अमेठी में पुलिस मुठभेड़, गोकशी की योजना बना रहे 2 बदमाश गिरफ्तार, 4 फरार

अमेठी में पुलिस मुठभेड़, गोकशी की योजना बना रहे 2 बदमाश गिरफ्तार, 4 फरार

अमेठी में पुलिस मुठभेड़, गोकशी की योजना बना रहे 2 बदमाश गिरफ्तार, 4 फरार
अमेठी में पुलिस मुठभेड़, गोकशी की योजना बना रहे 2 बदमाश गिरफ्तार, 4 फरार

अमेठी, उत्तर प्रदेश –

जनपद अमेठी के जायस कोतवाली क्षेत्र में बीती देर रात एक बड़ी पुलिस कार्रवाई सामने आई, जब गोकशी की योजना बना रहे अंतरजनपदीय गिरोह और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ क्षेत्र के सरायमहेशा गांव के पास उस समय हुई, जब एसओजी (Special Operation Group) और जायस कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बदमाशों की घेराबंदी की। पुलिस और बदमाशों के बीच चली इस मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें घायल अवस्था में तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान गिरोह के चार अन्य सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस ने सघन अभियान छेड़ दिया है।

मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई

सूत्रों के अनुसार, अमेठी पुलिस को खुफिया तंत्र के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई थी कि सरायमहेशा गांव के आसपास कुछ संदिग्ध तत्व गोकशी की बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए एसपी अमेठी के निर्देश पर एक संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें एसओजी और जायस थाना पुलिस के अधिकारी व जवान शामिल थे। सूचना के आधार पर टीम ने देर रात इलाके में घेराबंदी की।

जब पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी और मौके से फरार होने का प्रयास किया। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो बदमाशों को पैर में गोली लगी और वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े।

घायल बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया गया

घायल बदमाशों को तुरंत मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के लिए पहुंचाया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज हेतु जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है।

गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान और आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि यह गिरोह अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय था और पूर्व में भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पुलिस को इनके पास से अवैध असलहा, धारदार हथियार, गोकशी से संबंधित सामग्री, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।

चार बदमाश फरार, तलाश में कांबिंग अभियान

पुलिस अधीक्षक अमेठी द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस गिरोह के कुल छह सदस्य घटनास्थल पर मौजूद थे। जिनमें से चार बदमाश पुलिस मुठभेड़ के दौरान अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस द्वारा रात भर कांबिंग ऑपरेशन चलाया गया और सुबह होते-होते आसपास के क्षेत्रों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया गया है।

एसपी अमेठी ने कहा कि इस मुठभेड़ में शामिल पूरी टीम को सराहना के योग्य बताया गया है और जल्द ही फरार अपराधियों को गिरफ्तार करने का भरोसा जताया है। एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि गोकशी जैसे जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस प्रकार के अपराधों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

अमेठी में पुलिस मुठभेड़, गोकशी की योजना बना रहे 2 बदमाश गिरफ्तार, 4 फरार
अमेठी में पुलिस मुठभेड़, गोकशी की योजना बना रहे 2 बदमाश गिरफ्तार, 4 फरार

अपराधियों पर दर्ज हैं पूर्व के आपराधिक मामले

प्रारंभिक छानबीन में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मुठभेड़ में घायल दोनों बदमाशों के विरुद्ध पुर्व में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में गोकशी, अवैध असलहे का प्रयोग, चोरी, और संगठित अपराधों में संलिप्तता शामिल है। पुलिस अब उनके नेटवर्क की जांच कर रही है, जिससे उनके अन्य साथियों और शेल्टर देने वालों की भी पहचान हो सके।

स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर राहत

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस की तत्परता और सक्रियता की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई दिनों से संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं, जिससे भय का माहौल बन गया था। मुठभेड़ के बाद ग्रामीणों में राहत और विश्वास का माहौल बना है।

अपराध पर नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कदम

अमेठी पुलिस द्वारा इस प्रकार की कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सजग और तत्पर है। विशेषकर गोकशी जैसे संवेदनशील अपराध, जिनसे सामाजिक तनाव और सांप्रदायिक तनाव की आशंका भी बनी रहती है, उन पर समय रहते रोक लगाना और अपराधियों को पकड़ना एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

पुलिस की सख्त कार्यवाही का संदेश

इस मुठभेड़ के बाद पुलिस विभाग की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी अमेठी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम जारी रहेगा। जल्द ही फरार अपराधियों को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पुलिस उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी जांच-पड़ताल और निगरानी कर रही है।

दिवाली स्पेशल ट्रेन का बयाना जंक्शन पर नहीं हुआ ठहराव, व्यापार संघ ने की मांग

दिवाली स्पेशल ट्रेन का बयाना जंक्शन पर नहीं हुआ ठहराव, व्यापार संघ ने की मांग

दिवाली स्पेशल ट्रेन का बयाना जंक्शन पर नहीं हुआ ठहराव, व्यापार संघ ने की मांग
दिवाली स्पेशल ट्रेन का बयाना जंक्शन पर नहीं हुआ ठहराव, व्यापार संघ ने की मांग

बयाना (भरतपुर) –

आगामी 17 सितंबर 2025 से मुंबई और बनारस के बीच चलने वाली दिवाली स्पेशल ट्रेन का संचालन शुरू होने जा रहा है, जिससे देशभर के यात्रियों को त्योहारी सीजन में यात्रा की अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि इस ट्रेन के ठहराव को लेकर बयाना क्षेत्र के यात्रियों और व्यापारिक समुदाय में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। इस विशेष ट्रेन को गंगापुर सिटी और भरतपुर जैसे स्टेशनों पर तो ठहराव दिया गया है, लेकिन बयाना जंक्शन जैसे महत्त्वपूर्ण स्टेशन को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है।

इस निर्णय के विरोध में व्यापार संघ बयाना ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के अध्यक्ष जानकी प्रसाद सामरी ने केंद्रीय रेल मंत्री को एक पत्र भेजकर स्पष्ट मांग की है कि दिवाली स्पेशल ट्रेन का ठहराव बयाना जंक्शन पर भी सुनिश्चित किया जाए। पत्र में बताया गया है कि बयाना एक ऐतिहासिक एवं व्यावसायिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्टेशन है, जहाँ से प्रतिदिन हजारों यात्री विभिन्न गंतव्यों के लिए यात्रा करते हैं, विशेषकर मुंबई और बनारस जैसे महानगरों की ओर।

जानकी प्रसाद सामरी ने यह भी स्पष्ट किया कि बयाना जंक्शन का महत्त्व केवल उसके यात्रीभार के कारण नहीं, बल्कि उसके भौगोलिक स्थिति और आसपास के क्षेत्रों की निर्भरता के कारण भी है। बयाना न केवल भरतपुर जिले का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है, बल्कि यह धौलपुर, करौली, हिण्डौन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों का भी मुख्य सहारा है। ऐसे में दिवाली जैसे महत्त्वपूर्ण त्यौहार के दौरान इस स्टेशन को नज़रअंदाज़ करना न केवल अनुचित है, बल्कि स्थानीय जनता के साथ अन्याय भी है।

व्यापार संघ ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि मुंबई और बनारस की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या बयाना से अत्यधिक है। विशेषकर दिवाली, छठ, और अन्य पर्वों के अवसर पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इस दौरान आम यात्री को आरक्षण मिलने में कठिनाई होती है, और दिवाली स्पेशल ट्रेन ऐसे यात्रियों के लिए राहत का साधन हो सकती थी। लेकिन बयाना में ठहराव न होने से वे इस सुविधा से वंचित हो जाएंगे।

पत्र में बताया गया है कि बयाना जैसे व्यस्त स्टेशन को गंगापुर सिटी और भरतपुर के बीच स्थित होने के बावजूद ठहराव सूची से बाहर रखना रेलवे की नीतियों पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। जबकि गंगापुर सिटी के बाद ट्रेन सीधे भरतपुर रुकेगी, जिससे बयाना को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। यह स्थिति न केवल यात्रियों के लिए असुविधाजनक है, बल्कि रेलवे की ओर से क्षेत्रीय संतुलन और यात्री सुविधा की उपेक्षा का संकेत भी देती है।

व्यापार संघ के अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही रेलवे द्वारा बयाना जंक्शन पर दिवाली स्पेशल ट्रेन के ठहराव की औपचारिक घोषणा नहीं की गई, तो क्षेत्रीय व्यापारी समुदाय व जनता आंदोलन करने को बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि बयाना का व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र लंबे समय से रेलवे से उपेक्षित महसूस कर रहा है। अगर बार-बार की गई माँगों के बावजूद ठहराव नहीं दिया गया, तो इस बार संघर्ष अधिक व्यापक और संगठित होगा।

दिवाली स्पेशल ट्रेन का बयाना जंक्शन पर नहीं हुआ ठहराव, व्यापार संघ ने की मांग
दिवाली स्पेशल ट्रेन का बयाना जंक्शन पर नहीं हुआ ठहराव, व्यापार संघ ने की मांग

इस मांग को लेकर न केवल व्यापार संघ, बल्कि स्थानीय जनता, सामाजिक संगठनों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने भी एकजुटता दिखाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार त्योहारों पर विशेष ट्रेनों का संचालन होता है, लेकिन बयाना को नजरअंदाज कर दिया जाता है। क्षेत्रीय सांसद और विधायक से भी इस विषय में हस्तक्षेप की मांग की गई है ताकि रेलवे मंत्रालय पर दबाव बनाया जा सके।

व्यापारियों और नागरिकों का तर्क है कि यदि ट्रेन को भरतपुर स्टेशन पर ठहराया जा सकता है, तो उससे पूर्ववर्ती स्टेशन बयाना पर भी 2-5 मिनट का ठहराव देने में कोई तकनीकी या परिचालनिक बाधा नहीं होनी चाहिए। इससे हजारों यात्रियों को लाभ मिलेगा और रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही, स्थानीय जनता को यह संदेश भी जाएगा कि रेलवे उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति संवेदनशील है।

सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता राकेश शर्मा का कहना है कि यदि बयाना को लगातार इस तरह से उपेक्षित किया जाता रहा तो यह क्षेत्र के विकास में बाधक होगा। उन्होंने कहा कि समय रहते इस पर निर्णय लेना आवश्यक है, अन्यथा जन आंदोलन को टालना कठिन होगा।

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में गंगापुर सिटी या भरतपुर जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है, जिससे अतिरिक्त समय, धन और असुविधा होती है। महिलाएं, बुजुर्ग, और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्री इस व्यवस्था से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

रेलवे विभाग को चाहिए कि वह इस माँग पर गंभीरता से विचार करे और तत्काल प्रभाव से दिवाली स्पेशल ट्रेन का ठहराव बयाना जंक्शन पर घोषित करे। क्योंकि यदि ट्रेन का परिचालन 17 सितंबर से शुरू होना है, तो जनता की सुविधा के लिए समय रहते इस निर्णय को लागू किया जाना आवश्यक है।

बयाना में ट्रेनों के ठहराव को लेकर पहले भी कई बार माँगें उठ चुकी हैं, लेकिन हर बार इसे अनसुना किया गया। अब यह केवल माँग नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्वाभिमान और अधिकार से जुड़ा विषय बन गया है।

मुंबई एयरपोर्ट पर दो विदेशी नागरिक फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार, जांच जारी।

मुंबई एयरपोर्ट पर दो विदेशी नागरिक फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार, जांच जारी।

मुंबई एयरपोर्ट पर दो विदेशी नागरिक फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार, जांच जारी।
मुंबई एयरपोर्ट पर दो विदेशी नागरिक फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार, जांच जारी।

मुंबई ।

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां दो विदेशी नागरिकों को फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया।
ये गिरफ्तारियां अवैध यात्रा के साथ-साथ एक बड़े फर्जी दस्तावेजों के रैकेट का पर्दाफाश करने वाली हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(2)(3), 340(2) और पासपोर्ट अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 29 वर्षीय नेपाली नागरिक कृष्णा मार्पण तमंग और 67 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक निरंजन नाथ सुबल चंद्रनाथ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने कोलकाता में नकली दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाए थे। इन फर्जी पासपोर्टों का इस्तेमाल करके उन्होंने कई विदेशी यात्राएं भी की हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि पासपोर्ट बनवाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का सहारा लिया गया था।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, घटना की जानकारी देते हुए सहार पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि निरंजन नाथ ओमान की राजधानी मस्कत से मुंबई लौट रहा था।

मुंबई एयरपोर्ट पर दो विदेशी नागरिक फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार, जांच जारी।
मुंबई एयरपोर्ट पर दो विदेशी नागरिक फर्जी भारतीय पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार, जांच जारी।

इमीग्रेशन काउंटर पर उसके दस्तावेजों की सख्त जांच की गई। इसमें कई संदिग्ध बातें सामने आईं, जैसे पासपोर्ट की डिटेल्स में विसंगतियां और गलत जानकारी। पूछताछ के दौरान निरंजन ने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि पासपोर्ट फर्जी है और कोलकाता से ही बनवाया गया था।
दूसरी ओर, कृष्णा मार्पण तमंग विदेश जाने की तैयारी में था। चेक-इन काउंटर पर पहुंचते ही उसके दस्तावेजों की जांच हुई और फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। वह भी कोलकाता से बने फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा था। दोनों की गिरफ्तारी से पुलिस को शक है कि यह कोई अकेला मामला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो विदेशी नागरिकों को भारतीय दस्तावेज मुहैया करा रहा है।
सहार पुलिस अब इस रैकेट की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पूछताछ जारी है, ताकि फर्जी दस्तावेज सप्लाई करने वाले एजेंटों और कोलकाता के पासपोर्ट रैकेट के बारे में और जानकारी मिल सके।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधों से देश की सुरक्षा को खतरा होता है, इसलिए जांच तेजी से चल रही है। संभावना है कि इस मामले में और गिरफ्तारियां होंगी।

डीजीजीआई मुंबई ने डेटा विश्लेषण व जांच से शेल कंपनियों के बड़े रैकेट का खुलासा किया।

डीजीजीआई मुंबई ने डेटा विश्लेषण व जांच से शेल कंपनियों के बड़े रैकेट का खुलासा किया।

डीजीजीआई मुंबई ने डेटा विश्लेषण व जांच से शेल कंपनियों के बड़े रैकेट का खुलासा किया।
डीजीजीआई मुंबई ने डेटा विश्लेषण व जांच से शेल कंपनियों के बड़े रैकेट का खुलासा किया।

मुंबई ।

जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने डेटा विश्लेषण, मानव खुफिया और जांच उपकरणों के इस्तेमाल से बेनामी और शेल कंपनियों के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।
इस रैकेट के मुख्य आरोपी जाहिर अब्बास पटेल और उनके भाई अकरम पटेल को 11 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई जीएसटी व्यवस्था में फर्जीवाड़े को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें करोड़ों रुपये का सरकारी राजस्व प्रभावित हुआ था।
डीजीजीआई अधिकारियों ने कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। इसमें शामिल लोगों के बयान, बैंक स्टेटमेंट और दस्तावेजों की जांच से साफ हुआ कि जाहिर अब्बास पटेल ने अपने भाई अकरम के साथ मिलकर कई बेनामी कंपनियां बनाईं।
उन्होंने विभिन्न लोगों के नाम पर धोखाधड़ी से कंपनियां रजिस्टर की और उनके केवाईसी (नो योर कस्टमर) दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया। इन कंपनियों के नाम पर बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के फर्जी बिल (चालान) जारी किए गए। इन फर्जी बिलों की कुल वैल्यू 141.30 करोड़ रुपये थी, जिसमें 27.10 करोड़ रुपये का जीएसटी शामिल था। इसका मकसद इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत फायदा उठाना था, जिससे सरकार को भारी नुकसान हुआ।

डीजीजीआई मुंबई ने डेटा विश्लेषण व जांच से शेल कंपनियों के बड़े रैकेट का खुलासा किया।
डीजीजीआई मुंबई ने डेटा विश्लेषण व जांच से शेल कंपनियों के बड़े रैकेट का खुलासा किया।


आरोपियों ने लोगों को लालच देकर उनके दस्तावेज लिए और कंपनियां खोली। ये कंपनियां केवल कागजों पर थीं, कोई वास्तविक व्यापार नहीं होता था। फर्जी चालानों से पैसे का हेरफेर किया जाता था, जो टैक्स चोरी का बड़ा नेटवर्क था। गिरफ्तारी के बाद दोनों भाइयों से पूछताछ जारी है।
वहीं, अधिकारियों ने बताया कि यह रैकेट लंबे समय से सक्रिय था और इसमें कई अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। तलाशी में कई दस्तावेज, कंप्यूटर और बैंक रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं।
यह मामला जीएसटी सिस्टम में शेल कंपनियों की बढ़ती समस्या को उजागर करता है। डीजीजीआई ने कहा कि आगे की जांच से रैकेट के अन्य सदस्यों का पता लगाया जाएगा। यदि अपराध साबित हुआ, तो आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है।
साथ ही, मुंबई क्षेत्रीय इकाई के महानिदेशक ने बताया कि डेटा एनालिटिक्स ने इस रैकेट को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई। भविष्य में ऐसी कार्रवाइयों को तेज किया जाएगा। फिलहाल, दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और जांच जारी है।

दिल्ली: जमीन के विवाद में करावल नगर में चलीं गोलियां, लोनी का युवक घायल

दिल्ली: जमीन के विवाद में करावल नगर में चलीं गोलियां, लोनी का युवक घायल

दिल्ली: जमीन के विवाद में करावल नगर में चलीं गोलियां, लोनी का युवक घायल
दिल्ली: जमीन के विवाद में करावल नगर में चलीं गोलियां, लोनी का युवक घायल

दिल्ली ।

उत्तर पूर्व दिल्ली के करावल नगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फायरिंग में मूल रूप से लक्ष्मी गार्डन, लोनी (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला विशाल मावी (28) घायल हो गया। उसका इलाज जीटीबी अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस की छानबीन के दौरान पता चला कि लोनी का रहने वाला विशाल नानक डेयरी, करावल नगर में रहता है। विशाल की 2-3 दिन पहले दूसरे पक्ष से तीखी नोकझोंक हुई थी।
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर की शाम करावल नगर इलाके में अज्ञात हमलावरों ने विशाल पर अंधाधुंध फायरिंग की। गोली उसके पैर और हाथ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों से हमलावरों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने शोर मचाने पर हमलावर भाग निकले।

दिल्ली: जमीन के विवाद में करावल नगर में चलीं गोलियां, लोनी का युवक घायल
दिल्ली: जमीन के विवाद में करावल नगर में चलीं गोलियां, लोनी का युवक घायल

घायल को तुरंत जीटीबी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत स्थिर है, लेकिन पूर्ण रूप से खतरे से बाहर नहीं। शनिवार तड़के थाने को फायरिंग की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस के सामने विशाल के परिवार ने पुरानी घटना का जिक्र किया। इससे पुलिस को शक हुआ कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि सिलसिलेवार हमले का हिस्सा है।
जांच अधिकारी ने बताया कि विशाल एक स्थानीय व्यवसायी है, जो लोनी से आकर दिल्ली रहता है। दोनों पक्षों के बीच जमीन विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी को लेकर 10 सितंबर को बहस हुई थी।
आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने आसपास के इलाकों में नाकेबंदी की है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए हैं। इस इलाके में गोलीबारी और गुंडागर्दी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जहां पुरानी रंजिशें अक्सर हिंसा का रूप ले लेती हैं।

आरा मशीन पर काम करते समय युवक गंभीर रूप से घायल, जयपुर रेफर

आरा मशीन पर काम करते समय युवक गंभीर रूप से घायल, जयपुर रेफर

आरा मशीन पर काम करते समय युवक गंभीर रूप से घायल, जयपुर रेफर
आरा मशीन पर काम करते समय युवक गंभीर रूप से घायल, जयपुर रेफर

राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट उपखंड मुख्यालय स्थित जमात क्षेत्र में शुक्रवार को एक अत्यंत दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यह हादसा उस समय हुआ जब एक स्थानीय युवक हिम्मत योगी, पुत्र कालूराम योगी, निवासी निर्झरना गांव, प्रतिदिन की तरह जमात स्थित एक आरा मशीन पर लकड़ी काटने का काम कर रहा था। अचानक संतुलन बिगड़ जाने के कारण हिम्मत आरा मशीन की तेज गति से घूमती ब्लेडों की चपेट में आ गया, जिससे उसके शरीर पर गहरी और खतरनाक चोटें आ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी भयानक थी कि मशीन के संपर्क में आते ही युवक का शरीर बुरी तरह घायल हो गया और खून से लथपथ हालत में वह मौके पर ही गिर पड़ा। आसपास के लोग तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़े और उसे संभालने का प्रयास किया।

हिम्मत को गंभीर हालत में आनन-फानन में लालसोट के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, हिम्मत को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, विशेषकर हाथों और पैरों में हड्डियों के टूटने और मांसपेशियों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। जयपुर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा है।

आरा मशीन पर काम करते समय युवक गंभीर रूप से घायल, जयपुर रेफर
आरा मशीन पर काम करते समय युवक गंभीर रूप से घायल, जयपुर रेफर

इस हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। जैसे ही यह खबर गांव में फैली, हिम्मत के परिजन, रिश्तेदार और गांव के लोग अस्पताल पहुंचने लगे। हर कोई युवक की हालत जानने के लिए चिंतित दिखा और उसकी सलामती के लिए प्रार्थना करने लगा। सोशल मीडिया और गांव के व्हाट्सएप ग्रुपों में यह खबर तेजी से फैल गई, और लोग एक-दूसरे से उसके स्वास्थ्य की जानकारी लेने लगे। कई स्थानीय लोग जयपुर भी रवाना हुए ताकि परिजनों की मदद की जा सके।

हिम्मत योगी एक सामान्य मजदूर है, जो प्रतिदिन मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। वह पिछले कुछ समय से इस आरा मशीन पर लकड़ी काटने का काम कर रहा था। यह काम जोखिम भरा होता है और ऐसे स्थानों पर छोटी सी चूक भी गंभीर हादसे में बदल सकती है। लेकिन दुर्भाग्यवश, आज भी ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते।

भरतपुर में चोर ने महिला पर किया चाकू से हमला, जिला अस्पताल में भर्ती

भरतपुर में चोर ने महिला पर किया चाकू से हमला, जिला अस्पताल में भर्ती

भरतपुर में चोर ने महिला पर किया चाकू से हमला, जिला अस्पताल में भर्ती
भरतपुर में चोर ने महिला पर किया चाकू से हमला, जिला अस्पताल में भर्ती

भरतपुर। 

भरतपुर शहर के थाना मथुरा गेट इलाके के गोपालगढ़ स्थित सेड का मड मोहाले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। यहाँ एक चोर ने पहले घर में चोरी की, फिर महिला पर हमला करके उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। गंभीर हालत में महिला को जिला आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रवेश नामक व्यक्ति के घर में 2 सितंबर को एक चोर ने घर में घुसकर महिला के पर्स से नगदी चोरी कर ली थी। चोरी की घटना के दौरान घर में मौजूद महिला ने चोर को पहचान लिया था, लेकिन चोर वहां से भागने में सफल हो गया। इसके बाद कुछ दिन बीत गए।

चोर को यह भय सताने लगा कि महिला उसे पहचान चुकी है और पुलिस में शिकायत करेगी। इसी भय के चलते चोर ने दोबारा 10 सितंबर को उसी घर में घुसने का साहस किया। घर में प्रवेश की पत्नी अनम अकेली थी क्योंकि प्रवेश आगरा गया हुआ था।

भरतपुर में चोर ने महिला पर किया चाकू से हमला, जिला अस्पताल में भर्ती
भरतपुर में चोर ने महिला पर किया चाकू से हमला, जिला अस्पताल में भर्ती

चोर ने महिला अनम को पकड़ लिया और चाकू से कई जगह वार किए। गले पर भी वार करने के साथ ही चोर ने उसके मुंह पर तकिया दबाकर उसे मारने की कोशिश की। महिला की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक चोर वहां से फरार हो चुका था।

परिजनों ने घायल महिला अनम को तुरंत जिला आरबीएम अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका इलाज जारी है। इस संबंध में थाना मथुरा गेट पुलिस ने अस्पताल में महिला का पर्चा बयान लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस चोर की तलाश में जुटी है।

बिहार: खगड़िया में राजद विधायक के ड्राइवर की गोली मारकर हत्या

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बिहार: खगड़िया में राजद विधायक के ड्राइवर की गोली मारकर हत्या
बिहार: खगड़िया में राजद विधायक के ड्राइवर की गोली मारकर हत्या

खगड़िया । 

बिहार में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब वे दिन-दहाड़े वारदात को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला खगड़िया जिले का है, जहां अज्ञात बदमाशों ने राजद विधायक रामबृझ सदा के ड्राइवर लक्ष्मण सदा की गोली मारकर हत्या कर दी।
जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मण सदा बाइक से अपने ससुराल जा रहा था। इसी दौरान अलौली थाना क्षेत्र के मघौना पुलिस पिकेट से कुछ ही दूरी पर अपराधियों ने घात लगाकर उस पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। विधायक के ड्राइवर की हत्या ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस घटना ने पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह वारदात मघौना पुलिस पिकेट से चंद कदमों की दूरी पर हुई है।

बिहार: खगड़िया में राजद विधायक के ड्राइवर की गोली मारकर हत्या
बिहार: खगड़िया में राजद विधायक के ड्राइवर की गोली मारकर हत्या

वारदात की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि, हत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है और जल्द ही अपराधियों को पकड़ने का दावा कर रही है।

इससे पहले, पटना में बुधवार देर रात राजेंद्र नगर टर्मिनल के पास अपराधियों ने राजद नेता राजकुमार राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक जमीन कारोबार से जुड़े बताए जाते हैं।

पुलिस के मुताबिक, राजकुमार चित्रगुप्त नगर रोड नंबर 17 में रहते थे। वे देर रात अपनी कार से लौट रहे थे तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। खुद को बचाने के लिए वे पास के एक दुकान में घुस गए। अपराधियों ने वहां पहुंचकर उन्हें गोली मार दी और फरार हो गए। घायल अवस्था में राजकुमार राय को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार

अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार

अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार
अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार

अहमदाबाद ।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वस्त्राल इलाके में मार्च में हुई हिंसक घटना का मुख्य आरोपी और दो दिन पहले रामोल क्षेत्र में हुई 50 लाख रुपए की लूट में शामिल कुख्यात अपराधी संग्राम सिंह उर्फ राकेश सिंह सिकरवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने उसे पकड़ने के दौरान गोली चलाई, जिसमें वह घायल हो गया। फिलहाल, उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, संग्राम सिंह वस्त्राल का निवासी है, लेकिन मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर का रहने वाला है। वह एक संगठित अपराधी गिरोह का सरगना है और अपने हिंसक स्वभाव के लिए कुख्यात है।
उसके खिलाफ कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143-149 (सामूहिक हिंसा), 385-386 (जबरन वसूली), 302 (हत्या), 307 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास), 365 (अपहरण) जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
इसके अलावा, निषेध अधिनियम (पीएएसए) और ग्राम पुलिस अधिनियम के तहत भी केस दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि संग्राम को कई बार जेल भेजा जा चुका है।

अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार
अहमदाबाद: वस्त्राल हिंसा और रामोल लूट का मुख्य आरोपी संग्राम सिंह को गिरफ्तार


वस्त्राल हिंसा 13 मार्च को होली के दिन हुई थी। यह एक स्ट्रीट फूड स्टॉल को लेकर पंकज भवसर और संग्राम सिंह के बीच दुश्मनी का नतीजा थी। संग्राम ने पंकज को स्टॉल लगाने से रोका था, जिसके बाद पंकज ने अपने साथियों के साथ संग्राम की तलाश में वस्त्राल आरटीओ रोड पर हंगामा मचाया।
भीड़ ने तलवारें, लाठियां और चाकू लहराते हुए दुकानें बंद करवाईं, सड़क ब्लॉक की और वाहनों में तोड़फोड़ की थी। इस हिंसा में तीन लोग घायल हुए और तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद रामोल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हुई। अब तक इस मामले में 18 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। लेकिन, संग्राम फरार था। क्राइम ब्रांच ने जुलाई में तीन अन्य आरोपी पकड़े थे, लेकिन संग्राम की तलाश जारी थी।

दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 2.25 करोड़ की कोकीन बरामद, तीन गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 2.25 करोड़ की कोकीन बरामद, तीन गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 2.25 करोड़ की कोकीन बरामद, तीन गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 2.25 करोड़ की कोकीन बरामद, तीन गिरफ्तार

नई दिल्ली ।

क्राइम ब्रांच की नशीले पदार्थ रोधी इकाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में दो भारतीय और एक नाइजीरियाई नागरिक शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से कुल 194 ग्राम कोकीन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹2.25 करोड़ बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 6 सितंबर को क्राइम ब्रांच की एनडीआर यूनिट को विश्वसनीय सूत्र से जानकारी मिली कि रोहिणी सेक्टर-36 इलाके में दो व्यक्ति कोकीन की डिलीवरी करने वाले हैं। सूचना के आधार पर एसीपी उमेश बर्थवाल के निर्देशन में इंस्पेक्टर योगेश और विनोद यादव के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। दोपहर करीब 3 बजे हेलिपोर्ट की ओर से आई होंडा सिटी कार मौके पर आकर रुकी। ड्राइवर की पहचान रोहिणी निवासी राहुल वाधवा (32) के रूप में हुई। थोड़ी देर बाद पैदल आया व्यक्ति अब्दुल कादिर (29) उससे मिला और एक पैकेट सौंपा। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया।

तलाशी में कादिर से 54 ग्राम और राहुल से 31 ग्राम कोकीन बरामद हुई। मौके पर ही एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21/25/29 के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बताया कि कोकीन उन्हें नाइजीरियाई नागरिक चिमेजी लाजरूस इंडेडिंगे उर्फ जूडो उर्फ जूड (35) उपलब्ध कराता है, जो महरौली इलाके में रहता है। इसी के इशारे पर यह पूरा नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था।

दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 2.25 करोड़ की कोकीन बरामद, तीन गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 2.25 करोड़ की कोकीन बरामद, तीन गिरफ्तार

इसके अलावा, 10 सितंबर को पुलिस ने महरौली स्थित रेशम अपार्टमेंट गली में छापेमारी कर चिमेजी लाजरूस को गिरफ्तार किया। उसकी तलाशी में 109 ग्राम कोकीन और बरामद हुई।

तीनों आरोपियों से कुल 194 ग्राम कोकीन (अनुमानित कीमत 2.25 करोड़ रुपए) बरामद की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी जूडो जनवरी 2023 में इलाज के लिए भारत आया था, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते उसने ड्रग्स का कारोबार शुरू कर दिया। वह दिल्ली, गुरुग्राम, द्वारका, मेरठ, चंडीगढ़ और हल्द्वानी तक कोकीन की सप्लाई कर रहा था।

आरोपी अब्दुल कादिर (29) महरौली का रहने वाला है, जो पहले टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करता था। उसे जूडो नामक सरगना ने प्रति डिलीवरी एक हजार रुपए का लालच देकर तस्करी के धंधे में शामिल किया। दूसरा आरोपी, राहुल वाधवा (32) रोहिणी का रहने वाला है; वह भी टैक्सी चलाता था और कादिर के माध्यम से इस नेटवर्क से जुड़ा। वहीं, तीसरा मुख्य आरोपी चिमेजी लाजरूस (35) नाइजीरियाई नागरिक है, जो इस तस्करी नेटवर्क का सरगना है। पुलिस के अनुसार, अब तक इन तीनों की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि सामने नहीं आई है, लेकिन मामले की गहन जांच अभी जारी है।