जोधपुर में पेट्रोल पंप पर देर रात बदमाशों का हमला, तोड़फोड़ से मची दहशत

जोधपुर में पेट्रोल पंप पर देर रात बदमाशों का हमला, तोड़फोड़ से मची दहशत

जोधपुर में पेट्रोल पंप पर देर रात बदमाशों का हमला, तोड़फोड़ से मची दहशत
जोधपुर में पेट्रोल पंप पर देर रात बदमाशों का हमला, तोड़फोड़ से मची दहशत

जोधपुर। जोधपुर मंडल, नाथ चौराहा स्थित एक पेट्रोल पंप पर देर रात हुई हिंसक घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्थानीय निवासियों और पेट्रोल पंप कर्मियों के अनुसार, अचानक कुछ बदमाश पंप परिसर में प्रवेश किए और जमकर तोड़फोड़ की। इस हमले में पंप परिसर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाया गया और कर्मचारियों व ग्राहकों में भय का माहौल बन गया। घटना के तुरंत बाद पंप संचालक ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले बदमाश पंप संचालक को धमकियां दे चुके थे। इसी कारण यह हमला किसी व्यक्तिगत दुश्मनी या वसूली के इरादे से किया गया हो सकता है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने केवल संपत्ति को नुकसान पहुँचाया और किसी के साथ शारीरिक हिंसा नहीं की, लेकिन उनके व्यवहार से इलाके में डर और तनाव पैदा हो गया।

सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों की पहचान:
पुलिस ने बताया कि पंप परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फुटेज की जांच के दौरान यह प्रयास किया जा रहा है कि बदमाशों की पहचान की जा सके और उनके पीछे छिपे नेटवर्क या किसी संगठित गिरोह की जानकारी हासिल की जा सके। अधिकारियों ने यह भी कहा कि फुटेज से प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने की पूरी कोशिश की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि इलाके में अतिरिक्त गश्त और पेट्रोल पंपों के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या घटना की तुरंत सूचना पुलिस को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

अफरा-तफरी और दहशत का माहौल:
घटना के बाद इलाके में लोगों में डर का माहौल बन गया। पेट्रोल पंप के आसपास के दुकानदारों और निवासियों ने बताया कि देर रात अचानक हुई इस घटना से वे भयभीत हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि पंप संचालक को पहले भी धमकियां मिली थीं और यह हमला उसी सिलसिले का हिस्सा हो सकता है। लोग चाहते हैं कि पुलिस इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करे ताकि सुरक्षा का भरोसा फिर से कायम हो सके।

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाना:
इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। नाथ चौराहा और आसपास के इलाकों में गश्त तेज कर दी गई है और पेट्रोल पंपों के आसपास पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से न केवल पेट्रोल पंप संचालकों को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि आम जनता में भी भय कम होगा।

पुलिस ने यह भी कहा कि पूरे इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि घटना की जांच में सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाए, तो आरोपियों को जल्दी पकड़ना संभव होगा। इसमें पंप संचालक से प्राप्त जानकारी, स्थानीय गवाहों के बयान और सीसीटीवी फुटेज का अहम योगदान होगा।

पूर्व धमकियों का मामला:
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पेट्रोल पंप संचालक को इससे पहले भी धमकियां मिली थीं। धमकियों का कारण पंप संचालक के व्यवसाय से जुड़ा वाद-विवाद या किसी आपराधिक तत्व की वसूली की मांग हो सकती है। इस संबंध में पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई है, जो आरोपियों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए लगातार काम कर रही है।

आम जनता के लिए संदेश:
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को अनदेखा न करें। यदि किसी को रात या दिन में असामान्य गतिविधि दिखती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने यह भी कहा कि जनता की जागरूकता और सहयोग से अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाएगा और इस तरह के हमलों से बचाव संभव होगा।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव:
पेट्रोल पंप पर हुई इस घटना का न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक प्रभाव भी पड़ा है। पंप के कर्मचारियों और ग्राहकों में भय उत्पन्न हुआ और आसपास के व्यापारी प्रभावित हुए। आर्थिक दृष्टि से पंप संचालक को संपत्ति के नुकसान के कारण वित्तीय हानि हुई। सामाजिक दृष्टि से, इस प्रकार की घटनाएं स्थानीय लोगों में असुरक्षा का भाव उत्पन्न करती हैं।

आगे की कार्रवाई:
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इसमें साइबर और तकनीकी सहायता, स्थानीय गवाहों के बयान, और इलाके में लगे अन्य कैमरों की फुटेज का विश्लेषण शामिल है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि आरोपियों के संगठित गिरोह से संबंध हैं, तो पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

निष्कर्ष:
जोधपुर के नाथ चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पर हुई यह हिंसक घटना यह साबित करती है कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस की तत्परता और नागरिकों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। घटना के तुरंत बाद पुलिस की कार्रवाई, सीसीटीवी फुटेज की जांच और इलाके में सुरक्षा बढ़ाना, सभी कदम अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए हैं।

इस मामले में पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि वह अपराधियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई करेगी। नागरिकों को भी सतर्क रहना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को देना आवश्यक है। पुलिस और जनता के सहयोग से ही ऐसे हमलों और हिंसक घटनाओं को रोका जा सकता है।

इस घटना ने यह भी याद दिलाया कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। पेट्रोल पंप जैसे व्यस्त स्थानों पर सुरक्षा कैमरे, पुलिस गश्त और तत्काल प्रतिक्रिया व्यवस्था अपराधियों को हतोत्साहित करने में मदद करती है।

जोधपुर पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हर संभव उपाय कर रही है। आने वाले दिनों में घटना से जुड़ी पूरी जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यह कार्रवाई नागरिकों के लिए सुरक्षा और विश्वास का प्रतीक माने जा रही है।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि सुरक्षा उपाय, स्थानीय प्रशासन की तत्परता और पुलिस की पेशेवर दक्षता, किसी भी अप्रत्याशित हिंसक घटना को नियंत्रित करने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

जोधपुर में पेट्रोल पंप पर देर रात बदमाशों का हमला, तोड़फोड़ से मची दहशत
जोधपुर में पेट्रोल पंप पर देर रात बदमाशों का हमला, तोड़फोड़ से मची दहशत
दिल्ली : नए साल से पहले अलर्ट मोड में पुलिस, कृष्णा नगर के लाल क्वार्टर में मॉक ड्रिल

दिल्ली : नए साल से पहले अलर्ट मोड में पुलिस, कृष्णा नगर के लाल क्वार्टर में मॉक ड्रिल

दिल्ली : नए साल से पहले अलर्ट मोड में पुलिस, कृष्णा नगर के लाल क्वार्टर में मॉक ड्रिल
दिल्ली : नए साल से पहले अलर्ट मोड में पुलिस, कृष्णा नगर के लाल क्वार्टर में मॉक ड्रिल

नई दिल्ली । नए साल के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को परखने और आपात हालात से निपटने की तैयारी के तहत शाहदरा जिले के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लाल क्वार्टर इलाके में मंगलवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य त्योहारों के दौरान किसी भी संदिग्ध स्थिति से निपटने में पुलिस और अन्य एजेंसियों की तत्परता को जांचना था। मॉक ड्रिल के अनुसार, दोपहर 12:18 बजे फायर विभाग को सूचना दी गई, जबकि 12:21 बजे कृष्णा नगर थाने को कॉल मिली कि लाल क्वार्टर इलाके में एक दुकान के पास काफी देर से एक लावारिस बैग पड़ा हुआ है। सूचना में यह भी बताया गया कि बैग से तार बाहर निकल रहे हैं, जिससे उसमें बम होने की आशंका जताई गई।
सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना देरी किए इलाके को सुरक्षित किया और तुरंत संबंधित एजेंसियों को अलर्ट किया गया। कुछ ही मिनटों में कृष्णा नगर थाने की टीम, गांधी नगर डिवीजन के एसीपी, फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर आम लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया।

दिल्ली : नए साल से पहले अलर्ट मोड में पुलिस, कृष्णा नगर के लाल क्वार्टर में मॉक ड्रिल
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सभी एजेंसियों ने आपसी तालमेल के साथ जांच प्रक्रिया शुरू की। बम स्क्वायड ने संदिग्ध बैग की गहन जांच की, वहीं डॉग स्क्वायड ने आसपास के क्षेत्र को खंगाला। करीब आधे घंटे तक चली इस मॉक ड्रिल के बाद यह स्पष्ट हुआ कि बैग में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं थी। जांच में बैग के अंदर केवल कपड़े, कुछ तार और पानी की बोतल मिली।
फायर अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया, “जब हम मौके पर पहुंचे तो दिल्ली पुलिस की टीम पहले से मौजूद थी। यहां मॉक ड्रिल चल रही थी। किसी भी तरह की चिंता की बात नहीं है। आगामी त्योहारों को देखते हुए यह अभ्यास किया गया ताकि सभी एजेंसियां पूरी तरह सतर्क और तैयार रहें।”
अधिकारियों के अनुसार, यह मॉक ड्रिल पूरी तरह सफल रही और इससे यह संदेश गया कि त्योहारों के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

नोएडा: पत्नी पर चाकू से हमला करने वाला पति गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद

नोएडा: पत्नी पर चाकू से हमला करने वाला पति गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद

नोएडा: पत्नी पर चाकू से हमला करने वाला पति गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद
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नोएडा । नोएडा के थाना फेस-1 क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया। पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी पति को थाना फेस-1 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्टेंसिल चाकू भी बरामद किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से अंजाम दिया गया। थाना फेस-1 पुलिस के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को पुलिस टीम ने सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त प्रवीन कुमार उर्फ पिन्टू को सेक्टर-10 स्थित बिजली घर पार्क के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान प्रवीन कुमार उर्फ पिन्टू (32), पुत्र इन्द्रदेव प्रसाद, निवासी जेजे कॉलोनी, सेक्टर-10, थाना फेस-1, गौतमबुद्ध नगर के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसकी पत्नी से घरेलू बातों को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था।

नोएडा: पत्नी पर चाकू से हमला करने वाला पति गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद
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आरोपी के मुताबिक, दिनांक 27 दिसंबर को भी उसकी पत्नी उससे झगड़ा कर रही थी। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर उसने अपने पास रखे चाकू से पत्नी पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से पेट्रोल से चाकू को धोया और मौके से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इस मामले में थाना फेस-1 में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल एक स्टेंसिल चाकू बरामद कर लिया है, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस ने 22.7 लाख के साइबर स्कैम का किया खुलासा, हरियाणा से दो गिरफ्तार

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नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए 22.70 लाख रुपए के फर्जी शेयर ट्रेडिंग घोटाले का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने हरियाणा के हिसार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी एक फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर ठग रहे थे। शाहदरा जिला पुलिस के अनुसार, 13 नवंबर को पीड़िता अमिता गर्ग ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप ‘स्टैन चार्ट डायलॉग फोरम एल7’ में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में पांच एडमिन थे, जो नियमित रूप से शेयर बाजार, डीमैट अकाउंट और निवेश से जुड़ी बातें करते थे।
ग्रुप की एक एडमिन (जिसने खुद को यालिनी गुना बताया) ने एक खास निवेश योजना शेयर की। उसने दावा किया कि उनकी खुद की ऐप ‘एससीआईआईएचएनडब्ल्यू’ के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने पर निश्चित और ज्यादा मुनाफा मिलेगा। भरोसा दिलाने के लिए ग्रुप में लगातार शेयर टिप्स और मुनाफे के दावे किए जाते थे।
पीड़िता ने ग्रुप में भेजे गए लिंक से ऐप डाउनलोड की और शुरुआत में अलग-अलग तारीखों में 11 ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 2.70 लाख रुपए निवेश किए। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने नई-नई शर्तें लगा दीं और और ज्यादा पैसा लगाने का दबाव बनाने लगे।
धीरे-धीरे झांसे में आकर पीड़िता ने कुल 22.70 लाख रुपए निवेश कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने ऐप पर उन्हें ब्लॉक कर दिया। फिर पीड़िता को एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है। इसके बाद साइबर थाना शाहदरा में ई-एफआईआर संख्या 29/2025, बीएनएस की धारा 318(4)/340 के तहत मामला दर्ज किया गया।

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मामले की जांच इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा को सौंपी गई। एसएचओ साइबर थाना विजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें हेड कांस्टेबल जावेद, दीपक और नरेंद्र शामिल थे। टीम ने बैंक खातों और ट्रांजैक्शन का बारीकी से विश्लेषण किया।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम दो ट्रांजैक्शन के जरिए एक बैंक खाते में गई थी। खाताधारक की पहचान समीर, निवासी हिसार (हरियाणा), के रूप में हुई। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच से अन्य संदिग्ध नंबरों की भी जानकारी मिली।
10 दिसंबर को पुलिस टीम हिसार पहुंची और समीर और देव सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में समीर ने खुलासा किया कि उसने अलग-अलग बैंकों में 5 से 6 खाते खुलवाकर देव सिंह को दे दिए थे, जिसके बदले उसे 4,000 रुपए प्रति खाता मिलते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल और तीन सिम कार्ड बरामद किए, जिन्हें जब्त कर लिया गया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को एक्सपर्ट ट्रेडर या फाइनेंशियल एडवाइजर बताकर लोगों से संपर्क करते थे। पहले छोटी रकम लगवाकर फर्जी मुनाफा दिखाया जाता था ताकि भरोसा बन सके। भरोसा बनते ही बड़ी रकम निवेश करवाई जाती थी और फिर पैसा हड़पकर पीड़ित को ब्लॉक कर दिया जाता था।

गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में हत्या का आरोपी घायल, तमंचा और चाकू बरामद

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गाजियाबाद । पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के थाना मुरादनगर क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले वांछित अभियुक्त को पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस और हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाना मुरादनगर पुलिस टीम मंगलवार को भोवापुर रोड क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि हत्या के मामले में वांछित अभियुक्त गुलहसन उर्फ गुल्ला भोवापुर रोड की ओर आ रहा है और उसके पास अवैध हथियार हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अतिरिक्त बल को मौके पर बुलाया और संभावित मार्गों पर घेराबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस टीम ने संदिग्ध को रुकने का इशारा किया, अभियुक्त ने भागने का प्रयास किया। खुद को पुलिस से घिरा देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद, पुलिस ने घायल अवस्था में अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछताछ में अपना नाम गुलहसन उर्फ गुल्ला पुत्र जमालुद्दीन, निवासी ग्राम सुल्तानपुर, थाना मुरादनगर बताया।

गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में हत्या का आरोपी घायल, तमंचा और चाकू बरामद
गाजियाबाद: पुलिस मुठभेड़ में हत्या का आरोपी घायल, तमंचा और चाकू बरामद


पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह स्वीकार किया कि उसने 27 दिसंबर 2025 को पुरानी रंजिश के चलते वकील पुत्र लीलू, निवासी ग्राम सुल्तानपुर, की चाकू से हत्या की थी। आरोपी का कहना है कि मृतक उसकी महिला मित्र को लगातार परेशान करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था, जो बाद में हत्या का कारण बन गया।
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से 1 अवैध तमंचा, 1 खोखा कारतूस, 1 जिंदा कारतूस और हत्या में इस्तेमाल 1 चाकू बरामद किया है। मुठभेड़ में घायल अभियुक्त को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
इस पूरे मामले में सहायक पुलिस आयुक्त मसूरी (कार्यवाहक) अमित सक्सेना ने बताया कि पुलिस टीम ने सतर्कता और सूझबूझ से कार्रवाई करते हुए एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है और आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग

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रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग
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पंचकूला। अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डर एवं छह बार के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता स्व. रोहित धनखड़ की नृशंस हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर आज सर्वखाप पंचायत, हरियाणा एवं पीड़ित परिवार के सदस्य हरियाणा पुलिस मुख्यालय पहुँचे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिनिधिमंडल को पुलिस महानिदेशक से मिलना था, किंतु डीजीपी के किसी अत्यावश्यक आधिकारिक कार्य में व्यस्त होने के कारण प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह से हुई। प्रतिनिधिमंडल ने एडीजीपी के समक्ष अपना विस्तृत ज्ञापन रखते हुए स्पष्ट किया कि 27 नवंबर 2025 को हुई रोहित धनखड़ की हत्या में लगभग 18–20 लोग शामिल थे, किंतु आज घटना को एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद केवल 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है और केवल चार अन्य व्यक्तियों के नाम और सामने आए हैं। पंचायत व परिवार ने कहा कि यह प्रगति उस गंभीरता के अनुरूप नहीं है जिसकी अपेक्षा एक संगठित हत्या जैसे जघन्य अपराध में होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी याद दिलाया कि 9 दिसंबर 2025 को डीजीपी ने सार्वजनिक रूप से यह आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह के भीतर सभी मुख्य एवं अन्य आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे, उन्हें PO घोषित किया जाएगा और उनकी संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी। किंतु उस आश्वासन को आज लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी न तो सभी आरोपी पकड़े गए हैं, न किसी को PO घोषित किया गया है और न ही संपत्ति कुर्क करने की कोई ठोस कार्रवाई सामने आई है। पंचायत ने इसे अत्यंत निराशाजनक बताया।

रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग
रोहित धनखड़ केस: सर्वखाप पंचायत एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर से मिली, जांच भिवानी से रोहतक ट्रांसफर की मांग


पंचायत व परिवार के सदस्यों ने एडीजीपी को स्पष्ट रूप से बताया कि वे भिवानी पुलिस द्वारा की जा रही जांच से संतुष्ट नहीं हैं और उनका विश्वास है कि इस मामले में स्थानीय प्रभाव, राजनीतिक दबाव या सामाजिक संरक्षण के कारण जांच धीमी और कमजोर की जा रही है। इसी कारण उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच भिवानी से हटाकर रोहतक जिले की CIA या STF जैसी विशेष टीम को सौंपी जाए, ताकि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और प्रभावी हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि इससे पूर्व सर्वखाप पंचायत का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से भी मिला था और मुख्यमंत्री ने पंचायत के समक्ष डीजीपी से फोन पर बात कर इस मामले की जांच भिवानी से हटाकर रोहतक ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे, किंतु उस आश्वासन के बावजूद अब तक जांच ट्रांसफर के संबंध में कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे परिवार और समाज में निराशा बनी हुई है।
एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) कुलदीप सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और यह आश्वासन दिया कि जांच ट्रांसफर के विषय में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा तथा प्रतिनिधिमंडल को इसकी सूचना दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए वरिष्ठ स्तर पर समीक्षा की जाएगी।

उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए

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उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए
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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी। साथ ही सीबीआई की याचिका पर कुलदीप सेंगर को नोटिस भी जारी किया। पीड़ित परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के स्टे ऑर्डर पर खुशी जताई है। पीड़िता ने कहा, “मैं कोर्ट के फैसले से बहुत खुश हूं। सुप्रीम कोर्ट से मुझे न्याय मिला और पूरा भरोसा है कि आगे भी मिलता रहेगा। मैं इस लड़ाई को लगातार लड़ती रहूंगी और यह सुनिश्चित करूंगी कि उसे फांसी की सजा मिले तभी हमारे परिवार को सच्चा न्याय मिलेगा। मैं उन सभी की आभारी हूं जो मेरे साथ खड़े रहे और मुझे न्याय दिलाने में मदद की। मेरे पिता की आत्मा को तभी शांति मिलेगी, जब कुलदीप सिंह सेंगर को फांसी होगी।” पीड़िता की मां ने कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया अदा करते हैं। जिन लोगों ने मेरे पति का मर्डर किया, उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए।”
पीड़ित की तरफ से वकील हेमंत कुमार मौर्य ने कहा, “मैं सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं।

उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए
उन्नाव रेप केस: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीड़िता खुश, बोली-कुलदीप सेंगर को फांसी होनी चाहिए

आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी हालत में कुलदीप सिंह सेंगर को जेल से निकलने नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को अब भी धमकी मिल रही हैं, लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है।”
सोशल एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में वे कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं और मौखिक रूप से उन्होंने इसका संकेत दिया था। अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर कुलदीप की जमानत पर रोक लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने पीड़िता से भी दखल देने और अपनी याचिका दायर करने के लिए कहा है।”
सोमवार को सीबीआई की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सेंगर की जमानत पर रोक लगाने का आदेश दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर कुलदीप सेंगर को नोटिस भी जारी किया है।

जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त

जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त

जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त
जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त

जम्मू। जम्मू पुलिस ने रविवार को अवैध और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण जोन के पूर्वी उपमंडल के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कई स्पा सेंटरों पर एक साथ छापे मारे। पुलिस बल ने चन्नी हिम्मत थाने के एसएचओ के नेतृत्व में अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ महिला पुलिस अधिकारियों और एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस टीमों ने छापेमारी की। इस अभियान के दौरान स्पा सेंटरों की गहन जांच की गई। स्पा सेंटरों द्वारा रखे गए रजिस्टरों की छानबीन की गई और आगे की जांच के लिए संदिग्ध स्थलों से डीवीआर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। जांच के तहत कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है। यह पूरा अभियान एसडीपीओ ईस्ट और एसपी सिटी साउथ की निगरानी और एसएसपी जम्मू के समग्र पर्यवेक्षण में चलाया गया। इस संबंध में संबंधित पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर भी दर्ज की गई है। मामले में किसी व्यापक नेटवर्क की संलिप्तता का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। जम्मू पुलिस की तरफ से यह अभियान प्रशासन के सहयोग से की गई एक सुनियोजित और समन्वित कार्रवाई थी। पुलिस ने यह कार्रवाई क्षेत्र के कुछ स्पा सेंटरों में चल रहे अनैतिक कार्यों की शिकायत मिलने के बाद की। जम्मू पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने और सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित और कानूनी वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है।

जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त
जम्मू पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की, आपत्तिजनक सामग्री जब्त


जम्मू पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की आम जनता और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं दोनों ने व्यापक रूप से सराहना की है। वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जम्मू में रविवार को 20 किलोमीटर की ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में 10,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आयोजित किए मैराथन का उद्देश्य फिटनेस, और ड्रग्स के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना और भाईचारे को बढ़ावा देना है।
जम्मू-कश्मीर के एडीजीपी आनंद जैन ने कहा, “जम्मू-कश्मीर मैराथन हमारा एक वार्षिक कार्यक्रम है। इस वर्ष मैराथन में पिछले साल की तुलना में दोगुने से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। सभी वर्गों में प्रतिस्पर्धा करने वालों की संख्या बढ़ी है और लोगों ने जोश के साथ हिस्सा लिया है। 8 वर्ष से लेकर 70 वर्ष तक के लोगों ने मैराथन में हिस्सा लिया है।”
उन्होंने कहा, “रन फॉर यूनिटी हमारा एक संदेश भी है। पुलिस और समाज के बीच जो संबंध है उसे लेकर हम सजग हैं। पुलिस और जनता के बीच समन्वय बनाने का यह एक मंच भी है। दूसरा यह है कि मैराथन स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण में स्वास्थ्य की भूमिका को देखते हुए बेहद अहम है।

झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल

झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल

झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल
झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल

चतरा । झारखंड के चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेंदरा गांव में रविवार देर रात दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। मृतकों की पहचान देवेंद्र गंझू और चूरामन गंझू के रूप में हुई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, खूनी संघर्ष में शामिल दोनों पक्षों के लोग पूर्व में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) से जुड़े रहे हैं। जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 12 बजे देवेंद्र गंझू अपने कुछ साथियों के साथ गेंदरा गांव निवासी श्याम भोक्ता के घर पर पहुंचा। देवेंद्र गंझू और श्याम भोक्ता के बीच किसी पुराने आपसी विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक टकराव में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान देवेंद्र गंझू और उसके साथियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
गोलीबारी में श्याम भोक्ता और उनके साले गोपाल गंझू गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद जवाबी गोलीबारी में देवेंद्र गंझू और उसके एक साथी चूरामन गंझू की मौके पर ही मौत हो गई।

झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल
झारखंड: चतरा में दो पक्षों के बीच गोलीबारी में दो की मौत, दो घायल


सूचना मिलने पर लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा, कुंदा थाना प्रभारी प्रिंस कुमार, सिमरिया के पुलिस निरीक्षक सनोज चौधरी और एसएसबी 35 बटालियन के अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घायलों को पहले प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डाल्टनगंज (मेदिनीनगर) रेफर किया गया। बाद में, बेहतर इलाज के लिए दोनों को रिम्स, रांची भेज दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला टीपीसी के पूर्व सदस्यों के बीच आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मृतक देवेंद्र गंझू टीपीसी का पूर्व सदस्य था और उस पर 36 संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं, घायल श्याम भोक्ता भी पूर्व में टीपीसी से जुड़ा रहा है।
घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीण भय के कारण घरों में दुबके हुए हैं। पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आईएससी की यह कार्रवाई साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए करोड़ों रुपए की मनी ट्रेल को ठिकाने लगाने से जुड़े मामलों में की गई है। ऑपरेशन को इंस्पेक्टर कमल कुमार और सतेंद्र खारी ने एसीपी आईएससी रमेश लांबा की कड़ी निगरानी में अंजाम दिया। पहला मामला बैंक एन्क्लेव, नई दिल्ली निवासी एक व्यक्ति को फर्जी ऑनलाइन निवेश योजना के जरिए 31.45 लाख रुपए की ठगी का था, जिसमें इसने पीड़ित को एक फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर एक ऐप इंस्टॉल कराया और ज्यादा मुनाफे का लालच देकर छह अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई।
इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप डी-एक्टिव कर दिया गया और ऐप भी बंद हो गया, जिसके बाद पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि रकम को कई म्यूल खातों के जरिए लेयरिंग कर इधर-उधर भेजा गया।

दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस : डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार


इसके बाद पंजाब और गुजरात में छापेमारी के दौरान म्यूल अकाउंट धारक अर्जुन सिंह (39) निवासी सुरेंद्र नगर, गुजरात को गिरफ्तार किया गया, जिसने कमीशन लेकर पैसे निकाले थे। उसके पास से मोबाइल, सिम, एटीएम कार्ड और चेक बुक बरामद की गई।
दूसरा मामला अमेरिका की एक एनआरआई महिला के डिजिटल अरेस्ट स्कैम का शिकार होने का था। पीड़िता ने बताया कि दिल्ली आने के बाद उसे इंटरनेशनल नंबर से कॉल कर खुद को सैन फ्रांसिस्को दूतावास और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर धमकाया गया। इसके बाद नकली वीडियो कॉल के जरिए डराकर उससे 30 लाख रुपए एक म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए गए।
क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि रकम पंजाब स्थित एक पार्टनरशिप फर्म के खाते में गई, जहां से कुछ ही मिनटों में अलग-अलग खातों में भेज दी गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने मोहाली और चंडीगढ़ में छापेमारी कर आरोपी वरुण को गिरफ्तार किया। उसके पास से 38 एटीएम कार्ड, 51 चेक बुक, मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और एक कार बरामद हुई।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।