव पहुंचकर उत्तम विश्वास को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम उत्तम कुमार विश्वास पुत्र सुभाष कुमार विश्वास (उम्र 44 वर्ष) निवासी 843, किरन एन्क्लेव, थाना गुडम्बा, लखनऊ बताया तथा अपराध में संलिप्तता स्वीकार की।
अब तक की जांच में सामने आया है कि सिर्फ तीन खातों के जरिए करीब छह करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ और इस गिरोह ने दस फर्जी फर्मों के नाम पर खाते खुलवाए थे। बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, हरियाणा समेत सात राज्यों में 40 से ज्यादा साइबर ठगी के मामलों में इन खातों का इस्तेमाल हुआ है। पुलिस ने तीनों के कब्जे से 30,000 नकद, छह एटीएम कार्ड, पांच मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया है। फिलहाल, तीनों के खिलाफ साइबर थाना लखनऊ में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

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बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार
बोकारो में आईआरबी जवान हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार

बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र में 27 अक्टूबर को हुए आईआरबी जवान अजय कुमार हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने धनबाद से मुख्य आरोपी बलराम तिवारी और उसके सहयोगी सूरज कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बलराम तिवारी के पास से एक देसी पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की गई है। चास के एसडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि घटना छठ महापर्व के संध्या अर्घ्य के दौरान हुई थी। चास थाना क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी स्थित गायघाट छठ घाट पर बलराम तिवारी और अंकित मंडल के बीच एक युवती को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर मौजूद आईआरबी जवान अजय कुमार ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और बलराम तिवारी को थप्पड़ मार दिया।

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इससे नाराज बलराम तिवारी घर गया और पिस्तौल लाकर अजय कुमार को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, जिसे एसआईटी ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर धनबाद से गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी बलराम तिवारी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ चास थाना और सेक्टर-12 थाना में केस दर्ज हैं। सह-आरोपी सूरज कुमार उर्फ पप्पू कुमार के खिलाफ भी चोरी और वाहन चोरी के आरोप में चास थाना कांड संख्या 337/23 दर्ज है।
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मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स-सोने की तस्करी को बड़ा झटका; 18 करोड़ का माल जब्त, तीन गिरफ्तार

मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स-सोने की तस्करी को बड़ा झटका; 18 करोड़ का माल जब्त, तीन गिरफ्तार

मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स-सोने की तस्करी को बड़ा झटका; 18 करोड़ का माल जब्त, तीन गिरफ्तार
मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स-सोने की तस्करी को बड़ा झटका; 18 करोड़ का माल जब्त, तीन गिरफ्तार

मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीएसएमआईए) पर सीमा शुल्क अधिकारियों की सतर्कता ने एक बार फिर तस्करों को करारा झटका दिया। प्रोफाइलिंग के आधार पर तीन अलग-अलग मामलों में 17.939 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (मारिजुआना) और 225 ग्राम कच्चा सोना जब्त किया गया। जब्त किए गए सोने का कुल अवैध बाजार मूल्य 18 करोड़ रुपए से अधिक का है। तीन यात्रियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया। 5 नवंबर, 2025 तीन मामलों में कार्रवाई हुई। पहला मामला बैंकॉक से मुंबई की फ्लाइट से जुड़ा है। उड़ान संख्या एसएल 218 से बैंकॉक से मुंबई पहुंचे एक यात्री को प्रोफाइलिंग के दौरान रोका गया। सामान की गहन जांच में चेक-इन ट्रॉली बैग के अंदर छिपाए गए 5.922 किलोग्राम संदिग्ध हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुए। इसका अवैध बाजार मूल्य लगभग 5.92 करोड़ रुपए आंका गया है। हाइड्रोपोनिक वीड, जो पोषक द्रव्यों में उगाई जाती है, अपनी उच्च शुद्धता के कारण युवाओं में लोकप्रिय है।
आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह थाईलैंड से माल लाया था, जहां यह आसानी से उपलब्ध होता है। यात्री को तत्काल गिरफ्तार कर एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सीमा शुल्क अधिकारियों ने बताया कि ट्रॉली बैग के डबल बॉटम में नशीला पदार्थ छिपाया गया था, जो एक्स-रे से पकड़ा गया।

मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स-सोने की तस्करी को बड़ा झटका; 18 करोड़ का माल जब्त, तीन गिरफ्तार
मुंबई एयरपोर्ट पर ड्रग्स-सोने की तस्करी को बड़ा झटका; 18 करोड़ का माल जब्त, तीन गिरफ्तार


दूसरे मामले में चॉकलेट चिप्स में छुपाकर ड्रग्स की तस्करी की जा रही थी। उड़ान संख्या एआई 2338 से बैंकॉक से आने वाले दो यात्रियों के साथ हुई। जांच में उनके चेक-इन बैग से चॉकलेट और चिप्स के पैकेटों के अंदर 12.017 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड बरामद किया गया। इसका मूल्य 12.02 करोड़ रुपए है। तस्करों ने मिठाई और स्नैक्स के पैकेटों को खोखला कर नशीला माल भरा था, जो सामान्य जांच से बचने का प्रयास था। दोनों यात्रियों को एनडीपीएस के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया।
तीसरा मामला दुबई से सोने की चूड़ियों की तस्करी से जुड़ा है। उड़ान संख्या एआई2202 पर सवार एक यात्री के खिलाफ हुई। तलाशी में उसके शरीर पर छिपी 24 कैरेट कच्ची सोने की आठ चूड़ियां (कुल 225 ग्राम) बरामद हुईं। इनकी कीमत 25.64 लाख रुपए है। तस्कर ने चूड़ियों को कमर पट्टी में बांध रखा था, जो स्कैनर से संदिग्ध लगी। आरोपी को सीमा शुल्क अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया।