मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं

मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं

मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं
मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं

मुंबई । मुंबई के मलाड इलाके में बांगुर नगर पुलिस ने एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अयूब शेख (30), फैजान भलीम (27), फारुख शेख (29), मोइन अहमद शेख (32) और जीशान नासिर अंसारी (22) के रूप में हुई है। ये आरोपी मुंबई के मलाड स्थित चिंचोली बंदर इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। ये आरोपी कथित रूप से विदेशों में बैन दवाओं की बिक्री में शामिल थे। आरोपी विदेशी ऑनलाइन फार्मेसियों के प्रतिनिधि बनकर अंतर्राष्ट्रीय और अमेरिकी कंपनियों के नाम पर ग्राहकों से संपर्क करते थे और विदेशी ग्राहकों को धोखा देकर उन्हें बैन दवाएं बेचने का काम करते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने विदेशी ग्राहकों को फोन करके उन्हें दवाएं भेजने के नाम पर पैसे वसूलने का तरीका अपनाया था। इन दवाओं का निर्यात किसी वैध चैनल से नहीं किया जा सकता था, लेकिन आरोपी इसे बेचने में जुटे हुए थे।

मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं
मुंबई: अवैध कॉल सेंटर से 5 लोग गिरफ्तार, विदेशी ग्राहकों को बेचते थे प्रतिबंधित दवाएं


मुंबई पुलिस को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने अभियान चलाकर इन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों को 15 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और इस मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। इसका मास्टरमाइंड कौन है और कितने समय से ये लोग इस तरह का काम कर रहे हैं? पुलिस ने इनके साथियों को गिरफ्तार करने के लिए टीम बनाकर तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की जानकारी होने के बाद पहले इनकी लोकेशन पता की गई, फिर मुखबिर और एजेंसी की सहायता से पता किया गया कि ये लोग किस तरह के अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों से संपर्क करते हैं और उन्हें बैन दवाओं की बिक्री के नाम पर पैसे लेते हैं। पूरे मामले की जांच होने पर उनको गिरफ्तार कर लिया गया।

दिल्ली पुलिस ने 11 साल पुराना मर्डर केस सुलझाया, फरार आरोपी कासगंज से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने 11 साल पुराना मर्डर केस सुलझाया, फरार आरोपी कासगंज से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने 11 साल पुराना मर्डर केस सुलझाया, फरार आरोपी कासगंज से गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने 11 साल पुराना मर्डर केस सुलझाया, फरार आरोपी कासगंज से गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 11 साल पुराने एक मर्डर केस को सुलझाते हुए आरोपी लखन सिंह उर्फ अंश कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया है। लखन सिंह वर्ष 2014 में दर्ज पुलिस स्टेशन रानहोला के मर्डर केस में लंबे समय से वांछित चल रहा था और उसे 2015 में अदालत की ओर से भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा चुका था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंस्पेक्टर पुखराज सिंह के नेतृत्व में हत्या और गंभीर मामलों को सुलझाने में जुटी टीम ने इस पुराने केस पर दोबारा काम शुरू किया। आरोपी के राजस्थान, हरियाणा और यूपी के कई स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान इंस्पेक्टर पुखराज और एएसआई प्रदीप को आरोपी की मौजूदगी से जुड़ी अहम जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने बड़े स्तर पर रिकॉर्ड की जांच और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी का पता कासगंज में लगाया।
इसके बाद टीम ने उत्तर प्रदेश में कासगंज में समन्वित ऑपरेशन चलाया और 11 साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली पुलिस ने 11 साल पुराना मर्डर केस सुलझाया, फरार आरोपी कासगंज से गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने 11 साल पुराना मर्डर केस सुलझाया, फरार आरोपी कासगंज से गिरफ्तार

उन्होंने बताया कि आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, ताकि वह गिरफ्तारी से बच सके, लेकिन इंस्पेक्टर पुखराज सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि यह मामला 21 नवंबर 2014 को सामने आया था, जब रानहोला थाना क्षेत्र में होली कॉन्वेंट स्कूल के पास खेड़ी बाबा पुल के नाले के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। शव पर चेहरे, सिर के पीछे और शरीर के हिस्सों पर गहरे घाव पाए गए थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान राकेश भगत के रूप में हुई। पुलिस ने जब मामले की जांच की तो हत्या के आरोप में लखन सिंह का नाम सामने आया, लेकिन अपराध के बाद वह फरार हो गया और पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी।
जांच में पता चला था कि लखन सिंह का जन्म राजस्थान के करौली में हुआ था और वह शुरुआती पढ़ाई के बाद नजफगढ़ आकर मजदूरी का काम करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह 11 वर्षों तक अलग-अलग राज्यों में छिपता रहा।

ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा । ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 पुलिस ने मस्जिद चंदा घोटाले के प्रमुख आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहे सलीम खान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मामला गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की मदद से सलीम खान को थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र से दबोचा। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सलीम खान अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मस्जिद के चंदे में धोखाधड़ी में शामिल था। जांच में सामने आया कि मस्जिद के चंदे के रूप में एकत्रित 12.38 लाख रुपए को बैंक में जमा न कर, आरोपी ने अपने सह-अभियुक्तों के साथ मिलीभगत कर हड़प लिया था। इसके लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए थे और एक सुविचारित आपराधिक षड्यंत्र को अंजाम दिया था।
घटना सामने आने के बाद पीड़ित ने 5 अक्टूबर 2025 को बीटा-2 थाने में सलीम खान सहित कुल 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा : मस्जिद चंदा घोटाले में वांछित सलीम खान गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों, मोव खालिद, शमशीर खान और नवेद फैसल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। शेष आरोपी फरार चल रहे थे, जिनमें सलीम खान की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी सलीम खान, पुत्र नबी बक्श, डेल्टा-2, थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर का निवासी है। पुलिस का कहना है कि इस घोटाले में शामिल बाकी आरोपियों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले में और जो लोग भी शामिल थे उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने सभी फर्जी दस्तावेज भी पहले ही बरामद कर लिए थे।

गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार
गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

गुरुग्राम। रिटायर्ड कर्नल धर्मपाल डबास से बड़ी रकम की धोखाधड़ी करने वाले प्रॉपर्टी डीलर को इकोनॉमिक ऑफेंस विंग-1 ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अमन, जो राजस्थान के बहरोड़ क्षेत्र के जखराना गांव का निवासी है और फिलहाल गुरुग्राम के सेक्टर 82A में रहता है, ने कर्नल को बड़े ब्रांड्स की प्री-लॉन्च डील्स का लालच देकर कुल 1 करोड़ 89 लाख 48 हजार रुपए हड़प लिए। पुलिस जांच में सामने आया कि विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने कर्नल के साथ जॉइंट अकाउंट खुलवाया और उसमें 2-2 करोड़ रुपए का बैलेंस दिखाया।

गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार
गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल से 1.89 करोड़ की धोखाधड़ी, बहरोड़ के प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

इसके बावजूद वह वास्तविक निवेश किए बिना रकम अपने पत्नी, साले और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करता रहा और फरार हो गया। कर्नल धर्मपाल डबास, जो मूल रूप से दिल्ली के लाडपुर गांव के रहने वाले हैं और गुरुग्राम के वाटिका क्षेत्र में प्रॉपर्टी रखते हैं, ने बताया कि आरोपी ने एक भी रुपया निवेश नहीं किया। जब कई बार दबाव बनाने के बावजूद पैसा वापस नहीं मिला, तो उन्होंने खेड़की दौला थाने में धोखाधड़ी की FIR दर्ज करवाई।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी अमन पर पहले भी पश्चिम बंगाल में धोखाधड़ी और गुरुग्राम में छेड़छाड़ व छीना-झपटी के मामले दर्ज हैं। इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला
ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला

पुणे । महाराष्ट्र के पुणे और बारामती में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया है। यह कार्रवाई डेयरी क्षेत्र में निवेश के नाम पर हुई करीब 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ी है। ईडी की टीम ने पुणे में दो और बारामती में तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इन ठिकानों का संबंध मुख्य आरोपियों विद्यानंद धैरी और आनंद लोखंडे से बताया जा रहा है। दरअसल, बारामती डेयरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी का आरोप है कि आनंद सतीश लोखंडे (28 वर्ष) और उनकी पत्नी विद्या सतीश लोखंडे (24 वर्ष), जो बारामती तालुका के जलोची गांव के रहने वाले हैं, ने डेयरी कारोबार में निवेश करने का लालच देकर लोगों से 10.21 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने निवेशकों को बहुत ऊंचा मुनाफा देने का झांसा दिया था, लेकिन न तो पैसा लौटाया और न ही कोई कारोबार शुरू किया।

ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला
ईडी ने पुणे और बारामती में मारा छापा, 10 करोड़ की डेयरी निवेश धोखाधड़ी का मामला


ईडी के अधिकारियों ने बताया कि इस धोखाधड़ी में पुणे और मुंबई के कई बड़े व्यापारी फंस गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगे गए लोगों में कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। आरोपियों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए खुद को बारामती डेयरी से जुड़ा हुआ बताया और फर्जी दस्तावेज दिखाए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ईडी अब यह पता लगा रही है कि ठगी का यह पैसा कहां गया और क्या इसे कहीं और निवेश किया गया या हवाला के जरिए बाहर भेजा गया। जांच एजेंसी को शक है कि यह रकम कई परतों में छिपाई गई है। इसी सिलसिले में अलग-अलग ठिकानों से दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल जब्त किए गए हैं।
फिलहाल दोनों मुख्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। ईडी उनकी तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। यह मामला एक बार फिर निवेश के नाम पर होने वाली ठगी की बढ़ती घटनाओं को उजागर करता है, जहां लोग ऊंचे रिटर्न के लालच में अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं।

बिहार: पूर्णिया में दिल दहलाने वाली घटना, भाई ने दो मासूमों को उतारा मौत के घाट

बिहार: पूर्णिया में दिल दहलाने वाली घटना, भाई ने दो मासूमों को उतारा मौत के घाट

बिहार: पूर्णिया में दिल दहलाने वाली घटना, भाई ने दो मासूमों को उतारा मौत के घाट
बिहार: पूर्णिया में दिल दहलाने वाली घटना, भाई ने दो मासूमों को उतारा मौत के घाट

पूर्णिया । बिहार के पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र में दिल दहल देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक युवक ने अपने चचेरे भाई के तीन बच्चों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि पूरा मामला डिंगोज गांव का है, जहां एक युवक ने दो बच्चों की सोए अवस्था में लोहे के रॉड से मारकर हत्या कर दी। इस हमले में एक डेढ़ साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात जब सभी बच्चे घर के कमरे में सो रहे थे, तभी आरोपी मोहम्मद अरबाज कमरे में घुसा और लोहे की रॉड से बच्चों के सिर पर कई वार किए। इस हमले में दो बच्चों की मौत हो गई।

बिहार: पूर्णिया में दिल दहलाने वाली घटना, भाई ने दो मासूमों को उतारा मौत के घाट
बिहार: पूर्णिया में दिल दहलाने वाली घटना, भाई ने दो मासूमों को उतारा मौत के घाट

मृत बच्चों की पहचान इनायत (5) और गुलनाज (3) के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल बच्ची कुलसुम को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
रौंटा के थाना प्रभारी कुणाल सौरव ने आईएएनएस को बताया कि आरोपी लंबे समय से परिवार से नाराज चल रहा था। बताया गया कि मंगलवार की शाम में ही दोनों परिजनों के बीच एक लड़ाई को छुड़ाने के मामले में बहस हुई थी, जिससे आरोपी नाराज था। बताया गया कि उस दौरान मृत बच्चों के पिता ने उसे समझाया था, जिसके बाद वह और उग्र हो गया था।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई और बुधवार को आरोपी मो. अरबाज और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ जारी है।

बिहार: बेगूसराय में कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, राजद ने कानून व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

बिहार: बेगूसराय में कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, राजद ने कानून व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

बिहार: बेगूसराय में कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, राजद ने कानून व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
बिहार: बेगूसराय में कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, राजद ने कानून व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

बेगूसराय । बिहार के बेगूसराय जिले के वीरपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को अज्ञात अपराधियों ने एक कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए। बेगूसराय जिले में पिछले दो दिन में हत्या की यह दूसरी घटना है। पुलिस के अनुसार, घटना वीरपुर थाना क्षेत्र के परबंदा बाबा स्थान के पास की है। अपराधियों ने सुबह कपड़ा व्यवसायी मोहम्मद शहजाद की गोली मारकर हत्या की। बताया जाता है कि शहजाद सुबह अपनी बाइक से अपने घर पिपरा दौदराज गांव से वीरपुर स्थित अपनी दुकान जा रहा था, तभी अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया। बाद में अपराधी हथियार लहराते फरार हो गए। इधर, घटना की सूचना मिलने के बाद वीरपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है। वीरपुर के थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया इस घटना के पीछे आपसी विवाद का मामला सामने आ रहा है। पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

बिहार: बेगूसराय में कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, राजद ने कानून व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
बिहार: बेगूसराय में कपड़ा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या, राजद ने कानून व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल

इससे पहले, बेगूसराय में बुधवार को जदयू के एक नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बेगूसराय जिले के छौड़ाही थाना क्षेत्र के बेखौफ अपराधियों ने घर में घुसकर नीलेश कुमार को गोली मारी। बताया जाता है कि छौड़ाही थाना अंतर्गत पीर नगर गांव निवासी नीलेश कुमार घर में सोए हुए थे तभी तीन बाइक पर सवार होकर आए अपराधियों ने बिना कुछ बोले ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। नीलेश कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
इधर, राजद ने अब कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया है। राजद के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि पहले भी एनडीए की सरकार थी। उस समय भी हत्या का दौर जारी था और आज भी वही दौर जारी है। इस सरकार के बने अभी कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन 50 से अधिक हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जिनके हाथ में शासन की बागडोर है, उन्हें कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी भी है। एक्शन में समानता होनी चाहिए। अपराधी किसी जाति और धर्म का नहीं होता है।

दिल्ली: गैंगस्टर विकास लगरपुरिया और धीरपाल मकोका कानून के तहत दोषी, कोर्ट ने जेल सुपरिंटेंडेंट से मांगी व्यवहार की रिपोर्ट

दिल्ली: गैंगस्टर विकास लगरपुरिया और धीरपाल मकोका कानून के तहत दोषी, कोर्ट ने जेल सुपरिंटेंडेंट से मांगी व्यवहार की रिपोर्ट

दिल्ली: गैंगस्टर विकास लगरपुरिया और धीरपाल मकोका कानून के तहत दोषी, कोर्ट ने जेल सुपरिंटेंडेंट से मांगी व्यवहार की रिपोर्ट
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नई दिल्ली । दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने हरियाणा के गैंगस्टर विकास लगरपुरिया और उसके साथी धीरजपाल उर्फ काना को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने दोनों को महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून यानी मकोका की धारा-3 के तहत दोषी करार दिया है। दोनों की सजा पर बहस 13 दिसंबर को होगी। कोर्ट ने दोनों जेलों के सुपरिंटेंडेंट से दोषी बदमाशों के जेल में व्यवहार की रिपोर्ट भी मंगवाई है, ताकि सजा तय करते समय इसे ध्यान में रखा जा सके। मामला दिल्ली के नजफगढ़ थाने में दर्ज एक पुराने केस से जुड़ा है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष मकोका न्यायाधीश वंदना जैन की अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद दोनों को मकोका की मुख्य धारा-3 (अपराध सिंडिकेट चलाने और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए ) में दोषी पाया, लेकिन धारा-4 यानी संगठित अपराध से कमाई गई बेनामी संपत्ति रखने के मामले में उन्हें बरी कर दिया।
गुरुवार को विकास लगरपुरिया मंडोली जेल से, जबकि धीरजपाल उर्फ काना रोहिणी जेल नंबर-10 से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए।

दिल्ली: गैंगस्टर विकास लगरपुरिया और धीरपाल मकोका कानून के तहत दोषी, कोर्ट ने जेल सुपरिंटेंडेंट से मांगी व्यवहार की रिपोर्ट
दिल्ली: गैंगस्टर विकास लगरपुरिया और धीरपाल मकोका कानून के तहत दोषी, कोर्ट ने जेल सुपरिंटेंडेंट से मांगी व्यवहार की रिपोर्ट

विकास लगरपुरिया हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र का रहने वाला है और दिल्ली-एनसीआर में खतरनाक गैंगस्टरों में गिना जाता है। उसके खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, फिरौती, अपहरण सहित 24 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
साल 2021 में गुरुग्राम में कई करोड़ की लूट का वह मास्टरमाइंड बताया गया था। लंबे समय तक दुबई में छिपा रहा और वहीं से गैंग चलाता था। आखिरकार 2022 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उसे दुबई से गिरफ्तार कर भारत लाई थी।
उसका साथी धीरजपाल उर्फ काना भी मनोज मोरखेरी-लगरपुरिया गैंग का सक्रिय सदस्य है और दिल्ली के छावला डबल मर्डर केस समेत कई संगीन वारदातों में वांछित था। दोनों को मकोका में दोषी ठहराए जाने से यह पुलिस और अभियोजन की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

सीकर में भीषण बस हादसा : गुजरात पुलिस कांस्टेबल समेत 4 की मौत, बहन की शादी के लिए कपड़े-जूते खरीदकर लौट रहा था ट्रक ड्राइवर

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सीकर में भीषण बस हादसा : गुजरात पुलिस कांस्टेबल समेत 4 की मौत, बहन की शादी के लिए कपड़े-जूते खरीदकर लौट रहा था ट्रक ड्राइवर
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सीकर। राजस्थान के सीकर जिले के फतेहपुर क्षेत्र में झुंझुनूं बायपास पर देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में स्लीपर बस और ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बस ड्राइवर कमलेश चौधरी, कंडक्टर मितेश, ट्रक ड्राइवर अमित कुमार और गुजरात पुलिस के कॉन्स्टेबल मयंक भाई पटेल शामिल हैं। कमलेश, अमित और मयंक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल कंडक्टर मितेश ने जयपुर SMS अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में 13 यात्री घायल हुए, जिनका इलाज सीकर के एसके अस्पताल में चल रहा है। मृतक ट्रक ड्राइवर अमित (25) दिल्ली से नागौर की ओर जा रहा था। हादसे से ठीक पहले वह चिड़ावा में बहन की शादी के लिए कपड़े, जूते खरीदकर और हेयर कटिंग करवाकर लौट रहा था। नागौर में ट्रक हैंडओवर करने के बाद गांव जाकर शादी की तैयारियों में शामिल होना था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। गुजरात के वलसाड निवासी मयंक पटेल गुजरात पुलिस में कॉन्स्टेबल थे। वे परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे।

सीकर में भीषण बस हादसा : गुजरात पुलिस कांस्टेबल समेत 4 की मौत, बहन की शादी के लिए कपड़े-जूते खरीदकर लौट रहा था ट्रक ड्राइवर
सीकर में भीषण बस हादसा : गुजरात पुलिस कांस्टेबल समेत 4 की मौत, बहन की शादी के लिए कपड़े-जूते खरीदकर लौट रहा था ट्रक ड्राइवर

वैष्णो देवी और शिवखोरी के दर्शन के बाद खाटूश्यामजी की ओर जा रहे थे। परिजन खाना बनाकर बस में साथ चलते थे। हादसे से एक घंटे पहले ही सभी ने रुककर भोजन किया था। खाना खिलाने के बाद जब यात्री सो गए तो मयंक ड्राइवर के पास जाकर बैठ गया। फतेहपुर में जैसे ही बस सीकर की ओर मुड़ी, सामने से आ रहे ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई।
मयंक के पिता जसवंत भाई भी हादसे में घायल हैं और सीकर एसके अस्पताल में भर्ती हैं—उन्हें बेटे की मौत की सूचना अभी नहीं दी गई है।
फतेहपुर कोतवाल महेंद्र मीणा के अनुसार ट्रक झुंझुनूं से बीकानेर की ओर और स्लीपर बस बीकानेर से सीकर की ओर आ रही थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस और प्रशासन ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा और एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने देर रात एसके अस्पताल पहुंचकर घायलों की कुशलक्षेम पूछी। इसके बाद दोनों अधिकारी फतेहपुर में घटनास्थल का भी निरीक्षण करने पहुंचे।

श्रीनगर पुलिस ने कुख्यात ड्रग तस्कर के पिता की दो करोड़ की संपत्ति जब्त की

श्रीनगर पुलिस ने कुख्यात ड्रग तस्कर के पिता की दो करोड़ की संपत्ति जब्त की

श्रीनगर पुलिस ने कुख्यात ड्रग तस्कर के पिता की दो करोड़ की संपत्ति जब्त की
श्रीनगर पुलिस ने कुख्यात ड्रग तस्कर के पिता की दो करोड़ की संपत्ति जब्त की

श्रीनगर । श्रीनगर पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब दो करोड़ रुपए कीमत की एक संपत्ति को जब्त कर लिया है। यह संपत्ति शालतेंग इलाके के रहने वाले फैयाज अहमद भट के नाम पर थी, जो कुख्यात ड्रग तस्कर मंजूर अहमद भट का पिता है। जब्त की गई संपत्ति में एक कनाल जमीन के साथ बना तीन मंजिला मकान शामिल है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मकान और जमीन ड्रग तस्करी से कमाए गए अवैध रुपए से खरीदी और बनवाई गई थी। यह कार्रवाई नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 68-एफ के तहत की गई है। मंजूर अहमद भट के खिलाफ परिमपोरा थाने में इस साल दर्ज एफआईआर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 22 और 29 के तहत मामला चल रहा है। जांच में उसे बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की तस्करी करने का आरोपी बनाया गया है। जांच में सामने आया कि उसके पिता फैयाज अहमद भट के नाम पर दर्ज यह संपत्ति उसी गैरकानूनी कमाई से बनी थी।

श्रीनगर पुलिस ने कुख्यात ड्रग तस्कर के पिता की दो करोड़ की संपत्ति जब्त की
श्रीनगर पुलिस ने कुख्यात ड्रग तस्कर के पिता की दो करोड़ की संपत्ति जब्त की


सक्षम अधिकारी के आदेश पर बुधवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पूरी संपत्ति को आधिकारिक रूप से अटैच कर लिया गया। अब इस मकान और जमीन को बेचना, किराए पर देना, गिरवी रखना या कोई भी बदलाव करना, पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
श्रीनगर पुलिस ने साफ कहा कि ड्रग तस्करी करने वालों की कमर तोड़ने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों को लगातार जब्त किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों के आर्थिक नेटवर्क को खत्म करना ही इस समस्या की जड़ पर चोट है। इसी क्रम में आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
इस कार्रवाई से इलाके में ड्रग तस्करों के बीच खलबली मच गई है और आम लोगों ने पुलिस की इस मुहिम की खुलकर सराहना की है।