शहीद मेजर अप्रांत रौनक सिंह देशभक्ति, साहस और बलिदान की अमर गाथा

शहीद मेजर अप्रांत रौनक सिंह देशभक्ति, साहस और बलिदान की अमर गाथा

शहीद मेजर अप्रांत रौनक सिंह देशभक्ति, साहस और बलिदान की अमर गाथा
शहीद मेजर अप्रांत रौनक सिंह देशभक्ति, साहस और बलिदान की अमर गाथा
वाराणसी/प्रतापगढ़/बारामूला, 21 सितंबर 2025 –
  • कश्मीर के बारामूला जिले में तैनात भारतीय सेना के बहादुर अधिकारी मेजर अप्रांत रौनक सिंह शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के निवासी मेजर रौनक की शहादत की खबर जैसे ही सामने आई, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। 34 वर्षीय मेजर अप्रांत सिंह की दो साल पहले ही शादी हुई थी, और वह एक शांत, साहसी तथा निष्ठावान सैनिक के रूप में जाने जाते थे।
सेना ने दी शस्त्र सलामी, देश ने किया नमन
  • शनिवार की शाम शहीद मेजर का पार्थिव शरीर वाराणसी लाया गया, जहाँ सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जवानों और आम जनमानस ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना की ओर से मेजर रौनक सिंह को गन सैल्यूट (शस्त्र सलामी) दी गई। उनके सम्मान में पूरा कैंट क्षेत्र गूंज उठा – “अमर रहे – मेजर रौनक सिंह” के नारों से।
  • पार्थिव शरीर को सैन्य वाहन के माध्यम से अत्यंत सम्मान के साथ ले जाया गया। सेना, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों की उपस्थिति में उन्हें पूरे सैनिक सम्मान के साथ विदाई दी गई। रविवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें हजारों की संख्या में आम नागरिकों, सेना के जवानों और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।
मेजर रौनक सिंह – वीरता और नेतृत्व का प्रतीक
  • मेजर अप्रांत रौनक सिंह की बहादुरी के किस्से उनके साथी अधिकारियों और जवानों की जुबान पर हैं। उन्होंने साल 2021 में कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए एक महत्वपूर्ण आतंक विरोधी ऑपरेशन में दो बड़े आतंकवादियों को ढेर करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। उस ऑपरेशन में उनकी रणनीतिक सूझबूझ और लीडरशिप के कारण सेना को बड़ी सफलता मिली थी।
  • उनकी इस वीरता के लिए वर्ष 2023 में उन्हें “सेना मेडल” (Gallantry) से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उन गिने-चुने अधिकारियों को ही मिलता है, जो अत्यंत जोखिम वाले अभियानों में असाधारण साहस दिखाते हैं।
  • सेना की रिपोर्ट के अनुसार, बारामूला जिले के नियंत्रण रेखा (LoC) के पास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना के बाद, मेजर रौनक सिंह अपने दल के साथ तलाशी अभियान में निकले थे। इसी दौरान आतंकियों की घात लगाकर की गई गोलीबारी में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और वीरगति को प्राप्त हुए।
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़
  • मेजर रौनक सिंह की शहादत की खबर जैसे ही उनके प्रतापगढ़ स्थित घर पहुँची, पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता, पत्नी और छोटे भाई-बहनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। दो साल पहले ही विवाह बंधन में बंधे मेजर रौनक के पीछे उनकी पत्नी श्वेता और वृद्ध माता-पिता हैं, जिनकी आँखों में बेटे के प्रति गर्व है लेकिन दिल में असीम पीड़ा भी।
  • पड़ोसियों और रिश्तेदारों के अनुसार, मेजर रौनक बचपन से ही राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे। उन्हें सेना में जाना और देश के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा शुरू से ही थी। पढ़ाई के दौरान वे बेहद मेधावी और अनुशासित छात्र रहे। उनके पिता ने बताया कि, “रौनक को जब पहली बार सेना में चयन की सूचना मिली थी, तो घर में उत्सव का माहौल था। आज वही बेटा तिरंगे में लिपटकर घर लौट रहा है। यह गर्व की बात है, लेकिन दिल बहुत भारी है।”
शहीद मेजर अप्रांत रौनक सिंह देशभक्ति, साहस और बलिदान की अमर गाथा
शहीद मेजर अप्रांत रौनक सिंह देशभक्ति, साहस और बलिदान की अमर गाथा
सेना की प्रतिबद्धता – परिवार को मिलेगा हर संभव सहयोग
  • भारतीय सेना ने मेजर रौनक सिंह की वीरगति पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई है। सेना ने बयान जारी कर कहा कि “मेजर रौनक सिंह जैसे वीर योद्धा हमारे लिए प्रेरणा हैं। उनकी शहादत को हम कभी नहीं भूल सकते। सेना उनके परिवार के कल्याण के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
  • सेना की ओर से शहीद के परिजनों को वित्तीय सहायता, पेंशन, बच्चों की शिक्षा और अन्य मूलभूत जरूरतों में सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। सेना की वेलफेयर विंग ने पहले ही परिवार से संपर्क कर लिया है और उन्हें आश्वस्त किया है कि “रौनक अब अकेले आपके नहीं, पूरे देश के बेटे हैं।”
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने जताया दुख
  • शहीद मेजर रौनक सिंह की शहादत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीरक्षामंत्री राजनाथ सिंहमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथडीएम प्रतापगढ़, तथा वाराणसी मंडल के आयुक्त सहित कई नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा, “मेजर रौनक सिंह की शहादत को शत-शत नमन। वह देश के लिए अमर बलिदानी बन गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार उनके परिवार को हरसंभव मदद प्रदान करेगी।”
  • सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से शहीद के परिवार को 50 लाख रुपये की सहायता, पत्नी को सरकारी नौकरी और उनके गांव में एक शहीद स्मारक बनाए जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
गांव में पसरा सन्नाटा, लेकिन गर्व की भावना भी
  • प्रतापगढ़ जिले के जिस गांव से मेजर रौनक सिंह ताल्लुक रखते थे, वहाँ अत्यंत शोक और गर्व का मिला-जुला वातावरण देखा गया। गाँव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन हर चेहरे पर रौनक के बलिदान पर गर्व की झलक है। युवाओं ने मेजर रौनक को अपना आदर्श बताया और कहा कि वे भी देश सेवा के लिए तत्पर हैं। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि “रौनक ने पूरे गांव का नाम रोशन किया है। हम सबको उन पर गर्व है। उनकी स्मृति को गांव में हमेशा जीवित रखा जाएगा।”
नमन उस अमर शहीद को
  • मेजर रौनक सिंह का बलिदान भारत माता के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने न केवल अपनी जान की आहुति दी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, साहस और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण भी दिया है। उनकी वीरता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव को युगों-युगों तक याद किया जाएगा।
भारत-पाकिस्तान मैच से पहले कुपवाड़ा में एलओसी पर ‘पाक’ की नापाक हरकत, मिला मुंहतोड़ जवाब

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कुपवाड़ा: 

रविवार यानि आज भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीम एशिया कप में दूसरी बार भिड़ने वाली हैं। इस मैच से ठीक एक दिन पहले जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नौगाम सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से नापाक हरकत की गई। भारतीय और पाकिस्तानी सैनिकों के बीच छोटे हथियारों से गोलीबारी हुई। सूत्रों के अनुसार, गोलीबारी शाम लगभग 6:15 बजे शुरू हुई और लगभग एक घंटे तक रुक-रुक कर जारी रही, जिसके बाद बंदूकें शांत हो गईं। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सेना के सूत्रों ने बताया कि यह घटना युद्धविराम उल्लंघन से संबंधित नहीं है। सेना ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि नियंत्रण रेखा पर दोनों ओर से छोटे हथियारों से गोलीबारी हुई, जो संघर्ष विराम उल्लंघन नहीं है।

भारत-पाकिस्तान मैच से पहले कुपवाड़ा में एलओसी पर ‘पाक’ की नापाक हरकत, मिला मुंहतोड़ जवाब
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क्या कहते हैं विशेषज्ञ
  • विशेषज्ञों का मानना है कि एलओसी पर इस तरह की छोटी-मोटी झड़पें समय-समय पर होती रहती हैं, जिनका कारण अक्सर पैट्रोलिंग या गश्त के दौरान किसी गलतफहमी, सीमा मार्किंग के पास हुई हल्की-मोटे झड़प या स्थानीय तनाव हो सकता है। परंतु यह भी सच है कि हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है, जिसके चलते हर छोटी घटना को संवेदनशीलता के साथ देखा जा रहा है।
ऑपेशन सिंदूर के बाद पाक की नापाक साजिश
  • बता दें कि यह घटना मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आई है। उस समय 7 मई को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नामक कार्रवाई कर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ढांचे पर हमले किए थे। चार दिनों के सैन्य टकराव के बाद एक संघर्षविराम समझौता हुआ था। दोनों पक्षों के बीच 10 मई, 2025 को आखिरी बार युद्धविराम उल्लंघन दर्ज हुआ था। उस संचालित कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान में कई हवाई ठिकाने और आतंकवाद संबंधित लॉन्च पैडों को उड़ादिया, जबकि भारत की तरफ से कोई नुकसान नहीं बताया गया।
पंजाब सरकार की SSF नें बचाईं 37000 जानें, सड़क दुर्घटनाओं में आयी 78 प्रतिशत तक की गिरावट

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चंडीगढ़। 

यह कहानी पंजाब की उन सड़कों की, जहाँ कभी डर और अनिश्चितता का राज था। हर रोज़ अख़बार की सुर्खियां किसी न किसी सड़क हादसे की दर्द भरी दास्तान सुनाती थीं। यहाँ की सड़कों पर बढ़ रही दुर्घटनाएं एक गहरी चिंता का विषय बन गई थीं। हर रोज़ औसतन 15 से 16 बेशकीमती जानें सड़क हादसों में चली जाती थीं। इन मौतों का आँकड़ा केवल एक संख्या नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों का टूटना, एक माँ की सूनी गोद, और एक बच्चे के सिर से बाप का साया उठना था। इस दर्द को महसूस करते हुए, पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया। उन्होंने सिर्फ़ घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि ज़मीन पर काम करके दिखाया। इस दिशा में दो बड़े और महत्वपूर्ण हथियार चलाए गए: सड़क सुरक्षा फ़ोर्स (SSF) और ‘फरिश्ते’ स्कीम। ये दोनों योजनाएँ एक-दूसरे का हाथ थामकर पंजाब की सड़कों को सुरक्षित बनाने का संकल्प लिए हुए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने इस समस्या को सिर्फ़ एक सरकारी प्रोजेक्ट की तरह नहीं देखा। उन्होंने इसे एक परिवार की तरह समझा। और इस समस्या से लड़ने के लिए दो ऐसे हथियार दिए, जो सिर्फ़ लोहे और काग़ज़ के नहीं, बल्कि विश्वास और इंसानियत के बने थे।मान सरकार ने पंजाब को देश का पहला ऐसा राज्य बना दिया है, जिसने सड़कों की सुरक्षा के लिए एक समर्पित फोर्स का गठन किया है। साल 2024 में मान सरकार द्वारा इसकी शुरुआत की गई थी। तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक साल से भी कम समय में इतना बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आज पंजाब के 4100 किलोमीटर लंबी सड़कों पर हर 30 किलोमीटर पर SSF की टीमें तैनात हैं | 116 टोयोटा हिलक्स और 28 इंटरसेप्टर स्कॉर्पियो जैसे कुल 144 हाईटेक वाहनों से लैस ये टीमें हादसे की खबर मिलते ही 5 से 7 मिनट के अंदर वहां पहुंच जाती हैं। 1477 जवानों की एक ऐसी टीम बनाई है जिसका मुख्य काम सड़क हादसों को रोकना। अगर कोई हादसा होता है, तो SSF की टीम का काम तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाना है। इससे कई लोगों की जान बचाई जा चुकी है। यह फोर्स ट्रैफिक नियमों का पालन करवाती है और ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है। SSF सिर्फ सड़क सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नशे की तस्करी, चोरी और अन्य आपराधिक मामलों में भी पुलिस की मदद करती है।
यह फोर्स पूरी तरह से टेक्नोलॉजी से जुड़ी हुई है, स्पीड गन, बॉडी कैमरा, ई-चालान सिस्टम, मोबाइल डेटा, AI तकनीक, सब कुछ इस्तेमाल हो रहा है ताकि पुलिसिंग स्मार्ट हो, तेज़ हो, और पारदर्शी हो। यही है ‘नई सोच वाला नया पंजाब’, जहां अब हर सरकारी सिस्टम जनता की सेवा में खड़ा है। सबसे ज़्यादा गर्व की बात तो ये है कि 2024 में SSF के तैनात इलाकों में स्कूल जाते हुए या लौटते किसी भी बच्चे की मौत सड़क हादसे में नहीं हुई। अब तक एसएसएफ की मदद से लगभग 37110 जिंदगियां बचाई गई | फरवरी-अक्टूबर 2024 में लगभग 768 लोगों की जान बचाई गई | फरवरी-अक्टूबर 2023 की तुलना में फरवरी-अक्टूबर 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 45.55% गिरावट आई है | फरवरी -अप्रैल 2019 से लेकर फरवरी-अप्रैल 2022 तक के सड़क दुर्घटनाओं के आकंड़ो पर ध्यान दे तो उनके मुकाबले सड़क दुर्घटनाओं में 1 फ़रवरी से 30 अप्रैल 2024 तक 78% गिरावट आई थी , जो की 2024 का सबसे कम आंकड़ा है यह सब मान सरकार द्वारा स्थापित की गयी सड़क सुरक्षा फ़ोर्स का कमाल है |

पंजाब सरकार की SSF नें बचाईं 37000 जानें, सड़क दुर्घटनाओं में आयी 78 प्रतिशत तक की गिरावट
पंजाब सरकार की SSF नें बचाईं 37000 जानें, सड़क दुर्घटनाओं में आयी 78 प्रतिशत तक की गिरावट


पंजाब सरकार द्वारा चलाई गयी SSF ने यहाँ सड़क हादसों को होने से रोका वहीं दूसरी तरफ पंजाब सरकार ने 2024 में “फरिश्ते” योजना शुरू की थी | सड़क पर सबसे दुखद बात यह होती थी की जब कोई घायल सड़क पर तड़पता था और लोग मदद करने से डरते थे। डर था पुलिस के चक्कर का, कानूनी उलझनों का। जिस कारण घायल अपनी जिंदगी से हार जाता था तो मान सरकार ने इस डर को ख़त्म करने के लिए एक दिल छू लेने वाली स्कीम शुरू की जिसे ‘फरिश्ते’ स्कीम का नाम दिया गया | इस योजना का मकसद सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों की जान बचाना है। इस योजना के तहत, अगर किसी का सड़क दुर्घटना में एक्सीडेंट हो जाता है, तो उसे तुरंत अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलेगा। पहले यह मुफ्त इलाज सिर्फ 48 घंटे के लिए था, लेकिन अब सरकार ने इसे बढ़ा दिया है। अब घायल व्यक्ति का पूरा इलाज, जब तक वह ठीक नहीं हो जाता, मुफ्त में होगा। जो भी इंसान किसी दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है, उसे सरकार ‘फरिश्ता’ कहती है। ऐसे ‘फरिश्तों’ को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार उन्हें 2,000 रुपये का नकद इनाम और एक प्रशंसा सर्टिफिकेट भी देती है। सबसे अच्छी बात यह है कि मदद करने वाले व्यक्ति से पुलिस या अस्पताल में कोई पूछताछ नहीं की जाएगी। इससे लोग डरेंगे नहीं और ज्यादा से ज्यादा लोग मदद के लिए आगे आएंगे। इस तरह SSF और ‘फरिश्ते’ स्कीम दोनों मिलकर एक complete सुरक्षा चक्र बनाते हैं।
यह मान सरकार का हर पंजाबी के लिए दिया गया प्यार और विश्वास है। SSF हमें सुरक्षा का एहसास दिलाती है तो ‘फरिश्ते’ स्कीम हमें याद दिलाती है कि हम सब मिलकर इस समाज को बेहतर बना सकते हैं। पंजाब में अब सड़कों पर दौड़ती गाड़ियां सिर्फ़ मंज़िल तक नहीं जातीं, बल्कि सुरक्षा और इंसानियत के संदेश को भी साथ लेकर चलती हैं। यह कहानी है उस बदलाव की, जहाँ दिल से लिए गए फ़ैसलों ने हज़ारों घायल जिंदगियों को तुरंत फ़र्स्ट एड देकर अस्पताल तक पहुंचाया और उनको ही नहीं बल्कि उनके परिवारों को भी एक नई ज़िंदगी दी है। मान सरकार ने इस फोर्स में पंजाब की बेटियों को भी आगे किया है। 287 महिलाएं आज SSF का हिस्सा हैं, ये सिर्फ नौकरी नहीं, भरोसे की ड्यूटी भी निभा रही हैं। यह दिखाता है कि सरकार सिर्फ बातें नहीं करती,असली बदलाव करती है। यही असली सशक्तिकरण है, यही असली पंजाबियत है।

मान सरकार ने पंजाब में यह साबित कर दिया है कि सरकार सिर्फ नियम बनाने के लिए नहीं होती, बल्कि लोगों के जीवन की परवाह करने के लिए भी होती है। SSF और फरिश्ते स्कीम, पंजाब की सड़कों पर एक नई सुबह लेकर आए हैं। SSF दुर्घटनाओं को होने से पहले रोकती है और फरिश्ते स्कीम दुर्घटना के बाद ज़िंदगी को बचाती है। ये दोनों योजनाएँ मिलकर पंजाब को एक ऐसा राज्य बना रही हैं, जहाँ सड़कों पर मौत का डर नहीं, बल्कि सुरक्षा का एहसास होता है। यह सिर्फ़ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति है, जो लोगों को जागरूक कर रही है, उन्हें ज़िम्मेदारी सिखा रही है और इंसानियत के इस सफर में ‘फरिश्ता’ बनने के लिए प्रेरित कर रही है। पंजाब सरकार की यह पहल वाकई सराहनीय है | ये दोनों योजनाएँ सिर्फ़ सरकारी काम नहीं हैं। ये हमारी ज़िंदगी से जुड़ी भावनाएं हैं। एक तरफ़ SSF हमें ‘सुरक्षा’ देती है और दूसरी तरफ़ ‘फरिश्ते’ स्कीम हमें एक-दूसरे से ‘प्यार’ और ‘विश्वास’ का रिश्ता बनाना सिखाती है। मान सरकार ने पंजाब की सड़कों पर मौत का डर कम करके, ज़िंदगी को गले लगाना सिखाया है।

आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त

आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त

आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त
आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त

हैदराबाद। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने आंध्र प्रदेश शराब घोटाले के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत छापेमारी की। यह छापेमारी कार्रवाई हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, तंजावुर, सूरत, रायपुर, दिल्ली एनसीआर और आंध्र प्रदेश में 20 स्थानों पर की गई है। फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर किए गए लेनदेन के माध्यम से रिश्वत के भुगतान में मदद करने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों के परिसरों की तलाशी ली गई।
ईडी ने सरकारी खजाने को 4000 करोड़ रुपए के नुकसान के लिए आईपीसी 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत आंध्र प्रदेश सीआईडी ​​द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की। आंध्र प्रदेश सरकार ने इस साल 5 फरवरी को मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि अक्टूबर 2019 से मार्च 2024 तक की ‘नई शराब नीति’ में आरोपी व्यक्ति ‘ब्रांड किलिंग एंड न्यू ब्रांड प्रमोशन’ में लिप्त रहे, जिसमें उन लोकप्रिय शराब ब्रांडों (जैसे मैकडॉवेल्स, रॉयल स्टैग, इंपीरियल ब्लू आदि) को दरकिनार करना शामिल था। इन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया था और इसके बजाय डिस्टिलरी एवं आपूर्तिकर्ताओं से भारी भुगतान के बदले नए या नकली ब्रांडों को बढ़ावा दिया। खरीद प्रणाली को स्वचालित से मैन्युअल में स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे ऑर्डर फॉर सप्लाई (ओएफएस) में हेरफेर की गुंजाइश बन गई।

एसआईटी ने आरोपपत्र और पूरक आरोपपत्र दायर किए हैं, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ स्वचालित प्रणाली को मैन्युअल अनुमोदन से बदलने, ब्रांड-वार इंडेंटिंग और आपूर्ति मात्रा में हेरफेर की अनुमति देने, चुनिंदा डिस्टिलरी और मार्केटिंग फर्मों का पक्ष लेने, आपूर्तिकर्ताओं को उनके चालान मूल्य का 15-20 प्रतिशत रिश्वत के रूप में भुगतान करने के लिए मजबूर करने, ऐसा न करने पर उनके ब्रांडों को दबा दिया गया या लिस्ट से हटा दिया गया, धन का प्रवाह करने और बढ़ी हुई ओएफएस मात्रा हासिल करने के लिए शेल डिस्टिलरीज का निर्माण करना, प्रमुख अधिकारियों की नियुक्ति जिन्होंने ब्रांड अनुमोदन में मदद की, पात्रता मानदंडों में हेरफेर किया और असहमत आपूर्तिकर्ताओं को दबाया।

आरोप पत्रों में यह भी आरोप लगाया गया है कि खरीद में हेराफेरी, फर्जी विक्रेता भुगतान, फर्जी कंपनियों के माध्यम से रिश्वत जुटाई गई और इनका इस्तेमाल चुनावी उद्देश्यों, व्यक्तिगत लाभ और विदेशों में धन हस्तांतरण के लिए किया गया।

आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त
आंध्र प्रदेश शराब घोटाले में ईडी ने कई राज्यों में मारे छापे, नकदी समेत जरूरी दस्तावेज किए जब्त

ईडी की जांच में पता चला है कि कुछ आरोपी व्यक्तियों ने जानबूझकर स्थापित ब्रांडों के लिए ऑर्डर देने से रोका, डिस्टिलरीज को देय वैध भुगतान रोके रखा और डिस्टिलरीज पर दबाव डाला एवं ओएफएस के बदले अवैध भुगतान व रिश्वत की मांग की। ईडी द्वारा की गई मनी ट्रेल जांच से पता चला है कि आंध्र प्रदेश राज्य पेय पदार्थ निगम लिमिटेड (एपीएसबीसीएल) द्वारा आपूर्तिकर्ताओं को दिए गए भुगतान का एक हिस्सा वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के बहाने विभिन्न संस्थाओं को हस्तांतरित किया गया था।

हालांकि, ये लेनदेन फर्जी पाए गए और इन निधियों के प्राप्तकर्ता या तो अस्तित्वहीन, फर्जी संस्थाएं या असंबंधित व्यक्ति व संस्थाएं थीं। कई मामलों में जहां संस्थाएं उनके व्यवसाय से संबंधित थीं, लेनदेन बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए पाए गए। आपूर्तिकर्ताओं द्वारा सोना व नकदी प्राप्त करने के लिए जौहरियों को धनराशि भी हस्तांतरित की गई, जिसे आरोपी व्यक्तियों को रिश्वत के रूप में सौंप दिया गया। इस प्रकार व्यापारिक लेनदेन की आड़ में धन की हेराफेरी करने के लिए फर्जी व बढ़ा-चढ़ाकर किए गए लेनदेन का उपयोग किया गया, जिससे आरोपी व्यक्तियों को रिश्वत के रूप में अवैध धन का सृजन और संवहन सुगम हो गया।

तलाशी अभियान के दौरान, फर्जी व बढ़ा-चढ़ाकर किए गए लेनदेन से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री बरामद और जब्त की गई, जिससे अपराध की आय (पीओसी) का सृजन और संवहन हुआ। तलाशी के दौरान गैर-परिवहन वाहन विवरण वाले फर्जी चालान और परिवहन चालान भी जब्त किए गए। कुछ फरार आरोपियों की संलिप्तता और उनके दुबई में होने और पीओसी के हस्तांतरण के साक्ष्य वाली चैट भी जब्त की गईं। एक परिसर से 38 लाख रुपए की बेहिसाबी नकदी जब्त की गई। कई करोड़ रुपए मूल्य के पीओसी के विदेश प्रेषण को दर्शाने वाले बहीखाते भी जब्त किए गए।

ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना

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ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना
ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना

मुंबई। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत अहमदाबाद जंक्शन रेलवे स्टेशन से बैंक ऑफ इंडिया के स्टाफ ऑफिसर (सस्पेंड) हितेश कुमार सिंगला को गिरफ्तार किया है। उन्हें विशेष न्यायालय, पीएमएलए, ग्रेटर बॉम्बे के समक्ष पेश किया गया, जहां से आरोपी को 7 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।
सीबीआई और एसीबी मुंबई ने हितेश कुमार सिंगला और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, बीएनएस की धारा 316(5) और पीसी अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ए) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की।

ईडी की जांच से पता चला कि मई 2023 से जुलाई 2025 की अवधि के दौरान सिंगला ने दुर्भावना और आपराधिक इरादे से बिना अनुमति के सावधि जमा (टीडी), लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) खाते, बचत बैंक (एसबी) खाते और चालू खाते (सीए) को धोखाधड़ी से बंद कर दिया। प्राप्त राशि एसबीआई में उसके निजी बचत खाते में जमा कर दी गई।

जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए 127 खाताधारकों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, नाबालिगों, मृत ग्राहकों और निष्क्रिय खातों जैसे कमजोर ग्राहकों को निशाना बनाया। डायवर्ट की गई धनराशि को टुकड़ों में और गुप्त तरीके से स्थानांतरित किया गया था।

ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना
ईडी ने बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व कर्मी को किया गिरफ्तार, ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का लगाया चूना

इस धोखाधड़ी से सिंगला ने बैंक ऑफ इंडिया और उसके ग्राहकों को 16.10 करोड़ रुपए का चूना लगाया, जिससे बैंक को नुकसान हुआ, उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा और अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके जनता का विश्वास कम हुआ।

धोखाधड़ी का पता चलने के बाद से हितेश कुमार सिंगला फरार था और बैंक ऑफ इंडिया को रिपोर्ट करने में विफल रहा। तकनीकी निगरानी द्वारा समर्थित विशिष्ट खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी ने उज्जैन से वेरावल तक ट्रेन संख्या 19320 महामना एक्सप्रेस में यात्रा करते समय बार-बार सीटें और कोच बदलकर पता लगाने से बचने के उसके बार-बार प्रयासों के बावजूद अहमदाबाद जंक्शन पर उसे सफलतापूर्वक रोका और गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद उसके एक सहयोगी के परिसर में पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी ली गई।

वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद

वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद

वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद
वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद

रांची। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, वैशाली (बिहार) और देहरादून स्थित कई परिसरों में रेड मारी। यह तलाशी अभियान मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों, चंद्र भूषण सिंह और प्रियंका सिंह द्वारा बड़े पैमाने पर की गई वित्तीय धोखाधड़ी के संबंध में की गई।
झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के पुलिस अधिकारियों ने कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ जनता के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की। इसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की।

ईडी की जांच से पता चला कि आरोपियों ने एक धोखाधड़ी वाली मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) योजना चलाई, जिसमें आम जनता को उच्च मासिक रिटर्न और आकर्षक रेफरल लाभों का वादा करके लुभाया गया। इस कार्यप्रणाली के माध्यम से उन्होंने कम से कम 21 बैंक खातों में 521 करोड़ रुपए से अधिक की अनधिकृत जमा राशि एकत्र की, जिससे भारी मात्रा में अपराध आय (पीओसी) अर्जित हुई।

वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद
वित्तीय धोखाधड़ी मामले में ईडी ने दिल्ली समेत कई राज्यों में मारी रेड, नकदी लेनदेन के दस्तावेज किए बरामद

यह भी पता चला कि आरोपी निदेशक, चंद्र भूषण सिंह और प्रियंका सिंह बाद में सरकारी धन लेकर फरार हो गए। पिछले तीन वर्षों से वे झारखंड, राजस्थान और असम पुलिस सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचते रहे हैं। जांच से पता चलता है कि आरोपियों ने बेनामी लेनदेन के जरिए कई अचल संपत्तियां हासिल करके और जमा राशि को नकदी में बदलकर अवैध धन का शोधन किया। अपनी पहचान छिपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ‘दीपक सिंह’ नाम से फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल करते पाए गए और बार-बार अपना ठिकाना बदलते रहे।

तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सबूत बरामद किए और उन्हें जब्त किए। प्रमुख बरामदगी में फर्जी पहचान पत्र, महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन और नकद लेनदेन का विवरण देने वाली हस्तलिखित नोट और डायरियां, सहयोगियों का विवरण, विभिन्न संस्थाओं की चेकबुक, लैपटॉप और मोबाइल फोन के रूप में डिजिटल साक्ष्य और बड़ी संख्या में अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज एवं समझौते शामिल हैं। ऐसे सबूत भी मिले हैं जो दर्शाते हैं कि आरोपी इसी तरह की धोखाधड़ी वाली योजनाएं चलाते रहे थे।

दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा

दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा

दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा
दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा

नई दिल्ली । 

रोहिणी जिले के बुध विहार थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने शनिवार तड़के कुख्यात अपराधी लल्लू उर्फ अशरू और उसके साथियों के साथ मुठभेड़ की। यह कार्रवाई उस गुप्त सूचना के आधार पर हुई जिसमें बताया गया था कि लल्लू और उसके गिरोह के सदस्य गौ-रक्षक दल से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति के आवास/कार्यालय पर हमला करने की योजना बना रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, लल्लू ने हाल ही में अपने साथियों के साथ तीन व्यक्तियों की पिटाई/भीड़ हिंसा की घटना को अंजाम दिया था और उसका वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर डाला था, ताकि गोगी गैंग से अपने संबंध और दबदबे को दिखा सके। पीड़ित पक्ष ने इस घटना के विरोध में एक महासभा बुलाने का आह्वान किया था। इसी के मद्देनज़र लल्लू अपने गैंग के साथ हमला कर गैंग वर्चस्व स्थापित करना चाहता था।

शनिवार तड़के लगभग 2:40 बजे, रोहिणी सेक्टर-24 स्थित बांके बिहारी मंदिर के पास पुलिस ने एक संदिग्ध सफेद स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी भांपकर कार सवारों ने सरकारी बोलेरो (पुलिस गश्ती वाहन) में टक्कर मार दी और मौके से भागने की कोशिश करते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद, पुलिस की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान गोलीबारी में दो अपराधियों को पैरों में गोली लगी, जबकि एक को मौके से दबोच लिया गया। हालांकि, दो आरोपी गंदा नाला, रिठाला की ओर दीवार फांदकर फरार हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा
दिल्ली के रोहिणी में कुख्यात अपराधी लल्लू और गोगी गैंग के साथियों से मुठभेड़, पुलिस ने 3 को पकड़ा

पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस मुठभेड़ में कुल 6 राउंड पुलिस द्वारा और लगभग 6–7 राउंड आरोपियों द्वारा फायरिंग की गई।

दिल्ली पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई में तीन अपराधियों को पकड़ा गया। पहला, लल्लू उर्फ अशरू (23), जो गोगी गैंग से जुड़ा है और अपने भाई नस्रुद्दीन के नाम पर “नस्सरू गैंग” चलाता है, गोलीबारी में घायल हुआ। उसके पास से एक आधुनिक हथियार मिला। लल्लू पर हत्या का प्रयास और लूटपाट सहित 5 गंभीर मामले दर्ज हैं। दूसरा, लल्लू का साथी इरफान (21) भी गोलीबारी में घायल हुआ और उसके पास से भी एक आधुनिक हथियार बरामद हुआ। वह हत्या के प्रयास के 2 मामलों में शामिल है। वहीं, नितेश (30) को मौके पर गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से एक देसी कट्टा मिला। वह पहले ठगी के मामलों में शामिल रहा है।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221/132/109(2)/3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 (पूर्ववर्ती आईपीसी की धारा 186/353/307/34 के अनुरूप) के त

योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा

योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा

योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा
योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक युवक के सीएम योगी आदित्यनाथ को गोली मारने की धमकी का वीडियो सामने आया। इसमें युवक हाथ में पिस्टल लेकर धमकी देता दिखा। मांट क्षेत्र से वायरल वीडियो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा दौरे के दौरान हड़कंप मचा दिया। वीडियो में एक युवक हाथ में पिस्टल लेकर सीएम को गोली मारने की खुली धमकी दे रहा था। वीडियो के वायरल होते ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं। गर्दन से लटकती चैन पहने, केवल पैंट पहने युवक को उसके घर में ढूंढ निकाला गया। पुलिस ने उसे लगभग एक घंटे की कवायद के बाद पिस्टल एवं कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया।

वीडियो में क्या है?

  • वीडियो में युवक नंगे बदन केवल पैंट पहने दिखता है। हाथ में पिस्टल लहराते हुए उसने कहा कि उसने मुख्यमंत्री के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। वह कहता दिखता है कि अगर मदद नहीं मिली तो वह योगी आदित्यनाथ को गोली मार देगा। युवक ने पिस्टल की मैगजीन दिखाते हुए दावा किया कि उसमें नौ गोलियां हैं और वह ‘नौ की नौ सीधे उतार’ देगा।युवक ने सीएम योगी के बॉडीगार्ड्स पर भी हमला करने की बात कही। उसने कहा कि 25 सितंबर से पहले वह यह कदम उठा सकता है। इस क्लिप के वायरल होते ही इलाके में खलबली मच गई।
योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा
योगी को गोली मारने की धमकी, वीडियो वायरल हुआ तो पहुंची पुलिस छत पर भागा
  • पुलिस को देखते ही छत पर भागावीडियो मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने युवक की लोकेशन ट्रेस कर मांट तहसील के नगला हरदयाल गांव पहुंचकर चारों ओर घेरा डाल दिया। पुलिस को देखकर युवक घर की छत पर भाग गया। वहीं से पुलिस को भी धमकी देने लगा। जानकारी के मुताबिक उसने उस समय तीन हवाई फायर भी किए। लगभग एक घंटा चलने वाली वार्ता और पुलिस-प्रयासों के बाद उसे पिस्टल एवं कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है।मामले की प्राथमिक जांच और युवक की मानसिक स्थिति की पड़ताल जारी है। पुलिस ने कहा कि जरूरत पड़ी तो काउंसलिंग और विशेषज्ञ टीम की मदद ली जाएगी।
  • ऐसे मिली जानकारीस्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि वायरल क्लिप के आधार पर युवक की पहचान और पता तुरंत किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि वह व्यक्ति पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था और अक्सर अपनी परेशानियों के बारे में जोर-जोर से बोलता था। पुलिस अब वीडियो की सत्यता, युवक के बैकग्राउंड, उसके आरोपों और किसी संभावित षड्यंत्र के पहलू की पड़ताल कर रही है। सुरक्षा की दृष्टि से मथुरा में अतिरिक्त इंतजाम और सतर्कता बरती जा रही है।
  • घटना के बाद नगला हरदयाल और आसपास के इलाके में भारी पुलिस फोर्स देख स्थानीय लोग हैरान रह गए। युवक के इस रुख को देखकर लोगों की हैरानी बढ़ गई। वहीं, सोशल मीडिया पर युवक के खिलाफ एक्शन की मांग की जाने लगी।
समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर

समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर

समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर
समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर
दिल्ली में एक बार फिर कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है.
  • शनिवार (20 सितंबर) की सुबह दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) द्वारका, सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुतुब मीनार और नजफगढ़ के कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल को धमकी भरा मेल आया था. स्कूल मैनेजमेंट ने जैसे ही मेल देखा, तुरंत एक्शन लेते हुए स्कूल कैंपस खाली कराया गया.
  • सुबह 7.00 बजे से ही बच्चे और स्टाफ स्कूल में पहुंच चुके थे. ऐसे में बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को कॉमन एरिया में इकट्ठा कर लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. मामला संज्ञान में आते ही बम स्क्वॉड, फायर डिपार्टमेंट और दिल्ली पुलिस की टीमें अलग-अलग स्कूल कैंपस में पहुंचीं और जांच पड़ताल शुरू कर दी. हालांकि, अभी तक कुछ संदिग्ध नहीं मिला है. सर्च ऑपरेशन जारी है.
समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर
समेत दिल्ली के कई स्कूलों में एक बार फिर बम की धमकी, खाली कराया गया परिसर
थम नहीं रही धमकियों का सिलसिला
  • दिल्ली के स्कूलों में बम की धमकी भरे मेल आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार कई महीनों से कुछ दिनों के अंतराल पर ऐसी खबरें आ रही हैं कि स्कूलों को मेल या फोन के माध्यम से धमकियां दी जा रही हैं. हर बार बच्चों को स्कूल कैंपस से बाहर निकाला जाता है. स्कूल बंद करवाए जाते हैं और उनकी पढ़ाई को नुकसान होता है. हर बार पुलिस की टीमें परिसर की सघन जांच करती हैं.
  • अभी तक गनीमत रही कि ये सभी धमकियां फर्जी निकली हैं. साइबर सेल लगातार ई-मेल ट्रैक कर धमकी भेजने वाले का पता लगाने की कोशिश करती हैं. इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े होते हैं.
कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी

कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी

कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी
कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी

आज दिनांकः 19-09-2025 को श्री वैभव कृष्ण, पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी द्वारा डा0 ईरज राजा, पुलिस अधीक्षक, गाजीपुर की उपस्थिति में पुलिस लाइन सभागार जनपद-गाजीपुर में समीक्षा बैठक की गई। उक्त बैठक में पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण, समस्त क्षेत्राधिकारीगण/थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारी मौजूद रहे एवं निम्न बिन्दुओं पर समीक्षा की गई:-

• अपराध समीक्षा

• महिला सुरक्षा

• विवेचनाओं में प्रगति

• माल मुकदमाती का निस्तारण

• न्यायालय में पैरवी

• जनशिकायतों का निस्तारण

• Patrolling/UP-112 PRV का थाना क्षेत्रों में व्यवस्थापन

• साइबर क्राइम के विभिन्न पोर्टल्स पर प्रचलित कार्यवाही

• नये कानून के अन्तर्गत ई-साक्ष्य संकलन की कार्यवाही।

• दुर्घटना सम्बन्धी प्रकरणों में कारणों के सम्बन्ध में कार्यवाही।

जनपद गाजीपुर में दिनांक 01-01-2025 से 31-08-2025 तक मुख्य रूप से निम्न कार्यवाहियाँ  हुई हैं :-

• वर्ष-2025 में पंजीकृत गैंगेस्टर एक्ट के मुकदमों की संख्या -14

• वर्ष-2025 में गैंगेस्टर के मुकदमों में संपत्ति जब्ती मूल्य लगभग 3,18,71,500/-रु०

• वर्ष-2025 में हत्या के पंजीकृत 15 अभियोग में कुल-26 अभियुक्त पकडे गए तथा 03 हाजिर अदालत

• वर्ष-2025 लूट के पंजीकृत 05 अभियोग में कुल -08 अभियुक्त पकडे गए तथा 02 हाजिर अदालत

• जनपद गाजीपुर की आईजीआरएस में माह जुलाई में रैंकिग 35वीं थी, जो माह अगस्त में 20वीं रैंकिंग है, इसमे और अधिक सुधार की आवश्यकता है |

• पुरस्कार घोषित अपराधियों में 21 गिरफ्तार हुए हैं तथा 10-हाजिर अदालत

• विभिन्न श्रेणी के गैंगो का पंजीकरण में डी श्रेणी (जनपद स्तर) के 23 व आईआर श्रेणी (रेंज स्तर) के 01 गैंग रजिस्टर्ड हुए हैं |

• वर्ष-2025 में 24 हिस्ट्रीशीट खोली गई,जिसमें पेशेवर हत्यारों के विरुद्ध -02, लुटेरों-01,मादक पदार्थ तस्करों-03, गो तस्करों-01, नकबजनी-11,शराब तस्कर-01 एवं अन्य अपराधों में संलिप्त-05

• वर्ष-2025 में 120 गुंडा एक्ट पंजीकृत हुए हैं, जिसमें से जिला बदर-02 किये गए हैं |

• शराब तस्करों के विरुद्ध 303 मुकदमें पंजीकृत हुए, जिसमें 331 अभियुक्तों की गिरफ़्तारी हुई |

• गोकशी के 22 मुकदमें पंजीकृत हुए, जिसमें 55 अभियुक्त गिरफ्तार हुए |उक्त के सम्बन्ध में कार्यवाही हेतु निम्न निर्देश दिए गए :-

कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी
कार्यालय पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, वाराणसी

1. उपरोक्त कार्यवाहियों को और अधिक प्रभावी बनाये जाने एवं माफिया तथा अपराधियों को चिन्हित कर कठोर कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं |

2. विवेचनाओं के निस्तारण हेतु वादी एवं विवेचक दोनो को एक साथ बुलाकर पुलिस अधिकारियों द्वारा मुकदमें के वादियों/शिकायतकर्ताओं की समस्याओं के निस्तारण की समीक्षा की जाए।

3. शरीर सम्बन्धी अपराधों में तत्काल मेडिकल कराया जाए एवं विधिक धाराओं में मुकदमों को समय से परिवर्तित कराया जाए।

4. विभिन्न पंजीकृत गैंगों के सदस्यों की सक्रियता ज्ञात की जाए एवं यदि सक्रिय पाये जाते हैं तो कड़ी कार्यवाही की जाए।

5. गैंगेस्टर एक्ट पंजीकरण, हिस्ट्रीशीट खोलने एवं गुण्डा एक्ट की कार्यवाही में गुणवत्तापूर्वक संवेदनशील प्रकरणों को चिन्हित कराया जाए एवं उन पर कड़ी कार्यवाही कराई जाए।

6. माफिया गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों को चिन्हित कराकर उनकी सम्पत्ति को बीएनएस एवं गैंगेस्टर एक्ट की कार्यवाही के अन्तर्गत जब्त कराया जाए।

7. अवैध शराब के विरूद्ध निरंतर अभियान चलाकर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।

8. आपरेशन त्रिनेत्र अभियान के तहत अपने-अपने थानाक्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थानों, प्रतिष्ठानों, गॉवों आदि में लोगों से संपर्क स्थापित कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में सीसीटीवी कैमरा सड़क मार्ग को कवर करते हुए लगवाने हेतु निर्देशित किया गया।

9. महिला सम्बन्धी अपराध पर विशेष संवेदनशीलता से तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए।

10. थानों पर दाखिल विभिन्न अभियोगों से संबंधित माल मुकदमाती के विधिक निस्तारण हेतु निर्देश दिये गए।

11. आपरेशन कनविक्शन के तहत गम्भीर अपराधों, हत्या, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, लूट आदि के अभियोगों में मा0 न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा दिलाने हेतु निर्देशित किया गया।

12. विभिन्न थाना क्षेत्रों में यू0पी0-112 पर प्राप्त शिकायतों के सापेक्ष पीआरवी वाहनों को व्यवस्थापित करने हेतु निर्देश दिए गए।

13. साइबर सेल में सभी थाना प्रभारी एवं अन्य निरीक्षक/उपनिरीक्षकांे को जल्द से जल्द प्रशिक्षण कराकर अधिक से अधिक मुकदमों को अनावरित कराया जाए।

14. नये कानूनों के तहत ई-साक्ष्य एप के माध्यम से साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करायी जाए।

15. दुर्घटना सम्बन्धी प्रकरणों में दुर्घटना के कारणों को ज्ञात कर उनका निराकरण कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया एवं दुर्घटना सम्बन्धी प्रकरण को आई-रेड एप पर प्रदर्शित कराया जाए।

  उपरोक्त समीक्षा गोष्ठी के पश्चात् पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र ,वाराणसी द्वारा थाना कोतवाली, जनपद-गाजीपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जिसमे जन-सुनवाई,थाने पर साफ़-सफाई, पुलिसकर्मियों के शौचालय एवं थाने के अभिलेखों को अद्यवधिक किए जाने हेतु निर्देशित किया गया ।

सोशल मीडिया सेल,

परिक्षेत्रीय कार्यालय,

वाराणसी l