जोधपुर क्राइम फाइल...संभाग के अपराध समाचार यहां पढ़िए

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जोधपुर। पुलिस द्वारा साइबर ठगी की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत म्यूल अकाउंट होल्डर को गिरफ्तार किया गया है। सूरसागर थाना पुलिस ने संदिग्ध खाते की सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़ा है।सूरसागर थाना अधिकारी हरीश सोलंकी ने बताया कि साइबर अपराध में थाना क्षेत्र के बैंकों से प्राप्त लिस्ट म्यूल अकाउंट के नंबर और साइबर फ्रॉड की प्राप्त की गई राशि का विश्लेषण करने पर पता चला कि बबलू पुत्र ओमप्रकाश निवासी अंबेडकर नगर कालाबेरी के खाते में 25000 रुपये आने पर फ्रिज हुआ है।खाते के बारे में और जानकारी पता की गई तो मालूम चला कि 9,92,970 रुपए इस खाते में आए हैं और साइबर धोखाधड़ी की गई है। बबलू ने अपना खाता साइबर ठग को किराए पर दे रखा था जो कि उसे म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग कर रहे थे। पुलिस आरोपी पूछताछ कर इसमें शामिल अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।नागौरी गेट थाने में दी रिपोर्ट में कामयखानी मस्जिद के पास हाल जनता कॉलोनी नागौरी गेट निवासी जुगलकिशोर पुत्र आसूलाल मिरासी ने पुलिस को बताया कि 3 फरवरी की सुबह के समय आरोपी प्रेम नगर बनाड़ निवासी अभिषेक व श्रवण तथा पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी तरूण ने एकराय होकर उसके दस्तावेजों का दुरूपयोग करके बैंक खाता खुलवाया और उसमे फर्जीवाड़ा करके खाते में रूपये जमा और निकासी की। आन लाईन ठगी करने के प्रकरणों में साईबर सेल से मिली सूचना पर उदयमंदिर पुलिस ने दो युवके के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जबकि एक युवक ने दो युवकों के खिलाफ उसके नाम से खाता खुलवा कर पैसो का लेनदेन कर धोखाधड़ी करने का मुकदमा नागौरी गेट थाने में दर्ज कराया।उदयमंदिर थानाधिकारी सीताराम ने साईबर सेल से मिली सूचना पर आरोपी ओसिया के भीमसागर सामराऊ निवासी संजय पुत्र सागाराम नाई, और लोहावट के चन्द्र नगर निवासी कालूराम पुत्र बलवंताराम विश्नोई के खिलाफ साईबर ठगी के मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की।
लाखों रुपये लेकर नकली सोना देकर ठगी करने का आरोप
जोधपुर। एक व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीडि़त की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने एक ज्वैलरी शॉप के कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।सरदारपुरा थाना क्षेत्र में पीडि़त मूलतया झुन्झुनू जिले के नवलगढ थानान्तर्गत दानसिंह की ढाणी हाल गंगा माता की गली चोड़ा रास्ता माणक चौक निवासी सुनिल कुमार पुत्र ओमप्रकाश सैनी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि 3 अक्टूबर को वह जोधपुर आया जहां पर रेलवे स्टेश्र के पास रूकमणी ज्वैलस मिले कर्मचारी महेन्द्र वगैरा से सोना खरीदने की बात कही। जिस पर आरोपी ने 500 ग्राम नकली सोने का बिस्कुट देकर ठगी की है। पीडि़त को यह बिस्कुट असली सोना बताकर दिया गया था, लेकिन बाद में जांच में वह नकली निकला। पुलिस ने 316(2) 318( 4) बीएनएस मे मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गाड़ी में अगवा कर बलात्कार का आरोप, घटना के 26 माह बाद मुकदमा दर्ज
जोधपुर। एक नाबालिग ने नामजद आरोपी के खिलाफ अपहरण कर बलात्कार करने का मुकदमा मंडोर थाने में दर्ज कराया।मंडोर थाने में दी रिपोर्ट में एक नाबालिग ने दी रिपोर्ट में बताया कि दो वर्ष पूर्व 1 अगस्त को आरोपी उसको एक गाड़ी में बिठाकर निम्बा निबडी क्षेत्र में लेकर गया जहां पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आईपीसी और पोक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की। आरोपी उसके बाद भी उसको डरा धमका कर यौन शोषण करता रहा।
शादी का झांसा देकर यौन शोषण, दबाव बनाने पर कीटनाशक पिलाने का आरोप
जोधपुर। एक व्यक्ति ने नामजद आरोपी के खिलाफ उसकी साली को शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और शादी के लिये दबाव बनाने पर कीटनाशक पिलाने का आरोप लगाते हुए कुड़ी भगतासनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया।कुड़ी भगतासनी थाने में दी रिपोर्ट में एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि गत माह 17 सितम्बर को उसकी साली की कीटनाशक का सेवन करने से मौत हो गई। इस मामले में जब परिजनों ने जांच पड़ताल की तो पता लगा की एक युवक उसको शादी करने का झांसा देकर प्रेमझाल में फंसा कर यौन शौषण करता रहा। शादी के लिये दबाव बनाने पर आरोपी ने आना कानी करनी शुरू कर दी।पुलिस को दी जानकारी में मृतका के जीजा ने बताया कि जब उसकी साली ने ज्यादा दबाव बनाया तो आरोपी ने उसको जान से मारने की नियत से कीटनाशक पिला दिया जिसके चलते उसकी बाद में मौत हो गई।
आपतिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप
जोधपुर। एक महिला ने नामजद आरोपी के खिलाफ उसके और रिश्तेदारों के आपतिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर धमकाने का मुकदमा सूरसागर थआने में दर्ज कराया।सूरसागर थाने में दी रिपोर्ट में इन्द्रोका निवासी एक महिला ने बताया कि पालड़ी मांगलिया निवासी भगवानसिंह पुत्र हिन्दूसिंह राजपूत ने उसके और उसके परिजनों के आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर डरा धमका कर ब्लैकमेल कर रहा है।बोरानाड़ा थाने में दी रिपोर्ट में संतोष नगर निवासी एक महिला ने बताया कि आरोपियों ने गत माह 27 सितम्बर को उसके साथ रास्ता रोककर दुव्र्यवहार और गाली गलोच कर लज्जा भंग की।
सैन्ट्रल जेल में औचक निरीक्षण में मिले मोबाईल फोन
जोधपुर। सैन्ट्रल जेल में किये गये औचक निरीक्षण के दौरान मोबाईल फोन और निषिद सामग्री मिलने पर नामजद कैदियों के खिलाफ जल उपअधीक्षक ने मुकदमा दर्ज कराया।रातानाड़ा थाने में दी रिपोर्ट में केन्द्रीय कारागृह के उप अधीक्षक ने दी रिपोर्ट में बताया कि 10 अक्टूबर को सैन्ट्रल जेल में किये गये औचक निरीक्षण के दौरान बैरक नम्बर 4 में बंद दीपक उर्फ जयहिन्द पुत्र प्रमोद कुमार, राजूनाथ पुत्र केशनाथ, राजकुमार आचार्य पुत्र तेजराम, विशाल उर्फ करण पुत्र रामूराम के के कब्जे से मोबाईल और और अन्य निषेध सामग्री बरामद की।

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अवैध अफीम दूध के 13 साल पुराने मामले में आरोपी को 10 साल की कठोर सजा
जोधपुर। एनडीपीएस न्यायालय जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन मिश्रा ने 13 साल पुराने अवैध मादक पदार्थ अफीम दूध के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्षों का कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी हेतु नियुक्त गोविन्द जोशी विशिष्ट लोक अभियोजक एनडीपीएस जोधपुर ने बताया कि 20 जुलाई 2012 को पुलिस थाना ओसियां के तत्कालीन थानाधिकारी राजीव भादू ने ओसियां के पांचला गांव में दौराने नाकाबंदी रमेश पुत्र पांचाराम विश्नोई निवासी हेमनगर जोलियाली, जोधपुर से मोटरसाइकिल के बैग से 02 किलोग्राम अफीम का दूध बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया तथा बाद अनुसंधान आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की।गोविन्द जोशी विशिष्ट लोक अभियोजक एनडीपीएस जोधपुर ने न्यायालय से वर्तमान में अवैध मादक पदार्थों के मामलों में उतरोतर वृद्धि होने, अवैध मादक पदार्थों के अपराध गंभीर किस्म की प्रकृति के अपराध होने और उसका समाज में प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की वजह से आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग की जबकि आरोपी ने नरमी बरतने का आग्रह किया। विशिष्ट न्यायालय एनडीपीएस जोधपुर के विशिष्ट न्यायाधीश मधुसूदन मिश्रा ने शुक्रवार को अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत कुल 14 गवाह, 36 दस्तावेजी साक्ष्य और 6 आर्टिकल के आधार पर अभियुक्त रमेश पुत्र पांचाराम विश्नोई निवासी हेमनगर जोलियाली, जोधपुर को दोषी ठहराते हुए अवैध मादक पदार्थ रखने के आरोप में 10 वर्ष की कठोर सजा व एक लाख रुपए के जुर्माने की कठोर सजा सुनाई।
धारदार चाकू से गला रेतकर हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास
जोधपुर। अपर जिला न्यायालय संख्या 5 जोधपुर के न्यायाधीश प्रमोद बंसल ने 7 साल पुराने राजेश सैन की हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कठोर कारावास और 41000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी हेतु नियुक्त चंद्रप्रकाश ओझा अपर लोक अभियोजक संख्या 5 जोधपुर ने बताया कि 31 अगस्त 2018 को परिवादी दिनेश सैन ने अपने भाई राकेश सैन की हत्या का मुकदमा पुलिस थाना कड़वड़ में दर्ज करवाया। राकेश सैन की लाश मंडलनाथ रोड पर खेत में पड़ी मिली उसकी हत्या उसके ही दोस्त दईजर निवासी भारत ने 30 अगस्त 2018 की रात में अपने एक नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर राकेश सैन से सोने की चैन, चांदी का कंदोरा, पायजेब और 14100 रुपए लूटकर 14.5 इंच फल के धारदार चाकू से गला रेतकर कर दी और शव को मंडलनाथ रोड पर खेत में फेंक दिया। मामले में कड़वड़ पुलिस थाना के तत्कालीन थानाधिकारी राजूराम बामणिया ने आरोपी को परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आदर पर गिरफ्तार किया तथा बाद अनुसंधान आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत की। चंद्रप्रकाश ओझा अपर लोक अभियोजक ने न्यायालय से अपराधी का अपराध दुर्लभ से दुर्लभतम प्रकृति का होने की वजह से आरोपी को मृत्युदंड की सजा से दंडित करने की मांग की जबकि आरोपी ने नरमी बरतने का आग्रह किया। अपर जिला न्यायालय संख्या 5 जोधपुर के न्यायाधीश प्रमोद बंसल ने बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत कुल 31 गवाह, 139 दस्तावेजी साक्ष्य और 21 आर्टिकल के आधार पर अभियुक्त भारत पुत्र घेवर राम निवासी दईजर जोधपुर को राकेश सैन की हत्या एवं अवैध हथियार के आरोप में अलग अलग धाराओं में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की कठोर सजा एवं कुल 41000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
महिला के कपड़े पहन बनाया किडनैपिंग का प्लान, तीन आरोपी गिरफ्तार
बाड़मेर। जिले की मंडली पुलिस ने एक सनसनीखेज फिरौती और अपहरण के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने महिला के भेष में पीड़ित को फंसाने और मारपीट कर 15 लाख रुपए की मांग करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित से पहले 5 लाख रुपए वसूले और गलती स्वीकारने का वीडियो बनाकर धमकाने की कोशिश की थी।मंडली निवासी सुबान खान ने 4 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 17 अगस्त को उसे सफी खान ने फोन कर खेती से जुड़ा सामान ले जाने के बहाने बुलाया। पीड़ित अपनी क्रेटा कार लेकर माडपुरा सर्किल से एक किलोमीटर पहले निर्धारित स्थान पर पहुंचा, तो सफी खान के साथ एक महिला मौजूद थी। गाड़ी में बैठाने के बाद पीछे से बोलेरो में गफूर खान, दाउद खान और इसाक खान आ गए। घटना के वक्त कार में कोई वास्तविक महिला मौजूद नहीं थी। हबीब खान ने महिला के कपड़े पहनकर ड्राइवर को भ्रमित किया और अपने साथी सफी खान के साथ साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। सभी ने मिलकर प्लानिंग के तहत डरा-धमकाकर ड्राइवर सीट से नीचे उतारकर पीछे की सीट पर जबरदस्ती बैठाया। आवाज करने पर जान से मारने की धमकी दी।आरोपियों ने पीड़ित को क्रेटा कार से उतारकर जबरन पीछे बैठाया, मारपीट की और हमारी महिला के साथ क्यों बैठे कहकर धमकाया। फिर सुनसान इलाके में ले जाकर गलती स्वीकार करने का वीडियो रिकॉर्ड किया। बदले में 15 लाख रुपए की मांग की।डर के कारण पीड़ित ने कल्याणपुर में गणपतराम पटेल की दुकान से 5 लाख रुपए उधार लेकर दिए। बाद में ₹3,400 फोनपे से ट्रांसफर किए। आरोपी पीड़ित को रेवाड़ा गांव के पास छोड़कर भाग गए।12 सितंबर को आरोपी इसाक खान ने फिर फोन कर 10 लाख रुपए और मांगे और धमकी दी कि गलती का वीडियो सोशल मीडिया पर डाल देंगे। तब जाकर पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर एफआईआर दर्ज कराई।जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी व परंपरागत कार्रवाई से तीन आरोपियों —सफी खान पुत्र लतीफ खान (खेत सिंह नगर, शेरगढ़ इसाक खान पुत्र हाजी खान (नयापुरा, पचपदरा) हबीब खान पुत्र गनी खान (नयापुरा, पचपदरा)को गिरफ्तार किया। उनके पास से ₹1.20 लाख नकद और एक मोबाइल बरामद किया गया। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।मंडली थाना अधिकारी ने बताया कि किडनैपिंग में उपयोग में ली गई बोलेरो गाड़ी, फरार आरोपी गफूर खान और दाउद खान, तथा फिरौती की राशि से खरीदे गए पिकअप वाहन की तलाश की जा रही है।
करंट से किसान की मौत, ग्रामीणों का हंगामा
जैसलमेर। जिले के नहरी क्षेत्र के पीटीएम थाना इलाके में खेत में पानी लगाते समय एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए जवाहिर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरना दिया और शव का पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया।घटना पीटीएम थाना इलाके की 54 आरडी क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मूलसागर निवासी राजेश (25) पुत्र मखनाराम भील सुबह करीब 3 बजे अपने मुरबे (खेत) पर पानी लगा रहा था। इसी दौरान करंट की चपेट में आ गया। साथी किसानों ने उसे हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया, लेकिन परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर वहीं धरने पर बैठ गए।धरने पर बैठे लोगों ने आरोप लगाया कि राजेश की मौत पास के खेत के मालिक की लापरवाही से हुई है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी ने अपने खेत की तारबंदी में थ्री-फेज बिजली लाइन जोड़ रखी थी, जिससे करंट फैल गया और हादसा हो गया। ग्रामीणों ने दोषी पर सख्त कार्रवाई और मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। भील समाज के लोगों ने भी गरीब परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है।
पीटीएमम् थानाप्रभारी नरेंद्र पंवार ने बताया – घटना PTM थाना इलाके की 54 आरडी क्षेत्र की है। मूलसागर निवासी राजेश (25) पुत्र मखनाराम भील अलसुबह करीब 3 बजे अपने मुरबे (खेत) पर पानी लगा रहा था। इसी दौरान करंट की चपेट में आ गया। सभी उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव को जवाहिर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।पीटीएम थानाधिकारी नरेंद्र पंवार मौके पर पहुंचे और लोगों से समझाइश की, लेकिन वे नहीं माने। पंवार ने बताया कि मामले में हमने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। लोग मुआवजे और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत कर समाधान की कोशिश की जाएगी।
थ्रेसर में फंसी चुन्नी, फंदा लगने से मौत
पाली। पाली में थ्रेसर मशीन में मूंग की फसल साफ करते समय गलती से एक 17 साल की लड़की का दुपट्‌टा भी थ्रेशर मशीन में फंस गया। जिससे उसके गले में फंदा लग गया। हादसे में दम घुटने से लड़की की मौत हो गई।पाली जिले के जेतपुर थाने के एएसआई मंगल सिंह ने बताया कि घटना देवाण गांव में शुक्रवार को हुई। 17 साल की रिंकू पुत्री मपाराम मीणा खेत में थ्रेसर मशीन में मूंग की फसल साफ कर रही थी। इस दौरान फसल थ्रेसर मशीन में डालते समय उसका दुपट्‌टा अंदर चला गया। जिससे उसके गले में फंदा लग गया। यह देख परिजन मौके पर पहुंचे और मशीन बंद कर उसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंपने की कार्रवाई की।

आखिर कहां औऱ कैसे मिलेगा न्याय? IFS संजीव चतुर्वेदी के मामले 16वें जज ने भी स्वयं को अलग किया

आखिर कहां औऱ कैसे मिलेगा न्याय? IFS संजीव चतुर्वेदी के मामले 16वें जज ने भी स्वयं को अलग किया

आखिर कहां औऱ कैसे मिलेगा न्याय? IFS संजीव चतुर्वेदी के मामले 16वें जज ने भी स्वयं को अलग किया
आखिर कहां औऱ कैसे मिलेगा न्याय? IFS संजीव चतुर्वेदी के मामले 16वें जज ने भी स्वयं को अलग किया

नैनीताल। उत्तराखंड कैडर के IFS अधिकारी संजीव चतुर्वेदी के मामलों की सुनवाई से न्यायाधीशों के लगातार अलग होने की श्रृंखला में अब 16वें न्यायाधीश ने भी स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया है। उत्तराखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश, जस्टिस आलोक वर्मा ने चतुर्वेदी द्वारा दायर अवमानना याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया है। यह याचिका केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के सदस्यों और रजिस्ट्री के खिलाफ जानबूझकर नैनीताल उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश की अवहेलना करने के आरोप में दायर की गई थी। सवाल यह है कि आखिर चतुर्वेदी को न्याय कहां और कैसे मिलेगा? यह मामला देश के न्यायिक इतिहास में रिकॉर्ड बन गया है, क्योंकि अब तक किसी एक व्यक्ति के मामलों से इतने अधिक न्यायाधीशों ने स्वयं को अलग नहीं किया था। सिर्फ 12 दिन पहले, नैनीताल उच्च न्यायालय के ही जस्टिस रवींद्र मैथानी ने भी चतुर्वेदी के एक मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग करते हुए आदेश दिया कि “इस प्रकरण को ऐसे अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, जिसका मैं (रवींद्र मैथानी, न्यायाधीश) सदस्य न हूं।” गौरतलब है कि इन चारों न्यायाधीशों में से किसी ने भी अपने रिक्यूजल आदेश में कोई कारण नहीं बताया है। जस्टिस आलोक वर्मा का अचानक सुनवाई से अलग होना विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि वो 29 अगस्त तक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंड पीठ में चतुर्वेदी के मामलों की सुनवाई कर रहे थे। उनके इस कदम ने न्यायिक और प्रशासनिक हलकों में जिज्ञासा और चर्चा को जन्म दिया है, क्योंकि इससे पहले भी कई न्यायाधीश बिना कारण बताए इस प्रकरण की सुनवाई से अलग हो चुके हैं।
यह इस वर्ष संजीव चतुर्वेदी के मामले में छठा न्यायिक रिक्यूजल है। फरवरी 2025 में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के दो सदस्य हरविंदर ओबेराय और बी. आनंद ने चतुर्वेदी के मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग किया था, जबकि अप्रैल 2025 में नैनीताल एसीजेएम नेहा कुशवाहा ने भी उनके मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था। इनके अलावा, उत्तराखंड उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों द्वारा भी चतुर्वेदी के मामलों की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया गया है।
अब तक संजीव चतुर्वेदी के मामलों की सुनवाई से कुल 16 न्यायाधीश स्वयं को अलग कर चुके हैं जिनमें दो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस यू.यू. ललित, चार उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, दो निचली अदालतों के न्यायाधीश, तथा केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के आठ सदस्य शामिल हैं, जिनमें एक कैट के अध्यक्ष भी रहे हैं।
इस वर्ष अप्रैल 2025 में, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा कुशवाहा ने संजीव चतुर्वेदी द्वारा केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के न्यायाधीश मनीष गर्ग के खिलाफ दायर मानहानि मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था। इसका कारण उन्होंने कैट के ही एक अन्य न्यायाधीश डी.एस. माहरा से अपने “पुराने पारिवारिक संबंधों” को बताया था।
फरवरी 2025 में, कैट की एक खंड पीठ जिसमें हरविंदर ओबेराय और बी. आनंद शामिल थे, ने बिना किसी कारण का उल्लेख किए स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया था। इस क्रम में उन्होंने रजिस्ट्री को निर्देश दिया था कि भविष्य में चतुर्वेदी के मामले उनके समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध न किए जाएँ। यह पीठ उस समय चतुर्वेदी के वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट को तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा खराब किये जाने संबंधित मामले कि सुनवाई कर रही थी जब संजीव चतुर्वेदी ने एम्स दिल्ली में मुख्या सतर्कता अधिकारी रहते हुए भ्रष्टाचार के कई मामलों को उजागर किया था।
इससे पहले, वर्ष 2018 में, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा द्वारा संजीव चतुर्वेदी के वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट को खराब किये जाने सेे संबंधित मामला केवल कैट की नैनीताल बेंच में ही सुना जाएगा ना कि दिल्ली बेंच में जैसा कि केंद्र सरकार चाह रही थी। इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार के रवैये को प्रथम दृष्ट्या प्रतिशोधात्मक बताते हुए केंद्र सरकार पर ₹ 25,000 का जुर्माना भी लगाया था। इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा और जुर्माने की राशि को बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया था।

आखिर कहां औऱ कैसे मिलेगा न्याय? IFS संजीव चतुर्वेदी के मामले 16वें जज ने भी स्वयं को अलग किया
आखिर कहां औऱ कैसे मिलेगा न्याय? IFS संजीव चतुर्वेदी के मामले 16वें जज ने भी स्वयं को अलग किया


वर्ष 2021 में, उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने चतुर्वेदी के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से संबंधित एक अन्य मामले में, जिसमें उन्होंने निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की केंद्र सरकार में लेटरल एंट्री से जुड़ी अनियमितताओं को भी उजागर किया था, पर अपने पूर्व रुख को दोहराया। इस निर्णय को केंद्र सरकार ने पुनः सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। मार्च 2023 में, सर्वोच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने इस मामले को एक बड़ी पीठ के पास भेज दिया था ।
नवंबर 2013 में, सर्वोच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने संजीव चतुर्वेदी द्वारा दायर एक मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था। इस मामले में चतुर्वेदी ने हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राज्य के अन्य वरिष्ठ राजनीतिज्ञों तथा नौकरशाहों की भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में भूमिका की सीबीआई जांच की मांग की थी। साथ ही अपने ऊपर किए गए उत्पीड़न का भी उल्लेख किया था। बाद में, अगस्त 2016 में, सर्वोच्च न्यायालय केे ही एक अन्य न्यायाधीश यू.यू. ललित ने भी इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था।
अप्रैल 2018 में, शिमला की एक अदालत के न्यायाधीश ने स्वयं को उस मानहानि मामले की सुनवाई से अलग कर लिया था, जिसे उस समय के हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव विनीत चौधरी द्वारा संजीव चतुर्वेदी के खिलाफ दायर किया गया था। यह मानहानि मामला उस समय दायर किया गया था जब चतुर्वेदी ने सीवीओ, एम्स के रूप में अपनी जांच में पाए गए विनीत चौधरी के वित्तीय अनियमितताओं के मामलों की स्थिति रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजी थी।
मार्च 2019 में, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), दिल्ली के तत्कालीन अध्यक्ष, जस्टिस एल. नरसिंहान रेड्डी ने संजीव चतुर्वेदी के विभिन्न स्थानांतरण याचिकाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई से कुछ ‘दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं’ का हवाला देते हुए स्वयं को अलग कर लिया था। फरवरी 2021 में, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, दिल्ली के एक अन्य न्यायाधीश, आर.एन. सिंह ने भी संजीव चतुर्वेदी की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से संबंधित मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था।
नवंबर 2023 में, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के एक खंड पीठ, जिसमें मनीष गर्ग और छबीलेंद्र रौल शामिल थे, ने संजीव चतुर्वेदी के उस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था, जो मंत्रिमंडल की नियुक्ति संबंधी समिति से संयुक्त सचिव स्तर पर चतुर्वेदी के इम्पैनलमेंट से संबंधित दस्तावेजों की मांग से जुड़ा था। इस वर्ष जनवरी में, एक अन्य केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के न्यायाधीश, जस्टिस राजीव जोशी ने भी चतुर्वेदी के केंद्र सरकार में लोकपाल में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था।

पंजाब : मोगा पुलिस ने ड्रग तस्करी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, 5 किलो हेरोइन बरामद

पंजाब : मोगा पुलिस ने ड्रग तस्करी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, 5 किलो हेरोइन बरामद

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पंजाब : मोगा पुलिस ने ड्रग तस्करी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, 5 किलो हेरोइन बरामद

मोगा । पंजाब की मोगा पुलिस ने एक खुफिया जानकारी के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पंजाब पुलिस ने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर दी है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। यह कार्रवाई पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार किए गए तस्कर विदेशी ड्रग तस्करों के साथ सीधे संपर्क में थे। यह एक मजबूत सीमा पार नेटवर्क का संकेत देता है, जो नशे की तस्करी को अंजाम दे रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तस्करों का यह नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार कई देशों से जुड़े हो सकते हैं।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए मोगा के सदर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पंजाब : मोगा पुलिस ने ड्रग तस्करी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, 5 किलो हेरोइन बरामद
पंजाब : मोगा पुलिस ने ड्रग तस्करी मॉड्यूल का किया भंडाफोड़, 5 किलो हेरोइन बरामद

पुलिस अब इस नेटवर्क के पूरे गठजोड़ को उजागर करने के लिए गहन जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मॉड्यूल के पीछे और कौन-कौन शामिल है और इसका नेटवर्क कितना व्यापक है।
पंजाब पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया है। पंजाब पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “हम ड्रग सिंडिकेट को पूरी तरह खत्म करने और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस कार्रवाई को पंजाब पुलिस की नशे के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। मोगा पुलिस और पंजाब पुलिस की इस सक्रियता से नशा तस्करों में दहशत का माहौल है। आम जनता ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है और पुलिस से नशे के इस जाल को पूरी तरह खत्म करने की मांग की है। जांच के अगले चरणों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड: ₹23.56 लाख की ठगी के संगठित गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, नाबालिग निरुद्ध

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड: ₹23.56 लाख की ठगी के संगठित गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, नाबालिग निरुद्ध

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड: ₹23.56 लाख की ठगी के संगठित गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, नाबालिग निरुद्ध
डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड: ₹23.56 लाख की ठगी के संगठित गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, नाबालिग निरुद्ध

जयपुर। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए साइबर थाना राजस्थान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 75 वर्षीय परिवादी से ₹23 लाख 56 हज़ार की ठगी के मामले में एक और सक्रिय सदस्य अनिल कुमार कुमावत को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को भी निरूद्ध किया गया है। यह कार्रवाई उप महानिरीक्षक पुलिस विकास शर्मा के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक साइबर क्राईम शान्तनु कुमार के सुपरवीजन में की गई। डीआईजी शर्मा ने बताया कि 27 मई को जयपुर निवासी एक 75 वर्षीय बुजुर्ग को मुलजिमों ने फर्जी पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर फोन किया। उन्होंने परिवादी को डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दी और डर पैदा करके उनसे ₹23,56,000/- की ठगी कर ली। इस मामले में पुलिस पहले ही सुरेश कुमार, प्रहलाद कुमावत, ओमप्रकाश, भुपेश, वशुल सन्नी कुमार, रेहान मकन्दर, रितेश शर्मा और कमलेश कुमार सेरावत को गिरफ्तार कर चुकी है।
कमीशन के लिए उपलब्ध कराया पत्नी का खाता

डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड: ₹23.56 लाख की ठगी के संगठित गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, नाबालिग निरुद्ध
डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड: ₹23.56 लाख की ठगी के संगठित गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, नाबालिग निरुद्ध


गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार कुमावत (28) निवासी नया बास रेनवाल जयपुर ग्रामीण इस गिरोह के लिए लाभान्वित खाताधारक के रूप में काम कर रहा था। जांच में सामने आया कि ठगी की कुल राशि ₹23.56 लाख में से एक हिस्सा ₹63,657 अनिल कुमावत की पत्नी के बैंक अकाउंट में जमा हुआ था। अनुसंधान में यह भी पता चला कि उसकी पत्नी के अकाउंट में अन्य पीड़ितों की भी ₹12,50,000/- की ठगी की राशि आई थी।
अनिल कुमावत ने स्वीकार किया कि उसने अपनी पत्नी का बैंक खाता ऑनलाइन खुलवाकर ठगों को दिया, जिसमें ठगी की राशि आती थी। वह यह राशि निकालकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था और इसके बदले में कमीशन प्राप्त करता था।
चार राज्यों से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस की पूछताछ में यह ज्ञात हुआ है कि अनिल कुमावत की पत्नी के बैंक खाते में चार अन्य राज्यों से भी साइबर ठगी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया और गहन पूछताछ के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया है। मामले में आगे की जांच और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

अलवर में बड़ा खुलासा: आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था युवक, राजस्थान इंटेलिजेंस की कार्रवाई में गिरफ्तार

अलवर में बड़ा खुलासा: आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था युवक, राजस्थान इंटेलिजेंस की कार्रवाई में गिरफ्तार

अलवर में बड़ा खुलासा: आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था युवक, राजस्थान इंटेलिजेंस की कार्रवाई में गिरफ्तार
अलवर में बड़ा खुलासा: आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था युवक, राजस्थान इंटेलिजेंस की कार्रवाई में गिरफ्तार

अलवर। राजस्थान इंटेलिजेंस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में अलवर जिले के गोविंदगढ़ निवासी मंगत सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी को शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि मंगत सिंह पिछले दो वर्षों से पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था और सोशल मीडिया के माध्यम से देश की गोपनीय व सामरिक सूचनाएं साझा कर रहा था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद राजस्थान इंटेलिजेंस ने राज्य के सामरिक महत्व वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू की थी। अलवर, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सटा हुआ और सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, वहां इंटेलिजेंस की नजरें लगातार बनी हुई थीं। इसी दौरान इंटेलिजेंस अधिकारियों ने अलवर स्थित छावनी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखीं। जब इन गतिविधियों की गहराई से जांच की गई तो पाया गया कि गोविंदगढ़ निवासी मंगत सिंह अक्सर छावनी क्षेत्र के आसपास घूमता रहता था और अपने मोबाइल से वहां की तस्वीरें व वीडियो बना रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी मंगत सिंह की मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलरों से हुई थी। बताया जाता है कि वह “ईशा शर्मा” नाम की एक महिला हैंडलर के संपर्क में था, जिसने हनीट्रैप और धनराशि के लालच में उसे अपने जाल में फंसा लिया। इस महिला एजेंट ने मंगत सिंह को अलवर शहर के छावनी इलाकों, सैन्य इकाइयों और अन्य सामरिक स्थलों से जुड़ी जानकारी भेजने को कहा। मंगत सिंह ने न सिर्फ तस्वीरें और वीडियो साझा किए, बल्कि कुछ रणनीतिक जानकारियां भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भेजीं।सूत्रों के अनुसार, मंगत सिंह की गतिविधियां ऑपरेशन सिंदूर से पहले और उसके बाद भी जारी रहीं। वह लगातार आईएसआई से जुड़े लोगों के संपर्क में था। राजस्थान इंटेलिजेंस और केंद्रीय एजेंसियों ने जब आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया खातों की तकनीकी जांच की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। उसके मोबाइल से मिले डेटा, चैट हिस्ट्री और फोटो के आधार पर पुष्टि हुई कि वह विदेशी एजेंसी के संपर्क में था और संवेदनशील जानकारी साझा कर चुका था।
पूछताछ के दौरान मंगत सिंह ने स्वीकार किया कि उसने “ईशा शर्मा” नाम की महिला से प्रेरित होकर यह काम किया। उसने यह भी कबूल किया कि इसके बदले उसे धनराशि का लालच दिया गया था। जांच एजेंसियों को उसके पास से कई गोपनीय फाइलें, लोकेशन डेटा और विदेशी स्रोतों से आए कुछ एन्क्रिप्टेड संदेश भी मिले हैं।

अलवर में बड़ा खुलासा: आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था युवक, राजस्थान इंटेलिजेंस की कार्रवाई में गिरफ्तार
अलवर में बड़ा खुलासा: आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा था युवक, राजस्थान इंटेलिजेंस की कार्रवाई में गिरफ्तार

राजस्थान इंटेलिजेंस ने जब सभी तकनीकी व मानवीय साक्ष्यों की पुष्टि कर ली, तब 10 अक्टूबर 2025 को स्पेशल पुलिस स्टेशन (सीआईडी इंटेलिजेंस), जयपुर में मंगत सिंह के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र में रिमांड पर लिया गया, जहां विभिन्न एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि जांच का दायरा अब उस नेटवर्क तक फैलाया जा रहा है, जो संभवतः राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के सीमावर्ती क्षेत्रों तक फैला हो सकता है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मंगत सिंह के अलावा और कौन इस जासूसी गतिविधि में शामिल है और कितनी सूचनाएं पहले ही पाकिस्तान तक पहुंच चुकी हैं।
अलवर का सामरिक महत्व इस मामले को और भी गंभीर बना देता है, क्योंकि यह क्षेत्र राजधानी दिल्ली से बेहद नजदीक है और यहां कई सैन्य प्रतिष्ठान मौजूद हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी का बाहर जाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जाता है।
राजस्थान इंटेलिजेंस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि राज्य में सामरिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और अधिक सख्त की जाएगी। एजेंसियां अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे नेटवर्क की पहचान कर रही हैं, जो किसी न किसी रूप में विदेशी एजेंसियों के संपर्क में हो सकते हैं।
फिलहाल आरोपी मंगत सिंह से पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि पूछताछ के दौरान और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हों या वह सोशल मीडिया पर देश की सामरिक जानकारी साझा करता दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि इस तरह के खतरनाक नेटवर्क को समय रहते तोड़ा जा सके।

मुंबई : नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, फर्जी आईएएस अधिकारी गिरफ्तार

मुंबई : नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, फर्जी आईएएस अधिकारी गिरफ्तार

मुंबई : नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, फर्जी आईएएस अधिकारी गिरफ्तार
मुंबई : नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, फर्जी आईएएस अधिकारी गिरफ्तार

मुंबई । मुंबई की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया। पुलिस ने खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाले एक ठग को गिरफ्तार किया है, जो अब तक 36 नौकरी के इच्छुक युवाओं से कुल 2.88 करोड़ रुपए की ठगी कर चुका है। आरोपी की पहचान सोलापुर जिले के बार्शी निवासी 35 वर्षीय नीलेश राठौड़ के रूप में हुई है। वह खुद को स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) में उप सचिव बताकर लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देता था। मुंबई पुलिस की जांच में सामने आया है कि उसने आयकर विभाग में इंस्पेक्टर और सहायक जैसे पदों के लिए फर्जी भर्तियों का झांसा देकर लाखों रुपए वसूले। सहार पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318, 319, 336, 338 और 340 के तहत केस दर्ज किया गया है।
यह मामला तब सामने आया जब नवी मुंबई निवासी संतोष खरपुड़े ने शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उनसे और अन्य कई उम्मीदवारों से बड़ी रकम वसूली। सहायक पद के लिए 4 लाख और निरीक्षक पद के लिए 6 लाख रुपए की मांग की गई थी।

मुंबई : नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, फर्जी आईएएस अधिकारी गिरफ्तार
मुंबई : नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी, फर्जी आईएएस अधिकारी गिरफ्तार


नीलेश राठौड़ ने मई 2023 में अंधेरी ईस्ट के एक होटल में इंटरव्यू का नाटक रचा और हर उम्मीदवार से करीब 10 लाख रुपए वसूल लिए। आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिए, सरकारी अस्पतालों में फर्जी मेडिकल जांच कराई और पुलिस वेरिफिकेशन के जाली दस्तावेज भी उपलब्ध कराए ताकि पूरी प्रक्रिया असली लगे।
कुछ महीनों तक जब पीड़ितों को नियुक्ति पत्र नहीं मिला, तो उन्होंने खुद आयकर विभाग से संपर्क किया और उन्हें पता चला कि ऐसी कोई भर्ती प्रक्रिया चल ही नहीं रही है।
जब पीड़ितों ने राठौड़ से जवाब मांगा, तो उसने शुरुआत में पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन बाद में कॉल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद सहार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ और ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू की।
जांच में यह भी सामने आया है कि राठौड़ ने कई फर्जी दस्तावेज तैयार किए और यह तक दावा किया कि वह दिल्ली में अपने संपर्कों के जरिए भारतीय सेना में भी नौकरी दिलवा सकता है।
मुंबई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है और मामले की गहराई से जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी के साथ और लोग भी इस ठगी में शामिल थे।

कार ट्रेवल एप पर शेयरिंग कैब बुक कर चालक व यात्रियों का विश्वास जीतकर चोरी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार

कार ट्रेवल एप पर शेयरिंग कैब बुक कर चालक व यात्रियों का विश्वास जीतकर चोरी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार

कार ट्रेवल एप पर शेयरिंग कैब बुक कर चालक व यात्रियों का विश्वास जीतकर चोरी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार
कार ट्रेवल एप पर शेयरिंग कैब बुक कर चालक व यात्रियों का विश्वास जीतकर चोरी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार

अलवर। अलवर जिले की राजगढ़ पुलिस ने एक बेहद शातिर ईनामी अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है, जो दोहरे अपराधों को अंजाम दे रहा था। यह आरोपी कार शेयरिंग ट्रैवल ऐप के जरिए यात्रियों और वाहन मालिकों को झाँसा देकर उनकी कारें और कीमती सामान चोरी करता था, साथ ही युवतियों को ब्लैकमेल करने के एक समानांतर रैकेट में भी लिप्त था।
जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने ₹2,000 के ईनामी बदमाश विजय चौधरी (32) निवासी फरीदाबाद, हरियाणा को मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को विश्वास में लेकर वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी विजय चौधरी का वारदा करने का तरीका बेहद चालाकी भरा था। वह ऐप पर शेयरिंग कैब बुक करता था और यात्रा के दौरान वाहन चालक व अन्य यात्रियों का विश्वास जीत लेता था। इसके बाद जैसे ही यात्री या ड्राइवर खाना खाने या शौच करने के लिए दिल्ली-बॉम्बे हाईवे पर पिनान गांव के रेस्ट एरिया पर उतरते वह कार और सामान लेकर फरार हो जाता था।
घटना के सम्बंध में राजगढ़ थाने में 23 सितंबर और 27 सितंबर को दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज हुईं थी।

कार ट्रेवल एप पर शेयरिंग कैब बुक कर चालक व यात्रियों का विश्वास जीतकर चोरी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार
कार ट्रेवल एप पर शेयरिंग कैब बुक कर चालक व यात्रियों का विश्वास जीतकर चोरी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार

जिनमें यात्रियों ने बताया कि चालक उन्हें रास्ते में छोड़कर कार लेकर भाग गया, जिसमें सोने की चेन, ₹48 हजार नकद, विदेशी मुद्रा (दिरहम), एप्पल वॉच, मेकअप किट और लक्ज़री लैपटॉप जैसे कीमती सामान थे।
ब्लैकमेलिंग का खुलासा: हार्ड डिस्क में छिपे थे राज
तकनीकी सहायता और आसूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी विजय चौधरी (32) निवासी सारन जिला फरीदाबाद हरियाणा को गिरफ्तार किया। जिससे पूछताछ में पता चला कि आरोपी सिर्फ चोरी तक ही सीमित नहीं था। वह युवतियों को दोस्त बनाकर उनकी निजी फोटो और वीडियो बनाता था। इन तस्वीरों और फुटेज को वह हार्ड डिस्क में सुरक्षित रखता था और फिर ब्लैकमेल करके उनसे पैसे ऐंठता था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. प्रियंका रघुवंशी और वृत्ताधिकारी मनीषा मीना के निर्देशन में थानाधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने तकनीकी और गोपनीय आसूचना के आधार पर विजय चौधरी को गिरफ्तार किया। जिससे 02 लग्जरी कारें होंडा अमेज और मारुति सियाज, 05 लैपटॉप, 04 हार्ड डिस्क, 05 पेन ड्राइव और 02 कैमरे, परिवादी की चोरी गई 01 सोने की चेन और विदेशी मुद्राएं दिरहम बरामद की गई है
राजगढ़ पुलिस की इस बड़ी सफलता में साइक्लोन सेल के कांस्टेबल लोकेश की विशेष भूमिका रही। आरोपी के खिलाफ मामले दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान जारी है।

बूंदी पुलिस की बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई : राजस्थान में पहली बार BNSS की धारा 107 के तहत की कार्रवाई

बूंदी पुलिस की बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई : राजस्थान में पहली बार BNSS की धारा 107 के तहत की कार्रवाई

बूंदी पुलिस की बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई : राजस्थान में पहली बार BNSS की धारा 107 के तहत की कार्रवाई
बूंदी पुलिस की बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई : राजस्थान में पहली बार BNSS की धारा 107 के तहत की कार्रवाई

• होटल संचालक की अनैतिक देह व्यापार से अर्जित ₹12 करोड़ की संपत्ति कुर्क


जयपुर। बून्दी पुलिस ने संगठित अपराध और अपराधियों के गठजोड़ को तोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाया है। नवीन आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 का प्रयोग करते हुए पुलिस ने एक होटल संचालक द्वारा अनैतिक देह व्यापार से अर्जित ₹12 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क कर दी है। पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा के सुपरविजन में चलाए गए इस अभियान के तहत की एसएचओ सदर रमेश चंद आर्य और उनकी टीम द्वारा यह कार्रवाई की गई।
तंगहाली से विलासिता तक का सफर
बनवारी शेखर का जन्म एक मेहनतकश मजदूर परिवार में हुआ था। वर्ष 2004 में वह काम की तलाश में कोटा चला गया, जहाँ उसने अमर पंजाबी होटल में खाना बनाने का काम सीखा। कुछ सालों बाद बेहतर अवसर की तलाश में इंदौर का रुख किया, लेकिन साल 2013 में वह वापस बून्दी आकर ढाबा व्यवसाय से जुड़ गया। मेहनत की जगह जल्द पैसा कमाने की लालच ने उसे अनैतिक देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया। इस अवैध धंधे से उसने निरंतर अवैध संपत्ति का अर्जन शुरू किया, जिसने उसे कुछ ही वर्षों में झुग्गी से आलीशान बहुमंजिला होटल और लक्ज़री कारों तक पहुँचा दिया। बनवारी शेखर ने अनैतिक कमाई से ही एयर कंडीशन घर में रहना, महंगे कपड़े पहनना और विलासितापूर्ण जीवन व्यतीत करना आरंभ कर दिया।
होटल की आड़ में चलता था अवैध धंधा
थानाधिकारी रमेश चन्द आर्य के नेतृत्व में सदर थाना पुलिस ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी बनवारी शेखर बैरवा (36) निवासी झुवांसा और उसकी पत्नी किरण वेलकम होटल के संचालक हैं। साल 2015 में उसने रामगंज बालाजी में वेलकम ढाबा किराए पर लिया। इसी दौरान उसने रात्रि में आने वाले शराबी और अय्याश किस्म के व्यक्तियों को लड़कियाँ उपलब्ध कराना शुरू कर दिया, जिससे उसकी अवैध आय में जबरदस्त वृद्धि हुई।
इस अवैध आय के बल पर बनवारी शेखर ने वैलकम नाम से आलीशान रेस्ट्रोरेंट और होटल का निर्माण किया,

बूंदी पुलिस की बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई : राजस्थान में पहली बार BNSS की धारा 107 के तहत की कार्रवाई
बूंदी पुलिस की बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई : राजस्थान में पहली बार BNSS की धारा 107 के तहत की कार्रवाई

जिसमें तहखाने के रूप में अंडरग्राउंड कमरे बनवाए गए थे ताकि बाहरी व्यक्ति बिना उसकी इजाजत के वहां न जा सके। बनवारी ने वेश्यावृत्ति के इस अवैध धंधे को आय का नियमित साधन बना लिया और आसपास तथा बाहर के राज्यों से लड़कियाँ मंगवाकर बड़े स्तर पर अनैतिक देह व्यापार करने लगा।
अवैध कमाई से उसने स्वयं और पत्नी किरण के नाम पर दो लक्ज़री कारें, तीन मोटरसाइकिलें, रामगंज बालाजी में आलीशान बहुमंजिला मकान और नेशनल हाईवे पर एक होटल सहित करोड़ों की कृषि भूमि और व्यावसायिक प्लॉट खरीदे। साथ ही, उसके और पत्नी के बैंक खातों में करोड़ों रुपयों का लेन-देन होना पाया गया है।
न्यायालय के आदेश पर कुर्क हुई संपत्ति
थानाधिकारी रमेश चन्द आर्य ने राजस्व, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग से बनवारी शेखर की सभी चल व अचल संपत्तियों (कारें, मोटरसाइकिलें, बैंक बैलेंस, कृषि/आवासीय/व्यावसायिक भूमि) का रिकॉर्ड और मूल्यांकन जुटाया।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक के मार्फत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बून्दी के समक्ष प्रार्थना पत्र पेश किया गया, जिसके बाद न्यायालय ने बनवारी शेखर और उसकी पत्नी की ₹12 करोड़ की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी किया।
एसपी मीणा ने कहा कि बून्दी पुलिस का उद्देश्य अपराध की जड़ तक पहुँचना और उसे खत्म करना है। अपराधियों के अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति पर ऐसी सख्त कार्रवाई से अपराधों पर लगाम लगेगी। यह कार्रवाई आम जन में विश्वास और अपराधियों में भय के पुलिस ध्येय को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करती है, और यह अभियान निरंतर जारी

पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद

पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद

पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद
पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद

अमृतसर । पंजाब में नशा मुक्ति के लिए अभियान चला रही राज्य पुलिस के हाथ शुक्रवार को बड़ी सफलता लगी है। पंजाब पुलिस ने एक छापेमारी के दौरान 3 किलोग्राम आईसीई (मेथैम्फेटामाइन) बरामद किया है। पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए, पंजाब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ एक संयुक्त अभियान में, भैनी राजपूतान गांव के पास एक औचक निरीक्षण के दौरान 3 किलोग्राम आईसीई (मेथैम्फेटामाइन) बरामद किया। थाना घरिंडा में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। तस्करों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि वे मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को ध्वस्त करने और नशामुक्त पंजाब सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इससे पहले पंजाब पुलिस ने श्री मुक्तसर साहिब से भी भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया था।

पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद
पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद

इस दौरान सीआईए स्टाफ टीम ने एक नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1 किलो 100 ग्राम हेरोइन बरामद की थी, जिसकी कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई गई।
श्री मुक्तसर साहिब एसएसपी डॉ. अखिल चौधरी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एसपी (डी) श्री मुक्तसर साहिब और डीएसपी एनडीपीएस की देखरेख में सीआईए टीम ने गांव बुड्डा गुज्जर के नजदीक भाई महां सिंह मेमोरियल गेट के नजदीक तीन लेन वाले चौराहे पर नाकाबंदी के दौरान चेकिंग की। इसी दौरान टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली, जिसके कब्जे से 1 किलो 100 ग्राम हेरोइन और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली मोटरसाइकिल को बरामद किया गया।
आरोपी की पहचान जज सिंह उर्फ ​​संदीप सिंह उर्फ ​​सिद्धू पुत्र वीर सिंह निवासी गांव तिरपालके, थाना अमीर खास, जिला फाजिल्का के रूप में हुई, जिसके खिलाफ थाना सदर श्री मुक्तसर साहिब में एफआईआर नंबर 169 दर्ज करके बीएनएस धारा 21सी/61/85 के तहत मामला दर्ज किया गया।

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पर कथा, पूजन और चंद्रोदय का शुभ समय — इस वर्ष बन रहा है अद्भुत संयोग जो देगा अखंड सौभाग्य

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करवा चौथ का व्रत हर वर्ष कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस बार यह पावन पर्व 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह दिन विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसे पति की दीर्घायु और वैवाहिक सुख-समृद्धि के लिए रखा जाने वाला सर्वश्रेष्ठ व्रत माना गया है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट पर प्रारंभ होकर 10 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। इसी कारण करवाचौथ का व्रत पूरे दिन 10 अक्टूबर को ही किया जाएगा। इस दिन स्त्रियां सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला उपवास रखती हैं और दिनभर भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश तथा कार्तिकेय के साथ ‘करवा’ का पूजन करती हैं। भगवान गणेश को साक्षी मानकर व्रत की कथा सुनी जाती है।

Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पर कथा, पूजन और चंद्रोदय का शुभ समय — इस वर्ष बन रहा है अद्भुत संयोग जो देगा अखंड सौभाग्य
Karwa Chauth 2025: करवा चौथ पर कथा, पूजन और चंद्रोदय का शुभ समय — इस वर्ष बन रहा है अद्भुत संयोग जो देगा अखंड सौभाग्य

मान्यता है कि ऐसा करने से सुहागिन स्त्रियों को अखंड सौभाग्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस वर्ष करवाचौथ के दिन खगोलीय दृष्टि से अत्यंत शुभ योग बन रहा है। चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे और शाम 5 बजकर 30 मिनट से रोहिणी नक्षत्र का आरंभ होगा। जब चंद्रोदय के समय रोहिणी नक्षत्र और उच्च राशि के चंद्रमा का संगम होगा, तब यह शुभ संयोग स्त्रियों को सौभाग्यवती बनाने वाला सिद्ध होगा। ऐसा दुर्लभ योग वर्षों बाद बन रहा है, जिससे करवाचौथ का पर्व इस बार और भी मंगलमय रहेगा।
कथा श्रवण और पूजन का शुभ समय भी इस बार अत्यंत फलदायी रहेगा। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, 10 अक्टूबर की सुबह 9 बजकर 12 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट के बीच ‘लाभ चौघड़िया’ मुहूर्त रहेगा, जिसमें करवाचौथ की कथा सुनी जा सकती है। इसके अलावा दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से 1 बजकर 33 मिनट तक ‘शुभ चौघड़िया’ का समय रहेगा, जो पूजा और कथा पाठ के लिए उत्तम रहेगा। चंद्रोदय के बाद पति के दर्शन कर अर्घ्य देने का समय इस बार अत्यंत पवित्र और फलदायक रहेगा।
करवा चौथ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि स्त्री के अटूट प्रेम, निष्ठा और समर्पण का प्रतीक है। यह पर्व वैवाहिक जीवन में एक नई ऊर्जा और सौभाग्य का संचार करता है।