सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा

सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा

सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा
सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा

लूनकरनसर। कहा जाता है कि यदि व्यक्ति के हौसलों में उड़ान हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है। सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को उम्र का मोहताज नहीं होना पड़ता। इसी कहावत को सच कर दिखाया है बीकानेर जिले की लूनकरनसर नगर पालिका निवासी राजेंद्र कुमार चौधरी ने, जिन्होंने 50 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षण संस्थान (NIOS) से दसवीं कक्षा उत्तीर्ण कर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
राजेंद्र कुमार चौधरी ने यह सिद्ध कर दिया कि सीखने और पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। आत्मबल और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, जो युवाओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा
सीखने की ललक हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती 50 वर्ष की आयु में पास की दसवीं कक्षा

उल्लेखनीय है कि चौधरी अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए चार संतानों के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। उनकी ज्येष्ठ पुत्री विवाहित हैं, मंझली पुत्री राजकीय महाविद्यालय, तारानगर, चूरु में वनस्पति शास्त्र विषय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं, अनुज पुत्री प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं तथा उनका इकलौता पुत्र आईटीआई उत्तीर्ण कर निजी क्षेत्र की कंपनी में सेवाएं दे रहा है। अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के बाद, उनसे प्रेरणा लेकर उन्होंने स्वयं अध्ययन प्रारंभ किया और यह संदेश दिया कि उम्र कभी भी सीखने और सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती।

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली । दिल्ली के द्वारका जिले में एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) की टीम ने बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े एक अपराधी और हथियारों के सप्लायर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर दो देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई अपराध की रोकथाम और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रवि उर्फ बुधि उर्फ जलेबी (37) और निशांत (21) के रूप में हुई है। रवि, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है और उसके खिलाफ पहले से ही 14 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और निशांत ने रवि को अवैध हथियार उपलब्ध कराया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, डीसीपी द्वारका जिला के निर्देश पर एएटीएस की टीम को न सिर्फ अपराध का पता लगाने बल्कि उसकी रोकथाम के लिए भी लगातार सतर्क रहने को कहा गया था। इसी के तहत गैंग से जुड़े लोगों और वसूली जैसी गतिविधियों में शामिल संदिग्धों पर नजर रखी जा रही थी।
इस अभियान के लिए एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें सब-इंस्पेक्टर धनंजय, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार, हेड कांस्टेबल घनश्याम और कांस्टेबल अरविंद शामिल थे। टीम की निगरानी इंस्पेक्टर कमलेश कुमार और एसीपी ऑपरेशंस, रविंदर अहलावत कर रहे थे।

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की कार्रवाई, सद्दाम गौरी गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार


पुलिस को 11 जनवरी को एक गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने रवि उर्फ बुधि उर्फ जलेबी को एक लोडेड देसी पिस्तौल के साथ दबोच लिया। इसके बाद पूछताछ के दौरान हथियार के स्रोत के बारे में जानकारी मिली, जिसके आधार पर निशांत को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से भी एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में रवि ने खुलासा किया कि वह पहले से 14 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और हिरासत के दौरान उसकी पहचान सद्दाम गौरी गैंग के सदस्यों से हुई थी। जल्दी पैसा कमाने के लालच में वह गैंग के साथ जुड़ गया और स्थानीय ड्रग पैडलरों और अवैध शराब कारोबारियों से वसूली की योजना बना रहा था। इसी मकसद से उसने निशांत से हथियार हासिल किए थे।
रवि उत्तम नगर के ओम विहार फेज-3 का रहने वाला है, जबकि निशांत हस्ता सल रोड स्थित जेजे कॉलोनी का निवासी है। इस मामले में पुलिस थाना उत्तम नगर में एफआईआर नंबर 25/26, दिनांक 11 जनवरी, आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है और गैंग के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी

बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी

बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी
बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी

पटना । बिहार की राजधानी पटना के नदी थाना क्षेत्र में मंगलवार को पुलिस ने एक बच्चे का शव बरामद किया है। बच्चे का शव बरामद होने के बाद कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। शव को देखने के बाद आशंका व्यक्त की जा रही है कि तेज धारदार हथियार से हत्या कर शव को फेंक दिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोगों की सूचना के बाद पटना के नदी इलाके के कच्ची दरगाह के पास बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया है। शव को लेकर पुलिस सभी से जांच-पड़ताल कर रही है। पटना (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक कुंदन कुमार ने बताया कि कच्ची दरगाह व्यस्तम इलाका है। यहां पर दो से तीन महीने के बच्चे का शव बरामद किया गया है।

बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी
बिहार: पटना में बच्चे का सिर कटा शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी

धड़ से सिर अलग किया हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले को लेकर नदी थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि एफएसएल की टीम और डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के थानों को भी इसकी सूचना दी गई है। प्रयास है कि हाल में गायब हुए बच्चों के अभिभावकों को भी इसकी सूचना दी जा रही है कि वे शव को देख लें।
उन्होंने बताया कि फतुहा अनुमंडल पुलिस उपाधीक्षक -एक के नेतृत्व में इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो इस पूरे मामले की जांच कर रही है। इधर, इलाके के लोग नरबलि की आशंका से सहमे हुए हैं। जिस जगह पर बच्चे का सिर मिला है, पुलिस उस जगह के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगालने में जुटी है ताकि कोई सुराग मिल सके। हालांकि पुलिस अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रही है।

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, दया नहीं, 30 साल बाद 83 वर्षीय विधवा को मिला हक

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, दया नहीं, 30 साल बाद 83 वर्षीय विधवा को मिला हक

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, दया नहीं, 30 साल बाद 83 वर्षीय विधवा को मिला हक
हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, दया नहीं, 30 साल बाद 83 वर्षीय विधवा को मिला हक

चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पेंशन को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और मानवीय निर्णय सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पेंशन कोई खैरात, दया या अनुदान नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी द्वारा अपनी सेवा के दौरान अर्जित किया गया एक कानूनी अधिकार है। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ ने 83 वर्षीय बुजुर्ग महिला बदका देवी को पिछले तीन दशकों से लंबित पारिवारिक पेंशन जारी करने के आदेश दिए हैं। 30 साल का लंबा इंतजार और विभाग की दलीलें याचिकाकर्ता बदका देवी के पति स्वर्गीय राम दास लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट में माली के पद पर कार्यरत थे, जिनका 1991 में निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद से ही बुजुर्ग महिला पेंशन, एरियर, एलटीसी और मेडिकल भत्तों के लिए दर-दर भटक रही थीं। राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि याचिकाकर्ता ने आवेदन करने में बहुत देरी (करीब 30 साल) की है, इसलिए यह याचिका खारिज की जानी चाहिए।
कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: “देरी के आधार पर हक नहीं छीन सकते”

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, दया नहीं, 30 साल बाद 83 वर्षीय विधवा को मिला हक
हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला : पेंशन कर्मचारी का अधिकार है, दया नहीं, 30 साल बाद 83 वर्षीय विधवा को मिला हक


हाईकोर्ट ने सरकार की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, पेंशन का दावा एक “निरंतर चलने वाला अधिकार” है। हर महीने पेंशन का भुगतान न होना एक नया कारण (Cause of Action) पैदा करता है। केवल अशिक्षा या जानकारी के अभाव में हुई देरी के आधार पर किसी बुजुर्ग को उसके जीवित रहने के हक से वंचित नहीं किया जा सकता।
6% ब्याज के साथ बकाया भुगतान के निर्देश
न्यायालय ने राहत प्रदान करते हुए आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को याचिका दायर करने की तिथि से 3 वर्ष पूर्व तक का पूरा बकाया (Arrears) 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दिया जाए। अगले चार सप्ताह के भीतर नियमित पारिवारिक पेंशन और अन्य सभी भत्तों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत
याचिकाकर्ता की अधिवक्ता गीतांजलि छाबड़ा ने इस फैसले को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह निर्णय उन हजारों बुजुर्गों के लिए उम्मीद की किरण है जो तकनीकी कारणों या विभागीय लेटलतीफी की वजह से अपनी पेंशन से वंचित हैं। 83 वर्ष की आयु में मिली यह कानूनी जीत न्यायपालिका के प्रति आम जन के विश्वास को और मजबूत करती है।

पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार

कोलकाता । पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में पिछले सप्ताह भड़के हिंसक प्रदर्शनों के मामले में पुलिस ने मंगलवार को पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के बाद इन आरोपियों की पहचान की गई। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 36 हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नूर आलम, रबीउल इस्लाम, नूर आलम मोल्ला, लादिम शेख और तुफैल शेख के रूप में की गई है। मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक सनी राज ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो के विश्लेषण के बाद इन लोगों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद इन्हें हिरासत में लिया गया।
बेलडांगा में हुई हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग को लेकर सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने इस जनहित याचिका को दाखिल करने की अनुमति दे दी। इससे पहले, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी राज्यपाल आनंद बोस को पत्र लिखकर बेलडांगा में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का अनुरोध किया था।
झारखंड में मुर्शिदाबाद जिले के एक प्रवासी मजदूर की मौत के बाद से ही बेलडांगा और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। इसी घटना के विरोध में पिछले शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शन हुए थे। शनिवार की सुबह एक बार फिर बेलडांगा में अशांति फैल गई।

पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल: बेलडांगा हिंसा मामले में सीसीटीवी फुटेज जांचने के बाद पांच और आरोपी गिरफ्तार


झारखंड में कथित तौर पर एक प्रवासी मजदूर की हत्या के विरोध में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा के बरुआ मोड़ चौराहे को जाम कर दिया। न्याय की मांग कर रहे इन प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इतना ही नहीं, घटना को कवर करने पहुंचे कई मीडियाकर्मियों पर भी हमला किया गया। प्रदर्शन के दौरान सियालदह-लालगोला रेलखंड पर महेशपुर के पास रेलवे लाइन को भी बाधित किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने रेलवे पटरियों पर बांस के डंडे गाड़ दिए और प्रवासी मजदूर की तस्वीरें लटकाकर प्रदर्शन किया। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही हालात और बिगड़ गए और स्थानीय लोगों तथा पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के बहरामपुर सांसद यूसुफ पठान द्वारा इलाके का दौरा न करने को लेकर भी सवाल उठते रहे। घटना के तीन दिन बाद यूसुफ पठान ने स्थिति का जायजा लेने के लिए बेलडांगा का दौरा किया।
मंगलवार को हुई गिरफ्तारियों से पहले इस मामले में हैदराबाद स्थित अल्पसंख्यक राजनीतिक पार्टी एआईएमआईएम के एक नेता सहित 31 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर नाकाबंदी हटाई और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किए गए।

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली । द्वारका जिला पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) की टीम ने अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक कुख्यात अपराधी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। गिरफ्तार किया गया आरोपी मोहित पहले से ही हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार, एएटीएस द्वारका जिला की सतर्क टीम ने नियमित पेट्रोलिंग और गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। द्वारका जिले के डीसीपी के निर्देश पर अपराध की रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ के लिए टीमों को लगातार अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसी कड़ी में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
यह टीम उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल मनीष कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल सोनू और हेड कांस्टेबल मनोज कुमार की थी, जो इंस्पेक्टर कमलेश कुमार, प्रभारी एएटीएस द्वारका के पर्यवेक्षण में और एसीपी/ऑपरेशंस की समग्र निगरानी में काम कर रही थी।

दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली के द्वारका में एएटीएस की बड़ी कार्रवाई, कुख्यात अपराधी गिरफ्तार

टीम ने आरोपी मोहित (34) को धर दबोचा। आरोपी की पहचान मोहित पुत्र सुरेंद्र के रूप में हुई है, जो दिल्ली के जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव धांसा, जितियन पाना, फिरनी वाला रोड का रहने वाला है।
तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया, जिसे उसने अवैध रूप से रखा हुआ था। आरोपी मोहित का आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम सहित चार से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से इलाके में किसी बड़ी वारदात को टालने में मदद मिली है।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना द्वारका नॉर्थ में एफआईआर संख्या 17/26, दिनांक 11 जनवरी 2026, धारा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह हथियार कहां से लाया था और इसके पीछे उसका मकसद क्या था।

दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच

दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच

दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच
दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच

नई दिल्ली । पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन में लूट और चाकू मारने की घटना में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूट में इस्तेमाल मोबाइल फोन और चाकू भी बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार 2 जनवरी की रात को पुलिस स्टेशन न्यू अशोक नगर को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल किया गया है। घायल व्यक्ति की पहचान जय प्रकाश (32 साल), निवासी ओल्ड कोंडली, दिल्ली के रूप में हुई। उसे गंभीर चोटों के कारण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। जय प्रकाश को पेट और पीठ के बीच चाकू के घाव लगे थे। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी कल्याणपुरी की निगरानी में पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन पीड़ित ने घटनास्थल की पहचान करने में सहयोग नहीं किया। इससे जांच में देरी हुई और पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इंटेलिजेंस पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
पुलिस ने लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की जांच की और कोंडली पुल के पास मिले फुटेज से पता चला कि पीड़ित एक साइकिल पर नहर रोड की तरफ जा रहा था, जिसके पीछे एक नाबालिग लड़का हरी जैकेट पहने बैठा था। लगभग 23 मिनट बाद, पीड़ित को कोंडली मोड़ पर घायल अवस्था में लौटते हुए देखा गया, जबकि वही नाबालिग लड़का पीछे से दौड़ते हुए दिखा।

दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच
दिल्ली: लूट और चाकूबाजी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, 150 सीसीटीवी फुटेज की हुई जांच


पुलिस ने नाबालिग से पूछताछ की। उसने बताया कि एक अन्य व्यक्ति देवराज के साथ मिलकर उसने जय प्रकाश पर हमला करने की योजना बनाई थी। देवराज कोंडली का निवासी है। पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ के दौरान देवराज ने खुलासा किया कि उसने नाबालिग के साथ मिलकर जय प्रकाश पर हमला किया था। उसने बताया कि जय प्रकाश ने नाबालिग का यौन शोषण किया था, जिससे नाबालिग और देवराज में गुस्सा और बदला लेने की भावना पैदा हुई।
इस बदले के रूप में, दोनों ने मिलकर डकैती की योजना बनाई और सुनसान इलाके में पीड़ित को चाकू मारकर उसका मोबाइल फोन और कुछ पैसे लूट लिए। नाबालिग ने भी साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की। वही, हमले के पीड़ित के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और मामले में आगे की जांच जारी है।

जयपुर : बेखौफ हिस्ट्रीशीटर ने युवक को मारी गोली, 15 दिन में दूसरी वारदात, पुलिस पर उठे सवाल

जयपुर : बेखौफ हिस्ट्रीशीटर ने युवक को मारी गोली, 15 दिन में दूसरी वारदात, पुलिस पर उठे सवाल

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जयपुर। राजधानी के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के गंगापोल इलाके में सोमवार सुबह एक हिस्ट्रीशीटर ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे एसएमएस (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव है और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर आक्रोश व्यक्त किया है।
चचेरे भाई पर चलाई गोली, युवक को लगी घटना सोमवार सुबह करीब 9 बजे की है। घायल युवक बबलू महावर (30) अपने घर के बाहर बैठा था। तभी बाइक पर सवार होकर आए हिस्ट्रीशीटर रवि मेहरा ने फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि रवि का निशाना बबलू का चचेरा भाई अजय था। जैसे ही गोली चली, अजय तुरंत वहां से हट गया और गोली पास बैठे बबलू की जांघ में जा लगी।
बहन की शादी की खुशियों के बीच मातम
घायल बबलू के घर में इन दिनों खुशियों का माहौल था। उसकी छोटी बहन की 6 फरवरी को शादी है, जिसकी तैयारियों में पूरा परिवार जुटा हुआ था। इस अचानक हुए हमले ने शादी की खुशियों को डर और चिंता में बदल दिया है।
15 दिन पहले भी की थी फायरिंग, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

जयपुर : बेखौफ हिस्ट्रीशीटर ने युवक को मारी गोली, 15 दिन में दूसरी वारदात, पुलिस पर उठे सवाल
जयपुर : बेखौफ हिस्ट्रीशीटर ने युवक को मारी गोली, 15 दिन में दूसरी वारदात, पुलिस पर उठे सवाल


स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी रवि मेहरा ने 15 दिन पहले भी इलाके में हवाई फायरिंग की थी। उस समय पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो आज यह वारदात नहीं होती।
पुलिस का पक्ष और आरोपी का रिकॉर्ड
ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी राजेश गौतम ने बताया कि मामला आपसी रंजिश का है। आरोपी रवि मेहरा के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार:
आरोपी रवि मेहरा सुभाष चौक थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
उस पर पहले से ब्रह्मपुरी थाने में 15 और सुभाष चौक थाने में 11 मुकदमे दर्ज हैं।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है।
थाने का घेराव
वारदात के बाद गुस्साए परिजन और सैकड़ों स्थानीय लोग ब्रह्मपुरी थाने पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि अपराधी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि इलाके के लोग सुरक्षित महसूस कर सकें।

गिरिडीह में मां-बेटी के शव कमरे में फंदे से लटके मिले, कर्ज के दबाव में आत्महत्या की आशंका

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गिरिडीह में मां-बेटी के शव कमरे में फंदे से लटके मिले, कर्ज के दबाव में आत्महत्या की आशंका
गिरिडीह में मां-बेटी के शव कमरे में फंदे से लटके मिले, कर्ज के दबाव में आत्महत्या की आशंका

गिरिडीह । झारखंड के गिरिडीह जिला अंतर्गत मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गादी श्रीरामपुर गांव में सोमवार को एक ऑटो चालक की पत्नी और उसकी बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों के शव घर के एक कमरे में फांसी के फंदे से लटके पाए गए। मृतकों की पहचान पुतुल देवी (35) और उनकी 15 वर्षीय बेटी स्नेहा कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि दोनों ने आत्महत्या की है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। परिजनों के अनुसार, पुतुल देवी और स्नेहा एक साथ एक कमरे में सोई थीं। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर शक हुआ। जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का दृश्य देख सभी सन्न रह गए। मां और बेटी फांसी के फंदे से लटकी हुई थीं। आनन-फानन में परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।

गिरिडीह में मां-बेटी के शव कमरे में फंदे से लटके मिले, कर्ज के दबाव में आत्महत्या की आशंका
गिरिडीह में मां-बेटी के शव कमरे में फंदे से लटके मिले, कर्ज के दबाव में आत्महत्या की आशंका

मृतका पुतुल देवी के पति सोनू राम का कहना है कि उनकी पत्नी बीते कुछ समय से मानसिक तनाव में रहती थीं। परिजनों के मुताबिक, पुतुल देवी ने किसी महिला स्वयं सहायता समूह से लोन लिया था, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने परिवार को नहीं दी थी। लोन की किस्तों को लेकर लगातार फोन कॉल और कथित दबाव के कारण वह परेशान रहने लगी थीं।
सोनू राम का कहना है कि उनकी पत्नी कई बार तनाव में रोती भी थीं, लेकिन पूछने पर अपनी परेशानी खुलकर साझा नहीं करती थीं। स्नेहा कक्षा 10वीं की छात्रा थी और पढ़ाई में भी अच्छी थी। घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव और मुफ्फसिल थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों शवों को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। इसके साथ ही परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने बताया कि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गादी श्रीरामपुर गांव में दो लोगों द्वारा आत्महत्या का मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लोन वसूली से जुड़ा कथित दबाव किस स्तर का था और इसमें किसी तरह की प्रताड़ना तो नहीं हुई थी।

पश्चिम बंगाल: पुरुलिया में नाबालिग से गैंगरेप के आरोप में 7 गिरफ्तार

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पश्चिम बंगाल: पुरुलिया में नाबालिग से गैंगरेप के आरोप में 7 गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल: पुरुलिया में नाबालिग से गैंगरेप के आरोप में 7 गिरफ्तार

कोलकाता । पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और गैंगरेप के मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेस एक्ट, 2012 (पोक्सो) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस और परिवार के सूत्रों के अनुसार, किशोरी पुरुलिया शहर की रहने वाली है। शुक्रवार शाम 17 साल की लड़की एक दोस्त के घर जाने के लिए अपने घर से निकली। जब रात होने के बाद भी वह घर नहीं लौटी, तो परिवार को उसकी चिंता होने लगी। आखिरकार, लड़की के पिता ने पुरुलिया सदर पुलिस स्टेशन में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। लड़की को उसी रात बाद में बचा लिया गया।
पूछताछ के दौरान, नाबालिग लड़की ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया और कहा कि उसे अगवा किया गया था और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया।

पश्चिम बंगाल: पुरुलिया में नाबालिग से गैंगरेप के आरोप में 7 गिरफ्तार
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लड़की ने पुलिस को बताया कि रात में सात-आठ लड़के उसे सड़क से उठाकर रेलवे ट्रैक के पास एक खेत में ले गए और, वहां उसके साथ गैंगरेप हुआ। इस घटना के बाद, लड़की किसी तरह घर वापस आ गई। तभी पुलिस को उसके बारे में पता चला।
घटना सामने आने के तुरंत बाद लड़की को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। लड़की के बयान के आधार पर पुलिस ने कई जगहों पर तलाशी ली।
रविवार को पुलिस ने कथित तौर पर शामिल सात लड़कों को गिरफ्तार किया। उनमें से एक बीमार पड़ गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाकी छह को कोर्ट में पेश किया गया।
पुरुलिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “गिरफ्तारी के बाद, कल छह लोगों को पुरुलिया जिला कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें सात दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बाकी एक आरोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। ठीक होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।”
इस बीच, सोमवार को नाबालिग लड़की का मजिस्ट्रेट के सामने गोपनीय बयान दर्ज किया जाएगा।