नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद

नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद

नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद
नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद

नोएडा । नोएडा के थाना फेज-2 पुलिस ने हर्ष फायरिंग के एक वायरल वीडियो में चिन्हित किए गए वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पंकज तंवर पुत्र सतबीर तंवर, निवासी ग्राम मांडी, थाना फतेहपुर बेरी, दिल्ली, उम्र लगभग 29 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे सिटी पार्क, सेक्टर-93, नोएडा से गिरफ्तार किया। आरोपी से एक अवैध पिस्टल 32 बोर, एक जिंदा कारतूस और मैगजीन बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, 6 दिसंबर को सोशल मीडिया पर हर्ष फायरिंग का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आरोपी को अवैध हथियार से फायरिंग करते हुए देखा गया था।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी की तलाश में विशेष टीम गठित की गई। लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी सेक्टर-93 के पास दिखाई दिया है। सूचना मिलते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे मौके से दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से वही अवैध पिस्टल बरामद की गई, जिसका उपयोग उसने वायरल वीडियो में हर्ष फायरिंग के दौरान किया था।

नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद
नोएडा : हर्ष फायरिंग करने वाला वांछित आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल बरामद


पुलिस ने हथियार, जिंदा कारतूस और मैगजीन को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। थाना फेज-2 में आरोपी के खिलाफ अन्य धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट में भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि हर्ष फायरिंग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह जान माल के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हर्ष फायरिंग से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और ऐसे अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि हथियार की सप्लाई और किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में उसकी संलिप्तता के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी
पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी

कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सीनियर नेता ने सोमवार को बताया कि तृणमूल कांग्रेस द्वारा पार्टी से सस्पेंड किए जाने के बाद भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर की पश्चिम बंगाल विधानसभा में सीट बदली जा सकती है। हुमायूं कबीर को मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद-जैसी’ मस्जिद का शिलान्यास करने के अपने विवादित फैसले के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। राज्य विधानसभा में टीएमसी के मुख्य सचेतक निर्मल घोष ने कहा कि पार्टी इस मामले पर नजर रख रही है और जल्द ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम इस मामले पर नजर रख रहे हैं। अगले कुछ दिनों में विधानसभा में कबीर समेत सस्पेंड किए गए विधायकों के बैठने की व्यवस्था पर फैसला लिया जाएगा।”
कबीर को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए छह साल के लिए सस्पेंड किया गया था।
तृणमूल संसदीय दल ने आने वाले शीतकालीन और अंतरिम बजट सत्र से पहले कबीर की सीट बदलने का फैसला किया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी
पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुमायूं कबीर की सीट बदली जाएगी

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि यह कदम बागी विधायक से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए उठाया गया है, जो सत्रों के दौरान पार्टी को शर्मिंदा करने की कोशिश कर सकते हैं, क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने वाला है।
कबीर ने हाल ही में न्यायिक हिरासत से रिहा होने के बाद विधानसभा सत्र में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
सूत्रों ने संकेत दिया कि कबीर को टीएमसी के एक और सस्पेंड विधायक पार्थ चटर्जी के बगल में बैठाया जा सकता है, जिन्हें स्कूल सेवा आयोग भर्ती भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गिरफ्तारी के बाद 2022 में सस्पेंड किया गया था। तृणमूल के पूर्व महासचिव चटर्जी ने भी हाल ही में न्यायिक हिरासत से रिहा होने के बाद विधानसभा सत्र में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
यह ध्यान दिया जा सकता है कि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने में कुछ ही महीने बचे हैं। शीतकालीन सत्र के अलावा, एक अंतरिम बजट सत्र भी निर्धारित है, जिसके बाद अगले साल के चुनावों से पहले विधानसभा भंग कर दी जाएगी।

मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर

मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर

मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर
मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक छात्रा का वीडियो बनाकर वायरल करने वाले दो आरोपियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने दोनों आरोपियों के अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया है। इसके साथ ही, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दरअसल, यह पूरा मामला शामगढ़ थाना क्षेत्र का है, जहां चाकू की नोक पर एक 16 वर्षीय हिंदू छात्रा का अश्लील वीडियो बनाया गया। इसके बाद आरोपियों ने उसे ब्लैकमेल करते हुए 5 लाख रुपए मांगे। डर के मारे लड़की ने मुस्लिम समुदाय के दो नाबालिग लड़कों को ढाई लाख रुपए दे दिए। लेकिन, बाकी पैसे न देने पर आरोपियों ने उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़िता का वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों को जानकारी लगी और उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की।

मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर
मध्य प्रदेश: छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों के मकान पर चला बुलडोजर

पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज करते हुए दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर दिया। इस घटना के बाद से ही लोगों में गुस्सा था और वे आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाये जाने की मांग कर रहे थे। बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर बीते तीन दिनों से विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला जारी था। बाजार बंद रखे गए और लोगों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद अब, शनिवार को प्रशासन ने आरोपियों के मकान की नाप जोख की और उनके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया।
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद से पीड़िता और उसके परिवार के लोग डरे हुए हैं। शामगढ़ के लोग इस घटना के बाद से गुस्से में थे और वे आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई चाह रहे थे जिससे दोबारा कोई व्यक्ति इस तरह की घटना को अंजाम देने का साहस न कर पाएं।

बाड़मेर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 46 लाख रुपये का 3 क्विंटल डोडा पोस्त जब्त

बाड़मेर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 46 लाख रुपये का 3 क्विंटल डोडा पोस्त जब्त

बाड़मेर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 46 लाख रुपये का 3 क्विंटल डोडा पोस्त जब्त
बाड़मेर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 46 लाख रुपये का 3 क्विंटल डोडा पोस्त जब्त

बाड़मेर। जिला पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सिंह मीना के निर्देश पर गुड़ामालानी पुलिस को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने एक विशेष नाकाबंदी अभियान के दौरान भारी मात्रा में अवैध डोडा पोस्त जब्त किया है। बरामद किए गए डोडा पोस्त का कुल वजन 3 क्विंटल 8 किलो 365 ग्राम है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 46.25 लाख रुपये आंकी गई है। एसपी मीना ने बताया कि गुड़ामालानी थाना पुलिस टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध मेरून रंग की बिना नम्बरी इनोवा क्रेस्टा कार को रोकने का प्रयास किया। वाहन चालक ने रुकने के बजाय गाड़ी को तेज गति से भगा दिया। पुलिस टीम ने तुरंत उसका पीछा करना शुरू किया। लगातार पीछा करने पर चालक वाहन को झाड़ियों में लावारिस छोड़ अंधेरे तथा झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गया।

बाड़मेर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 46 लाख रुपये का 3 क्विंटल डोडा पोस्त जब्त
बाड़मेर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 46 लाख रुपये का 3 क्विंटल डोडा पोस्त जब्त

वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस टीम को उसमें 16 कट्टों में भरा हुआ अवैध डोडा पोस्त मिला, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया। डोडा पोस्त के साथ ही परिवहन में इस्तेमाल की गई बिना नम्बरी इनोवा क्रेस्टा कार को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि जब्त वाहन के इंजन और चेसिस नंबर घिसे हुए पाए गए हैं, जिससे प्रथम दृष्टया यह वाहन चोरी का प्रतीत होता है। इस संबंध में वाहन मालिक की पहचान के लिए कंपनी से जानकारी जुटाने हेतु आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे मामले में पुलिस थाना गुड़ामालानी में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य और वृताधिकारी सुखाराम के सुपरविजन में थानाधिकारी सुरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। पुलिस अब फरार तस्कर और इस अवैध व्यापार में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

अलवर। जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के निर्देशन में अलवर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। मालाखेड़ा पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय तस्कर को दबोचा है, जो किसान बनकर खेतों की रखवाली करने की आड़ में अवैध हथियार सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किया है।
एसपी चौधरी ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मालाखेड़ा के गांव नांगल टोडियार में एक व्यक्ति खेतों की रखवाली का काम करता है, लेकिन उसका असली काम हरियाणा से हथियार लाकर राजस्थान में सप्लाई करना है। आरोपी की पहचान जाहीद खान (35) पुत्र बशीर खान निवासी फिरोजपुर झिरका हरियाणा के रूप में हुई है। वह नांगल टोडियार में चरण सिंह उर्फ चरनी के बोरिंग पर बनी एक कोठरी में रह रहा था, जिसे उसने अपना ठिकाना बना रखा था। कांस्टेबल राजेश की सूचना पर बिछाया जाल
इस कार्रवाई में कांस्टेबल राजेश को सूचना मिली थी कि जाहीद के पास हथियारों की बड़ी खेप मौजूद है।

किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
किसान बनकर करता था हथियारों की सप्लाई! अलवर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

इस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ और सहायक पुलिस अधीक्षक शिवानी के सुपरविजन में थानाधिकारी हरदयाल सिंह ने तुरंत एक टीम गठित की। पुलिस टीम ने सुनियोजित तरीके से खेत पर बनी कोठरी को चारों तरफ से घेर लिया और आरोपी को दबोच लिया।
मिनी फैक्ट्री जैसा सामान
पुलिस ने जब कोठरी की तलाशी ली, तो वहां का नजारा किसी छोटी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री जैसा था। पुलिस ने मौके से 03 बंदूकें (12 बोर) और 03 देशी कट्टे (315 बोर), 68 जिंदा कारतूस, 52 खाली कारतूस, 12 पैकेट छर्रे, 04 प्लास्टिक की थैली बारूद और खाली कारतूस भरने का सामान लोहे और लकड़ी की गुल्लियां, हथौड़ा, पेचकस और रेती बरामद की।
आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना मालाखेड़ा में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने ये हथियार किन-किन लोगों को बेचे हैं और उसका नेटवर्क कितना बड़ा है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व थानाधिकारी हरदयाल सिंह ने किया। विशेष रूप से कांस्टेबल राजेश की आसूचना संकलन की उच्च अधिकारियों ने सराहना की है।

दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद

दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद

दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद
दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस ने डिलीवरी बॉय से लूटपाट के मामले में दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल चाकू और बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। वेलकम पुलिस थाने को शुक्रवार को सूचना मिली थी कि जनता कॉलोनी के पास डिलीवरी बॉय के साथ कुछ लोग लूटकर फरार हो गए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पीड़ित आलोक कुमार ने बताया कि बुलेट बाइक पर सवार दो युवकों ने चाकू दिखाकर उनसे 1,200 रुपए लूट लिए। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे चाकू से मारने की धमकी दी। आलोक कुमार ने आगे बताया कि जब मैंने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्र हो गए और एक आरोपी को दौड़कर पकड़ लिया, जिसकी पहचान फैजान (20) निवासी जनता कॉलोनी, वेलकम के रूप में हुई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ में फैजान ने न सिर्फ लूट की वारदात कबूल की, बल्कि अपने साथी का नाम भी बताया।

दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद
दिल्ली: डिलीवरी बॉय से लूट मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू और बाइक बरामद

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर रूपेश खत्री के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने दूसरे आरोपी का पता लगाते हुए जनता कॉलोनी के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान फरजान उर्फ दानिश (22) के रूप में हुई। आरोपी से वारदात में इस्तेमाल चाकू और बुलेट मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि फरजान उर्फ दानिश पहले भी हत्या के प्रयास के एक मामले में शामिल रहा है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इससे पहले ये लोग कौन से क्षेत्र में लूट करते थे और इनके ग्रुप में कितने लोग शामिल हैं? साथ ही आसपास के थानों से इनके बारे में पता लगाया जा रहा है कि किस-किस थाने में इन पर मुकदमा दर्ज है।

मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित

मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित

मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित
मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित

भोपाल । मध्य प्रदेश के देवास जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को अवैध वसूली के आरोप लगने पर निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। दरअसल, देवास के आबकारी ठेकेदार दिनेश मकवाना ने आत्महत्या किए जाने से पूर्व एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने मंदाकिनी दीक्षित पर अवैध राशि मांगने के गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए, जिस पर वाणिज्यिक कर विभाग की उप सचिव वंदना शर्मा ने मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। वाणिज्यिक कर विभाग की उप सचिव द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि देवास के मदिरा ठेकेदार दिनेश मकवाना द्वारा आत्महत्या किए जाने के पूर्व एक वीडियो बनाया गया था।
कथित वीडियो में जिले की प्रभारी सहायक आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित के विरुद्ध अवैध राशि की मांग का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात कही गई थी। आदेश में आगे कहा गया है कि दीक्षित पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर श्रेणी के हैं और शासकीय सेवा के कर्तव्य एवं दायित्वों के विपरीत है,

मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित
मध्य प्रदेश: अवैध वसूली के आरोप में महिला आबकारी अधिकारी निलंबित

जो मध्य प्रदेश सेवा सिविल नियम 1965 के नियम तीन का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है, लिहाजा मंदाकिनी दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर का कार्यालय रहेगा। दरअसल पिछले माह आबकारी ठेकेदार मकवाना ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पूर्व उन्होंने एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया था कि सहायक आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित उनसे प्रति दुकान के हिसाब से डेढ़ लाख रुपए की मांग करती हैं। यह राशि दे पाना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है और अधिकारी उन्हें परेशान कर रही हैं, लिहाजा वे आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं।

दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार
दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार विरोधी नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ के तहत बड़ी कार्रवाई हुई है। विजिलेंस यूनिट ने संगम विहार थाना में तैनात महिला उप-निरीक्षक नमिता को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह अभियान दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोल्चा द्वारा शुरू किए गए भ्रष्टाचार-रोधी अभियान का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 4 दिसंबर को संगम विहार की एक महिला ने विजिलेंस यूनिट से शिकायत की कि उप-निरीक्षक नमिता, जो उसके दर्ज मामले की जांच अधिकारी थीं, ने केस को कमजोर करने की धमकी देते हुए 2 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस यूनिट ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद, उसी दिन शाम को सतर्कता इकाई द्वारा संगम विहार थाने में एक ट्रैप ऑपरेशन आयोजित किया गया।

दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार
दिल्ली: संगम विहार थाने की महिला उप-निरीक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार

तय समय पर शिकायतकर्ता एसआई नमिता के दफ्तर पहुंची, जहां नमिता ने कथित रूप से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपए की मांग की और उसे अपनी टेबल पर रखी एक फाइल में रखने को कहा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पैसे फाइल में रखे, विजिलेंस टीम ने दफ्तर में प्रवेश किया और एसआई नमिता को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मौके से 15 हजार रुपए की राशि भी बरामद कर ली गई।
घटना के बाद विजिलेंस पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 23/25, धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत दर्ज की गई है। आरोपी एसआई को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
विजिलेंस यूनिट ने कहा कि इस मामले की आगे की जांच जारी है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा रिश्वत मांगने की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। ऐसी शिकायतें विजिलेंस हेल्पलाइन नंबर 1064 पर भी की जा सकती हैं।

नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद

नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद

नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद
नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद

नोएडा । नोएडा थाना फेस-2 पुलिस ने गांव याकूबपुर में युवती की हत्या के मामले में वांछित आरोपी कृष्ण कुमार को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। भोजपुर पुलिस की मदद से आरोपी को पकड़ा गया, जिसके बाद न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे नोएडा लाया गया। आरोपी पर आरोप है कि उसने शादी से इंकार किए जाने पर युवती की गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी कृष्ण कुमार पुत्र राज किशोर पांडेय, निवासी भोजपुर, बिहार, उम्र 23 वर्ष को 5 दिसंबर को बिहार के भोजपुर जिले से गिरफ्तार किया गया। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुजरात भाग गया था और वहां से वापस बिहार पहुंचा, जहां पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की तलाश में यूपी, गुजरात और बिहार में तीन टीमें लगाई गई थीं। नोएडा लाए जाने के बाद पूछताछ में आरोपी ने वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उसकी निशादेही पर सेक्टर-85 की झाड़ियों से घटना में इस्तेमाल अवैध पिस्टल .32 बोर, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया।

नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद
नोएडा पुलिस ने हत्या के वांछित आरोपी को किया गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद


इस मामले में पुलिस पहले ही मृतका के कमरे से एक जिंदा और एक खोखा कारतूस बरामद कर चुकी है। कुल मिलाकर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, दो जिंदा और दो खोखे कारतूस बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि मृतका और आरोपी करीब तीन साल पहले सेक्टर-137 स्थित एक फ्लैट में साथ काम करते थे। मृतका खाना बनाती थी, जबकि आरोपी ऑफिसियल काम देखता था। इसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई, बाद में आरोपी शादी के लिए दबाव डालने लगा। मृतका द्वारा मना करने पर आरोपी ने नाराजगी पाल ली।
इसके बाद, अगस्त 2025 में आरोपी चोरी के मामले में जेल गया। वहीं, बाहर आने के बाद उसने मृतका से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसे साफ इनकार कर दिया गया। इससे बौखलाए आरोपी ने बिहार से नोएडा आकर 28 नवंबर की रात ग्राम याकूबपुर में मृतका के किराए के मकान में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी।
इतना ही नहीं, उसने मृतका की बहनों पर भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन पिस्टल में गोली फंसने से वे बच गईं। आरोपी के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं, जिनमें सेक्टर-142 थाना क्षेत्र में चोरी का मामला शामिल है। हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों में अब उसे अदालत में पेश कर जेल भेजा जा रहा है।

झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा

झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा

झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा
झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा

रांची। रांची सिविल कोर्ट स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से लगातार कई बार दुष्कर्म के मामले में सोनाहातू थाना क्षेत्र निवासी नव किशोर सिंह मुंडा उर्फ मनीष किशोर उर्फ नाबो को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाया, क्योंकि अभियुक्त पहले से ही न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(2) और धारा 6 के तहत दोषी पाया गया। अदालत ने दोनों धाराओं में 20-20 वर्ष का कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि अभियुक्त जुर्माना नहीं भरता है तो उसे प्रत्येक धारा के लिए छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। मामले की प्राथमिकी नवंबर 2023 में सोनाहातू थाना में दर्ज कराई गई थी।

झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा
झारखंड: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 20 साल कैद की सजा


पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि अभियुक्त द्वारा लगभग 10 महीने तक उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। इसकी जानकारी किसी को देने पर उसे और उसके पूरे परिवार की हत्या की धमकी दी गई थी। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के बयान को पुष्ट करने के लिए कुल 10 गवाहों को अदालत में पेश किया।
गवाहों के बयानों और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को गंभीर अपराध का दोषी ठहराया। फैसले के बाद अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि नाबालिग के साथ लगातार किए गए यौन अपराध ने उसकी मानसिक और शारीरिक पीड़ा को बढ़ाया है, इसलिए अभियुक्त को कठोर दंड मिलना आवश्यक है।