बरेली में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति को मारने की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस
बरेली । उत्तर प्रदेश के बरेली के थाना सुभाष नगर क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड डॉ. विशाल सक्सेना पर उनकी पत्नी शिखा सक्सेना और उसके प्रेमी सौरभ सक्सेना ने जानलेवा हमला करने की कोशिश की। एसपी मानुष पारीक ने बताया कि पीड़ित पति विशाल सक्सेना द्वारा थाना सुभाष नगर में रिपोर्ट दी गई है, जिसमें उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर की रात में उनकी पत्नी ने उन्हें दूध पिलाया, जिसमें नींद की गोलियां मिली थीं। अगले दिन सुबह जब उन्हें होश आया तो उनके हाथ, पैर और गले में रस्सी से फंदा और मुंह बंधा हुआ था। शिखा और सौरभ उन्हें घर के सबसे पीछे वाले कमरे में ले गए, ताकि बाहर की किसी को आवाज न सुनाई दे। दोनों ने सीसीटीवी भी पहले ही बंद कर दिया था।
बरेली में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति को मारने की कोशिश, जांच में जुटी पुलिस
विशाल ने बताया कि दोनों ने हथौड़े और मुक्कों से उन पर हमला भी किया। इस बीच उनकी चेक बुक और पासबुक भी ले ली। इसके बाद सौरभ शराब पीने लगा। नशे में धुत सौरभ ने धमकी दी कि वह मुझे जान से मार देगा और मेरी प्रॉपर्टी को दोनों आपस में बांट लेंगे। इसी दौरान नशे में सौरभ खुद बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद किसी तरह घर से बाहर भागकर मैंने पड़ोसियों से मदद मांगी। थाना सुभाष नगर के एसपी मानुष पारीक ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पाया गया कि लगभग एक साल पहले भी सौरभ ने शिखा को ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। पुलिस का कहना है कि मोबाइल लोकेशन और चैट की जांच से और सबूत मिलेंगे। विशाल सक्सेना ने बताया कि वे सरकारी सेवा से निवृत्त सीनियर सिटीजन हैं और उनकी जान को गंभीर खतरा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी पत्नी और प्रेमी की तलाश में लगी हुई है।
दिल्ली: फर्श बाजार में घर के बाहर चली गोली, रंगदारी की कॉल का दावा
नई दिल्ली । दिल्ली के शाहदरा जिले में फर्श बाजार इलाके में उस वक्त दहशत फैल गई, जब तीन नकाबपोश बदमाशों ने एक घर के बाहर कई राउंड गोलियां चलाईं और भागते समय धमकी भरा पर्चा फेंक गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है और फिरौती की कॉल से जुड़े दावे की भी पड़ताल शुरू कर दी है। सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि देर रात करीब दस बजे तीन लोग मास्क लगाए घर के गेट पर पहुंचे। उन्होंने एक के बाद एक कई गोलियां हवा में चलाईं, जिसकी तेज आवाज पूरे इलाके में गूंजी। फायरिंग खत्म होते ही बदमाशों ने एक कागज की पर्ची गेट पर फेंकी और तेजी से भाग निकले। पूरी वारदात महज 20-25 सेकंड में हो गई। डर के मारे आसपास के लोग घरों से बाहर नहीं निकले। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पर्ची पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी, ‘देख लेंगे।’ इसमें किसी का नाम नहीं था। लेकिन, यह धमकी रंगदारी या पुरानी रंजिश से जुड़ी लग रही है। पर्ची को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि कोई सुराग मिल सके।
दिल्ली: फर्श बाजार में घर के बाहर चली गोली, रंगदारी की कॉल का दावा
घर के मालिक ने पुलिस को शिकायत दी कि फायरिंग से कुछ दिन पहले उन्हें अनजान नंबर से रंगदारी की कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने लाखों रुपए मांगे और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। हालांकि, उन्होंने अभी तक कॉल करने वाले का नाम या कोई और जानकारी नहीं बताई। फायरिंग के बाद ही उन्होंने रंगदारी वाली बात का जिक्र किया। शाहदरा पुलिस अब दोनों मामलों की एक साथ जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की शिनाख्त की कोशिश हो रही है और मोबाइल कॉल की डिटेल्स खंगाली जा रही हैं। इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे। फर्श बाजार दिन में व्यस्त रहने वाला इलाका है, जहां हजारों लोग आते-जाते हैं। रात की इस घटना से दुकानदारों और रहवासियों में डर है और उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। अब पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं यह किसी गैंग की रंजिश तो नहीं।
डीएसटी और जलोदा जागीर पुलिस ने ₹50 लाख का 331 किलो अवैध डोडा चूरा जब्त किया, 2 तस्कर गिरफ्तार
जयपुर। प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान के तहत डीएसटी और थाना जलोदा जागीर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 331 किलो 870 ग्राम अवैध डोडा चूरा जब्त किया है। जब्त किए गए डोडा चूरा की अनुमानित कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने परिवहन में प्रयुक्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। एसपी आदित्य ने बताया कि रविवार को डीएसटी इन्चार्ज से मिली सटीक सूचना के आधार पर थानाधिकारी जलोदा जागीर मांगी लाल के नेतृत्व में टीम ने छोटीसादड़ी से साटोला जाने वाले मुख्य मार्ग सरहद देवली पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने पुलिस को देखकर घबराहट में वाहन को वापस मोड़ने का प्रयास किया, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया।
डीएसटी और जलोदा जागीर पुलिस ने ₹50 लाख का 331 किलो अवैध डोडा चूरा जब्त किया, 2 तस्कर गिरफ्तार
तलाशी लेने पर ट्रॉली में सोयाबीन के भूसे के अन्दर छिपाकर रखे गए 17 काले-सफेद प्लास्टिक के कटटों में अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी भैयालाल आंजना पुत्र भागीरथ (27) और गोपाल शर्मा पुत्र रामलाल (42) निवासी साकरिया थाना रठांजना को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। मामले में थाना जलोदा जागीर पर एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विस्तृत जांच और अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। यह बड़ी सफलता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ और सीओ छोटीसादड़ी गजेन्द्र सिंह राव के मार्गदर्शन में हासिल हुई। इस ऑपरेशन में थानाधिकारी मांगीलाल और डीएसटी इन्चार्ज एएसआई पन्ना लाल के नेतृत्व में जलोदा जागीर पुलिस और डीएसटी के समस्त जवानों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वकालत के दौरान हुआ प्रेम, शादी से इनकार करने पर महिला ने दी जान, हिरासत में आरोपी
नोएडा। सेक्टर-39 थाना क्षेत्र में 24 वर्षीय महिला वकील प्रीति, निवासी सेक्टर-105, ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी थाना सेक्टर-39 पुलिस को एक निजी अस्पताल से मेमो के माध्यम से मिली। बताया गया कि परिजनों ने प्रीति को कमरे में फंदे से लटका पाया और तुरंत उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। मृतका के परिवार ने बताया कि प्रीति पिछले करीब दो वर्षों से अभिप्राय सिंह (उम्र 34 वर्ष) के साथ प्रेम प्रसंग में थी। अभिप्राय भी पेशे से वकील है और प्रीति के साथ उसी ऑफिस में काम करता था। परिजनों के अनुसार, प्रीति का आरोप था कि अभिप्राय ने उससे शादी का वादा किया था, लेकिन अब वह शादी करने से इनकार कर रहा था। इसी तनाव में प्रीति ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया।
वकालत के दौरान हुआ प्रेम, शादी से इनकार करने पर महिला ने दी जान, हिरासत में आरोपी
पुलिस की फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। वहीं, परिजनों ने आरोपी अभिप्राय के खिलाफ लिखित शिकायत (तहरीर) दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना सेक्टर-39 पुलिस ने आरोपी अभिप्राय सिंह को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। परिवार का कहना है कि प्रीति पिछले कुछ समय से काफी तनाव में थी और अभिप्राय की बातों से परेशान थी। फिलहाल पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत अग्रिम कार्रवाई में जुटी हुई है।
मुंबई में छत्रपति संभाजी महाराज पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला युवक गिरफ्तार
मुंबई । छत्रपति संभाजी महाराज को लेकर सोशल मीडिया पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मुंबई की वाकोला पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी रिक्शा चालक की पहचान मोहम्मद सिद्दीकी उद्दीन के रूप में हुई है। यह पूरी घटना एक इंस्टाग्राम पोस्ट से शुरू हुई। शिकायतकर्ता ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर छत्रपति संभाजी महाराज से जुड़ी कंटेंट पोस्ट किया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपी ने संभाजी महाराज के संदर्भ में औरंगजेब से जुड़ा एक बेहद विवादित और अपमानजनक कमेंट किया। शिकायत मिलने के बाद वाकोला पुलिस ने तुरंत मामले को संज्ञान में लिया और पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की। उसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से उसके कमेंट के पीछे की वजह पूछी गई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि समाज में तनाव और विवाद पैदा करने की कोशिश जैसा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
मुंबई में छत्रपति संभाजी महाराज पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला युवक गिरफ्तार
वाकोला पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने इससे पहले भी इस तरह के कोई विवादित पोस्ट किए थे या किसी समूह से प्रभावित होकर ऐसी टिप्पणी की गई। मुंबई पुलिस लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नफरत फैलाने, आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों पर निगरानी रख रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और किसी भी प्रकार की उकसाने वाली या विवादित सामग्री से दूर रहें। इस घटना के बाद इलाके में लोग सोशल मीडिया पर पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि छत्रपति संभाजी महाराज जैसे वीर और ऐतिहासिक व्यक्तित्व का अपमान किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि सोशल मीडिया का दुरुपयोग रोका जा सके और समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखा जा सके।
उदयपुर : नीमच माता मंदिर के जीर्णोद्वार के लिए 50 लाख का बजट मंजूर, जल्द शुरू होंगे विकास कार्य
उदयपुर | शहर की आस्था का प्रमुख केंद्र और ‘उदयपुर की वैष्णोदेवी’ के नाम से प्रसिद्ध नीमच माता मंदिर जल्द ही नए रूप में नजर आएगा। पर्यटन विभाग ने मंदिर के जीर्णोद्वार और विकास कार्यों के लिए 49.42 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया है। यह राशि विभाग ने पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग को ट्रांसफर कर दी है, जिसके बाद मंदिर परिसर में कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। कहां खर्च होगा बजट? पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक (विकास) आनंद कुमार त्रिपाठी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, स्वीकृत राशि का उपयोग निम्न कार्यों में किया जाएगा— मंदिर के जीर्णोद्धार: 5.23 लाख रुपए, मंदिर की दीवार मरम्मत: 1.29 लाख रुपए, एमएस ग्रिल निर्माण: 2.99 लाख रुपए, मुख्य प्रवेश द्वार से नए फ्लोर और पाथवे निर्माण: 21.13 लाख रुपए, सीढ़ियों का जीर्णोद्धार: 14.43 लाख रुपए, टॉयलेट निर्माण/मरम्मत: 2.05 लाख रुपए, सीमेंट कुर्सियों की मरम्मत: 1.10 लाख रुपए। इन कार्यों के पूरा होने के बाद मंदिर मार्ग और परिसर दोनों ही अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आकर्षक रूप में दिखाई देंगे। पहाड़ी मार्ग की खराब स्थिति और हादसे बने वजह
उदयपुर : नीमच माता मंदिर के जीर्णोद्वार के लिए 50 लाख का बजट मंजूर, जल्द शुरू होंगे विकास कार्य
नीमच माता मंदिर पहुंचने का मार्ग फतहसागर झील किनारे देवाली से होकर जाता है। पिछले कुछ वर्षों से पैदल मार्ग और पहाड़ी हिस्सों की हालत जर्जर हो रही थी।पिछले वर्ष पहाड़ी पर रेलिंग के पास फोटो खींचते समय दीवार गिरने से छह पर्यटक घायल हो गए थे। इस दुर्घटना के बाद मंदिर सेवक मयंक कुमावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को ज्ञापन देकर मंदिर की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया था। इसके बाद देवस्थान विभाग ने जीर्णोद्धार के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर बजट में शामिल करवाया। आस्था का केंद्र, अब नए स्वरूप की ओर नीमच माता मंदिर उदयपुरवासियों की आस्था का एक प्रमुख केंद्र रहा है। नवरात्रों से लेकर रोज़मर्रा के दिनों तक यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। परिसर और मार्ग के बेहतर होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।
राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सख्त रुख
यह खबर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर उठाए गए सख्त और प्रभावी कदम से जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया है कि अब राज्य सरकार सड़क सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी। यह निर्णय न केवल सड़क हादसों को रोकने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, बल्कि राज्य में ट्रैफिक अनुशासन को मजबूती से लागू करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत रद्द किए जाएंगे, जिससे ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी जो अपने साथ-साथ दूसरों की जान को भी खतरे में डालते हैं। यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार अब केवल चालान काटने या जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लाइसेंस रद्द करने जैसे कठोर कदम भी उठाएगी ताकि लोग यातायात नियमों का उल्लंघन करने से पहले सौ बार सोचें।
साथ ही, ओवरस्पीडिंग करने वालों और बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भी लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ओवरस्पीडिंग सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। अक्सर देखा जाता है कि लोग गति सीमा की अनदेखी करते हैं और सड़क पर अपनी जान के साथ-साथ दूसरों की जान भी जोखिम में डाल देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न केवल अनुशासन स्थापित करेगी, बल्कि सड़क पर जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति को भी बढ़ावा देगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की नीति यातायात नियम तोड़ने वालों के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की होगी। यानी अब कोई भी व्यक्ति अपनी राजनीतिक पहुंच, पद या प्रभाव के बल पर नियमों से बच नहीं पाएगा। यह नीति कानून के समान पालन और न्यायिक दृष्टि से भी एक सशक्त कदम है। “जीरो टॉलरेंस” नीति का अर्थ है कि चाहे अपराधी कोई भी हो, सजा अवश्य मिलेगी। इस प्रकार की सख्त नीति अपनाने से आम जनता में कानून के प्रति विश्वास बढ़ेगा और लोग स्वेच्छा से नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे।
राज्य में कल से 15 दिवसीय सड़क सुरक्षा अभियान की शुरुआत हो रही है। इस अभियान में पुलिस, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) मिलकर काम करेंगे। यह संयुक्त प्रयास राज्य में सड़क सुरक्षा को एक जनांदोलन का रूप देने का प्रयास है। अभियान के दौरान सड़क पर गश्त बढ़ाई जाएगी, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी, साथ ही आम नागरिकों को यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, परिवहन केंद्रों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों की मदद से लोगों को समझाया जाएगा कि सड़क पर छोटी-छोटी लापरवाहियां कितनी बड़ी दुर्घटनाओं में बदल सकती हैं। हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, और शराब पीकर वाहन न चलाने जैसे नियमों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
यह कदम इसलिए भी प्रशंसनीय है क्योंकि राजस्थान में हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा राजस्थान जैसे राज्यों का होता है। इन हादसों के पीछे मुख्य कारण हैं — ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइव करना और ट्रैफिक सिग्नलों की अनदेखी करना।मुख्यमंत्री का यह निर्णय इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए लिया गया है। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। जब तक लोग स्वयं जागरूक नहीं होंगे, तब तक किसी भी अभियान की सफलता अधूरी रहेगी। इसलिए इस अभियान में जागरूकता को केंद्र में रखा गया है। सरकार यह संदेश देना चाहती है कि कानून का डर और जन-जागरूकता दोनों मिलकर ही सुरक्षित सड़कों का निर्माण कर सकते हैं।
राजस्थान में सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सख्त रुख
इसके अलावा, सड़क सुरक्षा अभियान का एक और उद्देश्य यह भी है कि राज्य की सड़कों पर बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और संकेत व्यवस्था विकसित की जाए। अक्सर हादसे इसलिए भी होते हैं क्योंकि सड़कों पर उचित संकेतक नहीं होते या सड़कें जर्जर हालत में होती हैं। इस अभियान में पीडब्ल्यूडी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगी कि जहां सड़कें खराब हैं, वहां जल्द मरम्मत हो, और जहां संकेतक या लाइटिंग की कमी है, वहां तुरंत सुधार किया जाए।
इस पूरे अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी गंभीरता और निरंतरता से लागू किया जाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह कदम न केवल एक प्रशासनिक निर्देश है, बल्कि यह एक नैतिक अपील भी है — कि हर नागरिक अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार बने। यह पहल जनता और सरकार के बीच साझेदारी को मजबूत करेगी।
यदि यह नीति सख्ती से लागू होती है, तो राजस्थान निश्चित रूप से उन राज्यों में शामिल हो सकता है जहां सड़क हादसे न्यूनतम स्तर पर हों। सरकार का यह रुख एक उदाहरण बन सकता है कि कैसे ठोस नीतिगत फैसलों और जनजागरूकता के संयोजन से सामाजिक सुधार लाया जा सकता है।
अंततः, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यह पहल न केवल सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक सुधार का प्रतीक भी है। यह पहल दर्शाती है कि सरकार जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। यदि जनता और प्रशासन मिलकर इस दिशा में काम करें, तो राजस्थान निश्चित रूप से एक “सुरक्षित यातायात वाला राज्य” बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
इसलिए, यह कदम केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक सकारात्मक, दूरदर्शी और सराहनीय प्रयास है जो आने वाले समय में हजारों लोगों की जान बचाने में मदद कर सकता है।
मुंबई में खौफनाक वारदात, खाना नहीं लाने पर टैक्सी ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या
मुंबई । मुंबई के साकीनाका थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, जो मामूली विवाद से शुरू होकर हत्या तक पहुंच गया। खाना नहीं लाने पर चार टैक्सी ड्राइवर ने अपने ही साथी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य तीन आरोपी फरार हैं। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले पांच ड्राइवर मुंबई में रहकर टैक्सी चलाने का काम करते थे। सभी साकीनाका क्षेत्र में एक ही कमरे में किराए पर रहते थे और आपस में रिश्तेदार भी थे। रोजाना बारी-बारी से इनमें से कोई एक सभी के लिए खाना लाने का काम करता था। घटना वाले दिन जावेद खान (42) की बारी थी कि वह सबके लिए खाना लाए, लेकिन किसी वजह से वह खाना नहीं ला सका। इसी बात को लेकर उसके साथियों शबाज खान और उसके पिता व दोनों चाचा से कहासुनी हो गई। मामूली कहासुनी धीरे-धीरे झगड़े में बदल गई। गुस्से में आए आरोपियों में से एक ने कमरे में रखा डंडा उठाया और जावेद के सिर पर वार कर दिया। इसके बाद बाकी तीनों ने भी उसे बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।
मुंबई में खौफनाक वारदात, खाना नहीं लाने पर टैक्सी ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या
सिर पर गंभीर चोट लगने से जावेद खान की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद चारों आरोपी अपनी-अपनी टैक्सियां लेकर फरार हो गए। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद साकीनाका पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और चार आरोपियों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिनकी मदद से बाकी तीनों आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि चारों आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और सभी प्रतापगढ़ के एक ही गांव के रहने वाले हैं।
डीएसटी और जलोदा जागीर पुलिस ने ₹50 लाख का 331 किलो अवैध डोडा चूरा जब्त किया, 2 तस्कर गिरफ्तार
जयपुर। प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस अभियान के तहत डीएसटी और थाना जलोदा जागीर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 331 किलो 870 ग्राम अवैध डोडा चूरा जब्त किया है। जब्त किए गए डोडा चूरा की अनुमानित कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लगभग 50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने परिवहन में प्रयुक्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर मौके से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। एसपी आदित्य ने बताया कि रविवार को डीएसटी इन्चार्ज से मिली सटीक सूचना के आधार पर थानाधिकारी जलोदा जागीर मांगी लाल के नेतृत्व में टीम ने छोटीसादड़ी से साटोला जाने वाले मुख्य मार्ग सरहद देवली पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने पुलिस को देखकर घबराहट में वाहन को वापस मोड़ने का प्रयास किया, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया।
डीएसटी और जलोदा जागीर पुलिस ने ₹50 लाख का 331 किलो अवैध डोडा चूरा जब्त किया, 2 तस्कर गिरफ्तार
तलाशी लेने पर ट्रॉली में सोयाबीन के भूसे के अन्दर छिपाकर रखे गए 17 काले-सफेद प्लास्टिक के कटटों में अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी भैयालाल आंजना पुत्र भागीरथ (27) और गोपाल शर्मा पुत्र रामलाल (42) निवासी साकरिया थाना रठांजना को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। मामले में थाना जलोदा जागीर पर एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विस्तृत जांच और अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। यह बड़ी सफलता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ और सीओ छोटीसादड़ी गजेन्द्र सिंह राव के मार्गदर्शन में हासिल हुई। इस ऑपरेशन में थानाधिकारी मांगीलाल और डीएसटी इन्चार्ज एएसआई पन्ना लाल के नेतृत्व में जलोदा जागीर पुलिस और डीएसटी के समस्त जवानों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पश्चिम बंगाल : होटल में छापेमारी कर नाबालिग सहित दो महिलाओं को तस्करी के जाल से मुक्त कराया गया, 5 गिरफ्तार
कोलकाता । कोलकाता पुलिस की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने एक बड़े तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो महिलाओं को मुक्त कराया गया, जबकि पांच की गिरफ्तारी हुई है। उल्टाडांगा थाना क्षेत्र के होटल मैजेस्टिक इन में 30 अक्टूबर को की गई छापेमारी में एक लगभग 15 वर्षीय नाबालिग लड़की और एक 24 वर्षीय वयस्क महिला को यौन शोषण के जाल से बचाया गया। पुलिस ने एक महिला तस्कर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि होटल को ताला लगाकर सील कर दिया गया। मामला बीएनएस और पोक्सो एक्ट की धारा, साथ ही अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (आईएमटी) की धारा और 7 के तहत दर्ज किया गया है। सूचना के आधार पर दोपहर लगभग 4:50 बजे छापेमारी की गई। 2ई, गुरुदास दत्ता गार्डन लेन, कोलकाता-67 स्थित इस होटल के कमरा नंबर 303 से नाबालिग लड़की को और कमरा नंबर 302 से वयस्क महिला को मुक्त कराया गया। दोनों ही महिलाएं बाहरी राज्यों से तस्करी कर लाई गई थीं और जबरन वेश्यावृत्ति में धकेल दी गई थीं।
पश्चिम बंगाल : होटल में छापेमारी कर नाबालिग सहित दो महिलाओं को तस्करी के जाल से मुक्त कराया गया, 5 गिरफ्तार
छापे के दौरान एक महिला तस्कर (सीसीएल लड़की) को भी पकड़ा गया, जिसकी नाबालिग और वयस्क पीड़िता की तस्करी में प्रत्यक्ष भूमिका पाई गई। जब्त सामान में 5,000 रुपए के नकली नोट, निरोधक आदि शामिल हैं, जो अपराध की साजिश को उजागर करते हैं। गिरफ्तार आरोपियों में सुभ्रज्योति बिस्वास (44 वर्ष), कुशमंडी, उत्तर दिनाजपुर (वेश्यालय संचालक), हिमांशु सिंह (28 वर्ष), बिहार के गंगपुर सिसवास (वेश्यालय प्रबंधक), अरुण पात्रा (32 वर्ष), पूर्व मेदिनीपुर (चौकीदार के रूप में संलिप्त) और लाल्टू घटन (25 वर्ष), पूर्व मेदिनीपुर (सहयोगी) शामिल हैं। ये सभी बिहार और पूर्वी बंगाल के विभिन्न जिलों से जुड़े हैं, जो अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का संकेत देते हैं। पुलिस ने होटल की अचल संपत्तियों की सूची तैयार की है, लेकिन अभी जब्ती नहीं की गई। जांच के दौरान होटल की चाबी जब्त कर ली गई और पूरा परिसर सील कर दिया गया।