पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

मुंबई/बारामती। महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे, पार्थ और जय ने बारामती में अपने पिता की अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन,महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ,केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी,गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि दी। कल सुबह एक विमान दुर्घटना में उनके निधन की खबर से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। आज अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और राजकीय परंपराओं के अनुसार अंतिम विदाई दी गई। इस दुखद घटना को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राज्यभर की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।पुलिस ने प्लेन क्रैश के सिलसिले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है। इसके अलावा, एयरक्राफ्ट दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। वीटी-एसएसके रजिस्ट्रेशन नंबर वाला यह विमान वीएसआर वेंचर्स द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था।वीएसआर द्वारा ऑपरेट किए जा रहे लीयरजेट 45 विमान (रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके) में उप मुख्यमंत्री पवार के अलावा, एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ), एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर, एक पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) और एक सेकंड-इन-कमांड (एसआईसी) भी सवार थे।

पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार : राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार


मृतकों की पहचान विदित जाधव (पुरुष) और पिंकी माली (महिला) के रूप में हुई है। पैसेंजर लिस्ट के अनुसार, क्रू मेंबर पीआईसी सुमित कपूर और एसआईसी शाम्भवी पाठक थे।नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा दी गई पूरी जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान लीयरजेट 45 था जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके था और इसे ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स मैनेज कर रहा था।
फ्लाइट क्रू द्वारा पहले लैंडिंग के शुरुआती सीक्वेंस को रद्द करने का फैसला करने के बाद फ्लाइट को ठीक 8:43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई थी।मंत्रालय ने एक चिंताजनक मिसाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि 14 सितंबर, 2023 को इसी कंपनी का एक और लीयरजेट 45, जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-डीबीएल था, मुंबई एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान एक अलग दुर्घटना का शिकार हो गया था। वह पिछली घटना अभी अधिकारियों की जांच के दायरे में है।

दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान

दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान

दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान
दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई स्कूलों को गुरुवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी दी गई। अज्ञात कॉल्स और ईमेल के जरिए मिली इन सूचनाओं के बाद दिल्ली के कई स्कूलों में तलाशी अभियान चलाया गया। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि एमिटी और बिरला विद्या निकेतन समेत दिल्ली के कई स्कूलों में बम की धमकी मिली है, जिसके बाद स्कूलों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संयम बनाने की अपील की है। इन स्कूलों को बम की धमकी मिलने के बाद परिसर को खाली करवाया गया है और जांच की जा रही है। स्कूलों में एंटी-सबोटेज टीम, बम निरोधक दस्ता, स्थानीय पुलिस बल, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवाएं और पीसीआर टीमें संबंधित स्कूलों में पहुंच गई हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों, शिक्षकों, स्कूल स्टाफ और आम जनता की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम किए जा चुके हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे या कोई जानकारी मिले तो तुरंत 112 इमरजेंसी हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।

दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान
दिल्ली में कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया तलाशी अभियान


द्वारका कोर्ट में भी बुधवार को ईमेल से बम की धमकी मिली थी। इस धमकी के बाद आनन-फानन में अदालत परिसर को खाली कराया गया और मौके पर पुलिस टीम और बम स्क्वॉड टीम पहुंची। हालांकि बाद में यह धमकी फर्जी निकली, जिसके बाद पुलिस टीम ने राहत की सांस ली। पुलिस के मुताबिक, बुधवार सुबह द्वारका कोर्ट कॉम्प्लेक्स में बम की धमकी के बाद हड़कंप मच गया था। एहतियात के तौर पर बाद में इलाके को खाली कराया गया। बाद में धमकी अफवाह निकली। बम की धमकी वाला ईमेल सुबह करीब 9.30 बजे मिला था, लेकिन जांच कराने पर कुछ नहीं मिला था।
बीते कुछ महीनों से दिल्ली के स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों को पहले भी इस तरह के फर्जी मेल और कॉल मिलते रहे हैं। पिछले साल ऐसी कई फर्जी कॉल मिली थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बुधवार को आई इन सूचनाओं का स्रोत क्या था। साइबर यूनिट की टीमें तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें।

अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट

अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट

अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट
अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट

पुणे । पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में उस विमान दुर्घटना के संबंध में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की है, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच अभी चल रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की टीमें घटना की जांच करने और इस दुखद दुर्घटना के कारण का पता लगाने के लिए दुर्घटनास्थल पर मौजूद हैं। पुलिस के अनुसार, दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एडीआर को महाराष्ट्र आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंपा जाएगा, जो एएआईबी टीम की जांच के नतीजों के आधार पर जांच करेगा।
इस बीच डिप्टी सीएम पवार की अंतिम यात्रा बारामती के उनके पैतृक गांव काठेवाड़ी में शुरू हो गई है। अजित पवार को सुबह 11 बजे बारामती में मुखाग्नि दी जाएगी।
अंतिम संस्कार से पहले श्रद्धांजलि देने के लिए परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में समर्थक काठेवाड़ी में पवार परिवार के फार्म पर पहुंचने लगे हैं।
इसी समय, बारामती के विद्या प्रतिष्ठान ग्राउंड में अजीत पवार के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं, जिसमें उम्मीद है कि राजनीतिक क्षेत्र के कई बड़े नेता शामिल होंगे।

अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट
अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में पुणे पुलिस ने दर्ज की एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कई अन्य वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए अंतिम संस्कार में शामिल होने का कार्यक्रम है।
इस दुखद घटना को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। शोक की अवधि के दौरान सम्मान के तौर पर राज्यभर की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
वीएसआर द्वारा ऑपरेट किए जा रहे लीयरजेट 45 विमान (रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके) में हादसे के वक्त उप मुख्यमंत्री पवार के अलावा एक पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ), एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर, एक पायलट-इन-कमांड (पीआईसी) और एक सेकंड-इन-कमांड (एसआईसी) भी सवार थे।
मृतकों की पहचान विदित जाधव (पुरुष) और पिंकी माली (महिला) के रूप में हुई है। पैसेंजर लिस्ट के अनुसार, क्रू मेंबर पीआईसी सुमित कपूर और एसआईसी शाम्भवी पाठक थे।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा दी गई पूरी जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान लीयरजेट 45 था जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके था और इसे ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स मैनेज कर रहा था।

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त
कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

गाजीपुर । उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस ने एक बड़ी और अहम कार्रवाई की है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शुभम सिंह की करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त (फ्रीज) कर लिया गया है। आरोपी शुभम सिंह गाजीपुर की नित्यांश मेडिकल एजेंसी का मालिक बताया जा रहा है और वह काफी समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है। गाजीपुर सदर कोतवाली पुलिस के अनुसार, यह मामला कोतवाली थाने में केस नंबर 896/25 के तहत दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस और संबंधित विभाग लगातार इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हुए थे। पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में सिर्फ कफ सिरप की बरामदगी ही नहीं, बल्कि मनी ट्रेल, फर्जी दस्तावेज और अलग-अलग फर्मों की मिलीभगत की भी गहराई से जांच की गई। जांच में सामने आया कि कोडीन कफ सिरप का यह पूरा खेल कागजों पर तो गाजीपुर की कुछ फर्मों तक दिखाया गया, लेकिन हकीकत में वह सिरप कभी गाजीपुर पहुंचा ही नहीं। पुलिस के मुताबिक, झारखंड की शैली ट्रेडर्स नाम की फर्म से बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खरीद दिखाई गई और फिर फर्जी बिल, फर्जी बिल्टियों और कूट रचना के जरिए उसे अलग-अलग जगहों पर भेज दिया गया।

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त
कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त


पुलिस ने बताया कि औषधि विभाग की ओर से जब इस पूरे प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया गया, तब यह साफ हुआ कि कई स्थानीय फर्में सिर्फ नाम के लिए थीं। उनका इस्तेमाल सिर्फ कागजों में कफ सिरप के मूवमेंट को दिखाने के लिए किया गया था। असल में कफ सिरप को इन फर्मों की मिलीभगत से दूसरे राज्यों और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचाया गया, जहां इसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।
इस पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं। इसके साथ-साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई कफ सिरप के कंसाइनमेंट बांग्लादेश बॉर्डर पर पकड़े गए, जिनका मिलान इस केस से जुड़े बैच नंबर और दस्तावेजों से हो रहा है।
पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत कार्रवाई करते हुए शुभम सिंह से जुड़ी 1.85 करोड़ रुपए की संपत्ति को फ्रीज किया गया है। जब आरोपी से यह पूछा गया कि इतनी बड़ी संपत्ति उसने किन वैध स्रोतों से अर्जित की है, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट होता दिख रहा है कि यह संपत्ति पिछले कई वर्षों से किए जा रहे अवैध कफ सिरप कारोबार से ही अर्जित की गई है।
पुलिस ने बताया कि यह संपत्ति शुभम सिंह की मां के नाम पर दर्ज पाई गई है, जिसे जांच अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी द्वारा फ्रीज कर दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए यह पूरा मामला साफेमा एक्ट के तहत सक्षम अधिकारी को भेज दिया गया है ताकि इस पर अंतिम आदेश पारित किया जा सके। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे भी कई संपत्तियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और फर्मों की पहचान कर ली गई है। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, जबकि कई लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच में कई नए नाम सामने आए हैं और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है कि आखिर कफ सिरप कहां-कहां से होकर बॉर्डर तक पहुंचा।
इस मामले में बीएसएफ और त्रिपुरा पुलिस द्वारा पकड़े गए कई कंसाइनमेंट से भी गाजीपुर पुलिस का मिलान हो रहा है। सभी कड़ियां आपस में जुड़ती दिखाई दे रही हैं, जिससे यह साफ है कि यह एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नशे का नेटवर्क हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोडीन कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए किया जाना एक बेहद गंभीर और जघन्य अपराध है। इसे ऊंचे दामों पर नशे के आदी लोगों को बेचा जाता है, जिससे समाज और युवाओं पर बुरा असर पड़ता है। इसी वजह से पुलिस इस मामले में किसी भी स्तर पर ढील नहीं बरत रही है।
गाजीपुर पुलिस के अनुसार, धारा 68-एफ के तहत यह जिले की पहली और अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। आने वाले समय में इस केस से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। मुख्य आरोपी शुभम सिंह का नेटवर्क किन-किन राज्यों और किन लोगों से जुड़ा है, इस पर लगातार काम चल रहा है।

अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार
अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर । पंजाब पुलिस ने नशा और अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के सहयोग से एक बड़े नार्को-आर्म्स कंसाइनमेंट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 42.983 किलो हेरोइन, 4 हैंड ग्रेनेड, एक स्टार मार्क पिस्टल, .30 बोर के 46 जिंदा कारतूस और एक लावारिस मोटरसाइकिल बरामद की है। डीजीपी के अनुसार, यह हाल के दिनों में राज्य में नशा-हथियार नेटवर्क के खिलाफ की गई सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है। डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “एक बड़ी सफलता में अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने ग्राम रक्षा समिति (वीडीसी) की मदद से नशीले पदार्थों और हथियारों की एक बड़ी खेप पकड़ी है और 42.983 किलोग्राम हेरोइन, 4 हैंड ग्रेनेड, एक स्टार मार्क पिस्तौल, 46 जिंदा .30 बोर कारतूस और एक लावारिस मोटरसाइकिल बरामद की है। इसके बाद की जांच में अमृतसर के रहने वाले 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया। फरार आरोपियों का पता लगाने, कब्जे की कड़ी की पुष्टि करने और बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है। पंजाब पुलिस ड्रग्स और हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने और पूरे पंजाब में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार
अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार


गौरतलब है कि इससे पहले 27 जनवरी को भी डीजीपी पंजाब पुलिस ने एक पोस्ट में अमृतसर में क्रॉस-बॉर्डर नार्को-आर्म्स स्मगलिंग मॉड्यूल के भंडाफोड़ की जानकारी दी थी। उस कार्रवाई में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से 1.5 किलोग्राम हेरोइन, दो अत्याधुनिक पिस्टल (एक 9 एमएम और एक .30 बोर), 9 एमएम के 34 जिंदा कारतूस और 1.98 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि आरोपी विदेश में बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान स्थित तस्करों से जुड़े हुए थे। उनके निर्देश पर अवैध हथियार और हेरोइन की खेप सीमा पार से मंगाई जाती थी, जिसे बाद में पंजाब के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था। इस मामले में अमृतसर के थाना सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज की गई थी।
पंजाब पुलिस ने यह साफ किया है कि संगठित अपराध, नशा तस्करी और अवैध हथियार नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीमा पार से संचालित इन गिरोहों को जड़ से खत्म करने के लिए तकनीकी निगरानी, जमीनी सूचना तंत्र और स्थानीय लोगों के सहयोग को और मजबूत किया जा रहा है।

NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम

NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम

NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम
NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम

नई दिल्ली । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशाखापत्तनम कोर्ट ने जासूसी मामले में एक दोषी को साढ़े पांच साल की सजा सुनाई है। इस मामले में दोषी अल्ताफ हुसैन घांची उर्फ ​​शकील ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के रूप में भारतीय सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया था। नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशाखापत्तनम कोर्ट ने जासूसी मामले में एक दोषी को साढ़े पांच साल की सजा सुनाई है। इस मामले में दोषी अल्ताफ हुसैन घांची उर्फ ​​शकील ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के रूप में भारतीय सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया था। एनआईए के अनुसार, शकील ने सुनवाई के दौरान अपना जुर्म कबूल किया। हालांकि, इस मामले में पहले ही 37 गवाहों से पूछताछ की गई थी। शकील को सिम कार्ड और ओटीपी समेत यूनिक पहचान सुविधाओं के साथ-साथ सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने का दोषी ठहराया गया है। स्पेशल कोर्ट ने उसे यूएपीए एक्ट की धारा 18 के तहत पांच साल और छह महीने की जेल और 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, आईटी एक्ट, 2000 की धारा 66सी के तहत 2.5 साल की जेल और 5 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी, जिसकी अधिकतम अवधि 5.5 साल होगी।

NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम
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जांच एजेंसी ने बताया कि सीमा पार साजिश के मामले में उन भारतीय सिम कार्ड का इस्तेमाल शामिल था, जो गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के दौरान पाकिस्तानी नौसेना की ओर से गिरफ्तार किए गए मछुआरों के थे। इन मछुआरों के मोबाइल फोन और सिम कार्ड पाक नौसेना ने जब्त कर लिए थे और बाद में शकील ने भारत में जासूसी गतिविधियों को आसान बनाने के लिए उन्हें एक्टिवेट किया था।
साजिश की एनआईए जांच में पुष्टि हुई कि शकील ने भारतीय सिम कार्ड अपने मोबाइल हैंडसेट में डाले थे और वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जेनरेट किए थे, जिन्हें उसने पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव (आईपीओ) के साथ शेयर किया था, जिससे पाकिस्तान से भारतीय व्हाट्सएप नंबर ऑपरेट किए जा सकें।
बाद में इन भारतीय नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव ने नकली पहचान के तहत भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान के कर्मियों से संपर्क करने के लिए किया, जिसका मकसद संवेदनशील और प्रतिबंधित रक्षा-संबंधी जानकारी हासिल करना था, जिससे भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा हो।
जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि एनआईए साइबर-सक्षम और अन्य सीमा पार आतंकवादी और जासूसी गतिविधियों का मुकाबला करने व ऐसे सभी अपराधियों को सजा दिलाने के लिए अपने अथक प्रयास जारी रखे हुए है।

लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार

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लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार
लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार

लखनऊ । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लखनऊ में नॉर्दर्न रेलवे के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) के ऑफिस में काम करने वाले दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों ने पेंशन प्रक्रिया में मदद करने के नाम पर रिश्वत के तौर पर मोटी रकम मांगी थी। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में अकाउंटेंट आकाश त्यागी और असिस्टेंट डिविजनल फाइनेंस मैनेजर (एडीएफएम) अक्षय श्रीवास्तव शामिल हैं। इन दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से पेंशन प्रक्रिया में मदद करने के बदले में कुल 3,50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसके तहत शिकायतकर्ता टोकन अमाउंट के तौर पर 70,000 रुपये देने गया, तभी मौके पर पहुंचकर सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार
लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार


सीबीआई ने इस मामले में तफ्तीश तब शुरू की थी जब शिकायतकर्ता ने सूचना दी कि उनके चाची की पेंशन को प्रोसेस कराने के लिए अकाउंटेंट ने पहले पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) जारी होने के बाद 100,000 रुपये और फिर क्लेम अमाउंट के निपटान के बाद 2,50,000 रुपये की मांग की थी। इस शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 27 जनवरी को मामला दर्ज किया और उसी दिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, ये दोनों अधिकारी शिकायतकर्ता से रिश्वत की 70,000 रुपये की हिस्सेदारी ले रहे थे, जो कि कुल मांग का हिस्सा था।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों गिरफ्तार अधिकारियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लखनऊ की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस प्रकार की अन्य शिकायतें भी तो नहीं थीं।

गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार

गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार

गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार
गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद । गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने मंगलवार को नवसारी जिले से 22 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी के बाद कथित आतंकी साजिश के व्यापक सबूतों का खुलासा किया है। आरोपी की पहचान फैजान शेख के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के दुंडावाला गांव का रहने वाला है। वह पिछले चार वर्षों से नवसारी के जारकवाड़ इलाके में रह रहा था और दर्जी का काम करता था। एटीएस को हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की तैयारियों के संबंध में खुफिया सूचना मिली थी, जिसके बाद एजेंसी ने नवसारी पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एटीएस के अनुसार, गोपनीय सूचनाओं से पता चला कि आरोपी ने आतंक फैलाने के उद्देश्य से चुनिंदा व्यक्तियों पर हमला करने और उनकी हत्या करने की साजिश रची थी और वह जिहाद और अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में भी शामिल था।
तकनीकी विश्लेषण और जांच के दौरान जांचकर्ताओं ने आरोपी द्वारा कथित तौर पर संचालित एक संदिग्ध इंस्टाग्राम खाते की पहचान की, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार
गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार


एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन की डिजिटल जांच में जैश-ए-मोहम्मद और अल कायदा जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने वाली बड़ी मात्रा में चरमपंथी सामग्री मिली।
इसके साथ ही कई व्यक्तियों की निशान लगी तस्वीरें भी मिलीं हैं, जिनको संभावित टारगेट के तौर पर लिया जा रहा है।
अधिकारियों ने अरबी और उर्दू में लिखे 29 पन्ने भी बरामद किए, जो एटीएस के अनुसार युवाओं को चरमपंथी विचारधारा से जोड़ने और गुमराह करने के उद्देश्य से थे।
ऑपरेशन के दौरान, अधिकारियों ने आरोपी के पास से एक पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस जब्त किए।
एटीएस ने बताया कि आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने लगभग छह महीने पहले उत्तर प्रदेश के एक अज्ञात व्यक्ति से हथियार और गोला-बारूद खरीदा था।
डीएसपी हर्ष उपाध्याय ने आईएएनएस को बताया कि फिलहाल, उसके द्वारा टारगेट व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। तकनीकी विश्लेषण पूरा होने में दो-तीन दिन लगेंगे।

बिहार: सारण में इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, आपसी विवाद में हत्या की आशंका

बिहार: सारण में इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, आपसी विवाद में हत्या की आशंका

बिहार: सारण में इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, आपसी विवाद में हत्या की आशंका
बिहार: सारण में इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, आपसी विवाद में हत्या की आशंका

छपरा । बिहार पुलिस आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। लेकिन, अपराधी प्रतिदिन कहीं न कहीं ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सारण जिले के नगर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां अपराधियों ने एक इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि नगर थाना क्षेत्र के कचहरी रेलवे कॉलोनी के पास अपराधियों ने मंगलवार की रात विकास कुमार तिवारी को गोली मारकर हत्या कर दी। बताया गया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शक्तिनगर मोहल्ले का रहने वाला विकास तिवारी मंगलवार को पटना गया था और देर रात वापस लौटकर घर की ओर जा रहा था। इसी बीच कचहरी रेलवे कॉलोनी के पास अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी और अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। कहा जा रहा है कि अपराधियों ने नजदीक से गोली मारी है, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर किसी निजी कंपनी में कार्यरत था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।

बिहार: सारण में इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, आपसी विवाद में हत्या की आशंका
बिहार: सारण में इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, आपसी विवाद में हत्या की आशंका

पुलिस ने इसकी सूचना मृतक के परिजनों को भी दी। नगर के थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि प्रथम दृष्टया विकास की हत्या के पीछे एक नाला निर्माण को लेकर लोगों से आपसी विवाद की बातें सामने आ रही हैं। इस मामले की एक प्राथमिकी नगर थाना में दर्ज कर ली गई है जिसमें एक व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस का दावा है कि मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो

ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो

ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो
ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो

कोलकाता । महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता ने कहा कि अजित पवार अपने पुराने खेमे में लौटने वाले थे और इससे पहले यह हादसा हुआ। इस देश में लोगों की कोई सुरक्षा नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “पहले अहमदाबाद में इतने लोगों की जान गई और अब इस हादसे में अजित पवार की जान गई। देश के मुख्यमंत्री समय कम होने की वजह से चार्टर्ड फ्लाइट में सफर करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा का क्या? हम इस हादसे से बहुत परेशान हैं और हमारे पास इसको व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि आज सुबह प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा सदमा लगा है। इस देश में आम लोगों की तो बात ही छोड़िए, राजनेता भी सुरक्षित नहीं हैं। दो दिन पहले मुझे पता चला था कि किसी दूसरी पार्टी के किसी व्यक्ति ने बयान दिया था कि पवार भाजपा छोड़ने को तैयार थे और अब आज यह हो गया।
ममता बनर्जी ने कहा, “मैं सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में सही जांच की मांग करती हूं। हमें सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, किसी और एजेंसी पर नहीं। सभी एजेंसियां ​​पूरी तरह से बिक चुकी हैं। यह सच में बहुत बड़ा नुकसान है। आज वह विपक्ष में थे, लेकिन कल वह अपनी पार्टी के असली रास्ते पर लौटने वाले थे। मैं उनके परिवार, महाराष्ट्र के लोगों और शरद पवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं।”

ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो
ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो


ममता बनर्जी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि डीजीसीए कैंसिल हुआ है या नहीं। डीजीसीए की ठीक से निगरानी होनी चाहिए। बहुत सारी घटनाएं हुई हैं। अब बहुत हो गया।”
सीएम ममता ने आगे कहा, “हम हमेशा यात्रा करते हैं। समय की कमी के कारण पीएम भी हेलीकॉप्टर और फ्लाइट से यात्रा करते हैं। ऐसी बहुत सी जगहें हैं जो बहुत दूर हैं। यह आम लोगों के लिए भी एक संदेश है, जो अहमदाबाद और दूसरी जगहों पर भी हुआ। इस देश के लोगों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। मुझे नहीं पता कि विपक्षी राजनीतिक पार्टियों का क्या होगा, लेकिन यह सत्ताधारी पार्टी के साथ हुआ। लेकिन कुछ दिन पहले, मुझे सोशल नेटवर्क से पता चला था कि किसी दूसरी पार्टी के किसी व्यक्ति ने बयान दिया था कि अजित पवार भाजपा का साथ छोड़ने के लिए तैयार हैं।”
वहीं, ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अजित पवार के अचानक निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा कि इस खबर से वह स्तब्ध और बेहद आहत हैं। अजित पवार के अचानक निधन से मैं बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके साथ यात्रा कर रहे अन्य लोग आज सुबह बारामती में हुए भयानक विमान हादसे में जान गंवा बैठे। यह देश के लिए बड़ी क्षति है।