ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद

ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद

ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद
ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद

ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के थाना इकोटेक-3 क्षेत्र में शुक्रवार देर रात को पुलिस और एक शातिर अपराधी के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल बदमाश की पहचान संजीव उर्फ सनी उर्फ रॉकी उर्फ मौत पुत्र अशोक, निवासी ग्राम तिलोटी, थाना सासनी, जिला हाथरस के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार अभियुक्त का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और वह कई जिलों में दर्जनों चोरी व लूट की घटनाओं में वांछित रहा है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 6 फरवरी को थाना इकोटेक-3 पुलिस बिजली घर जलपुरा के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से एक संदिग्ध होंडा सिटी कार आती दिखाई दी। पुलिस द्वारा वाहन को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसे मोड़कर भागने का प्रयास किया। पीछा करने के दौरान रास्ते में पानी भरा होने के कारण गाड़ी फंस गई। अपने आप को घिरता देख अभियुक्त ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।

ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद
ग्रेटर नोएडा : पुलिस मुठभेड़, शातिर बदमाश घायल, भारी मात्रा में चोरी का सामान और हथियार बरामद

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू में लेकर मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से एक चैन, एक दीवार घड़ी, कपड़े, मेकअप किट, एक होंडा सिटी कार (नंबर यूपी 16 एजे 1757) तथा एक तमंचा .315 बोर और एक जिंदा और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में बरामद सामान चोरी का बताया जा रहा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संजीव उर्फ सनी के खिलाफ गौतमबुद्धनगर और अलीगढ़ जनपद के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट, चोरी, लूट और नकबजनी समेत कुल 27 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियुक्त से पूछताछ के बाद कई अन्य चोरी की घटनाओं का खुलासा होने की संभावना है।

मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत
मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

लालसोट। मंडावरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मेंकोटा–सवाई माधोपुर मेगा हाईवे पर गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। रायपुरा मोड़ के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उस पर सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद पिकअप चालक वाहन सहित फरार होने में कामयाब रहा।मंडावरी थाना पुलिस के एएसआई कैलाश मीणा के अनुसार, सवाई माधोपुर की ओर से आ रही पिकअप ने सामने से आ रहे बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत
मेगा हाईवे पर भीषण सड़क हादसा : अज्ञात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की दर्दनाक मौत

उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की हुई पहचान पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त डीडवाड़ी निवासी मोहर सिंह गुर्जर और गालाद निवासी इरफान खान के रूप में की है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार सुबह मंडावरी उप जिला अस्पताल में मेडिकल टीम द्वारा दोनों शवों का पोस्टमार्टम कर उन्हें अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई परिजनों की शिकायत पर मंडावरी पुलिस ने अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से फरार वाहन और चालक की तलाश कर रही है।

मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार

मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार

मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार
मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार

शिलांग । ईस्ट जयंतिया हिल्स कोयला खदान हादसे मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों लोग उस अवैध कोयला खदान के मालिक बताए जा रहे हैं, जहां एक जबरदस्त धमाके में 18 लोगों की जान चली गई थी। गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार ने कहा कि आरोपियों को बुधवार सुबह थांगस्को इलाके में हुए ब्लास्ट के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तार लोगों की पहचान बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि कोर्ट में पेश करने के बाद दोनों की डिटेल्स सार्वजनिक की जाएंगी। अवैध कोयला खदान में हुए धमाके में अब तक 18 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है।
इससे पहले, घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए हाई कोर्ट ने तुरंत गिरफ्तारी का आदेश दिया था। जस्टिस एचएस थांगख्यू और जस्टिस डब्ल्यू डिंगडोह की एक डिवीजन बेंच ने थांगस्कू इलाके में हुए ब्लास्ट से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लिया।
कोर्ट ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई कि इस साल 14 जनवरी को हुई एक पिछली जानलेवा घटना के बावजूद जिले में अभी भी अवैध कोयला खनन गतिविधियां चल रही हैं, जो खनन प्रतिबंधों और कोर्ट के निर्देशों के लगातार उल्लंघन का संकेत देता है।

मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार
मेघालय कोयला खदान विस्फोट मामले में दो गिरफ्तार


बेंच ने इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस को बिना किसी देरी के कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक को खदान मालिकों, ऑपरेटरों और कथित अवैध खनन कार्यों में शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने अधिकारियों को खनन गतिविधि से जुड़े सभी उपकरण, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त करने का भी निर्देश दिया।
तत्काल राहत उपायों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कोर्ट ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि घायल सहित सभी प्रभावित व्यक्तियों को, जहां भी संभव हो, तत्काल चिकित्सा सहायता और आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
वहीं, जवाबदेही पर एक कड़ा संदेश देते हुए बेंच ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के डिप्टी कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक को 9 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने के लिए बुलाया। साथ ही, अधिकारियों से अब तक उठाए गए कदमों का विस्तृत विवरण देते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है, जिसमें की गई गिरफ्तारियां, की गई जब्ती और जिले में अवैध कोयला खनन जारी रहने से रोकने के लिए अपनाए गए उपाय शामिल हैं।
कोर्ट ने अधिकारियों से यह भी सवाल किया कि पिछली घटनाओं और मौजूदा कानूनी पाबंदियों के बावजूद ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियां कैसे जारी रहने दी गईं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर अधिकारी ठोस और असरदार कार्रवाई करने में नाकाम रहे, तो सख्त निर्देश दिए जाएंगे।

दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद

दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद

दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद
दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद

नई दिल्ली। साउथ-वेस्ट जिला पुलिस ने संगठित मोबाइल फोन चोरी के एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस थाना सरोजिनी नगर की टीम ने इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। आरोपियों के कब्जे से 13 आईफोन समेत चोरी के 46 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए हैं। दरअसल, 27 दिसंबर 2025 को सरोजिनी नगर मार्केट से मोबाइल चोरी की एक ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया, जिसमें दो संदिग्ध शिकायतकर्ता के आसपास संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखाई दिए। इसके बाद, 28 दिसंबर को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर एसआई अनूप कुमार और एचसी राजेंद्र ने सरोजिनी नगर मार्केट के गेट नंबर-2 के पास से 15 वर्षीय नाबालिग को पकड़ा। पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने भीड़भाड़ वाले बाजारों में मोबाइल चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि चोरी किए गए मोबाइल वह अभिषेक कुमार उर्फ शुभम (27) को सौंप देता था। इस खुलासे के बाद सरोजिनी नगर के एसएचओ अतुल त्यागी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। एसीपी/सफदरजंग एन्क्लेव की निगरानी में गाजीपुर, पूर्वी दिल्ली स्थित आरोपियों के किराए के मकान पर छापेमारी की गई। यहां से आरोपी अभिषेक कुमार उर्फ शुभम को गिरफ्तार किया गया। छापेमारी के दौरान चोरी के 34 मोबाइल फोन और मोबाइल के 23 कवर बरामद किए गए।

दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद
दिल्ली : संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़, चोरी के 46 मोबाइल बरामद


पुलिस ने तकनीकी निगरानी, आईएमईआई ट्रैकिंग और सीईआईआर पोर्टल का प्रभावी उपयोग करते हुए अलग-अलग स्थानों से 12 और चोरी के मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए। सभी कानूनी औपचारिकताओं, दस्तावेजी सत्यापन और स्वामित्व की पुष्टि के बाद कुल 46 मोबाइल फोन सरोजिनी नगर थाने में उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।
पुलिस की पूछताछ में यह सामने आया कि आरोपी सर्दियों के मौसम में भीड़भाड़ वाले बाजारों को निशाना बनाते थे। चोरी के दौरान हाथों की गतिविधि छिपाने के लिए पॉलीथीन शीट का इस्तेमाल किया जाता था और जैकेट या कोट की जेब से मोबाइल बड़ी सफाई से निकाल लिया जाता था। चोरी के मोबाइल तुरंत मुख्य आरोपी को सौंप दिए जाते थे, जिन्हें पहचान से बचाने के लिए बिचौलियों के माध्यम से नेपाल और बांग्लादेश भेजने की तैयारी की जाती थी।
पुलिस की इस कार्रवाई से सरोजिनी नगर, हौज खास, राजेंद्र नगर, कृष्णा नगर, कोतवाली, पालम विलेज, जामिया नगर, तिमारपुर और स्वरूप नगर थानों में दर्ज कुल 10 ई-एफआईआर मामलों का खुलासा किया गया है। शेष 37 मोबाइल फोन विभिन्न लॉस्ट रिपोर्ट्स से जुड़े पाए गए।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह सफल अभियान साउथ-वेस्ट जिला पुलिस की तकनीकी दक्षता, पेशेवर जांच और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का उदाहरण है। जिला पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वह जनसुरक्षा सुनिश्चित करने और जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए इसी तरह परिणामोन्मुखी कार्रवाई करती रहेगी।

मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू

मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू

मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू
मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू

मुंबई । मुंबई के जुहू इलाके स्थित एक रिहायशी घर में अवैध रूप से मगरमच्छ और कछुए को पाले जाने का खुलासा हुआ है। मुंबई पुलिस के अनुसार, वन विभाग, मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 और एक एनजीओ की संयुक्त कार्रवाई में दोनों वन्य जीवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। इस मामले में 29 वर्षीय इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस और वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि जुहू इलाके के एक घर में मगरमच्छ रखा गया है। इसके बाद वरिष्ठ वन अधिकारी के निर्देश पर अंधेरी रेंज कार्यालय से जुड़े फॉरेस्ट गार्ड रोशन बिंदे ने मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-9 से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस, वन विभाग और ‘सर्प इंडिया’ एनजीओ की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की योजना बनाई। संयुक्त टीम जुहू के जेआर म्हात्रे मार्ग स्थित रुइया पार्क, मोरागांव शंकर चाल पहुंची। पुलिस के अनुसार, पुख्ता जानकारी के आधार पर इस घर में छापा मारा गया,

मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू
मुंबई के जुहू में घर के अंदर मगरमच्छ और कछुआ पालने का खुलासा, दोनों जीव सुरक्षित रेस्क्यू

जहां कार्रवाई के दौरान दो स्वतंत्र पंच गवाह भी मौजूद थे। घर का दरवाजा खुलने पर वहां एक महिला और एक युवक मिले, जिनकी पहचान शाहिदा शेख और उनके भाई इमरान शेख के रूप में हुई। तलाशी के दौरान घर के एक छोटे से कमरे में रखे कांच के टैंक से एक जिंदा भारतीय मगरमच्छ और इंडियन स्पॉटेड टर्टल बरामद किया गया। दोनों ही जीव वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल हैं, जिन्हें निजी तौर पर रखना पूरी तरह से गैरकानूनी है और यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी और सुरक्षा के साथ दोनों जानवरों को विशेष पिंजरों में बाहर निकाला। इस दौरान पूरी कार्रवाई की रिकॉर्डिंग भी की गई। पूछताछ में शाहिदा शेख ने बताया कि ये जानवर उनके भाई इमरान इस्माइल शेख घर लेकर आया था, जबकि इमरान पूछताछ के दौरान जानवरों के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने से टालमटोल करता रहा। इसके बाद पुलिस ने इमरान इस्माइल शेख के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 39, 48 और 51 के तहत मामला दर्ज कर लिया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ और कछुए को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है, जहां उन्हें उचित देखभाल और पुनर्वास के लिए भेजा जाएगा।

जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस
जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस

जालंधर । पंजाब के जालंधर में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता लक्की ओबोराय की हत्या कर दी गई। मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर आप नेता की हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिसमें लक्की ओबोराय के शरीर में करीब पांच गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद जालंधर शहर में दहशत का माहौल बन गया है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली रही है। साथ ही, हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस
जालंधर: आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबोराय की हत्या, जांच में जुटी पुलिस


बताया जा रहा है कि लक्की ओबोराय की पत्नी ने आम आदमी पार्टी की ओर से नगर निगम चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लक्की ओबोराय, कैंट हल्का की इंचार्ज राजविंदर कौर थियाडा के करीबी माने जाते थे और पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
घटना के बाद पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन जयंत परी ने बताया कि लक्की ओबोराय को एक से अधिक गोलियां लगी हैं और यह फायरिंग अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमले के पीछे की वजहों का पता लगाने के लिए राजनीतिक रंजिश, निजी दुश्मनी और अन्य संभावित एंगल्स की भी जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।

नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था। इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है। ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।

अल फलाह यूनिवर्सिटी का चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार, दो दिन की पुलिस रिमांड

नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था। इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है। ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।
नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था। इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है। ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।

नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था।

नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था।
इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है।
ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।
नई दिल्ली। फरीदाबाद का अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर जांच एजेंसियों के रडार पर है। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अब तक दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों मामलों में गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है और इसी सिलसिले में चेयरमैन से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से यूनिवर्सिटी के प्रशासन, वित्तीय लेन-देन और अन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी इससे पहले भी केंद्रीय जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। जब से आतंकवाद विरोधी एजेंसियों ने इस संस्थान में काम करने वाले डॉक्टरों से जुड़े एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, तब से यूनिवर्सिटी विवादों में घिरी हुई है। यूनिवर्सिटी में काम करने वाले डॉक्टरों में से एक कथित तौर पर 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल था। इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है। ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।


इससे पहले, ईडी ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट/अल-फलाह यूनिवर्सिटी और संबंधित संस्थानों/इकाइयों के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत सक्षम पीएमएलए कोर्ट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। ईडी के अनुससार, इस मामले में लगभग 54 एकड़ जमीन और उस पर बने निर्माण के रूप में 139.97 करोड़ रुपए (लगभग) की अचल संपत्ति कुर्क की गई है।
ईडी की मानें तो सिद्दीकी का अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी (जिसमें अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शामिल है) और संबंधित संस्थाओं पर पूरा नियंत्रण था और वह गैरकानूनी कमाई का मुख्य लाभार्थी है। मैनेजिंग ट्रस्टी और चांसलर के तौर पर, वह अन्य पदाधिकारियों के नाममात्र/प्रॉक्सी व्यक्तियों के रूप में काम करने के साथ, पूरा प्रशासनिक, वित्तीय और परिचालन नियंत्रण रखता था। वह मेडिकल कॉलेज के कामकाज के लिए भी जिम्मेदार थे, जिसमें एनएमसीई के नियमों का उल्लंघन और गलत जानकारी देकर और जरूरी तथ्यों को छिपाकर मंजूरी/सर्टिफिकेशन हासिल करना शामिल था।

जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा, शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो

जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा, शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो

जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा, शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो
जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा, शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो

नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में हुए एक घटनाक्रम की खूब चर्चा हो रही है। सांसद शशि थरूर संसद परिसर की सीढ़ियों पर फोन पर बात करते हुए लड़खड़ाए और उन्हें सपा मुखिया अखिलेश यादव ने संभाला। इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कांग्रेस सांसद शशि थरूर संसद परिसर की सीढ़ियों पर फोन पर बात करते हुए लड़खड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जैसे ही उन्होंने सीढ़ी पर पैर रखा, थरूर फिसल गए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव उनके बगल में खड़े थे और वे तुरंत थरूर को उठने में मदद करने लगे।
इसके बाद दोनों में थोड़ी सी बातचीत भी हुई। इसके बाद अखिलेश यादव थरूर का हाथ पकड़कर कुछ सीढ़ियों से उतरते दिखाई दिए। इसके बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर कई लोगों ने चिंता व्यक्त की थी। अब इस वीडियो को खुद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा, शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो
जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा, शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो


शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, “जिस दीए को तूफां में जलना होगा, उसे संभल‑संभल के चलना होगा। मैं ठीक हूं।” थरूर के इस बयान के अब राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
संसद भवन में हुई एक और घटना की दिनभर चर्चा रही। संसद परिसर में बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक हो गई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि चिंता मत करो, तुम वापस आओगे।
इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहा। हालांकि, राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री से हाथ मिलाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, लेकिन बिना हाथ मिलाए रवनीत सिंह बिट्टू चले गए। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा राहुल गांधी पर हमलावर है।
बिट्टू को गद्दार कहे जाने पर दिल्ली के सात भाजपा सांसदों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को निंदनीय करार दिया है। भाजपा सांसदों का दावा है कि राहुल गांधी ने सिख समुदाय की अस्मिता पर सीधा प्रहार किया है।

दिल्ली: महरौली में मारपीट की घटना में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार

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दिल्ली: महरौली में मारपीट की घटना में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार
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नई दिल्ली । दक्षिण दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र में हुई मारपीट की एक घटना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 3 फरवरी को महरौली पुलिस स्टेशन को अनूपम अपार्टमेंट्स, इग्नू रोड, साकेत के पास एक व्यक्ति के साथ मारपीट किए जाने की सूचना को लेकर पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी। सूचना पाकर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल व्यक्ति की पहचान संगम विहार निवासी मुकेश (26) के रूप में की और तुरंत उसे चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई। घायल व्यक्ति को इलाज के लिए पहले पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस की ओर से की गई त्वरित जांच में सामने आया कि इस घटना में चार लोगों ने मिलकर मुकेश पर हमला किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए

दिल्ली: महरौली में मारपीट की घटना में शामिल सभी आरोपी गिरफ्तार
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एफआईआर संख्या 113/26 भारतीय न्याय संहिता की धारा 110/79/126(2)/3(5) के तहत मामला दर्ज किया। घटना के बाद जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी किए गए प्रेस नोट में बताया गया कि पुलिस की सटीक रणनीति और समन्वित कार्रवाई के चलते सभी चारों आरोपियों की जल्द ही पहचान कर उन्हें ट्रेस किया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है।
प्रेस नेट के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विशाल रावत (26) पुत्र बालम सिंह रावत, जतिन (20) पुत्र राकेश गुप्ता, सोनू (25) पुत्र शहजाद अली, और विवेक (20) शामिल हैं। सभी आरोपियों को संगम विहार क्षेत्र से ही गिरफ्तार किया गया है।

जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

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जयपुर। राजस्थान की राजधानी के महेश नगर इलाके में बुधवार शाम एक सस्पेंडेड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मनोहर लाल भादू (35) के रूप में हुई है, जो जालोर के सांचौर के रहने वाले थे। मौत से पहले लिखे एक मार्मिक और सनसनीखेज सुसाइड नोट में उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी मौत को ‘इरादतन हत्या’ करार दिया है।सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल मनोहर लाल ने सुसाइड नोट में एसओजी (SOG) और पुलिस के अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें उन मामलों में घसीटा गया जिनमें उनका नाम तक नहीं था। नोट के मुताबिक:
जांच अधिकारियों ने उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की।
उन्हें डरा-धमकाकर जबरन कई चार्जशीट में आरोपी बनाया गया।
आर्थिक तंगी और झूठे आरोपों के कारण वे पिछले 4 साल से संघर्ष कर रहे थे।
मृतक ने लिखा, “मैं मरा नहीं हूं, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है। मैं कमजोर नहीं हूं, लेकिन गलत आरोप अब सहन नहीं हो रहे।”
मानवता को शर्मसार करती संवेदनहीनता
घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर जो मंजर दिखा, उसने प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए। चश्मदीदों के अनुसार, मनोहर लाल का शव करीब 3 घंटे तक ट्रैक पर ही पड़ा रहा। इस दौरान उनके शरीर के ऊपर से तीन ट्रेनें गुजर गईं, जिससे शव क्षत-विक्षत हो गया। अंत में वहां मौजूद एक राहगीर ने खुद शव को उठाकर ट्रैक से किनारे किया और पुलिस को सूचना दी।

जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है
जयपुर : सस्पेंड लेक्चरर ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है

परिवार के इकलौते सहारा थे मनोहर
मनोहर लाल जयपुर में किराए के कमरे में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। उनके तीन बच्चे और पत्नी गांव में रहते हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने परिवार का जिक्र करते हुए लिखा कि वह घर के 20 सदस्यों को संभालने वाले अकेले व्यक्ति थे, लेकिन व्यवस्था के दबाव ने उन्हें टूटने पर मजबूर कर दिया।
पुलिस का पक्ष
महेश नगर थाना पुलिस ने शव को सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। थानाधिकारी सुरेश यादव ने मीडिया को बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सुसाइड नोट की सत्यता की जांच की जा रही है। परिजनों के आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।