यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत

यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत

यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत
यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत

फर्रुखाबाद । उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव उमराय नगला में शुक्रवार देर रात एक नामकरण संस्कार का कार्यक्रम अचानक दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। कार्यक्रम में हर्ष फायरिंग के दौरान एक 20 साल के युवक की गोली लगने से मौत हो गई। गांव निवासी विजय यादव के नवजात पुत्र के नामकरण की दावत में सैकड़ों लोग जमा थे। घर के बाहर जोर-शोर से डीजे बज रहा था और लोग नाच-गाना कर रहे थे। इसी दौरान गांव के ही प्रधान अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक लेकर कार्यक्रम में पहुंचे। रात करीब 11 बजे गांव का ही विकास यादव ने खुशी में हवा में हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली चलते ही अचानक दूसरी गोली नीचे की ओर निकली और पास में डांस कर रहे 20 वर्षीय अंशु यादव पुत्र चंद्रपाल यादव को सीने में जा लगी। गोली लगते ही अंशु जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत
यूपी : फर्रुखाबाद में नामकरण की खुशी हर्ष फायरिंग से मातम में बदली, युवक की गोली लगने से मौत


गोली की आवाज और खून से लथपथ अंशु को देखते ही डीजे पर नाच रहे लोग चीखते-चिल्लाते इधर-उधर भागने लगे। पूरी दावत में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं और बच्चे रोते-बिलखते घरों की ओर दौड़े। कुछ लोग अंशु को उठाकर नजदीकी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलते ही थाना कमालगंज प्रभारी राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरी स्थिति का जायजा लिया।
एएसपी ने बताया, “नामकरण समारोह में गांव के विकास यादव ने लाइसेंसी बंदूक से हर्ष फायरिंग की। इसमें अंशु यादव को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। आरोपी विकास यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उसकी लाइसेंसी बंदूक जब्त कर ली गई है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हत्या का मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं

वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं

वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं
वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं

नई दिल्ली । ‘उम्मीद’ पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को रजिस्टर करने की छह महीने की अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही है, लेकिन लाखों संपत्तियां अब भी रजिस्ट्रेशन से बाहर हैं। ऐसे में उन्हें राहत देते हुए केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण के लिए 3 महीने की राहत देने का निर्णय लिया है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आज वक्फ संपत्ति रजिस्ट्रेशन का आखिरी दिन है। पूरे देश में अब भी लाखों संपत्तियां पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाई हैं। कई सांसद, सामाजिक नेता और वक्फ से जुड़े प्रतिनिधि मुझसे मिले और समय बढ़ाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण हम इस समय सीमा को सीधे बढ़ा नहीं सकते, लेकिन जिन लोगों ने कोशिश की और किसी कारण रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया, उनके खिलाफ तीन महीने तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं होगी। न कोई पेनल्टी लगेगी, न कोई जुर्माना।” उन्होंने बताया कि अब तक 151,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जिसमें कर्नाटक (50,800), पंजाब, जम्मू-कश्मीर और कई अन्य राज्यों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। वहीं कुछ बड़े राज्यों में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया धीमी रही।
रिजिजू ने स्वीकार किया कि कई क्षेत्रों से शिकायतें मिलीं कि ‘उम्मीद’ पोर्टल धीमा चल रहा था या लोगों के पास आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं थे।

वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं
वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन के लिए मिला 3 महीने का ग्रेस पीरियड, रिजिजू बोले-जरूरत पड़ने पर ट्रिब्युनल जाएं


उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि कोई भी व्यक्ति बिना परेशान हुए अपनी वक्फ संपत्ति रजिस्टर करा सके। इसलिए तीन महीने तक हम किसी पर कोई सख्ती नहीं करेंगे।”
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने की समयसीमा तय की थी और केंद्र सरकार इसे सीधे बढ़ा नहीं सकती। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि 6 महीने की समयसीमा के बाद सरकार तारीख नहीं बढ़ा सकती, लेकिन ट्रिब्युनल के पास अधिकार है कि वह आपकी स्थिति समझकर 6 महीने तक की अतिरिक्त राहत दे सकता है। इसलिए जिनको परेशानी हो, वे वक्फ ट्रिब्युनल से संपर्क करें।
किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा लोगों की मदद करने के लिए तैयार है, लेकिन वक्फ संशोधन कानून संसद ने पास किया है, इसलिए उसमें बदलाव केंद्र स्वयं नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, “मेरा वादा है, जो लोग आज की तारीख तक रजिस्ट्रेशन की कोशिश कर रहे थे, उन्हें अगले तीन महीने तक कोई भी दिक्कत नहीं होगी। हम हर संभव सहयोग करेंगे।”
रिजिजू ने कुछ राज्यों पर यह कहकर नाराजगी जताई कि उन्होंने समय पर मदद नहीं की और जनता में जागरूकता नहीं फैलाई। उन्होंने कहा कि मैं राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि वे आगे से पूरी जिम्मेदारी निभाएं ताकि वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन में पारदर्शिता आए और भविष्य में किसी को परेशानी न हो।

गुजरात ATS ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

गुजरात ATS ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

गुजरात ATS ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
गुजरात ATS ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

गांधीनगर । गुजरात एंटी-टेररिज़्म स्क्वॉड (एटीएस) ने बड़े जासूसी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान को गोपनीय सैन्य जानकारी पहुंचाने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तार आरोपी एके सिंह, भारतीय सेना में सूबेदार पद पर कार्यरत था और गोवा में रह रहा था। दूसरी आरोपी रश्मणी पाल दमन की रहने वाली है। एटीएस के मुताबिक दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और उन्हें संवेदनशील रक्षा जानकारियां भेज रहे थे। इससे पहले 21 नवंबर को उत्तर प्रदेश, गुजरात और तेलंगाना एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत) मॉड्यूल के तीनों आतंकियों के कबूलनामे से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। इनके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई थी।
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में रहने वाले आतंकी मोहम्मद सुहैल के घर पर यूपी एटीएस की रेड में आईएसआईएस का काला झंडा बरामद हुआ था। वहीं हैदराबाद के डॉक्टर मोहम्मद इस्हाक उर्फ डॉ. अहमद के घर से डिजिटल सबूत मिले थे।

गुजरात ATS ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
गुजरात ATS ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार


जांच में पता चला कि दो महीने पहले सुहैल और तीसरा आतंकी आजाद मिलकर डॉ. अहमद के पास एक पार्सल लेकर पहुंचे थे। उस पार्सल में डेढ़ लाख रुपए नकद थे। यह रकम एक पाकिस्तानी एजेंट के कहने पर भेजी गई थी। दूसरा पार्सल भी इन्हीं दोनों ने दिया था, जिसमें हथियार थे। गुजरात एटीएस ने इसी पार्सल के आधार पर डॉ. अहमद को पकड़ा और फिर सुहैल व आजाद तक पहुंची थी।
तीसरे आतंकी आजाद (उत्तर प्रदेश का रहने वाला) ने पूछताछ में कबूला कि वह किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के इरादे से कश्मीर के बारामूला गया था। वहां कुछ न मिलने पर निराश होकर लौटा। वापसी में ट्रेन में एक शख्स से मिला और उसके साथ हरिद्वार पहुंच गया। वहां उसने कई मंदिरों की रेकी की थी।
तीनों राज्यों की एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हर शख्स की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान से फंडिंग और हथियारों की सप्लाई का यह सिलसिला अभी और गहरा हो सकता है।

उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत

उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत

उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत
उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत

चंपावत । उत्तराखंड में चंपावत जिले से एक बुरी खबर सामने आई है। लोहाघाट-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बागधारा के पास एक बारात का वाहन 200 फीट गहरी खाई में गिर गया, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा गुरुवार देर रात हुआ। पिथौरागढ़ जिले के शेराघाट निवासी बबलू की बारात चंपावत जिले के बालातड़ी गांव आई हुई थी। शादी समारोह के बाद बारात दुल्हन को विदा कर देर रात लौट रही थी। इसी दौरान लगभग 2:30 बजे बोलेरो (नंबर यूके04 टीबी 2074) लोहाघाट-घाट हाईवे पर बागधारा के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष लोहाघाट अशोक कुमार, पुलिस टीम, एसडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। अंधेरा और खाई की गहराई के बावजूद टीमों ने तुरंत रेस्क्यू कार्य शुरू किया और पांच घायलों को खाई से निकालकर उपजिला चिकित्सालय लोहाघाट भेजा।

उत्तराखंड: चंपावत में बारात लौटते समय बोलेरो 200 फीट खाई में गिरी, मां-बेटे समेत 5 की मौत
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थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायलों का रात में ही इलाज शुरू किया गया।
उपजिला चिकित्सालय लोहाघाट के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी और उपचार कर रहे डॉ. अजीम ने बताया कि पांच घायलों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे चंपावत जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
सुबह होते ही रेस्क्यू टीम ने सभी शव खाई से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए। मृतकों में भावना चौबे, प्रियांशु (6), प्रकाश चंद्र उनियाल (40), केवल चंद्र उनियाल और सुरेश नौटियाल (32) के नाम शामिल हैं। घायल लोगों में धीरज, राजेश (14), चेतन चौबे (5), भास्कर पांडा, और देवदत्त (38) के नाम शामिल हैं।
इस दुर्घटना में दिल्ली निवासी सुरेश चौबे की पत्नी भावना और बेटा प्रियांशु की मौत हो गई, जबकि उनका दूसरा बेटा चेतन गंभीर रूप से घायल है।
हादसे के वक्त वाहन चालक के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने कहा कि विस्तृत जांच जारी है।

गंदगी, जाम और लापरवाही—आज़ाद चौक की त्रासदी, अव्यवस्था का एक जीवंत प्रतीक

गंदगी, जाम और लापरवाही—आज़ाद चौक की त्रासदी, अव्यवस्था का एक जीवंत प्रतीक

गंदगी, जाम और लापरवाही—आज़ाद चौक की त्रासदी, अव्यवस्था का एक जीवंत प्रतीक
गंदगी, जाम और लापरवाही—आज़ाद चौक की त्रासदी, अव्यवस्था का एक जीवंत प्रतीक

भीलवाड़ा (प्रकाश जैन चपलोत)। शहर का आज़ाद चौक शहर की धड़कनों में से एक माना जाता है, लेकिन आज यह चौक जिन समस्याओं से जूझ रहा है, वह न केवल प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है बल्कि शहर की नागरिक व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। वर्षों से यहाँ फैलते अतिक्रमण ने सार्वजनिक स्थानों को निगल लिया है। दुकानों के आगे तक पसरे ठेले, बिना किसी नियंत्रण के खड़े वाहन और अव्यवस्थित भीड़ इस क्षेत्र को धीरे-धीरे नर्क समान बना रही है। लेकिन समस्या यहीं खत्म नहीं होती। अब नालियों से उफनकर सड़कों पर फैलने वाली गंदगी ने मानो कोढ़ में खुजली का काम कर दिया है। जिस मार्ग से हजारों लोग रोज गुजरते हैं, वहां बदबूदार और गंदे पानी के बीच चलना मजबूरी बन चुका है। दुपहिया वाहन निकालना तक चुनौती है, और जब इस तंग इलाक़े में चारपहिया वाहन घुसते हैं, तो स्थिति असहनीय जाम में बदल जाती है।
भुट्टे, पानी-पताशे और फल-फ्रूट के ठेले अपने स्थान से टस से मस नहीं होते—

गंदगी, जाम और लापरवाही—आज़ाद चौक की त्रासदी, अव्यवस्था का एक जीवंत प्रतीक
गंदगी, जाम और लापरवाही—आज़ाद चौक की त्रासदी, अव्यवस्था का एक जीवंत प्रतीक

चाहे जाम लगे या आपातकालीन स्थिति बन जाए। यह दृश्य केवल अव्यवस्था का नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता का भी उदाहरण है। विडंबना यह है कि शहर के सर्वाधिक व्यस्ततम बाज़ारों में से एक होने के बावजूद इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं दिखता।
सवाल यह नहीं कि आज़ाद चौक गंदगी और अतिक्रमण का शिकार क्यों है—सवाल यह है कि इतनी स्पष्ट समस्याओं के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं होती? शहर की नब्ज़ जिस स्थान पर टिकी हो, वहां की अनदेखी न केवल असंवेदनशीलता है, बल्कि भविष्य के बड़े संकटों का संकेत भी है।
शहर को सुव्यवस्थित रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, नागरिकों की सहभागिता भी आवश्यक है। लेकिन जब दोनों ही अपनी भूमिका सही ढंग से नहीं निभा पाते, तो परिणाम आज़ाद चौक जैसा ही होता है—जहाँ आज़ादी सिर्फ नाम में रह जाती है, और बदहाली रोज़मर्रा की नियति बन जाती है

मुंबई में फर्जी 'कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों को बेचते थे नकली 'वियाग्रा'

मुंबई में फर्जी ‘कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों को बेचते थे नकली ‘वियाग्रा’

मुंबई में फर्जी 'कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों को बेचते थे नकली 'वियाग्रा'
मुंबई में फर्जी ‘कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों को बेचते थे नकली ‘वियाग्रा’

मुंबई । मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-9 ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए अंबोली इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा। इसके जरिए विदेशी नागरिकों (खासकर अमेरिका के लोगों) को नकली वियाग्रा और अन्य दवाएं बेचकर ठगा जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत दो लोग अभी फरार हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद आमिर इकबाल शेख (40), माहिर इकबाल पटेल (26), मोहम्मद शबीब मोहम्मद खलील शेख (26), मोहम्मद अयाज परवेज शेख (26), आदम एहसानुल्लाह शेख (32), आर्यन मुशफ्फिर कुरैशी (19), अमान अजीज अहमद शेख (19) और हश्मत जामिल जरीवाला (29) के रूप में हुई है। वहीं मुख्य आरोपी मुजफ्फर शेख (43) अपने साथी आमिर मणियार और अन्य के साथ फरार है। क्राइम ब्रांच की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। सभी आठ गिरफ्तार आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 10 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।

मुंबई में फर्जी 'कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों को बेचते थे नकली 'वियाग्रा'
मुंबई में फर्जी ‘कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों को बेचते थे नकली ‘वियाग्रा’


क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि ‘टीम ग्रैंड 9 सिक्योरिटी सर्विसेज एलएलपी’ नाम से केवनीपाड़ा, एसवी रोड, अंबोली, जोगेश्वरी (वेस्ट) में एक कॉल सेंटर चल रहा है। यहां के कर्मचारी अमेरिकी लहजे में बात करके खुद को वहां की दवा कंपनियों का प्रतिनिधि बताते थे और विदेशी नागरिकों को टेलीमार्केटिंग के जरिए संपर्क कर नकली दवाएं बेचकर ठगी करते थे।
सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारा और मौके से कई लैपटॉप, हेडसेट, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए। पुलिस को शक है कि इस कॉल सेंटर में अमेरिकी नागरिकों का निजी डेटा भी अवैध तरीके से प्राप्त किया गया था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि कॉल सेंटर पिछले छह से सात महीनों से सक्रिय था और बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, जब्त सभी डिजिटल उपकरणों की विस्तृत फॉरेंसिक जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने लोगों को ठगा गया, कितना वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया और डाटा चोरी की कितनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया।
क्राइम ब्रांच का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए कई टीमें अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह के अन्य राज्यों या देशों में भी नेटवर्क जुड़े हुए हैं।

अफसर की शिक्षिका बेटी की अररिया में गोली मारकर हत्या, रोते-बिलखते बहन जूली बोलीं- शिक्षक रंजीत शादी का डालता था दबाव

अफसर की शिक्षिका बेटी की अररिया में गोली मारकर हत्या, रोते-बिलखते बहन जूली बोलीं- शिक्षक रंजीत शादी का डालता था दबाव

अफसर की शिक्षिका बेटी की अररिया में गोली मारकर हत्या, रोते-बिलखते बहन जूली बोलीं- शिक्षक रंजीत शादी का डालता था दबाव
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अररिया : बिहार के अररिया जिले के नरपतगंज से बुधवार की सुबह करीब 9 बजे एक बीपीएससी शिक्षिका की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या करने के बाद बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए. हत्या की सूचना पर मौके पर भीड़ जमा हो गई. सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक शिक्षिका की पहचान  शिवानी वर्मा के रूप में की. जहां बदमाशों ने शिक्षिका के सिर में गोरी मारी थी. पुलिस इस हत्याकांड की जांच कर ही है. बता दें कि यह वारदात खाबदा कन्हैली गांव में शिव मंदिर के पास हुई. जहां शिवानी मध्य विद्यालय कन्हैली में पढ़ाती थीं.

यूपी पुलिस के अफसर की बेटी थी शिवानी

बता दें कि शिवानी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रहने वाली थीं. उनके पिता वहां सर्किल इंस्पेक्टर (पुलिस अधिकारी) हैं. शिवानी की दो बहनें भी बिहार में सरकारी शिक्षिका हैं. वहीं, शिवानी की छोटी बहन जूली ने बताया कि वह नरपतगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा चुकी हैं. जूली ने बताया कि एक साल पहले उसी स्कूल के शिक्षक रंजीत कुमार वर्मा ने उनकी बहन शिवानी से शादी करने के लिए बहुत दबाव डाला था. उनकी दीदी ने मना कर दिया तो रंजीत ने जान से मारने की धमकी दी थी.जान लेने की कोशिश कर चुका था रंजीत

अफसर की शिक्षिका बेटी की अररिया में गोली मारकर हत्या, रोते-बिलखते बहन जूली बोलीं- शिक्षक रंजीत शादी का डालता था दबाव
अफसर की शिक्षिका बेटी की अररिया में गोली मारकर हत्या, रोते-बिलखते बहन जूली बोलीं- शिक्षक रंजीत शादी का डालता था दबाव

जूली ने आगे बताया कि रंजीत ने कई बार उनकी दीदी शिवानी का रास्ता रोका और तेज बाइक से ओवरटेक करके एक्सीडेंट कराने की कोशिश भी कर चुका है. उन्होंने प्रिंसिपल को फोन करके सारी बात बताई थी. उन्होंने कहा था कि समझा देंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ. जूली ने पुलिस से मांग की है कि रंजीत से सख्ती से पूछताछ की जाए. उनका मानना है कि पुरानी रंजिश की वजह से ही उनकी बहन की हत्या हुई है. पुलिस अब इस नए एंगल से भी जांच कर रही है.

जूली की आंसुओं भरी अपील

मीडिया के सामने रोते हुए जूली ने कहा कि मेरी दीदी बहुत अच्छी थीं. जो भी दोषी है, चाहे वो कोई भी हो, उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए. हमारी पूरी फैमिली टूट गई है. बिहार सरकार और पुलिस से गुजारिश है कि जल्दी से जल्दी अपराधी पकड़े जाएं. मेरी दीदी को इंसाफ चाहिए. वहीं, पुलिस ने केस दर्ज कर स्पेशल टीम बना दी है और लगातार छापेमारी चल रही है.

शिक्षक संघ ने निकाला कैंडल मार्च

वहीं, अररिया के शिक्षक संघ भी घटना से मर्माहत हैं और पुलिस से हत्यारे की गिरफ़्तारी कर कड़ी-से कड़ी सजा दिलवाने की मांग कर रहे है. अररिया में शिक्षिका की हत्या से मर्माहत शिक्षकों ने कैंडल मार्च निकालकर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए शिवानी वर्मा हत्याकांड के आरोपी के गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं. शिक्षकों ने बताया कि ऐसे जघन्य अपराध से महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

शामली में हड़कंप आरटीओ ने पत्रकार को रोकने की कोशिश

शामली में हड़कंप आरटीओ ने पत्रकार को रोकने की कोशिश

शामली में हड़कंप आरटीओ ने पत्रकार को रोकने की कोशिश
शामली में हड़कंप आरटीओ ने पत्रकार को रोकने की कोशिश

एक पत्रकार द्वारा जिला अधिकारी को दी गई

  • शिकायत से मचा प्रशासनिक तूफान…! शामली जनपद में डग्गामार और ओवरलोडिंग वाहनों का खेल किसी से छुपा नहीं है। खुलेआम नियमों को कुचलते हुए सड़कें इन अवैध वाहनों से भरी पड़ी हैं। लेकिन अब मामला सिर्फ अवैध वाहनों के संचालन का नहीं, बल्कि पत्रकारिता को रोकने की कोशिश का हो गया है।
  • पूरा बवाल तब शुरू हुआ जब एक पत्रकार ने आरटीओ रोहित राजपूत को फोन कर विभाग का पक्ष जानना चाहा—
    डग्गामार वाहनों का खेल आखिर चल कैसे रहा है?
    एक नंबर प्लेट पर कई गाड़ियाँ क्यों दौड़ रही हैं?
  • ओवरलोडिंग पर कार्रवाई सिर्फ कागज़ों में ही क्यों दिखाई देती है? लेकिन सवाल सुनते ही आरटीओ का चौंकाने वाला जवाब आया— “तुम ऑथराइज नहीं हो मेरी बाइट लेने के लिए.” यह बयान न सिर्फ हैरान करने वाला था, बल्कि पत्रकारों की स्वतंत्रता, मीडिया की भूमिका और पारदर्शिता पर सीधा हमला माना जा रहा है।
  • सवाल उठ रहा है— क्या अब सरकारी अधिकारी से सवाल पूछने के लिए भी पत्रकार को ‘परमिशन लेटर’ चाहिए? या फिर सच इतना तीखा है कि उसे ऑथराइजेशन की दीवार के पीछे छुपाया जा रहा है? आरटीओ की इस कार्यशैली के बाद मामला और गर्म हो गया। एक पत्रकार ने जिला अधिकारी शामली को लिखित शिकायत दी, जिसमें स्पष्ट आरोप लगाए गए कि—
शामली में हड़कंप आरटीओ ने पत्रकार को रोकने की कोशिश
शामली में हड़कंप आरटीओ ने पत्रकार को रोकने की कोशिश

आरटीओ पत्रकारों से भाग रहे हैं,

  • डग्गामार और ओवरलोडिंग पर असली आंकड़े छुपाने की कोशिश हो रही है, “अनऑथराइज” बता कर पत्रकारिता में बाधा डाली जा रही है, सवाल पूछने पर अधिकारी चौकन्ने और असहज हो जाते हैं। शिकायत पहुंचते ही प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई है सूत्रों की मानें तो— एडीएम शामली और अपर जिला सूचना अधिकारी दीपक कुमार ने फोन कर आरटीओ रोहित राजपूत से तत्काल जवाब मांगा है। स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज है—
  • “अगर अधिकारी पत्रकारों से ही डरने लगें, तो फिर जनता की आवाज़ कौन उठाएगा?” “क्या डग्गामार वाहनों की कमाई पत्रकारों के सवालों से ज्यादा ताकतवर है?” “सच कड़वा हो तो उसे छुपाने की कोशिश क्यों?” शामली में फिलहाल एक ही सवाल हवा में तैर रहा है— **सच से डर किसको है? और पत्रकार की आवाज़ को ‘अनऑथराइज’ बताकर कौन सा राज़ बचाया जा रहा है?**
ट्रकों की भिड़ंत में,एक चालक की मौत,दूसरा की हालत नाज़ुक

ट्रकों की भिड़ंत में,एक चालक की मौत,दूसरा की हालत नाज़ुक

ट्रकों की भिड़ंत में,एक चालक की मौत,दूसरा की हालत नाज़ुक
ट्रकों की भिड़ंत में,एक चालक की मौत,दूसरा की हालत नाज़ुक

जौनपुर।सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के जपटापुर बाजार के समीप बुधवार देर रात करीब 12 बजे दो ट्रकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के लोग घबराकर बाहर निकल आए और तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और लगभग 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों घायलों को ट्रकों से बाहर निकाला। घायलों को एम्बुलेंस 108 से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान 29 वर्षीय चालक गोविंद कुमार की मौत हो गई। दूसरे चालक की हालत गंभीर बनी हुई है।

लुंबिनी–दुद्धी मार्ग पर तरसावां मोड़ के पास हुए इस हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने देर रात तक यातायात सामान्य कराने में काफी प्रयास किया।थाना प्रभारी अमरेन्द्र कुमार पांडेय ने बताया कि मृतक की पहचान गोविंद कुमार (29), पुत्र ननकु कुमार, निवासी देवाकलपुर (थाना केराकत) के रूप में हुई है।

ट्रकों की भिड़ंत में,एक चालक की मौत,दूसरा की हालत नाज़ुक
ट्रकों की भिड़ंत में,एक चालक की मौत,दूसरा की हालत नाज़ुक

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।मिर्जापुर में वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में घायल ट्रक चालक की उपचार के दौरान मौत हो गई। यह घटना लालगंज थाना क्षेत्र के तेंदुई गांव के पास हुई। चालक मध्य प्रदेश के हनुमाना से मिर्जापुर जा रहा था।

हनुमाना से मिर्जापुर की ओर जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर आगे चल रहे दूसरे ट्रक से पीछे से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे वाले ट्रक का चालक केबिन में फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहगीरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद फंसे हुए चालक को बाहर निकाला। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज ले जाया गया।

प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने चालक को मंडलीय अस्पताल मिर्जापुर रेफर कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान जौनपुर निवासी 35 वर्षीय चालक धर्मेंद्र यादव ने दम तोड़ दिया। कोतवाली प्रभारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि मिर्जापुर में इलाज के दौरान चालक की मौत हुई है। आगे चल रहे ट्रक में पीछे से टक्कर मारने के कारण उसे गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है।

अंबेडकरनगर में 5 बच्चों की मां दे बैठी दिल, 18 साल के प्रेमी संग की शादी; बच्चों के साथ पति ने देखा येय ‘शुभ विवाह’

अंबेडकरनगर में 5 बच्चों की मां दे बैठी दिल, 18 साल के प्रेमी संग की शादी; बच्चों के साथ पति ने देखा येय ‘शुभ विवाह’

अंबेडकरनगर में 5 बच्चों की मां दे बैठी दिल, 18 साल के प्रेमी संग की शादी; बच्चों के साथ पति ने देखा येय ‘शुभ विवाह’
अंबेडकरनगर में 5 बच्चों की मां दे बैठी दिल, 18 साल के प्रेमी संग की शादी; बच्चों के साथ पति ने देखा येय ‘शुभ विवाह’

उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ शादी कर ली.

  • पांच बच्चों की मां ने अपने 18 साल के प्रेमी से शादी रचा ली है. खास बात यह रही कि महिला के पति ने अपनी मौजूदगी में ही यह शादी कराई. हालांकि, ये पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं. दरअसल, महिला का दूसरे युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिसकी जानकारी जब उसके पति को हुई तो उसने महिला और उसके प्रेमी की शादी कर दी. वहीं ये मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया.
  • अम्बेडकरनगर जिले के जहांगीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हुसैनपुर खुर्द निवासी निखिल देवरिया जिला में रह कर कबाड़ का कारोबार करता था. इसी दौरान उसका एक महिला से प्रेम हो गया. धीरे-धीरे प्यार इतना गहरा हो गया कि दोनों ने शादी रचाने का निर्णय ले लिया. एक दिन दोनों देवरिया से भाग कर अम्बेडकरनगर आ गए. पत्नी के फरार होने की खबर जब उसके पति को लगी तो वह भी अम्बेडकरनगर आ गया.
अंबेडकरनगर में 5 बच्चों की मां दे बैठी दिल, 18 साल के प्रेमी संग की शादी; बच्चों के साथ पति ने देखा येय ‘शुभ विवाह’
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पति ने कराई पत्नी की शादी

  • पहले तो दोनों में बातचीत का प्रयास हुआ लेकिन जब महिला अपने प्रेमी के साथ रहने की बात पर अड़ गई तो बुधवार को राम नगर स्थित शिव मंदिर में दोनों का विवाह हो गया. इस विवाह में खास बात यह रही कि महिला के पति ने अपनी मौजूगी में अपनी पत्नी का विवाह उसके आशिक से कराया. पत्नी का हाथ उसके आशिक को सौंपने के बाद पांचों बच्चों को लेकर वापस चला गया.

प्रेम संग हो गई थी फरार

  • लोगों ने बताया कि पति-पत्नी के बीच पहले कई घंटे तक बातचीत हुई तो इसके बाद पति ने ही पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा दी. महिला और उसका प्रेमी देवरिया से भागकर यहां आए थे. दोनों की शादी मंदिर में कराई गई है. शादी होने के बाद महिला का पति अपने बच्चों के साथ वापस अपने घर लौट गया.