बाढ़ राहत कार्य के लिए पंजाब किंग्स ने दान किए 30 लाख रुपये
इस साझेदारी के तहत,
फ्रेंचाइजी ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए फाउंडेशन के जमीनी प्रयासों को समर्थन देने हेतु 30 लाख रुपये दान किए हैं।यह दान विशेष रूप से उन परिवारों की सहायता के लिए है, जिन्होंने बाढ़ के कारण अपनी आजीविका खो दी है।
सामाजिक कार्यकर्ता सरबजीत सिंह बॉबी के नेतृत्व में यह फाउंडेशन इस धनराशि का उपयोग मंडी और कुल्लू जिले के प्रमुख क्षेत्रों में प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए करेगा। प्रत्येक पात्र परिवार को पुनर्निर्माण प्रक्रिया में मदद के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।इस दान का उपयोग एनजीओ की राहत गतिविधियों को नए क्षेत्रों तक विस्तारित करने और
हिमाचल प्रदेश के लोगों को सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास सेवाओं सहित आवश्यक सहयोग प्रदान करने के प्रयासों को जारी रखने में किया जाएगा।
यह पहल संकटग्रस्त समुदायों की सहायता के लिए पंजाब किंग्स की व्यापक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
बाढ़ राहत कार्य के लिए पंजाब किंग्स ने दान किए 30 लाख रुपये
पंजाब किंग्स पहले भी पंजाब में बाढ़ राहत कार्यों में सक्रिय रही है।
उन्होंने हेमकुंट फाउंडेशन के साथ साझेदारी में 33.8 लाख रुपये का दान दिया था। इसके अलावा, टीम ने ‘टुगेदर फॉर पंजाब’ अभियान के तहत ग्लोबल सिख के सहयोग से केटो फंडरेजर के जरिए अब तक 31 लाख रुपये जुटाए हैं।
आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स का प्रदर्शन शानदार रहा था। इस टीम ने 14 में से 9 मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए अगले दौर में जगह बनाई थी।
क्वालीफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के हाथों शिकस्त झेलने के बाद पंजाब किंग्स ने क्वालीफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 5 विकेट से जीत दर्ज करते हुए खिताबी मैच में जगह बनाई, जहां उसे आरसीबी के हाथों 6 रन से हार झेलनी पड़ी।
हापुड़ में व्यापार बंधु एवं जिला उद्योग बंधु की मासिक बैठक सम्पन्न औद्योगिक समस्याओं के समाधान हेतु दिए गए निर्देश
दिनांक 22 सितम्बर 2025 को जिला हापुड़ के कलक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गौतम की अध्यक्षता में व्यापार बंधु एवं जिला उद्योग बंधु की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिलाधिकारी श्री अभिषेक पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित की गई, जिसमें जनपद के औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, एसोसिएशन के पदाधिकारीगण एवं उद्यमीगण उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य जनपद हापुड़ में औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संचालित करना, व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं को सुनकर उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना रहा।
बैठक की शुरुआत में मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित उद्यमियों एवं संबंधित अधिकारियों का स्वागत करते हुए बैठक के उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि सरकार व्यापार एवं उद्योगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी क्रम में नियमित रूप से व्यापार बंधु और जिला उद्योग बंधु की बैठकें आयोजित की जा रही हैं, ताकि उद्यमियों को आ रही समस्याओं को प्राथमिकता पर सुना जा सके और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में सबसे प्रमुख चर्चा का विषय औद्योगिक क्षेत्र एम.जी. रोड, हापुड़ में सड़क एवं नाला निर्माण से जुड़ी समस्याएं रहीं। श्री गौतम ने इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए वरिष्ठ प्रबंधक, यूपीसीडा को निर्देशित किया कि जिन प्रकरणों से संबंधित आंगणन भेजे गए हैं, उन पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करवाई जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्र में आधारभूत ढांचे की मजबूती और विकास के बिना औद्योगिक गतिविधियों को गति देना कठिन होगा। इसलिए इस दिशा में शीघ्र एवं ठोस कार्यवाही आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त, बैठक में धीरखेड़ा क्षेत्र स्थित औद्योगिक इकाइयों की जल निकासी की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। इस समस्या के समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग तथा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की एक संयुक्त तकनीकी टीम गठित करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि यह टीम तकनीकी सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे, ताकि स्थायी समाधान की दिशा में कार्यवाही की जा सके।श्री हिमांशु गौतम ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि व्यापार बंधु एवं जिला उद्योग बंधु की बैठकों में जो भी समस्याएं उठाई जाती हैं, उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बैठक से पूर्व सभी लंबित मामलों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी शिकायत या समस्या बिना समाधान के न रहे।
हापुड़ में व्यापार बंधु एवं जिला उद्योग बंधु की मासिक बैठक सम्पन्न औद्योगिक समस्याओं के समाधान हेतु दिए गए निर्देश
बैठक में उपस्थित उपायुक्त उद्योग, उप जिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, विद्युत विभाग एवं यूपीसीडा के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित मामलों पर प्रकाश डाला और उठाई गई समस्याओं के निराकरण हेतु अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने यह भी बताया कि विभागीय स्तर पर क्या-क्या कार्यवाही की जा रही है तथा भविष्य में किन कदमों को उठाने की योजना है।
इस बैठक में व्यापार एवं उद्योग से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से बैठक में प्रस्तुत किया। इनमें से कई सुझावों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संज्ञान में लिया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक का माहौल सकारात्मक एवं परिणामोन्मुखी रहा। जहां एक ओर अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान हेतु तत्परता दिखाई, वहीं दूसरी ओर उद्यमियों ने प्रशासन के प्रति विश्वास प्रकट करते हुए सुझाव दिए कि इस प्रकार की बैठकें नियमित रूप से आयोजित होती रहें ताकि सरकारी तंत्र और औद्योगिक इकाइयों के बीच संवाद बना रहे और समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर संभव हो सके।
अंत में मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गौतम ने सभी अधिकारियों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए यह आश्वासन दिया कि जनपद में व्यापार एवं उद्योग से संबंधित हर समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा और उसके समाधान के लिए प्रशासन निरंतर प्रयास करता रहेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से यह अपेक्षा भी की कि वे व्यापारियों एवं उद्यमियों से समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि जनपद हापुड़ औद्योगिक विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर रह सके।
इस प्रकार, यह बैठक न केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता थी, बल्कि व्यापारिक और औद्योगिक हितों को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक गंभीरता और सक्रिय सहभागिता का सशक्त उदाहरण रही। बैठक से निकले निर्णयों के सफल क्रियान्वयन से निश्चित रूप से जनपद के उद्योगों को गति मिलेगी और व्यापारी वर्ग को राहत प्राप्त होगी।
जनपद हापुड़ में आपदा प्रबंधन का दमदार प्रदर्शन, मॉक ड्रिल से जागरूकता की नई पहल
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, हापुड दिनांक:-19/09/2025
प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा जनपद हापुड़ का मॉक ड्रिल जनपद हापुड़ की समस्त तहसीलों में भूकंप एवं अग्नि सुरक्षा से संबंधित मूक अभ्यास (ड्रिल) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करना, राहत एवं बचाव कार्यों की दक्षता को परखना तथा नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संचार करना था। इस आयोजन में राजस्व विभाग, पुलिस, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निकाय, लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
अभ्यास के दौरान विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों का अनुकरण कर यह आकलन किया गया कि किस प्रकार त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सकती है। कार्यक्रम के अंतर्गत नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने, प्राथमिक उपचार प्रदान करने तथा अग्नि नियंत्रण की प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया गया। तहसील स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे उनकी आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि हो सके। यह मूक अभ्यास जनपद हापुड़ की आपदा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ है। ऐसे आयोजन न केवल प्रशासनिक तंत्र की तत्परता को बढ़ाते हैं, बल्कि आमजन में भी सुरक्षा के प्रति सजगता एवं जागरूकता उत्पन्न करते हैं।
जिलाधिकारी हापुड़
श्री अभिषेक पाण्डेय के कुशल निर्देशन में सभी संबंधित विभागों को पूर्व से सतर्क रहने एवं समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश प्रदान किए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एवं सेना के अधिकारियों व जवानों द्वारा विभिन्न स्थलों पर डेमो प्रस्तुत किए गए, जिनमें आग लगने की स्थिति में फायर एक्सटिंग्यिूशर के प्रयोग, सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया तथा चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा का प्रदर्शन किया गया। यह आयोजन जनपद हापुड़ के नागरिकों एवं प्रशासनिक इकाइयों के लिए एक प्रेरणास्पद एवं शिक्षाप्रद अनुभव रहा, जो भविष्य में किसी भी आपदा से निपटने हेतु मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
तहसील-धौलाना
जनपद हापुड़ में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं अन्य विभागों के संयुक्त तत्वावधान में आज तहसील-धौलाना के सरस्वती मेडिकल कॉलेज परिसर में भूकंप आपदा से संबंधित मॉक ड्रिल एवं सुरक्षा प्रशिक्षण का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य कालेज एवं विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं स्टाफ को आपदा की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित एवं समन्वित प्रतिक्रिया हेतु प्रशिक्षित करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप जैसी आपदा की स्थिति का वास्तविक अनुकरण किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को “ड्रॉप, कवर एंड होल्ड” की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। निर्धारित संकेत प्राप्त होते ही सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने सुरक्षित निकासी मार्गों का पालन करते हुए खुले स्थान पर एकत्रित होकर आपदा प्रतिक्रिया प्रक्रिया का सफलतापूर्वक अभ्यास किया। खुले मैदान में प्राथमिक उपचार, अग्निशमन यंत्रों के प्रयोग, सुरक्षित निकासी तथा आपदा के समय क्या करें और क्या न करें जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रदर्शन किया गया।
जनपद हापुड़ में आपदा प्रबंधन का दमदार प्रदर्शन, मॉक ड्रिल से जागरूकता की नई पहल
तहसील-गढ़मुक्तेश्वर
तहसील-गढ़मुक्तेश्वर केे नोवेल अस्पताल परिसर में अग्निकांड आपदा से संबंधित मॉक ड्रिल एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ, चिकित्सा कर्मियों एवं सुरक्षा दल को आग लगने की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित एवं समन्वित प्रतिक्रिया हेतु प्रशिक्षित करना था। मॉक ड्रिल के दौरान अग्निकांड जैसी आपदा का वास्तविक अनुकरण किया गया, जिसमें अस्पताल के विभिन्न वार्डों से मरीजों को सुरक्षित निकासी मार्गों के माध्यम से खुले स्थान पर पहुँचाया गया। इस दौरान एक घायल व्यक्ति को फायर मैन लिफ्ट मैथड का प्रयोग कर अग्नि क्षेत्र से बाहर निकाला गया तथा अग्निशमन यंत्रों के प्रयोग, प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, और आग लगने की स्थिति में क्या करें और क्या न करें जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तारपूर्वक प्रदर्शन किया गया।
तहसील-हापुड़। अचानक से लीक होने लगा केमिकल का टैंकर-
तहसील-हापुड़ के मैरिनों इंडस्ट्रीज कंम्पनी के मुख्य द्वार से निकलने के कुछ ही देर बाद केमिकल का टैंकर लीक होने लगा और जिसके बाद सूचना मिलते ही आई0आर0एस0 एक्टिवेट करते हुए अग्रिम कार्यवाही की गयी। रासायनिक दुर्घटना से संबंधित मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया गया। यह अभ्यास विशेष रूप से उस परिकल्पना पर आधारित था जिसमें एक 18-पहियों वाली भारी ट्रक या टैंकर से रासायनिक पदार्थ का रिसाव हो जाने की स्थिति उत्पन्न होती है।
मॉक ड्रिल के दौरान रासायनिक रिसाव की वास्तविक स्थिति का अनुकरण किया गया, जिसमें कंपनी परिसर के प्रवेश द्वार से निकलते ही टैंकर से रिसाव होते ही आपदा प्रतिक्रिया दल सक्रिय हुआ। तत्काल प्रभावित क्षेत्र को सील किया गया, कर्मचारियों एवं आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी पर पहुँचाया गया तथा रिसाव नियंत्रण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
इस दौरान रासायनिक सुरक्षा उपकरणों, पीपीई किट, स्पिल कंट्रोल किट एवं अन्य आवश्यक संसाधनों का प्रयोग किया गया। आपदा प्रतिक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित करने हेतु स्थल पर इंसीडेंट कमांड पोस्ट की स्थापना की गई, जहाँ से समस्त गतिविधियों का समन्वय किया गया। साथ ही, आवश्यक संसाधनों एवं टीमों की तैनाती हेतु स्टेजिंग एरिया निर्धारित किया गया, जिससे त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। चिकित्सा सहायता के लिए एक मेडिकल पोस्ट भी स्थापित किया गया, जिसमें प्राथमिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
तहसील-हापुड़।
रिक्टर पैमाने पर दर्ज हुए 6.03 की तीव्रता के भूकम्प के झटकों से हापुड़ स्थित एम एम प्लाजा बिल्डिंग में अचानक से लोगों के बीच अफरा तफरी मच गयी बिल्डिंग में कार्य कर रहे लोगों ने जान बचाई और भागना शुरू कर दिया। इस दौराना मॉकड्रिल होने की खबर सुनकर लोगों के जान में जान आई। इस अभ्यास का उद्देश्य बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में भूमम्प के दौरान दुर्घटना एवं आग लगने की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित एवं समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।
अभ्यास के दौरान निर्धारित समय पर फायर अलार्म बजाकर आपातकालीन स्थिति का संकेत दिया गया, जिसके पश्चात भवन के सभी फ्लोर से कर्मचारियों एवं आगंतुकों को सुरक्षित निकासी मार्गों से बाहर निकाला गया। प्रभारी अधिकारी आपदा द्वारा राहत बचाव हेतु सभी आईआरीटी टीम से समन्वय स्थापित कर लोगों को भवन से सुरक्षित निकाला गया। आपातकालीन चिकित्सा सहायता हेतु 20-बेड वाला फील्ड अस्पताल स्थापित किया गया, जिसमें प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों द्वारा प्राथमिक उपचार सेवाएं प्रदान की गईं।
गंभीर स्थिति में त्वरित चिकित्सा हस्तक्षेप हेतु एम्बुलेंस सेवाएं भी मौके पर उपलब्ध रहीं, जिससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल सहायता सुनिश्चित की जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों के बीच त्वरित समन्वय और सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित करने हेतु वायरलेस संचार प्रणाली का भी प्रयोग किया गया। यह प्रणाली क्म्व्ब् ;क्पेजतपबज म्उमतहमदबल व्चमतंजपवद ब्मदजतमद्ध पर तैनात आपदा प्रबंधन विभाग हापुड़ की टीमों, चिकित्सा इकाई, पुलिस, अग्निशमन सेवा एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच निर्बाध संचार बनाए रखने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुई।
पुलिसकर्मियों पर महिला ने लगाया लव जेहाद और गैंगरेप का आरोप
सहारनपुर:-
जिले के थाना नकुड़ क्षेत्र के गांव बिडवी की निवासी काजल सैनी ने थाना सरसावा में तैनात एक पुलिसकर्मी पर “लव जेहाद” और गैंगरेप के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कॉन्स्टेबल मुर्सलीन ने मनोज शर्मा उर्फ सोनू का नाम अपनाकर उनसे प्रेम संबंध बनाए और विवाह का झांसा देकर विश्वास हासिल किया, बाद में यह ज्ञात हुआ कि वह पहले से विवाहशुदा है। आरोप है कि मुर्सलीन ने न केवल धोखा दिया, बल्कि उनके साथी—
कॉन्स्टेबल नवाब अली, कॉन्स्टेबल सादिक मलिक, एक दरोगा एवं रेस्टोरेंट संचालक आबुजर—मिलकर नशीला पदार्थ खिलाकर उन्हें बेहोश कर कई बार उनका गैंगरेप किया। इसके बाद कथित तौर पर आरोपियों ने उनका वीडियो बना कर ब्लैकमेल किया। विरोध करने पर डराने-धमकियों सहित हत्या के प्रयास, टुकड़े-टुकड़े कर शूटकेस में भरकर जंगल में फेंकने की धमकी तक दी गयी, जिससे पीड़िता भयभीत हो गयी।
काजल ने यह भी कहा है कि
यह पूरा गिरोह शायद अन्य लड़कियों को भी फँसाने का काम कर रहा है। इसीलिए उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई और बड़ी एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गयी है। इस प्रार्थना पत्र के साथ वह हिन्दू सामाजिक संगठन के संस्थापक विजय कांत चैहान के साथ पुलिस लाईन स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचीं।
पुलिसकर्मियों पर महिला ने लगाया लव जेहाद और गैंगरेप का आरोप
इस तरह की शिकायतों का सामना अक्सर कानूनी,
सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियों से होता है—जैसे साक्ष्यों का उपलब्ध होना, पुलिस विभाग की निष्पक्षता, पीड़िता की सुरक्षा, और मीडिया-वकालत की भूमिका। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराएँ (जैसे बलात्कार, गैंगरेप, ब्लैकमेल, धमकियाँ देना आदि) लागू होंगी। न्यायालय एवं जांच एजेंसियों को उचित प्रक्रिया अपनानी होगी—मेडिकल परीक्षण, फोरेंसिक जांच, गवाहों का बयान आदि।
यह मामला न केवल व्यक्तिगत न्याय का प्रश्न है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि पुलिसकर्मियों पर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पुलिस व्यवस्था में विश्वास, महिला सुरक्षा व कानून के शासन के सिद्धांतों को प्रभावित करेगा। पीड़िता की सुरक्षा, गोपनीयता और न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि अन्य लोग भी इस तरह की स्थिति में आवाज उठा सकें बिना भय के।
अंत में, इस तरह की शिकायतों की समयबद्ध और पारदर्शी जाँच की जाए, आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत बयान देने का अवसर मिले और दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके और समाज में महिला अधिकारों की रक्षा हो सके।
बड़ा सड़क हादसा कैंटर-कार की भिड़ंत के बाद लगी आग, 4 लोग जिंदा जले एक बुरी तरह घायल
अलीगढ़। कानपुर हाईवे पर गोपी ओवरब्रिज पर मंगलवार सुबह भीषण हादसा घटित हुआ। एक कार डिवाइडर पार कर सामने से आ रहे कैंटर से टकरा गई जिससे दोनों वाहनों में आग लग गई। कार में सवार चार लोग और कैंटर सवार की मृत्यु हो गई। कार सवार एक व्यक्ति को लोगों ने बचा लिया उसे अस्पताल भेजा गया है।
कार गलत दिशा से डिवाइडर पार कर टकराई
कार गलत दिशा से डिवाइडर पार करते हुए कैंटर से टकराई। अकराबाद क्षेत्र में यह हादसा सुबह लगभग 5:45 बजे हुआ। दमकल की गाड़ियां भी काफी देरी से पहुंची। कार अलीगढ़ से कानपुर की ऒर जा रही थी। हादसे का कारण कार चालक को नींद आने या कार असंतुलित होना माना जा रहा है। शवों की अभी पहचान नहीं हुई है। मौके पर एसपी देहात अमृत जैन समेत आसपास के थानों का फोर्स मौजूद है।
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है। यहां पर आज तड़के सुबह कैंटर और कार में आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई और इस हादसे में चार लोग जिंदा जल गए। वहीं एक बुरी तरह से घायल हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इसके बाद घायल को अस्पताल में भर्ती किया गया।
बड़ा सड़क हादसा कैंटर-कार की भिड़ंत के बाद लगी आग, 4 लोग जिंदा जले एक बुरी तरह घायल
टक्कर के बाद लगी आग
जानकारी के अनुसार, यह हादसा अलीगढ़ के अकराबाद थाना अंतर्गत जीटी रोड स्थित गोपी पुल के ऊपर हुआ। एक कैंटर और कार के बीच टक्कर हो गई। जिससे दोनों गाड़ियों में आग लग गई। आग लगने से कार सवार तीन लोग और कैंटर चालक की जिन्दा जलकर मौत हो गई। एक घायल को अस्पताल में भर्ती किया गया है। उसका इलाज जारी है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे शव
वहीं, पुलिस का कहना है कि घायलों को गाड़ी से निकालकर एम्बुलेंस से जेएनएमसी ट्रामा सेन्टर रवाना किया गया। दुर्घटना में चार लोगों के मृत्यु होने की संभावना है। मृतकों की शिनाख्त करके पंचायतनामा व पोस्टमार्टम के लिए शवों को मोर्चरी भिजवाया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
1.40 करोड़ के कर्ज से बचने के लिए भाजपा नेता के बेटे ने खुद की मौत दिखाने नदी में धकेल दी कार
राजगढ़।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर में बीते 5 सितंबर की सुबह कालीसिंध नदी में कार समेत गिरे भाजपा नेता महेश सोनी के बेटे की मौत की साजिश की कहानी का पर्दाफाश सारंगपुर पुलिस ने कर दिया है। ट्रांसपोर्टर बेटे विशाल ने बैंकों का कर्ज खत्म करने के लिए खुद की मौत की कहानी रच ली। कार को नदी से निकालने के बाद पुलिस, प्रशासन, नपा अमला, एसडीआरएफ की टीम के साथ ही 50 के करीब संडावता के संवेदनशील युवा 20 किलोमीटर तक के क्षेत्र में 10 दिन तक नदी में खोजते रहे। 8वें दिन भी जब बॉडी नहीं मिली तो पुलिस ने दूसरे एंगल से पूरे मामले को समझा और सीडीआर निकलवाई तो युवक महाराष्ट्र में जिंदा मिला। खुलासा करते हुए थाना प्रभारी आकांक्षा हाड़ा ने बताया कि 5 सितंबर को सुबह-सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक कार नदी में तैर रही है, कोई गिर गया है। पुलिस टीम गोताखोरों के साथ घटना स्थल पहुंची और कार को निकलवाया। ऊपर लाने के लिए क्रेन बुलवाई। फिर राजगढ़ एसडीआरएफ को सूचना देकर रेसक्यू अभियान चलाया।
राजगढ़ : राजगढ़ के बीजेपी नेता महेश सोनी का बेटा विशाल सोनी को मध्य प्रदेश पुलिस ने महाराष्ट्र के संभाजी नगर से बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े जाने से पहले उसने दोबारा नौटंकी की। उसने पुलिस को बरगलाने के लिए फर्डापुर थाने में अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में विशाल ने कबूल किया कि 1.40 करोड़ रुपये के लोन से बचने के लिए अपनी मौत का नाटक रचा था। 5 सितंबर को उसकी कार कालीसिंध नदी में मिली थी। इसके बाद से पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम 10 दिनों तक नदी में उसकी तलाश कर रही थी।
पांच सितंबर को कालीसिंध नदी में मिली थी कार
पांच सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि काली सिंध नदी में एक कार डूब गई है। यह कार बीजेपी नेता महेश सोनी के बेटे विशाल की थी। पुलिस-प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बचाव अभियान चलाया। गोताखोरों ने कार को निकाला, लेकिन वह खाली थी। गोताखोरों को विशाल का सुराग नहीं मिला। महेश सोनी ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप भी लगा दिए। इसके बाद प्रशासन ने एसडीआरएफ को भी अभियान में शामिल किया। बचाव दल की तीन अलग-अलग टीमों ने लगभग दो सप्ताह तक नदी में 20 किलोमीटर तक तलाश की।
1.40 करोड़ के कर्ज से बचने के लिए भाजपा नेता के बेटे ने खुद की मौत दिखाने नदी में धकेल दी कार
8 दिन बाद पुलिस ने खंगाला कॉल रिकॉर्ड
पुलिस अधिकारी अकांक्षा हाडा ने बताया कि जब आठ दिनों के बाद भी विशाल का कोई पता नहीं चला तो शक गहरा गया। पूछताछ करने पर उसके पिता महेश सोनी और भाइयों ने माना कि विशाल मरा नहीं है। वह किसी रिश्तेदार के यहां छिपा हो सकता है। पुलिस ने विशाल के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि वह महाराष्ट्र में है। फिर मध्य प्रदेश पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से विशाल को संभाजी नगर जिले के फर्डापुर पुलिस स्टेशन इलाके से बरामद कर लिया। विशाल ने पुलिस को बताया कि वह ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करता है। उसके पास छह ट्रक और दो बसे हैं। बिजनेस के सिलसिले में उसने बैंकों से 1.40 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज ले रखा है।
मौत की खबर पढ़कर गया शिरडी
बीजेपी नेता के बेटे ने कबूल किया कि लोन से बचने के लिए उसने खुद अपनी मौत की कहानी गढ़ी थी। उसे पता चला कि अगर बैंक में कर्ज लेने वाले डेथ सर्टिफिकेट जमा की जाती है तो लोन माफ हो जाता है। पांच सितंबर की सुबह 5 बजे विशाल ने गोपालपुरा के पास अपने ट्रक ड्राइवर से पैसे लिए। फिर वह नदी के किनारे गया, अपनी कार की हेडलाइट बंद की। फिर उसने कार को नदी में धकेल दिया और ड्राइवर की बाइक लेकर इंदौर चला गया। अखबारों में अपनी मौत की खबरें पढ़ने के बाद उसने शिरडी और शनि शिंगनापुर में जाकर पूजा की।
धूल में लोटा, कपड़े फाड़े, झूठी एफआईआर की
अकांक्षा हाडा के अनुसार, जब विशाल को पता चला कि पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली है, तो महाराष्ट्र के फर्डापुर पुलिस स्टेशन में अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। खुद को पीड़ित जताने के लिए विशाल सोनी ने अपने कपड़े फाड़ लिए और धूल से खुद को गंदा कर लिया। पुलिस के अनुसार, किसी व्यक्ति को अपनी मौत का नाटक करने के लिए दंडित करने का कोई सीधा संवैधानिक प्रावधान नहीं है इसलिए विशाल को बिना केस दर्ज किए उसके परिवार को सौंप दिया गया है।
किंजल सिंह ने संभाला परिवहन आयुक्त का पदभार, अधिकारियों को निष्ठा और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश
उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी किंजल सिंह ने आज परिवहन आयुक्त का पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर कार्यों, योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की तथा स्पष्ट संदेश दिया कि अब परिवहन विभाग में शिथिलता और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ईमानदारी और निष्ठा सर्वोपरि
बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग की छवि जनता में जिम्मेदार और पारदर्शी बने, इसके लिए सभी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से करना होगा। उन्होंने कहा, “सरकार की मंशा है कि जनता को सरल, त्वरित और प्रभावी परिवहन सेवाएं मिलें। इसके लिए सभी को अपनी भूमिका को समझते हुए काम करना होगा। कहीं भी लापरवाही या जवाबदेही में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।”
समय पर उपस्थिति और कार्य पूर्ण करने पर जोर
किंजल सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समय से कार्यालय में उपस्थित रहें और तय समय सीमा के भीतर कार्यों को पूरा करें। उन्होंने कहा कि नागरिकों को परिवहन विभाग से सीधी सेवाएं मिलती हैं, इसलिए उनकी सुविधा और संतोष विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।“सभी कार्य समय पर पूर्ण हों, जनता को अनावश्यक देरी या परेशानी न हो। यदि अधिकारी और कर्मचारी समयबद्धता तथा पारदर्शिता अपनाते हैं तो प्रदेश में विभाग के प्रति लोगों की सकारात्मक धारणा बनेगी,” उन्होंने कहा।
योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा
बैठक में किंजल सिंह ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि लंबित कार्यों को तत्काल प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और विभाग की उपलब्धियों को आम जनता तक पारदर्शी तरीके से पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचना चाहिए।
जवाबदेही तय होगी
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब विभाग में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। यदि कहीं से शिकायत मिलती है कि कार्य में देरी हो रही है या अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों से भाग रहे हैं, तो इसकी जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग के कामकाज में जवाबदेही और पारदर्शिता ही आम जनता के विश्वास को बढ़ाएगी।
जनता के साथ सकारात्मक संवाद
किंजल सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग सीधे जनता से जुड़ा हुआ है। वाहन पंजीकरण, लाइसेंस, सड़क सुरक्षा, फिटनेस और कराधान जैसे कार्य सीधे आम नागरिकों से संबंधित हैं। इसलिए विभाग का चेहरा ऐसा होना चाहिए जिससे जनता को भरोसा और संतोष मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों से संवाद कायम रखें, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समयबद्ध समाधान दें।
किंजल सिंह ने संभाला परिवहन आयुक्त का पदभार, अधिकारियों को निष्ठा और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश
सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
नव नियुक्त परिवहन आयुक्त ने सड़क सुरक्षा को विभाग की सबसे अहम जिम्मेदारियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को रोकना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन इसके लिए आधुनिक तकनीक, जन जागरूकता और सख्त प्रवर्तन की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर जनता में जागरूकता अभियान चलाया जाए, शराब पीकर वाहन चलाने वालों और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
डिजिटल सेवाओं को और प्रभावी बनाने की जरूरत
बैठक में डिजिटल सेवाओं की समीक्षा करते हुए किंजल सिंह ने कहा कि विभाग की कई सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं, लेकिन अभी भी आम जनता को तकनीकी दिक्कतें और अनावश्यक विलंब का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऑनलाइन पोर्टल और सेवाओं को और अधिक सरल व सुगम बनाया जाए ताकि लोग घर बैठे ही अपनी आवश्यक सेवाओं का लाभ उठा सकें।
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख
किंजल सिंह ने कहा कि परिवहन विभाग में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अब किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या दलाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी जनता से अनुचित लाभ लेने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई होगी।
कर्मचारियों को प्रोत्साहन और सहयोग
सख्ती के साथ-साथ उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरा सम्मान और सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि पूरी टीम उत्साह और जिम्मेदारी के साथ काम कर सके।
पारदर्शिता से बनेगी सकारात्मक छवि
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की छवि जनता में अक्सर मिश्रित रही है। अब समय है कि पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर विभाग को एक सकारात्मक छवि दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी और कर्मचारी मिलकर जिम्मेदारी निभाएंगे तो निश्चित रूप से परिवहन विभाग राज्य सरकार की उपलब्धियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा।
नवरात्रि के शुभ अवसर पर नई शुरुआत
किंजल सिंह ने यह भी कहा कि आज नवरात्रि का पावन पर्व प्रारंभ हुआ है। उन्होंने इसे एक शुभ संयोग बताते हुए कहा कि शक्ति की उपासना के इस अवसर पर उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में परिवहन विभाग नई ऊंचाइयों को छुएगा।
दर्दनाक हादसा तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े 4 लोगों को कुचला, 3 की मौके पर हुई मौत, 1 घायल
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। मानिकपुर थाना क्षेत्र में प्रयागराज-लखनऊ राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक दुकान में घुस गई, जिससे चार लोग इसकी चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। इस हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
कैसे हुआ हादसा? यह हादसा तब हुआ जब कार चालक का तेज गति के कारण वाहन से नियंत्रण खो गया। अनियंत्रित कार सीधे सड़क किनारे स्थित एक दुकान से जा टकराई। हादसे के वक्त दुकान पर कई लोग मौजूद थे। दुर्घटना में मधु सोनकर की मौके पर ही मौत हो गई,
दर्दनाक हादसा तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े 4 लोगों को कुचला, 3 की मौके पर हुई मौत, 1 घायल
जबकि अरविंद और शिल्पा समेत तीन अन्य लोगों को गंभीर हालत में रायबरेली के एम्स अस्पताल ले जाया गया। दुखद है कि इलाज के दौरान इनमें से दो और लोगों ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने हिरासत में लिया आरोपी को हादसे के बाद, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार चालक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस राजमार्ग पर अक्सर वाहन तेज रफ्तार से चलाए जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसे होते रहते हैं।
ट्रम्प ने बगराम एयरबेस वापसी की मांग की, वरना बुरे अंजाम की चेतावनी दी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अफगानिस्तान को बुरे अंजाम भुगतने की धमकी दी है। ट्रम्प ने शनिवार को ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, “अगर अफगानिस्तान बगराम एयरबेस को अमेरिका को वापस नहीं करता है, तो बहुत बुरा होगा।”
इससे पहले ट्रम्प ने गुरुवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, “हम बगराम को वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि, उस जगह से एक घंटे की दूरी पर चीन अपने परमाणु हथियार बनाता है।”
तालिबानी सरकार ने ट्रम्प की इस मांग को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि, सरकार कभी भी अपने इलाके में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, चीन ने ट्रम्प की धमकी का विरोध किया है।
2021 में अमेरिकी सेना की वापसी के कारण अमेरिकी ठिकानों पर तालिबानी सरकार ने कब्जा कर लिया था और काबुल में अमेरिका समर्थित सरकार को गिरा दिया। बगराम एयरबेस को 1950 के दशक में सोवियत संघ और अमेरिका की मदद से बनाया गया था।
ट्रम्प बोले- अगर वे बेस नहीं देंगे, तो आप देखेंगे मैं क्या करता हूं
शनिवार को जब ट्रम्प से पूछा गया कि क्या वह अड्डे पर कब्जा करने के लिए क्या अमेरिकी सेना भेजेंगे, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया और कहा, “हम इस बारे में बात नहीं करेंगे। हम चाहते हैं कि बेस जल्दी वापस मिले। अगर वे नहीं देंगे, तो आप देखेंगे कि मैं क्या करता हूं।”
बगराम एयरबेस अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से 40 किलोमीटर उत्तर में है। यह अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा ठिकाना था। 2001 के 9/11 हमलों के बाद अमेरिका ने इसका इस्तेमाल शुरू किया।
इस एयरबेस पर बर्गर किंग, पिज्जा हट जैसे रेस्तरां थे। वहां इलेक्ट्रॉनिक्स और अफगानी कालीन बेचने वाली दुकानें भी थीं। एक बड़ा जेल परिसर भी था।
चीन की निगरानी करने के लिए बेस पर कब्जा चाहते हैं ट्रम्प
2021 में अमेरिकी सेनाओं ने अफगानिस्तान से वापसी की थी। यह वापसी जो बाइडेन प्रशासन के समय हुई थी। इसके बाद तालिबान ने बगराम एयरबेस और काबुल की सरकार पर कब्जा कर लिया।
ट्रम्प ने बाइडेन के इस फैसले की कई बार आलोचना की है। उन्होंने कहा कि वह कभी बगराम नहीं छोड़ते। ट्रम्प ने मार्च, 2025 में कहा था कि वह बगराम को रखना चाहते थे। इसका कारण चीन की निगरानी करना और अफगानिस्तान के खनिज संसाधनों तक पहुंचना है।
ट्रम्प पहले भी कई जगहों पर अमेरिकी कब्जे की बात कर चुके हैं। उन्होंने पनामा नहर और ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों का जिक्र किया था। बगराम पर उनकी नजर कई सालों से है।
ट्रम्प ने बगराम एयरबेस वापसी की मांग की, वरना बुरे अंजाम की चेतावनी दी
अफगान अधिकारी बोले- अमेरिकी सेना की मौजूदगी स्वीकार नहीं
तालिबान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी जाकिर जलाल ने कहा कि अमेरिकी सेना की मौजूदगी को अफगानिस्तान सरकार पूरी तरह से खारिज करती है।
उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा कि अफगानिस्तान और अमेरिका को एक-दूसरे के साथ जुड़ने की जरूरत है और वे आपसी सम्मान के आधार पर आर्थिक और राजनीतिक संबंध बना सकते हैं, वह भी अफगानिस्तान के किसी भी हिस्से में अमेरिका की सैन्य उपस्थिति के बिना।
जलाल ने कहा, “अफगानिस्तान ने इतिहास में कभी भी सैन्य उपस्थिति को स्वीकार नहीं किया है। दोहा बातचीत और समझौते के दौरान इस संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था, लेकिन व्यापार और दूसरी गतिविधियों के लिए दरवाजे खोल दिए गए हैं।”चीनी प्रवक्ता बोले- टकराव बर्दाश्त नहीं
चीन ने भी ट्रम्प की टिप्पणी पर अपना विरोध जताया, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि “क्षेत्र में तनाव और टकराव को बढ़ावा देने का समर्थन नहीं किया जाएगा”।
उन्होंने कहा, “चीन अफगानिस्तान की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। अफगानिस्तान का भविष्य अफगान लोगों के हाथों में होना चाहिए।”
चीन ने काबुल पर तालिबान के कब्जे के तुरंत बाद सरकार के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। चीन ने अफगानिस्तान में तांबे की खदान और तेल भंडारों को दोबारा शुरू करने के लिए भारी निवेश किया है।
अमेरिका के लिए क्यों खास है बगराम एयरबेस
बगराम एयरबेस अफगानिस्तान का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना रहा है। यह अफगानिस्तान के सेंटर में है, जहां से पूरे देश में आसानी से ऑपरेशन चलाए जा सकते हैं।
साल 2001 में तालिबान शासन गिरने के बाद अमेरिका और नाटो सेनाओं ने बगराम को अपना सबसे बड़ा बेस बना लिया। यहीं से अफगानिस्तान में आतंकवाद विरोधी और सैन्य अभियान चलते थे।
यहां लंबा रनवे, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और मरम्मत सुविधाएं थीं। अमेरिका के लड़ाकू विमान, ड्रोन और हेलिकॉप्टर यहीं से उड़ते थे। बगराम में एक बड़ा डिटेंशन सेंटर भी था, जहां आतंकी और संदिग्ध कैद किए जाते थे।
इसे ‘बगराम जेल’ कहा जाता था। यह ठिकाना अमेरिका की अफगानिस्तान में मौजूदगी का प्रतीक था। 2021 में जब अमेरिकी सेना ने अचानक इसे खाली किया, तो यह तालिबान की बड़ी जीत मानी गई।
बेस पर कब्जा अफगानिस्तान पर फिर आक्रमण जैसा होगा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प की चेतावनी के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि बगराम को दोबारा लेना आसान नहीं होगा। इसके लिए 10 हजार से ज्यादा सैनिकों की जरूरत होगी।
उन्नत हवाई रक्षा प्रणालियां भी लगानी होंगी। यह एक तरह से अफगानिस्तान पर फिर से आक्रमण जैसा होगा। एयरबेस की सुरक्षा भी चुनौती होगी। इसे इस्लामिक स्टेट और अल कायदा जैसे आतंकी समूहों से बचाना होगा।
ईरान से मिसाइल हमले का खतरा भी है। जून 2025 में ईरान ने कतर में अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि तालिबान अगर सहमति दे भी दे, तो भी बगराम को चलाने और बचाने के लिए भारी संसाधन चाहिए। यह एक महंगा और जटिल काम होगा
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ ने साइबर अपराध के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए 98 लाख रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड मृदुल सूर निवासी महेशपुर, थाना इगरा, बंगाल को कोलकाता से गिरफ्तार किया है।
साइबर ठग ने फेसबुक और वॉट्सऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर और अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर दून के व्यक्ति को झांसे में लिया। ठग ने स्वयं को एक कंपनी का प्रतिनिधि और वित्तीय सलाहकार बताकर ऊंचे मुनाफे का लालच दिया।
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ ने साइबर अपराध के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए 98 लाख रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड मृदुल सूर निवासी महेशपुर, थाना इगरा, बंगाल को कोलकाता से गिरफ्तार किया है।
साइबर ठग ने फेसबुक और वॉट्सऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर और अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर दून के व्यक्ति को झांसे में लिया। ठग ने स्वयं को एक कंपनी का प्रतिनिधि और वित्तीय सलाहकार बताकर ऊंचे मुनाफे का लालच दिया।
शुरुआत में छोटे-छोटे रिटर्न देकर पीड़ित को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। 28 जुलाई 2020 से 9 अगस्त 2024 के बीच पीड़ित से अलग-अलग खातों में लगभग 98 लाख रुपये जमा कराए गए। बाद में रकम लौटाने के बजाय आरोपीो ने धमकी और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
शुरुआत में छोटे-छोटे रिटर्न देकर पीड़ित को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। 28 जुलाई 2020 से 9 अगस्त 2024 के बीच पीड़ित से अलग-अलग खातों में लगभग 98 लाख रुपये जमा कराए गए। बाद में रकम लौटाने के बजाय आरोपीो ने धमकी और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।जांच के दौरान यह सामने आया कि मृदुल सूर ने अपनी पत्नी के नाम पर बैंक खाते खुलवाए और ठगी की राशि का इस्तेमाल व्यक्तिगत खर्चों और अन्य खातों में ट्रांसफर के लिए किया। आरोपी लंबे समय तक पुलिस से बचता रहा, जिस कारण न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी कर उसकी गिरफ्तारी की गई।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, चार चेकबुक, तीन पासबुक और दो एटीएम कार्ड बरामद किए। आरोपी के खिलाफ विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं।