बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता
बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

बयाना के आनंद पटेल ने RAS परीक्षा में 49वीं रैंक हासिल कर रच दिया सफलता का नया कीर्तिमान

बयाना, राजस्थान की शान बन चुके आनंद पटेल ने अपने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन से राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा 2025 में 49वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। लाल बाग कॉलोनी, बयाना निवासी आनंद की इस उल्लेखनीय सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे कस्बे में हर्ष और गर्व की लहर दौड़ा दी है। यह सफलता उन्होंने दूसरे प्रयास में अर्जित की है, जबकि पहले प्रयास में वे प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) भी पार नहीं कर पाए थे। लेकिन असफलता से हताश होने के बजाय उन्होंने उसे सीख के रूप में लिया और दुगने जोश व समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहे।

आनंद पटेल की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा हिंडौन सिटी के एक निजी स्कूल से हुई, जहां उन्होंने 10वीं और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रहे आनंद ने आगे की पढ़ाई में बीएससी (मैथ्स साइंस) को चुना और इसे राजस्थान स्वायत्त शासन कॉलेज, जयपुर से पूर्ण किया। विज्ञान विषय में गहरी रुचि रखने वाले आनंद का झुकाव शुरू से ही प्रशासनिक सेवाओं की ओर रहा, लेकिन आर्थिक सीमाओं और संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। यह उनकी संघर्षशीलता और आत्मविश्वास का ही परिणाम है कि वे राजस्थान की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर सके।

आनंद का पारिवारिक परिवेश शिक्षा के प्रति समर्पित रहा है। उनके पिता श्री वृंदावन सिंह एक सरकारी शिक्षक हैं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से सेवा दी है। वहीं मां लीला देवी एक गृहिणी हैं, जिन्होंने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाया है। आनंद ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि यह उनके संस्कार, आशीर्वाद और निरंतर सहयोग का ही नतीजा है कि वे अपने सपनों को साकार कर पाए। उन्होंने बताया कि जब वे पहले प्रयास में असफल हुए थे, तब भी उनके माता-पिता ने उनका मनोबल गिरने नहीं दिया और हमेशा सकारात्मक बने रहने की प्रेरणा दी।

आनंद की सफलता की कहानी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और कभी-कभी असफलताओं से निराश होकर अपने रास्ते से भटक जाते हैं। आनंद ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने कहा कि यदि कोई विद्यार्थी सिलेबस के अनुसार अध्ययन करे, मूलभूत अवधारणाओं को स्पष्ट रखे और निरंतरता बनाए रखे, तो वह किसी भी कठिन परीक्षा को पार कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने सीमित लेकिन विश्वसनीय स्रोतों से अध्ययन किया और रिवीजन को प्रमुखता दी।

आनंद पटेल का मानना है कि आज के दौर में संसाधनों की कमी बाधा नहीं है, बल्कि डिजिटल माध्यमों से भी बेहतर मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब चैनलों से उन्हें काफी मदद मिली, लेकिन उन्होंने इन माध्यमों का उपयोग बहुत सोच-समझकर और सीमित समय में किया, जिससे उनका ध्यान मुख्य पाठ्यक्रम पर केंद्रित रहा।

बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता
बयाना के आनंद पटेल ने RAS में पाई 49वीं रैंक, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

बयाना जैसे छोटे शहर से निकलकर राज्यस्तरीय सेवा में पहुंचना कोई आसान उपलब्धि नहीं है। आनंद ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ समय प्रबंधन और मानसिक संतुलन बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया। परिवार का सहयोग, खुद पर विश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनके अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल जानकारी नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और निरंतरता का परिणाम होती है।

आनंद की इस उपलब्धि ने पूरे बयाना क्षेत्र में खुशी और गर्व का वातावरण बना दिया है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्रीय समाजसेवियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और नगरवासियों ने आनंद की इस सफलता को ऐतिहासिक बताया है। बयाना की गलियों में आनंद की उपलब्धि की चर्चा हर जगह हो रही है। स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में भी यह उदाहरण बन गया है कि किस प्रकार साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला विद्यार्थी भी दृढ़ निश्चय और परिश्रम से असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है।

उनके शिक्षक भी आनंद के बचपन के दिनों को याद करते हुए गर्वित महसूस कर रहे हैं। एक शिक्षक ने बताया कि आनंद पढ़ाई में जितना कुशल था, उतना ही विनम्र और अनुशासित भी था। उन्होंने कहा कि आनंद हमेशा से ही अपनी कमजोरियों को पहचानकर उन्हें दूर करने की कोशिश करता था, जो किसी भी सफल व्यक्ति की पहचान होती है।

RAS में 49वीं रैंक प्राप्त करना आनंद के लिए सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक उदाहरण है कि किस तरह सीमित संसाधनों और साधनों के बावजूद यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और मार्गदर्शन हो, तो कोई भी सपना साकार हो सकता है। आज आनंद की सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो निरंतर प्रयास और संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।

निष्कर्षतः, आनंद पटेल की सफलता यह दर्शाती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासित जीवनशैली, परिवार का सहयोग और सही दिशा में किया गया अध्ययन किसी भी कठिन परीक्षा को पार करने में सक्षम बनाता है। बयाना जैसे कस्बे से निकलकर राज्य प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाना न केवल आनंद की व्यक्तिगत विजय है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में आत्मविश्वास हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं। आनंद की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में कई युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा देगी।

भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड

भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड

भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड
भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड

जर्काता । संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि गुरुवार को इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। यूएसजीएस ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से 70 किलोमीटर (43.5 मील) की गहराई में था। पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की है। यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का केंद्र अबेपुरा शहर से लगभग 200 किलोमीटर दूर था, जिसकी आबादी 62,000 से ज्यादा है। इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान विभाग, इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी यानी बीएमकेजी के अनुसार, भूकंप 6.6 तीव्रता का था, जो सारमी-पापुआ से 61 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था।
इससे पहले, 10 अक्टूबर को, दक्षिणी फिलीपींस के तट पर दो शक्तिशाली भूकंप आए थे, जिसके बाद फिलीपींस और इंडोनेशिया के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी।

भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड
भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड


भूकंप में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी और भूकंप केंद्र के पास के शहरों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था।
विशाल द्वीप समूह वाला देश प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित है। जिस वजह से यहां अक्‍सर भूकंप आते रहते हैं, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स टकराती हैं और यह जापान से दक्षिण पूर्व एशिया से होते हुए प्रशांत बेसिन तक फैला रहता है।
जनवरी 2021 में सुलावेसी में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप में 100 से अधिक लोग मारे गए थे जबकि हजारों बेघर हो गए थे। इससे पहले 2018 में पालु में 7.5 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी में 2 हजार से ज्‍यादा लोग मारे गए थे। 2004 में आचे प्रांत में 9.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे सुनामी आई और इंडोनेशिया में 1,70,000 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई थी।
प्राकृतिक आपदा से लगातार इंडोनेशिया दो-चार होता रहा है। पिछले सप्ताह ही शुक्रवार को, पूर्वी नुसा तेंगारा में माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी से 10 किलोमीटर (6.2 मील) ऊंचा राख का गुबार दिखा था।

चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी

चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी

चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी
चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी

चंडीगढ़। चंडीगढ़ की अदालत ने सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका से जुड़े 2018 के एक मामले में जसदीप सिंह बैंस को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। राहुल गर्ग, एसीजेएम की अदालत ने आज यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। बैंस पर 30 सितंबर 2018 की घटना के संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 323, 332, 353 और 427 के तहत मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर के अनुसार, यह घटना 29/30 सितंबर 2018 की रात को सेक्टर 7 के सरकारी स्कूल के पास हुई थी, जब पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों की जांच कर रही थी। आरोप था कि टोयोटा इनोवा की पिछली सीट पर बैठे जसदीप सिंह बैंस ने अल्कोमीटर टेस्ट से इनकार किया, ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों से दुर्व्यवहार किया, हेड कांस्टेबल सतपाल की रिफ्लेक्टर जैकेट फाड़ दी, उनका बॉडी कैमरा फेंक दिया और उन्हें धक्का दिया, जिससे उनके घुटने में चोट आई। बैंस को थाना सेक्टर 26, चंडीगढ़ में गिरफ्तार किया गया था। बचाव पक्ष के वकील, राजेश शर्मा, ने अभियोजन पक्ष के मामले में सबूतों की कमी और विरोधाभासों को उजागर किया। शर्मा ने तर्क दिया कि पुलिस अधिकारियों की गवाहियाँ इतनी मिलती-जुलती थीं कि वे सिखाई गई प्रतीत हुईं, और जिरह में टिक नहीं पाईं।

चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी
चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला: सेक्टर 7 ट्रैफिक नाका मामले में जसदीप सिंह बैंस बरी

मुख्य गवाहों को शत्रुतापूर्ण घोषित किया गया या उन्होंने अपने बयानों का खंडन किया। पुलिस द्वारा जब्त की गई कथित रूप से क्षतिग्रस्त रिफ्लेक्टर जैकेट और बॉडी कैमरा को कोर्ट में पेश नहीं किया गया।
मौके पर कई बॉडी कैमरे होने के बावजूद, कोई भी फुटेज कोर्ट में प्रस्तुत नहीं की गई, जिसे बचाव पक्ष ने सर्वोत्तम साक्ष्य का दमन बताया। अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि हेड कांस्टेबल सतपाल घटना के समय और स्थान पर ड्यूटी पर थे, जो IPC की धारा 186, 332 और 353 के तहत आरोप साबित करने के लिए अनिवार्य है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने का मूल आरोप भी साबित नहीं हो सका, क्योंकि वाहन चालक का अल्कोमीटर टेस्ट नहीं किया गया था। अदालत ने बचाव पक्ष के तर्कों, सबूतों की कमी और न्यायिक मिसालों पर विचार किया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे (beyond reasonable doubt) साबित करने में असफल रहा। इन आधारों पर, अदालत ने जसदीप सिंह बैंस को सभी आरोपों से बरी करने का फैसला सुनाया।

कोटा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : पटवारी 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

कोटा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : पटवारी 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

कोटा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : पटवारी 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
कोटा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : पटवारी 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

कोटा। एसीबी मुख्यालय, जयपुर के निर्देश पर कोटा एसीबी स्पेशल यूनिट द्वारा कार्यवाही करते हुए प्रधान चौधरी पटवारी, पटवार हल्का कैथुदा, उप तहसील खातौली, जिला कोटा को परिवादी से 45 हजार रूपये नगद रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कोटा स्पेशल यूनिट को परिवादी ने एक लिखित शिकायत इस आशय की पेश की, कि परिवादी व उसके परिजनो के नाम दर्ज कृषि भूमि ग्राम बगावदा पटवार हल्का कैथुदा की पैमाईश करवाने के लिए एक प्रार्थना पत्र परिवादी, उप तहसील कार्यालय खातौली में दिया था, जिसको कई दिनो से पैण्डिग रखकर प्रधान चौधरी हल्का पटवारी कैथुदा उप तहसील खातौली द्वारा परिवादी की भूमि की पेमाईश/नपाई करने के लिए 50,000/- रूपये रिश्वत राशि मांग की जा रही थी।

कोटा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : पटवारी 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
कोटा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई : पटवारी 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

जिस पर एसीबी रेंज कोटा के प्रभारी उप महानिरीक्षक आनन्द शर्मा के सुपरविजन में एसीबी स्पेशल यूनिट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के निर्देशन में पृथ्वीराज मीणा पुलिस निरीक्षक द्वारा दिनांक 19.09.2025 को शिकायत का सत्यापन करवाया गया। दौराने सत्यापन पटवारी प्रधान चौधरी द्वारा भूमि की पेमाईश करने के लिए 50,000/- रूपये की मांग कर 5,000/- रूपये प्राप्त किये गये। पटवारी द्वारा पेमाईश का कार्य एवं रिश्वत राशि प्राप्त करने हेतु दिपावली से पहले का समय निर्धारित किया गया था। जिस पर आज दिनांक 15.10.2025 को ट्रेप कार्यवाही का आयोजन किया गया। दौराने ट्रेप कार्यवाही प्रधान चौधरी पटवारी, को 45 हजार रूपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथ डिटेन कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपी से पूछताछ व कार्यवाही जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (यथा संशोधित 2018) के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा

दिल्ली: दो अवैध अफ्रीकी प्रवासी गिरफ्तार, निर्वासन की प्रक्रिया शुरू

दिल्ली: दो अवैध अफ्रीकी प्रवासी गिरफ्तार, निर्वासन की प्रक्रिया शुरू

दिल्ली: दो अवैध अफ्रीकी प्रवासी गिरफ्तार, निर्वासन की प्रक्रिया शुरू
दिल्ली: दो अवैध अफ्रीकी प्रवासी गिरफ्तार, निर्वासन की प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली । दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की ऑपरेशन सेल ने किशनगढ़ क्षेत्र से दो अवैध अफ्रीकी प्रवासियों को हिरासत में लिया है। दोनों के पास वैध वीजा या यात्रा दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय, दिल्ली की मदद से उनके निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की पहचान इमैनुएल किडो ओबुह (35 वर्ष) और हैरिसन उमुन्ना (43 वर्ष), दोनों अकुमाज़ी उमुओचा, डेल्टा स्टेट, नाइजीरिया के निवासी के रूप में हुई है। पुलिस उपायुक्त अमित गोयल (आईपीएस) ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में अवैध प्रवास और अपराध पर नकेल कसने के लिए की गई थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि किशनगढ़ क्षेत्र में कुछ अवैध अफ्रीकी प्रवासी रह रहे हैं। इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम, जिसमें एसआई अनिल, एसआई छगन लाल, एचसी सुंदर, एचसी दीपक, एचसी संदीप, कांस्टेबल राजेश, कांस्टेबल मोहित और कांस्टेबल फरहान शामिल थे, ने तुरंत कार्रवाई की। इस ऑपरेशन की देखरेख एसीपी (ऑपरेशंस) विजयपाल तोमर ने की।

दिल्ली: दो अवैध अफ्रीकी प्रवासी गिरफ्तार, निर्वासन की प्रक्रिया शुरू
दिल्ली: दो अवैध अफ्रीकी प्रवासी गिरफ्तार, निर्वासन की प्रक्रिया शुरू


टीम ने संदिग्धों से पूछताछ की, जिन्होंने दावा किया कि वे पर्यटक या व्यावसायिक वीजा पर भारत आए थे। हालांकि, उन्होंने पासपोर्ट या वीजा खो देने की बात कही। नाइजीरिया उच्चायोग और आव्रजन विभाग से सत्यापन के बाद पता चला कि दोनों 2010 में भारत आए थे और कभी वापस नहीं लौटे। उनके मोबाइल फोन की जांच में पासपोर्ट और नाइजीरियाई पहचान पत्र की प्रतियां मिलीं। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा में हाउसकीपिंग का काम करते थे।
पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एफआरआरओ के सहयोग से निर्वासन प्रक्रिया शुरू की। यह कार्रवाई दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की अवैध प्रवास के खिलाफ सख्त नीति और कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस ने जिले में ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने और अपराध रोकने के लिए समर्पित टीमें तैनात की हैं।

क्राइम फाइल...जोधपुर संभाग के अपराध समाचार यहां पढ़िए

क्राइम फाइल…जोधपुर संभाग के अपराध समाचार यहां पढ़िए

क्राइम फाइल...जोधपुर संभाग के अपराध समाचार यहां पढ़िए
क्राइम फाइल…जोधपुर संभाग के अपराध समाचार यहां पढ़िए

तीसरी मंजिल से गिरी लडकी की दौराने इलाज मौत जोधपुर। तीसरी मंजिल से गिरी 18 साल की लड़की ने कल दौराने इलाज मथुरादास माथुर अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंफ दिया। पुलिस के अनुसार दीपावली को लेकर घर में चल रहे साफ-सफाई के दौरान तीसरी मंजिल पर बनी टंकी की सफाई करने के पैर फिसलने से 18 साल की लड़की नीचे गिर गई। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार पाली शहर के औद्योगिक नगर थाने के हाउसिंग बोर्ड में अपनी मां और बहन के साथ किराये के मकान में रहने वाली 18 साल की मृणाल सिंह पुत्री चंद्रपाल सिंह रहकर सेल्फी स्टडी करती थी। मंगलवार देर शाम को घर की तीसरी मंजिल पर रखी पानी की टंकी की सफाई करते समय उसका पैर फिसल गया और नीचे गिर गई।
इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जोधपुर रेफर किया गया। जहां उसकी मौत हो गई। बुधवार को पोस्टमॉर्टम करा पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा। पुलिस ने बताया कि पाली जिले के आकड़दा की 18 वर्षीय मृणाल सिंह कोटा में कोचिंग कर रही थी, जो तीन माह पहले पाली में न्यू हाउसिंग बोर्ड में रहने आई थी। यहां वह अपनी मां और बड़ी बहन के साथ रहती थी।
सोना-चांदी की ठगी मामले में आरोपी दस्तयाब
जोधपुर। व्यापारियों से सोना, चांदी और रुपयों की ठगी का मामला म़े पुलिस ने बुलियन व्यापारी शब्बीर अली को दस्तयाब किया है। यह गिरफ्तारी बुधवार की देर रात हुई। पुलिस पूछताछ कर रही है। इसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यह जानकारी एसीपी मंगलेश चुंडावत ने दी।
बीकानेर का रहने वाला शब्बीर अली जोधपुर में घोड़े का चौक स्थित ‘कादरी बुलियन एंड गोल्ड टेस्टिंग’ नाम से कारोबार करता था। दीपावली से पहले उसने शहर के करीब दर्जनभर ज्वेलर्स से करोड़ों रुपये, सोना और चांदी लेकर फरार हो गया था। इस मामले में सबसे पहले आरके ज्वैलर्स के मनीष शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
शब्बीर ने उनसे 4.30 करोड़ रुपए नकद व अन्य ज्वेलर्स से 3 किलो सोना और 100 किलो से अधिक चांदी लेकर आरोपी फरार हो गया था। अनुमान के मुताबिक आरोपी के करीब 20 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी करने का अनुमान है। हालांकि अभी तक इसको लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद घोड़े का चौक इलाके के कई व्यापारियों ने एक साथ पुलिस में मामला दर्ज करवाया।
पुलिस को शक है कि शब्बीर के साथ कुछ अन्य ट्रेडर्स भी शामिल हो सकते हैं। एसीपी ने बताया फिलहाल आरोपी से पूछताछ जा रही है। इसके बाद इस मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं पुलिस को अंदेशा है कि उससे और भी ठगी मामलों का पर्दाफाश हो सकता है।
अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत
जोधपुर। अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड थाने में दी रिपोर्ट में बीएसएनएल टावर के पास 19 ई सेक्टर में रहने वाले हुलासराम पुत्र नथूराम आचार्य ने पुलिस को बताया कि 13 अक्टूबर की रात्रि के समय अज्ञात वाहन के चालक ने बाईक पर जा रहे उसके पुत्र मेलास को टक्कर मारकर उछाल दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल उसके पुत्र ने दौराने इलाज दम तोड़ दिया।
युवक ने फांसी लगा कर की आत्महत्या
जोधपुर। एक युवक ने घर पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। जबकि मंगलवार को खोखरिया के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक अधेड़ की मौत हो गई। सूरसागर थाने में दी रिपोर्ट में रावटी निवासी दिनेश पुत्र रामलाल भील ने पुलिस को बताया कि 15 अक्टूबर की अल सुबह के समय उसके भाई नरेश पुत्र रामलाल भील ने फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।

क्राइम फाइल...जोधपुर संभाग के अपराध समाचार यहां पढ़िए
क्राइम फाइल…जोधपुर संभाग के अपराध समाचार यहां पढ़िए


इसी प्रकार बनाड़ थाने में दी रिपोर्ट में पीपाड़ शहर थानान्तर्गत बुचकला निवासी छोटूसिंह पुत्र भीमसिंह राजपूत ने पुलिस को बताया कि 14 अक्टूबर को खोखरिया रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रेक पार करते समय अचानक आई ट्रेन की चपेट में आने से उसके पिता भीमसिंह पुत्र इन्द्रसिंह राजपूत की मौत हो गई।
एक नाबालिग और दो अधेड़ की मौतजोधपुर। गुरूकृपा मानसिक विमन्दित गृह में रहने वाले एक नाबालिग की तबीयत बिगडऩे से इलाज के दौरान और संदिग्ध हालत में तबीयत बिगडऩे से दो अधेड़ व्यक्तियों की मौत हो गई। मंडोर थाने में दी रिपोर्ट में गुरूकृपा मानसिक विमन्दित गृह आंगणवा के सुपरवाईजर प्रकाश कुमार पुत्र संग्रामसिंह मेघवाल ने पुलिस को बताया कि केन्द्र में रहने वाला प्रताप (11) वर्ष की 11 अक्टूबर को तबीयत खराब होने पर इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया था जहां पर उसने दौराने इलाज दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया। बोरानाड़ा थाने में दी रिपोर्ट में मूलतया सुगन विहार बिरला स्कूल के पास हाल बालाजी नगर आरती नगर बोरानाड़ा क्षेत्र में रहने वाले आनंद गिरी पुत्र महेश गिरी स्वामी ने पुलिस को बताया कि 14 अक्टूबर को उसके भाई प्रमोद गिरी पुत्र महेश गिरी की अचानक तबीयत खराब होने पर इलाज के लिये अस्पताल लेकर गये जहां पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विवेक विहार थाने में दी रिपोर्ट में पैट्रोल पंप के पास गुड़ा विश्नोईयान निवासी अनिल पुत्र भागीरथराम विश्नोई ने पुलिस को बताया कि 14 अक्टूबर की सुबह के समय उसके पिता भागीरथाम पुत्र मेयाराम विश्नोई रात्रि को खाना खोकर सोये और सुबह बिस्तर पर मृत पाये गये। पुलिस ने दोनो मामले में मर्ग दर्ज कर बाद पोस्टमार्टम शव परिजनों को सौंपा।
बस में पटाखे-अफीम का दूध ले जाते दो गिरफ्तारपाली। जैसरमेर बस अग्निकांड के बाद ऐसे हादसों को रोकने के लिए पाली पुलिस सक्रिय है गई है।पाली के सदर थाना पुलिस की गिरफ्त में अफीम के दूध के साथ पकड़ा गया आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 950 ग्राम अफीम के दूध बरामद किया है। पाली की सदर थाना पुलिस ने 950 ग्राम अफीम के दूध के साथ चित्तौड़गढ़ के नांदोली निकुम्भ निवासी 32 साल के नारायण पुत्र शांतिलाल को 15 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार सोनाई मांझी टोल प्लाजा पर चेकिंग के दौरान एक प्राइवेट बस की चेकिंग की। जिसमें सवार नारायण पुलिस को देख घबरा गया। उसके पास रखे बैग की तलाशी ली तो उसमें पार्सल के रूप में एक पैकेट मिला। जिसे खोल कर देखा तो उसमें 950 ग्राम अफीम का दूध मिला। जिसे आरोपी अवैध रूप से ले जा रहा था। इस पर उसे जब्त कर आरोपी नारायण को गिरफ्तार किया।
इससे पहलेगुड़ा एंदला पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान बस में सवार एक युवक को पटाखों के साथ और सदर थाना पुलिस ने अफीम के दूध के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसी तरह मारवाड़ जंक्शन थाना पुलिस ने चोरी के आरोपी को गिरफ्तार किया।

सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर को होगी सुनवाई

सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर को होगी सुनवाई

सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर को होगी सुनवाई
सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर को होगी सुनवाई

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो की याचिका पर सुनवाई टल गई है। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। न्यायमूर्ति कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को गीतांजलि की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा स्थगन की मांग के बाद सुनवाई 15 अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी थी। वहीं, फिर से सोनम वांगचुक की पत्नी की तरफ से वकील कपिल सिब्बल ने याचिका में संशोधन करने की इजाजत मांगी है। अब 29 अक्टूबर को मामले की सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ को करनी है।
इससे पहले, सर्वोच्च न्यायालय ने नोटिस जारी कर केंद्र सरकार और अन्य प्राधिकारियों से इस मामले में जवाब मांगा था। सर्वोच्च न्यायालय में दायर अपने हलफनामे में, लेह प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत वांगचुक की हिरासत का बचाव करते हुए कहा कि सभी प्रासंगिक तथ्यों पर विचार करने के बाद यह कार्रवाई ‘कानूनी रूप से’ की गई थी।
लेह के जिलाधिकारी रोमिल सिंह डोंक ने कहा कि 26 सितंबर को हिरासत आदेश पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि वह इस बात से “संतुष्ट थे और अभी भी संतुष्ट हैं” कि व्यक्ति को हिरासत में रखा जाए। यह आदेश राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और समुदाय के लिए आवश्यक सेवाओं के लिए हानिकारक गतिविधियों पर आधारित था।

सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर को होगी सुनवाई
सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर को होगी सुनवाई


शीर्ष अदालत में दायर हलफनामे में कहा गया है, “कानून के अनुसार, मेरे समक्ष प्रस्तुत सामग्री पर विधिवत विचार करने और स्थानीय अधिकार क्षेत्र की उन परिस्थितियों पर व्यक्तिपरक संतुष्टि प्राप्त करने के बाद, जहां सोनम वांगचुक राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था बनाए रखने और समुदाय के लिए आवश्यक सेवाओं के लिए हानिकारक गतिविधियों में लिप्त रहे थे, जैसा कि हिरासत के आधारों में उल्लेख किया गया है, मैंने हिरासत का आदेश पारित किया है।”
वांगचुक को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने और हिरासत के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किए जाने के आरोपों का खंडन करते हुए, लेह प्रशासन ने याचिकाकर्ता के दावों को ‘निराधार’ करार दिया और कहा कि हिरासत ‘संविधान के अनुच्छेद 22 और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम की धारा 8 के तहत प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन करते हुए’ की गई थी।

फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार

फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार

फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार
फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार
फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार
फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार

फिरोजाबाद । उत्तर प्रदेश के सिरसागंज क्षेत्र में सोमवार-मंगलवार की मध्य रात्रि पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर बदमाश मोहसिन और उसका साथी साहिल गोली लगने से घायल हो गया, जबकि तीसरे आरोपी कमल को पुलिस ने मौके से दबोच लिया। तीनों आरोपी हाथरस जिले के सादाबाद क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बदमाशों के कब्जे से 5,400 रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन, एक चोरी की मोटरसाइकिल, तीन तमंचे और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।
बताया जा रहा है कि यह तीनों आरोपी सिरसागंज में एक जन सेवा केंद्र से चोरी की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे। इसी दौरान सोथरा रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस की इनसे मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में मोहसिन और साहिल को गोली लग गई। दोनों को इलाज के लिए तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तीसरे आरोपी कमल को पुलिस ने मौके से दबोच लिया। उसके पास से छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। तीनों बदमाशों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और मोहसिन को इलाके का हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है।

फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार
फिरोजाबाद : सिरसागंज पुलिस और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के बीच मुठभेड़, तीन गिरफ्तार


घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। एएसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने बताया, “तीनों आरोपी पहले से वांछित थे। ये लोग सिरसागंज में जन सेवा केंद्र से चोरी की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन्हें पकड़ लिया है। बदमाशों के पास से चोरी किए गए 5,400 रुपए, एक चोरी की मोटरसाइकिल, भारी मात्रा में कारतूस और तीन तमंचे बरामद किए गए हैं।”
एएसपी ग्रामीण ने आगे बताया कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और तीसरे आरोपी से पूछताछ की जा रही है। तीनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि अपराधियों के लिए अब जिले में कोई जगह नहीं है। अपराध करने वालों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त

दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त

दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त
दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दक्षिण जिले के विशेष स्टाफ टीम ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता पाई है। स्पेशल स्टाफ की टीम ने एक सक्रिय और कुख्यात शराब सप्लायर कन्हैया लाल उर्फ ​​विकास को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर 2000 क्वार्टर शराब से भरे 40 कार्टन और शराब ले जाने वाली एक कार भी जब्त की गई है। दक्षिण जिले में अवैध शराब की बिक्री और आपूर्ति पर अंकुश लगाने के लिए स्पेशल स्टाफ लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में स्थानीय मुखबिरों की सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर अनुराग सिंह के नेतृत्व में टीम ने फील्ड ऑपरेशन चलाया। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि एक सक्रिय शराब सप्लायर कार में घूम रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद, टीम ने नई दिल्ली में बत्रा अस्पताल के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद, बदरपुर से महरौली की ओर आ रही एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया,

दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त
दिल्ली: एक शराब तस्कर गिरफ्तार, 2000 क्वार्टर शराब और कार जब्त

लेकिन पुलिस को देख कार चालक भागने लगा। इसके बाद टीम ने कार को रोका और चालक को पकड़ लिया। उसकी पहचान तुगलकाबाद एक्सटेंशन निवासी कन्हैया लाल उर्फ ​​विकास के रूप में हुई।
कार में तलाशी लेने पर कुल 40 कार्टन में 2000 क्वार्टर शराब बरामद हुई। आरोपी फरीदाबाद, हरियाणा का रहने वाला है, उसने दूसरी कक्षा तक पढ़ाई की है और आसानी से पैसा कमाने के लिए शराब की आपूर्ति करने लगा था। आरोपी पहले से ही चोरी और आबकारी अधिनियम के उल्लंघन सहित 31 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।
इस संबंध में थाना संगम विहार में दिल्ली आबकारी अधिनियम की धारा 33/52 के तहत एफआईआर संख्या 448/2025 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सराहनीय कार्य के लिए टीम को उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। आरोपी कन्हैया लाल उर्फ ​​विकास से पूछताछ कर इसके गिरोह का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल

राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल

राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल
राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल

जोधपुर । राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार को बस हादसे में कुल 21 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि एक स्लीपर बस में आग लगने से 19 यात्री उसमें से निकल नहीं पाए और झुलसकर उनकी मौत हो गई, वहीं जोधपुर रेफर किए गए घायलों में से एक की भी मौत हो गई।हादसा इतना भीषण था कि शवों की पहचान करना मुश्किल है, जिसके चलते मृतकों के डीएनए सैंपल लिए गए हैं। देर रात आर्मी ट्रक के माध्यम से शवों को जोधपुर भेजा गया। अब परिजनों के डीएनए सैंपल लेकर मिलान की प्रक्रिया जोधपुर में शुरू की जा रही है। डीएनए मिलान के बाद ही शव परिजनों को दिए जाएंगे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि बस को मॉडिफाई किया गया था। इसके बाद भी अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दिए और बड़ा हादसा हो गया।
वहीं, हादसे के इतने देर बाद डीएनए की जांच होने पर परिजनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर कोई ‘बड़ा आदमी’ होता तो रात को ही जांच हो जाती, लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा।
जानकारी के अनुसार, शवों को जैसलमेर से जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल और जोधपुर के एम्स अस्पताल में रखवाया गया है।
एस एन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल बीएस जोधा ने बताया कि कुल पांच लोगों को वेंटिलेटर पर ले लिया गया है जिनकी हालत गंभीर है। डीएनए सैंपलिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है, सबका सैंपल लेकर परिजनों के डीएनए से मैच कराया जाएगा ताकि पहचान हो सके। इस कार्य को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। हमारा परिजनों और सभी से निवेदन है कि ऐसे केस में इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है ऐसे में मरीज से ज्यादा से ज्यादा दूरी बनाने का प्रयास रखें।

राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल
राजस्थानबस हादसा: शवों की पहचान के लिए DNA टेस्ट, मृतकों के परिजन पहुंचे अस्पताल

महात्मा गांधी अस्पताल की अधीक्षक फतेह सिंह भाटी ने बताया कि तीन लोगों को रात में वेंटिलेटर पर लिया गया था। आज सुबह दो लोगों को और वेंटिलेटर पर लिया गया है। सभी का चिकित्सकों की देखरेख में इलाज किया जा रहा है। डीएनए टेस्टिंग का कार्य शुरू किया जा चुका है। हमें पूरी उम्मीद है कि 24 घंटे के भीतर पूरा कार्य कर लिया जाएगा और परिजनों को उनके रिश्तेदारों के शव सौंप दिए जाएंगे। 15 मरीजों का महात्मा गांधी अस्पताल में उपचार चल रहा है, वहीं 10 शवों को महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने कहा, “जैसलमेर के थईयात गांव में हुई घटना वाकई दुखद है और पूरा प्रदेश शोक में है। यह स्पष्ट है कि जोधपुर लाए गए घायलों सहित आज यहां पहुंचे सभी लोगों को हमारी नैतिक जिम्मेदारी और सहयोग की आवश्यकता है।”
उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रशासन की गलतियों को देखने के बजाय हम लोगों को घायलों की सहायता करनी चाहिए। जिनकी पहचान नहीं हो पाई है, उनकी पहचान की जा रही है।
परिजनों ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैं डीएनए सैंपल देने आया हूं। मेरा छोटा भाई रामगढ़ प्लांट में काम करता था और वह बस में था।”
उन्होंने कहा कि कल रात से हम लोगों को परेशान किया जा रहा है, कोई हमारी सुनने वाला नहीं है और हम लोग अपने परिवार के शव लेने के लिए परेशान हैं।