देश के वीरों को समर्पित स्वास्थ्य सेवा : SSPI संस्थान में निशुल्क नेत्र शिविर आयोजित, 42 मरीजों के मोतियाबिंद का हुआ सफल ऑपरेशन
दौसा। 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में दौसा स्थित SSPI संस्थान में भारत माता के वीर शहीदों की स्मृति में निशुल्क नेत्र लेंस प्रत्यारोपण शिविर का भव्य आयोजन किया गया। यह शिविर न केवल चिकित्सा सहायता का केंद्र बना, बल्कि देशभक्ति और सेवा के जज्बे का प्रतीक भी रहा। शहीदों की याद में सेवा का संकल्प संस्थान के निदेशक डॉ. विशन सिंह गुर्जर ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि “यह शिविर उन वीर शहीदों की पावन स्मृति में लगाया गया है जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आज हर नागरिक को उन्हीं की तरह देश सेवा का संकल्प लेना चाहिए। दीन-दुखियों और जरूरतमंदों की सेवा करना ही सबसे बड़ा पुण्य है।” जांच और उपचार के आंकड़े शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और शहरवासियों ने अपनी आंखों की जांच करवाई: कुल जांच: 77 मरीजों की विस्तृत नेत्र जांच की गई। सफल ऑपरेशन: जांच के दौरान मोतियाबिंद से पीड़ित पाए गए 42 मरीजों का चयन कर उनके लेंस प्रत्यारोपण (ऑपरेशन) किए गए।
देश के वीरों को समर्पित स्वास्थ्य सेवा : SSPI संस्थान में निशुल्क नेत्र शिविर आयोजित, 42 मरीजों के मोतियाबिंद का हुआ सफल ऑपरेशन
खुशी का इजहार: गणतंत्र दिवस की खुशी साझा करने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा सभी मरीजों और आगंतुकों को फल एवं मिठाइयां वितरित की गईं। कर्मयोगियों का सम्मान अस्पताल में उत्कृष्ट सेवाएं देने और मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए निदेशक डॉ. विशन सिंह गुर्जर ने विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया। इसमें समाजसेवी परमवीर सिंह बाजवा और दिनेश कुमार प्रजापति को उनकी सर्वश्रेष्ठ सेवाओं के लिए शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। सहयोगी दलइस मानवीय कार्य में अस्पताल प्रभारी अवधेश कुमार जैमन, दिनेश कुमार प्रजापति, परमवीर सिंह बाजवा, नाथी देवी, यासमीन खान और आरिफ खान सहित पूरे स्टाफ ने अपनी सक्रिय सेवाएं दीं। शिविर के समापन पर मरीजों के परिजनों ने संस्थान के इस निशुल्क प्रयास की सराहना की।
दिल्ली में रेप के दो मामलों में फरार शख्स गुरुग्राम से गिरफ्तार, 2016 और 2022 के मामलों में था वांछित
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रेप के दो मामलों में फरार चल रहे आरोपी करण डोलतानी (33) को गिरफ्तार किया है। करण मटियाला एक्सटेंशन का रहने वाला है। बिंदापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी। पुलिस के मुताबिक, पहला मामला वर्ष 2016 का है। उस समय आरोपी ने अपने घर पर काम करने वाली घरेलू सहायिका की बेटी से रेप किया था। इस घटना के बाद बिंदापुर थाने में प्राथमिकी धारा 376 आईपीसी के तहत दर्ज हुई। अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई। बाद में उसकी पत्नी की मेडिकल स्थिति के आधार पर उसे 28 दिनों के लिए अंतरिम जमानत मिली। जमानत की अवधि खत्म होने के बाद उसने सरेंडर नहीं किया और फरार हो गया। दूसरा मामला वर्ष 2022 का है। आरोपी ने अपनी पत्नी की सहेली से दुष्कर्म किया, जिसमें अपहरण जैसी हरकतें भी शामिल थीं। बिंदापुर थाने में धारा 341, 342, 376 और 377 आईपीसी के तहत दर्ज हुई। आरोपी इस मामले में भी गिरफ्तारी से बचता रहा।
दिल्ली में रेप के दो मामलों में फरार शख्स गुरुग्राम से गिरफ्तार, 2016 और 2022 के मामलों में था वांछित
क्राइम ब्रांच की टीम को इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश सौंपी गई। टीम ने मैनुअल और टेक्निकल दोनों तरीकों से उसकी निगरानी की। कांस्टेबल मुकेश को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम में घमरोज टोल प्लाजा के पास टोल रोड पर आएगा। इसकी पुष्टि हेड कांस्टेबल भंवर ने टेक्निकल जांच से की। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा, आईपीएस के निर्देश पर इंस्पेक्टर गौतम मलिक के नेतृत्व में टीम तैयार की गई, जिसमें एसआई कुलदीप, एसआई रवि, एचसी भंवर और कांस्टेबल मुकेश शामिल थे। टीम ने एसीपी राज पाल डाबास की निगरानी में जाल बिछाया और आरोपी को गुरुग्राम के टोल रोड से गिरफ्तार कर लिया। करण डोलतानी ने बताया कि वह कॉल सेंटर में काम करता था। उसके खिलाफ पहले भी दिल्ली के विभिन्न थानों में ऐसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वह कमजोर लड़कियों को निशाना बनाता था, उनके भरोसे और मजबूरी का फायदा उठाता था। उसका आपराधिक रिकॉर्ड बार-बार जघन्य यौन अपराधों का पैटर्न दिखाता है, जो समाज के लिए बड़ा खतरा था। इस सफल गिरफ्तारी से न्याय की प्रक्रिया मजबूत हुई है। फरार अपराधी को कानून के दायरे में लाकर पीड़िताओं को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है और पुलिस की कार्रवाई से जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवान शहीद,कई घायल
जम्मू । जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें भारतीय सेना का एक वाहन सड़क से फिसलकर लगभग गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में सेना के 10 जवान शहीद हो गए और कई अन्य घायल हो गए। मौके पर राहत-बचाव का कार्य जारी है। जानकारी के अनुसार, वाहन में कुल 17 जवान सवार थे। यह वाहन भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़क पर खन्नी टॉप के पास से गुजर रहा था और एक ऊंचाई वाली चौकी की ओर जा रहा था। इसी बीच, वाहन अनियंत्रित हो गया और गहरी खाई में जा गिरा। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दुख जताया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि डोडा में एक दुखद सड़क दुर्घटना में हमारे 10 बहादुर भारतीय सेना के जवानों की मौत से गहरा दुख हुआ है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवान शहीद,कई घायल
हम अपने बहादुर सैनिकों की उत्कृष्ट सेवा और सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेंगे। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस गहरे दुख की घड़ी में पूरा देश शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता और समर्थन में खड़ा है। 10 घायल सैनिकों को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों को सर्वोत्तम संभव इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। जम्मू-कश्मीर मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में लिखा, “मुख्यमंत्री ने भद्रवाह-चंबा रोड पर खन्नी टॉप में सेना के वाहन के साथ हुए दुखद हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने जान गंवाने वाले सैनिकों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। साथ ही, तेजी से चलाए गए बचाव और राहत कार्यों की तारीफ की।” महबूबा मुफ्ती ने एक्स पोस्ट में लिखा, “डोडा से आई दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ, जहां एक आर्मी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया, जिसमें 10 बहादुर सैनिकों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और घायलों के जल्द ठीक होने के लिए प्रार्थना करता हूं।”
झारखंड: सुरक्षाबलों ने सारंडा में मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी पतिराम समेत 15 नक्सली ढेर किए
चाईबासा । झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। गुरुवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी माओवादी पतिराम मांझी उर्फ अनल दा समेत 15 नक्सलियों को मार गिराया। झारखंड पुलिस के आईजी अभियान माइकल राज ने अनल दा सहित कई नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की है। माओवादी पतिराम मांझी मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह जिले का रहने वाला था। वह बीते दो दशकों से नक्सली संगठन से जुड़ा है। संगठन के शीर्ष रणनीतिकारों में उसकी गिनती होती थी। गिरिडीह से लेकर बोकारो, हजारीबाग, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम तक उसका नेटवर्क फैला हुआ था। सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सली पकड़ मजबूत करने में उसकी अहम भूमिका मानी जाती रही है। उसके खिलाफ सुरक्षाबलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट, लेवी वसूली और ठेकेदारों को धमकाने जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज थे। जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ चाईबासा के छोटानागरा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुंभडीह गांव के पास उस समय शुरू हुई, जब गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान चलाया। अभियान के दौरान पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए रणनीतिक ढंग से नक्सलियों को घेर लिया। कई घंटों तक चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों को निर्णायक बढ़त मिली।
झारखंड: सुरक्षाबलों ने सारंडा में मुठभेड़ के दौरान एक करोड़ के इनामी पतिराम समेत 15 नक्सली ढेर किए
कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा कि अभियान अभी जारी है और पूरी तरह समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। झारखंड पुलिस के आईजी अभियान माइकल राज ने बताया कि सुबह से ही सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है और नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है। मुठभेड़ स्थल से कई नक्सलियों के शव, अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षा को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने चाईबासा में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिले थे कि सुरक्षा बल एक बड़े और निर्णायक ऑपरेशन की तैयारी में हैं। इसी रणनीति के तहत झारखंड और ओडिशा से बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती सारंडा क्षेत्र में की गई थी। सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। हाल के महीनों में चाईबासा, कोल्हान और पोड़ाहाट क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। जून 2025 में टोंटो और गोइलकेरा इलाके में हुई मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए थे। वर्ष 2026 में नक्सलियों के साथ यह पहली बड़ी मुठभेड़ मानी जा रही है, जिसे सुरक्षा बलों की एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
युवराज मेहता मौत मामला: बिल्डर ग्रुप से जुड़े दो प्रमोटर गिरफ्तार
नोएडा । ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी बिल्डर ग्रुप से जुड़े प्रमोटर बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रवि बंसल और सचिन करनवाल के रूप में हुई। दोनों को आपराधिक मानव वध के गंभीर आरोप में पकड़ा गया है। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के पुलिस आयुक्त के निर्देश पर वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। इस पूरे ऑपरेशन का पर्यवेक्षण पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा और अपर पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा द्वारा किया गया, जबकि सहायक पुलिस आयुक्त ग्रेटर नोएडा प्रथम के नेतृत्व में थाना नॉलेज पार्क पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
युवराज मेहता मौत मामला: बिल्डर ग्रुप से जुड़े दो प्रमोटर गिरफ्तार
पहला आरोपी रवि बंसल पुत्र प्रकाश चंद है, जो हरियाणा के फरीदाबाद स्थित मंगलम रेजिडेंसी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर डी-76 का निवासी है। वहीं, दूसरा आरोपी सचिन करनवाल पुत्र गोपाल करनवाल है, जो गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2, साहिबाबाद स्थित फ्लैट नंबर बी-6, बिल्डिंग नंबर ए-11 का निवासी है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी लोटस ग्रीन कंपनी से जुड़े प्रमोटर हैं। गौरतलब है कि यह मामला 16 और 17 जनवरी 2026 की रात का है, जब पेशे से एक इंजीनियर युवराज मेहता (27) की मौत हो गई थी। आरोप है कि बिल्डर और उसके सहयोगियों द्वारा निर्माण स्थल पर गंभीर लापरवाही बरती गई थी। प्लॉट में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था, जिसमें डूबने से युवराज की मौत हो गई थी। इस मामले में थाना नॉलेज पार्क में केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आपराधिक मानव वध में वांछित मानते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और सभी पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्तों को नियमानुसार समय से संबंधित माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच में कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
नई दिल्ली : 72 घंटे में अमेरिकी नागरिक से मोबाइल छीनने का मामला सुलझा, शातिर लुटेरा गिरफ्तार
नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तरी जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने 72 घंटे के भीतर अमेरिकी नागरिक से मोबाइल फोन छीनने की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक शातिर लुटेरे को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही मोबाइल छीनने के दो मामलों को सुलझाने का दावा किया है। यह घटना 15 जनवरी 2026 की देर रात की है, जब एक 37 वर्षीय अमेरिकी नागरिक जिंग टेंग चांदनी चौक इलाके में खरीदारी के लिए आए हुए थे। इसी दौरान ओमेक्स मॉल, चांदनी चौक के सामने एक स्कूटी सवार युवक ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पीएस कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और पीड़ित के बयान के आधार पर थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। पीड़ित एक विदेशी नागरिक था, इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर ज्ञान प्रकाश, इंस्पेक्टर कानून एवं व्यवस्था के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। यह टीम इंस्पेक्टर सुमन कुमार, एसएचओ कोतवाली की निगरानी और एसीपी कोतवाली शंकर बनर्जी के मार्गदर्शन में काम कर रही थी। टीम में हेड कांस्टेबल भूदेव, हेड कांस्टेबल नरेंद्र, कांस्टेबल विपुल, कांस्टेबल पूरन और कांस्टेबल अमित को शामिल किया गया। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के विश्लेषण के बाद आरोपी की स्पष्ट तस्वीरें सामने आईं, जिनमें वह मोबाइल छीनते हुए और पीड़ित द्वारा पीछा किए जाते हुए नजर आया। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया और आरोपी की तस्वीरें दिखाकर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। कड़ी मेहनत के बाद आरोपी की पहचान तौसीफ उर्फ तोशिफ के रूप में हुई, जो अजमेरी गेट इलाके के शाहगंज स्थित गली सक्को वाली का रहने वाला है और थाना कमला मार्केट का सक्रिय हिस्ट्रीशीटर है।
नई दिल्ली : 72 घंटे में अमेरिकी नागरिक से मोबाइल छीनने का मामला सुलझा, शातिर लुटेरा गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और आखिरकार 19 जनवरी 2026 की सुबह गली सक्को वाली, जीबी रोड इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी उस समय एक और वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने 15 जनवरी की रात को ओमेक्स मॉल के बाहर अपने पिता की होंडा एक्टिवा स्कूटी से मोबाइल छीनने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पीड़ित का छीना गया एप्पल आईफोन 14 प्रो उसके घर से बरामद कर लिया गया। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और घटना के समय पहने गए कपड़े व जूते भी जब्त कर लिए गए। आरोपी ने पूछताछ में 12 जनवरी 2026 की देर रात पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास हुई एक अन्य मोबाइल छीनने की घटना में भी शामिल होने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, आरोपी तौसीफ उर्फ तोशिफ एक स्कूल ड्रॉपआउट है और पहले मीट की दुकान पर काम करता था। नशे की लत के चलते वह अपराध की दुनिया में उतर गया और पिछले 15 वर्षों में लूट और छीनाझपटी के करीब 10 मामलों में शामिल रहा है। वह अक्टूबर 2025 में जेल से रिहा हुआ था और बाहर आते ही दोबारा अपराध करने लगा। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
बिहार : कटिहार में 26 लाख रुपए से अधिक की ज्वेलरी चोरी, 2 पुलिसकर्मी निलंबित
कटिहार। बिहार में चोर अब भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में स्थित बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं। एक चौंकाने वाली घटना में, चोरों ने कटिहार के न्यू मार्केट इलाके में स्थित एक ज्वेलरी दुकान से करीब 26.9 लाख रुपए के गहने चोरी कर लिए। यह इलाका टाउन थाना क्षेत्र में आता है और यहां रात में पुलिस गश्त भी रहती है, इसके बावजूद चोरी हो गई। पुलिस के अनुसार यह चोरी बुधवार रात करीब 2 बजे हुई। बदमाशों ने वर्मा ज्वेलर्स का ताला तोड़कर करीब 8 किलो चांदी, 16 ग्राम सोने के गहने और 3.7 ग्राम शुद्ध सोना चुरा लिया। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 26.9 लाख रुपए बताई जा रही है। इतना ही नहीं, चोरों ने पास ही स्थित कपड़ों की दुकान गौरव वस्त्रालय को भी निशाना बनाया। उन्होंने दुकान का मुख्य गेट तोड़कर वहां से भी चोरी की। बुधवार सुबह जब दुकानदारों ने टूटी हुई शटर देखी तो घटना का पता चला। इसके बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
बिहार : कटिहार में 26 लाख रुपए से अधिक की ज्वेलरी चोरी, 2 पुलिसकर्मी निलंबित
टाउन थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कटिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिखर चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एसडीपीओ सदर-1 की निगरानी में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है। जिला पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में हुई इस बड़ी चोरी से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। कड़ी कार्रवाई करते हुए एसपी चौधरी ने बताया कि रात की गश्त पर तैनात दो पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “दोनों को रात की गश्त की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वे मौके पर मौजूद नहीं थे और उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की जानकारी भी थाना प्रभारी को नहीं दी। लापरवाही के आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है।” पीड़ित ज्वेलरी दुकान के मालिक शिवम कुमार वर्मा ने कहा कि कटिहार के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में से एक होने के बावजूद चोरी हो गई। घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है।
BREAKING…..प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग विमान तालाब में गिरा : एयरक्राफ्ट को निकलने की कोशिश जारी
प्रयागराज। बुधवार दोपहर शहर के बीचोंबीच एक गंभीर हादसा हुआ, जब सेना का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट उड़ान के दौरान अचानक तालाब में जा गिरा। यह घटना केपी कॉलेज के पीछे स्थित क्षेत्र में हुई, जहां प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान उड़ान भरते समय हवा में अचानक डगमगाने लगा और फिर नियंत्रण खोते हुए तालाब में गिर गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने साहसिक कदम उठाते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया और अब तक तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
हादसे के समय एयरक्राफ्ट में कुल कितने लोग सवार थे, इसकी जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। हालांकि, प्राथमिक रेस्क्यू कार्य के दौरान तीन लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद है और हालात का जायजा ले रही है।
स्थानीय प्रशासन ने इलाके को पूरी तरह से घेराबंदी कर दिया है ताकि रेस्क्यू और राहत कार्य सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के पास न जाएं और बचाव कार्य में किसी भी तरह की बाधा न डालें। पुलिस और प्रशासन द्वारा इलाके में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मार्गों को नियंत्रित किया गया है।
इस हादसे से शहर में भय और चिंता का माहौल है। इलाके के लोग और छात्रों ने बताया कि विमान अचानक तालाब में गिरते ही तेज आवाज के साथ पानी का छींटा उठा और आसपास के लोग भयभीत हो गए। तुरंत ही स्थानीय लोग और छात्र सुरक्षा के लिए पहुंच गए और उन्होंने एयरक्राफ्ट में सवार लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। इस साहसिक प्रयास के कारण प्रारंभिक तौर पर तीन लोगों की जान बचाई जा सकी।
सेना अधिकारियों ने भी घटना की पुष्टि करते हुए राहत और बचाव कार्य में समर्थन देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच जल्द से जल्द शुरू की जाएगी और इसमें तकनीकी विशेषज्ञता के साथ पूरी सावधानी बरती जाएगी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, एयरक्राफ्ट ट्रेनिंग उड़ान पर था और किसी तकनीकी खराबी या मौसम के कारण दुर्घटना हुई हो सकती है। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।
हादसे के बाद प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी है। फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और एयरक्राफ्ट के मलबे से अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र की दुकानें और रास्तों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है ताकि रेस्क्यू कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
BREAKING…..प्रयागराज में सेना का ट्रेनिंग विमान तालाब में गिरा : एयरक्राफ्ट को निकलने की कोशिश जारी
स्थानीय नागरिकों ने भी राहत कार्य में सहयोग किया और घायल या फंसे हुए लोगों की मदद के लिए खुद आगे आए। इसके साथ ही नागरिक प्रशासन को आवश्यक सूचना और मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नजदीकी अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाएगा।
हादसे के कारण शहर के मुख्य मार्गों और आसपास के क्षेत्र में यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और लोगों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रेस्क्यू और राहत कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।
सेना के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि एयरक्राफ्ट में ट्रेनिंग के लिए सवार लोग प्रशिक्षु या प्रशिक्षक हो सकते हैं। हालांकि, सवारियों की संख्या और उनकी पहचान की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। प्रारंभिक बचाव कार्य के बाद, तकनीकी और विमान संचालन विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए बुलाया जाएगा।
हादसे के कारणों की जांच के लिए प्रशासन उच्च स्तरीय समिति गठित कर सकता है। इसमें विमान संचालन, मौसम की स्थिति, तकनीकी खराबी और प्रशिक्षण प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की जाएगी। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
इस घटना ने शहरवासियों में डर और चिंता पैदा कर दी है। वहीं, राहत और बचाव कार्य में स्थानीय लोगों की भागीदारी ने एक सकारात्मक पहलु को उजागर किया है। प्रशासन और सेना के सहयोग से यह आशा जताई जा रही है कि जल्द ही अन्य सवारियों को भी सुरक्षित निकाल लिया जाएगा और हादसे के कारणों का पता लगाया जाएगा।
अंततः, प्रयागराज में बुधवार दोपहर हुई इस विमान दुर्घटना ने सभी के लिए चेतावनी और सुरक्षा के महत्व को उजागर कर दिया है। प्रशासन और सेना मिलकर प्रभावित लोगों को राहत प्रदान कर रहे हैं और जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहरवासियों को प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है और सभी को हादसे की सूचना पर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
इस प्रकार, यह हादसा न केवल एक सुरक्षा चुनौती प्रस्तुत करता है, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच सहयोग और आपदा प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका को भी दर्शाता है।
कागजों में कार्रवाई और जमीन पर लाशें—केरू ओरण में अवैध रॉयल्टी नाका बना काल
जोधपुर (केरू)। प्रशासन की लापरवाही और लीपापोती का खौफनाक नतीजा मंगलवार को केरू-खसरा नंबर 1174 (ओरण भूमि) पर देखने को मिला। जहाँ एक ओर विभाग फाइलों में अवैध रॉयल्टी नाकों पर कार्रवाई के दावे कर रहे हैं, वहीं आज इसी ‘मूलानाडा’ अवैध रॉयल्टी नाके के पास हुए बस-ट्रेलर हादसे ने 4 लोगों की जान ले ली और 16 को घायल कर दिया। हाईकोर्ट की चेतावनी भी बेअसर राजस्थान हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अवैध धर्मकांटों और रॉयल्टी नाकों को तुरंत हटाया जाए। कोर्ट ने कड़ी चेतावनी भी दी थी, लेकिन जमीनी हकीकत दावों के उलट है। केरू की ओरण भूमि पर संचालित इस नाके पर न तो कोई पीला पंजा चला और न ही इसका संचालन बंद हुआ। फाइलों में ‘खानापूर्ति’, सड़क पर ‘खतरा’ स्थानीय सूत्रों और मौके की स्थिति के अनुसार यथावत ढांचा : रॉयल्टी नाके का प्लेटफॉर्म, कांटा और ऑफिस जस का तस खड़ा है।
कागजों में कार्रवाई और जमीन पर लाशें—केरू ओरण में अवैध रॉयल्टी नाका बना काल
सड़क पर बाधा : भारी वाहनों को अचानक रोकने और मोड़ने के कारण यह स्थान एक ‘डेथ ट्रैप’ (मौत का जाल) बन चुका है। प्रशासनिक मिलीभगत : माइनिंग विभाग, जेडीए (JDA) और NHAI—तीनों ही विभागों ने अब तक न तो एक्सेस बंद किया और न ही ओरण भूमि पर हुए इस अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। हादसे ने खोली पोल : क्या यह हत्या है?20 जनवरी 2026 को हुआ यह भीषण हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता का परिणाम है। सवाल: यदि हाईकोर्ट के निर्देशानुसार समय रहते इस नाके को हटा दिया जाता और सड़क को बाधा-मुक्त कर दिया जाता, तो क्या इन 4 लोगों की जान बचाई जा सकती थी? ओरण भूमि का उल्लंघन : आरक्षित चारागाह और ओरण भूमि पर व्यावसायिक निर्माण स्वयं में अवैध है, फिर भी प्रशासन का मौन रहना मिलीभगत की ओर इशारा करता है। प्रशासन ने फाइलों में निरीक्षण और बैठकों का उल्लेख कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, लेकिन हकीकत में ‘नो एक्शन’ मोड ने आज कई घरों के चिराग बुझा दिए। क्या अब इस हादसे के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर से एक नई फाइल दबा दी जाएगी?
VIDEO VIRAL : बदहाली के आंसू रो रहा माचिया बायोलॉजिकल पार्क, पर्यटक ने वीडियो बना खोली व्यवस्थाओं की पोल
जोधपुर। ‘सन सिटी’ के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शुमार माचिया जैविक उद्यान (Machia Biological Park) इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर एक पर्यटक द्वारा बनाया गया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पार्क के भीतर वन्यजीवों की दयनीय स्थिति और चरमराई हुई व्यवस्थाओं को साफ देखा जा सकता है। खास खबर डॉट कॉम इस वीडियो का पुष्टि नहीं करता है। वायरल वीडियो में पर्यटक ने दिखाया है कि किस तरह वन्यजीवों के बाड़ों में झाड़-झंखाड़ उगे हुए हैं और पीने के पानी के कुंडों में काई जमी हुई है। वीडियो बना रहे पर्यटक को यह कहते सुना जा सकता है कि, “पार्क के नाम पर यहाँ केवल धूल और सूखापन है, जानवरों के लिए न तो पर्याप्त छांव है और न ही साफ पानी।” सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा यह वीडियो जैसे ही फेसबुक और एक्स (X) पर वायरल हुआ, वन्यजीव प्रेमियों ने वन विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यूज़र्स इस वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि—”क्या पर्यटकों से लिए जाने वाले टिकट के पैसों का इस्तेमाल जानवरों के रखरखाव में नहीं होता?”
VIDEO VIRAL : बदहाली के आंसू रो रहा माचिया बायोलॉजिकल पार्क, पर्यटक ने वीडियो बना खोली व्यवस्थाओं की पोल
“बायोलॉजिकल पार्क के नाम पर यह बेजुबानों के साथ क्रूरता है।” पर्यटन और वन्यजीवों पर संकट जोधपुर की तपती गर्मी के बीच इस तरह की लापरवाही वन्यजीवों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। वीडियो में दिख रही अव्यवस्थाओं ने विभाग के उन दावों की भी पोल खोल दी है, जिसमें हर साल लाखों रुपये रखरखाव के नाम पर खर्च किए जाने की बात कही जाती है। प्रशासन का मौन वीडियो वायरल होने और सोशल मीडिया पर भारी विरोध के बावजूद, अभी तक वन विभाग के किसी उच्च अधिकारी ने इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। पर्यटकों का कहना है कि यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो जोधपुर का यह प्रमुख पर्यटन केंद्र अपनी पहचान खो देगा।