नवरात्रि में 12 दिन बंद रखें दुकानें, यूपी के शामली में मीट दुकानदारों को प्रशासन का नोटिस
उत्तर प्रदेश के शामली जिला प्रशासन ने नवरात्रि को लेकर बड़ा कदम उठाया है. धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पूरे जनपद में मीट की दुकानें बंद कराई जा रही हैं. वहीं आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. शामली शहर में लगभग 50 से ज्यादा मीट दुकानदारों को नोटिस दिया गया है कि नवरात्रि में 12 दिन मीट की दुकानें बंद रहेंगी.
शामली शहर में 50 से अधिक मीट की दुकानें संचालित हो रही थीं. सभी दुकानदारों को प्रशासन की ओर से साफ निर्देश दिए गए है कि नवरात्रि के दौरान दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी. अधिकारियों ने कहा है कि यदि कोई भी दुकानदार आदेश का उल्लंघन करते हुए दुकान खोलते पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
नवरात्रि में 12 दिन बंद रखें दुकानें, यूपी के शामली में मीट दुकानदारों को प्रशासन का नोटिस
प्रशासन की इस कार्रवाई का असर पहले दिन से ही दिखना शुरू हो गया है. धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है. उनका कहना है कि नवरात्रि के दौरान माहौल पूरी तरह धार्मिक और शांतिपूर्ण रहना चाहिए, ताकि लोगों की आस्था को ठेस न पहुंचे. जिला प्रशासन ने पुलिस और नगर पालिका की टीमों को लगातार निगरानी में रहने के निर्देश दिए हैं.अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यानी साफ है कि शामली में नवरात्रि की शुरुआत कड़े नियमों और धार्मिक आस्था के सम्मान के साथ की जाएगी. प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और दुकानदारों को नियम मानने की सख्त हिदायत दी गई है.
वहीं दुकानदार नदीम का कहना है कि हम अपनी मर्जी से पहले ही दुकान बंद कर देते हैं, क्योंकि यह मंदिर का रास्ता है और लोग यहां से गुजरते हैं. उनको समस्या ना हो, इसीलिए हम सभी दुकानें 12 दिन के लिए बंद कर देते हैं. सरकार का आदेश हो या फिर किसी का भी, हम मानने के लिए तैयार हैं. वहीं एसपी नरेंद्र प्रताप का कहना है कि यहां सिर्फ पीठ मंदिर शाकुंभरी देवी मार्ग, जो सहारनपुर के क्षेत्र में स्थित है, यह रास्ता वहां से होकर जाता है, जिसकी वजह से नोटिस देकर 12 दिन के लिए दुकान बंद कराई गई है, ताकि कोई भी अप्रिय घटना ना हो.
ट्रेन से कटा युवक, हादसे में अधेड़ की मौत जोधपुर। ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। सड़क पर आये गौवंश की चपेट में आने से स्कूटी सवार अधेड़ की मौत हो गई। बनाड़ थाने में दी रिपोर्ट में भोपालगढ़ के बुड़किया निवासी जयदेव पुत्र हीराराम जाट ने पुलिस को बताया कि 24 सितम्बर को क्षितिज पैट्रोल पंप के पास उसके भाई जगदेव सियाग की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। भगत की कोठी थाने में दी रिपोर्ट में पुरानी लाईन राईकाबाग उदयमंदिर क्षेत्र में रहने वाले सुमित सिंह पुत्र दपलपतसिंह ने पुलिस कोबताया कि2 3 सितम्बर की शाम के समय उसके पिता दलपतसिंह पुत्र देवीसंिह राजपूत एकिट्वा से घर आ रहे थे इसी दौरान पीली टंकी के पास अचानक सड़क पर आये गौवंश की चपेटमें आने से वो संतुलन खोकर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गये। जिन्होने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसी प्राकर विवेक विहार थाने में दी रिपोर्ट में झालावाड़ के खानपुर के राजपुरा निवासी विष्णु कुमार पुत्र सूरजमल भील ने पुलिस कोबताया कि 23 सितम्बर की शाम के समय गुड़ा विश्नोईयान गांव में खेत में काम करते समय उसके भाई रामपाल पुत्र सूरजमल बेहोश हो गया। इलाज के लिये अस्पताल लेकर गये जहा पर उसने दम तोड़ दिया। प्रतापनगर थाने में दी रिपोर्ट मेंं शेरगढ के सोमेशर निवासी शाहबुदीन पुत्र उस्मान खां ने पुलिस कोबताया कि 23 सितम्बर को सिद्धार्थ होटल कायलाना रोड़ पर काम करनेवाले उसके भाई सकूर खां पुत्र घाते खां की हार्ट अटेक से मौत हो गई। दो नाबालिग, एक युवती और तीन युवक लापता जोधपुर। दो नाबालिग के अपहरण का और एक युवती, तीन युवको के बिना बताये घर से लापता होने पर परिजनों ने संबंधित थाने में गुमशुदगी दर्ज करायी। माता का थान थाने में दी रिपोर्ट में हल्का क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने बताया कि उसकी पुत्री 24 सितम्बर की सुबह के समय बिना बताये कही चली गई। उसको शक है कि आरोपी सुरेन्द्र उसको अपहरणकर ले गया। कुड़ी भगतासनी थाने में दी रिपोर्ट में सेक्टर 2 कुड़ी भगतासनी निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि 24 सितम्बर को उसी नाबालिग पुत्री बिना बताये घर से कही चली गई। तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करक जांच और तलाश शुरू की। लूणी थाने में दी रिपोर्ट में फींच निवासी एक युवक ने बताया कि 24 सितम्बर को उसकी बहन बिना बताये कही चली गई। तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मंडोर थाने में दी रिपोर्ट में आदर्श बस्ती नागौरी बेरा मंडोर निवासी सुनील कुमार पुत्र हरदास वाल्मिकी ने पुलिस को बताया कि 23 सितम्बर की दोपहर के समय उसका पुत्र साहिल (21) बिना बताये कही चला गया। माता का थान थाने में दी रिपोर्ट में सैन मंदिर के पास मदेरणा कॉलोनी निवासी हेमेन्द्र पुत्र भानाराम जाट ने पुलिस को बताया कि उसका भाई पुखराज पुत्र भानाराम 23 सितम्बर को बिना बताये कही चला गया। महामंदिर थाने में दी रिपोर्ट में सेवकी खुर्द बावड़ी निवासी दुर्गपाल सिंह पुत्र परबतसिंह ने पुलिस को बताया कि 23 सितम्बर को उसका चचेरा भाई भंवरसिंह पुत्र गायडसंिह महामंदिर क्षेत्र में घर से बिना बताये कही चला गया।
जोधपुर क्राइम फाइल…यहां पढ़िए अपराध समाचार
सूने मकानों में सैंधमारी, सोने चांदी के जेवरात, लेपटॉप चोरी जोधपुर। सूने मकानो के ताले तोड़कर सोने चांदी के जेवरात, नकदी और लेपटॉप क्रेडिट कार्ड चुराकर ले जाने के मुकदमे मकान मालिको ने संबंधित थाने में दर्ज कराये। करवड़ थाने में दी रिपोर्ट में विनायकपुरा निवासी गोपाराम पुत्र सुरजाराम विश्नोई ने पुलिस को बताया कि 24 सितम्बर की दोपहर के समय अज्ञात नकबजनों ने उसेक मकान के ताले तोड़कर बक्से और अलमारी में रखी सोने की कंठी 20 ग्राम, दो सोने की लूंग की जोड़ी 8 ग्राम, 2 या 3 चांदी के सिक्के व 50 हजार रूपये की नकदी चुराकर ले गया। चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में दी रिपोर्ट में रूपनगर स्वाईसी किचन के पीछे पाल रोड़ निवासी दिलीप कुमार पुत्र राधेश्याम शर्मा ने पुलिस को बताया कि 2 सितम्बर से 4 सितम्बर के बीच सूने रहे उसके मकान के ताले तोड़कर अज्ञात नकबजन घर में रखे लेपटॉप, नकदी और क्रेडिट कार्ड चुर्कर ले गया। माता का थान थाने में दी रिपोर्ट में भदवासिया अस्पताल के पास रहने वाले कबाड़ के व्यापारी राजेश पुत्र स्व. फूलचंद जटिया ने पुलिस को बताया कि उसकी कबाड़े की दुकान से 23 सितम्बर की सुबह के समय अज्ञात व्यक्ति गोदाम में रखे तांबे, पीतल व अन्य मेटलस के कट्टे चुराकर ले गया। दो बाईक चोरी :- प्रतापनगर थाने में दी रिपोर्ट में मूलतया चामू के गोदेलाई हाल सुथला ठाकुर जी का मंदिर के सामने रहने वाले कानाराम पुत्र लिखमाराम जाट ने पुलिस को बताया कि 24 सिकतम्बर को अज्ञात व्यक्ति घर के बाहर खड़ी की उसकी बाईक को चुराकर ले गया। सरदारपुरा थाने में दी रिपोर्ट में जीवन हार्डवेयर मोदी आर्किकेड बोम्बे मोटर्स चौराहे के पास रहने वाले राजेन्द्र कुमार पुत्र ओरवचंद राजपुरोहित ने पुलिस को बताया कि 22 सितम्बर की शाम के समय घर के बाहर खड़ी की उसकी बाईक को अज्ञात वाहन चोर चुराकर ले गया। बजरी से भरा डम्पर जब्त जोधपुर। झंवर पुलिस ने एक बजरी से भरे डम्पर को जब्त कर चाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। झंवर तानाधिकारी बंशीलाल ने बड़ला नगर क्षेत्र में अवैध रूप से बजरी का परिवहन कर रहे बालोतरा जिले के मंडली थानान्तर्गत भोमाराम पुत्र मेहराराम देवासी े खिलाफ बीएनएस और एमएमडीआर एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। खाईवाल गिरफ्तार :- महामंदिर थाने के हैडकांस्टेबल गणपतसिंह ने टूटी फाटक के पास गुब्बाखाई कर रहे मोईन पुत्र महबूब को गिरफ्तार कर दाव पर लगी 720 रूपये की राशि और पर्चिया जब्त की। महिला से मारपीट कर चैन छीनी, युवक से नकदी जोधपुर। रास्ता रोककर मारपीट कर सोने की चैन छीनने का मुकदमा महिला ने देवनगर थाने में और रास्ता रोककर गाड़ी में तोडफ़ोड़ कर नकदी छीनने का मुकदमा युवक ने बोरानाड़ा थाने में दर्ज कराया। देवनगर थाने में दी रिपोर्ट में रेजिडेंसी रोड़ बॉम्बे मोटर्स चौराहे के पास रहने वाली श्रीमती आशा देवी पत्नी देवदास सिंधी ने पुलिस को बताया कि 23 सितम्बर की शाम के समय चौधरी कार डेकोर के मालिक ताराचंद चौैधरी ने उसके कर्मचारी महेश कुमार को रोककर मारपीट की और बीच बचाव करने के दौरान उसके साथ भी दुव्र्यवहार कर गले में पहनी सोने की चैन छीनकर ले गया। बोरानाड़ा थाने में दी रिपोर्ट में लूणी के फींच गांव के हमीर नगर निवासी विक्रम पुत्र रामलाल विश्नोई ने पुलिस कोबाया कि 23 सितम्बर को वह भाण्डू चौराहे पर गाड़ी लेकर आये जहां पर दिनेश पुत्र रासाराम, दिनेश पुत्र रामचन्द्र, दिनेश पुत्र घेवरराम, श्यामलाल पुत्र हीराराम ने एकराय होकर उसकी गाड़ी में तोडफ़ोड़ की और उसके पास रखी तीन हजार रूपये की नकदी छीनकर ले गये। युवक पर जानलेवा हमला, मारपीट के मुकदमे दर्ज जोधपुर। आपसी रंजिश के चलते जानलेवा हमला करने का मुकदमा प्रतापनगर थाने में दर्ज कराया गया। जबकि गेस्ट हाउस में घुसकर मारपीट का मुकदमा मंडोर थाने में संचालक ने नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराया। प्रतापनगर थाने में दी रिपोर्ट में गजानंद कॉलोनी सूथला निवासी सूर्यदेव पुत्र प्रभुसिंह चारण ने पुलिस को बताया कि 24 सितम्बर को राहुल बागरी वगैरा ने एकराय होकर उस पर चाकू से जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। मंडोर थाने में दी रिपोर्ट में ढलावता बेरा मंडोर क्षेत्र में गेस्ट हाउस चलाने वाले लक्ष्मणसिंह पुत्र स्व. सोहनसिंह गहलोत ने पुलिस को बताया कि 13 सितमम्बर की सुबह के समय आरोपी खुशाल, अभिशेष और नमन ने एराय होकर उसके गेस्टहाउस में घुसकर उसके साथ मारपीट की। इसी प्रकार चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में दी रिपोर्ट में ज्वाला विहार निवासी जतिन मोटवानी पुत्र स्व. सुधीर मोटवानी ने पुलिस को बताया कि आरोपी ललित परवानी, रूपाराम विश्नोई, शंकर सोलंकी, सुशील बोड़ा ने एकराय होकर उसके प्लाट पर अतिक्रमण किया और विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट और हाथापाई की। कुड़ी भगतासनी थाने में दी रिपोर्ट में सरस्वती नगर निवासी दिलजीत प्राकश पुत्र पुखराज सुथार ने पुलिस कोबताया कि 10 सितम्बर को तीन चार अज्ञात युवकों ने एरकाय होकर उसेक मकान में घुसकर कब्जा कर लिया। जोधपुर। पटवारी परीक्षा में डमी केंडिडेट बैठाने का मुकदमा कोतवाली बारा से प्राप्त एफआईआर पर चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में दर्ज की गई। चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में दी रिपोर्ट में कोतवाली बारा थानाधिकारी ने पुलिस को बताया कि गत माह 17 अक्टूबर को आयोजित पटवारी परीक्षा के दौरान एसेंट एकेडमी स्कूल में आये सेंटर पर आरोपी फलोदी जिले के भोजासर थानान्तर्गत भींयासर के सुभाष नगर गांधी सागर निवासी अनिल पुत्र नेनाराम विश्नोई ने प्रतिभागी परीक्षार्थी जिेतन्द्र सिंह के स्थान पर बैठकर परीक्षा दी थी। शादी के नाम पर ठगी
कुवैत बैंक का आरोप, ‘कुछ केरलवासी लोन लेकर हुए फरार, हुआ बड़ा नुकसान’, मामला दर्ज
कोच्चि। कुवैत के अल अहली बैंक से कथित धोखाधड़ी की शिकायत केरल के कुछ पुलिस थानों में दर्ज कराई गई है। आरोप है कि कुछ मलयालम भाषियों ने अन्य लोगों संग मिलकर बैंक को करोड़ों का चूना लगाया। बैंक को कुल 200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जो विभिन्न हिस्सों के लगभग 806 लोगों द्वारा किया गया है, जिनमें से एक बड़ी संख्या केरलवासियों की है। 2020 और 2023 के बीच कुवैत में काम करने वाले आरोपियों ने कथित तौर पर ऋण लिया और उसे चुकाने में विफल रहे। शिकायतों के बाद, पुलिस ने कोट्टायम और एर्नाकुलम के विभिन्न थानों में वित्तीय धोखाधड़ी, ठगी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले दर्ज किए। बैंक ने आरोप लगाया कि ये ऋण उन्हें धोखा देने के इरादे से लिए गए थे। इसमें शामिल कई लोग कुवैत छोड़कर केरल लौट आए और बाद में संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में चले गए।
कुवैत बैंक का आरोप, ‘कुछ केरलवासी लोन लेकर हुए फरार, हुआ बड़ा नुकसान’, मामला दर्ज
हालांकि, आरोपियों और उनके परिवारों का तर्क है कि कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न वित्तीय संकट ने उन्हें देश छोड़ने के लिए मजबूर किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अपराध शाखा कुवैत के गल्फ बैंक से जुड़े सैकड़ों ऐसे ही मामलों की जांच कर रही है, जहां कई प्रवासी नागरिकों पर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। संयोग से, जब पिछले साल कुवैत के गल्फ बैंक ने केरल राज्य पुलिस प्रमुख के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी (जो उस समय केरल पुलिस द्वारा की गई एक त्वरित कार्रवाई थी) तो कई बकाएदार अपना बकाया चुकाने के लिए आगे आए थे। गल्फ बैंक की शिकायत का संज्ञान केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी लिया था। अल अहली बैंक की शिकायत ने अब इन जांचों का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस को ऋणों के विवरण की पुष्टि करने, फरार व्यक्तियों का पता लगाने और यह पता लगाने का काम सौंपा गया है कि क्या कथित बकाएदारों ने बैंक को धोखा देने के जानबूझकर इरादे से काम किया था। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दोषी पाए जाने वालों पर वित्तीय धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
चैतन्यानंद का ‘काला चिट्ठा’ सामने आया, FIR में कई चौंकाने वाले खुलासे
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती यौन शोषण मामला: भय, सत्ता और शोषण की खौफनाक दास्तान
नई दिल्ली: भारत में एक बार फिर धर्म, सत्ता और शोषण का घिनौना गठजोड़ सामने आया है। इस बार मामला जुड़ा है एक नामी शिक्षण संस्थान और वहां के प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती से, जिनके खिलाफ यौन शोषण के बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगे हैं। एफआईआर में दर्ज विवरण न केवल भयावह हैं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि कैसे एक प्रतिष्ठित धर्मगुरु की आड़ में छात्राओं के साथ वर्षों तक अत्याचार होता रहा, और किस तरह संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्य भी इस कुकृत्य में सहभागी बने।
एफआईआर में लगे गंभीर आरोप
एफआईआर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि स्वामी चैतन्यानंद ने अपनी स्थिति और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए संस्थान की छात्राओं का यौन शोषण किया। आरोप है कि उन्होंने कई छात्राओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया और उन्हें मानसिक, भावनात्मक व यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया।
एक प्रमुख आरोप यह भी है कि एक छात्रा को उसकी इच्छा के विरुद्ध अपना नाम बदलने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उसकी पहचान को नियंत्रित और कमजोर किया जा सके। इससे यह संकेत मिलता है कि कैसे संस्थान की आड़ में छात्राओं की आज़ादी और आत्म-सत्ता पर हमला किया जा रहा था।
रात में बुलाना और विदेश यात्रा का दबाव
एफआईआर में एक और खौफनाक विवरण सामने आया है – छात्राओं को देर रात स्वामी के निजी कक्ष में उपस्थित होने के लिए मजबूर किया जाता था। यह स्पष्ट रूप से यौन शोषण का संकेत है, जो धर्म और शिक्षण की आड़ में किया जा रहा था। इसके अलावा, छात्राओं पर विदेश यात्राओं के लिए दबाव डाला जाता था, जिससे संदेह होता है कि उन्हें संस्थान की सीमा के बाहर भी शोषण के लिए ले जाया जा सकता था।
डीन और स्टाफ की संलिप्तता
इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना देती है संस्थान की डीन श्वेता और अन्य स्टाफ सदस्यों की भूमिका। एफआईआर में दर्ज आरोपों के अनुसार, इन लोगों ने छात्राओं को स्वामी की यौन इच्छाओं के सामने झुकने के लिए मजबूर किया। उन्होंने छात्राओं की शिकायतों को जानबूझकर नजरअंदाज किया और जो छात्राएं विरोध करती थीं, उन्हें निलंबन या निष्कासन की धमकी दी गई।
इससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल एक व्यक्ति का कुकृत्य नहीं था, बल्कि एक संगठित संरचना थी जिसमें कई स्तरों पर लोग शामिल थे – जो या तो स्वामी के भय से या लालच में, इस शोषण को बढ़ावा दे रहे थे।
डर, धमकी और चुप्पी का माहौल
एफआईआर में एक बेहद चिंताजनक पहलू यह भी सामने आया कि छात्राओं और उनके परिवारों को किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप से रोका गया। माता-पिता को मिलने या हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं दी जाती थी। साथ ही, छात्राओं को व्हाट्सएप और एसएमएस के जरिए आपत्तिजनक, अश्लील संदेश भेजे जाते थे।
जब छात्राओं ने इन यौन आग्रहों का विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया कि उनकी डिग्री रोक दी जाएगी और उन्हें आवश्यक दस्तावेज नहीं दिए जाएंगे। यह शिक्षण के नाम पर किए जा रहे शोषण की पराकाष्ठा है, जहां शिक्षा को हथियार बना दिया गया।
चैतन्यानंद का ‘काला चिट्ठा’ सामने आया, FIR में कई चौंकाने वाले खुलासे
7 छात्राओं की गवाही – लेकिन डर अभी भी कायम
एफआईआर में दर्ज है कि कम से कम 7 छात्राएं इस उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। उन्होंने अलग-अलग तरह के यौन शोषण की बात कही है – लेकिन यह भी स्पष्ट किया है कि वे अब भी सामने आने से डर रही हैं। उन्हें अपनी जान का खतरा है। यह डर इस बात का संकेत है कि आरोपी कितना शक्तिशाली और प्रभावशाली है।
छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
सामाजिक और नैतिक विफलता का प्रतीक
यह मामला न केवल एक व्यक्ति की करतूत की कहानी है, बल्कि यह समाज की उस संरचना को भी उजागर करता है जिसमें धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता। धर्मगुरु की छवि के पीछे छिपकर जो लोग अपराध करते हैं, वे लंबे समय तक बच निकलते हैं क्योंकि समाज उन्हें “आस्था” का प्रतीक मान बैठता है।
इस मामले में, छात्राएं इसलिए चुप रहीं क्योंकि उन्हें डर था कि कोई उनकी बात नहीं सुनेगा, या उन्हें ही दोषी ठहरा दिया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई और आगे की राह
अब जब एफआईआर दर्ज हो चुकी है, तो यह आवश्यक है कि पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लें। छात्राओं को सुरक्षा दी जाए, उन्हें मनोवैज्ञानिक सहायता मिले और दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए।
साथ ही, संस्थान के प्रबंधन की भी जांच होनी चाहिए। जो लोग स्वामी के कुकर्मों को जानते थे और फिर भी चुप रहे, वे भी इस अपराध में बराबर के भागीदार हैं।
मीडिया और समाज की भूमिका
मीडिया को चाहिए कि वह इस मामले की निष्पक्ष रिपोर्टिंग करे, न कि सनसनी फैलाने के लिए पीड़िताओं की पहचान उजागर करे। समाज को भी आत्मचिंतन करने की जरूरत है – क्या हमने अपने युवाओं को सुरक्षित वातावरण देने में विफलता नहीं पाई है?
इस मामले को एक उदाहरण बनाना होगा कि चाहे कोई कितना ही बड़ा नाम क्यों न हो, कानून के आगे सब बराबर हैं।
निष्कर्ष
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर लगे आरोप न केवल कानून का मामला हैं, बल्कि यह हमारी नैतिकता, शिक्षा प्रणाली और धार्मिक आस्थाओं की सच्चाई पर भी सवाल खड़े करते हैं। यह समय है जब समाज को धर्म के नाम पर होने वाले शोषण के खिलाफ खड़ा होना होगा।
हर उस छात्रा की हिम्मत को सलाम, जिसने डर और धमकियों के बावजूद अपनी आवाज उठाई। अब बारी हमारी है – कि हम उनकी आवाज बनें, और इस सड़ी हुई व्यवस्था को बदलें।
दिल्ली के जनकपुरी में वसूली की साजिश नाकाम, काला जठेड़ी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
नई दिल्ली । पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी इलाके में एक रेस्टोरेंट से रंगदारी वसूलने की साजिश को नाकाम करते हुए बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो देसी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस, दो स्कूटी और अन्य सामान बरामद किया है। इस कार्रवाई से गिरोह के रंगदारी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। टीम ने इंस्पेक्टर आशु गिरोत्रा और राजौरी गार्डन एसीपी नीराज टोकस के नेतृत्व में काम करते हुए गुप्त सूचनाओं, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। डां और रेड के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया। इनमें से दो आरोपी हाल ही में जमानत पर छूटे थे और पहले भी रंगदारी व हत्या के प्रयास जैसे मामलों में शामिल पाए गए थे।
दिल्ली के जनकपुरी में वसूली की साजिश नाकाम, काला जठेड़ी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ अमित चंडोक (37) के रूप में हुई। वह दिल्ली के निहाल विहार का रहने वाला है। गुरप्रीत के ऊपर 18 से अधिक आपराधिक मामलों का मुकदमा दर्ज है, जिसमें स्नैचिंग, लूट, हत्या का प्रयास और रंगदारी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। दूसरा आरोपी गुरप्रीत उर्फ मन्नी (30) भी दिल्ली के निहाल विहार का रहने वाला है। वह चार से अधिक मामलों में शामिल रहा है, जिनमें रंगदारी वसूली और हत्या का प्रयास है। वहीं, तीसरा आरोपी गुरजीत सिंह (35) दिल्ली के वीरेंद्र नगर का रहने वाला है। पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर नंबर 332/25, धारा 308(4)/3(5) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत थाना हरि नगर में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से काला जठेड़ी गिरोह की रंगदारी गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ा है। पुलिस का अभियान ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा।
महिला की संदेहात्मक मौतः ससुराल वालों पर हत्या कर फांसी पर लटकाने का आरोप
औरंगाबाद जिला के रफीगंज थाना अंतर्गत अदलपुर गांव में बीती रात एक महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान गांव निवासी दीपक पासवान की 29 वर्षीय पत्नी शांति देवी के रूप में की गई है। सूचना मिलते ही रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार अपने दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर कोण से जांच कर रही है, लेकिन शुरुआती स्थिति ने इसे एक जटिल और भावनात्मक विषय बना दिया है, जिसमें घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, आत्महत्या और संभावित हत्या की संभावनाएं गहराती जा रही हैं।
मृतका के भाई मनोज कुमार पासवान, जो उपहारा थाना क्षेत्र के गैनी गांव निवासी हैं, ने अपनी बहन की मौत को साजिश बताते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है। मनोज ने बताया कि उनकी बहन हाल ही में जितिया पर्व के बाद अपने मायके गैनी गांव से ससुराल अदलपुर गांव लौटी थी। वह मुख्यमंत्री रोजगार योजना के अंतर्गत एक फार्म भरने के उद्देश्य से ससुराल गई थी, लेकिन किसी को यह अंदेशा नहीं था कि वह दोबारा जीवित नहीं लौटेगी। मनोज ने आरोप लगाया कि सुबह ग्रामीणों ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि उनकी बहन की मौत हो गई है, और जब परिवारजन घटनास्थल पर पहुंचे, तो पाया कि शव को फंदे से लटकाया गया है। उनके अनुसार यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है जिसे छिपाने के लिए फांसी पर लटकाया गया।
परिवार का यह भी आरोप है कि शांति देवी की शादी वर्ष 2013 में राजेंद्र पासवान के पुत्र दीपक पासवान के साथ हुई थी। विवाह के शुरुआती कुछ दिनों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन जल्द ही घरेलू कलह और मारपीट की घटनाएं सामने आने लगीं। मनोज का कहना है कि बहन को ससुराल में लगातार प्रताड़ित किया जाता था और इसको लेकर कई बार गांव स्तर पर सामाजिक बैठकों का आयोजन भी किया गया था, जिसमें दोनों परिवारों को समझाने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया और अंततः यह दुखद घटना सामने आई।
मृतका शांति देवी के तीन छोटे-छोटे पुत्र हैं। अब उनके सामने मातृस्नेह विहीन जीवन की कठिन राहें खड़ी हो गई हैं। मां की मौत के बाद बच्चों की स्थिति अत्यंत दयनीय है और वे बार-बार अपनी मां को पुकारते हुए देखे गए। यह दृश्य न केवल परिजनों बल्कि गांव के हर व्यक्ति को भीतर तक झकझोर गया। मृतका की मां और अन्य परिजन भी रोते-बिलखते हुए यही कहते सुने गए कि “हमारी बेटी को मार डाला गया, और अब उसे बदनाम किया जा रहा है कि उसने खुदकुशी की है।”
महिला की संदेहात्मक मौतः ससुराल वालों पर हत्या कर फांसी पर लटकाने का आरोप
वहीं दूसरी ओर, कुछ स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। ग्रामीणों ने बताया कि शांति देवी मानसिक रूप से परेशान चल रही थी और घरेलू जीवन में तनाव से जूझ रही थी। हालांकि यह दावे कितने सत्य हैं, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो पाएगा। पुलिस भी इस विरोधाभासी स्थिति को ध्यान में रखते हुए हर कोण से जांच में जुटी हुई है। थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल की स्थिति और परिजनों तथा ग्रामीणों के बयान के आधार पर निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है।
इस मामले ने समाज में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्यों महिलाओं को आज भी घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ता है, क्यों उन्हें बार-बार समझौता करने की सलाह दी जाती है, और क्यों समाज ऐसी घटनाओं पर आंखें मूंदे रहता है जब तक कि कोई दुखद अंत न हो जाए? शांति देवी जैसे हजारों मामलों में महिलाएं सालों तक घरेलू प्रताड़ना सहती हैं, और अंततः या तो मानसिक रूप से टूट जाती हैं, या फिर उन्हें ऐसे हालात में पहुंचा दिया जाता है जहां से लौटना असंभव होता है।
घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़िता के मायके पक्ष के लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, ससुराल पक्ष ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और पुलिस की पूछताछ में सहयोग की बात कही है। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मामला आत्महत्या का है या हत्या का।
पुलिस प्रशासन पर भी अब यह जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष और निष्णात जांच कर सच्चाई को सामने लाए। यदि यह हत्या का मामला है, तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में यह संदेश जाए कि महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि आत्महत्या है, तब भी उन सामाजिक और पारिवारिक कारणों की गंभीरता से समीक्षा होनी चाहिए जिन्होंने एक महिला को यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
घटना की व्यापकता को देखते हुए महिला आयोग, मानवाधिकार संगठन, और स्थानीय प्रशासन को भी सक्रिय होकर मामले की निगरानी करनी चाहिए। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ मृतका के बच्चों के पुनर्वास की भी ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि वे अनाथता की पीड़ा से बच सकें।
यह घटना न केवल एक महिला की मौत है, बल्कि यह समाज की संवेदनहीनता, व्यवस्था की कमजोरी और महिलाओं की असुरक्षा की जीती-जागती तस्वीर है। शांति देवी की असमय और संदिग्ध मौत हम सबके लिए एक चेतावनी है कि अगर समय रहते घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह हमारे सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करता रहेगा।
सहारनपुर: बाइक टक्कर में असलम की हुई मौत, पत्नी व दो अन्य गंभीर रूप से घायल
बाईकों की भिड़ंत में एक मौत,3 घायल…
(सहारनपुर) नकुड क्षेत्र में दो बाईकों की भिड़ंत में आज सुबह एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई जबकि 3 लोग घायल हो गए। आपको बता दे कि गांव घाटमपुर निवासी 50 वर्षीय असलम अपनी पत्नी के साथ बाइक पर सवार होकर धलापड़ा जा रहा था इस दौरान जैसे ही वह शेरमऊ मिल के पास पहुंचा तो सामने से आ रही बाइक के साथ असलम की बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई जिसमें असलम की दर्दनाक मौत हो गई
जबकि असलम की पत्नी और दूसरी बाइक पर सवार दो लोगों को भी गंभीर चोटे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार दूसरी बाइक पर सवार लोग हरियाणा के निवासी थे जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा कि परिवार की जिम्मेदारी असलम के ऊपर ही थी और वह मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था असलम की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
सहारनपुर: बाइक टक्कर में असलम की हुई मौत, पत्नी व दो अन्य गंभीर रूप से घायल
सहारनपुर में तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक सवार तीन छात्रों को कुचल दिया।
इस दर्दनाक हादसे में तीन दोस्तों की एक एक टांग कटकर शरीर से अलग हो गई। घटना के बाद डेढ़ घण्टे तक लोग दर्द से तड़प रहे युवको की वीडियो बनाते रहे। किसी ने भी उनकी कोई मदद नही की। घटना बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से तीनों गंभीर रूप से घायल छात्रों को देहरादून अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने रोडवेज बस को कब्जे में ले लिया है और तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, बिहारीगढ़ निवासी लक्ष्य सैनी,
कपिल और गुरविंद्र बुधवार को बाइक से डाट काली माता मंदिर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार रोडवेज बस ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में तीनों छात्र बाइक समेत सड़क पर दूर जा गिरे और लहूलुहान हो गए। तीनों छात्र अलग-अलग इंटर कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे थे। लक्ष्य जनता इंटर कॉलेज दामोदराबाद में कक्षा 10 का छात्र है। उसके पिता का निधन 10 साल पहले हो चुका है और वह परिवार का इकलौता बेटा है। कपिल कक्षा 11 में पढ़ता है जबकि गुरविंद्र इंटर कॉलेज टांको सुंदरपुर में कक्षा 12 का छात्र है। गुरविंद्र के पिता सुरेंद्र का निधन दो माह पहले ही बीमारी से हुआ था। घर का इकलौता बेटा होने के नाते वह पढ़ाई के साथ सब्जी की दुकान लगाकर परिवार का खर्च चलाता था। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
देवबंद/नागल: थाना नागल की महिला उपनिरीक्षक द्वारा बाद पुलिस मुठभेड़ 01 घायल सहित कुल 04 गोकश/अभियुक्त किए गिरफ्तार
कब्जे से 01 तमंचा .315 बोर व 01 खोखा/ 02 जिंदा कारतूस .315 बोर,02 अवैध छुरे ,
गोकशी करने के उपकरण व 01 जिंदा गोवंश बरामद रात्रि को महिला उप निरीक्षक थाना नागल द्वारा मय फोर्स सिड़की चौकी क्षेत्र में गस्त करते हुए संदिग्ध व्यक्ति/वाहन की चैकिंग कर रही थी।तभी मुखबिर द्वारा पुलिस को सूचना मिली की कुछ व्यक्ति ग्राम दंघेड़ा के जंगलो/खेतो में गोकशी करने की योजना बना रहे हैं।
इस सूचना पर पुलिस टीम जैसे ही ग्राम दंघेड़ा के जंगल की तरफ जाने लगी तो कुछ दुरी पर खेत में से किसी जानवर की आवाज सुनाई दी। जैसे ही पुलिस टीम आवाज की दिशा की और बढ़ी तो देखा की कुछ व्यक्ति हाथ में छुरा लिये हुए गोकशी करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस टीम को अपने नजदीक आता देख गोकशी का प्रयास कर रहे व्यक्तियों द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर खेतों की तरफ भागने का प्रयास करने लगे।
देवबंद/नागल: थाना नागल की महिला उपनिरीक्षक द्वारा बाद पुलिस मुठभेड़ 01 घायल सहित कुल 04 गोकश/अभियुक्त किए गिरफ्तार
पुलिस टीम द्वारा की गयी
आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के बायें पैर में गोली लगने से घायलवस्था में गिरफ्तार किया गया। तीन अन्य बदमाशो/गोकश को कॉम्बिंग के दौरान घेर घौटकर पकड़ लिया गया।एक अन्य बदमाश अंधेरे व खेतो का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। फरार बदमाश की तलाश हेतु लगातार कॉम्बिंग की जा रही है।
घायल/गोकश की पहचान जाहिद पुत्र शाहिद निवासी ग्राम नौजली थाना नागल के रुप में हुई। अन्य तीन गोकश/अभियुक्तगण की पहचान 1. साजिद पुत्र जुनैद 2. महकार पुत्र फुरकान 3.राशिद पुत्र इरफान निवासीगण ग्राम नौजली के रूप में हुई।घायल बदमाश को ईलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार घायल/ गोकश के विरुद्ध थाना नागल पर गोकशी,धोखाधड़ी व मारपीट,गाली गलौज करने आदि आपराधिक घटनाओं में कुल 04 मुकदमें पंजीकृत है। अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस थाने क्यों पहुंचे राम और रावण? ऋषिकेश में सीता स्वयंवर के बीच रामलीला मंडली में मचा बवाल
ऋषिकेश:
तीर्थनगरी ऋषिकेश के पुराने रेलवे रोड पर स्थित दशकों पुरानी सुभाष बनखंडी श्रीराम लीला कमेटी के परिसर में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामलीला रंगमंचन करने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। मामला पुलिस तक पहुंचने और रामलीला के किरदारों तथा रामलीला कमेटी के सदस्यों के खिलाफ हुए मुकदमों से नाराज श्रीरामलीला के सभी पात्रों ने श्रीरामलीला की वेषभूषा में कमेटी के पदाधिकारियों सहित ऋषिकेश कोतवाली में प्रदर्शन कर उनके ऊपर किए गए झूठे मुकदमों का आरोप लगाते हुए अपनी गिरफ्तारी की मांग करी। और कोतवाली में ही श्रीराम का दरबार सजा डाला।
रामलीला कमेटी के कलाकारों और पदाधिकारियों ने लगाया झूठे मुकदमे दर्ज करने का आरोप किया, हनुमान चालीसा का पाठ। मंगलवार की देर रात सुभाष बनखंडी श्रीरामलीला कमेटी के कलाकारों सहित पदाधिकारियों पर हुए मुकदमों को लेकर श्रीरामलीला कमेटी के समस्त कलाकारों श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, हनुमान, रावण, कुंभकर्ण, विभीषण सहित सभी पात्रों ने रामलीला की वेशभूषा में सजधज कर ऋषिकेश पुलिस कोतवाली पहुंच कर उनके ऊपर किए गए झूठे मुकदमों का आरोप लगाते हुए नाराजी जाहिर कर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
पुलिस कोतवाली में विभीषण की बिगड़ी तबीयत, पहुंचाया अस्पताल
कई घंटों तक चले हाई बोल्टेज प्रदर्शन के चलते विभीषण की तबीयत अचानक कोतवाली में ही बिगड़ गई। जिसे तत्काल पैदल ही रामलीला कमिटी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने राजकीय अस्पताल ऋषिकेश पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने विभीषण की स्थिति गम्भीर देखते हुए उपचार कर भर्ती कर लिया।
पुलिस थाने क्यों पहुंचे राम और रावण? ऋषिकेश में सीता स्वयंवर के बीच रामलीला मंडली में मचा बवाल
रामलीला करने, श्रीराम बारात निकालने, दशहरे वाले दिन रावण दहन के लिए शोभायात्रा निकालने की मांग
श्री रामलीला कमेटी की तरफ से प्रस्तावित रामलीला करने और राम बारात निकालने, दशहरे के दिन रावण दहन करने के लिए शोभायात्रा निकाले जाने की अनुमति ना मिलने के साथ ही आए दिन कलाकारों और पदाधिकारियों पर होने वाले मुकदमों से परेशान होकर अपनी गिरफ्तारी देने की मांग ऋषिकेश पुलिस कोतवाली से करी
श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष और महामंत्री ने लगाया पूर्व पदाधिकारियों पर संपत्ति कब्जा करने और सरकार को गुमराह करने का आरोप। मौके पर कमेटी के अध्यक्ष हरिराम अरोड़ा और महामंत्री योगेश कालरा ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस शिकायत प्रकोष्ठ में बैठे एक व्यक्ति और रामलीला कमेटी से जुड़े रहे पूर्व पदाधिकारियों सहित कुछ अन्य राजनीतिक रसूखदार लोगों द्वारा कमेटी और उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से सरकार और प्रशासन को गुमराह और भ्रमित कर स्थानीय कलाकारों, संगीतज्ञ तथा रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों पर लगातार मुकदमे किये जा रहे हैं। तथा उन्हें हिन्दू आस्था से जुड़ी रामलीला किए जाने से रोका जा रहा है।
उपजिलाधिकारी ने दिया अनुमति का आश्वासन
कोतवाली परिसर में घंटों चले प्रदर्शन के बाद उपजिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फोन पर श्री रामलीला कमेटी को रामलीला मंचन किए जाने और रावण दहन के लिए शोभायात्रा निकाले जाने की अनुमति देने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री पुस्कर सिंह धामी से करी रामलीला रुकवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। रामलीला कमेटी ने सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मांग की है कि उनके द्वारा जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप कर रामलीला को रुकवाने का प्रयास करने वाले षड्यंत्रकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रामलीला के सभी कलाकारों और पदाधिकारियों पर हुए झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए। और धार्मिक कार्यक्रम से राजनीति को दूर रखा जाए।
6 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकती है बिहार चुनाव की घोषणा, EC ने मुख्य सचिव को भेजा पत्र
बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है.
ताजा अपडेट है कि 6 अक्टूबर के बाद कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है. चुनाव आयोग की ओर से तारीखों का ऐलान किया जा सकता है. बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को निर्वाचन आयोग ने पत्र भेजा है. सभी विभागों में ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
दरअसल निर्वाचन आयोग (बिहार) के पत्र में 6 अक्टूबर तक सभी ट्रांसफर-पोस्टिंग की जानकारी देने की बात कही गई है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि इसके बाद कभी भी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीख सामने आ सकती है. 23 सितंबर की तारीख में निर्वाचन आयोग (बिहार) की ओर से यह पत्र जारी किया गया है. पत्र पर विनोद सिंह गुंजियाल का हस्ताक्षर है जो बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी हैं.
सूत्रों की मानें तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी बिहार आएंगे. निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव के अलावा राज्य के पुलिस महानिदेशक, विकास आयुक्त और सभी विभागों के प्रधान सचिव को भी पत्र लिखा है.
6 अक्टूबर के बाद कभी भी हो सकती है बिहार चुनाव की घोषणा, EC ने मुख्य सचिव को भेजा पत्र
चुनाव को लेकर जोर-शोर से चल रही तैयारी
बता दें कि बिहार में विधानसभा की 243 सीटें हैं. मुख्य मुकाबला एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच है. हालांकि जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की एंट्री से इस बार का मुकाबला रोमांचक होगा. चुनाव को लेकर सारे दल जोर-शोर से तैयारी में लगे हैं. कहीं यात्रा हो रही है तो कहीं सम्मेलन हो रहा है.
अभी बीते बुधवार को ही पटना में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई थी. इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे थे. बिहार चुनाव को लेकर यही कहा जा सकता है कि हर दल के नेताओं की ओर से पूरी ताकत झोंक दी गई है. अब देखना होगा कि इसका नतीजा चुनाव के बाद किसके पक्ष में आता है.