कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त
कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त

गाजीपुर । उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस ने एक बड़ी और अहम कार्रवाई की है। इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शुभम सिंह की करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त (फ्रीज) कर लिया गया है। आरोपी शुभम सिंह गाजीपुर की नित्यांश मेडिकल एजेंसी का मालिक बताया जा रहा है और वह काफी समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है। गाजीपुर सदर कोतवाली पुलिस के अनुसार, यह मामला कोतवाली थाने में केस नंबर 896/25 के तहत दर्ज किया गया था। केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस और संबंधित विभाग लगातार इस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हुए थे। पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले में सिर्फ कफ सिरप की बरामदगी ही नहीं, बल्कि मनी ट्रेल, फर्जी दस्तावेज और अलग-अलग फर्मों की मिलीभगत की भी गहराई से जांच की गई। जांच में सामने आया कि कोडीन कफ सिरप का यह पूरा खेल कागजों पर तो गाजीपुर की कुछ फर्मों तक दिखाया गया, लेकिन हकीकत में वह सिरप कभी गाजीपुर पहुंचा ही नहीं। पुलिस के मुताबिक, झारखंड की शैली ट्रेडर्स नाम की फर्म से बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खरीद दिखाई गई और फिर फर्जी बिल, फर्जी बिल्टियों और कूट रचना के जरिए उसे अलग-अलग जगहों पर भेज दिया गया।

कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त
कोडीन कफ सिरप मामले में बड़ी कार्रवाई, फरार आरोपी शुभम की 1.85 करोड़ की संपत्ति जब्त


पुलिस ने बताया कि औषधि विभाग की ओर से जब इस पूरे प्रकरण में मुकदमा दर्ज कराया गया, तब यह साफ हुआ कि कई स्थानीय फर्में सिर्फ नाम के लिए थीं। उनका इस्तेमाल सिर्फ कागजों में कफ सिरप के मूवमेंट को दिखाने के लिए किया गया था। असल में कफ सिरप को इन फर्मों की मिलीभगत से दूसरे राज्यों और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचाया गया, जहां इसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।
इस पूरे मामले में एनडीपीएस एक्ट की कड़ी धाराएं लगाई गई हैं। इसके साथ-साथ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई कफ सिरप के कंसाइनमेंट बांग्लादेश बॉर्डर पर पकड़े गए, जिनका मिलान इस केस से जुड़े बैच नंबर और दस्तावेजों से हो रहा है।
पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत कार्रवाई करते हुए शुभम सिंह से जुड़ी 1.85 करोड़ रुपए की संपत्ति को फ्रीज किया गया है। जब आरोपी से यह पूछा गया कि इतनी बड़ी संपत्ति उसने किन वैध स्रोतों से अर्जित की है, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट होता दिख रहा है कि यह संपत्ति पिछले कई वर्षों से किए जा रहे अवैध कफ सिरप कारोबार से ही अर्जित की गई है।
पुलिस ने बताया कि यह संपत्ति शुभम सिंह की मां के नाम पर दर्ज पाई गई है, जिसे जांच अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी द्वारा फ्रीज कर दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए यह पूरा मामला साफेमा एक्ट के तहत सक्षम अधिकारी को भेज दिया गया है ताकि इस पर अंतिम आदेश पारित किया जा सके। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे भी कई संपत्तियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने यह भी बताया कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और फर्मों की पहचान कर ली गई है। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है, जबकि कई लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच में कई नए नाम सामने आए हैं और पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है कि आखिर कफ सिरप कहां-कहां से होकर बॉर्डर तक पहुंचा।
इस मामले में बीएसएफ और त्रिपुरा पुलिस द्वारा पकड़े गए कई कंसाइनमेंट से भी गाजीपुर पुलिस का मिलान हो रहा है। सभी कड़ियां आपस में जुड़ती दिखाई दे रही हैं, जिससे यह साफ है कि यह एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नशे का नेटवर्क हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोडीन कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए किया जाना एक बेहद गंभीर और जघन्य अपराध है। इसे ऊंचे दामों पर नशे के आदी लोगों को बेचा जाता है, जिससे समाज और युवाओं पर बुरा असर पड़ता है। इसी वजह से पुलिस इस मामले में किसी भी स्तर पर ढील नहीं बरत रही है।
गाजीपुर पुलिस के अनुसार, धारा 68-एफ के तहत यह जिले की पहली और अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। आने वाले समय में इस केस से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। मुख्य आरोपी शुभम सिंह का नेटवर्क किन-किन राज्यों और किन लोगों से जुड़ा है, इस पर लगातार काम चल रहा है।

अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार
अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर । पंजाब पुलिस ने नशा और अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) के सहयोग से एक बड़े नार्को-आर्म्स कंसाइनमेंट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 42.983 किलो हेरोइन, 4 हैंड ग्रेनेड, एक स्टार मार्क पिस्टल, .30 बोर के 46 जिंदा कारतूस और एक लावारिस मोटरसाइकिल बरामद की है। डीजीपी के अनुसार, यह हाल के दिनों में राज्य में नशा-हथियार नेटवर्क के खिलाफ की गई सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है। डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “एक बड़ी सफलता में अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने ग्राम रक्षा समिति (वीडीसी) की मदद से नशीले पदार्थों और हथियारों की एक बड़ी खेप पकड़ी है और 42.983 किलोग्राम हेरोइन, 4 हैंड ग्रेनेड, एक स्टार मार्क पिस्तौल, 46 जिंदा .30 बोर कारतूस और एक लावारिस मोटरसाइकिल बरामद की है। इसके बाद की जांच में अमृतसर के रहने वाले 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया। फरार आरोपियों का पता लगाने, कब्जे की कड़ी की पुष्टि करने और बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है। पंजाब पुलिस ड्रग्स और हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने और पूरे पंजाब में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार
अमृतसर में 42.983 किलो हेरोइन के साथ हथियारों की बड़ी खेप जब्त, 2 तस्कर गिरफ्तार


गौरतलब है कि इससे पहले 27 जनवरी को भी डीजीपी पंजाब पुलिस ने एक पोस्ट में अमृतसर में क्रॉस-बॉर्डर नार्को-आर्म्स स्मगलिंग मॉड्यूल के भंडाफोड़ की जानकारी दी थी। उस कार्रवाई में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से 1.5 किलोग्राम हेरोइन, दो अत्याधुनिक पिस्टल (एक 9 एमएम और एक .30 बोर), 9 एमएम के 34 जिंदा कारतूस और 1.98 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि आरोपी विदेश में बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान स्थित तस्करों से जुड़े हुए थे। उनके निर्देश पर अवैध हथियार और हेरोइन की खेप सीमा पार से मंगाई जाती थी, जिसे बाद में पंजाब के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था। इस मामले में अमृतसर के थाना सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज की गई थी।
पंजाब पुलिस ने यह साफ किया है कि संगठित अपराध, नशा तस्करी और अवैध हथियार नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीमा पार से संचालित इन गिरोहों को जड़ से खत्म करने के लिए तकनीकी निगरानी, जमीनी सूचना तंत्र और स्थानीय लोगों के सहयोग को और मजबूत किया जा रहा है।

NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम

NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम

NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम
NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम

नई दिल्ली । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशाखापत्तनम कोर्ट ने जासूसी मामले में एक दोषी को साढ़े पांच साल की सजा सुनाई है। इस मामले में दोषी अल्ताफ हुसैन घांची उर्फ ​​शकील ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के रूप में भारतीय सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया था। नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशाखापत्तनम कोर्ट ने जासूसी मामले में एक दोषी को साढ़े पांच साल की सजा सुनाई है। इस मामले में दोषी अल्ताफ हुसैन घांची उर्फ ​​शकील ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के रूप में भारतीय सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया था। एनआईए के अनुसार, शकील ने सुनवाई के दौरान अपना जुर्म कबूल किया। हालांकि, इस मामले में पहले ही 37 गवाहों से पूछताछ की गई थी। शकील को सिम कार्ड और ओटीपी समेत यूनिक पहचान सुविधाओं के साथ-साथ सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने का दोषी ठहराया गया है। स्पेशल कोर्ट ने उसे यूएपीए एक्ट की धारा 18 के तहत पांच साल और छह महीने की जेल और 5 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, आईटी एक्ट, 2000 की धारा 66सी के तहत 2.5 साल की जेल और 5 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी, जिसकी अधिकतम अवधि 5.5 साल होगी।

NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम
NIA कोर्ट ने जासूसी मामले में दोषी को सजा सुनाई, पाक खुफिया एजेंसी के लिए करता था काम

जांच एजेंसी ने बताया कि सीमा पार साजिश के मामले में उन भारतीय सिम कार्ड का इस्तेमाल शामिल था, जो गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के दौरान पाकिस्तानी नौसेना की ओर से गिरफ्तार किए गए मछुआरों के थे। इन मछुआरों के मोबाइल फोन और सिम कार्ड पाक नौसेना ने जब्त कर लिए थे और बाद में शकील ने भारत में जासूसी गतिविधियों को आसान बनाने के लिए उन्हें एक्टिवेट किया था।
साजिश की एनआईए जांच में पुष्टि हुई कि शकील ने भारतीय सिम कार्ड अपने मोबाइल हैंडसेट में डाले थे और वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जेनरेट किए थे, जिन्हें उसने पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव (आईपीओ) के साथ शेयर किया था, जिससे पाकिस्तान से भारतीय व्हाट्सएप नंबर ऑपरेट किए जा सकें।
बाद में इन भारतीय नंबरों का इस्तेमाल पाकिस्तानी खुफिया ऑपरेटिव ने नकली पहचान के तहत भारतीय रक्षा प्रतिष्ठान के कर्मियों से संपर्क करने के लिए किया, जिसका मकसद संवेदनशील और प्रतिबंधित रक्षा-संबंधी जानकारी हासिल करना था, जिससे भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता को खतरा हो।
जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि एनआईए साइबर-सक्षम और अन्य सीमा पार आतंकवादी और जासूसी गतिविधियों का मुकाबला करने व ऐसे सभी अपराधियों को सजा दिलाने के लिए अपने अथक प्रयास जारी रखे हुए है।

लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार

लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार

लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार
लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार

लखनऊ । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने लखनऊ में नॉर्दर्न रेलवे के डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) के ऑफिस में काम करने वाले दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों ने पेंशन प्रक्रिया में मदद करने के नाम पर रिश्वत के तौर पर मोटी रकम मांगी थी। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में अकाउंटेंट आकाश त्यागी और असिस्टेंट डिविजनल फाइनेंस मैनेजर (एडीएफएम) अक्षय श्रीवास्तव शामिल हैं। इन दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता से पेंशन प्रक्रिया में मदद करने के बदले में कुल 3,50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसके तहत शिकायतकर्ता टोकन अमाउंट के तौर पर 70,000 रुपये देने गया, तभी मौके पर पहुंचकर सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार
लखनऊ में सीबीआई का एक्शन, नॉर्दर्न रेलवे के दो अधिकारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार


सीबीआई ने इस मामले में तफ्तीश तब शुरू की थी जब शिकायतकर्ता ने सूचना दी कि उनके चाची की पेंशन को प्रोसेस कराने के लिए अकाउंटेंट ने पहले पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) जारी होने के बाद 100,000 रुपये और फिर क्लेम अमाउंट के निपटान के बाद 2,50,000 रुपये की मांग की थी। इस शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 27 जनवरी को मामला दर्ज किया और उसी दिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच एजेंसी के अनुसार, ये दोनों अधिकारी शिकायतकर्ता से रिश्वत की 70,000 रुपये की हिस्सेदारी ले रहे थे, जो कि कुल मांग का हिस्सा था।
अधिकारियों ने बताया कि दोनों गिरफ्तार अधिकारियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लखनऊ की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस प्रकार की अन्य शिकायतें भी तो नहीं थीं।

गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार

गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार

गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार
गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद । गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने मंगलवार को नवसारी जिले से 22 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी के बाद कथित आतंकी साजिश के व्यापक सबूतों का खुलासा किया है। आरोपी की पहचान फैजान शेख के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के दुंडावाला गांव का रहने वाला है। वह पिछले चार वर्षों से नवसारी के जारकवाड़ इलाके में रह रहा था और दर्जी का काम करता था। एटीएस को हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की तैयारियों के संबंध में खुफिया सूचना मिली थी, जिसके बाद एजेंसी ने नवसारी पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एटीएस के अनुसार, गोपनीय सूचनाओं से पता चला कि आरोपी ने आतंक फैलाने के उद्देश्य से चुनिंदा व्यक्तियों पर हमला करने और उनकी हत्या करने की साजिश रची थी और वह जिहाद और अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों में भी शामिल था।
तकनीकी विश्लेषण और जांच के दौरान जांचकर्ताओं ने आरोपी द्वारा कथित तौर पर संचालित एक संदिग्ध इंस्टाग्राम खाते की पहचान की, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार
गुजरात: एटीएस ने आतंकी साजिश को किया नाकाम, हथियारों के साथ आरोपी गिरफ्तार


एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन की डिजिटल जांच में जैश-ए-मोहम्मद और अल कायदा जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने वाली बड़ी मात्रा में चरमपंथी सामग्री मिली।
इसके साथ ही कई व्यक्तियों की निशान लगी तस्वीरें भी मिलीं हैं, जिनको संभावित टारगेट के तौर पर लिया जा रहा है।
अधिकारियों ने अरबी और उर्दू में लिखे 29 पन्ने भी बरामद किए, जो एटीएस के अनुसार युवाओं को चरमपंथी विचारधारा से जोड़ने और गुमराह करने के उद्देश्य से थे।
ऑपरेशन के दौरान, अधिकारियों ने आरोपी के पास से एक पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस जब्त किए।
एटीएस ने बताया कि आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने लगभग छह महीने पहले उत्तर प्रदेश के एक अज्ञात व्यक्ति से हथियार और गोला-बारूद खरीदा था।
डीएसपी हर्ष उपाध्याय ने आईएएनएस को बताया कि फिलहाल, उसके द्वारा टारगेट व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। तकनीकी विश्लेषण पूरा होने में दो-तीन दिन लगेंगे।

बिहार: सारण में इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, आपसी विवाद में हत्या की आशंका

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छपरा । बिहार पुलिस आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। लेकिन, अपराधी प्रतिदिन कहीं न कहीं ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सारण जिले के नगर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां अपराधियों ने एक इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि नगर थाना क्षेत्र के कचहरी रेलवे कॉलोनी के पास अपराधियों ने मंगलवार की रात विकास कुमार तिवारी को गोली मारकर हत्या कर दी। बताया गया कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के शक्तिनगर मोहल्ले का रहने वाला विकास तिवारी मंगलवार को पटना गया था और देर रात वापस लौटकर घर की ओर जा रहा था। इसी बीच कचहरी रेलवे कॉलोनी के पास अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी और अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। कहा जा रहा है कि अपराधियों ने नजदीक से गोली मारी है, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर किसी निजी कंपनी में कार्यरत था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।

बिहार: सारण में इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, आपसी विवाद में हत्या की आशंका
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पुलिस ने इसकी सूचना मृतक के परिजनों को भी दी। नगर के थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि प्रथम दृष्टया विकास की हत्या के पीछे एक नाला निर्माण को लेकर लोगों से आपसी विवाद की बातें सामने आ रही हैं। इस मामले की एक प्राथमिकी नगर थाना में दर्ज कर ली गई है जिसमें एक व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है।
पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। उन्होंने बताया कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस का दावा है कि मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया गया है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो

ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो

ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो
ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो

कोलकाता । महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता ने कहा कि अजित पवार अपने पुराने खेमे में लौटने वाले थे और इससे पहले यह हादसा हुआ। इस देश में लोगों की कोई सुरक्षा नहीं है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “पहले अहमदाबाद में इतने लोगों की जान गई और अब इस हादसे में अजित पवार की जान गई। देश के मुख्यमंत्री समय कम होने की वजह से चार्टर्ड फ्लाइट में सफर करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा का क्या? हम इस हादसे से बहुत परेशान हैं और हमारे पास इसको व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि आज सुबह प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा सदमा लगा है। इस देश में आम लोगों की तो बात ही छोड़िए, राजनेता भी सुरक्षित नहीं हैं। दो दिन पहले मुझे पता चला था कि किसी दूसरी पार्टी के किसी व्यक्ति ने बयान दिया था कि पवार भाजपा छोड़ने को तैयार थे और अब आज यह हो गया।
ममता बनर्जी ने कहा, “मैं सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में सही जांच की मांग करती हूं। हमें सिर्फ सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, किसी और एजेंसी पर नहीं। सभी एजेंसियां ​​पूरी तरह से बिक चुकी हैं। यह सच में बहुत बड़ा नुकसान है। आज वह विपक्ष में थे, लेकिन कल वह अपनी पार्टी के असली रास्ते पर लौटने वाले थे। मैं उनके परिवार, महाराष्ट्र के लोगों और शरद पवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं।”

ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो
ममता बनर्जी ने अजित पवार की मौत पर उठाए सवाल, कहा- वे भाजपा छोड़ने वाले थे, निष्पक्ष जांच हो


ममता बनर्जी ने कहा, “मुझे नहीं पता कि डीजीसीए कैंसिल हुआ है या नहीं। डीजीसीए की ठीक से निगरानी होनी चाहिए। बहुत सारी घटनाएं हुई हैं। अब बहुत हो गया।”
सीएम ममता ने आगे कहा, “हम हमेशा यात्रा करते हैं। समय की कमी के कारण पीएम भी हेलीकॉप्टर और फ्लाइट से यात्रा करते हैं। ऐसी बहुत सी जगहें हैं जो बहुत दूर हैं। यह आम लोगों के लिए भी एक संदेश है, जो अहमदाबाद और दूसरी जगहों पर भी हुआ। इस देश के लोगों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। मुझे नहीं पता कि विपक्षी राजनीतिक पार्टियों का क्या होगा, लेकिन यह सत्ताधारी पार्टी के साथ हुआ। लेकिन कुछ दिन पहले, मुझे सोशल नेटवर्क से पता चला था कि किसी दूसरी पार्टी के किसी व्यक्ति ने बयान दिया था कि अजित पवार भाजपा का साथ छोड़ने के लिए तैयार हैं।”
वहीं, ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अजित पवार के अचानक निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने लिखा कि इस खबर से वह स्तब्ध और बेहद आहत हैं। अजित पवार के अचानक निधन से मैं बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और उनके साथ यात्रा कर रहे अन्य लोग आज सुबह बारामती में हुए भयानक विमान हादसे में जान गंवा बैठे। यह देश के लिए बड़ी क्षति है।

'हमारी मांग जायज है', देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा

‘हमारी मांग जायज है’, देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा

'हमारी मांग जायज है', देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा
‘हमारी मांग जायज है’, देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा

नई दिल्ली । मंगलवार को देश भर में पब्लिक सेक्टर्स के बैंक कर्मचारी 5-डे वर्क वीक की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे बैंकों में कामकाज प्रभावित है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने इस देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह संगठन 9 बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है, जो सरकारी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह फैसला 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठक में कोई समाधान न निकलने के बाद लिया गया। हड़ताल के कारण नकद जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस और बैंक के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े सरकारी बैंक शामिल हैं। हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे, क्योंकि उनके कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं। इस दौरान यूपी, गुजरात, पटना, रांची, छत्तीसगढ़ समेत देश भर के अलग-अलग राज्यों में बैंक कर्माचारियों ने हड़ताल की। बैंक कर्मचारियों से आईएएनएस ने बात की, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों को रखा।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित इंडियन बैंक की कर्मचारी अंशिका सिंह विसेन ने कहा कि पिछले द्विपक्षीय समझौते में यह तय हुआ था कि बैंक कर्मचारियों को 5 दिन की बैंकिंग सुविधा दी जाएगी। सोमवार से शुक्रवार तक काम होगा और शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी। लेकिन हमने देखा कि इस प्रस्ताव को लागू नहीं किया गया। बाकी सभी बातें मान ली गईं, लेकिन यह 5 दिन की बैंकिंग सुविधा स्वीकार नहीं की गई।
उन्होंने आगे कहा कि हम बाकी के बैंकिंग बॉडीज को देखते हैं, फिर चाहे वह एलआईसी हो, आरबीआई हो या फिर बाकी संगठन हों, राज्य सरकार हो या फिर केंद्र सरकार, सभी जगह शनिवार और रविवार ऑफ होते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में दिन-प्रतिदिन काम का प्रेशर बढ़ता जा रहा है और वर्कलाइफ बैलेंस बिगड़ता जा रहा है।
आगे उन्होंने कहा कि सरकार की कोई भी सोशल वेलफेयर स्कीम हो, वो हर तरह से बैंकिंग पर ही निर्भर है, हम बैंकर्स ही उसे ग्रासरूट पर गांवों, किसानों तक उसे पहुंचाते हैं। तो जब हम सरकार के लिए, देश के लिए इतना योगदान कर रहे हैं तो फिर हमें भी ये सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि हम अपने परिवार और वर्क में बैलेंस बना सकें और सही तरह जीवन जी सकें।

'हमारी मांग जायज है', देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा
‘हमारी मांग जायज है’, देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा


इस बीच गुजरात के वडोदरा में भी बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस के जॉइंट सेक्रेटरी संजय झा ने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल की गई, जिसमें वडोदरा शहर की राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी भी शामिल हुए। बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था को तत्काल लागू करने की है। इस मांग को लेकर पहले भी सरकार के समक्ष कई बार ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया।
इसके अलावा, पटना से पंजाब नेशनल बैंक की रीतिका ने कहा कि आज यहां सैकड़ों बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि यूएफबीयू के आह्वान पर हम सभी यहां सरकार से बैंकों में भी पांच दिवसीय कार्य दिवस यानी शनिवार को भी अवकाश की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बैंकों में काम का प्रेशर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे हमें मानसिक और विभिन्न तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। देश के विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारने में हम बैंकरों का बड़ा योगदान है। इसलिए 5-डे वर्किंग की मांग जायज है। अगर सरकार हमारी ये मांग नहीं पूरी करती है तो यह प्रदर्शन और उग्र रूप लेगा।
रायपुर में 2,500 बैंकों के 25,000 कर्मचारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अखिल भारतीय पंजाब राष्ट्रीय बैंक के अध्यक्ष मिलिंद मार्ते ने अपनी मांगों को मीडिया के समक्ष रखा।
विरोध प्रदर्शन कर रहे एक कर्मचारी ने कहा, “भारत भर में आठ लाख से अधिक बैंक कर्मचारी आज की हड़ताल में भाग ले रहे हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की हमारी मांग 2015 से लंबित है। एलआईसी, राज्य सरकारों और केंद्र सरकार जैसी संस्थाएं पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन करती हैं। हमें आश्वासन दिया गया था कि बैंक भी इस प्रणाली को अपनाएंगे, लेकिन अभी तक कुछ भी लागू नहीं किया गया है।”
पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में, बैंक कर्मचारियों के संघों ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य बैंकों के सामने विरोध प्रदर्शन किया और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की अपनी मांग को दोहराया।
वहीं विभिन्न राज्यों में हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं में नकद जमा, निकासी और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे आम ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की

डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की

डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की
डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की

बहरोड़/नीमराना। नीमराना थाना क्षेत्र के डूमरोली गांव में बीती रात चोरों ने एक घर के बाहर बंधी भैंस चुराने का दुस्साहसिक प्रयास किया। हालांकि, परिजनों की मुस्तैदी के कारण चोर अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए। चोरी की यह पूरी कोशिश घर के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। शोर मचाने पर भैंस छोड़कर भागे चोर पीड़ित रतन लाल पुत्र बाबूलाल ने बताया कि देर रात चोरों ने उसके घर के बाहर धावा बोला। चोरों ने खूंटे से बंधी भैंस को खोल लिया और उसे ले जाने की फिराक में थे। इसी दौरान घर के सदस्यों को आहट हुई और उनकी नींद खुल गई। जैसे ही परिजनों ने शोर मचाना शुरू किया, पकड़े जाने के डर से चोर भैंस को वहीं छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले।
एक महीने में दूसरी वारदात से आक्रोश
पीड़ित रतन लाल ने पुलिस को बताया कि यह उनके यहाँ चोरी की पहली घटना नहीं है। करीब एक माह पहले भी उनके घर से पानी की मोटर चोरी हो गई थी, जिसकी रिपोर्ट नीमराना थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बार-बार हो रही इन वारदातों से ग्रामीणों में भारी रोष है।

डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की
डूमरोली में भैंस चोरी का प्रयास विफल: परिवार के जागने पर भागे चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर गश्त बढ़ाने की मांग की


सरपंच के नेतृत्व में थाने पहुँचे ग्रामीण
घटना के बाद मंगलवार को ग्राम पंचायत सरपंच सुनील कुमार आर्य के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण नीमराना पुलिस थाने पहुँचे। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को सीसीटीवी फुटेज सौंपते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई और मांग की कि:
गांव में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
क्षेत्र में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए।
पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि फुटेज की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

UGC नियमों के विरोध ने पकड़ा तूल, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री धरने पर, भाजपा में भी इस्तीफों से बढ़ी हलचल

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UGC नियमों के विरोध ने पकड़ा तूल, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री धरने पर, भाजपा में भी इस्तीफों से बढ़ी हलचल
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लखनऊ । उच्च शिक्षा में ‘समानता’ के नाम पर लाए गए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नए नियम अब राजनीतिक विस्फोट का कारण बनते जा रहे हैं। ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता विनियम, 2026’ के लागू होते ही सत्ता पक्ष के भीतर ही असहमति खुलकर सामने आ गई है। इससे भाजपा की चुनौती मिलते दिख रही है। इसे लेकर कई जगह विरोध हो रहा है। इसी कड़ी में बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस्तीफे के बाद निलंबन की कार्रवाई से नाराज अग्निहोत्री अब खुलकर मैदान में आ गए हैं और निलंबन के विरोध में धरने पर बैठ गए हैं। यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर रविवार को भी विरोध प्रदर्शन हुए, जो सोमवार को और तेज हो गए। खास बात यह है कि इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के भीतर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कुछ नेताओं ने नए विनियमों के विरोध में अपने पदों से इस्तीफा देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
बरेली के एडीएम कंपाउंड में स्थित सिटी मजिस्ट्रेट आवास के मुख्य गेट को पुलिस ने पूरी तरह बंद कर दिया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का कहना है कि यह कार्रवाई उच्च स्तर से मिले निर्देशों के तहत की गई है। गेट बंद होने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के समर्थकों से दामोदर पार्क पहुंचने की अपील की गई, जिसके बाद वहां लोगों का जुटना शुरू हो गया है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले वर्ष 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

UGC नियमों के विरोध ने पकड़ा तूल, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री धरने पर, भाजपा में भी इस्तीफों से बढ़ी हलचल
UGC नियमों के विरोध ने पकड़ा तूल, बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री धरने पर, भाजपा में भी इस्तीफों से बढ़ी हलचल


सोमवार को उन्होंने इस्तीफा सौंपते हुए शंकराचार्य के अपमान और यूजीसी कानून के विरोध को इसकी वजह बताया था। रात में जिलाधिकारी से मुलाकात के बाद मामला और गरमा गया, जब अग्निहोत्री ने जिला प्रशासन पर बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया। हालांकि जिलाधिकारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। देर रात शासन ने अलंकार अग्निहोत्री को निलंबित कर दिया।
निलंबन की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया है कि वह इसके खिलाफ न्यायालय की शरण लेंगे। मंगलवार सुबह से ही उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
उधर, भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने यूजीसी कानून के विरोध में अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने यह इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए भेजा है। त्रिपाठी का कहना है कि यह कानून समाज को जोड़ने के बजाय उसे बांटने का काम करेगा और इसके दूरगामी परिणाम घातक साबित हो सकते हैं।
इसी तरह बख्शी तालाब क्षेत्र के कुम्हारवां मंडल से जुड़े भाजपा महामंत्री अंकित तिवारी ने भी पार्टी से दूरी बना ली है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूजीसी के नए प्रावधानों से समाज के एक बड़े वर्ग के बच्चों के शैक्षणिक भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। अंकित तिवारी ने अपने सभी संगठनात्मक दायित्वों से इस्तीफा देने की घोषणा की है।
यूजीसी कानून के खिलाफ संगम नगरी में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतरे और सरकार से कानून को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह विधेयक शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन पैदा करेगा और समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा।
यूजीसी के नए प्रावधानों के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थानों में किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी सामाजिक पहचान, लिंग, मूल स्थान या शारीरिक स्थिति के आधार पर अलग व्यवहार नहीं किया जा सकेगा। नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि वंचित और कमजोर वर्गों से आने वाले छात्रों और कर्मचारियों को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान देना संस्थानों की जिम्मेदारी होगी, ताकि उनके अधिकारों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।