सोनीपत। हरियाणा में जमीन हड़पने के एक बड़े धोखाधड़ी के मामले में, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की रोहतक टीम ने एक और आरोपी राजेश पुत्र राममेहर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 19 अगस्त, 2025 को पर्याप्त सबूतों के आधार पर की गई। राजेश को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिसमें उसने इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता का खुलासा किया है। यह मामला सोनीपत के सुल्तानपुर गांव में लगभग 12 एकड़ विवादित जमीन से जुड़ा है। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी राजेश जैन ने पूछताछ में बताया था कि उसने राजेश पुत्र राममेहर के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। इन दस्तावेजों के आधार पर ही उसने खुद को मदन मोहन पुत्र हेतराम बताकर, राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत से राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल नंबर 4571 दर्ज करवाया था। राजेश जैन ने इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल अदालतों में भी अपना हक साबित करने के लिए किया था।

यह मामला 1966 में शुरू हुआ था, जब असली मदन मोहन ने यह जमीन खरीदी थी। 1994 में उनकी मृत्यु के बाद, जमीन उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर पंजीकृत हो गई थी। 2021 में एक जांच में पता चला कि अलग-अलग लोगों ने खुद को असली मालिक बताकर फर्जी इंतकाल दर्ज करवा लिए थे।
इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें राजेश पुत्र राममेहर और राजेश जैन के अलावा, नरेश कुमार, होशियार सिंह, गुरबाल, सुरेंद्र, प्रीतम, प्रवेश कुमार, ज्याना देवी, तारा चंद और विजय कुमार शामिल हैं। इनमें से 9 आरोपियों के खिलाफ पहले ही अदालत में चालान पेश किया जा चुका है।

