मुंबई में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, तीन महिलाएं गिरफ्तार
मुंबई। मुंबई के वीपी रोड पुलिस ने एक हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इन पर 46 वर्षीय व्यवसायी को फंसाकर उससे 35,000 रुपये की उगाही करने का आरोप है। इस मामले में एक अन्य महिला फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार महिलाओं को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, दक्षिण मुंबई में महिलाओं द्वारा संचालित यह हनीट्रैप गिरोह कई जबरन वसूली की घटनाओं में शामिल है। मामला जलगांव के एक व्यवसायी से जुड़ा है, जो काम के सिलसिले में मुंबई आया था। 30 सितंबर को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) के बाहर एक महिला ने उससे संपर्क किया और 500 रुपये में यौन सेवाएं देने का झांसा दिया। व्यवसायी के सहमत होने पर वह उसे टैक्सी से गिरगांव के भारत भवन होटल के पास एक इमारत में ले गई। वहां पहले से मौजूद एक अन्य महिला ने व्यवसायी से कपड़े उतारने को कहा।
मुंबई में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, तीन महिलाएं गिरफ्तार
जैसे ही उसने अपना फोन निकाला, महिला ने चिल्लाकर उस पर वीडियो रिकॉर्डिंग का आरोप लगाया। तभी तीन अन्य महिलाएं कमरे में घुस आईं और उसका फोन जबरन अनलॉक करवाकर एक मोबाइल ऐप के जरिए 22,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए। इसके बाद उन्होंने उसे सार्वजनिक रूप से बदनाम करने की धमकी देकर उसके बटुए से 13,000 रुपये नकद भी छीन लिए और चुप रहने की चेतावनी दी। डर के कारण व्यवसायी पहले चुप रहा, लेकिन बाद में उसने वीपी रोड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने ऑनलाइन ट्रांसफर की पुष्टि की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन महिलाओं, माजिदा नूर सरदार गाझी (35), रूपा विश्वनाथ दास (47) और नसिम्मा जमान शेख (38) को गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त (जोन 2) मोहित गर्ग ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस को शक है कि यह गिरोह अन्य लोगों को भी इसी तरह निशाना बना चुका है। कई पीड़ित सामाजिक डर के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराते। पुलिस अब जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह किसी बड़े उगाही रैकेट का हिस्सा है।
केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा डीए
नई दिल्ली । नए महीने की शुरुआत के साथ ही फेस्टिव सीजन में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों को दिवाली का तोहफा दे दिया है। कैबिनेट की बैठक में लिए फैसले के तहत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ा दिया गया है। महंगाई भत्ते को लेकर 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है, जिसके बाद महगांई भत्ता कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का 58 प्रतिशत हो गया है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए यह बढ़ा हुए डीए इस वर्ष के 1 जुलाई से प्रभावी होगा। केंद्र सरकार के इस फैसले से करीब 49.19 लाख कर्मचारियों और 68.72 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। यह बढ़ोतरी स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार की गई है, जो 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है। अमूमन सरकार की ओर से महंगाई भत्ते को लेकर बढ़ोतरी का एलान फेस्टिव सीजन के दौरान ही होता है। केंद्र की ओर से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई से राहत देने के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दी जाती है।
केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने दिया दिवाली का तोहफा, 3 प्रतिशत बढ़ा डीए
केंद्रीय कैबिनेट की ओर से इससे पहले इस वर्ष की शुरुआत 1 जनवरी 2025 को महंगाई भत्ते और महंगाई राहत (डीआर) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी। इस बढ़ोतरी का करीब 1.15 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगी को फायदा मिला था। सरकार द्वारा इस बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता बैसिक सैलरी के 55 प्रतिशत हो गया था। यह बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर तय फॉर्मूले के तहत की गई थी। डीए 58 प्रतिशत होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों को भत्ते के तौर पर कितने रुपए मिलेंगे इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है। मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपए है तो उन्हें महंगाई भत्ते के रूप में अभी तक 27,500 रुपए मिलते होंगे। डीए में इस वर्तमान बढ़ोतरी के बाद यही राशि 29,000 रुपए हो जाएगी। यानी 50 हजार रुपए की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को इस बढ़ोतरी से कुल 1500 रुपए अधिक मिलेंगे। यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में देखी जाएगी। कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर की बकाया राशि अक्टूबर की सैलरी के साथ ही दिया जाएगा।
केंद्र से ₹20,000 करोड़ की मांग पर अड़ी पंजाब सरकार, SDRF फंड के आंकड़ों को बताया भ्रामक
पंजाब। पंजाब विधान सभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ राहत के मुद्दे पर केंद्र सरकार के रवैये को लेकर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य अपने हक की मांग कर रहा है, भीख नहीं। मान ने विधानसभा में पिछले 25 वर्षों के SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) के पूरे आंकड़े सदन के समक्ष रखते हुए केंद्र के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र द्वारा SDRF में ₹12,000 करोड़ पड़े होने का दावा पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है। मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल सहित पिछले 25 सालों में राज्य को SDRF के तहत कुल मिलाकर केवल ₹6,190 करोड़ ही प्राप्त हुए है। इसमें से अधिकांश राशि पहले ही विभिन्न आपदाओं – बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में खर्च हो चुकी है। वर्तमान में SDRF खाते में केवल लगभग ₹1,200 करोड़ ही शेष बचे है, जो इस विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए नाकाफी है। 2025 अगस्त में आई भयंकर बाढ़ ने पंजाब के लगभग 1,400 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया और चार लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए। राज्य के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में व्यापक तबाही हुई, जिसमें हजारों एकड़ खड़ी फसलें नष्ट हो गई। गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों का भारी नुकसान हुआ। किसान संगठनों के अनुसार, लगभग 75,000 किसान परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गए है और उन्हें तत्काल राहत की सख्त ज़रूरत है। राज्य सरकार द्वारा किए गए प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बाढ़ से हुए कुल नुकसान का अनुमान ₹13,800 करोड़ है। इसमें कृषि क्षति, बुनियादी ढांचे को नुकसान, सड़कों और पुलों की क्षति, बिजली और पानी की आपूर्ति व्यवस्था को हुए नुकसान को शामिल किया गया है। हालांकि, राज्य सरकार का मानना है कि वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक हो सकता है क्योंकि कई दूरदराज के इलाकों में अभी भी सर्वेक्षण का काम चल रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने केंद्र से ₹20,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की मांग की है।
केंद्र से ₹20,000 करोड़ की मांग पर अड़ी पंजाब सरकार, SDRF फंड के आंकड़ों को बताया भ्रामक
केंद्र सरकार ने अब तक केवल ₹1,600 करोड़ की राशि स्वीकृत की है, जिसे राज्य सरकार और विपक्षी दलों ने “समुंद्र में बूंद” करार दिया है। केंद्र की ओर से यह भी सुझाव दिया गया कि राज्य SDRF में पड़े ₹12,000 करोड़ के फंड का उपयोग करे। इस पर मुख्यमंत्री मान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह दावा “फ़िज़ूल कल्पना” और “अंकों की बाज़ीगरी” से ज़्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि SDRF का पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रख दिया गया है और कोई भी इसे जांच सकता है। विधानसभा में अपने भाषण में मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “हम केंद्र से भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपने हक की मांग कर रहे हैं। GST के तहत राज्य का ₹50,000 करोड़ से अधिक रुका हुआ है, ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए ₹8,000 करोड़ से अधिक अटका पड़ा है। ऐसे में आपदा के समय राज्य को उचित मदद न देना और भ्रामक आंकड़े पेश करना दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने केंद्र से अपील की कि आपदा प्रबंधन जैसे संवेदनशील मामले में राजनीति को बीच में न लाया जाए और संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया जाए। राज्य सरकार ने अपने स्तर पर राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी है। प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता देने के लिए राज्य के संसाधनों से ही शुरुआती मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहायता राशि वितरित की जा रही है। हालांकि, राज्य के सीमित संसाधनों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि बिना केंद्र की पर्याप्त मदद के इस विशाल आपदा से निपटना संभव नहीं होगा। पंजाब सरकार ने केंद्र से एक बार फिर अपील की है कि वे तत्काल ₹20,000 करोड़ के राहत पैकेज को मंजूरी दें ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।
स्कॉर्पियो से टक्कर मार कर व्यापारी का अपहरण, मारपीट के बाद 36 हजार की वसूली फिरौती
चूरू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर दो मुख्य अभियुक्तों को दबोचा; स्कॉर्पियो और बाइक जब्त, अन्य साथियों की तलाश जारी चूरू। चूरू पुलिस ने अपहरण और फिरौती के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों ने एक कार को टक्कर मारी, पीछा करने पर व्यवसायी का अपहरण किया, फिर आंखों पर पट्टी बांधकर अज्ञात जगह ले जाकर उसके साथ मारपीट की और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए 36 हजार रुपये की फिरौती वसूली। जिला पुलिस अधीक्षक जय यादव आईपीएस ने बताया कि यह वारदात 24 सितंबर 2025 को हुई। पीड़ित अनिल कुमार जो अमरसर ग्राम सेवा सहकारी समिति के व्यवस्थापक हैं ने साण्डवा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार कातर छोटी बस स्टैंड पर एक स्कॉर्पियो चालक ने जानबूझकर उनकी ऑल्टो कार को टक्कर मारी। जब व्यापारी अनिल ने टक्कर मारने वाली स्कॉर्पियो का पीछा किया, तो उसमें सवार 6-7 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और जबरन गाड़ी से उतार कर अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद बदमाश उन्हें किसी सुनसान जगह ले गए, बुरी तरह से पीटा और जान से मारने की धमकी दे परिजनों से फिराती मांगी और ₹36,000 की राशि ऑनलाइन अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।
स्कॉर्पियो से टक्कर मार कर व्यापारी का अपहरण, मारपीट के बाद 36 हजार की वसूली फिरौती
अगली सुबह मोटरसाइकिल पर बैठाकर साजनसर गांव की रोही में पटक कर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अति. पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार और वृताधिकारी प्रहलाद राय के निर्देशन में साण्डवा थानाधिकारी जयप्रकाश के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। गहन छानबीन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर टीम ने वारदात में शामिल दो मुख्य आरोपियों हंसराज जाट पुत्र मोहन लाल (24) और भैरू सिंह पुत्र करणी सिंह राजपूत (38) निवासी लिखमीसर थाना शेरुणा बीकानेर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने फिरौती में प्रयुक्त स्कॉर्पियो और मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्तों को मंगलवार 30 सितंबर को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह में शामिल अन्य फरार सदस्यों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी में हेड कांस्टेबल महावीर सिंह की अहम भूमिका रही।
दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार
नई दिल्ली । दक्षिण-पश्चिम जिले के संजय वन किशनगढ़ के पास अरुणा आसफ अली रोड पर बुधवार सुबह 6:15 बजे दिल्ली पुलिस की ऑपरेशन सेल और दो अपराधियों के बीच गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हो गया, जबकि दूसरे को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। दक्षिण-पश्चिम जिले की विशेष स्टाफ टीम, प्रभारी निरीक्षक विजय बालियान के नेतृत्व में, गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई कर रही थी। पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों, अरमान (26 वर्ष) और बशीर (24 वर्ष), दोनों जेजे कॉलोनी, बवाना के निवासियों, को रोकने की कोशिश की। पुलिस को देखकर अपराधियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें अरमान के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। वहीं, बशीर को एक अवैध बंदूक और जिंदा कारतूस के साथ मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया।
दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार
मुठभेड़ के दौरान अरमान द्वारा चलाई गई एक गोली एक पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी, लेकिन किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। घटनास्थल पर अपराध शाखा और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीमों को बुलाया गया, जिन्होंने साक्ष्य एकत्र किए और जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। अरमान पर लूट, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के तहत 50 से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि बशीर भी कई अपराधों में शामिल रहा है। इस घटना के बाद थाना किशनगढ़ में हत्या के प्रयास, अवैध हथियार और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की गहन जांच कर रही है। यह मुठभेड़ दिल्ली पुलिस की अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का हिस्सा है। स्थानीय लोग इस घटना से सकते में हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है।
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया
मेरठ । उत्तर प्रदेश पुलिस त्योहारों के बीच आपत्तिजनक कमेंट और पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रख रही है। इसी क्रम में मेरठ में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में युवक को पकड़ा गया है। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय तुषार चौहान के रूप में हुई है, जो थाना गंगानगर क्षेत्र के गंगा ग्रीन सिटी फेस-2 का निवासी है। यह घटना 30 सितंबर को सामने आई, जब तुषार चौधरी के इंस्टाग्राम आईडी से एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में कथित तौर पर ‘पैगंबर’ और ‘अल्लाह’ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। वीडियो के वायरल होने के बाद फरदीन नाम के व्यक्ति ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और आरोपी तुषार चौहान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया, जिससे वीडियो पोस्ट किया गया था।
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो में युवक की तरफ से अभद्र टिप्पणियां की गई थीं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है। यह मामला ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर को लेकर विवाद है। नवरात्रि के बीच पिछले कुछ हफ्तों में राज्य के कई अलग-अलग हिस्सों में यह पोस्टर देखे गए। विशेष रूप से बरेली में पोस्टर विवाद के बीच हंगामा हुआ था, जहां स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बरेली के अलावा कानपुर, उन्नाव, औरेया और महराजगंज जैसे इलाकों में पोस्टर नजर आए। ‘आई लव मोहम्मद’ पर विवाद उस समय और बढ़ा, जब जगह-जगह हिंदू पक्ष की तरफ से ‘आई लव महादेव’ के पोस्टर जारी हुए। फिलहाल, पुलिस सोशल मीडिया पर किए जाने वाले आपत्तिजनक कमेंट और पोस्ट को लेकर सतर्क है।
आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत पटाखे/ आतिशबाजी के संग्रहण/ बिक्री के सम्बन्ध मे DIG रेंज मेरठ ने दिये दिशा निर्देश
पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र श्री कलानिधि नैथानी ने बताया कि
आगामी विजयदशमी एवं दीपावली के त्यौहार पर लोग पटाखे/आतिशबाजी का प्रयोग करते है पटाखे / आतिशबाजी के निर्माण संग्रहण के समय असावधानीवश एवं कतिपय प्रकरणों मे अवैध संचालन / परिवहन के कारण दुर्घटना घटित होने की सम्भावना बनी रहती है जिनके बचाव हेतु परिक्षेत्र के जनपदो को महोदय द्वारा निम्नाकिंत दिशा- निर्देश दिए गये है-
विस्फोटक नियमावली 2008 के नियम 83,84,85,86 मे निहित अस्थायी दुकानों/ भण्डारण/ निर्माण/ परिवहन हेतु निहित प्रावधानो का अनुपालन सुनिश्चित करें।
परिक्षेत्र के जनपदो मे थाना स्तर पर पूर्व मे विस्फोटक पदार्थो की दुकाने लगाने वाले व्यापारियों/दुकानदारो के साथ गोष्ठी आयोजित कर मानको व निर्देशों से अवगत करा दिया जाये विगत समय में विभिन्न जनपदों में पटाखों/आतिशबाजी के विक्रेताओं द्वारा अवैध आतिशबाजी निर्माण हेतु बारूद के अवैध भण्डारण के कारण कतिपय दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें जनहानि के साथ चल-अचल सम्पत्ति की भी भारी क्षति होती है। अतः ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने हेतु विस्फोटकों के भण्डारण/निर्माण/विक्रय व आतिशबाजी की दुकानों के अस्थाई/स्थाई लाइसेंस धारकों को निर्देश निर्गत कर उनका अनुपालन सुनिश्चित करा लिया जाए ।
विस्फोटक पदार्थ/पटाखों के निर्माण स्थलों की आकस्मिक/ प्रभावशाली निरीक्षण/ चैकिंग तात्कालिक रूप से एवं त्यौहारों के दृष्टिगत नियमित रूप से की जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर जनपद में सभी अनुज्ञापी आतिशबाजी के निर्माता के भंडार गृहों की चैकिंग कर ली जायह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि विस्फोटक सामग्री का संग्रहण आबादी क्षेत्र मे नही होना चाहिए, ना ही विस्फोटक साम्रगी की मात्रा लाइसेन्स में वर्णित सीमा से अधिक होनी चाहिए
आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत पटाखे/ आतिशबाजी के संग्रहण/ बिक्री के सम्बन्ध मे DIG रेंज मेरठ ने दिये दिशा निर्देश
एलआईयू एवं स्थानीय थानो के द्वारा भी गोपनीय सूचना एकत्र की जाये कि
अनुज्ञापियों के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा अवैध रुप से आतिशबाजी निर्माण/ संग्रहण तो नहीं किया जा रहा है। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा इस प्रकार का अवैध संग्रहण किया जा रहा हो तो उसके विरूद्ध प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही की जाए।विस्फोटक सामग्री की अवैध बिक्री एवं निर्धारित मानकों के विपरीत विस्फोटक पदार्थों का प्रयोग करने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध नियमानुसार जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही कर ली जाए। ।
विस्फोटक सामग्री का परिवहन निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ही कराया जाए नियम विरूद्ध परिवहन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध परिवहन विभाग से सम्नव्य स्थापित कर कार्यवाही की जाए।
किसी स्थान पर अवैध / भारी मात्रा मे विस्फोटक सामग्री पाये जाने की सूचना मिलने पर डॉग स्क्वाड का प्रयोग किया जाये । आवश्यकता पडने पर बम निरोधक दस्ते की सहायता ली जाए।
बस स्टैण्ड/रेलवे स्टेशन के बाहर संघन चैकिंग अभियान चलाया जाए अगर चैकिंग के दौरान किसी व्यक्ति के पास अवैध विस्फोटक पदार्थ बरामद हों ऐसे व्यक्तियों से सघन पूछताछ क्षेत्राधिकारी स्तर पर की जाए।
पुलिस टीम द्वारा विस्फोटक पदार्थों को अधिगृहीत करते समय/अधिगृहीत किये गये विस्फोटक को अभिरक्षा में रखते समय विशेष सावधानी बरती जाये।
पटाखों/विस्फोटक पदार्थों के प्रयोग के दौरान होने वाले अग्निकांडों को समय से नियंत्रित करने हेतु अग्निशमन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को सजग रहने हेतु निर्देशित किया जाए।
अग्निशमन केन्द्रों पर उपलब्ध कर्मियों एवं उपकरणों को व्यवस्थित एवं क्रियाशीलता की दशा में तैयार रखा जाए ।
सम्भावित दुर्घटनाओं के आकार एवं गम्भीरता के आधार पर पूरक सहायता प्राप्त करने हेतु स्थानीय निजी अग्निशमन सेवाओं का नियोजन एवं समन्वय कर लिया जाय।
त्योहारों के दौरान Peak Hours में नगर के Strategic Point पर उपलब्धता के आधार पर अग्निशमन वाहन की तैनाती करायी जाये।
समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया जाए कि वे अपने क्षेत्र के स्वयंसेवी संस्थाओं, डिजिटल वालन्टियर, सम्भ्रान्त व्यक्तियों से वार्ता कर क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों की सूचना प्राप्त कर सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें
बरेली बवाल में पुलिस पर फायरिंग करने वाले बदमाश का हाफ एनकाउंटर, बोला- हिंसा भड़काने के लिए इन दो लोगों ने कहा था
बरेली: बीते शुक्रवार (26 सितंबर) को जुमे की नमाज के बाद बरेली में बवाल हुआ था।
जमकर हिंसा भड़की थी। इस मामले में पुलिस-प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। मौलाना तौकीर रजा समेत कई लोगों को जेल भेज दिया गया है। वहीं, मंगलवार को बवाल में शामिल एक बदमाश को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया है।
मिल रही जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर को बारादरी थाना क्षेत्र के रुहेलखंड चौकी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। बताया गया कि श्यामगंज पुल के पास फायरिंग करने वाला आरोपी हारुन नगला पुल के पास बिना नंबर की काली अपाचे बाइक के साथ खड़ा है। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम एक्टिव हो गई और घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा। जब पुलिस ने पीछा किया तो आरोपी राधा माधव स्कूल के पास पानी टंकी के पास अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दिया और पुलिस पर फायरिंग करने लगा। इस पर पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई और वह वही गिर पड़ा।
बरेली बवाल में पुलिस पर फायरिंग करने वाले बदमाश का हाफ एनकाउंटर, बोला- हिंसा भड़काने के लिए इन दो लोगों ने कहा था
पुलिस टीम पर की थी फायरिंग
घायल बदमाश को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से एक 315 बोल का तमंचा, खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और अपाचे बाइक बरामद की है। पकड़े गए आरोपी की पहचना ताजिम (28) पुत्र हसीन के रूप में हुई है। आरोपी काजी टोला थाना बारादरी का रहने वाला है। आरोपी पर गोकशी और गैगस्टर एक्ट में मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी बदमाश ने बताया कि मौलाना तौकीर रजा और सभासद अनीश ने दंगा भड़काने के लिए अवैध असलहे के साथ भीड़ में शामिल होने के लिए कहा था। आरोपी ताजिम ने ही 26 सितंबर को श्यामगंज पुल के पास पुलिस पर फायरिंग की थी।
मौलाना तौकीर रजा का दामाद गिरफ्तार
मौलाना तौकीर रजा का दामाद मोहसिन रजा को अब इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। मोहसिन रजा के रिजॉर्ट को भी सील कर दिया गया है। मोहसिन रजा पर के घर पर भी कार्रवाई के लिए बीडीए की टीम उसके घर पहुंची है। मोहसिन रजा के मैरिज लॉन को सील किया गया है। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद भड़की इस हिंसा में अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सड़क दुर्घटनाएं न केवल व्यक्तिगत रूप से दुखद हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी नुकसानदेह
सड़क दुर्घटनाओं में जिंदगी गवां रहे लोग जिम्मेदार..?
यातायात के नियम को पालन न करना हमारी आदत में शुमार..!! दुर्घटनाओं में होने वाले सामाजिक-आर्थिक नुकसान पर भी विचार करने की जरूरत है!आज ही मुज़फ्फरनगर में सड़क हादसे के कारण कई लोगो की मौत हो गई और ना जाने रोज कितने हादसों में लोग अपनी जाने गवां देते है! हादसों के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान और उनसे सामाजिक नुकसान पर कम ही विचार किया जाता है। इसमें स्वास्थ्य सेवा पर खर्च, दुर्घटना में घायल लोगों की उत्पादकता में कमी और पुनर्वास तथा परिवार के सदस्यों को होने वाली परेशानी शामिल है। सड़क दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता है! सड़क दुर्घटनाएं न केवल व्यक्तिगत रूप से दुखद हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी नुकसानदेह है।
सड़कों को सुरक्षित बनाना,
वाहन चालकों को प्रशिक्षण देना और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने जैसे प्रावधान कर इसकी भरपाई की जा सकती है।सड़क दुर्घटनाएं पीड़ित परिवारों के लिए मुश्किलें लेकर आती हैं। ये आय में कमी, जीवन स्तर में गिरावट और मानसिक तनाव पैदा कर सकती हैं। सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत या चोट से परिवार के कमाऊ सदस्य की आय बंद हो जाती है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। गंभीर चोटों के इलाज में भारी खर्च आता है, जिससे परिवार कर्ज में डूब जाता है। दुर्घटना के कारण परिवार को अपने घर या व्यवसाय को खोना पड़ सकता है। दुर्घटना के बाद परिवार के सदस्यों के बीच सामाजिक जुड़ाव में कमी आती है। दुर्घटना से पीड़ित परिवार सामाजिक रूप से अलग-थलग महसूस करता है। दुर्घटना के कारण परिवार के सदस्यों को अपनी शिक्षा या व्यवसाय को बीच में ही छोड़ना पड़ता है।
सड़क दुर्घटनाएं न केवल व्यक्तिगत रूप से दुखद हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी नुकसानदेह
इससे उनके भविष्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
सड़क दुर्घटनाएं परिवार के सदस्यों में मनोवैज्ञानिक आघात और तनाव पैदा कर सकती हैं। अपनों को खोने का परिवार के सदस्यों पर गहरा प्रभाव पड़ता है, जिससे वे दुख और निराशा में डूब जाते हैं।सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में होने वाले सड़क हादसों के प्रमुख कारण खराब सड़कें और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता की कमी है। इसके अलावा, सही समय पर घायलों को अस्पताल नहीं पहुंचा पाना भी मौत के आंकड़े में बढ़ोतरी का बड़ा कारण है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सरकारी प्रयासों के धरातल पर परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के प्रयासों में तेजी लाने की दरकार है। बड़े हादसे ग्रामीण सड़कों और ग्रामीण इलाकों से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्गों पर ज्यादा सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि हेलमेट की उचित गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। शहरी इलाकों में थोड़ी बहुत जागरूकता होती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा कम होता है।
जागरूकता के साथ चिकित्सा सुविधाओं पर ध्यान देना भी जरूरी है।
विशेषज्ञ सड़क हादसों से बचने के लिए दस अहम सुझाव देते हैं। उनका कहना है कि जब आप यह जान जाते हैं कि क्या करना है, तो दुर्घटनाओं को रोकना आसान हो जाता है। उनका पहला सुझाव है कि वाहन चलाने का सही दृष्टिकोण विकसित करें। दूसरा, जितना संभव हो सके, निगरानी में ड्राइविंग का अभ्यास करें। तीसरा, हमेशा सुरक्षा बेल्ट पहनें। चौथा, वाहन चलाने के दौरान शराब पीने और नशीली दवाओं के सेवन करने से बचें। पांचवां, यात्रियों की संख्या सीमित रखें। छठा, रात में गाड़ी चलाने की सीमा तय करें। सातवां, धीमी और सुरक्षित गाड़ी चलाएं। आठवां, खराब मौसम में गाड़ी चलाने का प्रशिक्षण लें। नौवां, गाड़ी किनारे रोक कर ही मोबाइल पर बात करें। आखिरी सुझाव है कि हर परिस्थिति में सुरक्षित वाहन चलाएं। इस तरह यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के साथ जिंदगियों को सड़क हादसों में गंवाने से बचाया जा सकता है।
अंबेडकरनगर सीमा पर ग्रामीणों ने की विसर्जन स्थल की सफाई मझुई नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले हटाया जलकुंभी,की सफाई
दुर्गा पूजा महोत्सव के बाद, सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर तहसील बार्डर के अंबेडकरनगर सीमा पर स्थित मझुई नदी में मूर्ति विसर्जन स्थल की ग्रामीणों ने मंगलवार को साफ-सफाई की। यह अभियान प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले नदी को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से चलाया गया।
लहौटा गांव के पास विसर्जन स्थल पर, ग्राम प्रधान जीत बहादुर सिंह, विद्यालय प्रबंधक विनोद सिंह और किसान सहकारी चीनी मिल के निदेशक रंग बहादुर सिंह के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने नदी से भारी जलकुंभी हटाई। इस दौरान अभय सिंह सहित कई अन्य ग्रामीण भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
यह स्थल जनपद के सीमावर्ती गांवों में स्थापित सैकड़ों देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों द्वारा की गई यह पहल आगामी विसर्जन प्रक्रिया को सुगम और स्वच्छ बनाएगी।
अंबेडकरनगर सीमा पर ग्रामीणों ने की विसर्जन स्थल की सफाई मझुई नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले हटाया जलकुंभी,की सफाई
अंबेडकर नगर की तहसील आलापुर के विकासखंड रामनगर में मूर्ति विसर्जन की तैयारियों का जायजा लिया गया। एसडीएम आलापुर और सीईओ समेत प्रशासनिक अधिकारी विसर्जन स्थलों का निरीक्षण करने पहुंचे।एसडीएम सुभाष सिंह ने प्रशासनिक टीम के साथ चहोडा घाट, बिडहर घाट, चांडीपुर घाट और कमरिया घाट का दौरा किया। उन्होंने ग्राम सचिवों और प्रधानों को घाटों के रास्तों की मरम्मत के लिए निर्देश दिए। खराब रास्तों पर मिट्टी और ईंट डालकर सुधार करने को कहा।
क्षेत्राधिकारी प्रदीप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। बीडीओ रामनगर जगन्नाथ चौधरी ने सफाई और बिजली व्यवस्था की समीक्षा की। श्रद्धालुओं और वाहनों की सुविधा के लिए सड़कों की तत्काल मरम्मत के आदेश दिए गए।
सीओ प्रदीप सिंह ने कहा कि विसर्जन शांतिपूर्ण माहौल में होना चाहिए। प्रशासन हर स्तर पर तैयारियां कर रहा है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान एडीओ पंचायत रामनगर बृजेश वर्मा भी मौजूद रहे।