मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत बालिकाओं ने सुरक्षा जागरूकता हेतु थाना-चौकी भ्रमण किया
मिशन शक्ति 5,0 माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत
जनपद मे माध्यमिक विद्यालयों में बालिकाओं को सुरक्षा एवं कानूनी जागरूकता हेतु थाना एवं चौकी का भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया सहारनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत आज जनपद के विभिन्न माध्यमिक विद्यालय में थाना चौकी भ्रमण एवं सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया इस कार्यक्रम के अंतर्गत अध्यापक गण बालिकाओं को नजदीकी थाना या चौकी लेकर गए जहां पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्राओं को FIR दर्ज करने की प्रक्रिया गिरफ्तारी के समय नियमों एवं कानून अधिकारों की जानकारी दी गई
साथ में बालिकाओं एवं महिला सुरक्षा के संबंध में सरकार द्वारा क्या-क्या उपक्रम किए गए हैं पुलिस चौकी और थानों में क्या व्यवस्था दी गई है इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। उपरोक्त कार्यक्रम में 111 विद्यालयों के 237 महिला अध्यक्ष अध्यापिकाओं एवं 4755 बालिकाओं द्वारा प्रतिभा किया गया।
मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत बालिकाओं ने सुरक्षा जागरूकता हेतु थाना-चौकी भ्रमण किया
साथ ही बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन 1090/ 181 चाइल्ड हेल्पलाइन
1098 पुलिस कंट्रोल रूम 112 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 सहित अन्य महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के बारे में बताया गया एवं कॉल रिहर्सल भी कराई गई। इस अवसर पर साइबर अपराध एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों पर भी चर्चा की गई छात्राओं को बताया गया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय व्यक्तिगत जानकारी साझा ना करें संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी प्रकार की धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
यह कार्यक्रम बालिकाओं में सुरक्षा आत्म रक्षा एवं कानूनी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। मिशन शक्ति के अंतर्गत ऐसे आयोजन द्वारा ना केवल छात्राओं मे जागरूकता आ रही है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त समाज निर्माण की प्रेरणा भी प्रदान की जा रही है।
मंडी से ट्रक निकालने के नाम पर हफ्तावसूली, नहीं देने पर चालक के साथ मारपीट, कांच फोड़े
रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र के लालसोट जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें एक ट्रक चालक ने अपनी मांग पूरी न होने पर विरोधी चालक पर शारीरिक हानि, वाहन क्षति एवं उत्पीड़न आरोप लगाया है। यह मामला ट्रक मंडी में जगह दिलाने की एवज़ में हफ्तावसूली का है, जिसे वे दूसरे ट्रक चालक से मांग रहे थे। जब वह चालक इस मांग को स्वीकार करने को तैयार नहीं हुआ, तो मामला हिंसक रूप ले लिया।
पुलिस रिपोर्ट और पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता संजय शर्मा ने राजीव गांधी नगर थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उन्हें 12 मील केरू पुलिया के नीचे, पेपसिंह नगर निवासी बजरंग शर्मा (पुत्र जसराज शर्मा) नामक व्यक्ति मिला। बजरंग ने ट्रक को रुकवाया और कहा कि यदि वह मंडी में प्रवेश करना चाहे तो उसे ₹10,000 मासिक देना होगा—अन्यथा मंडी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। जब संजय ने इस अवैध मांग को ठुकराया और कहा कि “मैं तुम्हें किस बात के पैसे दूँ, मैं कोई पैसे नहीं दूँगा,” तब घटना चुपचाप नहीं ठहरी।
बजरंग शर्मा ने संजय से झगड़े की शुरुआत करते हुए ट्रक के कॉलर पकड़कर चालक को वाहन से बाहर निकालने की कोशिश की। संजय ने अंदर से ट्रक को लॉक कर दिया, जिससे बजरंग बाहर नहीं निकाल सके। लेकिन इसके बाद बजरंग ने लोहे के सरिए (भारी लोहे की लंबी रॉड) की सहायता से ट्रक के बाहरी हिस्से, विशेष रूप से द्वार (फाटक) तथा अन्य भागों पर दो–तीन बार गहरी चोट पहुंचाने के लिए हमला किया। इस हमले में ट्रक के कांच (दोनों साइड) भी टूट गए।
मंडी से ट्रक निकालने के नाम पर हफ्तावसूली, नहीं देने पर चालक के साथ मारपीट, कांच फोड़े
जब संजय ने ट्रक लेकर घटनास्थल से आगे निकलने की कोशिश की, तब बजरंग ने अपने स्वयं के ट्रक से टक्कर मारकर संजय के वाहन को बाधित किया। इस टक्कर का परिणाम यह हुआ कि वाहन को और क्षति पहुँचाई गई। संजय ने इस पूरी घटना को जान-माल को खतरे से जोड़ते हुए, बजरंग पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
इस प्रकार की घटनाएँ न केवल व्यक्तिगत स्तर पर हिंसा को बढ़ावा देती हैं बल्कि व्यापार और परिवहन व्यवस्था में अव्यवस्था उत्पन्न करती हैं। ट्रक चालक जो अपने व्यवसाय चलाते हैं, वे किन्हीं दबावों और अवैध मांगों के शिकार हो जाते हैं। यहां मुकदमे के दर्ज होने से यह स्पष्ट हुआ कि पीड़ित ने न्याय का मार्ग अपनाया और संबंधित पुलिस थाने में शिकायत की।
रिपोर्ट के बाद पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करते हुए बजरंग शर्मा के विरुद्ध दोषमुक्त नहीं छोड़ा जाना चाहिए। जांच अधिकारी को घटना की बारीकी से छानबीन करनी होगी — जैसे सीसीटीवी फुटेज, गवाह बयान, वाहन क्षति का दस्तावेजीकरण और चोट के सबूत। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो बजरंग पर आपराधिक धाराएँ जैसे कि धारा 323 (जानलेवा हमला), 427 (संपत्ति को नुकसान), 506 (धमकी), 34 (साझा अपराध), तथा संबंधित प्रदर्शन और वाहनों की क्षति की धाराएँ लग सकती हैं।
इस मामले की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि पुलिस कितनी तत्परता और निष्पक्षता से जांच करती है। पीड़ित को सुरक्षा एवं कानूनी सहायता मुहैया कराना अनिवार्य है। यदि आप चाहें, तो मैं इस घटना के लिए एक प्रेस विज्ञप्ति या मीडिया रिपोर्ट का ड्राफ्ट बना सकता हूँ—क्या आप चाहेंगे कि मैं वह तैयार करूँ?
रामगढ़ पचवारा पुलिस ने तीन स्थायी वारंटियों को किया गिरफ्तार
पृष्ठभूमि एवं अभियान का उद्देश्य
वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए थाना रामगढ़ पचवारा ने 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2025 तक के लिए एक विशेष अभियान की रूपरेखा तैयार की थी। इस अभियान का उद्देश्य था उन अपराधियों को गिरफ्तार करना जिनके खिलाफ अदालतों ने स्थायी वारंट जारी किए थे। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार यह अभियान विशेष रूप से सक्रिय किया गया। थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि अभियोजन और न्यायपालिका द्वारा जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंटों को आधार मानते हुए प्राथमिक रूप से उन अपराधियों को पकड़ना लक्ष्य है, जो लंबे समय से वारंटों के तहत गिरफ्तारी से बचते आ रहे हैं।
इस अभियान की कुंजी थी — सतर्कता, विस्तृत निगरानी, गुप्त सूचना एवं टीम समन्वय। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु टीम का गठन किया गया है जिसमें थानाधिकारी स्वयं, साथ ही कांस्टेबल रामकेश, कांस्टेबल रोहिताश एवं कांस्टेबल कुशल पाल शामिल हैं।
गिरफ्तारी की क्रोनोलॉजी
रविवार की कार्रवाई टाइमिंग और संदर्भों की जानकारी देते हुए थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि रविवार को दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों अभियुक्त —
महेंद्र मीणा, उम्र 23 वर्ष
श्रवण लाल मीणा, उम्र 37 वर्ष
इन दोनों के खिलाफ अदालतों द्वारा जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट मौजूद थे, और टीम ने गुप्त सूचना तथा निगरानी के आधार पर उन्हें धर दबोचा। गिरफ्तारी स्थल और समय के संबंध में थानाधिकारी ने बताया कि उन स्थानों पर लगातार जांच और लोगों से पूछताछ की जाती रही, जिससे सूचना मिली कि उक्त वारंटियों की गतिविधि किसी स्थानीय क्षेत्र में हो रही है। तत्पश्चात तेजी से कार्रवाई कर उन्हें पकड़ लिया गया।
सोमवार की कार्रवाई रविवार की गिरफ्तारी के बाद टीम ने और भी सावधानी के साथ अपनी जांच और टीम डायरेक्शन बढ़ाया। सोमवार को तीसरा स्थायी वारंटी रामकरण मीणा, उम्र 40 वर्ष को गिरफ्तार किया गया। रामकरण मीणा पर भी न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट जारी था। जानकारी मिलने के बाद टीम ने रात या पूर्वाह्न समय में छापामारी कर उसे पकड़ लिया। इस गिरफ्तारी के बाद कुल तीन वारंटियों को इस अभियान के दौरान गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई।
रामगढ़ पचवारा पुलिस ने तीन स्थायी वारंटियों को किया गिरफ्तार
न्यायिक वैधता एवं प्रक्रिया
गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्तियों को न्यायालय द्वारा जारी स्थायी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। इसका अर्थ है कि अदालत ने पहले ही उनकी गिरफ्तारी की अनुमति दी थी और पुलिस को आदेश दिया था कि उन्हें पकड़कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। इस प्रकार की गिरफ्तारी प्रक्रिया विधि सम्मत है और गिरफ्तार व्यक्तियों को धारा वादों व न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुसार पेश किया जाएगा।
थानाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के बाद उनकी पहचान, रिकॉर्डिंग और वकालतनामी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। गिरफ्तार व्यक्तियों को पुलिस रिमांड या न्यायालयीन रिमांड के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, जहां उनकी परवाह की जाएगी कि उनके मानवाधिकार की रक्षा हो। गिरफ्तारियों के समय सबूतों का संकलन, पहचान, साक्ष्य संग्रहण और रिकॉर्डिंग सभी विधि केन्द्रित रूप से किया जाना सुनिश्चित किया गया है।
अभियान की निरंतरता एवं कठोर कार्रवाई की प्रतिबद्धता
थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने यह स्पष्ट किया कि यह गिरफ्तारी केवल शुरुआत है। अभियान निरंतर जारी रहेगा। वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार निगरानी, सूचना तंत्र और गुप्त ऑपरेशन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे कितनी ही सावधानी बरतें, उन्हें पकड़ कर कानूनी दायरे में लाना हमारा दायित्व है।
उन्होंने जनता से भी सहयोग की अपील की कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति के सम्बन्ध में जानकारी हो, तो तुरंत थाना को सूचित करें। जनता की सूचनाएं कई मामलों में निर्णायक साबित होती हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस अभियान में चोरी, मारपीट, हत्या, लूट, आपराधिक मामलों के वांछित अभियुक्तों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सामाजिक प्रभाव एवं संदेश
इस गिरफ्तारी ने न केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तत्परता और सक्रियता को प्रदर्शित किया, बल्कि समाज में यह संदेश भी पहुँचा कि अपराध पनपने का स्थान नहीं पाएगा। स्थानीय निवासियों में यह विश्वास जगाना भी महत्वपूर्ण है कि पुलिस उनके सुरक्षा कवच के रूप में काम कर रही है। ऐसी कार्यवाहियाँ अपराधियों में भय उत्पन्न करती हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान नहीं प्रदान करतीं।
मीडिया एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा इस कार्रवाई की रिपोर्टिंग से यह खबर जनमानस तक पहुँची, जिससे सामाजिक जागरूकता को मजबूती मिली। यह कार्रवाई यह दिखाती है कि शासन-प्रशासन, पुलिस और आमजन के बीच समन्वय उच्च स्तर पर हो तो अपराध नियंत्रण संभव है।
निष्कर्ष
रामगढ़ पचवारा थाना की इस कार्रवाई ने यह प्रमाणित किया कि कानून—न्याय व्यवस्था कार्य कर रही है। तीन स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी इस बात की ओर संकेत है कि उदासीनता नहीं, सतर्कता एवं समयबद्ध कार्रवाई महत्वपूर्ण है। उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार और टीम समन्वय से यह अभियान सफल रहा।
आगे की कार्रवाइयों के लिए पुलिस ने यह संकल्प लिया है कि प्रत्येक वारंटी पर नजर होगी, और यदि कोई भी अपराधी पनाह ले, उसे भी नहीं छोड़ा जाएगा। यह कदम न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और न्याय के प्रति जनता का भरोसा बढ़ाने का संकेत भी है।
यदि चाहें तो मैं इस घटना पर समाचार लेख, प्रेस विज्ञप्ति प्रारूप या मीडिया रिपोर्ट भी तैयार कर सकता हूँ — बताइए जो आप चाहें, मैं तैयार हूँ।
मुंबई: चेंबूर के प्रमिला बार में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, मैनेजर-मालिक समेत 3 गिरफ्तार
मुंबई।
मुंबई पुलिस ने चेंबूर के आरसी मार्ग स्थित प्रमिला बार एंड रेस्टोरेंट में छापेमारी कर एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया। बार और रेस्टोरेंट की आड़ में वेश्यावृत्ति का धंधा फलफूल रहा था। पुलिस ने बार मैनेजर, मालिक और एक ग्राहक को गिरफ्तार किया, जबकि 8 महिलाओं को वहां से सुरक्षित निकाला। यह कार्रवाई आरसीएफ पुलिस स्टेशन को मिली एक गुप्त सूचना पर की गई। पुलिस को जानकारी मिली थी कि प्रमिला बार में बार की आड़ में यौन सेवाएं दी जा रही हैं। दोनों थानों की संयुक्त टीम ने जाल बिछाया। एक फर्जी ग्राहक को बार भेजा गया। मैनेजर निशिकांत सदानंद साहू ने फर्जी ग्राहक को 1,000 रुपए में यौन सेवा देने का ऑफर दिया। इसके बाद फर्जी ग्राहक सहमत हो गया और उसे बार की पहली मंजिल पर ले जाया गया। वहां उसने एक ड्रिंक ऑर्डर किया। इसके बाद महिला बारटेंडर पहुंची और उसने अनुचित व्यवहार शुरू कर दिया। इस बीच पुलिस ने वहां रेड मार दी। छापेमारी के दौरान अंबेडकर नगर, मानखुर्द की रहने वाली 41 वर्षीय महिला को फर्जी ग्राहक से पैसे लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। बार में कुल 8 वयस्क महिलाएं काम करती मिलीं, जो वेश्यावृत्ति में लिप्त थीं।
मुंबई: चेंबूर के प्रमिला बार में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, मैनेजर-मालिक समेत 3 गिरफ्तार
ये महिलाएं मुंबई के चेंबूर, तिलक नगर, मानखुर्द और उल्हासनगर जैसे इलाकों की रहने वाली हैं। महिलाओं को तुरंत सुरक्षित जगह पर भेज दिया गया और उन्हें काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई। पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि उनके इलाकों में वेश्यावृत्ति करने वाले परिचितों ने उन्हें इस धंधे में धकेला। उन्होंने खुलासा किया कि मैनेजर निशिकांत साहू ने उन्हें बार मालिक वसंत चंद्रशेखर शेट्टी से मिलवाया, जो रैकेट चला रहे थे। मैनेजर और मालिक ने रैकेट चलाने की बात कबूल की। गिरफ्तार ग्राहक भी पूछताछ का सामना कर रहा है। आरसीएफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 370 (मानव तस्करी) और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पुलिस इस धंधे में शामिल अन्य रैकेट का पता लगा रही है।
दिल्ली पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे नाइजीरियाई को हिरासत में लिया, निर्वासन प्रक्रिया शुरू
नई दिल्ली ।
दक्षिण-पश्चिम जिले की दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को अवैध रूप से रह रहे नाइजीरियाई अपेह नन्ना मालाची (39 वर्ष) को हिरासत में लिया है। मालाची नाइजीरिया के एनुगुएज़िके का निवासी है और 2021 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था। उसका वीजा मई 2021 में समाप्त हो गया था, जिसके बाद वह अवैध रूप से दिल्ली में रह रहा था। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) दिल्ली की मदद से उसकी निर्वासन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने अवैध प्रवासियों पर नजर रखने और अपराध रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत, इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व में ऑपरेशन सेल की एक समर्पित टीम गठित की गई थी। इस टीम में एएसआई विनोद कुमार, एएसआई धर्मेंद्र, हेड कांस्टेबल मोहित, नरेंद्र और प्रशांत शामिल थे। सहायक पुलिस आयुक्त विजयपाल तोमर के पर्यवेक्षण में यह टीम संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए सक्रिय थी।
दिल्ली पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे नाइजीरियाई को हिरासत में लिया, निर्वासन प्रक्रिया शुरू
3 अक्टूबर को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक नाइजीरियाई नागरिक नांगल राया, वसंत कुंज क्षेत्र में संदिग्ध रूप से घूम रहा है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्ध से संपर्क किया और उसके दस्तावेजों की जांच की। पूछताछ में मालाची ने बताया कि वह 15 मार्च 2021 को मेडिकल वीजा पर भारत आया था, जो 24 मई 2021 को समाप्त हो गया। इसके बाद भी वह दिल्ली के बुराड़ी इलाके में लेबर चौक के पास रह रहा था। हाल ही में पुलिस की सख्ती के कारण वह महिपालपुर में किराए का मकान तलाशने आया था। पुलिस ने मालाची को वसंत कुंज दक्षिण थाने में हिरासत में लिया। गहन सत्यापन और पूछताछ के बाद, उसके दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें उसकी नाइजीरियाई नागरिकता और अवैध रूप से रहने की पुष्टि हुई। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, एफआरआरओ, नई दिल्ली के सहयोग से मालाची के निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम जिला) अमित गोयल ने कहा कि यह अभियान दिल्ली पुलिस की अवैध आव्रजन के खिलाफ सख्त नीति और कानून के शासन को लागू करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दिल्ली में नेपाली गैंगस्टर भीम जोरा एनकाउंटर में ढेर, हत्या मामले में चल रहा था फरार
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में सोमवार मध्य रात्रि एक मुठभेड़ में इनामी अपराधी भीम महाबहादुर जोरा ढेर हो गया। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस के साउथ ईस्ट जिले की स्पेशल स्टाफ और गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार को गुप्त सूचना मिली कि लालपुर, कैलाली जिला (नेपाल) का रहने वाला भीम जोरा दिल्ली में मौजूद है। वह जंगपुरा (दिल्ली) में मई 2024 को डॉ. पॉल की हत्या का वांछित इनामी अपराधी है। इस सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह डागर की अगुवाई वाली दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम और इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा के नेतृत्व वाली गुरुग्राम क्राइम ब्रांच टीम ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू किया। 6 अक्टूबर की देर रात करीब 12:20 बजे कैलाश ईस्ट इलाके में पुलिस ने आरोपी भीम जोरा को घेर लिया गया। खुद को घिरा देखकर भीम जोरा ने पुलिस पर 6 राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने 5 राउंड फायर किए, जिसमें भीम जोरा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दिल्ली में नेपाली गैंगस्टर भीम जोरा एनकाउंटर में ढेर, हत्या मामले में चल रहा था फरार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भीम जोरा पर दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलुरु और गुजरात जैसे शहरों में हत्या, डकैती और चोरी जैसे 6 संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से एक आधुनिक स्वचालित पिस्टल, एक कारतूस, तीन खाली खोखे और एक बैग (जिसमें ताले-चोरी के औजार रखे थे) बरामद किया। दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस के इस संयुक्त ऑपरेशन को बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस ने कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। पुलिस ने बताया कि मूल रूप से नेपाल का रहने वाला जोरा एक अंतरराष्ट्रीय डकैती और चोरी के गिरोह का सरगना था। मई 2024 में जोरा अपने साथियों के साथ नई दिल्ली के जंगपुरा में डकैती के इरादे से गया था। इस दौरान उसने 63 वर्षीय डॉ. योगेश चंद्र पॉल की हत्या कर दी थी। 17 महीनों से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने बताया कि वह गिरफ्तारी से बचने में कामयाब रहा था, लेकिन डॉक्टर की हत्या के मामले में चार सह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
ढोलावास श्मशान घाट का रास्ता दुरुस्त, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
लालसोट। ग्राम पंचायत प्रशासन ने ढोलावास श्मशान घाट जाने वाले मार्ग को दुरुस्त कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है। लगातार बारिश से यह रास्ता पूरी तरह से खराब हो गया था। जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ भर जाने से शवयात्राओं के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार तो अंतिम यात्रा के समय शव उठाकर ले जाने वालों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा, जिससे परिजनों को मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी। मीडिया प्रभारी मोतीलाल शाहजहांनपुरा ने बताया कि समस्या को देखते हुए सरपंच प्रतिनिधि बाबूलाल मीणा को अवगत कराया गया। शिकायत मिलते ही पंचायत प्रशासन हरकत में आया और जेसीबी मशीन की मदद से रास्ते की मरम्मत कराई गई।
ढोलावास श्मशान घाट का रास्ता दुरुस्त, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
इससे अब शवयात्राओं के लिए श्मशान घाट तक सुगम मार्ग उपलब्ध हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से रास्ते की समस्या बनी हुई थी, जो बरसात में और विकराल हो गई थी। ऐसे में शवयात्राओं के दौरान अंतिम संस्कार के लिए जाना बेहद कठिन हो गया था। प्रशासन की पहल से अब लोगों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने भविष्य में इस रास्ते को पक्का करवाने की भी मांग रखी, ताकि बरसात या अन्य मौसम में दुबारा परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंचायत प्रशासन स्थायी समाधान की दिशा में भी कदम उठाएगा। दुरुस्त हुए मार्ग के बाद अब ग्रामीणों को श्मशान घाट जाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सम्मानजनक ढंग से संपन्न हो सकेगी।
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया
मेरठ । उत्तर प्रदेश पुलिस त्योहारों के बीच आपत्तिजनक कमेंट और पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रख रही है। इसी क्रम में मेरठ में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में युवक को पकड़ा गया है। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय तुषार चौहान के रूप में हुई है, जो थाना गंगानगर क्षेत्र के गंगा ग्रीन सिटी फेस-2 का निवासी है। यह घटना 30 सितंबर को सामने आई, जब तुषार चौधरी के इंस्टाग्राम आईडी से एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में कथित तौर पर ‘पैगंबर’ और ‘अल्लाह’ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। वीडियो के वायरल होने के बाद फरदीन नाम के व्यक्ति ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और आरोपी तुषार चौहान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया, जिससे वीडियो पोस्ट किया गया था।
मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले युवक को गिरफ्तार किया
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो में युवक की तरफ से अभद्र टिप्पणियां की गई थीं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है। यह मामला ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर को लेकर विवाद है। नवरात्रि के बीच पिछले कुछ हफ्तों में राज्य के कई अलग-अलग हिस्सों में यह पोस्टर देखे गए। विशेष रूप से बरेली में पोस्टर विवाद के बीच हंगामा हुआ था, जहां स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बरेली के अलावा कानपुर, उन्नाव, औरेया और महराजगंज जैसे इलाकों में पोस्टर नजर आए। ‘आई लव मोहम्मद’ पर विवाद उस समय और बढ़ा, जब जगह-जगह हिंदू पक्ष की तरफ से ‘आई लव महादेव’ के पोस्टर जारी हुए। फिलहाल, पुलिस सोशल मीडिया पर किए जाने वाले आपत्तिजनक कमेंट और पोस्ट को लेकर सतर्क है।
16 चक्का ट्रक से 96 लाख रुपये कीमत के डोडा चूरा और अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार
जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। एजीटीएफ की विशेष टीम की सूचना पर नसीराबाद इलाके में पुलिस ने नाकाबंदी कर एक 16 चक्का ट्रक को जब्त किया, जिसमें 93.75 लाख रुपये कीमत का 625 किलो से अधिक डोडा चूरा और लगभग 3 लाख रुपये की 645 ग्राम अफीम बरामद की गई है। खुफिया इनपुट पर कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के निर्देशन, उपमहानिरीक्षक पुलिस दीपक भार्गव के सुपरविजन और एएसपी सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में एजीटीएफ की टीम जिसमें हेड कांस्टेबल महावीर सिंह और महेश सोमरा शामिल थे, को लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगाया गया था। इसी दौरान महावीर सिंह को सूचना मिली कि नोखा निवासी ट्रक ड्राइवर आईदान राम लगातार मध्य प्रदेश से भारी मात्रा में डोडा चूरा की तस्करी कर रहा है। जिसकी तकनीकी सहायता और खुफिया जानकारी के आधार पर पुष्टि हुई कि आरोपी तस्कर भारी खेप लेकर अजमेर के नसीराबाद इलाके में आने वाला है। 24 घंटे में नाकाबंदी में दबोचा सूचना की पुष्टि होते ही नसीराबाद थाना पुलिस को अलर्ट किया गया और तुरंत नाकाबंदी कराई गई। पुलिस ने ट्रक को रुकवाकर उसकी तलाशी ली। ट्रक के अंदर 36 कट्टों में छिपाकर रखा गया 625 किलो 600 ग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ। इसके अलावा ट्रक ड्राइवर के पास से 645 ग्राम अफीम भी जब्त की गई।
16 चक्का ट्रक से 96 लाख रुपये कीमत के डोडा चूरा और अफीम के साथ तस्कर गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी तस्कर आईदान राम जाट (47) पुत्र गंगाराम निवासी नोखा बीकानेर को गिरफ्तार कर लिया है। जब्त किए गए मादक पदार्थों की कुल कीमत बाजार में करीब 96 लाख रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपी से पुलिस द्वारा अब इस अवैध कारोबार की फंडिंग, खरीद-फरोख्त और तस्करी में शामिल अन्य व्यक्तियों के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है। एजीटीएफ का 7 महीनों का रिकॉर्ड: ₹15 करोड़ की तस्करी ध्वस्त यह उल्लेखनीय है कि एएसपी शर्मा के नेतृत्व में कार्यरत एजीटीएफ की यह टीम पिछले 7 महीनों में ही लगभग 15 करोड़ रुपये कीमत का 100 क्विंटल से अधिक डोडा चूरा तस्करों से बरामद कर चुकी है। इससे पहले टीम ने दौसा, चाकसू और नागौर जैसे क्षेत्रों में भी मादक पदार्थों की बड़ी खेप को सफलतापूर्वक पकड़ा है। एएसपी शर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में एजीटीएफ के हेड कांस्टेबल महेश सोमरा और महावीर सिंह की विशेष भूमिका रही, वहीं एएसआई शंकर दयाल शर्मा का तकनीकी सहयोग रहा। इस टीम में शामिल एसआई प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल हेमन्त शर्मा और कांस्टेबल देवेन्द्र, जितेंद्र, गंगाराम, गोपाल धाभाई, विजय और चालक दिनेश शर्मा का भी सराहनीय सहयोग रहा। थाना नसीराबाद पुलिस के अलावा बीकानेर के नोखा में तैनात कांस्टेबल तेजाराम कि इस कार्रवाई में तकनीकी और विशेष भूमिका रही।
दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार
नई दिल्ली । दिल्ली के जैतपुर-कालिंदी कुंज रोड पर गुरुवार सुबह दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक मुठभेड़ के बाद रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़ और वीरेंद्र चारण के संगठित गैंग के दो खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल (पानीपत, हरियाणा) और साहिल (भिवानी, हरियाणा) के रूप में हुई है। मुठभेड़ के दौरान दोनों अपराधी घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, राहुल दिसंबर 2024 में हरियाणा के यमुनानगर में हुए तिहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। अपनी पहचान छिपाकर वह लंबे समय से फरार चल रहा था। दोनों अपराधी विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़ और वीरेंद्र चारण के इशारों पर काम कर रहे थे। ये एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की हत्या की साजिश रच रहे थे और इसके लिए मुंबई व बेंगलुरु में अपने टारगेट की रेकी कर चुके थे।
दिल्ली में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़, एक घायल, दूसरा गिरफ्तार
स्पेशल सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों अपराधी जैतपुर-कालिंदी कुंज रोड पर मौजूद हैं। पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की और अपराधियों को आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन दोनों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में स्पेशल सेल की टीम ने भी गोली चलाई। इस मुठभेड़ में राहुल और साहिल घायल हो गए। पुलिस ने मौके से अपराधियों के हथियार और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास और संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में केस दर्ज किया है। फिलहाल घटनास्थल से जब्त हथियारों और मोटरसाइकिल की जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस इस मामले में गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। यह गिरफ्तारी गोल्डी बराड़ गैंग के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।