सड़क दुर्घटनाएं न केवल व्यक्तिगत रूप से दुखद हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी नुकसानदेह
सड़क दुर्घटनाओं में जिंदगी गवां रहे लोग जिम्मेदार..?
यातायात के नियम को पालन न करना हमारी आदत में शुमार..!! दुर्घटनाओं में होने वाले सामाजिक-आर्थिक नुकसान पर भी विचार करने की जरूरत है!आज ही मुज़फ्फरनगर में सड़क हादसे के कारण कई लोगो की मौत हो गई और ना जाने रोज कितने हादसों में लोग अपनी जाने गवां देते है! हादसों के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान और उनसे सामाजिक नुकसान पर कम ही विचार किया जाता है। इसमें स्वास्थ्य सेवा पर खर्च, दुर्घटना में घायल लोगों की उत्पादकता में कमी और पुनर्वास तथा परिवार के सदस्यों को होने वाली परेशानी शामिल है। सड़क दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता है! सड़क दुर्घटनाएं न केवल व्यक्तिगत रूप से दुखद हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी नुकसानदेह है।
सड़कों को सुरक्षित बनाना,
वाहन चालकों को प्रशिक्षण देना और यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने जैसे प्रावधान कर इसकी भरपाई की जा सकती है।सड़क दुर्घटनाएं पीड़ित परिवारों के लिए मुश्किलें लेकर आती हैं। ये आय में कमी, जीवन स्तर में गिरावट और मानसिक तनाव पैदा कर सकती हैं। सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत या चोट से परिवार के कमाऊ सदस्य की आय बंद हो जाती है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है। गंभीर चोटों के इलाज में भारी खर्च आता है, जिससे परिवार कर्ज में डूब जाता है। दुर्घटना के कारण परिवार को अपने घर या व्यवसाय को खोना पड़ सकता है। दुर्घटना के बाद परिवार के सदस्यों के बीच सामाजिक जुड़ाव में कमी आती है। दुर्घटना से पीड़ित परिवार सामाजिक रूप से अलग-थलग महसूस करता है। दुर्घटना के कारण परिवार के सदस्यों को अपनी शिक्षा या व्यवसाय को बीच में ही छोड़ना पड़ता है।
सड़क दुर्घटनाएं न केवल व्यक्तिगत रूप से दुखद हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी नुकसानदेह
इससे उनके भविष्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
सड़क दुर्घटनाएं परिवार के सदस्यों में मनोवैज्ञानिक आघात और तनाव पैदा कर सकती हैं। अपनों को खोने का परिवार के सदस्यों पर गहरा प्रभाव पड़ता है, जिससे वे दुख और निराशा में डूब जाते हैं।सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में होने वाले सड़क हादसों के प्रमुख कारण खराब सड़कें और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता की कमी है। इसके अलावा, सही समय पर घायलों को अस्पताल नहीं पहुंचा पाना भी मौत के आंकड़े में बढ़ोतरी का बड़ा कारण है। विशेषज्ञ कहते हैं कि सरकारी प्रयासों के धरातल पर परिणाम नजर नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के प्रयासों में तेजी लाने की दरकार है। बड़े हादसे ग्रामीण सड़कों और ग्रामीण इलाकों से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्गों पर ज्यादा सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि हेलमेट की उचित गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। शहरी इलाकों में थोड़ी बहुत जागरूकता होती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा कम होता है।
जागरूकता के साथ चिकित्सा सुविधाओं पर ध्यान देना भी जरूरी है।
विशेषज्ञ सड़क हादसों से बचने के लिए दस अहम सुझाव देते हैं। उनका कहना है कि जब आप यह जान जाते हैं कि क्या करना है, तो दुर्घटनाओं को रोकना आसान हो जाता है। उनका पहला सुझाव है कि वाहन चलाने का सही दृष्टिकोण विकसित करें। दूसरा, जितना संभव हो सके, निगरानी में ड्राइविंग का अभ्यास करें। तीसरा, हमेशा सुरक्षा बेल्ट पहनें। चौथा, वाहन चलाने के दौरान शराब पीने और नशीली दवाओं के सेवन करने से बचें। पांचवां, यात्रियों की संख्या सीमित रखें। छठा, रात में गाड़ी चलाने की सीमा तय करें। सातवां, धीमी और सुरक्षित गाड़ी चलाएं। आठवां, खराब मौसम में गाड़ी चलाने का प्रशिक्षण लें। नौवां, गाड़ी किनारे रोक कर ही मोबाइल पर बात करें। आखिरी सुझाव है कि हर परिस्थिति में सुरक्षित वाहन चलाएं। इस तरह यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाने के साथ जिंदगियों को सड़क हादसों में गंवाने से बचाया जा सकता है।
अंबेडकरनगर सीमा पर ग्रामीणों ने की विसर्जन स्थल की सफाई मझुई नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले हटाया जलकुंभी,की सफाई
दुर्गा पूजा महोत्सव के बाद, सुल्तानपुर जिले के जयसिंहपुर तहसील बार्डर के अंबेडकरनगर सीमा पर स्थित मझुई नदी में मूर्ति विसर्जन स्थल की ग्रामीणों ने मंगलवार को साफ-सफाई की। यह अभियान प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले नदी को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से चलाया गया।
लहौटा गांव के पास विसर्जन स्थल पर, ग्राम प्रधान जीत बहादुर सिंह, विद्यालय प्रबंधक विनोद सिंह और किसान सहकारी चीनी मिल के निदेशक रंग बहादुर सिंह के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने नदी से भारी जलकुंभी हटाई। इस दौरान अभय सिंह सहित कई अन्य ग्रामीण भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
यह स्थल जनपद के सीमावर्ती गांवों में स्थापित सैकड़ों देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों द्वारा की गई यह पहल आगामी विसर्जन प्रक्रिया को सुगम और स्वच्छ बनाएगी।
अंबेडकरनगर सीमा पर ग्रामीणों ने की विसर्जन स्थल की सफाई मझुई नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन से पहले हटाया जलकुंभी,की सफाई
अंबेडकर नगर की तहसील आलापुर के विकासखंड रामनगर में मूर्ति विसर्जन की तैयारियों का जायजा लिया गया। एसडीएम आलापुर और सीईओ समेत प्रशासनिक अधिकारी विसर्जन स्थलों का निरीक्षण करने पहुंचे।एसडीएम सुभाष सिंह ने प्रशासनिक टीम के साथ चहोडा घाट, बिडहर घाट, चांडीपुर घाट और कमरिया घाट का दौरा किया। उन्होंने ग्राम सचिवों और प्रधानों को घाटों के रास्तों की मरम्मत के लिए निर्देश दिए। खराब रास्तों पर मिट्टी और ईंट डालकर सुधार करने को कहा।
क्षेत्राधिकारी प्रदीप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। बीडीओ रामनगर जगन्नाथ चौधरी ने सफाई और बिजली व्यवस्था की समीक्षा की। श्रद्धालुओं और वाहनों की सुविधा के लिए सड़कों की तत्काल मरम्मत के आदेश दिए गए।
सीओ प्रदीप सिंह ने कहा कि विसर्जन शांतिपूर्ण माहौल में होना चाहिए। प्रशासन हर स्तर पर तैयारियां कर रहा है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान एडीओ पंचायत रामनगर बृजेश वर्मा भी मौजूद रहे।
रायबरेली में बोलेरो ने ऑटो और स्कूटी को मारी टक्कर:6 घायल, 3 लोगों की हालत गंभीर जिला अस्पताल रेफर
बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र में रविवार रात बस्ती-कलवारी मार्ग पर झिरझिरवा पुल के पास एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे पीछे बैठा उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।
मृतक की पहचान कलवारी थाना क्षेत्र के चरकैला गांव निवासी 30 वर्षीय अंगद के रूप में हुई है। घायल युवक 25 वर्षीय विशाल भी उसी गांव का निवासी है। दोनों रविवार को किसी काम से बस्ती की ओर जा रहे थे और एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे।
झिरझिरवा पुल पर पहुँचते ही एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर उनकी मोटरसाइकिल से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि अंगद की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि विशाल गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी विश्व मोहन राय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घायल विशाल को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल बस्ती पहुँचाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।रायबरेली के गोरा बाजार आईटीआई चौराहे पर बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई। जब तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर ऑटो और स्कूटी को टक्कर मार दी। बोलेरो ने पहले एक ऑटो को टक्कर मारी और फिर स्कूटी सवार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में महिला, पुरुष और बच्चे समेत 6 लोग घायल हो गए।
घायलों को मौके पर पहुंची 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने सभी का प्राथमिक इलाज किया। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे की खबर पाकर सीओ सिटी समेत भारी पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंचा। अधिकारियों ने परिजनों को घटना की सूचना दी। घायलों का हाल जाना। फिलहाल हादसे में क्षतिग्रस्त बोलेरो, ऑटो और स्कूटी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. मो. आतिफ ने बताया कि हादसे में पांच लोग भर्ती किए गए थे। जिनका प्राथमिक इलाज किया गया है। वहीं, सड़क हादसे की जानकारी देते हुए जाइंट मजिस्ट्रेट प्रफुल्ल शर्मा ने कहा कि बोलेरो चालक भी इस हादसे में घायल हुआ है। उसका इलाज भी जिला अस्पताल में चल रहा है। शेष मामले की जांच पुलिस कर रही है।
सहारनपुर: रात में आकर पेट्रोल पंप पर चिपका गए अपना QR को मिजोरम पहुंचने लगी पेमेंट, युवकों की करतूत की कैसे खुली पोल
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दो युवकों ने पेट्रोल पंप का QR कोड बदलकर ठगी की.
जनकपुरी थाना क्षेत्र के देहरादून रोड स्थित गणपति फिलिंग स्टेशन पर दो बाइक सवार युवकों ने QR कोड बदलकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया. अगले दिन जब ग्राहकों ने QR कोड स्कैन कर ऑनलाइन पेमेंट की तो पैसे कंपनी के खाते में जाने के बजाय मिजोरम के एक अकाउंट में पहुंचे. पेट्रोल पंप कर्मियों ने जब पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो पता लगा की हेलमेट पहनकर आए एक शख्स ने मशीन पर दूसरा QR कोड लगा दिया था.
आरोपियों ने 17 सितंबर की रात करीब 1 बजे QR कोड बदलने का काम किया.
दरअसल, रात को पेट्रोल पंप पर सभी कर्मचारी सो रहे थे. इस बात का फायदा उठाकर दो युवक बाइक से पहुंचे. सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि एक युवक बाइक पर ही चक्कर लगाता रहा, जबकि दूसरा युवक चुपचाप मशीन के पास पहुंचा और वहां चिपके QR कोड को बदलकर अपना QR कोड चिपका दिया. यह सब कुछ मिनटों में हुआ और दोनों मौके से फरार हो गए.
सहारनपुर: रात में आकर पेट्रोल पंप पर चिपका गए अपना QR को मिजोरम पहुंचने लगी पेमेंट, युवकों की करतूत की कैसे खुली पोल
मिजोरम के अकाउंट में जा रही थी पेमेंट
अगले दिन सुबह जब पेट्रोल पंप खुला तो दो ग्राहक पेट्रोल लेने आए. उन्होंने मोबाइल से UPI के जरिए भुगतान किया, लेकिन रकम पंप के अकाउंट में न पहुंचकर किसी अन्य अकाउंट में चली गई. कर्मचारियों ने जब मशीन और रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला कि लगभग 2 हजार रुपये की पेमेंट फ्रॉड तरीके से ट्रांसफर हो गई और पैसा किसी मिजोरम के शख्स के अकाउंट में ट्रांसफर हो रहा है.
रात में आकर बदल गए थे QR कोड
पुलिस ने जब मामले की जांच की तो सामने आया कि ग्राहकों की रकम रिंकू कुमार नाम के अकाउंट में जा रही थी, जो मिजोरम का रहने वाला है. शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पेट्रोल पंप का सीसीटीवी फुटेज खंगाला. उसमें दोनों आरोपी बाइक से आते हैं और QR कोड बदलकर चले जाते हैं. फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है. इसके साथ ही
ज़ीरो टॉलरेंस नीति का नतीजा: पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी को दबोचा
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की “सभी को न्याय” सुनिश्चित करने की वचनबद्धता के अंतर्गत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) मॉड्यूल के वांछित आतंकी परमिंदर सिंह उर्फ पिंदी का प्रत्यर्पण हासिल कर उसे अबू धाबी (संयुक्त अरब अमीरात) से सफलतापूर्वक भारत ले आई है। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पिंदी, अंतरराष्ट्रीय स्तर के आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और हैपी पासियां का करीबी सहयोगी है और बटाला-गुरदासपुर क्षेत्र में पेट्रोल बम हमले, हिंसक घटनाओं तथा जबरन वसूली जैसे कई घिनौने अपराधों में शामिल रहा है। आरोपी पिंदी अपराधों को अंजाम देने और पैसों के लेन-देन के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करता था। उन्होंने कहा कि बटाला पुलिस द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी करने संबंधी अनुरोध पर तेजी से कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय समर्पित टीम 24 सितंबर 2025 को यूएई पहुंची। इस टीम ने विदेश मंत्रालय (एमईए) और यूएई अधिकारियों से तालमेल कर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और आरोपी का प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया।
ज़ीरो टॉलरेंस नीति का नतीजा: पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी को दबोचा
डीजीपी ने कहा कि यह सफल प्रत्यर्पण पंजाब पुलिस की आतंकवाद और संगठित अपराध के प्रति “ज़ीरो टॉलरेंस” नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस साझा प्रयास में सहयोग के लिए हम विदेश मंत्रालय, यूएई सरकार, सीबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों का धन्यवाद करते हैं। अधिक जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बटाला सुहेल कासिम मीर ने बताया कि पिंदी द्वारा किए गए अपराधों की गंभीरता और पाकिस्तान-स्थित आतंकियों हरविंदर रिंदा व हैपी पासियां से उसके सीधे संबंधों को देखते हुए सीबीआई ने बटाला पुलिस के अनुरोध पर इंटरपोल के जरिए आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। यह वैश्विक अलर्ट उसकी गतिविधियों और अबू धाबी में उसकी लोकेशन का पता लगाने में अहम साबित हुआ। एसएसपी ने कहा कि परमिंदर पिंदी की गिरफ्तारी से पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश देती है कि दुनिया के किसी भी कोने में बैठा अपराधी कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। उल्लेखनीय है कि भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो होने के नाते सीबीआई, देशभर की सभी कानून लागू करने वाली एजेंसियों से “इंडियापोल” के माध्यम से तालमेल करती है।
मुंबई जेल में सनसनीखेज घटना: कैदी ने जेल अधिकारी पर किया हमला, एफआईआर दर्ज
मुंबई। आर्थर रोड जेल से शनिवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां कैदियों के बीच हुए विवाद को सुलझाने गए एक जेल अधिकारी पर ही कैदी ने हमला कर दिया। मुंबई पुलिस ने बताया कि आरोपी कैदी की पहचान अफ्फान सैफुद्दीन खान के रूप में हुई है। उसने उसी जेल में बंद एक अन्य कैदी, मोहम्मद इम्तियाज इस्तियाक खान की बेरहमी से पिटाई कर दी थी। इसकी जानकारी मिलने पर अधिकारी चव्हाण कैदियों के बीच विवाद को शांत कराने पहुंचे और अफ्फान से पूछताछ की कि उसने इम्तियाज को क्यों पीटा। इसी दौरान, अफ्फान ने अचानक हमला करते हुए अपना सिर जेल अधिकारी के सिर पर मार दिया। इस हमले में चव्हाण बुरी तरह से घायल हो गए और उन्हें तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुंबई जेल में सनसनीखेज घटना: कैदी ने जेल अधिकारी पर किया हमला, एफआईआर दर्ज
जानकारी के अनुसार, हमले के बाद भी अफ्फान आक्रामक रहा और लगातार गाली-गलौज करता रहा। उसने जेल प्रशासन के कामकाज में बाधा भी डाली। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि कहीं यह घटना कैदियों के बीच गैंगवार का हिस्सा तो नहीं है। घायल जेल अधिकारी चव्हाण की शिकायत पर एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में आरोपी कैदी अफ्फान सैफुद्दीन खान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एनएम जोशी मार्ग पुलिस इस पूरे प्रकरण की आगे की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़: दुर्ग में चुनरी यात्रा के दौरान चाकूबाजी, दो युवक गिरफ्तार
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कैंप-2 स्थित गायत्री मंदिर के पास शनिवार को धार्मिक आयोजन चुनरी यात्रा के दौरान बड़ा हंगामा हो गया। इस घटना में चार लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी चुनरी यात्रा निकाली गई थी। यात्रा सोकर मोहल्ला होते हुए शीतला मंदिर गई। शीतला मंदिर से मार्केट होते हुए शारदा पड़ाव आना था, लेकिन शारदा पड़ाव के बीच कुछ अज्ञात लोगों ने गाली-गलौज और पत्थरबाजी की। इसके बाद चुनरी यात्रा में शामिल लोगों से विवाद हो गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि विवाद बढ़ने पर कुछ अज्ञात लोग चाकू से हमला करने लगे, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने अभी तक केवल दो आरोपियों को ही पकड़ा गया है, जबकि तीन आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
छत्तीसगढ़: दुर्ग में चुनरी यात्रा के दौरान चाकूबाजी, दो युवक गिरफ्तार
महिलाओं ने कहा कि आरोपियों ने पहले से तैयारी कर चुनरी यात्रा पर हमला किया है। हम लोग शिकायत कर रहे हैं, लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। छावनी सीएसपी हेमप्रकाश नायक ने बताया कि विवाद बच्चों के बीच मामूली बहस से शुरू हुआ, जो बाद में चाकूबाजी में बदल गया। इस दौरान सानू कुरैशी ने गुस्से में लोगों को डराने के लिए चाकू लहराया था। आरोपियों-सोनू कुरैशी और सानू कुरैशी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
मुंबई: नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोपी गिरफ्तार, सांताक्रूज पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मुंबई । मुंबई की सांताक्रूज पुलिस ने 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ छेड़छाड़ के मामले में फरार आरोपी को 10 दिन बाद धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 20 वर्षीय पप्पू जगिल नायक के रूप में हुई। वह मूल रूप से ओडिशा के गंजम जिले का रहने वाला है और विले पार्ले में मजदूरी का काम करता था। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, घटना 16 सितंबर की रात लगभग 9:20 बजे हुई थी। पीड़िता, जो 10वीं कक्षा की छात्रा है, घरेलू सामान खरीदकर घर लौट रही थी। उसी दौरान एक अज्ञात युवक अचानक उसके पीछे से आया, उसकी आंखों को हाथ से ढक दिया और उसे गलत तरीके से छूकर वहां से भाग गया। इस वारदात से घबराई लड़की ने घर पहुंचकर तुरंत अपनी मां को पूरी जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता के परिवार ने नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की।
मुंबई: नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोपी गिरफ्तार, सांताक्रूज पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी। साथ ही स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपी के ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी गई। आखिरकार पुलिस ने आरोपी को जुहू नेहरू नगर इलाके से पकड़ा। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी पप्पू नायक विले पार्ले में मजदूरी का काम करता था और वहीं रह रहा था। वह मूल रूप से ओडिशा के गंजम जिले का निवासी है। फिलहाल आरोपी को पुलिस हिरासत में लिया गया है और पोक्सो एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नागल थाना पुलिस ने मुठभेड़ में 4 गोकश गिरफ्तार किए, हथियार और गोवंश बरामद
सहारनपुर
सहारनपुर के थाना नागल की महिला उप निरीक्षक लेडी सिंघम एवं पुलिस टीम की साथ — ग्राम दंघेड़ा के जंगल में गोकशी का प्रयास कर रहे गोकशों के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ में 01 घायल गोकश सहित कुल 04 गोकशो को किया गिरफ्तार घायल बदमाश के कब्जे से 01 तमंचा .315 बोर व 01 खोखा/ 02 जिंदा कारतूस .315 बोर,02 अवैध छुरे ,गोकशी करने के उपकरण व 01 जिंदा गोवंश बरामद
बिती देर रात्रि को महिला उप निरीक्षक
पुलिस टीम साहित थाना नागल द्वारा पुलिस फोर्स सिड़की चौकी क्षेत्र में गस्त करते हुए संदिग्ध वाहनों की चैकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर की सूचना पर कुछ व्यक्ति ग्राम दंघेड़ा के जंगलो में गोकशी करने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम जैसे ही ग्राम दंघेड़ा के जंगल की तरफ जाने लगी तो कुछ दूरी पर कुछ व्यक्ति हाथ में छुरा लिये हुए गोकशी करने का प्रयास कर रहे थे।
नागल थाना पुलिस ने मुठभेड़ में 4 गोकश गिरफ्तार किए, हथियार और गोवंश बरामद
पुलिस टीम को अपने नजदीक आता देख गोकशी का प्रयास कर रहे व्यक्तियों द्वारा पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर खेतों की तरफ भागने का प्रयास करने लगे,पुलिस टीम द्वारा की गयी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगने से घायलवस्था में गिरफ्तार किया गया।
तीन अन्य बदमाशो को कॉम्बिंग के दौरान घेर पकड़ लिया गया।
एक अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। फरार बदमाश की तलाश हेतु लगातार कॉम्बिंग की जा रही है। घायल/गोकश की पहचान जाहिद पुत्र शाहिद निवासी ग्राम नौजली थाना नागल के रुप में हुई। घायल बदमाश को ईलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार घायल/ गोकश के विरुद्ध थाना नागल पर गोकशी,धोखाधड़ी व मारपीट,गाली गलौज करने आदि आपराधिक घटनाओं में कुल 04 मुकदमें पंजीकृत है गिरफ्तार/घायल बदमाश के कब्जे से 01 तमंचा .315 बोर व 01 खोखा/ 02 जिंदा कारतूस .315 बोर, 02 अवैध छुरे, गोकशी करने के उपकरण(01 कुल्हाड़ी,02 छुरे व 02 रस्सी आदि एंव 01 जिंदा गोवंबश बरामद हैं
MP : में होम गार्ड जवानों के लिए खुशखबरी, अब पूरे 12 माह मिलेगी नौकरी, कॉल ऑफ नियम खत्म
जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मध्य प्रदेश के होमगार्ड का काल ऑफ समाप्त कर दिया है। इस बारे में 10 हजार होमगार्ड ने 490 याचिकाएं दायर की थीं। लंबी सुनवाई के बाद सुरक्षित किया गया आदेश शुक्रवार को सुनाया गया। इसके तहत अब प्रदेश के होमगार्ड को पूरे 12 माह रोजगार मिलेगा। साथ ही अन्य लाभ भी दिए जाएंगे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि काल आफ प्रक्रिया और उससे संबंधित प्रविधान असंवैधानिक घोषित किए जाने योग्य हैं।
ऐसे हुई थी होमगार्ड की शुरुआत-:
आपातकाल में पुलिस की सहायता हेतु एक स्वयंसेवी संगठन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड बनाया गया था। शुरुआत में होमगार्ड की सेवाएं केवल आपातकालीन समय में ली जाती थीं, परंतु वर्ष 1962 से होमगार्ड नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें हर वर्ष दो से तीन माह के लिए काल ऑफ कर दिया जाता था, जबकि संगठन के अन्य अधिकारियों व सैनिकों को नियमित कर पूरे वर्ष कार्य दिया जाता था।
मानवाधिकार आयोग से होता हुआ कोर्ट पहुंचा मामला-:
उक्त भेदभावपूर्ण रवैये व होमगार्ड की बदतर सेवा शर्त के विरुद्ध 2008 में मानव अधिकार आयोग में कई शिकायतें की गईं और मानव अधिकार आयोग ने विस्तृत जांच पश्चात राज्य शासन को होमगार्ड अधिनियम के स्थान पर नया विधान लाने व काल ऑफ प्रक्रिया को खत्म करने की अनुशंसा की। मानवाधिकार आयोग की अनुशंसा पर कोई कार्यवाही शासन द्वारा नहीं की गई, जिस वजह से वर्ष 2011 में होमगार्ड संगठन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई।
MP : में होम गार्ड जवानों के लिए खुशखबरी, अब पूरे 12 माह मिलेगी नौकरी, कॉल ऑफ नियम खत्म
उच्च न्यायालय ने याचिका स्वीकार कर शासन को नए विधान बनाने हेतु आदेशित कर स्पष्ट रूप से काल ऑफ समाप्त करने हेतु आदेश दिए। इसके विरुद्ध शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की गई, परंतु हाई कोर्ट का आदेश यथावत रहा। इसी दौरान न्यायालय के निर्देशानुसार कमेटी का गठन किया गया और आलोच्य नियम व आदेश पारित किए गए और वर्ष में दो माह का काल ऑफ का प्रावधान रखा गया, जबकि काल ऑफ प्रक्रिया उच्च न्यायालय ने समाप्त कर दी थी। इसके विरुद्ध ये याचिकाएं प्रस्तुत की गई थीं, जिनमें अंतरिम आदेश पारित किए गए। याचिका के लंबित रहते शासन ने नियम में बदलाव कर तीन वर्ष में दो माह का काल ऑफ का प्रविधान किया, जिसे भी न्यायालय में अमेंडमेंट कर चैलेंज किया गया।
याचिकाकर्ताओं की दलील-:
काल ऑफ प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 23 के विपरीत है। होमगार्ड संगठन पूर्व में एक स्वयंसेवी संगठन था, परंतु अब ये एक नियमित संगठन बन चुका है और होमगार्ड समस्त कार्य कर रहे हैं। ऐसी दशा में उनसे भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए एवं पूरे वर्ष कार्य पर रखा जाना चाहिए, जिससे वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
सरकार ने रखा यह तर्क-:
राज्य शासन द्वारा याचिकाओं पर आपत्ति ली गई और कहा गया कि होमगार्ड संगठन एक स्वयंसेवी संगठन है एवं इन्हें पूरे वर्ष कार्य पर नहीं रखा जा सकता। विस्तृत सुनवाई पश्चात हाई कोर्ट ने अपने फैसले में काल ऑफ प्रक्रिया समाप्त करने के आदेश देते हुए सभी होमगार्ड जवानों को पूरे वर्ष कार्य पर रखने और समस्त लाभ प्रदान करने के आदेश दिए।