NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में

NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में

NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में
NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक बार फिर मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। फरवरी के पहले सप्ताह में ठंड के असर में कमी आने लगी है और अधिकतम व न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और इजाफा देखने को मिलेगा। हालांकि तापमान बढ़ने के साथ-साथ वायु प्रदूषण ने भी चिंता बढ़ा दी है। एनसीआर के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब से बेहद खराब श्रेणी में दर्ज किया गया है। मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार 5 फरवरी से 10 फरवरी तक एनसीआर में मौसम शुष्क बना रहेगा और सुबह के समय कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। 5 फरवरी को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जाएगा। 6 और 7 फरवरी को न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री के आसपास रहेगा, वहीं 8, 9 और 10 फरवरी को अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
इन दिनों आर्द्रता 90 से 100 प्रतिशत तक बनी रहने के कारण सुबह के समय शैलो फॉग और मॉडरेट फॉग की स्थिति देखने को मिल रही है। फिलहाल मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है। दूसरी ओर, एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है।

NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में
NCR में मौसम में बदलाव के संकेत, तापमान में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता फिर खराब श्रेणी में


दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 300 के पार दर्ज किया गया। आनंद विहार में एक्यूआई 327, अशोक विहार 315, बवाना 307, आर.के. पुरम 309, रोहिणी 317, वजीरपुर 319 और विवेक विहार में एक्यूआई 343 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। पुसा क्षेत्र में डीपीसीसी स्टेशन पर एक्यूआई 332 जबकि आईएमडी स्टेशन पर 219 रिकॉर्ड किया गया। नोएडा और गाजियाबाद की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में एक्यूआई 342, वसुंधरा में 329 और इंदिरापुरम में 326 दर्ज किया गया। वहीं नोएडा के सेक्टर-125 में एक्यूआई 310, सेक्टर-1 में 289 और सेक्टर-116 में 282 रहा। कुछ क्षेत्रों में एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया, लेकिन अधिकांश इलाके बेहद खराब श्रेणी में बने हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार तापमान बढ़ने और हवा की रफ्तार कम रहने से प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी रोगियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। एनसीआर में मौसम भले ही धीरे-धीरे गर्माहट की ओर बढ़ रहा हो, लेकिन बढ़ता वायु प्रदूषण आम लोगों की सेहत के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है।

तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज

तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज

तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज
तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज

चेन्नई । तमिलनाडु में 2025 में एक लाख से ज्यादा नए कैंसर केस सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से संसद में पेश किए गए डेटा के अनुसार, 2025 के लेटेस्ट आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में 1,00,097 नए मामले सामने आए हैं, जो मामलों में तेजी से और लगातार बढ़ोतरी को दिखाता है और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच रोकथाम, शुरुआती पहचान और इलाज की क्षमता को लेकर चिंता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मजबूत स्क्रीनिंग प्रोग्राम और लाइफस्टाइल में बदलाव के बिना, आने वाले सालों में संख्या बढ़ती रह सकती है। पिछले पांच सालों से यह बढ़ता हुआ ट्रेंड लगातार बना हुआ है। सालाना रजिस्ट्रेशन 2020 में 68,750 मामलों से बढ़कर 2021 में 76,968, 2022 में 89,265, 2023 में 92,816, और 2024 में 96,486 हो गए, और 2025 में एक लाख का आंकड़ा पार कर गया।
यह लगातार बढ़ोतरी बढ़ती बीमारी के बोझ और सभी जिलों में मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की तुरंत जरूरत को दिखाती है।
वहीं, 2025 में सामने आए नए मामलों में से 53,542 मरीज महिलाएं थीं, जबकि 46,555 पुरुष थे। तमिलनाडु में फिलहाल कैंसर के साथ जी रहे लोगों की कुल संख्या 1,09,097 हो गई है, जो बढ़ते मामलों और बेहतर इलाज दोनों को दिखाता है, जिसके लिए लगातार मेडिकल सपोर्ट की जरूरत है।

तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज
तमिलनाडु में बढ़े कैंसर के मामले, 2025 में पहली बार 1 लाख के पार नए मरीज

चेन्नई में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, इस साल 8,505 नए मामले दर्ज किए गए। इसके बाद कांचीपुरम में 7,295 और वेल्लोर में 6,525 मामले सामने आए।
शहरी इलाकों में ज्यादा मामलों की वजह लाइफस्टाइल से जुड़े रिस्क फैक्टर, प्रदूषण, तनाव और देरी से बीमारी का पता चलना बताया जाता है।
कैंसर के पैटर्न भी जेंडर के हिसाब से अलग-अलग होते हैं। पुरुषों में, मुंह का कैंसर सबसे आम है, जिसका मुख्य कारण तंबाकू का सेवन है, इसके बाद कोलोरेक्टल और पेट का कैंसर आता है। महिलाओं में, ब्रेस्ट कैंसर सबसे आम है, जिसमें सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर का भी बड़ा हिस्सा है, जो ज्यादा जागरूकता और नियमित सामुदायिक स्क्रीनिंग कार्यक्रम की जरूरत को दिखाता है।
मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर के लगभग आधे मामले एडवांस स्टेज में पता चलते हैं, जिससे बचने की संभावना कम हो जाती है और इलाज का खर्च बढ़ जाता है।
इस बीच, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से संसद में पेश किए गए डेटा से पता चला है कि 2025 में 10,821 मौतें सिर्फ ओवेरियन, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर से जुड़ी थीं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये आंकड़े पॉलिसी बनाने वालों और आम जनता दोनों के लिए एक वेक-अप कॉल हैं ताकि बढ़ते कैंसर के बोझ को कम करने के लिए जागरूकता, स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच को प्राथमिकता दी जा सके।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन

वाशिंगटन । बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा के खिलाफ अमेरिका में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में अमेरिका के 25 शहरों में शांतिपूर्ण जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं। कड़ाके की ठंड, बर्फबारी और जमी हुई सड़कों के बावजूद इन रैलियों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने बांग्लादेश में धार्मिक रूप से लक्षित हिंसा के पीड़ितों के प्रति एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों ने सिटी हॉल और सिविक सेंटर्स पर एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए अपने प्रयासों को गैर-राजनीतिक और मानवीय बताया। प्रदर्शनकारियों ने मौन रखा और प्रार्थनाएं की। एक मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कमजोर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण अपील भी जारी की।
मिडवेस्ट से लेकर पूर्वी और पश्चिमी तटों तक प्रदर्शनकारियों ने लिंचिंग, आगजनी, यौन हिंसा और लक्षित हत्याओं की रिपोर्ट की गई घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन किए और लोगों को इनके बारे में बताया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का समन्वय दैपायन देब, दीप्ति महाजन, गीता सिकंद और दिव्या जैन ने किया।
दैपायन देब ने कहा, “ये रैलियां शांतिपूर्ण, गरिमापूर्ण और मानवीय उद्देश्य वाली थीं।”
दीप्ति महाजन ने कहा कि ये आयोजन राजनीति से नहीं, बल्कि करुणा से प्रेरित थे। उन्होंने कहा, “यह मानवीय गरिमा के लिए खड़े होने की बात थी, न कि राजनीति की। जब निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता है, तो करुणा डर या असुविधा से ऊपर होनी चाहिए।”

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ अमेरिका के 25 शहरों में हुए प्रदर्शन


गीता सिकंद ने कहा कि रैलियों ने समुदायों और धर्मों के बीच एकता को दर्शाया है। गीता सिकंद ने कहा, “रैलियों में बांग्लादेशी हिंदू अमेरिकियों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच हिंदुओं के अस्तित्व के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की।” उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश सरकार की उदासीनता चिंताजनक है, क्योंकि उसने हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं।
दिव्या जैन ने इन अभियानों को शांत लेकिन प्रभावशाली संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, “आज हमने जो देखा वह शांत शक्ति थी। यह दर्शाती है कि जागरूकता की शुरुआत सामने आने से होती है।”
कई शहरों में आयोजित प्रदर्शनों में स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों और नागरिक नेताओं ने भी हिस्सा लिया। आयोजकों के अनुसार, इससे शांतिपूर्ण नागरिक अभिव्यक्ति और समुदाय-नेतृत्व वाले प्रयासों की अहमियत उजागर हुई, जो वैश्विक मानवाधिकार मुद्दों को सामने लाने में सहायक हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित

नई दिल्ली। भारत रत्न से सम्मानित प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी ने अपने भजनों और अद्भुत संगीत के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई। अनेक भारतीय भाषाओं में गायन कर उन्होंने समाज को जोड़ने का भी उल्लेखनीय कार्य किया। भीमसेन जोशी जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।” केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान गायक एवं ‘भारत रत्न’ पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। उनकी साधना से सजी अमर स्वर-परंपरा भारतीय संगीत और संस्कृति को सदैव गौरव प्रदान करती रहेगी।”
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मां सरस्वती के परम उपासक, महान शास्त्रीय गायक, ‘भारत रत्न’ पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन अर्पित करता हूं। हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में नए युग का सूत्रपात करने वाले पंडित को उनकी महान संगीत साधना के लिए सदैव स्मरण किया जाएगा।”
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतरत्न स्वरभास्कर पंडित भीमसेन जोशी यांच्या जयंतीदिनी त्यांना विनम्र अभिवादन।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा नेताओं ने पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर श्रद्धांजलि की अर्पित

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “संगीत के सच्चे सेवक, अपनी अद्वितीय आवाज से ठुमरी और भजन गायन को नई ऊंचाइयां प्रदान करने वाले, भारत रत्न, पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर कोटिश: नमन करता हूं। आपकी अनुपम आवाज से संगीत जगत सदैव सुवासित होता रहेगा।”
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान गायक, भारत रत्न से सम्मानित पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।”
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक, भारत रत्न पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाने में आपका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।”
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय शास्त्रीय संगीत के विश्वविख्यात गायक एवं ‘भारत रत्न’ से अलंकृत पंडित भीमसेन जोशी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। उनकी साधना से निखरी अमर स्वर-परंपरा भारतीय संगीत और संस्कृति को सदैव गौरव प्रदान करती रहेगी।”

गाजियाबाद में तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत

गाजियाबाद में तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत

गाजियाबाद में तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत
गाजियाबाद में तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इस घटना में तीनों की मौत हो गई है। यह घटना गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र की भारत सिटी सोसाइटी की है। फिलहाल, गाजियाबाद पुलिस इस घटना की छानबीन में जुटी हुई है। जानकारी सामने आई है कि तीनों नाबालिगों ने रात करीब 2 बजे एक साथ 9वीं मंजिल से छलांग लगाई। उनकी पहचान निशिका (उम्र 16 साल), प्राची (14 साल) और पाखी (12 साल) के रूप में हुई है। उनका परिवार भारत सिटी सोसाइटी के बी-1 टावर के 907 नंबर फ्लैट में रहता है। बताया गया है कि तीनों लड़कियों को मोबाइल गेम खेलने की लत थी। ये सभी ऑनलाइन टास्क बेस्ड कोरियन लवर गेम खेला करती थीं। तीनों लड़कियों की आदत इस तरह हो चुकी थी कि वे नहाने, खाने, स्कूल जाने और सोने जैसे रोजमर्रा के सभी काम एक साथ किया करती थीं। इसी तरह तीनों ने एक साथ इमारत से कूदकर आत्महत्या की। इस घटना से परिवार सदमे में है। हालांकि, अभी तक खुदकुशी का कारण नहीं पता चला है।

गाजियाबाद में तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत
गाजियाबाद में तीन नाबालिग सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत


नाबालिग लड़कियों के सुसाइड की सूचना पर देर रात ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। फिलहाल, पुलिस टीम नाबालिग लड़कियों के सुसाइड करने के पीछे का कारण पता करने की कोशिश कर रही है।
इससे पहले, मंगलवार को नोएडा के सेक्टर-19 स्थित एक होटल में ठहरी युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। पुलिस के मुताबिक, मृतका की पहचान कोमल के रूप में हुई, जो फरीदाबाद की रहने वाली थी। युवक की पहचान सुमित गौतम के रूप में हुई, जो नॉर्थ दिल्ली का निवासी है।
सुमित और कोमल एक-दूसरे को पहले से जानते थे और दोनों दिसंबर 2024 से रिलेशनशिप में थे। सोमवार रात दोनों सेक्टर-19 स्थित एक होटल में रुके थे। बताया जाता है कि देर रात कोमल ने कथित तौर पर होटल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना की सूचना युवती के साथ ठहरे उसके बॉयफ्रेंड ने पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके साथ ही, युवती के बॉयफ्रेंड से पूछताछ की गई।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर दुर्घटनाग्रस्त, 12 घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक बंद

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर दुर्घटनाग्रस्त, 12 घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक बंद

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर दुर्घटनाग्रस्त, 12 घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक बंद
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर दुर्घटनाग्रस्त, 12 घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक बंद

पुणे। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर शाम एक गंभीर हादसा हुआ, जब एक प्रोपलीन गैस से भरा टैंकर आदोशी टनल के पास पलट गया। इस घटना के बाद मुंबई जाने वाली ट्रैफिक की सभी लेन 12 घंटे से ज्यादा समय तक पूरी तरह से बंद रहीं। जानकारी के अनुसार यह हादसा शाम करीब 6:15 बजे हुआ, जब टैंकर मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा और पलट गया। इसके बाद गैस लीक होने की सूचना मिलने पर अधिकारियों ने तुरंत पुणे से मुंबई जाने वाली लेन को बंद कर दिया। प्रोपलीन गैस बेहद ज्वलनशील होने के कारण इलाके में खतरनाक स्थिति पैदा हो गई थी। इमरजेंसी टीमों ने हादसे के बाद त्वरित कार्रवाई शुरू की, जिसमें एनडीआरएफ, फायर सर्विस, आईआरबी पुलिस और केमिकल स्पेशलिस्ट शामिल थे। इन टीमों ने गैस लीक को रोकने और टैंकर को सीधा करने के लिए लगातार काम किया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर दुर्घटनाग्रस्त, 12 घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक बंद
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर दुर्घटनाग्रस्त, 12 घंटे से अधिक समय तक ट्रैफिक बंद


वहीं, इस घटना के कारण 25 किमी लंबा जाम लग गया, जिससे बसों और ट्रकों समेत हजारों वाहन फंसे हुए थे। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और सुविधाओं की कमी के कारण स्थिति जटिल हो गई।
अधिकारियों ने साफ किया कि जब तक विशेषज्ञ क्षेत्र को सुरक्षित घोषित नहीं करते, तब तक ट्रैफिक को फिर से शुरू नहीं किया जाएगा। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, बुधवार सुबह तक ट्रैफिक सामान्य होने की संभावना कम है।
अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे इस मार्ग का इस्तेमाल न करें और पुराने मुंबई-पुणे हाईवे जैसे वैकल्पिक मार्गों पर यात्रा करें। महाराष्ट्र हाईवे पुलिस से लाइव अपडेट लेने की सलाह भी दी गई है, क्योंकि गैस के लगातार रिसाव से खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए रास्ते को बंद किया गया है। किसी भी सूचना के लिए लोग पुलिस से बात कर सकते हैं। गैस टैंकर पलटने से कोई हताहत नहीं हुआ है। इमरजेंसी टीमें लगी हुई हैं, जल्द ही स्थिति पर कंट्रोल कर लिया जाएगा। हमें सही समय पर सूचना मिल गई थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया है।

संसद का बजट सत्र : राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा

संसद का बजट सत्र : राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा

संसद का बजट सत्र : राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा
संसद का बजट सत्र : राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में उस समय तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला, जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपना संबोधन दे रहे थे। राहुल गांधी के भाषण के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच जोरदार नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे सदन का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। शोर-शराबे और आपत्तियों के चलते कुछ समय के लिए कार्यवाही भी प्रभावित हुई।

राहुल गांधी अपने भाषण में केंद्र सरकार की नीतियों, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और शासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक प्रकाशित पत्रिका में छपी कहानी का उल्लेख किया और उसमें दिए गए कुछ उद्धरणों को सदन के पटल पर रखा। उनका दावा था कि ये उद्धरण एक पूर्व सेना जनरल के अप्रकाशित संस्मरणों से जुड़े हैं, जो देश की सुरक्षा और सैन्य निर्णय प्रक्रिया को लेकर अहम सवाल खड़े करते हैं।

राहुल गांधी के इस संदर्भ पर सत्ता पक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सदन में जिस तरह के दस्तावेज़ों और स्रोतों का हवाला दिया जा रहा है, वे लोकसभा के नियमों और परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी प्रकाशित पत्रिका में छपी कहानी या अप्रकाशित संस्मरणों के आधार पर इस तरह के संवेदनशील विषयों को उठाना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे देश की सुरक्षा से जुड़ी संस्थाओं की छवि को भी नुकसान पहुंच सकता है।

राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है और यहां बोलते समय सभी सदस्यों को जिम्मेदारी और मर्यादा का पालन करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे अपने बयान को वापस लें या ऐसे किसी भी संदर्भ को रिकॉर्ड से हटाया जाए, जो नियमों के तहत स्वीकार्य नहीं है। सत्ता पक्ष के अन्य सांसदों ने भी अपनी-अपनी सीटों से खड़े होकर इस आपत्ति का समर्थन किया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

संसद का बजट सत्र : राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा
संसद का बजट सत्र : राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा

इसके जवाब में राहुल गांधी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने जिस स्रोत का हवाला दिया है, वह पूरी तरह प्रामाणिक है और सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पूर्व सेना जनरल के अनुभव और संस्मरण सामने आते हैं, तो उन्हें देशद्रोह या नियमों के उल्लंघन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। राहुल गांधी का कहना था कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और जवाब मांगना विपक्ष का अधिकार ही नहीं, बल्कि कर्तव्य भी है।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति को बदनाम करना नहीं है, बल्कि सरकार की नीतियों और फैसलों की पारदर्शिता पर चर्चा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सरकार से असहज सवाल पूछे जाते हैं, तो सत्ता पक्ष नियमों का हवाला देकर बहस को दबाने की कोशिश करता है। विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी के समर्थन में मेजें थपथपाईं और सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि सदन नियमों के तहत ही चलेगा। अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी सदस्य द्वारा नियमों के विपरीत कोई बात कही जाती है, तो उसे रिकॉर्ड से हटाने का अधिकार पीठ के पास है। हालांकि, शोर-शराबा थमने का नाम नहीं ले रहा था और कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल एक उद्धरण या स्रोत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सरकार और विपक्ष के बीच गहराता अविश्वास और तीखा राजनीतिक संघर्ष झलकता है। बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर जहां आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, वहीं बार-बार ऐसे टकराव संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर रहे हैं।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार असहमति की आवाज़ को दबाना चाहती है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठाता है, जिनसे सदन में हंगामा हो और सरकार को घेरा जा सके। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संसद में सार्थक बहस और स्वस्थ लोकतांत्रिक संवाद की परंपरा को कैसे मजबूत किया जाए।

बजट सत्र के दौरान हुआ यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रह सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस विवाद पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है और क्या दोनों पक्ष सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए किसी सहमति पर पहुंच पाते हैं या नहीं।

बयाना उपखंड के नया नगला में फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई, जांच में जुटी पुलिस

बयाना उपखंड के नया नगला में फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई, जांच में जुटी पुलिस

बयाना उपखंड के नया नगला में फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई, जांच में जुटी पुलिस
बयाना उपखंड के नया नगला में फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई, जांच में जुटी पुलिस

बयाना। बयाना उपखंड की ग्राम पंचायत खनखेड़ा के गांव नया नगला स्थित भेड़ा फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से लगातार जंगल क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की जा रही थी, जिनकी संख्या हजारों में बताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि काटे गए पेड़ों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर खुलेआम बेचा गया, और इस पूरे मामले में वन विभाग की मिलीभगत रही है। मौके पर बड़ी संख्या में कटे हुए पेड़ पड़े मिले हैं, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है। वहीं इस पूरे मामले पर रेंजर हरभान सिंह का कहना है कि पेड़ों की कटाई कुछ ग्रामीणों द्वारा की गई है, जिनके खिलाफ सदर थाना में नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया है। विभाग द्वारा की गई जांच में करीब 159 पेड़ों की कटाई की पुष्टि हुई है। साथ ही कुछ कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को कैर नाके पर जब्त करवा दिया गया है। इस लापरवाही के चलते दोषी बीट गार्ड और वनपाल को निलंबित कर दिया गया है।
हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि इतने बड़े पहाड़ी और फॉरेस्ट एरिया में बिना विभागीय जानकारी के इतनी बड़ी संख्या में पेड़ कैसे काटे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की कटाई में जेसीबी,पेडों का काटने जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया, जो बिना उच्च अधिकारियों की जानकारी के संभव नहीं है।

बयाना उपखंड के नया नगला में फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई, जांच में जुटी पुलिस
बयाना उपखंड के नया नगला में फॉरेस्ट एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध कटाई, जांच में जुटी पुलिस


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि बिलायती बबूल की आड़ में खेजड़ी, छोकड़ा, पापड़ी और देशी बबूल जैसे संरक्षित पेड़ों को भी हजारों की संख्या में काटा गया, और उन्हें बेचकर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई है।
मामला बढ़ता देख एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बड़ी मात्रा में पेड़ों की कटाई हुई है, वनविभाग की ओर से सदर थाना पर मामला दर्ज कराया गया है पूरे मामले की पुलिस जांच जारी है।
गौरतलब है कि एक ओर जहां राजस्थान सरकार “हरियालो राजस्थान” अभियान के तहत प्रदेशभर में पौधारोपण कर रही है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में बयाना के नया नगला के भेड़ा फॉरेस्ट एरिया में इस तरह की बड़ी अवैध कटाई ने प्रशासन और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाती है, तो इसमें बड़े-बड़े अधिकारी भी फंस सकते हैं।
फिलहाल, यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

नगर निगम यूडी टैक्स टेंडर : क्या सिस्टम की मिलीभगत से हो रहा है जयपुर का नुकसान?

नगर निगम यूडी टैक्स टेंडर : क्या सिस्टम की मिलीभगत से हो रहा है जयपुर का नुकसान?

नगर निगम यूडी टैक्स टेंडर : क्या सिस्टम की मिलीभगत से हो रहा है जयपुर का नुकसान?
नगर निगम यूडी टैक्स टेंडर : क्या सिस्टम की मिलीभगत से हो रहा है जयपुर का नुकसान?

जयपुर। भ्रष्टाचार और सरकारी संरक्षण की परतें जब खुलती हैं, तो जनता की गाढ़ी कमाई के लूट की कहानी सामने आती है। गुलाबी नगरी में इन दिनों एक ऐसा ही मामला गरमाया हुआ है, जहाँ नगर निगम के खजाने को चूना लगाने वाली फर्म स्पैरो सॉफ्टटेक को सरकारी अभयदान मिलने के आरोप लग रहे हैं। व्यापार मंडलों द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को सौंपे गए दस्तावेजों ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारियों का दावा है कि पिछले 6 वर्षों में अर्बन डेवलपमेंट टैक्स (UD Tax) के नाम पर जयपुर को 125 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व घाटा हुआ है। ताज्जुब की बात यह है कि जिस फर्म पर वसूली का जिम्मा था, उसी के कार्यकाल में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। रिपोर्ट के मुताबिक, फर्म को GIS आधारित सर्वे और एक कार्यशील IT पोर्टल विकसित करना था, जो आज तक धरातल पर नहीं उतरा। बिना डेटा और बिना पोर्टल के, टैक्स वसूली का सारा खेल ‘अंधेरे में तीर’ चलाने जैसा रहा। व्यापारियों की ओर से दिए गए प्रतिवेदन में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोप है कि फर्म ने जानबूझकर उन छोटे व्यापारियों और परिसरों को भी भारी-भरकम टैक्स नोटिस जारी किए, जो नियमानुसार टैक्स के दायरे में आते ही नहीं थे। जब डरा हुआ व्यापारी दफ्तर पहुँचा, तो कथित तौर पर पर्दे के पीछे ‘सौदेबाजी’ की गई और बाद में उन नोटिसों को रफा-दफा कर दिया गया। यह सीधा-सीधा उगाही का मॉडल नजर आता है, जिसने व्यापारियों में रोष पैदा कर दिया है।

नगर निगम यूडी टैक्स टेंडर : क्या सिस्टम की मिलीभगत से हो रहा है जयपुर का नुकसान?
नगर निगम यूडी टैक्स टेंडर : क्या सिस्टम की मिलीभगत से हो रहा है जयपुर का नुकसान?


कारण बताओ नोटिस… या महज कागजी खानापूर्ति?
खुद नगर निगम ने अनियमितताओं को लेकर फर्म स्पैरो सॉफ्टटेक को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए। लेकिन सवाल यह है कि जब खामियां जगजाहिर थीं, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आरोप है कि आयुक्त स्तर पर फर्म को लगातार संरक्षण दिया गया। अब चर्चा है कि नए टेंडर की शर्तों को इस तरह मरोड़ा जा रहा है कि उसी विवादित फर्म को दोबारा एंट्री मिल सके।
सत्ता के गलियारों में सन्नाटा क्यों है भाई?
करीब 125 करोड़ रुपए की चपत कोई मामूली आंकड़ा नहीं है। व्यापार मंडलों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच हो और राजस्व नुकसान की वसूली संबंधित फर्म और लापरवाह अधिकारियों से की जाए। क्या मुख्यमंत्री कार्यालय इस ‘राजस्व रिसाव’ पर लगाम लगाएगा या फिर जयपुर का खजाना इसी तरह ‘संरक्षण’ की भेंट चढ़ता रहेगा?

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सांप्रदायिक हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सांप्रदायिक हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सांप्रदायिक हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सांप्रदायिक हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल

रायपुर । छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में फिंगेश्वर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत दुटकैयां गांव में रविवार शाम दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प के बाद तनाव फैल गया। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। पूरे गांव में पुलिस की कड़ी निगरानी है। यह हिंसा उस वक्त भड़की जब तीन लोग – आरिफ, सलीम और इमरान – जिन्हें हाल ही में एक साल पुराने मामले में जमानत पर रिहा किया गया था, जिसमें एक स्थानीय मंदिर में मूर्ति तोड़ने का आरोप था, उन्होंने कथित तौर पर कई ग्रामीणों पर हमला किया।
पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपियों ने गांव और आस-पास के इलाकों के 4-6 युवाओं को निशाना बनाया।
हमलों में रॉड, पत्थर और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तीनों पर मंदिर अपवित्रता मामले में उनके खिलाफ गवाही देने वालों को लगातार डराने-धमकाने और परेशान करने का आरोप लगाया।
इस हमले से गुस्साए ग्रामीणों के एक बड़े समूह ने आरिफ और उसके साथियों के घरों को घेर लिया और उनमें आग लगा दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अफरा-तफरी के दौरान कई घरों और गाड़ियों में आग लगा दी गई।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सांप्रदायिक हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सांप्रदायिक हिंसा, कई पुलिसकर्मी घायल


जैसे-जैसे हालात बिगड़े, दखल देने और व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। पत्थरबाजी में कम से कम छह पुलिस अधिकारी घायल हो गए, जिनमें से कुछ को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ी।
गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने पुष्टि की कि तीनों आरोपियों को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरिफ और अन्य लोगों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल, जिसमें अतिरिक्त टुकड़ियां भी शामिल थीं, भेजी गईं।
सोमवार को गांव एक सुरक्षा कैंप जैसा लग रहा था, हर कोने पर पुलिसकर्मी तैनात थे। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि स्थिति अब स्थिर और नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी तरह की पुनरावृत्ति से बचने के लिए निगरानी जारी है।
अधिकारियों ने निवासियों से सहयोग करने और ग्रामीण इलाके में सद्भाव बनाए रखने के लिए अफवाहें फैलाने से बचने का आग्रह किया।