
जयपुर/रामदेवरा, 29 अगस्त 2025
राजस्थान के लोकदेवता बाबा रामदेव जी के 641वें वार्षिक मेले के अवसर पर रामदेवरा धाम आस्था और श्रद्धा से सराबोर नजर आया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से बाबा के दर्शन करने पहुंचे। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने गुरुवार को रामदेवरा पहुंचकर बाबा रामदेव जी की समाधि पर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।
मंत्री गहलोत के साथ पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी भी उपस्थित रहे। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधियों के साथ बाबा की समाधि पर पुष्प और प्रसाद अर्पित किया गया। मंत्री ने समाधि स्थल की अखंड जोत के दर्शन कर आत्मिक शांति की अनुभूति प्राप्त की।
बाबा रामदेव मेला: समरसता और आस्था का प्रतीक
इस अवसर पर मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि बाबा रामदेव जी का मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समरसता, भाईचारे और लोक आस्था का जीवंत प्रतीक है। यह मेला राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के श्रद्धालुओं को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव जी का जीवन सद्भाव, सेवा और समानता का आदर्श रहा है, और यही कारण है कि इस धाम पर हर धर्म, जाति और समुदाय के लोग एक साथ सिर झुकाते हैं।
गहलोत ने कहा कि बाबा का संदेश आज भी प्रासंगिक है और समाज को जोड़ने की प्रेरणा देता है। रामदेवरा आने से व्यक्ति को केवल धार्मिक संतोष ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति भी मिलती है।
मेला व्यवस्थाओं की सराहना, स्वास्थ्य चौकी का निरीक्षण
अपने दौरे के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने मेला क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। उन्होंने विशेष रूप से मंदिर परिसर में स्थित स्वास्थ्य चौकी का दौरा किया, जहां तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद किया। गहलोत ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया और श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार देने में लगे स्वास्थ्य कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े आयोजनों में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं और प्रशासन ने इस दिशा में बेहतर कार्य किया है। उन्होंने स्वच्छता, पानी, सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे अन्य पहलुओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
प्रशासन और मंदिर समिति का भव्य स्वागत
रामदेवरा दौरे के दौरान मंदिर समिति द्वारा मंत्री गहलोत का परंपरागत राजस्थानी अंदाज़ में स्वागत किया गया। मंदिर समिति कार्यालय में बाबा रामदेव जी के वंशज गादीपति भोमसिंह तंवर और सांकड़ा पंचायत समिति के प्रधान भगवत सिंह तंवर ने मंत्री को साफा, माला और दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान वहां उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मंदिर समिति के सदस्यों ने भी अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
इस मौके पर उपखंड अधिकारी लाखा राम चौधरी, सहायक निदेशक प्रवीण प्रकाश चौहान, समाजसेवी नवल चौहान, मंदिर समिति के अन्य पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मिलकर बाबा रामदेव के वार्षिक मेले को सफल और सुव्यवस्थित बनाने में सहयोग किया।

बाबा रामदेव पैनोरमा का किया अवलोकन
रामदेवरा यात्रा के दौरान मंत्री अविनाश गहलोत ने बाबा रामदेव पैनोरमा का भी अवलोकन किया। इस पैनोरमा में बाबा रामदेव जी के जीवनवृत्त को अत्यंत सुंदर ढंग से चित्रों और मूर्तियों के माध्यम से दर्शाया गया है। पैनोरमा में बाबा के बाल्यकाल, सामाजिक सुधार कार्य, धर्म की सेवा, चमत्कारी कार्यों और समाधि यात्रा की विस्तृत जानकारी दी गई है।
मंत्री गहलोत ने पैनोरमा की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थल न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि भावी पीढ़ी को बाबा के आदर्शों से परिचित कराने का एक जीवंत माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस प्रकार के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रद्धालुओं की सेवा में प्रशासन तत्पर
रामदेवरा में चल रहे वार्षिक मेले के दौरान जिला और स्थानीय प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं, पेयजल, स्वच्छता, लाउडस्पीकर नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, ठहराव और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे मेला शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न हो रहा है।
मंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों की तैयारियों और व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना की और कहा कि इस स्तर की सजगता ही एक धार्मिक आयोजन को यादगार बनाती है।
बाबा रामदेव मेला: इतिहास और महत्व
बाबा रामदेव जी को हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों में अत्यंत श्रद्धा के साथ पूजा जाता है। रामदेवरा स्थित समाधि स्थल पर प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष में भव्य मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु देशभर से पहुंचते हैं। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन है, बल्कि यह धर्मनिरपेक्ष मूल्यों, सामाजिक समरसता और जनकल्याण की भावना को भी जीवंत करता है।
बाबा रामदेव जी ने समाज में समानता और न्याय का संदेश दिया। वे जीवन भर दलित, गरीब, शोषित और वंचित वर्गों के लिए समर्पित रहे। उनका जीवनचक्र आज भी प्रेरणादायी है और उनका मेले का आयोजन जनमानस को उनकी शिक्षाओं से जोड़ने का माध्यम है।
निष्कर्ष
बाबा रामदेव जी के 641वें वार्षिक मेले में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की उपस्थिति ने आयोजन को एक नई गरिमा प्रदान की। मंत्री द्वारा समाधि स्थल पर की गई पूजा-अर्चना, मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण और पैनोरमा का अवलोकन न केवल श्रद्धा का परिचायक था, बल्कि यह प्रशासन की प्रतिबद्धता का भी प्रमाण था।
इस पूरे आयोजन ने सिद्ध कर दिया कि जब प्रशासन, समाज और श्रद्धालु मिलकर काम करें, तो कोई भी धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव न केवल सफल होता है, बल्कि वह एक उदाहरण भी बनता है। बाबा रामदेव जी का यह मेला निश्चित रूप से भाईचारे, एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का उत्सव बनकर उभरा है।



















